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शिक्षा

एमएससी नर्सिंग प्रवेश के लिए परीक्षा आज

28-Jul-2024
बिलासपुर ( शोर  संदेश  )  । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आज बिलासपुर में तीन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन परीक्षाओं में प्रमुख रूप से हाईकोर्ट में सहायक ग्रेड-3 के 143 पदों के लिए लिखित परीक्षा, पोस्ट बेसिक नर्सिंग प्रवेश परीक्षा और एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा शामिल हैं।
एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा द्वितीय पाली में दोपहर दो बजे से शाम 4.15 बजे तक पांच केंद्रों में आयोजित की जाएगी, जिसमें 2500 परीक्षार्थी भाग लेंगे। व्यापमं द्वारा आयोजित ये परीक्षाएं राज्य के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। सभी परीक्षार्थी अपनी किस्मत खुद लिखेंगे। परीक्षा केद्रों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा होगी। व्यापमं ने पहले ही वेबसाइट पर जरूरी महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर चुका है।
यदि प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं है, तो दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों को अपना फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र जैसे मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटोयुक्त परिचय पत्र या फोटोयुक्त अंकसूची साथ लाना अनिवार्य होगा।बिना मूल पहचान पत्र के प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के समय से एक घंटा पहले पहुंचना आवश्यक है, ताकि उनकी पहचान सत्यापित की जा सके और परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिल सके।
 

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में कारगिल विजय दिवस का हुआ आयोजन

27-Jul-2024
रायगढ़।   ( शोर  संदेश  ) कृषि महाविद्यालय एवं अनुसन्धान केंद्र, रायगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.ए.के.सिंह ने वीर सपूतों को नमन करते हुए शहीद भगत सिंह के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी देश की रक्षा के खातिर अपने वीर जवानों की शहादत के हमेशा ऋणी रहेंगे और नमन करते रहेंगे क्योंकि आज हम सभी उनके द्वारा दी गयी प्राणों की आहूति के वजह से सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं। कार्यक्रम में एन.एस.एस. के सह.समन्वयक डॉ.ब्रिजेश पटेल के मार्गदर्शन एवं डॉ.संदीप पैंकरा, डॉ.मीनाक्षी चन्द्रा,डॉ.संध्या सिन्हा, गामिनी वर्मा,सी.के.पुरेना,जी.एल.कुर्रे, चैन सिंह पटेल, अतुल भोंसले की उपस्थिति में महाविद्यालय परिसर बालक छात्रावास एवं डॉ.सरिता अग्रवाल की उपस्थित में बालिका छात्रावास में पपीता, मुनगा, नीम का पौधरोपण किया गया। मंच संचालन सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष सुनील कुमार गौतम द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त अधिकारी- कर्मचारी एवं एनएसएस के छात्र-छात्रायें शामिल हुये। कार्यक्रम तके प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

लोकसभा चुनाव में उत्कृष्ट कार्य के सम्मानित हुए अधिकारी-कर्मचारी

26-Jul-2024
महासमुंद।  ( शोर संदेश )  लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। शुक्रवार को डाइट के सभाकक्ष में लोकसभा निर्वाचन 2024 में जिले में हुए मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि एवं मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने वाले मैदानी अमला सहित अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्वीप के नोडल अधिकारी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक ने कहा कि महासमुंद जिले में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभात मलिक के मार्गदर्शन में लोकसभा निर्वाचन का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस दौरान जिले में पिछले लोकसभा निर्वाचन की तुलना में मतदान का प्रतिशत भी बढ़ा है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और मैदानी अमला जैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं से लेकर एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, महिला बाल विकास, नगरपालिका, समाज कल्याण, खेल विभाग, शैक्षणिक संस्थाएं जैसे महाविद्यालय, स्कूलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि न केवल मतदान के प्रतिशत में वृद्धि हुई बल्कि राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा मतदान का प्रतिशत रहा। सीईओ एस. आलोक ने कहा कि वास्तव में सम्मान के हकदार मैदानी बीएलओ है जिन्होंने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रेरित कर मतदान के लिए मतदान केन्द्र तक पहुंचाया। साथ ही उन्होंने उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र मिलने पर बधाई दी।
इस अवसर पर स्वीप के सहायक नोडल रेखराज शर्मा ने कहा कि कलेक्टर प्रभात मलिक एवं सीईओ एस. आलोक के मार्गदर्शन में जिले में पहली बार मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत विविध तरह की गतिविधियां आयोजित की गई जिसमें गुड मॉर्निंग महासमुंद, दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता, बाईक रैली, चुनई मड़ई आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने में मदद मिली। उल्लेखनीय है कि लोकसभा निर्वाचन 2024 में महासमुंद जिले में कुल मतदान का प्रतिशत 75.02 प्रतिशत रहा जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक था। जबकि राष्ट्रीय मतदान औसत 65.79 प्रतिशत रहा। इसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य का औसत प्रतिशत 72.81 प्रतिशत रहा है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत, प्राचार्य डाइट मीना पाणिग्रही, महिला बाल विकास विभाग, नगरपालिका, जनसम्पर्क विभाग एवं डाइट के छात्राध्यापकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से असाक्षरों को बनाया जाएगा साक्षर

26-Jul-2024
महासमुंद।  ( शोर संदेश )   उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम‘‘ के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण प्रभात मलिक के निर्देशन में सीईओ जिला पंचायत एवं उपाध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण एस. आलोक की अध्यक्षता में डाइट के सभाकक्ष में स्वयं सेवकों का सम्मेलन आयोजित हुआ।
सीईओ आलोक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2030 तक सभी युवा, प्रौढ, पुरुष एवं महिलाओं को शत-प्रतिशत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रदान कराना है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केन्द्र प्रवर्तित योजना है जो “सभी के लिए शिक्षा“ के लिए प्रारंभ की गई है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को सत्र 2023-24 एवं 2024-25 में 35000 असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य है। सम्मेलन में उन्होंने सभी को साक्षर करने हेतु शपथ दिलाई गई। सम्मेलन में जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत, डाइट के प्राचार्य मीना पाणिग्रही, सहायक संचालक शिक्षा सतीश नायर, जिला समन्वयक जिला साक्षरता मिशन रेखराज शर्मा, डाइट के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत ने सीईओ को विकासखण्ड स्तरीय नोडल अधिकारियां से एंट्री कार्य से आ रही परेशानियों के संबंध में अवगत कराया उसका समाधान बताया। सीईओ ने सभी अधिकारियों और शिक्षकों को आम जनता को ’उल्लास नवभारत साक्षरता’’ कार्यक्रम के संबंध में जानकारी प्रदान कर तथा अभियान चलाकर एंट्री कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ ने ’’उल्लास केंद्र’’ तथा शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन, उल्लास कार्यक्रम हेतु वातावरण निर्माण, प्रवेशिका निर्माण, पठन-पाठन सामग्रियों की व्यवस्था, ’’उल्लास नवभारत साक्षरता’’ कार्यक्रम में स्वयं सेवी संस्थाओं एवं अन्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं, कुशल प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवी प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण तथा उल्लास केन्द्रों का संचालन आदि की जानकारी ली गई।
सीईओ आलोक ने कहा कि 2022-23 से 2024-25 तक जिले के असाक्षरों को स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से साक्षर बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का शीघ्र ही चिन्हांकन करके उसे उल्लास पोर्टल में दर्ज करना उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर तक एवं नगरीय निकायों में वार्ड प्रभारी की भी चयन कर करें, जिनके माध्यम से यह अभियान सुचारू रूप से समय सीमा में चलाया जाना है।
 

एकलव्य विद्यालय ओड़गी में टीबी मुक्त भारत का संदेश दिया गया

26-Jul-2024
सूरजपुर ( शोर संदेश ) । टीबी मुक्त भारत की आवाज देश के हर कोने से आनी चाहिए तभी हमारा देश टीबी मुक्त देश बन सकता है इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सूरजपुर जिला के सबसे सुदूर अंचल ओड़गी के एकलव्य विद्यालय में कार्यशाला का आयोजन कर स्वास्थ्य स्वच्छता और टीबी जागरूकता का संदेश दिया गया। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग ओड़गी और पिरामल फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक सखन आयाम ने कहा कि व्यक्ति स्वयं को स्वच्छ रखें आसपास का वातावरण स्वच्छ और निर्मल हो तो बिमारियों से दूर रहेगा। हमारे हाथ के द्वारा भोज्यपदार्थ हमारे मुंह में जाता है इसलिए सबसे जरूरी हाथों की सफाई है ।
हाथ धोने का छ:चरण होता है जिसमें हाथ की रेखाओं से लेकर एक एक अंगुलीयों की सफाई की जाती है। टीबी का संक्रमण से बचने के लिए यह अतिआवश्यक है कि हमारे गांव पंचायत मुहल्ले या जहां रहते हैं वहां टीबी का पेसेन्ट न हो । यदि है तो उसका बलगम की जांच होनी चाहिए और टीबी की पुष्टि होने पर दवा प्रारंभ किया जाना चाहिए। पिरामल फाऊंडेशन छत्तीसगढ़ के जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र तिवारी ने कहा कि विद्यालयों में टीबी का संदेश देने से बच्चों के साथ साथ उनके घरों तक संदेश पहुंचेगा।
पाठ्यक्रम में भी टीबी अर्थात क्षय रोग सम्बंधित विषय सामील है। जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने बताया कि शाला के बच्चें टीबी मुक्त भारत के लिए कैसे सहयोग कर सकते हैं उनकी भूमिका क्या हो सकती है स्वयं और समाज को टीबी मुक्त कैसे बना सकते हैं इस विषय पर विधिवत जानकारी दिया। शाला के प्राचार्य ने आभार व्यक्त करते हुऐ कहा कि टीबी की बिमारी हवा के माध्यम से फैलती है व्यक्ति जब खांसता छींकता है तो बैक्टीरिया हवा में आ जाती जिससे अन्य व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।  

विधानसभा में मुख्यमंत्री साय से स्कूली छात्रों ने की मुलाकात

25-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों ने मुलाकात की। राजनांदगांव से  आए रॉयल किड्स कॉन्वेंट के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने आज विधानसभा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत से भी मुलाकात की।
रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान जिज्ञासा वश कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री साय ने छात्रों को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का राजनीति और सरकारी कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही और उसकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष महंत ने विद्यार्थियों को राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी के महत्व पर बल दिया। यह भम्रण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा साबित हुआ, जिसमें उन्होंने न केवल विधानसभा की कार्यवाही को देखा, बल्कि प्रदेश के प्रमुख नेताओं से भी बातचीत करने का अवसर पाया।

नीट-यूजी पर सुप्रीम फैसला : दोबारा नहीं होगी परीक्षा...

24-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी (NEET UG) 2024 एग्जाम को लेकर दायर हुई याचिकाओं की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ द्वारा मंगलवार को हुई। सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया है कि नीट यूजी परीक्षा दोबारा नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि परीक्षा की पवित्रता का उल्लंघन किया गया था।
चीफ जस्ट‍िस की बेंच ने फैसला सुरक्ष‍ित करते हुए कहा कि इन मामलों में इस न्यायालय के समक्ष उठाया जा रहा मुख्य मुद्दा यह है कि इस आधार पर पुनः परीक्षण (Re-Test) आयोजित करने का निर्देश जारी किया जाए कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था और परीक्षा के संचालन में प्रणालीगत खामियां थी। नीट यूजी परीक्षा 571 शहरों के 4750 केंद्रों के अलावा 14 विदेशी शहरों में आयोजित की गई थी।
सीजेआई ने आदेश की शुरुआत में मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की व्यापक दलीलें दर्ज कीं। उन्होंने कहा कि 1,08,000 सीटों के लिए 24 लाख छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अदालत को इस तथ्य से अवगत कराया गया है कि 50 प्रतिशत कट ऑफ का प्रतिशत दर्शाता है। परीक्षा में 180 प्रश्न होते हैं, जिनके कुल अंक 720 होते हैं और गलत उत्तर के लिए एक नकारात्मक अंक होता है। यह प्रस्तुत किया गया कि पेपरलीक प्रकृति में प्रणालीगत था और संरचनात्मक कमियों के साथ मिलकर कार्रवाई का एकमात्र स्वीकार्य तरीका री-टेस्ट करना होगा। लेकिन, परीक्षा की पव‍ित्रता भंग होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला
NEET का 4 जून को रिजल्ट आने के बाद से पेपर लीक को लेकर छात्रो का आक्रोश सामने आया था। सबसे पहले इस परीक्षा में बिहार में पेपर लीक की खबर ने तूल पकड़ा था। उसके बाद रिजल्ट आने पर परीक्षा में 67 टॉपर और एक ही परीक्षा केंद्र से कई टॉपर आना, एक सवाल के दो उत्तर, ग्रेस मार्क्स जैसे प्वाइंट्स किसी को हजम नहीं हो रहे थे। उसी दौरान नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी पर भड़के छात्रों ने पूरे देश में रिजल्ट में हेरफेर और पेपरलीक को लेकर प्रदर्शन किया।
परीक्षा में पेपर लीक के संदेह पर देशभर के हाईकोर्ट में दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर याचिकाओं का सिलस‍िला शुरू हुआ। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सभी याचिकाओं को सुनने की कार्यवाही शुरू हुई। इस सुनवाई में बिहार पेपर लीक से लेकर हजारीबाग, सीकर और गोधरा तक के मामलों की जांच, एक सवाल के दो उत्तर, सीबीआई जांच जैसे सभी मुद्दों पर बहस हुई। सर्वोच्च अदालत की बेंच ने सभी पहलुओं पर बहस सुनने के बाद यह तय किया कि इस पर जल्द से जल्द फैसला देना होगा, क्योंकि छात्रों को किसी भी हाल में लटकाकर नहीं रख सकते।

10-12वीं की दूसरी मुख्य परीक्षा शुरू

24-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की द्वितीय मुख्य परीक्षा वर्ष 2024 23 जुलाई से शुरू हो गई जो 12 अगस्त तक चलेगी। मंडल की सचिव पुष्पा साहू (आईएएस) ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू शासकीय उमावि सुपेला, भिलाई में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मुख्य गेट पर ताला न लगाये जाने के सख्त निर्देश केंद्राध्यक्ष को दिए तथा समस्त प्रविष्टियों को निर्धारित प्रारुप में पूर्ण रूप से भरे जाने हेतु निर्देशित किया। इसी तरह परीक्षा केंद्र शासकीय उमावि भिलाई 3 का भी निरीक्षण किया गया। यहां परीक्षा सुचारु रूप से संचालित होना पाया गया। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण दौरान मण्डल के अवर सचिव भोज राम साहू, सहायक प्राध्यापक प्रीति शुक्ला भी मौजूद रहे। परीक्षा के सुचारू संचालन को लेकर माशिमं द्वारा पूर्व में ही सभी केंद्रों को निर्देश दिए गए है। केंद्राध्यक्षों को परीक्षा की तैयारी और सावधानी के बारे में प्रशिक्षण भी दिया गया।
गौरतलब है कि परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन एवं नकल प्रकरण पर अंकुश लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष रेणुजी पिल्ले की अध्यक्षता एवं सचिव पुष्पा साहू की उपस्थिती 23 जुलाई को राज्य स्तर पर आनलाईन प्रशिक्षण उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में राज्य के उड़नदस्ता टीम के सदस्य और विभिन्न जिलो के शिक्षा अधिकारीगण शामिल हुए।

कलेक्टर ने किया परीयना दिव्यांग विद्यालय का निरीक्षण

24-Jul-2024
नारायणपुर।  ( शोर संदेश )   जिले के एजुकेशन हब गरांजी में स्थित परियना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का आज कलेक्टर  बिपिन मांझी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से मिलकर उन्हें चॉकलेट वितरण किया, जिसके पश्चात् दिव्यांग बच्चों के द्वारा स्वागत गीत गाकर कलेक्टर का स्वागत किया गया, गीत को सुनकर कलेक्टर ने बच्चों की सराहना की।
दिव्यांग विद्यालय के नोडल अधिकारी उमेश रावत द्वारा कलेक्टर को विद्यालय परिसर का भ्रमण कराया गया। कलेक्टर द्वारा विद्यालय के अध्यापन कक्ष, सयन कक्ष, किचन, थेरेपी कक्ष, स्टॉप रूम के रख रखाव एवं साफ सफाई को को देखकर प्रशंशा की गई। नोडल अधिकारी द्वारा कलेक्टर को जानकारी दिया गया कि पूर्व में यह छात्रावास 35 बच्चों हेतु खोला गया था। यह छात्रावास डीएमएफ एवं जिला शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित किया जा रहा है।
वर्तमान में इस विद्यालय में 46 बच्चें अध्ययनरत हैं परंतु आबंटन 35 बच्चों के हिसाब से प्राप्त होने के कारण भोजन व्यवस्था में दिक्कत आ रही है। दो कमरे एवं किचन कक्ष के अधूरे निर्माण की वजह से वर्तमान में बच्चों को भोजन करने के लिए 150 मीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे वर्षा ऋतु में बच्चों को परेशानी होती है। साथ ही बाउंड्रीवाल एवं चैनल गेट नहीं होने के कारण भी जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। सभी बातों को सुनकर कलेक्टर मांझी द्वारा अधूरे निर्माण को पूर्ण कराने के साथ साथ बाउंड्रीवाल एवं गार्ड रूम की व्यवस्था करने हेतु आश्वासन दिया गया।
कलेक्टर ने आश्रम शाला नेलनार का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। मंडल संयोजक अजय तिवारी एवं शिक्षिका द्वारा जानकारी दिया गया कि आश्रम के आसपास लावारीस कुत्तों का जमावाड़ा रहता है। बिते कल छात्रावास की एक बच्ची के उपर कुत्तों द्वारा हमला किया गया है। इस घटना को कलेक्टर ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए नगरपालिका अधिकारी को अवारा कुत्तों को पकड़कर नगर के बाहर करने निर्देशित किया है। कलेक्टर ने आश्रम परिसर में भ्रमण करते हुए परिसर में पौधरोपण करने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने कहा।
पौधों को सुरक्षित रखने हेतु नगरपालिका को निर्देशित किया गया है कि इसके लिए समुचित व्यवस्था करें। कलेक्टर ने एजुकेशन हब गरांजी में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत् किये जा रहे पौधरोपण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने पौधे के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश नगरपालिका अधिकारी को दिया। इस दौरान सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, बृजमोहन देवांगन, सहायक संचालक उद्यानिकी तोषण चंद्राकर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी आशीष कोर्राम सहित विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का अनुपात राष्ट्रीय अनुपात से बेहतर

23-Jul-2024

 रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल में स्कूल शिक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय अनुपात से बेहतर है। उन्होंने बताया कि देश में 26 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक हैं जबकि प्रदेश में 21 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक है। शिक्षकों की पदस्थापना में अब तक कुछ अव्यवस्थाएं थी। जिसके कारण शिक्षकों की कमी परिलक्षित हो रही थी। इन कारणों से सर्वप्रथम युक्तियुक्तकरण करना पहली प्राथमिकता होगी। कुछ स्कूलों में जहां विषय संकाय है वहां शिक्षक नहीं है जहां विषय संकाय नहीं है वहां शिक्षक हैं। कुछ स्थानों पर राज्य के अनुपात से भी बहुत कम विद्यार्थियों पर शिक्षक है। कुछ स्थानों पर तो 4-5 विद्यार्थी पर एक शिक्षक है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया हेतु ऐसे स्कूलों का चिन्हांकन किया जा रहा है और शीघ्र ही सभी स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना कर दी जाएगी। इससे सभी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे और शिक्षा का स्तर और भी अच्छा हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षकों की व्यवस्था के साथ ही अधोसंरचना विकास पर भी हम काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने से सभी स्कूलों में शिक्षक मिल सकेंगे। साय सरकार द्वारा किये जा रहे युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा और ऐसे स्कूलों में भी शिक्षक मिल जाएंगे जहां शिक्षकों की कमी की वजह से शिक्षा प्रभावित हो रही है।
 


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