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रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। सोमवार की सुबह तक ये आंकड़ा दो लाख के करीब पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब कोरोना वायरस के कुल केस की संख्या 1 लाख 90 हजार से अधिक है। अबतक देश में इस महामारी की वजह से करीब 5400 लोगों की मौत हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल मामले 1 लाख 90 हजार 535 मामले ससमने आये हैं, जिंसमें से एक्टिव केस 93 हजार 322 है। अबतक 91 हजार 818 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। देश में अब तक 5 हजार 394 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत भी हो चुकी है।
वहीं यदि छत्तीसगढ़ कि बात करें तो प्रदेश में 388 कोरोना के एक्टिव मरीजों का इलाज जारी है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या लगभग 500 पहुँच गई है। प्रदेश में 114 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश में कोरोना से अब एक एक मौत हुई है।

कोरोना महामारी के इलाज और वैक्सीन की खोज में 100 से ज्यादा देश जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक किसी को सफलता नहीं मिली है। ऐसे में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन खोजने की जो टीम बनाई गई है उसमें एक भारतीय मूल की वैज्ञानिक चंद्रबली दत्ता भी शामिल हैं. दत्ता कोलकाता में पैदा हुई थीं। मूल तौर पर कोलकाता की रहने वाली चंद्रबली दत्ता विश्वविद्यालय के जेनर इंस्टीट्यूट में क्लिनिकल बायोमेनक्योरिंग फैसिलिटी में काम करती हैं. यहीं पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। अगर यह सफल रहता है तो कोरोना वायरस से लडऩे में दुनिया को अहम सफलता मिलेगी. ट्रायल सफल रहने पर यह कोरोना का संभावित वैक्सीन भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर के रूप में काम करने का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षण के चरण में प्रगति होने से पहले सभी स्तरों के मानकों का अनुपालन पूरा किया जाए. दत्ता ने कहा, `Óहम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि यह अगले चरण में काम करेगा, पूरी दुनिया इस टीके को देख रही है.ÓÓ
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चीन ने अब मान लिया है कि कोरोना वायरस वुहान के जंगली जीवों के मार्केट से नहीं फैला. ग्लोबल टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के डायरेक्टर गाओ फू ने कहा- `शुरुआत में हमने माना कि सी-फूड मार्केट में शायद वायरस रहा हो, लेकिन अब समझ आता है कि मार्केट विक्टिम बन गया. नॉवेल कोरोना वायरस काफी पहले से मौजूद था.Ó ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि कोरोना वायरस कहां से फैला, इसकी खोज जारी है। गाओ फू ने कहा कि वे जनवरी की शुरुआत में वुहान गए थे. लेकिन उन्हें किसी भी जीव के सैंपल में वायरस नहीं मिले। उन्होंने कहा कि चीनी वैज्ञानिक कड़ी मेहनत कर रहे हैं ताकि वायरस की उत्पत्ति का पता लगाया जा सके। कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद से ही चीन ऐसा कहता रहा है कि यह जंगली जीवों की मार्केट से फैला. लेकिन अमेरिका सहित कई देश आरोप लगाते रहे हैं कि कोरोना वायरस वुहान की मार्केट से थोड़ी दूर पर स्थित वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट की लैब से लीक हुआ। कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन ने वुहान के जंगली जीवों के मार्केट को बंद भी कर दिया था. हालांकि, दुनिया चीन को संदिग्ध नजरों से देख रही थी. चीन ने कथित तौर से जीवों में मिले वायरस का सैंपल या इससे जुड़ा डेटा दुनिया से साझा नहीं किया था। अब चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के डायरेक्टर गाओ फू ने मान लिया है कि वुहान स्थित मार्केट के जीवों के सैंपल में कोई वायरस नहीं मिला था। गाओ फू न सिर्फ चीन के प्रमुख महामारी विशेषज्ञ हैं बल्कि देश के प्रमुख राजनीतिक सलाहकार समूह के सदस्य भी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने `मन की बात` रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में एक बार फिर से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पिछली बार जब मैंने पिछली बार आपसे मन की बात की थी, तब यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी. इस बार, बहुत कुछ खुल चुका है. श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं। तमाम सावधानियों के साथ, हवाई जहाज उडऩे लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है, यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है. ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश में, सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है. हमारी जनसंख्या ज़्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है, फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल पाया, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला। देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है. हमारी जनसंख्या कई देशों से ज्यादा है फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल पाया, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला। पीएम ने आगे कहा कि कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है. जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है, लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है। पीएम ने कहा, आपने देखा होगा कि दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति के जीवन में, कोई डिप्रेशन या तनाव कभी नहीं दिखता. उसके जीवन में, जीवन को लेकर उसके नजरिए में, भरपूर आत्मविश्वास, सकारात्मकता और जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। साथियों, हमारे डॉक्टर्स,नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी, ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है. सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है।

रायपुर/दिल्ली । कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। चौथे चरण के लॉकडाउन को बढ़ाकर 31 मई तक के लिए किया गया है, जिसकी अवधि रविवार को समाप्त हो जाएगी। ऐसे में चर्चा है कि देश में लॉकडाउन का एक और चरण लागू होगा। हालांकि, लॉकडाउन 5.0 को लेकर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने लॉकडाउन समाप्त होने के एक दिन पहले यानी रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 7 लोक कल्याण मार्ग (पीएम आवास) पर मुलाकात की है। ऐसे में एक और लॉकडाउन की उम्मीद लगाई जा रही है। लॉकडाउन बढऩे को लेकर पहला संकेत गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने शुक्रवार दिया था, वहीं उन्होंने लॉकडाउन को और 15 दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। गृह मंत्री अमित शाह से बात करने के बाद सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि कोरोना के ग्राफ बढ़ रहा है, ऐसे में और 15 दिनों तक लॉकडाउन बढ़ाने की जरूरत है। सभी राज्यों के सीएम से की थी चर्चा बता दें, कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लॉकडाउन 4.0 की खत्म हो रही अवधि को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा भी की थी। गृहमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 31 मई के बाद लॉकडाउन पर उनके राज्यों की क्या राय है और आगे वह क्या सोचते हैं, इसपर उनसे चर्चा की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मन की बात भी करेंगे, वैसे अनुमान लगाया जा रहा है, कि दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन का बढऩा लगभग तय है। वहीं, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज हैं। इन शहरों में देश के कुल कोरोना संक्रमित के 70 फीसदी मामले मिले हैं।

रायपुर/नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट से शनिवार को मास्को जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट को बीच से उस समय वापस लौटना पड़ा, जब पता चला कि उस फ्लाइट का पायलट कोरोना संक्रमित है। फ्लाइट को रास्ते में से ही दिल्ली वापस बुला लिया गया। दरअसल, शनिवार सुबह दिल्ली से मॉस्को के लिए रवाना हुई एक फ्लाइट पर सवार पायलटों में से एक पायलट कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसके बाद फ्लाइट को वापस लौटाने का निर्णय लिया गया।

दिल्ली (शोर सन्देश)। भारतीय रेल के 167 साल के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब रेलगाडिय़ों में टिकट की जांच करने वाले कर्मचारी अपने पारंपरिक काले कोट और टाई नहीं पहनेंगे. रेलवे ने एक जून से चलने वाली 200 एक्सप्रेस ट्रेनों के टीटीई के लिए शुक्रवार को गाइडलाइन जारी कर दी है. रेलवे की ओर से कोरोनावायरस के बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि, टीटीई अपने पारंपरिक काले कोट और टाई का इस्तेमाल ना करें. हालांकि, वह इस दौरान अपने नाम और पोस्ट वाला बैज पहने रहेंगे.
ट्रेनों में टिकटों की जांच करने वाले सभी टीटीई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पर्याप्त संख्या में मास्क, फेस शील्ड, दस्ताने, सिर ढंकने का कवर, सेनेटाइजर, साबुन समेत अन्य वस्तुएं मुहैया कराई जाएंगी. गाइडलाइंस में यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की जा सकती है कि टीटीई वास्तव में सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं. दिशा निर्देश में यह भी कहा गया है कि टिकटों की जांच करने वाले सभी कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग तब की जाएगी जब वह ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करेंगे अगर कोई स्क्रीनिंग में फेल रहता है तो उन्हें ड्यूटी पर नहीं जाने दिया जाएगा. सभी कर्मचारियों से कहा गया है कि उन्हें सांस लेन में किसी तरह की परेशानी है तो वह इसके बारे में अधिकारियों को सूचित करें.
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छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्य अभी टिड्डी दल के आतंक से परेशान हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के बीच देश के पश्चिमी राज्यों पर टिड्डी दलों ने धावा बोल दिया है। पिछले ढाई दशक में पहली बार महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इनका जबरदस्त प्रकोप दिखाई दे रहा है। जलवायु परिवर्तन विषय पर काम करने वाले प्रमुख संगठन `क्लाइमेट ट्रेंड्सÓ के मुताबिक टिड्डियों के झुंड पैदा होने का जलवायु परिवर्तन से सीधा संबंध है। जलवायु परिवर्तन की वजह से करीब 5 महीने पहले पूर्वी अफ्रीका में अत्यधिक बारिश हुई थी। इसके कारण उपयुक्त माहौल मिलने से बहुत भारी मात्रा में टिड्डियों का विकास हुआ। उसके बाद वे झुंड वहां से 150 से 200 किलोमीटर रोजाना का सफर तय करते हुए दक्षिणी ईरान और फिर दक्षिण पश्चिमी पाकिस्तान पहुंचे। वहां भी उन्हें अनियमित मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रजनन के लिए उपयुक्त माहौल मिला जिससे उनकी तादाद और बढ़ गई. वे अब भारत की तरफ रुख कर चुकी हैं।

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मौजूदा हालात में देश की अर्थ व्यवस्था की चिंता तो हर कोई कर रहा है। आखिर क्यों ना करे, क्योंकि जिस विश्वव्यापी महामारी ने पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को संकट में जो डाल दिया है। मौजूदा जीडीपी कि यदि बात करें तो आज देश की जीडीपी 11 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है। देश में कांग्रेस की मनमोहन सिंह की सरकार के वक्त वर्ष 2009 में आई मंदी जैसी निर्मित हो गई हैं, यहां यह कहना लाजमी होगा कि देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चरमराई हुई थी जो अब महामारी की चपेट में आने से और ज्यादा चरमरा गई है। देश में तत्कालीन वित्तीय वर्ष की जीडीपी 4.2 फीसदी पर रही। यह करीब 11 साल का निचला स्तर है, इससे पहले 2009 में जीडीपी ग्रोथ इस स्तर के नीचे गई थी। इसके बाद भी 2009 में यूपीए वापस सत्ता पर आई थी जबकि वित्तीय वर्ष 2008-09 के जीडीपी आंकड़े 3.09 फीसदी पहुँच गए थे। जीडीपी के इन आंकड़ों पर वैश्विक मंदी का साया था।
दरअसल, साल 2008 में दुनियाभर में मंदी छाई हुई थी। इस मंदी ने भारतीय इकोनॉमी को भी प्रभावित किया। इसका असर जीडीपी आंकड़ों पर देखने को मिला.आज करीब 11 साल बाद देश की जीडीपी एक बार फिर उसी स्तर के करीब जा पहुंची है। वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की ग्रोथ 4.2 फीसदी पर रही. यह करीब 11 साल का निचला स्तर है. इससे पहले 2008- 09 में जीडीपी ग्रोथ इस स्तर तक पहुंची थी।
इन 11 साल में जीडीपी के चाल की बात करें तो ग्रोथ का सबसे उच्चतम स्तर वित्त वर्ष 2016-17 में रहा। इस वित्त वर्ष में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.25 फीसदी पर रही। हालांकि, इसके बाद के 3 वित्त वर्ष में लगातार गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है।
00 वित्त वर्ष 2019-20 के चारों तिमाही का हाल :
वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच जीडीपी ग्रोथ रेट 3.1 फीसदी पर रही. इसी तरह, दिसंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.7 फीसदी पर आ गई थी. इसके अलावा 2019-20 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट को संशोधित कर 5.6 फीसदी और दूसरी तिमाही के लिए 5.1 फीसदी कर दिया गया था.
00 ये साल और बुरा...:
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए वित्त वर्ष 2020-21 का साल और बुरा होने की आशंका है. बीते दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तो यहां तक कह दिया कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश के जीडीपी में ग्रोथ निगेटिव रहेगी यानी इसमें गिरावट आएगी.
00 राहत पैकेज का फायदा नहीं :
बीते दिनों कोरोना संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने करीब 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. देश के सामने इस पैकेज का ब्यौरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रख चुकी हैं, लेकिन तमाम रेटिंग एजेंसियों को अनुमान है कि इस राहत पैकेज से जीडीपी को कोई फायदा नहीं होगा। इस पैकेज का अधिकतर हिस्सा क्रेडिट स्कीम की तरह है। ऐसे में इससे इकोनॉमी में कोई उत्साह नहीं आएगा।

जल्द ही हमारा 10 अंकों का मोबाइल नंबर 11 अंकों का हो सकता है। टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने शुक्रवार को देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का प्रस्ताव जारी किया है। ट्राई के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
ट्राई ने अपने प्रस्ताव में यह भी बताया कि देश में मोबाइल नंबर के पहला अंक अगर 9 रखा जाए तो 10 से 11 अंकों के मोबाइल नंबर पर स्विच होने से देश में कुल 1000 करोड़ नंबर्स की क्षमता हो जाएगी।
इसके अलावा ट्राई ने फिक्स्ड लाइन से कॉल करते वक्त मोबाइल नंबर के आगे `0Ó लगाने की भी बात कही है। फिलहाल फिक्स्ड लाइन कनेक्शन से इंटर-सर्विस एरिया मोबाइल कॉल्स करने के लिए पहले `0Ó लगाना पड़ता है. जबकि मोबाइल से लैंडलाइन से बिना शुरुआत में `0Ó लगाए भी कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा ने एक नया नेशनल नंबरिंग प्लान का भी सुझाव भी दिया है, जिसे जल्दी उपलब्ध कराना है।