ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

‘मैं भी चाय वाला हूं’, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची : असम में पीएम मोदी

02-Apr-2026
नई दिल्ली। शोर संदेश असम विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ समय निकालकर डिब्रूगढ़ स्थित एक चाय बागान पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ समय बागान में काम कर रही महिलाओं के साथ बिताया और उनसे कहा, “आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची है। क्या आपको मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं और बचपन में मैं भी चाय बेचता था।”
पीएम मोदी को अपने बीच पाकर बागान में कार्यरत महिलाएं काफी खुश दिखाई दीं। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी भी ली। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग तो अब अच्छे फोटोग्राफर भी हैं। पीएम के इस अंदाज पर महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पांच मिनट का वीडियो शेयर किया। पीएम ने लिखा कि बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में मुझे चाय बागान परिवारों की संस्कृति की झलक देखने को मिली। असम की प्रगति में उनका योगदान बेमिसाल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा कि डिब्रूगढ़ के चाय बागान में महिलाओं ने एक गीत गाया, जो ‘जगत जननी मां’ को नमन करता है। यह सचमुच अद्भुत है कि वे अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों से किस कदर जुड़ी हुई हैं। हमें चाय बागान के हर एक परिवार के प्रयासों पर बहुत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम का गौरव बढ़ाया है। यहां डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान की कुछ और झलकियां हैं। चाय असम की आत्मा है और यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है। बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ में मैं एक चाय बागान में गया और वहाँ काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।
चाय बागान में पीएम मोदी ने इस दौरान कार्यरत महिलाओं से उनके परिवार का हालचाल भी लिया। पीएम मोदी को महिलाओं ने बताया कि बच्चे स्कूल जाते हैं, एक महिला ने बताया कि उनका बच्चा ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुका है, दूसरी महिला ने कहा कि उनका बच्चा खेलकूद में अपना भविष्य देख रहा है और गांव के मैदान में फुटबॉल खेलता है, इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यह तो बहुत अच्छी बात है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा है, इस पर महिलाओं ने दबी आवाज में कहा कि हमें तो आपसे मिलकर काफी घबराहट हो रही थी। पीएम मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि घबराने की क्या जरूरत है, घबराहट तो शुरूआती पांच मिनट के लिए ही होता है। इसके बाद कैसी घबराहट।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से पूछा कि आप लोग बिहू त्योहार के दौरान क्या पकाते हैं। महिलाओं ने इस दौरान बताया कि रीति-रिवाज के अनुसार चीजें बनाई जाती हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस चाय के बागान में एक वक्त में कितनी महिलाएं काम करती हैं। महिलाओं ने जवाब देते हुए कहा कि एक वक्त में कई महिलाएं काम करती हैं, महीने में 24 दिन काम करते हैं और 6 दिन छुट्टी होती है।
पीएम मोदी ने जाते हुए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्या आप लोगों को मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंच गई है। बहुत-बहुत धन्यवाद, आपके साथ मुझे समय बिताकर अच्छा लगा।

ईरान संकट पर यू-टर्न के संकेत: ट्रंप ने कहा-कुछ हफ्तों में लौट सकते हैं अमेरिकी सैनिक

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है। उनका दावा है कि अमेरिका ने अपना मुख्य लक्ष्य, यानी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, पहले ही हासिल कर लिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है दो या तीन हफ्ते लगेंगे। यह मिशन अब पूरा होने वाला है।”
उन्होंने दावा किया कि लगातार हमलों से ईरान की ताकत काफी कमजोर हो गई है। ट्रंप ने कहा, “हमारा एक ही लक्ष्य था कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और वह लक्ष्य पूरा हो गया है। अब उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।” ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा, “वहां सत्ता परिवर्तन हो चुका है और अब हम ज्यादा समझदार लोगों से बात कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान की ताकत को लंबे समय तक कमजोर करना है। ट्रंप ने कहा, “हम उनकी हर क्षमता को खत्म करना चाहते हैं।”
साथ ही, उन्होंने बातचीत के जरिए समझौते की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा, “संभव है कि समझौता हो जाए, क्योंकि वे हमसे ज्यादा समझौता करना चाहते हैं।” हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि समझौता होना अमेरिकी सेना के हटने की शर्त नहीं है। उन्होंने कहा, “ईरान को समझौता करने की जरूरत नहीं है… जब हमें लगेगा कि उन्हें लंबे समय तक बहुत पीछे धकेल दिया गया है, तब हम वहां से हट जाएंगे।”
ट्रंप के मुताबिक, इस संघर्ष ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया है। उन्हें दोबारा खड़े होने में 15 से 20 साल लगेंगे।” उन्होंने इस कार्रवाई को जरूरी बताते हुए कहा, “हमें यह कदम उठाना पड़ा क्योंकि एक पागल व्यक्ति परमाणु हथियार बनाना चाहता था।”
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्य लक्ष्य हासिल हो चुका है और अब बचा हुआ काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। अब ईरान के पास न नौसेना बची है, न वायुसेना और न ही कोई मजबूत सेना। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की संचार व्यवस्था और हवाई सुरक्षा सिस्टम भी नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, “उनके पास अब न दूरसंचार है और न ही एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम।” उन्होंने इसे अमेरिका की निर्णायक जीत बताया। ट्रंप ने कहा, “वे हार रहे हैं, खुद मान रहे हैं कि हार रहे हैं और समझौते के लिए गुहार लगा रहे हैं।”
अंत में उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब अमेरिकी विमान पूरी तरह से आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की रक्षा क्षमताओं को इस हद तक बेअसर कर दिया गया है कि अमेरिकी विमान अब पूरी आज़ादी से उड़ान भर रहे हैं।



 

अमेरिका-भारत संबंधों को लेकर ट्रंप गंभीर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका और भारत के संबंधों को लेकर बेहद गंभीर हैं और इन्हें मजबूत बनाने में व्यक्तिगत रुचि रखते हैं।
सर्जियो गोर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। अमेरिका की संक्षिप्त यात्रा के दौरान हुई इस बैठक की जानकारी उन्होंने सार्वजनिक संदेश के जरिए साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहुंचते ही उनका पहला पड़ाव व्हाइट हाउस रहा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की।
राजदूत द्वारा साझा तस्वीर के अनुसार, मार्को रुबियो भी ओवल ऑफिस में हुई इस बैठक में मौजूद थे। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है और व्हाइट हाउस की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
गोर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव सहित कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद वाशिंगटन अपनी प्रमुख रणनीतिक साझेदारियों, खासकर भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।
ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका संबंधों में दिखाई गई व्यक्तिगत रुचि को नीति निर्माताओं और विश्लेषकों द्वारा महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और साझेदारी को और मजबूती देने का संकेत माना जा रहा है।
पिछले 10 महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन सर्जियो गोर ने शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के रूप में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत और पुनर्जीवित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार और नियामक मुद्दों पर मौजूद मतभेदों को सुलझाने के लिए भी प्रयासरत हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन और मजबूती बनी रहे।

गांदरबल में चल रही मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकवादी को मार गिराया

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया है। सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि 31 मार्च 2026 की रात को रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी के बीच घेराबंदी को रणनीतिक रूप से पुनर्गठित किया गया। इसके बाद सेना ने सुनियोजित जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रभावी ढंग से एक आतंकवादी को मार गिराया है। ऑपरेशन अभी जारी है। 
भारतीय सेना की चिनार कोर के अनुसार, मंगलवार की शाम को विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गांदरबल के जनरल अरहामा क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। चुनौती मिलने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की। रातभर चले मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सेना ने आतंकवादियों के भागने के सभी रास्ते सील कर दिए हैं। माना जा रहा है कि गांव में दो आतंकवादी छिपे हुए थे। उत्तरी कश्मीर का गांदरबल जिला अब तक आतंकवादियों की मौजूदगी से मुक्त माना जाता रहा है और यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए चिंता का विषय है।
20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल के गगनगीर इलाके में सोनमर्ग जेड-मोरह सुरंग निर्माण स्थल के पास मजदूरों के एक कैंप पर हमला किया था। उस आतंकी हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर मारे गए थे, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। इस हमले में अहम जेड-मोरह टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया गया था। यह हमला शाम के समय गांदरबल जिले के गागनगीर इलाके में हुआ था, जहां मजदूर अपने कैंप में लौट आए थे।
इसी तरह, 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी, जिनमें 24 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू मालिक शामिल थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं।











 

ओडिशा दिवस: पीएम मोदी ने कहा- सांस्कृतिक महानता का शाश्वत प्रतीक है ओडिशा

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने बुधवार को ओडिशा दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी और कहा कि राज्य संस्कृति व आध्यात्मिक महानता के “शाश्वत प्रतीक” के रूप में गौरवान्वित है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। ओडिशा एक ऐसा राज्य है जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता के शाश्वत प्रतीक के रूप में गर्व से खड़ा है। ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है। ओडिशा के लोग, जो अपने दृढ़ संकल्प, सादगी और प्रेम के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुझे आशा है कि आने वाले दिनों में ओडिशा प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा।”
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से राज्य के लोगों को इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भाषा के आधार पर गठित होने वाले पहले राज्य के रूप में ओडिशा ने विश्व मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इस अवसर पर मैं उन महान सपूतों को गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिनके बलिदान और दूरदर्शिता ने एक अलग ओडिशा को संभव बनाया।” मुख्यमंत्री ने ओडिया पहचान और संस्कृति की “रक्षा” के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मांझी ने कहा, “हम हर ओडिया के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करते रहेंगे। हमारा एकमात्र लक्ष्य ओडिशा को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। आज के इस पवित्र दिन पर, आइए हम सब एक साथ आएं और एक समृद्ध ओडिशा के निर्माण का दृढ़ संकल्प लें।”
ओडिशा दिवस या उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को मनाया जाता है ताकि भाषाई पहचान के आधार पर 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को एक अलग प्रांत के रूप में गठित किए जाने की याद दिलाई जा सके। यह दिन ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, विरासत और अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को सम्मानित करने का दिन है।
 

व्यापार सुगमता में सुधार: CBDT ने FY26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट किए

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (एपीए) साइन किए हैं यह किसी एक वित्त वर्ष में एपीए साइन करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले के वित्त वर्ष 2024-25 में सीबीडीटी ने 174 एपीए साइन किए थे। अब तक कुल 1,034 एपीए साइन कर लिए गए हैं।
इनकम टैक्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया कि सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए, जो किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। इसने पिछले वर्ष हस्ताक्षरित 174 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स के रिकॉर्ड को पार कर लिया है और पहली बार कुल संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है।
पोस्ट में आगे बताया गया कि एपीए कार्यक्रम की सफलता ने भारत सरकार के व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से सीमा पार लेनदेन में जुड़ी बहुराष्ट्रीय उद्यमों के लिए। एपीए कार्यक्रम, सेफ हार्बर नियमों के साथ मिलकर, कर संबंधी निश्चितता प्रदान करता है, विवादों को कम करता है और एक पारदर्शी और विश्वास पैदा करने वाली कर व्यवस्था को मजबूत करता है।
एपीए करदाता (आमतौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनी) और कर अधिकारियों (जैसे भारत में सीबीडीटी) के बीच एक औपचारिक समझौता है। यह एक निश्चित भविष्य की अवधि के लिए ‘ट्रांसफर प्राइसिंग’ (जुड़ी कंपनियों के बीच लेनदेन) के तौर-तरीकों को पहले ही तय करता है, जिससे भविष्य के टैक्स विवादों और दोहरे कराधान से बचा जा सके। उदाहरण के लिए भारत में एक कंपनी अपनी विदेशी शाखा से सामान खरीदती है। एपीए के तहत पहले ही तय कर लिया जाएगा कि उस सामान की कीमत किस फार्मूला से तय होगी, ताकि बाद में टैक्स को लेकर विवाद न हो।




 

पीएम मोदी ने शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सेवा और मानवता को किया नमन

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन को सेवा, करुणा और मानवता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिवकुमार स्वामीगलु करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित किया और यह संदेश दिया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित होती है।
नरेंद्र मोदी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके कार्यों ने समाज पर गहरी छाप छोड़ी है। उनके प्रयासों से कई लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि शिवकुमार स्वामीगलु का जीवन आज भी अनगिनत लोगों को निस्वार्थ सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका आदर्श समाज के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। 
 

कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल, 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई, खासकर तब, जब यमन के ईरान समर्थित हूती समूह भी इस संघर्ष में शामिल हो गए। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.66 प्रतिशत तक बढ़कर 116.70 डॉलर प्रति बैरल के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते के उच्च स्तर के करीब है। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
तेल की कीमतों में यह तेजी सप्ताहांत में हूती बलों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद आई है। हूती समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी समूहों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक वे अपने हमले जारी रखेंगे। इससे पहले से दबाव में चल रहे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और जोखिम बढ़ गया है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें मार्च में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, और अब यह फिर से युद्ध के शुरुआती दौर के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच रही हैं, जबकि कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस समय कच्चा तेल सबसे अहम आर्थिक कारक बन गया है। बाजार में अब यह संभावना जताई जा रही है कि सप्लाई में लंबे समय तक बाधा आ सकती है। कुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, अगर तनाव जारी रहता है तो कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है और चालू खाता घाटा भी बढ़ सकता है। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों पर भी इसका असर दिखा। अमेरिका में वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.67 प्रतिशत और नैस्डैक करीब 2 प्रतिशत नीचे रहा।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई करीब 4 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया। इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ खुले, क्योंकि पश्चिम एशिया का संकट अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है साथ ही और ज्यादा बढ़ता नजर आ रहा है।


 

पीएम मोदी नमो एप के माध्यम से असम और पुडुचेरी के वोटरों से करेंगे बातचीत

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को “मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद” नामक जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत नमो ऐप के माध्यम से असम और पुडुचेरी दोनों राज्यों में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजे असम के प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद, वे शाम 5:30 बजे पुडुचेरी के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पिछले एक दशक में असम में हासिल की गई विकासात्मक प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राज्य ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है और विश्वास व्यक्त किया कि मतदाता “डबल इंजन” वाली एनडीए सरकार को एक और कार्यकाल के लिए समर्थन देंगे।
पुडुचेरी के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश की आकांक्षाओं को पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन से आगामी चुनावों में जनता का निरंतर समर्थन मिलने की संभावना है।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में, डबल इंजन वाली एनडीए सरकार ने पुडुचेरी के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया है। इसीलिए पुडुचेरी के लोग एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देने जा रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “30 मार्च को शाम 5:30 बजे ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद पुडुचेरी’ में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।”
भाजपा की असम इकाई द्वारा 27 मार्च को जारी एक बयान के अनुसार, इस संवाद से प्रधानमंत्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इस वर्चुअल कार्यक्रम को महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं तक पहुंच मजबूत करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उद्देश्य से एक प्रमुख अभियान पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले, 1 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को कई विकास परियोजनाएं समर्पित कीं और पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के विकास को गति देने के लिए आध्यात्मिक पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला। 
 

ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर, खार्ग द्वीप पर कर सकता है कब्जा, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए संकेत

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पिछले एक महीने से जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं और देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है।” उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद कथित तौर पर तेल उद्योग पर लंबे समय तक नियंत्रण रखना चाहता है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का तेल लेने का मतलब होगा खार्ग द्वीप पर कब्जा करना, जिसके जरिए ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा तेल का निर्यात होता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के हमले से हताहतों की संख्या बढ़ने और युद्ध लंबा खिंचने का खतरा है।
रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया, “हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें। हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।” उन्होंने कहा, “इसका यह भी मतलब होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि उनका मानना ​​है कि द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा, “हम बहुत आसानी से इस पर कब्जा कर सकते हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और ईरान से लगभग 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए संभावित सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2,500 मरीन सहित 3,500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं।
इस खतरे के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के जरिए चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द कोई समझौता हो सकता है।”
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिकी की ईरान के साथ लड़ाई को एक महीने से अधिक समय हो गया है। 28 फरवरी को यह जंग शुरू हुई थी। इसके बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मार्च में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो जून 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है। 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account