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पीएम मोदी ने राज्यों से प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने में तेजी लाने को कहा

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबरधन पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने में तेजी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने राज्यों के सक्रिय सहयोग के साथ घरेलू स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की खोज बढ़ाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के पश्चिम एशिया घटनाक्रम और भारत पर उसके संभावित प्रभाव के संदर्भ में तैयारियों की समीक्षा के लिए कल शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की। इस दौरान, पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए अहम सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि ये सुझाव उभरती स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने भावी चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारियों और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास इस तरह के वैश्विक व्यवधान से निपटने का पहले का अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए सामूहिक प्रयासों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर आपूर्ति शृंखलाओं, व्यापार और दैनिक जीवन पर प्रभाव को कम करने के लिए काम किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यही सहयोग और समन्वय की भावना वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हालात लगातार बदल रहे है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और अनुकूल रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय है, जो दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती प्रदान करना है।
राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन राज्य स्तर पर ही होता है। उन्होंने त्वरित और सुव्यवस्थित प्रतिक्रिया के लिए केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय, समय पर जानकारी साझा करने और संयुक्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति शृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने व्यवधानों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी सहित कृषि क्षेत्र में पूर्वनियोजन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
पीएम मोदी ने गलत सूचना के प्रसार और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर सटीक और विश्वसनीय जानकारी का प्रसार भय फैलने से रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली एजेंटों के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने नौवहन, आवश्यक आपूर्तियों और समुद्री संचालन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सीमावर्ती और तटीय राज्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया
उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में आश्वासन नागरिकों में अनावश्यक भय फैलने से रोकने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, वे प्रभावित परिवारों की सहायता और समय पर जानकारी के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय करें, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करें और जिला स्तर पर सहायता प्रणाली स्थापित करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक और आपूर्ति प्रणालियों को मजबूत करने की दिशा में हाल के वर्षों में लिए किए गए प्रयास वर्तमान परिस्थितियों में लाभकारी साबित हो रहे हैं। उन्होंने उद्योग और एमएसएमई के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो और उत्पादन व रोजगार में स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिनमें मुख्य सचिवों के स्तर पर नियमित समीक्षा और जिला स्तर पर निरंतर निगरानी शामिल है, ताकि बदलती परिस्थितियों का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया जा सके।
वहीं राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने इस संकट के दौरान भारतीय नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी तंत्र मौजूद हैं।
उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने के निर्णय का व्यापक रूप से स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नागरिकों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट से पहले के 50% स्‍तर से बढ़ाकर 70% करने के निर्णय का भी स्वागत किया।
 

रूस 1 अप्रैल से स्थानीय उत्पादनकर्ताओं के गैसोलीन एक्सपोर्ट पर लगाएगा बैन

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) मध्य पूर्व संकट के बीच रूस 1 अप्रैल से घरेलू प्रोड्यूसर्स द्वारा गैसोलीन एक्सपोर्ट पर बैन लगाएगा। रूस के सरकारी बयान के अनुसार, उपप्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने शुक्रवार को यह बात कही। यह बैन 31 जुलाई तक लागू रहेगा।
रूस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि डिप्टी पीएम नोवाक ने ऊर्जा मंत्री, फेडरल एंटीमोनोपॉली सर्विस, सेंट पीटर्सबर्ग एक्सचेंज और उद्योग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में स्थिति की समीक्षा और चर्चा के बाद यह कदम उठाया गया है।
सरकारी न्यूज एजेंसी टास ने इस मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस के इस कदम का मकसद घरेलू फ्यूल की कीमतों को स्थिर करना है। मीटिंग के दौरान, नोवाक ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट मार्केट में इन-दिनों उथल-पुथल मचा हुआ है। इसके बावजूद, विदेशी बाजार में रूसी ऊर्जा संसाधनों की ज्यादा डिमांड एक सकारात्मक फैक्टर बनी हुई है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऑयल रिफाइनिंग वॉल्यूम मार्च 2025 के स्तर पर बना हुआ है, जिससे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई स्थिर रहेगी। औद्योगिक कंपनियों ने घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए काफी गैसोलीन और डीजल रिजर्व, साथ ही रिफाइनरी क्षमता के ज्यादा इस्तेमाल की पुष्टि की है।
बता दें, होर्मुज स्ट्रेट से आम तौर पर 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है। हालांकि, ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में काफी परेशानी आ रही है। हालात को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग कॉस्ट भी बढ़ा दी गई है। इसका असर वैश्विक स्तर पर दिखई दे रहा है। ग्लोबल ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं।
यूएन ने जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए यूएन के टॉप लॉजिस्टिक्स अधिकारी जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा के नेतृत्व में एक नई टास्क फोर्स बनाई है।
न्यूयॉर्क में ईरान के यूएन दूत, अली बहरीनी, ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र की अपील मान ली है कि मानवीय शिपमेंट के सुरक्षित रास्ते को और तेज करने में मदद की जाए। यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि अगर यह पहल सफल होती है, तो इससे देशों में “संघर्ष के लिए डिप्लोमैटिक तरीके में भरोसा बनाने में भी मदद मिल सकती है और यह एक बड़े राजनीतिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम होगा। 
 

पीएम मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का किया उद्घाटन

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण (फेज-1) का उद्घाटन कर दिया है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा करना आसान हो जाएगा, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। करीब 11,200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की भी भागीदारी है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दूसरा सिविल एयरपोर्ट है और भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इस एयरपोर्ट को मार्च 2026 में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रोम लाइसेंस मिल चुका है, जिसमें ‘ऑल वेदर ऑपरेशन’ की अनुमति दी गई है। इसका मतलब है कि यहां आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, रनवे लाइटिंग और एयर ट्रैफिक सिस्टम मौजूद हैं, जिससे कम दृश्यता में भी विमान आसानी से उड़ान भर और उतर सकेंगे।
एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की है, जिसे आगे चलकर 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। पहले चरण में 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े विमानों (वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट) को संभाल सकता है। इस रनवे के दोनों सिरों पर आईएलएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे विमान हवा की दिशा के अनुसार किसी भी तरफ से लैंड कर सकते हैं।रनवे के साथ आधुनिक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे रात और खराब मौसम में भी उड़ान संचालन सुचारू रूप से हो सके।
इसके अलावा, यह एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जहां इन-हाउस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा होगी। यहां कार्गो हैंडलिंग की क्षमता भी काफी बड़ी है, जो सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा माल संभाल सकेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एनसीआर के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश और विदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भारत के एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलेगी। यह एयरपोर्ट मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं का बेहतर तालमेल होगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
इसके साथ ही जानकारी के लिए बता दें कि एक्सप्रेस-वे प्रदेश, सर्वाधिक मेट्रो संचालित प्रदेश, सर्वप्रथम रैपिड-रेल संचालित करने वाले प्रदेश के साथ-साथ पहले इनलैंड वाटर-वे वाला यूपी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ अब सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू एयरपोर्ट्स का गौरवशाली प्रदेश है।



 

ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से राहत, अमित शाह ने पीएम मोदी का जताया आभार

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले के लिए नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते दुनिया के कई देश ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भारत सरकार का यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं भारत में एक्साइज ड्यूटी में कटौती सरकार की जन-केंद्रित और संवेदनशील नीति को दर्शाती है।
गृह मंत्री ने संकेत दिया कि इस फैसले से आम लोगों को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
 

प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति की भेंट

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पीएम मोदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्हें रामनवमी की शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति भेंट की।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ” भारत को नई दिशा, नई ऊर्जा और नया आत्मविश्वास देने वाले, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिए हुए गरीब, किसान, युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु सदैव समर्पित, वैश्विक मंच पर मां भारती का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने वाले विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्हें रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी।”
उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान उन्हें उपहार स्वरूप मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति, बद्री गाय का घी एवं प्रदेश के पहाड़ी अंचलों में होने वाले पांच प्रकार के राजमा और शहद भी भेंट किया।
इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती को प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”जब-जब देश ने चुनौतियों का सामना किया है, तब-तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी निर्णयों से देशवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 10 रुपए से शून्य करना आमजन को बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। साथ ही, डीजल एवं एटीएफ पर निर्यात शुल्क के माध्यम से देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना एक संतुलित एवं जनहितकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह निर्णय पुनः सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री के लिए सदैव राष्ट्रहित और जनकल्याण सर्वोपरि है।” 
 

‘चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व’: मतदाता जागरूकता अभियान तेज, हावड़ा में भव्य कार्यक्रम

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हावड़ा में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम “चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व” का आयोजन किया गया।
पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के समन्वय से व्यापक मतदाता जागरूकता गतिविधियां शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
हावड़ा में इस कार्यक्रम की शुरुआत साइक्लोथॉन से हुई, जिसमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता शामिल हुए। यह रैली हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से शुरू होकर रेल संग्रहालय होते हुए रामकृष्णपुर फेरी घाट तक गई।
साइक्लोथॉन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से मतदान के महत्व को दर्शाया गया। साथ ही मतदाता जागरूकता नौका सेवा सहित कई अन्य SVEEP पहल भी शुरू की गईं।
कार्यक्रम में छोटा भीम और चुटकी की मौजूदगी खास आकर्षण रही। इन पात्रों ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।
इस अभियान का लक्ष्य शहरी मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगों, युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों की भागीदारी बढ़ाना है। साथ ही मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और सुविधाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं—कालीघाट चित्रकला, पट्टाचित्र, छऊ नृत्य, जात्रा थिएटर और बाउल परंपरा—को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर ज्यादा प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सके।
निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान को आसान बनाने के लिए ईसीआईनेट ऐप, शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग, बेहतर मतदाता सूचना पर्ची और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने जैसी सुविधाओं को भी प्रचारित किया जा रहा है।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव साक्षरता क्लब (ELC) के जरिए युवाओं को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवा मतदान के लिए प्रेरित हों। 







 

मोदी कैबिनेट ने एक्साइज ड्यूटी कटौती को बताया जनहितकारी, पीएम मोदी का जताया आभार

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले को मोदी कैबिनेट ने सराहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अमित शाह ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके एक समय पर और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे नागरिकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।
ऐसे समय में जब कई देश ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हैं, यह कदम हमारी सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका नेतृत्व नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण से परिभाषित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में जारी ईंधन संकट के बीच, जिसने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करके एक समयोचित और नागरिक केंद्रित कदम उठाया है। जहां कई देश लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जन कल्याण के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल परिवारों और व्यवसायों को राहत प्रदान करता है, बल्कि एक ऐसी संवेदनशील शासन व्यवस्था को भी प्रदर्शित करता है जिसका उद्देश्य नागरिकों को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाना है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनियाभर में ईंधन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में,मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला नागरिकों के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया है। जहां कई देशों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं मोदी सरकार का एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला उसके जन केंद्रित शासन और संवेदनशीलता से भरे निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस फैसले के लिए पीएम मोदी को बधाई।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ऐसे समय में जब दुनिया पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे भारतीय नागरिकों को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिली है। लोगों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। इस चुनौतीपूर्ण समय में, सरकार हर नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी परिवार को इन कठिन समय का बोझ न उठाना पड़े।
 

मध्य पूर्व संकट: आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत-इजरायल साझेदारी हुई और गहरी

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मध्य पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत का संतुलित और व्यावहारिक रुख उसके इजरायल के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। पिछले तीन दशकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार बढ़ी है। यह संबंध पहले सीमित कूटनीतिक बातचीत तक था, लेकिन अब यह मजबूत सुरक्षा और तकनीकी सहयोग में बदल चुका है।  
अमेरिका के थिंक टैंक मिडिल ईस्ट फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद, क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं ने भारत और इजरायल के बीच रिश्तों को और मजबूत किया है। भारत के लिए इजरायल एक भरोसेमंद रक्षा और तकनीकी साझेदार साबित हुआ है। वहीं भारत ने अपनी व्यापक मिडिल ईस्ट पॉलिसी के तहत अरब देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़कर खुफिया जानकारी साझा करने, मिसाइल सिस्टम, निगरानी तकनीक और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों तक पहुंच गया है। रक्षा नवाचार, साइबर सुरक्षा और उन्नत सैन्य तकनीक में अग्रणी होने के कारण इजरायल भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में संयुक्त विकास और सह-उत्पादन इस रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस साझेदारी से दोनों देशों को फायदा हो रहा है। इजरायल अपने सहयोगियों का दायरा बढ़ा रहा है। वहीं भारत मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब सह-उत्पादन और तकनीक का आदान-प्रदान इस रिश्ते के मुख्य स्तंभ बन गए हैं। साथ ही खुफिया सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां और सीमा सुरक्षा तकनीक भी अहम भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ भी व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत किए हैं। रिपोर्ट में एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि इजरायल के साथ भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग रहा है और कठिन समय में इजरायल ने भारत का साथ दिया है।
 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ‘सतरंगी रे’ लाइव कॉन्सर्ट के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की; कई सड़कों पर रहेगा प्रतिबंध

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को सूचित किया है कि 28 मार्च 2026 (शनिवार) को शाम 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम (आईजी स्टेडियम) के मेन एरिना में ‘सतरंगी रे बाय सोनू निगम लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट’ का आयोजन होने जा रहा है। कॉन्सर्ट को देखते हुए स्टेडियम के अंदर और आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं।
यह सोनू निगम के सतरंगी रे टूर का ग्रैंड फिनाले है, जिसमें गायक अपने लोकप्रिय गीतों की एक जादुई शाम पेश करेंगे। दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे कार्यक्रम वाले दिन दोपहर 2:00 बजे से रात 10:00 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों से बचें, क्योंकि इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचेंगे और ट्रैफिक जाम की संभावना है।
कॉन्सर्ट के कारण प्रभावित सड़कें और प्रतिबंध के अंतर्गत आईपी मार्ग (एमजीएम रोड) पर पूर्ण डायवर्जन/पाबंदी रहेगी। विकास मार्ग पर भी यातायात प्रभावित रहेगा। राजघाट से आईपी डिपो तक रिंग रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। राजघाट से आईपी मार्ग की ओर किसी भी भारी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। फ्लाईओवर के दोनों कैरिजवे पर भी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
आस-पास की सड़कों पर बिना अनुमति पार्क किए गए वाहनों को टो करके हटा दिया जाएगा और संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित रास्तों में स्टेडियम के गेट नंबर 7 और 8 वेलोड्रोम रोड पर स्थित हैं। इन गेटों से प्रवेश केवल वेलोड्रोम रोड से ही संभव होगा। गेट नंबर 21 और 22 रिंग रोड पर हैं। इनसे प्रवेश एमजीएम रोड से मिलेगा। गेट नंबर 16 और 18 भी रिंग रोड पर स्थित हैं और इनका प्रवेश मार्ग एमजीएम रोड से होगा।
स्टेडियम के आसपास पार्किंग सीमित है और केवल लेबल लगे वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। कार पार्किंग लेबल को विंडस्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाना अनिवार्य है। लेबल पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा होना चाहिए। बिना वैध पार्किंग लेबल वाले वाहनों को स्टेडियम परिसर के पास आने की इजाजत नहीं होगी। लेबल धारकों को सलाह दी गई है कि वे रिंग रोड का उपयोग करें। पार्किंग स्थलों में प्रवेश केवल एमजीएम रोड से होगा। राजघाट से आईपी तक रिंग रोड पर किसी भी वाहन को पार्क करने की अनुमति नहीं रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें या पहले से वैकल्पिक मार्ग चुन लें। कॉन्सर्ट के दौरान इलाके में भारी भीड़ होने की उम्मीद है, इसलिए समय से पहले निकलें और ट्रैफिक अपडेट के लिए आधिकारिक ऐप या सोशल मीडिया पेज चेक करते रहें। 
 

देश में LPG की कोई कमी नहीं, घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (Liquefied Petroleum Gas, LPG) की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय द्वारा जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी (हमारी आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक) तक पहुंच गया है, जबकि कुल दैनिक आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी है। परिणामस्वरूप, शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है – यानी भारत अब आयात की आवश्यकता से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं – जो 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं। लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वहीं तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं। उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी और अब घटकर फिर से 50 लाख सिलेंडर रह गई है। जमाखोरी या कालाबाजारी से बचने के लिए राज्य सरकारों से परामर्श करके वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
आपको बता दें, राज्य सरकारों के पूर्ण समन्वय से पाइपलाइन द्वारा प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि यह भारतीय घरों के लिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है। भारत पहले से ही 191 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक आवश्यकता में से 92 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में पीएनजी पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। शहरी गैस वितरण क्षेत्र वर्ष 2014 में 57 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़कर आज 300 से अधिक हो गया है।
गौरतलब है कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गए हैं। पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने की यह प्रक्रिया वर्तमान स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही अच्छी तरह से चल रही थी और यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को दर्शाती है।मंत्रालय ने कहा कि यह दावा कि एलपीजी के खत्म होने के कारण पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, गलत जानकारी है। एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है। पीएनजी भारत के घरों के लिए एक बेहतर, अधिक किफायती और अत्यधिक सुविधाजनक ईंधन है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों, इसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।



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