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भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम

06-Sep-2025
नई दिल्ली। शोर संदेश )   मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह उनके वर्तमान कार्यकाल में भारत की पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री रामगुलाम इससे पहले 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत आए थे।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे दिल्ली के अलावा मुंबई, वाराणसी, अयोध्या और तिरुपति भी जाएंगे। मुंबई में वे एक व्यावसायिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।पिछले महीने प्रधानमंत्री रामगुलाम ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा था कि मॉरीशस और भारत के बीच का रिश्ता इतिहास और संस्कृति में गहराई से निहित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने मॉरीशस समकक्ष को धन्यवाद देते हुए मॉरीशस को भारत का “रणनीतिक और विश्वसनीय साझेदार” बताया था। इससे पहले वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर मॉरीशस गए थे, जहां उन्होंने मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया और प्रधानमंत्री रामगुलाम एवं राष्ट्रपति धरम गोकहूल से मुलाकात की थी।
भारत और मॉरीशस के बीच संबंध साझा इतिहास, जनसांख्यिकी और संस्कृति पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच स्वतंत्र भारत के शुरुआती वर्षों से ही गहरे और भरोसेमंद रिश्ते कायम रहे हैं।




 

विदेश मंत्रालय का बयान: संघर्ष समाप्ति और स्थायी शांति का भारत ने किया समर्थन

06-Sep-2025
नई दिल्ली । शोर संदेश )  यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के अपने रुख को दोहराते हुए भारत ने शुक्रवार को क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के हालिया प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, हम यूक्रेन में शांति स्थापित करने की दिशा में हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें आशा है कि सभी पक्ष रचनात्मक ढंग से आगे बढ़ेंगे। भारत संघर्ष के शीघ्र अंत और स्थायी शांति की स्थापना का समर्थन करता है।
इससे पहले चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष समाधान की हालिया कोशिशों का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरी मानवता युद्ध के अंत और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की बहाली चाहती है।
पीएम मोदी ने कहा, हम संघर्ष के समाधान की दिशा में हाल के प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। हमें इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने के रास्ते निकालने होंगे ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बहाल हो सके। यह पूरी मानवता की मांग है।
एससीओ शिखर सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में पुतिन ने भी कहा कि वह यूक्रेन संकट के समाधान में भारत और अन्य रणनीतिक साझेदारों के प्रयासों को अत्यधिक महत्व देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और इससे जुड़ी सभी कोशिशों का समर्थन करते रहे हैं। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम मोदी को फोन कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई वार्ता की जानकारी दी थी।








 

गूगल पर EU का 3.5 अरब डॉलर जुर्माना, ट्रंप ने टैरिफ की धमकी दी

06-Sep-2025
वाशिंगटन । शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) पर और टैरिफ यानी शुल्क लगाने की धमकी दी है। यह बयान तब आया जब यूरोपीय संघ ने गूगल पर 2.95 अरब यूरो (करीब 3.47 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना गूगल पर एकाधिकार (मोनोपॉली) कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में लगाया गया है।
यूरोपीय संघ के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने शुक्रवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा, यूरोप ने आज एक और बड़ी अमेरिकी कंपनी, गूगल पर 3.5 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह पैसा असल में अमेरिका में निवेश और नौकरियों पर खर्च हो सकता था। लेकिन, अब वह छीन लिया गया है। यह बहुत ही गलत है और अमेरिकी जनता इसे सहन नहीं करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मेरी सरकार ऐसी भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों को सहन नहीं करेगी। अगर यूरोप अमेरिकी कंपनियों पर इस तरह के अनुचित जुर्माने लगाता रहा, तो मैं 'धारा 301' के तहत कार्रवाई शुरू करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा, ताकि इन जुर्मानों को रोका जा सके।
यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को गूगल पर करीब 3.5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने का ऐलान किया। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि गूगल ने अपने विज्ञापन प्लेटफॉर्म को बाकी कंपनियों पर फायदा पहुंचाकर बाजार में अपनी पकड़ का गलत इस्तेमाल किया है।

ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा, लेकिन मनी गेम्स पर सख्त रोक : प्रधानमंत्री मोदी

05-Sep-2025
नई दिल्ली।  शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने वाला नया कानून बिना किसी दबाव के लागू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गेमिंग बुरा नहीं है, लेकिन जुआ युवाओं और परिवारों को बर्बाद कर रहा था। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ संवाद में कहा कि 'ऑनलाइन गेमिंग प्रचार और विनियमन अधिनियम, 2025’ छात्रों और परिवारों को लत, आर्थिक शोषण और हिंसक सामग्री से बचाने के लिए लाया गया है। इस कानून के तहत सभी तरह के ऑनलाइन मनी गेम्स पर रोक रहेगी, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सकारात्मक ऑनलाइन गेम्स को प्रोत्साहित किया जाएगा।








 

ट्रंप का आरोप – चीन, रूस और उत्तर कोरिया रच रहे हैं अमेरिका के खिलाफ साजिश

03-Sep-2025
बीजिंग ।  शोर संदेश चीन ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के लिए बीजिंग के थियानमेन चौक पर एक भव्य समारोह आयोजित किया, जिसमें रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं को आमंत्रित किया गया। इस आयोजन ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया के कारण। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में चीन, रूस और उत्तर कोरिया पर अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को यह याद रखना चाहिए कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने चीन को विदेशी आक्रमण से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में कई अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई, और उनके बलिदान को चीन को सम्मान देना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि यह समारोह शी जिनपिंग और चीनी जनता के लिए गौरवपूर्ण होगा। साथ ही, उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को अपनी शुभकामनाएं दीं, लेकिन इसे व्यंग्यात्मक रूप से पेश करते हुए कहा कि ये तीनों देश मिलकर अमेरिका के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। यह आयोजन चीन की सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय प्रभाव को प्रदर्शित करने का एक प्रयास माना जा रहा है।
थियानमेन चौक पर आयोजित इस समारोह में आधुनिक हथियारों, मिसाइलों और सैन्य टुकड़ियों का प्रदर्शन किया गया। रूस और उत्तर कोरिया की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी चर्चा का विषय बना दिया। वहीं, ट्रंप की टिप्पणी ने वैश्विक कूटनीति में तनाव को बढ़ाने का काम किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह तीनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का भी संकेत हो सकता है। इस बीच, अमेरिका ने इस आयोजन पर कड़ी नजर रखने की बात कही है।
 

ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के वीर जवानों को गृहमंत्री अमित शाह ने किया सम्मानित

03-Sep-2025
नई दिल्ली।  शोर संदेश केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर संचालित ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और कोबरा बटालियन के वीर जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे।
अमित शाह ने कहा कि यह अभियान नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने जवानों के साहस और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों—भीषण गर्मी, ऊँचाई और हर कदम पर IED के खतरे के बावजूद, जवानों ने बुलंद हौसले से अभियान को सफल बनाकर नक्सलियों का बेस कैंप, मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन पूरी तरह नष्ट कर दी।
गृह मंत्री ने कहा कि जब तक सभी नक्सली या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएँ या समाप्त न हो जाएँ, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। मोदी सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने वर्षों तक देश के पिछड़े इलाकों में विकास कार्यों को बाधित किया, स्कूल और अस्पताल बंद कराए और योजनाओं को आमजन तक नहीं पहुँचने दिया। लेकिन अब नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है।
अमित शाह ने आश्वासन दिया कि जिन जवानों ने इन अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाई है, उनके जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने अंत में कहा कि सभी सुरक्षा बलों का शौर्य और पराक्रम न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
 

भारत का पहला स्वदेशी ‘विक्रम-32’ प्रोसेसर चिप लॉन्च, पीएम मोदी को समर्पित

02-Sep-2025
नई दिल्ली।  शोर संदेश भारत ने सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपना पहला स्वदेशी विक्रम-32 बिट प्रोसेसर चिप पेश किया। इसे सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया।
यह चिप भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) द्वारा विकसित की गई है। यह भारत का पहला पूर्णत: स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर है, जिसे विशेष रूप से स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की कठोर परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन और क्वालिफाई किया गया है।
‘विक्रम 3201’ डिवाइस की पहली खेप का परीक्षण PSLV-C60 मिशन में किया गया था, जिसमें इसकी विश्वसनीयता पूरी तरह सिद्ध हुई। इस उपलब्धि ने भविष्य की अंतरिक्ष मिशनों के लिए भारत की तकनीकी क्षमता को और मजबूत किया है।
विक्रम-32 चिप 32-बिट डिजाइन पर आधारित है, जो एक साथ 32 बिट डेटा प्रोसेस कर सकती है।
यह जटिल गणनाएँ और बड़े स्तर की मेमोरी हैंडल कर सकती है।
इसे अंतरिक्ष उड़ानों में पाए जाने वाले अत्यधिक तापमान और कठिन परिस्थितियों को सहन करने के लिए तैयार किया गया है।
इसकी मजबूती और बहुउपयोगिता इसे न केवल अंतरिक्ष मिशनों बल्कि रक्षा, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र में भी अहम बनाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में वर्तमान में पाँच नए सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण कार्य जारी है, वहीं 10 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।
इसके साथ ही 23 से अधिक डिज़ाइन स्टार्टअप्स को Design Linked Incentive Scheme के तहत सहयोग दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी को यह पहला “Made-in-India” चिप समर्पित करना भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह उपलब्धि दिखाती है कि केवल साढ़े तीन वर्षों में भारत एक बड़े उपभोक्ता से उभरकर एडवांस चिप निर्माता बन गया है।
सेमीकॉन इंडिया 2025 का यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत में एक मजबूत, लचीला और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है।













 

7 साल बाद एक मंच पर मिले मोदी और शी जिनपिंग

31-Aug-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद एक मंच पर मिले। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। द्विपक्षीय वार्ता में कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीमा समझौते और दोनों देशों के बेहतर होते रिश्ते पर बातचीत हुई। दोनों देशों के व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर खुशी हुई।

जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के लिए यह सही है कि ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहायक हों। ड्रैगन और हाथी एक साथ आएं। चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम विश्व के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं। हम ग्लोबल साउथ के भी अहम सदस्य हैं। हम दोनों अपने लोगों की भलाई के लिए जरूरी सुधार लाने और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं।

इससे पहले पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले वर्ष कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई थी। हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है। सीमा मुद्दे पर हमारे विशेष प्रतिनिधियों ने समझौता किया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट भी फिर से शुरू की जा रही है।

वहीं, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 बिलियन लोगों के हित जुड़े हुए हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। परस्पर विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभी डाक सेवाएं निलंबित कीं

31-Aug-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। डाक विभाग ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 100 डॉलर तक मूल्य के सभी प्रकार के डाक सामान, जिनमें पत्र, दस्तावेज और उपहार शामिल हैं, भेजने पर रोक लगा दी है। अपनी पूर्व अधिसूचना में डाक विभाग ने 100 डॉलर तक के मूल्य वाले पत्रों, दस्तावेजों और गिफ्ट को छोड़कर सभी प्रकार की डाक वस्तुओं की बुकिंग को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया था।

विभाग ने कहा, अमेरिका जाने वाले डाक के परिवहन में वाहकों की असमर्थता और अनिर्धारित नियामक तंत्र को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने अमेरिका जाने वाले सभी प्रकार के डाक को पूरी तरह से निलंबित करने का निर्णय लिया है, जिसमें 100 डॉलर तक के मूल्य के पत्र/दस्तावेज और उपहार भी शामिल हैं। डाक विभाग ने अमेरिकी प्रशासन की ओर से 30 जुलाई को जारी किए गए कार्यकारी आदेश पर ध्यान दिया है। इस आदेश के तहत, 29 अगस्त, 2025 से 800 डॉलर तक के सामान पर मिलने वाली 'शुल्क-मुक्त न्यूनतम छूट' छूट को खत्म कर दिया गया है।

इसका मतलब है कि अब अमेरिका जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय डाक पर, चाहे उसकी कीमत कुछ भी हो, उस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी। यह शुल्क 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट'  के तहत लिया जाएगा। भारत से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या सीधे उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले मुख्य उत्पादों में कपड़े, छोटे आकार के कालीन, रत्न और आभूषण, वेलनेस उत्पाद, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स और जूते शामिल हैं।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईआरओ) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, डी मिनिमिस छूट के खत्म होने के कारण मुझे लगभग एक महीने तक कारोबार में दिक्कत की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ई-कॉमर्स कंपनियां लागत की समीक्षा कर रही हैं और इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि अमेरिकी उपभोक्ता कितनी अतिरिक्त लागत वहन कर सकते हैं।

अमेरिकी नियम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय डाक नेटवर्क के माध्यम से सामान भेजने वाली परिवहन कंपनियों या अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा मंजूर "योग्य पक्षों" को डाक खेप पर शुल्क (टैक्स) इकट्ठा करके जमा करना होगा। सीबीपी ने 15 अगस्त 2025 को कुछ दिशानिर्देश जारी किए, लेकिन "योग्य पक्षों" को चुनने और शुल्क इकट्ठा करने व जमा करने की प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु अभी स्पष्ट नहीं हैं।

इसी वजह से अमेरिका जाने वाली हवाई परिवहन कंपनियों ने 25 अगस्त 2025 के बाद डाक स्वीकार करने में असमर्थता जताई है, क्योंकि उनके पास इसके लिए तकनीकी और परिचालन तैयारी नहीं है।
 

ट्रंप के टैरिफ बम से निपटने मोदी सरकार लाएगी कोविड स्टाइल राहत पैकेज

31-Aug-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लागू करने के फैसले से भारतीय निर्यातकों और लाखों कामगारों पर संकट मंडरा सकता है। इस कदम से न केवल निर्यात महंगा होगा बल्कि नौकरियों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, केंद्र सरकार ने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, मोदी सरकार कोविड लॉकडाउन के दौरान लागू की गई योजनाओं की तर्ज पर राहत पैकेज लाने पर विचार कर रही है।
नकदी संकट दूर करने पर जोर
दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले उद्योगों की नकदी की समस्या का समाधान करना चाहती है। टैरिफ के चलते निर्यातकों को भुगतान में देरी, ऑर्डर रद्द होने और माल की सप्लाई में अड़चनों जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इमरजेंसी क्रेडिट लाइन जैसे कदम
अधिकारियों के मुताबिक, इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी योजनाओं को फिर से लागू किया जा सकता है। इस स्कीम के तहत बिना जमानत के 100% गारंटी वाले लोन दिए जाएंगे। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इसी योजना ने लाखों छोटे और मध्यम उद्योगों को दिवालिया होने से बचाया था।
टैक्स और जीएसटी में राहत संभव
सूत्रों के अनुसार, सरकार टैक्स सुधारों पर भी विचार कर रही है। आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने और जीएसटी रिफंड तेज करने जैसे फैसले हो सकते हैं।
निर्यात का योगदान सीमित
अधिकारियों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी झटके का असर सीमित रहेगा। वर्तमान में भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर है और निर्यात का योगदान केवल 10% (लगभग 438 मिलियन डॉलर) है। यही वजह है कि जून तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7.8% बनी रही।
नए मार्केट की तलाश
सरकार अमेरिकी बाजार पर निर्भरता घटाने और नए वैश्विक मार्केट्स खोजने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति बनाई जा रही है।



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