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शिक्षा

सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र पुरेना में पोषण वाटिका बना

12-Jul-2024
तुलेश्वर सेन राजनंदगांव( शोर संदेश) छुईखदान _माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के मार्गदर्शन में पूरे छत्तीसगढ़ के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका का निर्माण कराया जा रहा है जिसके तहत विकास खंड छुई खदान के अंतर्गत विकास खंड परियोजना अधिकारी सुनील कुमार बंजारे और पर्वेक्षक भुनेश्वरी बंजारे के मार्गदर्शन में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पुरेना में पोषण वाटिका बनाया गया है।इस वर्ष जल शक्ति से नारी शक्ति,एक वृक्ष अपनी मां के नाम और चार वृक्ष बेटियों के नाम से लगाना है इन्हें लगाकर छोड़ना नहीं है बल्कि उनका पालन पोषण भी करना है  इस वाटिका में बरबट्टी, करेला, भिंडी, मूली, भाजी, कुम्हड़ा, लौकी, केला  और फलदार वृक्ष आम,आंवला, मुनगा आदि लगाया जा रहा है आज के कार्यक्रम सुपरवाइजर भुनेश्वरी बंजारे,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम खरे,प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन,आंगनबाड़ी सहायिका तीजन बाई खरे,रसोइया सूरजा बाई,मान बाई,सफाई कर्मचारी अनसुईया बाई,गंगा बाई, धनैया बाई,देवकी,सीमा सहित कक्षा पांचवी के छात्र छात्राएं शामिल हुए उपस्थित सभी लोगों को अपने जीवन में पानी बचाने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करते हुए संकल्प कराया गया ।
 

छत्तीसगढ़ के 52 नए स्कूल पीएमश्री योजना में शामिल

11-Jul-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा विभाग के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 नए स्कूलों को पीएम श्री योजना में शामिल कर लिया है। इस योजना के तीसरे चरण में इन नए स्कूलों को चुना गया है। अब तक राज्य के कुल 263 स्कूलों का चयन हो चुका है।
इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।
कक्षा पहली से 12वीं के लिए 47 स्कूलों को मंजूरी
केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 स्कूलों में से पहली से 12वीं तक की 47 स्कूलों और कक्षा 6वीं से 12वीं तक की 5 विद्यालयों को शामिल किया हैं। पीएम श्री के तहत चुने जा रहे इन स्कूल को बेहतर और स्मार्ट स्कूल के रूप में डेवलप किया जाएगा।
पहले चरण में 200 से ज्यादा स्कूल चुने गए थे
छत्तीसगढ़ राज्य में पीएम योजना की शुरुआत 19 फरवरी 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने किया था। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले चरण में 211 शालाओं को पीएम योजना में शामिल किए जाने की मंजूरी मिली थी। स्कूल के विकास के लिए सरकार उन्हें 2-2 करोड़ रुपए भी देगी।
पीएम स्कूल बनेंगे स्मार्ट
पीएम स्कूल अब स्मार्ट स्कूल बनेंगे। इनमें नई शिक्षा नीति के तहत सीखने पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। 75% केंद्र और 25% राज्य सरकार के मापदंड पर स्कूल संचालित होंगे। पीएम स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, खेल सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा।
आईसीटी, डिजिटल क्लास रूम्स भी
विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आईसीटी और डिजिटल क्लास रूम भी मिलेगा, ताकि उनके शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा और स्थानीय उद्योगों के साथ इंटर्नशिप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी
कम्प्यूटर लैब, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर भी पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी होगी। ये स्कूल पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होंगे। चयनित स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे। पर्यावरण के अनुकूल जरूरी काम होंगे।
प्राइमरी के बाद क्रमबद्ध तरीके से मिडिल हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को भी पीएम श्री मॉडल स्कूलों में शामिल करने की तैयारी है। इसमें स्मार्ट क्लास रूम, प्ले ग्राउंड, कम्प्यूटर, लाइब्रेरी के लिए केन्द्र सरकार स्कूल के वर्क प्लान के अनुसार बजट यानी पैसा मिलेगा।

कृषि विवि:असिस्टेंट प्रोफेसर और सहायकग्रेड-3 के 175 पोस्ट के लिए निकलेगी वैकेंसी

11-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर, साइंटिस्ट, सहायक ग्रेड-3 समेत अन्य के करीब हजार पद खाली हैं। आने वाले दिनों में करीब 175 पदों के लिए वैकेंसी निकलेगी। इसके लिए विश्वविद्यालय से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। यह सभी पद एग्रीकल्चर कॉलेज, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग व रिसर्च सेंटर के लिए है।

जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले विवि ने 300 पदों पर भर्ती की अनुमति मांगी थी। लेकिन विवि के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी नहीं मिली। अब नए सिरे से पदों की संख्या कम कर फिर विवि से प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कॉलेजों का आईसीएआर से एक्रीडिटेशन होना है। इस लिहाज से खाली पोस्ट को भरना जरूरी है।

उम्मीद है कि इस बार शासन से अनुमति मिलेगी और फिर भर्ती की प्रक्रिया होगी। गौरतलब है कि प्रदेश में कृषि विवि से संबद्ध 28 कॉलेज हैं। इनमें 25 एग्रीकल्चर, 2 एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और 1 फूड टेक्नोलॉजी के हैं। पुराने कॉलेजों में ज्यादा संख्या में टीचिंग और नॉन टीचिंग के पोस्ट खाली हैं। अभी जो प्रस्ताव भेजा गया है उनमें 105 असिस्टेंट प्रोफेसर व साइंटिस्ट के हैं। जबकि अन्य पोस्ट नॉन टीचिंग में ग्रेड-2 से लेकर ग्रेड-4 तक के हैं।

सहायक प्राध्यापक भर्ती की स्कोर लिस्ट इसी महीने संभव

इंदिरा गांधी कृषि विवि से संबद्ध तीन शासकीय कॉलेज जैसे, मर्रा-पाटन, साजा और नारायणपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के 32 पदों पर भर्ती होगी। 11 विषयों में भर्ती के लिए 2023 में आवेदन मंगाए गए थे। अलग-अलग पदों के लिए करीब 7 सौ फार्म आए। जानकारी के मुताबिक आवेदन की स्क्रूटनी हो गई है। पात्र-अपात्र लिस्ट जारी किए जा चुके हैं। अब फाइनल स्कोर लिस्ट जारी होगी। इसे लेकर तैयारी की जा रही है। संभावना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह मे यह लिस्ट जारी होगी। गौरतलब है कि कृषि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती स्कोर कार्ड के आधार पर होती है।

यह स्कोर कार्ड 100 नंबर का है। इसमें 80 नंबर यूजी-पीजी के अंक, पीएचडी, नेट, पब्लिकेशन, फैलोशिप, गोल्ड मैडल समेत अन्य के लिए है। जबकि 20 नंबर इंटरव्यू के लिए है। स्कोर लिस्ट से पता चलेगा कि 80 नंबर में उम्मीदवारों को कितने नंबर मिले हैं।

शासकीय कॉलेजों के एक्रीडिटेशन की तैयारी

कृषि विवि से संबद्ध प्रदेश के 20 शासकीय कॉलेजों का एक्रीडिटेशन होगा। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) को आवेदन दिया गया है। अगले कुछ महीने में कॉलेजों का निरीक्षण होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि विवि से संबद्ध करीब शासकीय 12 कॉलेजों का एक्रीडिटेशन था। इसकी अवधि पांच साल की है। यह अवधि कुछ महीने पहले समाप्त हुई है। इसी तरह कुछ नए कॉलेज जिन्हें शुरू हुए 4 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके लिए भी आवेदन किया गया है।

सलेम इंग्लिश स्कूल में पौधारोपण कर मनाया ग्रीन डे

10-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  सालेम इंग्लिश स्कूल में 6 जुलाई को ग्रीन डे मनाया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और खुशी के साथ पौधे लगाए। कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जन में यह संदेश फैलाना था कि "वृक्ष धरा का गहना है"।
कार्यक्रम की शुरुआत थाना प्रभारी सिविल लाइन, रोहित मालेकर ने पौधा लगाकर की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि बी. शैलजा साया फाउण्डेशन, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड, उड़ान जी. एस. सोसायटी, और वी. बी. एस. राजकुमार भी उपस्थित रहे।
रोहित मालेकर ने पेड़-पौधों के हमारे जीवन में महत्व को समझाया और बच्चों को पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए सलाह दी। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को पेड़-पौधों की सुरक्षा की शपथ दिलाई।
पुलिस बालमित्र रोशना डेविड ने "मिल जुलकर हम वृक्ष लगायें, वातावरण को स्वच्छ बनायें" नारे के साथ वृक्षों के लाभ और महत्व को समझाया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में पांच पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
शाला की प्रभारी प्राचार्या रूपिका लॉरेंस ने बच्चों से निवेदन किया कि वे अपने दोस्त, रिश्तेदार, और समाज के नागरिकों को वृक्ष लगाने के लिए जागरूक करें। लॉरेंस ने आठ नए प्रोजेक्ट्स की बुनियाद रखी, जिनमें हाईड्रॉपोनिक्स, एरोपोनिक्स, वेजीटेबल प्रोपेगेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, मेडिसिनल प्लांट्स, इको-फ्रेंडली प्लांट्स, और बॉन्साई संरक्षण शामिल हैं।
इस अवसर पर स्कूल के बच्चे और शिक्षकगण भी उपस्थित थे। स्कूल के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के पौधे जैसे जपापुष्प, गुलमोहर, और गुलाब लगाए। पी. वी. सालेम हा. से. सी. जी. बोर्ड के प्रभारी प्राचार्य अखिलेश नंद ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का सफल समापन शाला की प्रभारी प्राचार्या रूपिका लॉरेंस के निर्देशन में हुआ।
 

अग्रसेन कॉलेज में एंकरिंग पर कार्यशाला 10 जुलाई को

08-Jul-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )   पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में एंकरिंग के विभिन्न आयामों पर विषय-आधारित जानकारी के साथ प्रतिभागियों को व्यावहारिक  प्रशिक्षण देने के लिए 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी।
महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने बताया कि यहाँ वर्ष 2006 से पत्रकारिता विषय का अध्यापन किया जा रहा है, जिसमें महाविद्यालय से पढ़कर निकले अनेक छात्र देश और प्रदेश की विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीँ महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के सचिव एवं महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर तथा वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ अमित अग्रवाल ने बताया कि महाविद्यालय में पत्रकारिता के विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए स्वयं का एक अत्याधुनिक स्टूडियो उपलब्ध है। साथ ही महाविद्यालय द्वारा संचालित इंटरनेट रेडियो “अग्रवाणी” का प्रसारण भी नियमित रूप से किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत ने बताया कि मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की बढ़ती सम्भावना को देखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
इस कार्यशाला में पत्रकारिता संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ आकांक्षा दुबे द्वारा एंकरिंग के साथ ही पब्लिक स्पीकिंग, वॉइस ओव्हर, स्टेज एंकरिंग, माइक हैंडलिंग, समाचार वाचन एवं प्रभावी संचार के विषय में उपयोगी जानकारी दी जाएगी। इसमें पंजीयन के लिए अग्रसेन महाविद्यालय के पत्रकारिता संकाय में संपर्क किया जा सकता है।
 

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने महत्वपूर्ण कदम

07-Jul-2024
 नई दिल्ली, ( शोर संदेश )छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के बच्चे स्थानीय बोली व भाषा में जल्द ही पढ़ाई कर सकेंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए विष्णुदेव सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत सरकार आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली और भाषा में शिक्षा देने की पहल शुरू कर रही है।
इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है, जिससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपनी संस्कृति से जुड़े रहें।
बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें स्कूल में नामांकन के लिए प्रेरित करने के लिए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाता है। इस बार राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी जिले जशपुर के बगिया गांव में किया गया। राजधानी रायपुर से हटाकर इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने राज्य के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा इससे बच्चों की समझ और सीखने की प्रक्रिया में सुधार होगा। वहीं, यह पहल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी मददगार होगी।
इस पहल के तहत पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री को स्थानीय बोलियों में अनुवादित किया जाएगा और शिक्षकों को भी इन भाषाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुडुख में कोर्स तैयार होंगे। इसके लिए प्रदेशभर के साहित्यकारों, लोक कलाकारों,  संकलनकर्ताओं की मदद ली जाएगी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक और शिक्षकों से भी सहयोग लिया जाएगा। 
हाई स्कूल बगिया के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा आदिवासी बच्चों में प्रतिभाएँ होती हैं। स्थानीय बोली में शिक्षा से आदिवासी अंचलों के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने जशपुर के सरकारी स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब में रोबोटिक्स मॉडल विकसित करने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हुए छात्रों के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर प्रीवोकेशनल गतिविधियों में भाग लिया।
इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए जाने की भी घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए राज्य सरकार इस साल से दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। 
वहीं, मुख्यमंत्री ने बताया पीएमश्री के तहत राज्य में प्रथम चरण में 211 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सालेम इंग्लिश स्कूल के छात्रों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

06-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  सालेम इंग्लिश स्कूल में आज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंग के दिशा-निर्देशन में "निजात" नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को नशे से दूर रखने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल लाइन थाना प्रभारी रोहित मालेकर थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता बी. शैलजा, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड, और वी. बी. एस. कुमार उपस्थित रहे।
नारे और स्लोगन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रोहित मालेकर ने बच्चों को निजात कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया और नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को नशे से बचने के उपाय बताते हुए शपथ दिलाई कि वे नशा नहीं करेंगे।
बच्चों को प्रेरित करने वाले संदेश
मालेकर ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत, लगन, और ईमानदारी से शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। बी. शैलजा ने बच्चों को हर दिन उत्साह और नई ऊर्जा के साथ स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को पुलिस को अपना मित्र मानकर निडर होकर अपराध की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन सालेम इंग्लिश स्कूल की प्रभारी प्राचार्या रूपिका लॉरेंस के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम का लाभ लिया।

नीट यूजी काउंसलिंग स्थगित, सुप्रीम कोर्ट में 8 जुलाई को होनी है केस की सुनवाई

06-Jul-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   नीट यूजी के लिए काउंसलिंग को मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी एमसीसी ने अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। अभी नई डेट जारी नहीं की गई है, जल्द ही इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। यह फैसला तब किया गया है, जब आज से नीट यूजी की काउंसलिंग के रजिस्ट्रेशन शुरू होने थे।आपको बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि काउंसलिंग प्रक्रिया 6 जुलाई, 2024 को शुरू होगी, लेकिन एमसीसी ने इसको लेकर कोई डिटेल्ड शेड्यूल भी जारी नहीं किया था। 
सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी की काउंसलिंग पर रोक लगाने से किया था इनकार
आपको बता दें कि नीट मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि फिलहाल नीट काउंसलिंग पर रोक नहीं लगाई जाएगी। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 8 जुलाई को होनी है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस असदुद्दीन ने सुनवाई के बाद काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 20 जून को एक और याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से दोबारा इनकार किया था।
शुक्रवार को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा
आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। केंद्र सरकार ने इस मामले की सुनवाई कर रही बेंच को बताया कि नीट-यूजी की परीक्षा को रद्द नहीं किया जा सकता है, क्योंकि  केंद्र का कहना है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमिततताओं के कोई सबूत नहीं पाए गए हैं, ऐसे में नीट एग्जाम को दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। केंद्र ने यह भी कहा कि नीट की दोबारा परीक्षा कराने पर इसका प्रभाव लाखों उम्मीदवारों पर पड़ेगा और अखिल भारतीय परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।
5 चरणों में होती है काउंसलिंग की प्रक्रिया
नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया में कई चरणों में होती है। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ऑप्शन भरना और लॉक करना, सीट एलॉटमेंट और आखिर में एलॉटेड कॉलेज में रिपोर्ट करना शामिल है। इस पूरी प्रक्रिया में स्टूडेंट्स को कई डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत होती है।

स्कूल जतन योजना से सहेजे जा रहे जिले के शाला भवन, किया जा रहा जीर्णोद्धार

03-Jul-2024
कांकेर।   ( शोर संदेश ) नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होते ही विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर  नीलेश  कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंडवार बैठक आयोजित कर सभी शासकीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई।
इस दौरान प्रत्येक विद्यालय के मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन शालाओं में अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की जा रही है। इसके अलावा ऐसे जर्जर विद्यालय जो मरम्मत योग्य हैं, उनके फोटोग्राफ सहित मानक प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के साथ प्रस्तुत करने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है तथा स्कूल जतन योजना व समग्र शिक्षा से संचालित निर्माण कार्यों को अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल जतन योजना के तहत 677 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 374 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 303 कार्य अभी प्रगतिरत हैं। कलेक्टर ने सभी अधूरे भवन निर्माण कार्य को आगामी 15 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
उक्त योजना से जहां शालाओं की मरम्मत कराई गई है, उन विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कांकेर विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला सातलोर, माध्यमिक  शाला   अंजनी, उत्कृष्ट विद्यालय पटौद, सरोना, दुधावा, माटवाड़ा लाल,  नांदनमारा में निर्माण एवं सुधार कार्य पूर्ण हुए हैं, वहां के विद्यार्थी और पालक शालाओं के भवन के रंगरोगन और परिवेश    से खुश नजर आ रहे हैं।
जिले में स्कूल जतन योजना से ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तरांदुल की कक्षाओं को वंदे भारत ट्रेन का आकर्षक रूप दिया गया है जिसे बाहर से भी लोग उत्सकुतावश देखने आते हैं।
इसी तरह भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा, प्राथमिक शाला कठौली, उमावि चिचगांव, प्रा.शा. तुएगहन, प्राथमिक व माध्यमिक शाला बारवी,  प्रा.शा  . मूंगवाल, चारामा विकासखंड में  प्रा.शा   मुड़धोवा, प्राथमिक  शाला कानापोड़, प्राथमिक शाला गीतपहर,  प्रा.शा   पलेवा, मा. शा . जैसाकर्रा, गिरहोला, मैनपुर, उमावि पंडरीपानी, जेपरा, बड़गांव, डुमाली, बागोडार, में मुख्यमंत्री जतन योजना से अच्छे एवं बेहतर कार्य हुए हैं। नरहरपुर में  मा. शा.  गट्टागुडूम,  मा. शा.  चंवाड़, प्रा. शा.   मुड़पार,मा. शा.  ढेकुना, प्रा. शा.  आमापानी, बुदेली में भी योजना के तहत बेहतर निर्माण कार्य हुए हैं।
इसी तरह दूरस्थ विकासखंडों में कोयलीबेड़ा में पीव्ही 44, प्राषा पखांजूर, मा. शा.  घोटिया, प्रा. शा.  पी व्ही 39, प्रा. शा.  मूरावंडी, दुर्गूकोंदल में  प्रा. शा. आमाकड़ा, मा शा   डुवा, मा शा  . परभेली, मा शा  0 तरहुल, मा शा   झिटकाटोला ऐसे विद्यालय हैं जहां पर अच्छे निर्माण कार्य हुए हैं।
यह सभी कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराए गए हैं। इन शालाओं में मरम्मत होने से छात्रों एवं पालकों का रूझान भी इन विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। विद्यालयों का कायाकल्प करने व आकर्षक बनाने की वजह से पालक अपने बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं।
 

कलेक्टर ने स्कूली बच्चों से वितरित पुस्तकों की ली जानकारी, स्वयं बैग खोलकर भी देखा

03-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह धरसींवा के ग्राम कुरा में स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पहुंचे। कलेक्टर ने स्कूल से निकलने वाले बच्चों को रूकवाया और उनके बैग को खोलकर स्वयं देखा और वितरित पुस्तकों की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्कूल की तरफ से पुस्तकें मिलने की बात पूछी। इस दौरान बच्चों ने कलेक्टर को बताया कि पुस्तकें मिल चुकी है और सुरक्षित करने कवर भी लगा दिए है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अच्छे से पढ़ाई कीजिए। कलेक्टर ने कुरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और स्कूल खुलने के टाइमिंग को भी पूछा। साथ ही स्कूल परिसर के जर्जर और पुराने भवन को नष्ट करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उस स्थान को उपयोगी बनाने के लिए कहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद और एसडीएम नंदकुमार चैबे उपस्थित थे।
कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने ग्राम कुरा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया। कलेक्टर ने जल्द ही कीचन शेड को सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर कुरा के आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचे और मध्यान्ह भोजन का स्वाद चखा। कलेक्टर ने वहां की व्यवस्थाओं को भी देखी। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बाहर पौधेरोपण करने के निर्देश दिए और फेंसिंग करने के लिए भी कहा। इसके अलावा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुरा के मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए।
 


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