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शिक्षा

10वीं-12वीं पूरक परीक्षा के लिए उड़नदस्ता टीम गठित, तहसीलदार प्रभारी नियुक्त

23-Jul-2024
सारंगढ़ बिलाईगढ़।। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा दसवीं और बारहवीं के पूरक परीक्षा 2024 के सफल संचालन के लिए कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने विकासखंडवार उड़नदस्ता जांच दल गठित किया है। ये दल अपने क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों का सघन निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था बनाने तथा अनुचित साधन की रोकथाम करेंगे। इसमें सारंगढ़ विकासखंड के दल (क्रमांक 1) में तहसीलदार मनीष सूर्यवंशी दल प्रभारी हैं।
बरमकेला विकासखंड के दल (क्रमांक 2) में नायब तहसीलदार कोमल साहू दल प्रभारी हैं वहीं बिलाईगढ़ विकासखंड के दल (क्रमांक 3) में तहसीलदार कमलेश सिदार दल प्रभारी हैं। इन सभी दल प्रभारियों के साथ दल में शिक्षा विभाग के 3 सदस्य सहयोगी हैं। उड़नदस्ता दल के सभी सदस्य परीक्षा केन्द्रों में निरीक्षण कर प्रकरण बनाने के लिए अधिकृत किए गए हैं।
 

कलेक्टर के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने संभाली जनजागरूकता की कमान

22-Jul-2024
बिलासपुर। ( शोर संदेश ) कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने जनजागरुकता की कमान संभाली ली है। गांवों में रैली निकाल कर मलेरिया और डायरिया से बचाव का संदेश दे रहे हैं।  अब ग्रामीणों पर इसका असर दिख रहा है। 
कोटा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में स्कूली बच्चों को प्रार्थना के समय जागरूक किया जा रहा है। बच्चे भी रैली के जरिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत डायरिया से बचाव और सुरक्षा हेतु स्कूल में भाषण और प्रेजेंटेशन के जरिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मझगांव स्कूल में मलेरिया से बचाव विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई ।इस कार्यशाला में मलेरिया के लक्षण तथा उससे बचाव की छात्रों को विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों की तरफ से कक्षा 12वीं से चंद्रदीप जायसवाल और कुमारी कृशा तथा कक्षा ग्यारहवीं से नितेश यादव एवं हिना ध्रुव ने अपने  विचार रखे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता जीवविज्ञान विषय के व्याख्याता शोभाराम पालके ने मलेरिया की रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी।जिसके तहत मच्छर दानी लगा कर सोने, डीडीटी का छिड़काव, मलेरिया रोधी क्रीम का प्रयोग, आसपास सफाई, रुके पानी का निस्तारीकरण, कूलर की सफाई,  बुखार रहने पर खून की जांच करवाना एवं नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना इत्यादि बचाव के उपाय बताए गए । इस अवसर पर प्रधान पाठक शैलेश कुमार पांडेय तथा शिक्षकों से रंजीत कुमार खूंटे, माधव प्रसाद कौशिक, गीता पांडेय, पूनम सिंह, हेमंत अनंत लीलाराम खूंटे तथा समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
 

कलेक्टर के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने संभाली जन जागरूकता की कमान

21-Jul-2024
रायपुर ( शोर संदेश  ) । बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने जन जागरुकता की कमान संभाली ली है। गांवों में रैली निकाल कर मलेरिया और डायरिया से बचाव का संदेश दे रहे हैं। कोटा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में स्कूली बच्चों को प्रार्थना के समय जागरूक किया जा रहा है। बच्चे भी रैली के जरिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत डायरिया से बचाव और सुरक्षा हेतु स्कूल में भाषण और प्रेजेंटेशन के जरिए जागरूक किया जा रहा है।
इसी कड़ी में मझगांव स्कूल में मलेरिया से बचाव विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई ।इस कार्यशाला में मलेरिया के लक्षण तथा उससे बचाव की छात्रों को विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों की तरफ से कक्षा 12वीं से चंद्रदीप जायसवाल और कुमारी कृशा तथा कक्षा ग्यारहवीं से नितेश यादव एवं हिना ध्रुव ने अपने  विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता जीव विज्ञान विषय के व्याख्याता शोभाराम पालके ने मलेरिया की रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी।जिसके तहत मच्छर दानी लगा कर सोने, डीडीटी का छिड़काव, मलेरिया रोधी क्रीम का प्रयोग, आसपास सफाई, रुके पानी का निस्तारीकरण, कूलर की सफाई,  बुखार रहने पर खून की जांच करवाना एवं नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना इत्यादि बचाव के उपाय बताए गए ।
 

विद्या ही उच्च स्थान दिलाता है, इसलिए पढ़ना जरूरी: संतोष पांडे

19-Jul-2024
मोहला।  ( शोर संदेश ) शिक्षण सत्र 2024- 25 की शुरुआत हो चुकी है। इसलिए शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन ग्राम गोटाटोला में किया गया। गोटाटोला में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में सांसद संतोष पांडे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। प्रवेश उत्सव के दौरान सांसद ने बच्चों को अच्छी पढ़ाई कर उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सामान्य पानी की अपेक्षा फिल्टर पानी की कीमत अधिक होती है। उसी तरह सामान्य लोगों की अपेक्षा पढ़े लिखे लोगों की कीमत अधिक होती है। शिक्षा सभी वर्ग के लिए अति आवश्यक है। शाला प्रवेश उत्सव के इस कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को पुस्तक गणेश वितरण किया गया। साथ ही कक्षा 9वी की बालिकाओं को सरस्वती निशुल्क साइकिल योजना के तहत साइकिल दिया गया।
इस आयोजन में मुख्य अतिथि सांसद संतोष पांडे कार्यक्रम की अध्यक्षता में सरपंच मति शांता कलामे, विशेष अतिथि मदन साहू, नर्सिंग भंडारी , रमेश हिडामे, खोरबहरा यादव, विजय जैन, कमल तापड़िया, अनिल गुप्ता, योगेंद्र कोडपे, रतनलाल तारम, राजू टांडिया, रामदीन यादव, लखन लाल  कलामे, राजेश शर्मा, दुखीराम यादव, भीष्म साहू तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, तीनो बीईओ, बीआरसीसी, प्राचार्य गण, सीएसी , शिक्षक व ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी फत्तेराम कोसरिया द्वारा प्रतिवेदन वाचन में पूर्व वर्ष में जिले की उपलब्धि को बताया गया। उक्त कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं में जिले का नाम रोशन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान भी किया गया तथा बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। ग्रामीणों द्वारा न्योता भोजन भी कराया गया। बोर्ड परीक्षा के टॉप टेन बच्चो को सांसद के हाथों सम्मानित किया गया। ग्रामीणों द्वारा कार्यक्रम की प्रशंसा की गई तथा सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया गया। 

शिक्षा से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते है

16-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेश उत्सव जोर-शोर से चल रहा है। स्कूलों में नव प्रवेशी बच्चों को फूल-मालाओं से स्वागत के साथ ही उनका मुंह मीठा कराकर प्रवेश कराया जा रहा है। इसी कड़ी में वन मंत्री केदार कश्यप ने भी जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि शिक्षा ही समाज में बदलाव का माध्यम है। शिक्षा से ही हम अपने भविष्य को तराश सकते हैं। शिक्षा से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते है। कार्यक्रम में उन्होंने नव प्रवेशी बच्चों को फूल, माला और तिलक लगाकर शाला में प्रवेश दिलाया। वन मंत्री केदार कश्यप शाला प्रवेश उत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम जैसे उच्च शिक्षा संस्थान हमारे प्रदेश में संचालित हो रहे हैं। सभी बच्चों को Also Read - कांग्रेस के सर्वे में दम नहीं, निकाय चुनाव भी BJP जीतेगी : बीजेपी विधायक अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके लिए प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सार्थक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल रहा है, अब सुकमा जिले में शाला त्यागी बच्चों की दर में कमी आई है। इस मौके पर उन्होंने सभी नव प्रवेशी बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने नव प्रवेशी बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश भी वितरित किए। कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सुकमा जिला विकास की दिशा में निरतंर आगे बढ़ रहा है। सरकार के प्रयासों से यहां के बच्चे अब डॉक्टर, इंजीनियर सहित सरकारी सेवाओं में अपनी सेवा देकर, जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद महेश कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी स्कूली बच्चों का फूल माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

हाईस्कूल-हायर सेकण्डरी द्वितीय मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी

16-Jul-2024
रायपुर  ( शोर संदेश )  । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2024 के प्रवेश पत्र मंडल की वेबसाइटwww.cgbse.nic.inएवं संबंधित संस्था के पोर्टल में अपलोड कर दिया गया है। मंडल द्वारा जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि संबंधित संस्था अपने संस्था से अग्रेषित परीक्षार्थियों के प्रवेश-पत्र पोर्टल से डाउनलोड कर परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विषयों को अनिवार्य रूप से मिलान कर ले। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो इसकी सूचना तत्काल मण्डल कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया है। मंडल के उप सचिव द्वारा बताया गया कि हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी द्वितीय मुख्य /अवसर परीक्षा 2024 के मूल प्रवेश पत्र 20 जुलाई 2024 को जिले के समन्वय संस्था से वितरित किया जायेगा। वितरण दिनांक को समन्वय संस्था में उपस्थित होकर प्रवेश पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए है।
 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य

16-Jul-2024
रायपुर  ( शोर संदेश )  । शिक्षाविद् डॉ. हेमलता एस मोहन ने कहा कि नई शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को ज्ञान में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है किंतु उसकी जड़े भारत की संस्कृति एवं मूल्यों से बंधी हो। छत्तीसगढ़ की एस.सी.ई.आर.टी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य है। उक्त बाते शिक्षाविद् डॉ. हेमलता एस मोहन  आज रायपुर के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करते हुए कही। यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अकादमिक सदस्यों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रति व्यापक समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। 
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि आगामी एक वर्ष का कार्य महत्वपूर्ण होने वाला है। विगत छः माह में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 30 प्रतिशत् कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष 70 प्रतिशत् कार्य भी प्रारंभ हो गया है। छत्तीसगढ़ की पुस्तकों को स्थानीय स्तर के अनुकूल बनाना गया है, शिक्षक तभी अच्छे ढंग से पढ़ा पाएंगे जब वे स्वयं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित होंगे। प्रशिक्षण में भी नवाचार को स्थान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में शाला त्यागी बच्चों से संपर्क कर स्कूल तक वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। उद्घाटन सत्र में जे.पी. रथ, अतिरिक्त संचालक, एस.सी.ई.आर.टी. द्वारा अपने स्वागत भाषण में आगंतुक अतिथियों का परिचय दिया गया। 
अतिथि वक्ता महेन्द्र मिश्रा द्वारा बहुभाषावाद और भाषा की शक्ति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के सभी बच्चों के लिए काम करना हर शिक्षाविद का धर्म होना चाहिए तथा भाषा माध्यम नहीं लक्ष्य होना चाहिए। संचालक एस.सी.ई.आर.टी. राजेंद्र कुमार कटारा ने अतिथियों को एससीईआरटी द्वारा प्रकाशित किताबें भेंट की। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर पहला अधिकारिक उन्मुखीकरण कार्यक्रम है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव कुमार झा ने कहा कि इस नई शिक्षा नीति में भारत को ग्लोबल स्किल हब बनाने की तैयारी है। 
एस.सी.ई.आर.टी. के अकादमिक सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें आलोक शर्मा द्वारा पाठ्यक्रम और शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया गया। सुनील मिश्रा द्वारा प्रारंभिक बाल्यवास्था देखभाल एवं शिक्षा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सुश्री आई. संध्या रानी द्वारा विद्यार्थियों के विकास के लिए आकलन,  हेमंत कुमार साव द्वारा शिक्षक शिक्षा-शिक्षकों का सतत् व्यावसायिक विकास, डॉ. दीपा दास द्वारा व्यावसायिक शिक्षा,   संतोष कुमार तंबोली द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा,  प्रशांत पाण्डेय, राज्य साक्षरता मिशन द्वारा उल्लास (प्रौढ़ शिक्षा) पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में कटारा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के लिए शपथ ग्रहण कराया गया। कार्यशाला में प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम कुलदीप शर्मा, एस.सी.ई.आर.टी. के समस्त अधिकारी एवं अकादमिक सदस्य, प्रदेश के सभी शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, बी.टी.आई. तथा डाईट के प्राचार्य उपस्थित थे।

एकलव्य विद्यालय प्रतापपुर के छात्र-छात्राओं ने टीबी मुक्त भारत के लिए शपथ लिया

16-Jul-2024
सूरजपुर  ( शोर संदेश ) । आदर्श एकलव्य विद्यालय का क्रियान्वयन विशेषरूप से आदिवासी अंचलों में किया जा रहा है इस विद्यालय का संचालन और क्रियान्वयन अन्य विद्यालयों से थोड़ा भिन्न है। पिरामल फाऊंडेशन द्वारा एक वर्ष में दो बार प्राचार्य की अनुमति से जागरूकता कार्यक्रम इस विद्यालय में किया जाता है।
इसी तारतम्य में प्रतापपुर में कार्यक्रम जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी के उपस्थित में सम्पन्न हुआ। प्रतापपुर आकांक्षी ब्लॉक होने के कारण जनपद के उच्च अधिकारियों का फोकस रहता है । आकांक्षी ब्लॉक के प्रमुख सूचकांकों में एक टीबी का भी विषय सामिल है। टीबी मुक्त विकासखण्ड बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग एवं जनपद पंचायत प्रतापपुर द्वारा किया जा रहा है।
आदर्श एकलव्य विद्यालय के नोडल बृजेश कुमार चौबे ने कहा कि टीबी को समूल नष्ट करने के लिए कलेक्टर महोदय द्वारा महाअभियान का शंखनाद किया जा चुका है शाला के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र -छात्राओं को टीबी की जानकारी होना चाहिए। इस दिशा में पिरामल फाऊंडेशन अच्छी पहल कर रहा है।
राज नारायण द्विवेदी ने जब पुछा कि टीबी मुक्त भारत के निर्माण में एकलव्य विद्यालय के छात्र क्या क्या सकते हैं तो एकल में आवाज आया कि हमलोग अपने परिवार, पड़ोसी तथा दोस्तों को टीबी के सम्भावित लक्षण दिखने पर सलाह देंगे और अपने अध्यापक को भी बतायेंगे। यह बातें सुन सबने ताली बजाया। अब एकलव्य विद्यालय के छात्र छात्राएं भी टीबी मुक्त भारत के लिए सहयोग करेंगे। 

बच्चों की शिक्षा की राह आसान करने जीई फाउंडेशन ने दी पाठ्य सामग्री

15-Jul-2024
भिलाई । ( शोर संदेश )    सामाजिक सेवा संस्थान गोल्डन एंपथी (जीई) फाउंडेशन ने शिक्षा अभियान के अंतर्गत तीसरा चरण 13 जुलाई को शासकीय प्राथमिक शाला स्टेशन मरोदा-2 में आयोजित किया। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से सभी बच्चों का स्वागत किया गया। संयोजक प्रदीप पिल्लई ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए करियर निर्माण में चुनौतियों का सामना करने तैयार रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि फाउंडेशन की ओर से भविष्य में भी वंचित बच्चों के लिए हर संभव पहल की जाएगी, जिससे बच्चे अपनी शिक्षा की राह आसान कर सकें। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से इन बच्चों को पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। वहीं सत्र 2023-24 में अपनी-अपनी कक्षाओं मे प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। पाठ्य सामग्री पा कर सभी बच्चे बेहद खुश नजर आए। कार्यक्रम में प्रधान पाठक  सावित्री वर्मा, शिक्षक अंशिता मिश्रा, ओमप्रकाश जंघेल,रवि कुमार सिस्ता और शाला के सभी स्टाफ मौजूद थे।
 

अन्नदान महादान: स्कूली बच्चों को ‘न्योता भोजन’ में मिलेगा पौष्टिक आहार

12-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में दानवीर लोगों की कमी नहीं है। वैसी भी दान देने की परम्परा हमारे समाज में प्राचीन काल से चली आ रही है। यहां नई फसल की खुशी में छेरछेरा पर्व में दान देने की परंपरा है। यह हमारे समाज की दानशीलता का उदाहरण है। हमारे शास्त्रों में भी अन्नदान को महादान की संज्ञा दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए समाज की इसी परम्परा का सहारा ले रही है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना में समुदाय की भागीदारी जोड़ते हुए न्योता भोजन की अनूठी पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में आश्रम शाला के बच्चों को अपने जन्मदिवस पर न्योता भोजन कराते हुए इस योजना की शुरूआत की है। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों को अब नियमित रूप से मिल रहे भोजन के अलावा समाज के अग्रणी और सक्षम लोगों के जरिए न्योता भोजन में पौष्टिक और रूचिकर खाद्य सामग्री मिलेगी। ‘न्योता भोजन’ तीन प्रकार के हो सकते हैं - पूर्ण भोजन (शाला की सभी कक्षाओं हेतु), आंशिक पूर्ण भोजन (शाला के किसी कक्षा विशेष हेतु), अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री। दान-दाताओं द्वारा प्रदान किया जाने वाला खाद्य पदार्थ अथवा सामग्री उस क्षेत्र के खान-पान की आदत (फुड हैबिट) के अनुसार होनी चाहिए। पूर्ण भोजन की स्थिति में नियमित रूप से दिये जाने वाले भोजन के समान बच्चों को दाल, सब्जी और चावल सभी दिया जाना है। फल, दूध, मिठाई, बिस्किट्स, हलवा, चिक्की, अंकुरित खाद्य पदार्थ जैसे सामग्री, जो बच्चों को पसंद हो का चुनाव अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। पौष्टिक एवं स्वादिष्ट मौसमी फलों का चयन भी पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है।
 


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