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नई जीएसटी 2.0 प्रणाली से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत

22-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। मेडिकल डिवाइस और फार्मा इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने सोमवार को जीएसटी 2.0 के तहत रिवाइज्ड टैक्स रेट्स के लागू होने की सराहना की। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे हेल्थकेयर पहले के मुकाबले सस्ता होगा और आसानी से उपलब्ध होगा।
इस महीने की शुरुआत में जीएसटी काउंसिल ने मेडिकल डिवाइस पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री ने जीएसटी सुधार को एक स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
मेडिकल डिवाइस पर जीएसटी रेट को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद
पोस्ट में कहा गया, “मेडिकल डिवाइस पर जीएसटी रेट को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद। इस कदम के साथ हर नागरिक के लिए मेडिकल डिवाइस सस्ते हो जाएंगे।” पोस्ट में आगे कहा गया, “इस ऐतिहासिक सुधार की वजह से इलाज की लागत कम होगी और आवश्यक हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी की पूरे भारत में पहुंच बढ़ेगी।”
जीएसटी सुधार के साथ 12 प्रतिशत टैक्स वाली अधिकांश दवाएं अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई हैं
एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री ने यह भी वादा किया कि वह देश भर में मरीजों, अस्पतालों और लैब को किफायती, हाई-क्वालिटी मेड इन इंडिया डिवाइस उपलब्ध करवा कर लाभ पहुंचाएगा। जीएसटी सुधार के साथ 12 प्रतिशत टैक्स वाली अधिकांश दवाएं अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई हैं।
कैंसर, जेनेटिक और दुर्लभ बीमारियों और हृदय रोगों के लिए 36 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह से छूट दे दी गई है
इसके अलावा, कैंसर, जेनेटिक और दुर्लभ बीमारियों और हृदय रोगों के लिए 36 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह से छूट दे दी गई है। जीएसटी काउंसिल ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, ग्लूकोमीटर और चश्मे पर टैक्स स्लैब को भी रिवाइज किया है।
ये कदम भारत के हेल्थकेयर क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे
इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि इससे मरीजों को सीधे बचत होगी और परिवारों पर से बोझ कम होगा। जैन ने कहा, “ये कदम भारत के हेल्थकेयर क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। इससे मरीजों को सीधे बचत होगी, परिवारों पर से बोझ कम होगा, आवश्यक देखभाल तक पहुंच में सुधार होगा और हेल्थकेयर सुरक्षा मजबूत होगी।”उन्होंने कहा कि 23 प्रमुख रिसर्च-आधारित कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला आईपीए यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि ये लाभ नागरिकों तक तेजी से और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। साथ ही, सभी के लिए किफायती और सुलभ हेल्थकेयर का उनका मिशन आगे बढ़े।

ईटानगर में पीएम मोदी ने जीएसटी बचत उत्सव पर की अपील, जनता ने फ्लैश लाइट से समर्थन जताया

22-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी 2.0 को ‘बचत उत्सव’ के रूप में मनाते हुए जनता से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाई। वे सोमवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में शामिल जनता से अपील की कि वे मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। उनकी अपील पर जनता ने फ्लैश लाइट जलाई। इसके बाद, पीएम मोदी ने कहा कि यह बचत उत्सव का नजारा और उसकी ताकत है। यह नवरात्रि का पहला दिन है। इस मौके पर प्रकाश ही प्रकाश है और अरुणाचल का प्रकाश पूरे देश में फैल जाता है।

देश में सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू हुई हैं
देश में सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू हुई हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प और ‘आत्मनिर्भरता’ की अपील को दोहराया। ईटानगर के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, “जब हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं तो देश की भी एक अपेक्षा है। यह अपेक्षा ‘आत्मनिर्भरता’ की है। भारत तभी ‘विकसित राष्ट्र’ होगा, जब आत्मनिर्भर होगा। भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ के लिए स्वदेशी का मंत्र जरूरी है। आज समय की मांग है कि हम स्वदेशी अपनाएं। वही खरीदें जो देश में बना हो। वही बेचें, जो देश में बना हो। गर्व से कहें, ये स्वदेशी है।”

पीएम मोदी ने ‘गर्व से कहें, यह स्वदेशी है’ नारा लगाया
इस दौरान पीएम मोदी ने ‘गर्व से कहें, यह स्वदेशी है’ नारा लगाया। उन्होंने कहा, “इसी मंत्र पर चलते हुए देश का विकास होगा। अरुणाचल और नॉर्थ ईस्ट का विकास तेज होगा।” उन्होंने कहा कि बीते सालों में देश के सामने अनेक चुनौतियां आईं, लेकिन हम इनकम टैक्स घटाते गए और इसी साल हमने 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय पर टैक्स जीरो किया है। जीएसटी को भी दो स्लैब (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) तक सीमित कर दिया है, जिससे बहुत सारी चीजें टैक्स फ्री हो चुकी हैं और बहुत चीजों पर टैक्स काफी कम हो गया है।

अब आप लोग आराम से नया घर बना सकते हैं
जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अब आप लोग आराम से नया घर बना सकते हैं। स्कूटर, बाइक खरीद सकते हैं। बाहर घूमना और खाना भी पहले से सस्ता हो गया है।” उन्होंने कहा कि यह ‘जीएसटी बचत उत्सव’ जनता के लिए बहुत यादगार बनने वाला है।
 

पीएम मोदी ने दी नवरात्रि की बधाई, कहा- ‘साहस, संयम और संकल्प का पर्व जीवन में लाए नया विश्वास’

22-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। शारदीय नवरात्रि का सोमवार से आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पावन पर्व की देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पावन पर्व पर भक्ति-भाव से जीवन में नई शक्ति की कामना की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आप सभी को नवरात्रि की अनंत शुभकामनाएं। साहस, संयम और संकल्प के भक्ति-भाव से भरा यह पावन पर्व हर किसी के जीवन में नई शक्ति और नया विश्वास लेकर आए। जय माता दी।”
प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्रियों ने भी देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मां दुर्गा का आशीर्वाद हमारे जीवन में शक्ति, साधना और समृद्धि का संचार करे। उनकी कृपा से भारत आत्मनिर्भरता, प्रगति और खुशहाली की नई ऊंचाइयों को छूते हुए विश्व में शांति और कल्याण का मार्गदर्शक बने।”
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते। समस्त देशवासियों को नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “मां का आगमन। शारदीय नवरात्रि हर वर्ष अपने साथ अनंत खुशियों का भंडार लेकर आती है और श्रद्धालुओं के दुखों को मिटाकर जीवन में नवीन ऊर्जा और प्रकाश फैलाती है। ऐसे पावन पर्व पर मां दुर्गा में श्रद्धा रखने वाले सभी सनातन प्रेमियों को जय माता दी।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को नवरात्रि की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को मां भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। मां सभी के जीवन को सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य के आशीर्वाद से अभिसिंचित करें, यही प्रार्थना है।”
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने एक्स पर लिखा, “आप सभी भक्तों को मां भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मां से मेरी यही कामना है कि आप सभी के जीवन को सुख, स्वास्थ्य और सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करें, जय माता दी।” 

एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर का वार्षिक शुल्क लगाने के ट्रंप के फैसले ने भारतीय आईटी कंपनियों के लिए खड़ी की नई मुसीबत

21-Sep-2025
नई दिल्ली। एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर का वार्षिक शुल्क लगाने से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमेरिकी बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय आईटी शेयरों पर भारी दबाव आ गया। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से कंपनियों के लिए भारतीय टेक्नोलॉजी पेशेवरों को नियुक्त करना पहले से अधिक महंगा हो जाएगा।

बीते कारोबारी दिन डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 1,00,000 डॉलर शुल्क लगाने संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर करने की तैयारी की खबरों के आते ही कई तकनीकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ गई। देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयर 4.5 प्रतिशत गिर गए। कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी के शेयर 4.3 प्रतिशत, एक्सेंचर के शेयर 1.3 प्रतिशत और विप्रो के शेयर 3.4 प्रतिशत गिर गए।

दरअसल, भारतीय आईटी सर्विस प्रोवाइडर एच-1बी वीजा के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में से हैं। इन कंपनियों द्वारा उनकी अमेरिकी परियोजनाओं में भारत के कुशल कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है।

वहीं, ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा पर लगाया गया शुल्क कंपनियों के कॉस्ट-सेविंग मॉडल के लिए एक बड़ा खतरा बन जाएगा। एच-1बी वीजा अमेरिका में तीन वर्ष के लिए रोजगार प्रदान करता है और इसे तीन अतिरिक्त वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। एच-1बी वीजा भारतीय तकनीकी कर्मचारियों के लिए अमेरिका में एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार रहा है।

ट्रंप की नई घोषणा एच-1बी कैटेगरी के तहत देशी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाती है, जिसका इस्तेमाल खास कर विशिष्ट व्यवसायों में स्किल्ड प्रोफेशनल्स को नियुक्त करने के लिए किया जाता है।

नियोक्ताओं को अब पेमेंट का प्रमाण रखना जरूरी होगा, जिसे वीजा प्रॉसेस के दौरान राज्य सचिव द्वारा वेरिफाइ किया जाएगा।

उधर, इस फैसले की घोषणा करने के साथ ट्रंप का कहना है कि यह भारी शुल्क सुनिश्चित करेगा कि केवल अत्यंत कुशल लोगों को ही अमेरिका में एंट्री मिले। इससे कंपनियों द्वारा अमेरिकी कर्मचारियों की जगह दूसरे देशों से सस्ते कर्मचारियों को लाने पर भी रोक लगेगी।

ट्रंप ने अपनी घोषणा में कहा, “हमें वर्कर्स की जरूरत है, हमें अच्छे और बेहतरीन वर्कर्स की जरूरत है और इस फैसले के साथ यह सुनिश्चित हो सकेगा कि अमेरिका में बेहतर वर्कर्स ही काम कर सकें।

 


अमेरिकी टेक फर्मों ने अपने H-1B वीजा वाले कर्मचारियों से रविवार की डेडलाइन से पहले अमेरिका वापस लौटने का किया आग्रह

21-Sep-2025
नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी टेक फर्मों ने H-1B वीजा वाले अपने उन कर्मचारियों को जो अभी अमेरिका के बाहर हैं, तुरंत अमेरिका वापस लौटने की सलाह दी है। कंपनी द्वारा यह सलाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस लागू होने की 21 सितंबर की डेडलाइन से पहले दी गई है। अमेरिकी प्रशासन ने सभी वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर की फीस लगाई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह नया नियम 21 सितंबर से लागू होगा और 12 महीने तक रहेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों ने अमेरिका में मौजूद अपने एच-1बी वीजा कर्मचारियों को आने वाले समय में देश में ही काम जारी रखने और आगे नए निर्देश मिलने तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा न करने का निर्देश दिया है।

माइक्रोसॉफ्ट ने कथित तौर पर एच-4 वीजा धारकों को भी अमेरिका में ही रहने की सलाह दी है। कंपनी ने कहा, “हम एच-1बी वीजा और एच-4 वीजा धारकों को कल डेडलाइन से पहले अमेरिका वापस लौटने की सलाह देते हैं।”

वहीं, माइक्रोसॉफ्ट या जेपी मॉर्गन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को उम्मीद है कि इस नए वीजा प्रोग्राम से अमेरिकी खजाने को 100 बिलियन डॉलर से अधिक मिलेंगे, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय कर्ज कम करने और टैक्स में कटौती के लिए किया जाएगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि नई फीस से प्रतिभा की आवाजाही में रुकावट आएगी और इनोवेशन कम होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 71 प्रतिशत एच-1बी वीजा धारक भारत से हैं, जो मुख्य रूप से इंफोसिस, विप्रो, कॉग्निजेंट और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों में काम करते हैं। अमेरिका में लिस्टेड भारतीय कंपनियों सहित प्रमुख आईटी सर्विस फर्मों के शेयर इस घोषणा के बाद 2 से 5 प्रतिशत तक गिर गए।

एच-1बी वीजा आमतौर पर तीन साल के लिए वैलिड होता है और अगले तीन अतिरिक्त साल के लिए रिन्यू किए जा सकते हैं। ऐसे में, नई 1 लाख डॉलर की सालाना फीस से भारतीय पेशेवरों को बनाए रखना कंपनियों के लिए महंगा हो सकता है, खासकर जब ग्रीन कार्ड के लिए दशकों का इंतजार करना पड़ता है।

एच-1बी प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कुशल विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की अनुमति देता है।

UPI के नियमों में बड़ा बदलाव, हर दिन कर सकेंगे 10 लाख का पेमेंट

21-Sep-2025
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) भुगतानों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। यह नई सीमा सोमवार से प्रभावी है।
 
इस बदलाव का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में बड़े भुगतानों को सुगम बनाना और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देना है। हालांकि, एनपीसीआई ने पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) सीमा को 1 लाख रुपए प्रतिदिन पर बनाए रखा है।
 
इससे पहले बड़े लेनदेन करने वाले यूजर्स को लिमिट का सामना करना पड़ता था, जिससे उन्हें भुगतान तुकड़ों में या चेक एवं बैंक ट्रांसफर जैसे पारंपरिक तरीकों पर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
 
नए फ्रेमवर्क के तहत, कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस पेमेंट के लिए प्रति लेनदेन सीमा 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है, जबकि दैनिक सीमा 10 लाख रुपए है।
 
सरकारी ई-मार्केटप्लेस लेनदेन की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति लेनदेन कर दी गई है। यात्रा बुकिंग, ऋण चुकौती और ईएमआई संग्रह के लिए प्रति लेनदेन सीमा भी 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है।
 
क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए भी एक ही लेनदेन में 5 लाख रुपए तक की अनुमति है, हालांकि 24 घंटे की सीमा 6 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
 
ऋण और ईएमआई के लिए यूजर्स अब प्रति लेनदेन 5 लाख रुपए का भुगतान कर सकते हैं, जिससे प्रतिदिन कुल 10 लाख रुपये का भुगतान हो सकेगा।
 
इसके अलावा, आभूषणों की खरीदारी में भी मामूली वृद्धि हुई है, इसके लिए UPI सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए प्रति लेनदेन और 6 लाख रुपए प्रति दिन कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल ऑनबोर्डिंग के माध्यम से सावधि जमा जैसी बैंकिंग सेवाओं की सीमा अब प्रति लेनदेन और प्रति दिन 5 लाख रुपए तक सीमित है, जबकि पहले यह 2 लाख रुपए थी।

भारत के आईटी क्षेत्र में 2027 तक 6-7% की वृद्धि की संभावना, एआई से मिलेगी नई दिशा : एचएसबीसी रिपोर्ट

21-Sep-2025
नई दिल्ली। भारत के आईटी सेक्टर के लिए आने वाले साल उत्साहजनक माने जा रहे हैं। एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में यह सेक्टर 6-7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स पर दबाव बना है, लेकिन कंपनियों की टेक्नोलॉजी पर बढ़ती खर्च की प्रवृत्ति इस चुनौती को संतुलित कर रही है।
 
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले वित्त वर्ष (FY26) में आईटी सेक्टर की आय 5-6 प्रतिशत तक बढ़ेगी। हालांकि, प्रोजेक्ट वॉल्यूम यानी काम की मात्रा में यह बढ़ोतरी 8-10 प्रतिशत तक हो सकती है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों ने वर्षों में अपने सबसे अच्छे तिमाही नतीजे दर्ज किए हैं। एचएसबीसी के विश्लेषकों का कहना है कि यह रुझान कंपनियों के भरोसे को बढ़ाएगा और 2025 तक तकनीकी खर्च में तेजी ला सकता है, जिससे एआई ऑटोमेशन के नकारात्मक असर को कम किया जा सकेगा।
 
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स “मल्टी-एजेंट सिस्टम” में बदलेंगे और कंपनियों को अपना सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर व इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा डिजाइन करना पड़ेगा, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि, उद्योग के अनुमान बताते हैं कि एआई अगले तीन से चार साल में आईटी सेवाओं के कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमतों को 8-10 प्रतिशत तक कम कर सकता है। यह सालाना 3-4 प्रतिशत का असर 2025 से 2027 के बीच देखने को मिलेगा। अभी तक भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव की भरपाई अधिक प्रोजेक्ट वॉल्यूम से करती रही हैं, जिससे उनकी कुल आय स्थिर बनी हुई है।
 
एचएसबीसी ने यह भी साफ किया कि एडवांस “एजेंटिक एआई” सिस्टम्स आईटी सेवाओं को पूरी तरह खत्म नहीं करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भले ही हाइपरस्केलर कंपनियां एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बजट का बड़ा हिस्सा हासिल कर रही हों, लेकिन सेवाओं की पूरी तरह से जगह लेना अभी संभव नहीं है।
 
इसी बीच, भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अगस्त 2025 में अपने 80 प्रतिशत कर्मचारियों (मुख्यतः मिड और जूनियर लेवल) को वेतनवृद्धि देने का ऐलान किया। हालांकि, कंपनी 2025 में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी भी करने जा रही है, जो इसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत है। यह कदम कंपनी की पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा है।
 
टेक्नोलॉजी और एआई के बीच चल रही इस खींचतान के बावजूद, रिपोर्ट मानती है कि भारतीय आईटी सेक्टर आने वाले वर्षों में स्थिर वृद्धि बनाए रखेगा और एआई की चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है।
 

 


राष्ट्रपति मुर्मु पितृपक्ष में पहुंचीं गयाजी, पुरखों की आत्मा की शांति के लिए किया पिंडदान

21-Sep-2025
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को देश और दुनिया में मोक्ष स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंची। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ पिंडदान किया।
राष्ट्रपति गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंची। इसके बाद सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंची। गया हवाई अड्डा पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उनका स्वागत किया। पिंडदान के लिए जिला प्रशासन के जरिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
गयापाल पुरोहित राजेश लाल कटरियाल ने वैदिक क्रियाओं के साथ कर्मकांड कराया। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विष्णुपद मंदिर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अपने पितरों के मोक्ष तथा शांति के लिए पिंडदान करने के लिए गयाजी आते हैं। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट एवं अन्य कई पवित्र स्थानों पर स्थित वेदियों पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है।
मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य की आत्मा इस भौतिक जगत में ही विचरण करती रहती है। केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर रहती है। यदि व्यक्ति का परिवार पिंडदान करता है, तो उस आत्मा को इस लोक से मुक्ति मिलती है और वह सदैव के लिए बंधनों से मुक्त हो जाती है। पितृपक्ष में देश-विदेश से हजारों पिंडदानी अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। पितृपक्ष मेला 21 सितंबर तक चलेगा।

पीएम मोदी सहित अनेक नेताओं ने महालया पर्व पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

21-Sep-2025
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले मनाए जाने वाले महालया के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आप सभी को महालया की शुभकामनाएं। जैसे-जैसे दुर्गा पूजा के पवित्र दिन नजदीक आ रहे हैं, हमारा जीवन प्रकाश और उद्देश्य से भर जाए। मां दुर्गा का दिव्य आशीर्वाद अटूट शक्ति, स्थायी आनंद और अद्भुत स्वास्थ्य प्रदान करे।”
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “महालया के पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मां दुर्गा का अपार स्नेह हर घर में आनंद, शक्ति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के सभी दिव्य आशीर्वाद प्रदान करे।”
 
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। महालया के मौके पर ममता बनर्जी ने एक गीत भी शेयर किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जागो दुर्गा, जागो, दस शस्त्रों की धारक। महालया के पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।”
 
महालया देवी पक्ष की शुरुआत करता है, जो देवी दुर्गा का दस दिवसीय उत्सव है और दुर्गा पूजा के साथ समाप्त होता है। यह राक्षस राजा महिषासुर का वध करने के लिए देवी दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन का संकेत देता है। यह एक शुभ दिन है जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
 
पश्चिम बंगाल में, इस दिन को भोर से पहले ‘महिषासुर मर्दिनी’ के प्रसारण के लिए जाना जाता है, जो देवी का आह्वान करने वाले भजनों और मंत्रों का एक कार्यक्रम है, और इसे सुनना सभी के लिए एक प्रिय परंपरा है। महालया के दिन मूर्तिकार आमतौर पर ‘चोखू दान’ नामक अनुष्ठान में देवी दुर्गा की आंखों का चित्र बनाते हैं।
 
पश्चिम बंगाल में हजारों लोग ‘तर्पण’ करते हैं, जो दुर्गा पूजा के साथ त्योहारों के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन की शुरुआत हुगली नदी और राज्य भर के अन्य जलाशयों के तट पर लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की।
 

जीएसटी सुधार से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अपील, ग्राहकों तक पहुंचाएं टैक्स कटौती का फायदा

21-Sep-2025
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से अपील की है कि 22 सितंबर से लागू होने जा रहे जीएसटी सुधारों का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिले। उन्होंने कहा कि टैक्स कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए, क्योंकि इससे उद्योगों को भी लंबे समय में लाभ होगा। नए जीएसटी फ्रेमवर्क के तहत अब मौजूदा चार टैक्स स्लैब-5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत घटकर सिर्फ दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रह जाएंगे।
 
इसके अलावा सरकार ने कई उत्पादों पर टैक्स कम किया है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को 22 सितंबर से मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं, सिन और लग्जरी गुड्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स तय किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा, “कृपया सुनिश्चित करें कि टैक्स कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिले। इससे उद्योग जगत को भी लाभ होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार व्यापार सुगमता और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसके तहत नई लॉजिस्टिक्स नीति, नए औद्योगिक शहरों का विकास, छोटे विवादों को अपराधमुक्त करना और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
 
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर जैसे कुछ उद्योग पहले ही टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि आज कई देश भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते करना चाहते हैं, जिससे व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने व्यवसायों को निर्देश दिया था कि वे कारों और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं जैसी चीजों की अस्थायी मूल्य सूची प्रदर्शित करें, ताकि ग्राहक समझ सकें कि जीएसटी सुधारों के बाद कीमतों में कितनी कमी आई है।
 
इसके साथ ही केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भी उद्योग संघों और मंत्रालयों के साथ बैठकें कीं, ताकि जीएसटी परिषद द्वारा घोषित दरों में कटौती को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। उद्योगों के बीच इस बात पर सहमति बन गई है कि टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक जरूर पहुंचाया जाएगा। अनुमान है कि इस सुधार से उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की कीमतें करीब 10 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल की कीमतें 12-15 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं।



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