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शिक्षा

अग्रसेन महाविद्यालय में हुआ योग-अभ्यास का आयोजन

21-Jun-2024
रायपुर ।  (  शोर संदेश  ) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अग्रसेन महाविद्यालय में आज योग-अभ्यास शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षक शिखा इंगले  ने सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और अन्य आमंत्रित अभ्यागतों को विभिन्न प्रकार के आसनों की जानकारी देते हुए इनका अभ्यास कराया. साथ ही बन्ध, मुद्रा और प्राणायामों के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण प्राणायाम भी कराए।   
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की केन्द्रीय इकाई के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के तकनीकी सलाहकार अनुराग अग्रवाल, महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल, समिति के सचिव एवं महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ अमित अग्रवाल, प्राचार्य डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत एवं वरिष्ठ समाजसेवी सुनील अग्रवाल सहित अन्य छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के सदस्य भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित हुए. इन सभी ने योग अभ्यास में भाग लिया और महाविद्यालय के आयोजन को सभी के लिए लाभकारी बताया।
इस अवसर पर महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल, ने कहा कि योग जीवन को अनुशासन  में रखने में सहायक होता है।
इसलिए हर व्यक्ति को दिन में काम से काम एक बार दस मिनट के लिए  योग अभ्यास अवश्य करना चाहिए. उन्होंने  सभी आगंतुकों  के प्रति  आभार भी व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय की एन.एस.एस. प्रभारी प्रो. दीपिका अवधिया के नेतृत्व में योग-अभ्यास कि तथा सभी को नशा  मुक्त जीवन जीने का संकल्प  दिलाया।

 


आईपीएस डांगी को मिली डॉक्टर की उपाधि

20-Jun-2024
रायपुर।  (  शोर संदेश  ) आईपीएस रतन लाल डांगी को दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने डॉक्टर की उपाधि प्रदान की है। इसके लिए शोधार्थी रतन लाल डांगी ने विश्वविद्यालय के टैगोर हॉल में अपने शोध-प्रबंध का प्रस्तुतिकरण दिया। डांगी ने अपना शोध कार्य निर्देशक डॉ. सुनीता मिश्रा, विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान शासकीय नवीन महाविद्यालय, खुर्सीपार, भिलाई एवं सहायक निर्देशक डॉ. प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, सेठ आरसीएस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग के निर्देशन में पूर्ण किया है।
आईपीएस डांगी के शोध का टॉपिक था "छत्तीसगढ़ में माओवादी समस्या के उन्मूलन में सहायक पुलिस आरक्षकों की भूमिका (जिला बीजापुर के संदर्भ में)" रही। उल्लेखनीय है कि, रतन डांगी ने अपने कैरियर की शुरुआत देश के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर संभाग से ही की थी। वे एसडीओपी उत्तर बस्तर कांकेर, एसपी पश्चिम बस्तर बीजापुर, एसपी उत्तर बस्तर कांकेर, एसपी बस्तर, डीआईजी उत्तर बस्तर कांकेर एवं दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में पदस्थ रहे हैं। इन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरी समस्या माओवाद को नजदीक से देखा है एवं इसका मुकाबला भी किया है। जिला बीजापुर में पुलिस अधीक्षक रहते हुए नक्सलियों के विरुद्ध अभियानों का नेतृत्व करने से उनको महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा दो बार पुलिस वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
माओवादियों के विरुद्ध आदिवासियों के स्वस्फूर्त जन आंदोलन सलवा जुडूम के समय डांगी बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक थे। उस दौरान माओवादियों द्वारा आदिवासियों के राहत शिविरों एवं सलवा- जुडूम नेताओं पर लगातार हमले किए जा रहे थे। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार ने स्थानीय युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त किया। इन युवाओं (एसपीओ) के सहयोग से पुलिस ने सघन नक्सल विरोधी अभियान चलाए जिससे नक्सलियों के बस्तर से पैर उखड़ने लगे।
आईपीएस डांगी ने अपने शोध में भी यह पाया कि 99 प्रतिशत युवाओं ने एसपीओ/सहायक पुलिस आरक्षक बनने के पीछे नक्सलियों को खत्म करने एवं क्षेत्र के विकास करने को बताया है। 90 प्रतिशत युवाओं ने यह माना कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने से स्वयं के साथ ही परिवार ने प्रगति की है। 85 प्रतिशत युवाओं ने माना कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने के बाद से उनके गाँव में विकास कार्य हुए है। 92 प्रतिशत युवाओं ने माना है कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने से नक्सली वारदातों में कमी आई है। 94 प्रतिशत का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। शोध के दौरान 96 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि उनके पारिवारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि में भी सुधार आया है। 91 प्रतिशत सहायक पुलिस आरक्षकों का कहना है कि उनके इस पद पर नियुक्ति से क्षेत्र के युवाओं का नक्सलियों से मोहभंग हुआ है। साथ ही 91 प्रतिशत का कहना है कि इससे उनके क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
रतन लाल डांगी वर्तमान में राज्य पुलिस अकादमी में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। शोध प्रस्तुतीकरण कर समय दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति पलटा मेडम, भूपेन्द्र कुलदीप कुलसचिव, डॉ. सुनीता मिश्रा, डॉ. प्रमोद यादव एवं विश्वविद्यालय के स्टाफ के साथ-साथ बड़ी संख्या में शोधार्थी भी उपस्थित रहे।

छात्रों ने दिया संदेश : करो योग रहो निरोग

20-Jun-2024
कोण्डागांव।   (  शोर संदेश  ) स्वामी आत्मानंद स्कूल महात्मा गांधी वार्ड कोंडागांव में चार दिनों तक चले आ रहे योग प्रशिक्षण शिविर का समापन गुरुवार को हुआ।
योग प्रशिक्षक कांतिलाल पटेल ने योग प्रोटोकॉल का विशेष अभ्यास कराया। छात्रों अभिभावकों एवं शिक्षकों ने मिलकर अनुलोम विलोम भ्रामरी प्राणायाम के साथ भुजंगासन दीक्षासन वृक्षासन आदि का अभ्यास किया। इस अवसर पर पटेल ने कहा कि योग जीवन का आध्यात्मिक अनुशासन है, जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य लाने पर केंद्रित है। यह स्वस्थ जीवन जीने की एक कला और विज्ञान है। ‘योग‘ शब्द का अर्थ है ‘जुड़ना‘ या ‘जोड़ना‘ या ‘एकजुट होना‘।
प्राचार्य दिनेश शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों एवं अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक छात्रों को प्रतिदिन योगाभ्यास करने के लिए प्रेरित करें। दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ की जानी चाहिए। सुबह जल्दी उठने से अनेक शारीरिक समस्याएं कम हो जाती है ।
कार्यक्रम के संयोजक अखिलेश गायधने ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम है ‘योगा फॉर वुमेन इंपावरमेंट’ यानी महिला सशक्तिकरण के लिए योग। महिलाओं के मानसिक   शारीरिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए इस साल के योग दिवस की थीम बनाई गई है। भुजंगासन, धनुरासन, तितली आसन, चक्की चालनासन, बालासन आदि महिलाओं के लिए विशेष उपयोगी हैं। हर साल 21 जून के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी कोंडागांव आदित्य चांडक ने योग शिविर की सराहना की और भविष्य में ऐसे शिविर हर स्कूल में लगाने का आश्वासन दिया ताकि हर छात्र इससे लाभ प्राप्त कर सके और अपने स्वास्थ को, जीवन को समाज को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकें।
 

धमतरी जिले के 30 ग्राम पंचायतों में खुलेंगे ज्ञानोदय वाचनालय

20-Jun-2024
धमतरी (  शोर संदेश  )  । लोकतांत्रिक संस्थाओं को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने,  ग्रामीण युवाओं में ज्ञान एवं कौशल क्षमता विकसित करने आधुनिक संचार सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और वैश्विक परिवर्तन, विभिन्न घटनाक्रम की जानकारी ग्रामीण युवाओं तक पहुंचाने, उनके आत्मविश्वास में वृद्धि तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के लिए तत्पर रहने  पुस्तकें बहुत उपयोगी है। शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्र में पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की स्थापना होनी है। इससे ग्रामीणों को फायदा होगा, साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा लाभान्वित होंगे। इसी कड़ी में जिले के 30 ग्राम पंचायतों में ज्ञानोदय वाचनालय की स्थापना की जाएगी।
इनमें धमतरी विकासखंड के ग्राम पंचायत पोटियाडीह के शास.प्रा.शाला, शास.मा.शा.रूद्री, शा.उन्नत प्रा.शा.भटगांव, स्व.भूपालमणी यादव शा.उ.मा.शा.छाती, शा.प्रा.शा.बाजारपारा लोहरसी, शा.उ.मा.शा.देमार, स्वामी आत्मानंद शा.अंग्रेजी माध्यम शाला कण्डेल, शा.उ.मा.शा.मुजगहन, शा.उ.मा.शा.सोरम, शा.उ.मा.शा.रांवा, रतनलाल साहू शा.उ.मा.शा.कुर्रा, कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत शा.उ.मा.वि.मड़ेली, शा.उ.मा.वि.नारी, शा.उ.मा.वि.सेमरा बी, शा.मा.शा.चर्रा, शा.उ.मा.वि.परखंदा, विज्ञान प्राद्योगिकी भवन सिर्री, शा.उ.मा.वि.कोसमर्रा, मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत शा.उ.मा.वि.करेलीबड़ी, शा.उ.मा.वि.भेण्डरी, शा.उ.मा.वि.अतिरिक्त कक्ष हसदा, शा.उ.मा.वि.मेघा, शा.मा.शा.भवन खिसोरा, नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत उ.मा.वि.सांकरा, उ.मा.वि.बेलरगांव, शास.हाईस्कूल उमरगांव, उ.मा.वि.सिहावा, उ.मा.वि.फरसिया, मा.शा.सेमरा शामिल है।
सीईओ जिला पंचायत रोमा श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के 2000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में ‘‘ज्ञानोदय वाचनालय’’ की स्थापना की जाएगी। राज्य शासन के आदेशानुसार जिले के कुल 30 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। ग्राम पंचायतों में ज्ञानोदय वाचनालय स्थापना किये जाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल (जहां वाचनालय में फ्री वाई-फाई, पुस्तकें तथा डिजीटल ई-लाईब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके तथा स्थानीय व्यवस्था के अनुरूप कम्प्यूटर, टेलीविजन, प्रोजेक्टर की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।
 

*संस्कृत विद्यामंडलम ने जारी किया 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम*

15-May-2024

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर के सचिव श्रीमती अलका दानी ने 15 मई को छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर आयोजित वर्ष 2024 का मुख्य परीक्षा परिणाम विद्यामण्डलम् कार्यालय में घोषित कर दिए हैं। परीक्षा परिणाम 96.35 प्रतिशत रहा। जिसमें कुल 3 हजार 504 परीक्षार्थी (कक्षा 9वीं से 12वीं तक) शामिल हैं, जिसमें बालक 2 हजार 90 एवं बालिकाएं 1 हजार 414 हैं। वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में कुल 41 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे जिसमें (9वीं से 12वीं) में 3 हजार 196 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए जिसमें बालक 1 हजार 891 और बालिकाएं 1 हजार 305 उत्तीर्ण हुए। कक्षा पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (10वीं) का परीक्षा परिणाम 98.48 प्रतिशत रहा जिसमें कक्षा (10वीं) में दर्ज संख्या 801 (बालक 503, बालिकाएं 298) था जिसमें परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थीयों की संख्या 777 (बालक 486, बालिकाएं 291) परीक्षा में उर्तीण रहे। 470 बालक-बालिकाएं प्रथम स्थान मिला एवं 284 बालक-बालिकाएं द्वितीय स्थान पर रहे तथा 23 बालक-बालिकाएं तृतीय स्थान पर रहे तथा 7 परीक्षार्थी पूरक आएं एवं 5 परीक्षार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे। प्रावीण्य सूची में गोस्वामी रामरतन संस्कृत उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जर्वे जांजगीर-चांपा की छात्रा चंद्रभागा कश्यप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (12वीं) का परीक्षा परिणाम 98.43 प्रतिशत रहा जिसमें कक्षा (12वीं) में दर्ज संख्या 589 (बालक 333, बालिकाएं 256) था जिसमें परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थीयों की संख्या 565 (बालक 317, बालिकाएं 248) परीक्षा में उर्तीण रहे। 462 बालक-बालिकाएं प्रथम स्थान मिला एवं 96 वालक-बालिकाएं द्वितीय स्थान पर रहे तथा 7 बालक-बालिकाएं तृतीय स्थान पर रहे तथा 9 परीक्षार्थी पूरक आएं। प्रावीण्य सूची में रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट जिला बलरामपुर की छात्रा यामिनी भगत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर के सचिव ने कहा कि मण्डल की मुख्य परीक्षा 2024 की परीणाम घोषित करने में मण्डल के अधिकारी-कर्मचारी अमूल्य सहयोग रहा है। इसके लिए मण्डल के सभी अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र है। समस्त सफल परीक्षार्थियों को बधाई तथा शुभकामनाएं देती हूं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं। जो परीक्षार्थी असफल हो गए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है इसे ध्यान में रखते हुए पुनः कड़ी मेहनत कर परीक्षा में सम्मिलित होने पर सफलता अवश्य मिलेगी। इस अवसर पर दूधाधारी वैष्णव संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. तोयनिधि वैष्णव, आर्षज्योति गुरुकुल संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य मुकेश अहीर, रामबन्द्र संस्कृत विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. राजेश तिवारी के साथ अन्य विद्यालयों के प्राचार्यगण और छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थेे।

 


*छुट्टी के दौरान समर कैंप को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों को लिखा पत्र*

14-May-2024

रायपुर (शोर सन्देश)। भीषण गर्मी को देखते स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों को समय से पहले बंद करा दिया। छत्तीसगढ़ में 15 जून तक सारे स्कूल बंद रहेंगे। लेकिन, स्कूल शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ कर रखना चाहता है। इसलिए, सिकरेट्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि समर कैंप पूरी तरह से एच्छिक होगा। 15 जून तक विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रभावी है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न कर उनमें बहुमुखी कौशल का विकास किया जा सकता है। रचनात्मक गतिविधियों में छात्र-छात्राओं के पालक एवं उनके शिक्षकों का मार्गदर्शन उपयोगी हो सकता है। छात्र-छात्राओं में परस्पर रचनात्मक गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए समर कैम्प आयोजित किया जावे।  

समर कैम्प हेतु सुझाव इस प्रकार हैं

छात्र-छात्राओं हेतु समर कैम्प स्कूलों में अथवा गांव/शहर के सामुदायिक स्थानों में आयोजित किया जा सकता है।
समर कैम्प में कला क्षेत्र/रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित करके उनसे छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन / प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है। समर कैम्प में स्कूल के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के पालकों एवं शाला विकास समिति का भी सहयोग लिया जावे। समर कैम्प में निम्नानुसार रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा सकती है, यथा चित्रकारी, गायन, वादन, निबंध / कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद, अपने गांव/शहर का ऐतिहासिक परिचय आदि गतिविधियां। इन गतिविधियों के अलावा आप अपने स्तर पर भी रचनात्मक गतिविधियों का भी चयन कर सकते हैं। समर कैम्प के आयोजन से पूर्व शाला विकास समिति एवं पालक शिक्षक समिति से सहमति ली जावे। यह आयोजन पूर्णतः स्वेच्छिक रहेगा तथा समर कैम्प प्रातः 7 बजे से 9ः30 बजे के मध्य संचालित किया जावे। समर कैम्प हेतु स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पृथक से कोई बजट देय नहीं होगा। कृपया जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कार्यक्रम को सफल बनावें। आशा है कि आप अपने स्तर पर पहल करते हुए ग्रीष्मावकाश में छात्र-छात्राओं के लिए समर कैम्प का आयोजन करेंगे तथा ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने के लिए अवसर के रूप में प्रयुक्त करेंगे।


*10-12वीं स्वाध्यायी मुख्य-अवसर परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर*

30-Oct-2023

रायपुर (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्वाध्यायी मुख्य व अवसर परीक्षा वर्ष 2024 के परीक्षा फार्म भरने की तिथि सामान्य शुल्क के साथ 10 से 31 अक्टूबर तक निर्धारित है। इसके पश्चात विद्यार्थी विलंब शुल्क के साथ 1 से 15 नवम्बर तक आवेदन कर सकेंगे। स्वाध्यायी मुख्य एवं अवसर परीक्षा से संबंधित परीक्षार्थी शासकीय एवं अशासकीय अग्रेषण संस्थाओं के माध्यम से ऑनलाईन परीक्षा फार्म भर सकते हैं। विस्तृत जानकारी मंडल की वेबसाईट www.cgbse.nic.in पर उपलब्ध है।


*बलौदाबाजार में नीट-जेईई की तैयारी के लिए मिलेगा उच्च स्तरीय कोचिंग*

03-Oct-2023

बलौदाबाजार (शोर संदेश) मुख्यमंत्री बघेल ने मंगलवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी आत्मानन्द कोचिंग योजना का ऑनलाईन शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिले वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे,छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, प्रमुख सचिव डॉ आलोक शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।जिले के विकासखण्ड बलौदाबाजार में पंडित चक्रपाणी शुक्ल  स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय, भाटापारा में पंचम दीवान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, कसडोल में स्वामी आत्मानन्द  उत्कृष्ट विद्यालय ,सिमगा में स्वामी आत्मन्द उत्कृष्ट विद्यालय तथा पलारी विकासखण्ड में स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय में स्वामी आत्मानन्द कोचिंग योजना  के तहत कोचिंग सेंटर की शुरूअत हुई। स्वामी आत्मानन्द कोचिंग योजना में बच्चों को  मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की उच्च स्तरीय कोचिंग निःशुल्क दी जाएगी। कोचिंग के लिए प्रतिष्ठित संस्था एलन कोंचिंग इंस्टिट्यूट से एमओयू किया गया है जो रायपुर से ऑनलाइन माध्यम से सभी कोचिंग सेण्टर से जुड़कर कक्षा 12 के गणित व जीव विज्ञान विषय के  बच्चो को मेथ्स, केमिस्ट्री,फिजिक्स एवं बायलॉजी  की कोचिंग दी जाएगी। ऑनलाइन कोचिंग के लिए सभी सेंटर में नेटवर्क सहित अन्य आवश्यक उपकरण की व्यवस्था कर ली गई है। ऑनलाईन कोचिंग के दौरान बच्चों को स्थानीय स्तर पर सपोर्ट के लिये प्रत्येक सेंटर में नोडल अधिकारी बनाए गए है। कोचिंग के लिए अब तक पांचों विकासखंड में कुल 267 बच्चों ने पंजीयन कराया है जिसमे नीट के लिए 210 एवं जेईई के लिए 57 बच्चे शामिल है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पण्डित चक्रपाणी शुक्ल  स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट  हिंदी माध्यम विद्यालय बलौदाबाजार में अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश शर्मा, प्राचार्य रितु शुक्ला सहित अन्य अधिकारी एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।


दसवीं पास युवतियों को मिल रही सॉफ्टवेयर इंजीनियर की ट्रेनिंग

22-Sep-2023

रायपुर (शोर सन्देश)। रायपुर सहित आसपास के जिलों की 83 युवतियों को कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग की निःशुल्क ट्रेनिंग जिला प्रशासन द्वारा दिलायी जा रही है। इस ट्रेनिंग से दसवीं कक्षा पास इन युवतियों-महिलाओं के लिए अमेजन, नेटवेस्ट, एप्प स्क्रिप, मैक्यूरी, एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में साॅफ्टवेयर इंजीनियर की जाॅब गारंटी का रास्ता खुल रहा है। लाभाण्डी में इन युवतियों-महिलाओं को साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग का पूरी तरह निःशुल्क और आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर भुरे ने शुक्रवार को लाभाण्डी के ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर प्रशिक्षण और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने हाॅस्टल वार्डन से प्रशिक्षणार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी ली और फिर प्रशिक्षार्थी युवतियों से भी बातचीत की। डाॅ. भुरे ने प्रशिक्षण केन्द्र में महिला सुरक्षाकर्मी तैनाती के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र भेजने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था और खानपान के बारे में भी पूछा। डाॅ. भुरे ने प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण पौष्टिक भोजन देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।  रायपुर जिला प्रशासन द्वारा स्कूल ऑफ़ प्रोग्रामिंग के रूप में दो सौ सीटर आवासीय कोडिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। जिला प्रशासन और नव गुरूकूल संस्था द्वारा इस 18 महीने के निःशुल्क साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए युवतियों-महिलाओं का चयन स्क्रिनिंग और सेमीनार के माध्यम से किया गया है। प्रशिक्षण के लिए बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाली युवतियों-महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। प्रारंभिक चरण में न्यूनतम दसवीं कक्षा पास 83 युवतियां और महिलाएं साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण ले रहीं है। इस प्रशिक्षण के लिए ग्यारहवीं, बारहवीं की सभी विषयों या संकायों की छात्राओं के साथ-साथ बीए, बीएससी, बीटेक, बीसीए की छात्राएं भी इस साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स में शामिल है। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर इन सभी युवतियों-महिलाओं को अमेजन, नेटवेस्ट, एप्प स्क्रिप, मैक्यूरी, एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में जाॅब की गारंटी रहेगी। प्रशिक्षण में शामिल होने वाली छात्राओं को लैपटाॅप भी दिया गया है। यहां साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रोग्रामिंग के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थिंयों को इंग्लिश कम्यूनिकेशन और लीडरशिप भी सिखाई जा रही है।

 



 

 

 

 

प्री. मेडिकल एवं प्री. इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए पात्र अभ्यर्थियों का प्राक्चयन परीक्षा 10 को

05-Sep-2023

  बेमेतरा  (शोर संदेश) युवा कैरियर निर्माण योजना अंतर्गत प्री. मेडिकल एवं प्री. इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु अभ्यर्थियों के चयन के लिए जिला स्तर पर आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। जिलो से परीक्षण उपरांत पात्र पाये गये अभ्यर्थियों का प्राक्चयन परीक्षा 10 सितंबर 2023 दिन रविवार को समय दोपहर 12ः00 से 2ः00 बजे तक प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू, उरकुरा मार्ग, रायपुर (छ.ग.) में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। अतः संबंधित अभ्यर्थी विभागीय वेबसाईट http://www.tribal.cg.gov.in/ से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थी अपना रोल नंबर एवं स्वयं का सत्यापित फोटो तथा संपूर्ण विवरण भरकर परीक्षा केन्द्र में उपस्थित हो सकते हैैं।




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