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सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से ही राष्ट्र की समृद्धि कायम रहती है : नरेंद्र मोदी

24-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राष्ट्र निर्माण और समृद्धि से जुड़ा एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और स्थायी समृद्धि उसके नागरिकों के सामूहिक समर्पण, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करती है। प्रधानमंत्री ने लिखा, “सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है। यही भावना समाज को नई ऊर्जा देती है और विकास के संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है।”
प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक “यत्रोत्साहसमारम्भो यत्रालस्यविहीनता। नयविक्रमसंयोगस्तत्र श्रीरचला ध्रुवम्॥” भी साझा किया। इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां लोगों में राष्ट्रहित के लिए उत्साह और कर्मशीलता होती है, जहां आलस्य का स्थान नहीं होता और जहां नीति व साहस का संतुलित मेल होता है, वहां समृद्धि स्थायी रूप से बनी रहती है। त्याग, तप और समर्पण से ही राष्ट्र मजबूत और विकसित बनता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जून को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने कहा था कि डॉ. मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित कर दिया। उनके विचार और आदर्श आज भी देश की नई पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने यह संस्कृत श्लोक भी साझा किया था, “न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः। परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”। इसका भावार्थ है कि अमरत्व केवल कर्म, धन या वंश से नहीं मिलता, बल्कि त्याग, उच्च आदर्शों और निस्वार्थ समर्पण से प्राप्त होता है। जो लोग राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग करते हैं, वे समय बीत जाने के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं।
प्रधानमंत्री के संदेश का सार यह है कि किसी राष्ट्र की समृद्धि केवल प्राकृतिक संसाधनों या आर्थिक ताकत से नहीं आती, बल्कि उसके नागरिकों की मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से सुनिश्चित होती है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करता है, तब देश विकास, आत्मनिर्भरता और गौरव की नई ऊंचाइयों को छूता है। यह सुभाषित हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र निर्माण किसी एक व्यक्ति या सरकार का काम नहीं है, बल्कि करोड़ों नागरिकों के सामूहिक प्रयास, परिश्रम और एकजुट संकल्प का परिणाम होता है। यही भावना विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता पर भी एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने कहा था कि योग आज दुनिया भर में करोड़ों लोगों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मकता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी दे रहा है।

अमित शाह करेंगे एनसीओआरडी की 10वीं बैठक की अध्यक्षता, ड्रग्स नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट जारी होगा

24-Jun-2026
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार, 26 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-को ऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगी। बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी, जिसमें 44 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के प्रमुख हितधारकों के साथ राज्यों और मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
बैठक के दौरान अमित शाह “मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)” जारी करेंगे। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, मादक पदार्थ प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार यह दस्तावेज़ मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए मांग में कमी, आपूर्ति में कमी और नुकसान में कमी के लिए साझा रोडमैप प्रदान करेगा।
विज़न डॉक्यूमेंट में नेटवर्क-केंद्रित प्रवर्तन प्रणाली की परिकल्पना की गई है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी से निपटने, युवाओं को नशे से दूर रखने तथा नशे के आदी लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। दस्तावेज़ में विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारियां, समय-सीमाएं और लक्ष्य भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं।
अमित शाह इस अवसर पर “एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025” भी जारी करेंगे। साथ ही जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित एनसीबी आंचलिक कार्यालयों का उद्घाटन भी करेंगे। यह कदम मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गृह मंत्री ‘ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन’ की भी शुरुआत करेंगे। इस विशेष अभियान के तहत देशभर में विभिन्न केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा लगभग 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए जाने की उम्मीद है। इन नशीले पदार्थों का अनुमानित मूल्य करीब 6,000 करोड़ रुपए बताया गया है।
एनसीओआरडी की यह उच्चस्तरीय बैठक देश में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों द्वारा किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की समीक्षा और मूल्यांकन का मंच प्रदान करेगी। बैठक में आगामी तीन वर्षों के लिए मादक पदार्थ तस्करी और नशे के दुरुपयोग से प्रभावी ढंग से निपटने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।
सरकार का मानना है कि मादक पदार्थों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए “होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच” आवश्यक है। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
 

 


कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारी पूरी, श्रद्धालु मौसम की चुनौतियों के लिए रहें तैयार

23-Jun-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने रविवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने यात्रियों के लिए की जा रही तैयारियों, परिक्रमा के अपने अनुभव और यात्रा से जुड़ी जरूरी सलाह साझा की। राजदूत और दूतावास के उनके साथियों ने खुद कैलाश पर्वत की परिक्रमा वाले रास्ते और आधिकारिक यात्रा के सभी प्रवेश स्थानों का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि यह जगह स्थानीय लोगों के लिए भी बहुत पवित्र है। इसलिए यात्रियों को वहां काफी भीड़ मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि यह चीनी और पारंपरिक तिब्बती कैलेंडर के हिसाब से हर 12 साल में आने वाला एक खास साल है। उन्होंने बताया कि दूतावास की टीम ने सिर्फ प्रवेश स्थानों का ही निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उन होटलों को भी देखा जहां यात्रियों को हर रात ठहराया जाएगा। टीम ने रसोई, यात्रियों के लिए उपलब्ध कमरों और वहां मौजूद मुख्य चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच की।
राजदूत ने कहा कि चीनी सरकार के साथ मिलकर तैयारियां पूरी करने की कोशिश की गई है, लेकिन यात्रियों को इस यात्रा की कठिनाइयों के बारे में भी पता होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह बहुत ऊंचाई वाला इलाका है। यात्रा के दौरान आप ज्यादातर समय समुद्र तल से 3,500 मीटर से ऊपर रहेंगे। परिक्रमा का रास्ता लगभग 5,605 मीटर की ऊंचाई तक जाता है, यानी करीब 6,000 मीटर तक।”
उन्होंने मौसम की मुश्किलों के बारे में बताते हुए कहा, “जैसा कि आप देख सकते हैं, आपसे बात करते हुए भी मुझे सांस संभालनी पड़ रही है। खासकर पवित्र कैलाश पर्वत के आसपास मौसम बहुत तेजी से बदलता है। एक ही समय पर बर्फबारी, धूप और बारिश जैसी स्थिति हो सकती है।” राजदूत ने यात्रियों को कपड़ों की तैयारी, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और ऑक्सीजन स्तर से जुड़ी सावधानियों के बारे में भी सलाह दी।
यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। इस साल कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा फिर से शुरू हो रही है, जो चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं। इस साल कुल 500 श्रद्धालु नाथू ला मार्ग से यात्रा करेंगे। इन्हें 50-50 यात्रियों के 10 समूहों में बांटा गया है। हर समूह के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक मेडिकल सहायक रहेगा, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर तालमेल बना रहे और जरूरत पड़ने पर मदद मिल सके।

दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से राहत, पूरे सप्ताह 40°C से नीचे रहेगा तापमान; बारिश के भी संकेत

23-Jun-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूरे सप्ताह मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है।
राहत की बात यह है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग द्वारा जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 22 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर अधिकतम 65 प्रतिशत और न्यूनतम 40 प्रतिशत रह सकता है। विभाग ने इस दिन के लिए किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। 23 जून को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दिन भी कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। 24 जून को भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 37 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इसके बाद 25 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। 26 जून को तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है। सप्ताह के अंतिम दिन 27 जून को भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
आसमान में बादलों की मौजूदगी के साथ आर्द्रता का स्तर 60 से 40 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के प्रभाव से एनसीआर में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके चलते तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से काफी हद तक राहत मिलेगी। हालांकि दोपहर के समय उमस महसूस हो सकती है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रखेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के सीएम विजय को दी जन्मदिन की बधाई, लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की

23-Jun-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को जन्मदिन की बधाई दी और उनके लंबे व स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु सी. जोसेफ विजय को जन्मदिन की बधाई। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।”
22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय एक अभिनेता से राजनेता बने हैं और वर्तमान में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। राजनीति में आने से पहले वह तमिल सिनेमा के सबसे सफल और प्रभावशाली सितारों में से एक रहे और प्रशंसक उन्हें ‘थलपति’ के नाम से बुलाते हैं।
विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। वे फिल्म निर्माता एस.ए. चंद्रशेखर और गायिका शोभा चंद्रशेखर के बेटे हैं। उन्होंने अपने पिता की ओर से निर्देशित फिल्म ‘वेट्री’ (1984) में एक बाल कलाकार के रूप में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और बाद में तमिल फिल्म जगत में एक प्रमुख स्टार के रूप में उभरे।
विजय ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में खुद को सबसे बड़े नामों में से एक के रूप में स्थापित किया। ‘खुशी’, ‘थिरुमलाई’, ‘घिल्ली’, ‘पोक्किरी’ और ‘सरकार’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, उन्हें शुरू में रोमांटिक भूमिकाओं के लिए पहचान मिली, लेकिन बाद में उन्होंने खुद को एक एक्शन स्टार के रूप में ढाला, जो सामाजिक और राजनीतिक न्याय के लिए लड़ने वाले पात्रों को निभाने के लिए जाने जाते थे।
प्रशंसकों के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता के कारण अक्सर उनकी तुलना उन महान तमिल अभिनेताओं से की जाती थी, जिन्होंने सफलतापूर्वक राजनीति में कदम रखा था। उनकी कई फिल्मों में राजनीतिक विषयों को उनके भविष्य के राजनीतिक इरादों के संकेत के रूप में देखा गया।
वर्ष 2024 में विजय ने ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) पार्टी बनाई और औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया। पार्टी ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया और राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा की 234 में से 108 सीटों पर विजय हासिल की।
बहुमत के आंकड़े से कम सीटें आने पर टीवीके ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन किया। इसके बाद जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए पहुंचे स्विट्जरलैंड

22-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश)अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ बातचीत के लिए आज रविवार को स्विट्जरलैंड पहुंचे। स्विस विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के आने का स्वागत करते हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन समझौते को लागू करने के हिस्से के तौर पर बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट जा रहा है।”
वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात को ही स्विट्जरलैंड पहुंचा हुआ है। इस बीच, ईरान के सरकारी आईआरआईबी टीवी के अनुसार, ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंच गया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कोडनेम ‘मिनाब 168’ है।
शनिवार को पहले, स्विट्जरलैंड ने कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच ज्ञापन समझौते को लागू करने पर बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में बातचीत को आसान बनाने के लिए एक “सावधान और भरोसेमंद माहौल” देना जारी रखेगा। दरअसल, पक्षों के बीच अंतरिम शांति समझौते को लागू करने पर शुरुआती बातचीत शुक्रवार को होनी थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया।
दूसरी तरफ, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के दौरे पर रवाना हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली बैठक से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा आगे बढ़ सकेगी। इस वार्ता से लेबनान में हाल ही में लागू हुए संवेदनशील युद्धविराम को टिकाए रखने में भी मदद मिलने के आसार हैं, हालांकि क्षेत्र में दोबारा शुरू हुई हिंसा के चलते इन बड़े राजनयिक प्रयासों को गंभीर चुनौती मिल रही है।
उपराष्ट्रपति वेंस ने जॉइंट बेस एंड्रयूज पर अपने एयरक्राफ्ट में चढ़ने से पहले मीडिया से बताया कि उनकी समझ से ईरानी नेगोशिएटर पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं और बातचीत शायद कई दिनों तक चलेगी।
वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि हम उम्मीद है कि न्यूक्लियर मुद्दे पर प्रोग्रेस करेंगे और लेबनान सीजफायर मुद्दे पर आगे बढ़ेंगे। ये दो बड़ी बातें हैं जिन पर मुझे लगता है कि हमें फोकस करना है। मुझे यकीन है कि ईरानियों के भी कुछ मुद्दे होंगे जिन पर वे चर्चा करना चाहेंगे।” 

 


योग शरीर, मन और आत्मा के सामंजस्य का एक माध्यम है, जो हमें एक बेहतर और स्वस्थ जीवन की ओर ले जाता है: धर्मेंद्र प्रधान

22-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को नई दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर मैदान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया। धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक सशक्‍त माध्यम है और स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि योग निरंतर व्यक्तियों को शारीरिक कल्याण, मानसिक शांति और समग्र विकास की ओर मार्गदर्शन करता है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के फलस्वरूप योग वैश्विक स्तर पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक बन गया है, जो दुनिया भर के लोगों को स्वास्थ्य, संतुलन और कल्याण की ओर प्रेरित कर रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं भी दीं।
वहीं, शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए, प्रधान ने भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं के पोषण और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में देश के शिक्षा तंत्र की भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग में लगातार हो रही प्रगति के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को बधाई दी और इसके छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता के निरंतर प्रयास में विश्वास व्यक्त करते हुए, उन्होंने समग्र कल्याण को बढ़ावा देने और एक स्वस्थ, संतुलित समाज के निर्माण के साधन के रूप में योग को परिसर जीवन में एकीकृत करने के महत्व पर बल दिया।

स्वदेशी ताकत से समुद्र में बढ़ेगी भारत की पावर; कोलकाता शिपयार्ड में तैयार हुआ आधुनिक युद्धपोत ‘आईएनएस दूनागिरी’

22-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) कोलकाता स्थित शिपयार्ड में भारतीय नौसेना के आधुनिक युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नेवल डिजाइन ब्यूरो के अधिकारियों तथा जहाज से जुड़े कमांडिंग और इंजीनियरिंग स्टाफ ने बताया कि स्वदेशी तकनीक और डिजाइन क्षमता के बल पर भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नेवल डिजाइन ब्यूरो के कैप्टन मनीष प्रकाश ने बातचीत में कहा कि यह जहाज पूरी तरह भारत में कल्पित, डिजाइन और निर्मित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में युद्धपोत डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में देश की स्वदेशी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा पिछले 15 महीनों के दौरान इसी श्रेणी के कई जहाज नौसेना को सौंपे जा चुके हैं। इसी क्रम में पी-17ए श्रेणी के युद्धपोत आईएनएस दूनागिरी को नौसेना में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इंजीनियरिंग पहलुओं पर जानकारी देते हुए इंजीनियर ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर पीयूष ने बताया कि इस जहाज में आधुनिक प्रोपल्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी गतिशीलता और संचालन क्षमता बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक जहाज की गति और नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाती है। आईएनएस दूनागिरी की कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन दिव्या आलोक ने कहा, “पी-17ए श्रेणी के जहाजों के नाम पर्वतों के नाम पर रखे गए हैं। इस दृष्टि से दूनागिरी भी हमारी सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत से जुड़ा हुआ है।”
एग्जीक्यूटिव ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर ऋषभ ने कहा कि कुछ ही वर्षों में डिजाइन चरण से पूर्ण युद्धपोत तक पहुंचना भारत की जहाज निर्माण क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यह जहाज मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वारफेयर) के लिए तैयार किया गया है और समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों की पहचान तथा निगरानी करने में सक्षम है।
जहाज के कैप्टन कमांडर सुनील मल्होत्रा ​​ने बताया कि छोटे आकार के बावजूद इसमें अत्याधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगे हैं। इसमें स्वदेशी सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो ट्यूब और डिकॉय सिस्टम शामिल हैं, जो इसे समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम बनाते हैं।
इलेक्ट्रिकल ऑफिसर कमांडर दीक्षित मन्नन ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत इन जहाजों में 80 प्रतिशत से अधिक उपकरण और प्रणालियां स्वदेशी हैं। पावर जनरेशन सिस्टम, नेविगेशन सिस्टम और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम सहित अधिकांश महत्वपूर्ण तकनीक भारतीय उद्योगों द्वारा विकसित की गई है।” उन्होंने कहा कि जहाज में अत्याधुनिक संचार प्रणाली भी लगी है, जिसका विकास भारत में ही किया गया है।
ये जहाज सभी जहाजों से इसलिए अलग है क्योंकि इसमें लगे हाइड्रोग्राफिक्स सेंसर बहुत ही आधुनिक हैं। इसमें जो भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, वो सभी जहाजों से बिल्कुल ही अलग है। सीनियर हाइड्रोग्राफिक सर्वेयर लेफ्टिनेंट कमांडर मनरीप सिंह ओबेरॉय ने कहा, “हम यहां ऑपरेशन्स रूम में मौजूद हैं। किसी भी अभियान की योजना, समन्वय, निगरानी और क्रियान्वयन की तैयारी यहीं से की जाती है।
 

1,500 करोड़ रुपए से होगा अंबाबाई मंदिर परिसर का विकास, अमित शाह ने रखी आधारशिला

20-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध करवीर निवासिनी अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। करीब 1,500 करोड़ रुपए की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मंदिर परिसर में नए प्रदक्षिणा मार्ग (प्रदक्षिणा पथ) का निर्माण तथा परिवार देवता मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उनकी पत्नी सोनल शाह भी मौजूद रहीं।
शिलान्यास समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए। तीनों नेताओं ने माता महालक्ष्मी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और निरीक्षण किया।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र की पवित्र भूमि और माता अंबाबाई के धाम कोल्हापुर में एक ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा, “यह वही करवीर नगरी है, जहां माता अंबाबाई सदियों से विराजमान हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार और भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इससे कोल्हापुर, महाराष्ट्र और देशभर में माता अंबाबाई के करोड़ों भक्तों में खुशी, उत्साह और भक्ति का अद्भुत माहौल बना है।”
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास और विरासत संरक्षण का अनूठा संगम देखा है। उन्होंने कहा, “मैं माता अंबाबाई की पावन धरती से महाराष्ट्र की जनता से संवाद कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को भी नई पहचान मिली है।”
मंदिर विकास परियोजना को कोल्हापुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 








 

ओडिशा के विकास के लिए 47 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं, पीएम मोदी ने किया लोकार्पण

20-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मयूरभंज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का स्पष्ट विजन है कि पूर्वी भारत के विकास से ही भारत का विकास होगा। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत सरकार ‘पूर्वोदय’ नीति पर काम कर रही है और पूर्वी भारत को विकास का नया केंद्र बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस पूर्वी भारत को कांग्रेस शासन के दौरान पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वही क्षेत्र देश की प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। उन्होंने कहा कि ओडिशा इस सकारात्मक बदलाव का प्रत्यक्ष साक्षी है। उन्होंने ओडिशा की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मयूरभंज आना और बड़ी संख्या में लोगों का स्नेह प्राप्त करना उनके लिए विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण विकास की गति और तेज हुई है।
पीएम मोदी ने संथाली भाषा के लिए ‘ओल चिकी’ लिपि विकसित करने वाले पंडित रघुनाथ मुर्मु को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को उपलब्ध कराया है और ओडिशा की अनेक विभूतियों को पद्म सम्मान से सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में ओडिशा सरकार भी राज्य की महान विभूतियों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होकर राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा की बेटी आज देश के सर्वोच्च पद पर पहुंची है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उदार व्यक्तित्व, सहृदय स्वभाव और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण ने न केवल मयूरभंज बल्कि पूरे ओडिशा की पहचान को मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी इन परियोजनाओं से राज्य के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा और विकास को नई गति मिलेगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहाड़पुर गांव को तेजी से सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत गांव के हर घर तक सौर ऊर्जा की सुविधा पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोणार्क सूर्य मंदिर ओडिशा की विशेष पहचान है, उसी तरह पहाड़पुर भी सोलर विलेज के रूप में नई पहचान बनाएगा। इससे ग्रामीणों को मुफ्त बिजली मिलेगी और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में ओडिशा और देश के सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। वर्ष 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे, जबकि 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा और भारत के विकास का लक्ष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था जितनी मजबूत होगी, भारत भी उतना ही मजबूत बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की क्षमता और जनता के सहयोग से ओडिशा विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
 


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