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देश में पेट्रोल और डीजल कोई कमी नहीं, वितरण में कोई रोक नहीं : केंद्र

27-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर के अपने 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है। भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
आपको बता दें, भारत ऊर्जा सुरक्षा का अगुआ है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। विश्व का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश भर में एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं। किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने के लिए नहीं कहा गया है।
दुनिया भर में कई देश मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, विषम-सम वाहन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ ही देशों ने “राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल” घोषित किया है। भारत में ऐसे किसी भी उपाय की आवश्यकता नहीं है। जहां अन्य देश सीमित आपूर्ति कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूप से घबराहट में खरीदारी की गई है, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो द्वारा फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुईं। ऐसे पंपों पर मांग में वृद्धि के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति की गई और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए रात भर चालू रहे। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
दरअसल, कुछ लेखों और सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से गलत सूचना फैलाई जा रही है, जिसमें यह बताया जा रहा है कि देश में केवल 6 दिनों का ही भंडार है। भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है और पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में समर्पित रणनीतिक भंडारण शामिल है)। वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है। भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति स्थिति में रणनीतिक भूमिगत गुफाओं में भंडार की मात्रा गौण हो जाती है। इसलिए, भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। 
 

केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई

27-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। इसका उद्देश्य अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में आए उछाल के प्रभाव को सीमित करना है।
सरकार ने ईंधन के निर्यात और विदेशी विमानों को आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन पर भी एक्साइज शुल्क में छूट प्रदान की है।
इसके अलावा, केंद्र ने 2022 की एक पूर्व अधिसूचना को रद्द कर दिया है और आयातित विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर एक्साइज ड्यूटी में राहत प्रदान की है।
उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। अनुमान है कि ओएमसी को वर्तमान में ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है।
मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे “जानबूझकर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान” से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और गुफाओं में बनाए गए विशेष रणनीतिक भंडारण शामिल हैं)।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि “मध्य पूर्व संकट का आज 27वां दिन है”, और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
 

पेंटागन के शीर्ष अधिकारी का भारत दौरा संपन्न, शांति और रणनीतिक सहयोग पर जोर

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )अमेरिका के नीति मामलों के उप रक्षा सचिव एल्ब्रिज कोल्बी भारत-अमेरिका के अहम संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने भारत दौरे पर पहुंचे थे। पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने इस दौरान 2026 नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और प्रेसिडेंट के पीस थ्रू स्ट्रेंथ एजेंडा के खास हिस्सों को आगे बढ़ाने के लिए सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की।
पेंटागन की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत में रहते हुए उप रक्षा सचिव कोल्बी ने विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ अमेरिका-भारत रक्षा नीति समूह की मीटिंग की सह अध्यक्षता भी की। इन चर्चाओं ने अमेरिका-भारत मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाया, जिस पर सेक्रेटरी ऑफ वार पीट हेगसेथ ने अक्टूबर 2025 में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हस्ताक्षर किए थे।
फ्रेमवर्क में अमेरिका और भारत में ऑपरेशनल समन्वय, जानकारी साझा करना, क्षेत्रीय और ग्लोबल सहयोग और रक्षा उद्योग, विज्ञान और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने की बात कही गई। इसके अलावा, उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत, राजदूत सर्जियो गोर के साथ सलाह-मशविरा भी किया।
कोल्बी ने नई दिल्ली में अनंता सेंटर में भी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी की मजबूती पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के रक्षा और रणनीतिक सहयोग को निर्देशित करने में मदद के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया।
अमेरिका के नीति मामलों के उप रक्षा सचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत को बहुत सम्मान की नजर से देखता है। इस देश की एक गौरवशाली रणनीतिक परंपरा है, और नई दिल्ली के फैसले इंडो-पैसिफिक के भविष्य को गहराई से प्रभावित करेंगे।
अनंत सेंटर में एक विशेष सत्र के दौरान एल्ब्रिज कोल्बी ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका भारत को गहरे सम्मान से देखता है। एक ऐसे गणराज्य के रूप में जो महाद्वीपीय स्तर का है, एक ऐसे राष्ट्र के रूप में जिसकी एक गौरवपूर्ण रणनीतिक परंपरा है, और एक ऐसे देश के रूप में जिसके निर्णय इंडो-पैसिफिक और व्यापक अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के भविष्य को गहराई से आकार देंगे। हमारे दोनों देशों के इतिहास, भूगोल और दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण अंतर हैं। फिर भी हम एक मौलिक बात साझा करते हैं, यह विश्वास कि एशिया का भविष्य संप्रभु राष्ट्रों की ओर से निर्धारित होना चाहिए, जो अपने स्वयं के रास्ते तय करने में सक्षम हों।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को केवल एक प्रमुख साझेदार के रूप में नहीं बल्कि एशिया में दीर्घकालिक अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एक अनिवार्य साझेदार के रूप में देखता है। कोल्बी ने कहा, “भारत का महत्व केवल उसके आकार और आर्थिक क्षमता तक सीमित नहीं है बल्कि उसके भू-स्थान और रणनीतिक स्थिति से भी जुड़ा है। आपका देश हिंद महासागर के किनारे स्थित है, जो इंडो-पैसिफिक का संपर्क सूत्र है। भारत में रणनीतिक स्वायत्तता की एक लंबी परंपरा है और उसकी क्षमता लगातार बढ़ रही है, जिससे वह अपनी सीमाओं से बाहर भी घटनाओं को प्रभावित कर सकता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा गणराज्य है। इसकी सफलता का प्रतीकात्मक और राजनीतिक महत्व बहुत गहरा है। इसके पास मजबूत, आत्मनिर्भर और सक्षम सैन्य बल हैं, जो महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारियां उठाने के लिए इच्छुक और सक्षम हैं।

देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर केंद्र सरकार का जोर

26-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी रिटेल पेट्रोल पंप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, कुछ जगहों पर अफवाहों के चलते लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी की, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
सरकार ने बताया कि घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी ट्रांसपोर्ट की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखी जा रही है। वहीं, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई दी जा रही है, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो और देश की आर्थिक गतिविधियां जारी रहें। इस बीच, सरकार ने नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026 को अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य पूरे देश में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को तेज करना है। इस नए फ्रेमवर्क से समयबद्ध तरीके से पाइपलाइन बिछाने में मदद मिलेगी और जमीन से जुड़ी दिक्कतों को भी कम किया जा सकेगा।
पीएनजी कनेक्शन के विस्तार में भी तेजी आई है। एक ही दिन में 110 से ज्यादा भौगोलिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड 9,046 नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इस काम को बढ़ावा देने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और ‘गेल’ जैसी कंपनियां नए प्रोत्साहन दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 24 घंटे पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दे दी है और सड़क मरम्मत शुल्क भी माफ कर दिया है।
प्रक्रिया को और तेज करने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) को निर्देश दिया गया है कि वे सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) से जुड़े आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करें। वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने निर्देश दिया है कि आवासीय स्कूल, छात्रावास और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों पर पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर 5 दिनों में दिए जाएं।
एलपीजी की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस अतिरिक्त सप्लाई को खासतौर पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी देने की भी पेशकश की गई है, जो इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी तेजी से उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।
गड़बड़ियों पर सख्ती दिखाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक ही दिन में 2,700 से ज्यादा छापेमारी की गई, जिसमें 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक 650 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एलपीजी की मांग कम करने के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन भी आवंटित किया गया है। साथ ही, कोयला मंत्रालय ने छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च के बाद भी 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इस पर 1,800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही, देश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ‘चैलेंज मोड’ के तहत 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिन पर औसतन 100 करोड़ रुपए प्रति एयरपोर्ट खर्च होगा। इसके अलावा, संशोधित उड़ान योजना के तहत 200 आधुनिक हेलिपैड भी विकसित किए जाएंगे।
 

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर, जी-7 बैठक में लेंगे हिस्सा

26-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार से लेकर शुक्रवार तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। फ्रांस में विदेश मंत्री जयशंकर साझेदार देशों के साथ जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अब्बे डेस वॉक्स-डी-सेर्ने पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. जयशंकर फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट के बुलावे पर बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान, उनके अलग-अलग देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने की भी उम्मीद है।
फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्रालय की बैकग्राउंड ब्रीफिंग के मुताबिक, जी7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग में यूक्रेन में चल रहे युद्ध, पुनर्निर्माण की कोशिशों, समुद्री सुरक्षा की चिंताओं और ग्लोबल गवर्नेंस सिस्टम में सुधार जैसे कई जरूरी ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा होनी है। एजेंडे की जानकारी देते हुए, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फावरेक्स ने कहा कि यह बैठक यूएन जनरल असेंबली के दौरान हुई इनफॉर्मल कंसल्टेशन के तुरंत बाद हो रही है और आने वाले जी-7 लीडर्स समिट के लिए तैयारी का स्टेज होगा।
ब्रीफिंग में कहा गया, “यह सब इवियन समिट की तैयारी में खत्म होगा। यह 13 से 15 जून के बीच होगा।” इसके अलावा उन्होंने बताया कि मंत्री स्तर पर चर्चा से नेताओं की बातचीत के नतीजों को आकार देने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में तुरंत आने वाले ग्लोबल संकट और लंबे समय की स्ट्रक्चरल चुनौतियों, दोनों पर फोकस किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा, “जाहिर है, हम जितना हो सके कोशिश करेंगे, न सिर्फ यह अनौपचारिक बैठक, जिसे आम तौर पर जी-7 बैठक कहा जाता है, बल्कि कुछ ठोस नतीजे भी निकालने की कोशिश करेंगे।” उन्होंने कार्रवाई वाले नतीजों की अहमियत पर जोर दिया।
एक बड़ा फोकस एरिया यूक्रेन होगा, जिसमें रिकंस्ट्रक्शन और रीजनल सिक्योरिटी पर खास सेशन होंगे। ब्रीफिंग में कहा गया, “दूसरा सेशन रिकंस्ट्रक्शन पर होगा। इसका मकसद कम से कम तीन असरदार नतीजे पाना है, जिसमें न्यूक्लियर सेफ्टी, ह्यूमनिटेरियन डीमाइनिंग और रीबिल्डिंग की कोशिशों के लिए फंडिंग सिस्टम पर चर्चा का जिक्र था।”
यूरोपीय बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट जैसे संस्थान की भूमिका पर भी जोर दिए जाने की उम्मीद है, खासकर यूक्रेन की रिकवरी के लिए इन्वेस्टमेंट जुटाने में। मीटिंग में मैरीटाइम सिक्योरिटी और सप्लाई चेन रेजिलिएंस पर भी बात होगी। एक अलग सत्र में मैरीटाइम रूट और नेविगेशन की आजादी पक्का करने पर भी फोकस किए जाने की उम्मीद है।
गवर्नेंस के मुद्दे पर, जी-7 मल्टीलेटरल सिस्टम को मजबूत करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। ग्लोबल गवर्नेंस फ्रेमवर्क को मॉडर्न बनाने की कोशिशों की ओर इशारा करते हुए ब्रीफिंग में कहा गया, “आम तौर पर, इससे अलग-अलग देशों की संप्रभुता को खतरे में डालने वाले हॉरिजॉन्टल खतरों को जोड़ने के लिए और नए तरीके अपनाए जाएंगे।”
इस बैठक में भारत, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ब्राज़ील और यूक्रेन सहित कई नॉन जी-7 पार्टनर देश भी शामिल होंगे, जो ग्रुप की एक बड़ी आउटरीच पहल को दिखाता है। अधिकारी ने कहा, “हम ये सभी सत्र गुरुवार को और शुक्रवार सुबह होंगे।” साइड इवेंट्स और वर्किंग लंच से पार्टिसिपेंट्स के बीच डिटेल में बातचीत के और मौके मिलेंगे।



 

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑफिस फिट-आउट के लिए भारत बना सबसे सस्ता, रिपोर्ट

26-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साबित करते हुए खुद को सबसे किफायती ऑफिस फिट-आउट मार्केट के रूप में स्थापित किया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक कंपनियों को कम लागत, बड़े पैमाने और बेहतर गुणवत्ता का शानदार संयोजन उपलब्ध करा रहा है। कुशमैन एंड वेकफील्ड की ‘एशिया पैसिफिक ऑफिस फिट-आउट कॉस्ट गाइड 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस फिट-आउट की लागत 65 से 73 डॉलर प्रति वर्ग फुट के बीच है। यह लागत टोक्यो (215 डॉलर), सिडनी (161 डॉलर) और सिंगापुर (140 डॉलर) जैसे बड़े बाजारों के मुकाबले काफी कम है।
रिपोर्ट बताती है कि कम लागत के बावजूद भारत बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले और आधुनिक कार्यस्थल विकसित करने में सक्षम है। यही वजह है कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। कुशमैन एंड वेकफील्ड के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर शशि भूषण ने कहा कि भारत न सिर्फ कम लागत के कारण, बल्कि अलग-अलग शहरों में समान गुणवत्ता और मजबूत डिलीवरी क्षमता के कारण भी सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे कंपनियां बेहतर और आधुनिक ऑफिस स्पेस पर ध्यान दे रही हैं, भारत की लागत में बढ़त और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव और ऊर्जा कीमतों के असर के बीच भारत की स्थिति और मजबूत हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत के 27 बाजारों में 2025 में प्राइम ऑफिस स्पेस की मांग 92 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई, जो 2024 में 76 मिलियन वर्ग फुट थी। इस बढ़ती मांग में भारत की अहम भूमिका रही है। देश के शीर्ष 8 शहरों ने इस क्षेत्र की कुल ऑफिस डिमांड का करीब दो-तिहाई हिस्सा संभाला है, जिससे भारत के बाजार की मजबूती और स्थिरता साफ झलकती है।
सप्लाई के मामले में भी भारत आगे है। 2026 की शुरुआत तक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में करीब 386 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस निर्माणाधीन है, जिसमें से लगभग 192 मिलियन वर्ग फुट भारत के शीर्ष 8 शहरों में बन रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कंपनियां ऑफिस निवेश से पीछे नहीं हट रही हैं, बल्कि सोच-समझकर निवेश कर रही हैं। ऐसे में भारत उन्हें लागत, गुणवत्ता और विस्तार की बेहतर सुविधा देता है।
हालांकि, देश में मुंबई सबसे महंगा बाजार बना हुआ है, जहां ऑफिस फिट-आउट की लागत करीब 73 डॉलर प्रति वर्ग फुट है। इसकी वजह यहां मल्टीनेशनल कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की मजबूत मांग है, जो प्रीमियम ऑफिस स्पेस की तलाश में हैं।







 

मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से हर परिस्थिति का सामना करने की प्रेरणा मिलती है: पीएम मोदी

26-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान राम की कृपा से सबका कल्याण हो, जिससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। मेरी कामना है कि भगवान राम की कृपा से सबका कल्याण हो, जिससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो।”
रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या की यात्रा से जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने संस्कृत श्लोक के साथ उनके अर्थ भी समझाए। पीएम मोदी ने कहा, “आज रामनवमी का पवित्र पर्व है। राम यानी- सत्य और पराक्रम का संगम, ‘दिव्यगुणैः शक्रसमो रामः सत्यपराक्रमः।’ राम यानी- धर्मपथ पर चलने वाला व्यक्तित्व, ‘रामः सत्पुरुषो लोके सत्यः सत्यपरायणः।’ राम यानी- जनता के सुख को सर्वोपरि रखना, प्रजा सुखत्वे चंद्रस्य।”
उन्होंने कहा कि राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, राम एक मूल्य, एक मर्यादा और एक दिशा हैं। पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “प्रभु राम मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे मानवता के उच्च मूल्यों और आदर्शों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। मर्यादाओं को रेखांकित करते हैं। वे विवेक, त्याग और तपस्या की एक मिसाल हमारे बीच छोड़कर गए हैं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रामनवमी पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रभु श्रीराम की कृपा से सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और सुख का वास हो। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और लोक कल्याण की सर्वोच्च प्रेरणा है। उनका आदर्श शासन, न्याय, समानता और जनकल्याण का प्रतीक रहा है, जो आज भी हमारे समाज और देश के लिए पथ प्रदर्शक है। आइए, हम भगवान राम के दिखाए मार्ग पर चलते हुए एक सशक्त, समरस, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें। जय सिया राम।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “देश के सभी परिवारजनों को आस्था, मर्यादा और धर्म के पावन पर्व रामनवमी की अनंत शुभकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।

आर्थिक-सुरक्षा चिंताओं के बीच केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

25-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में विकसित हो रहे संकट के बीच भारत पर इसके आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनज़र सरकार बुधवार को राजनीतिक नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित करेगी।
बैठक बुधवार शाम 5 बजे संसद परिसर के भीतर निर्धारित है और इसकी अध्यक्षता राजनाथ सिंह करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा पार्टी नेताओं को ताज़ा घटनाक्रम और भारत की कूटनीतिक स्थिति की जानकारी दिए जाने की उम्मीद है।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद के दोनों सदनों में दिए गए बयानों के बाद की जा रही है, जिसमें उन्होंने स्थिति को “अभूतपूर्व संकट” बताया था, जिसके लंबे समय तक प्रभाव पड़ सकते हैं।
पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इससे प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हुए हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए। इन तनावों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ाई है और सप्लाई चेन व महंगाई को लेकर चिंताएं पैदा की हैं, जिसके चलते सरकार ने राजनीतिक पक्षों के साथ परामर्श तेज कर दिया है।
विपक्षी दल, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी शामिल है, इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के पूर्ण बहस के बजाय केवल ब्रीफिंग कराने के फैसले की आलोचना की और कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति “समझौता कर चुकी है” और राष्ट्रीय हितों के बजाय व्यक्तिगत विचारों से प्रभावित है। हालांकि, सर्वदलीय बैठक का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि वे केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे।
यह सर्वदलीय बैठक उस उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के एक दिन बाद हो रही है, जिसकी अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की थी। इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इनमें समीर कामत भी थे, ताकि क्षेत्रीय स्थिति का आकलन किया जा सके।
भू-राजनीतिक तनाव के बढ़ने और उसके वैश्विक प्रभाव के अधिक स्पष्ट होने के बीच, यह बैठक सरकार के लिए विपक्षी नेताओं को जानकारी देने और इस संकट पर भारत के रुख के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।







 

ईंधन की कमी की अफवाहें बेबुनियाद, देश में पर्याप्त पेट्रोल-डीजल और एलपीजी स्टॉक: तेल कंपनियां

25-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच तेल कंपनियों ने साफ किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
कंपनी ने स्पष्ट कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। भारत पेट्रोलियम ने यह भी बताया कि भारत पेट्रोल और डीजल का नेट एक्सपोर्टर है और कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं।
बीपीसीएल ने लोगों से अपील की कि वे घबराहट में पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। बीपीसीएल ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी तरह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने भी सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि देश भर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
कंपनी ने ग्राहकों से कहा कि वे अफवाहों से भ्रमित न हों और सामान्य रूप से ईंधन का उपयोग जारी रखें। एचपीसीएल ने भरोसा दिलाया कि उसका नेटवर्क निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
इस बीच, सरकार ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को जानकारी दी कि देश में 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है और 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पीएनजी कनेक्शन का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है और सिर्फ एक दिन में 7,500 नए घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार एलपीजी आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए लगातार नए स्रोतों पर काम कर रही है, ताकि किसी भी तरह की कमी न हो।
सरकार ने यह भी बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देश भर में सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक 642 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले 24 घंटों में करीब 3,400 छापे मारे गए और लगभग 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश भर में सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।






 

गैस रिफिल नियमों पर भ्रम खत्म: न कोई बदलाव, न ही घबराने की जरूरत- पेट्रोलियम मंत्रालय

25-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग समय-सीमा (रिफिल टाइमलाइन) में बदलाव को लेकर चल रही खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट पर सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि एलपीजी रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पुरानी व्यवस्था ही लागू है। मंत्रालय ने बताया कि कुछ समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में यह दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए 45 दिन, नॉन-पीएमयूवाई सिंगल सिलेंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर के लिए 35 दिन की नई समय-सीमा तय की गई है। सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमों के तहत एलपीजी रिफिल बुकिंग की समय-सीमा शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन ही है, और यह सभी प्रकार के कनेक्शन पर समान रूप से लागू होती है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं। साथ ही, घबराहट में गैस सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग से भी बचने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी तरह की कमी की कोई स्थिति नहीं है। सरकार ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और सोमवार तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, देश भर में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है और 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और सिर्फ एक दिन में 7,500 नए कनेक्शन दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि एलपीजी की आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और नए स्रोतों को जोड़ा जा रहा है। राज्यों से निगरानी और वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कहा गया है, ताकि सप्लाई पूरी तरह सुचारू बनी रहे।
 



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