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बिलासपुर (छत्तीसगढ़ )। 22 मई को बिलासपुर में जिस प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत को कोरोना से माना जा रहा था, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट आने से पहले तक बिलासपुर में मजदूर की मौत को कोरोना संदिग्ध माना जा रहा था, लेकिन रिपोर्ट आने से सारा मामला स्पष्ट हो गया। आपको बता दें कि बिलासपुर में जिस प्रवासी मजदूर की मौत हुई, उसके बारे में बताया जा रहा है कि वो पुणे से आया था। उसे मस्तूरी के क्वारेंटाइन सेंटर रखा गया था। जहां उसे 20 मई को 12.05 बजे सिम्स में भर्ती कराया गया था। उसकी सैंपल रिपोर्ट 20 मई को जांच के लिए भेजा गया था। लेकिन शुक्रवार 22 मई शुक्रवार को उसकी सुबह 8.00 बजे मौत हो गई। मजदूर सिम्स के कोरोना वार्ड में भर्ती था। जहां उसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी थी। लेकिन आज रिपोर्ट सामने आते ही स्पष्ट हो गया कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है।
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रायपुर (छत्तीसगढ़ )। ईद उल फित्तर का चांद शनिवार को कही भी नजर नहीं आया, इसलिए रविवार 24 मई को भी रोजा रखा जाएगा और सोमवार को ईद उल फित्तर मनाई जाएगी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने चांद के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 38 केन्द्र निर्धारित किए गए थे। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने उन्हें यह निर्देश दिए गए थे, कि प्रदेश के किसी भी जिले अथवा कस्बे में यदि चांद नजर आता है, तो तत्काल उसकी खबर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड को दे, ताकि समय पर शरई तस्दीक प्राप्त कर चांद को ऐलान किया जा सके।

रायपुर (छत्तीसगढ़)। अक्सर लोग शारीरिक बीमारियों पर ही ध्यान देकर मानसिक रोगों को नज़रंदाज़ कर देते हैं। सच्चाई यह कि मानसिक रोग व्यक्तिको और अधिक कमजोर बना देते है।
स्क्रिजोफ्रेनिया मानसिक रोग का एक गंभीर रूप है जहाँ व्यक्ति भ्रम और मतिभ्रम (आवाजे सुनाई देना व स्वयं से बातें करना) का अनुभव करता हैं। ऐसे लोगों को समाज में अपनाया नहीं जाता है और यह माना जाता है कि ऐसेलोगों का कभी उपचार नहीं हो सकता है।
इसलिए इसकी जागरुकता और इससे जुडी हुई भ्रांतियों और अन्धविश्वास को मिटाने के लिए हर साल 24 मई को विश्व स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है। इस बार विश्व स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस की थीम ‘स्टीग्मा रीमूविंग’ (भ्रांतियों को मिटाना है।
मनोचिकित्सक डॉ.शुक्ला ने बताया, स्क्रिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है जहाँ व्यक्ति भ्रम और मतिभ्रम (आवाजे सुनाई देना व स्वयं से बातेंकरना ) का अनुभव करते हैं। उन्हें लगता हैउनके बारे में लोग कुछ बाते करते हैं। उनकों डर लगना और कुछ होने का आभाष लगता है जो केवल उनका वहम होता है ।उन्होंने बताया, मानसिक बीमारी वाले लोग महत्वाकांक्षी, प्रेरित, बुद्धिमान या निर्णय लेने व कार्य करने में अक्सर सक्षम नहीं होते हैं। बीमारी की चपेट में आने वाले सबसे अलग रहने लगते हैं और आत्महत्याकी भावना भी उनके मन में आतीहै। यह रोग आनुवांशिक हो सकता है या तनाव, पारिवारिक झगड़े व नशे की आत से भी होता है। ऐसे में समय से समुचित इलाज बेहद जरूरी है। समय से इलाज शुरू होने पर 8 से 10 माह में मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
डॉ. शुक्ला ने बताया समाज में कई तरह की रुढ़ीवादी परम्पराएँ चली आ रही हैं जिसके कारण भी मानसिक बीमारी का पता आसानी से नही लगता हैं। इसीलिए मानसिक रोग से जुडी भ्रांतियों और गलत धारणों को मिटाने के लिए हर साल स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है।लोगों को मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके और इसके प्रति फैली भ्रांतियों से भी अवगत कराया जा सके। इस भाग दौड़ भरी लाइफ में व्यक्ति में बहुत तरह की मानसिक परेशानियां होती हैं जो कभी कभी जीवन में बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं।

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान की गई है। संक्रमित मरीजों में रायगढ़ से 04 और जशपुर से 01 मरीज़ की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 115 हो गई है।

रायपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्यन मंत्रालय की ओर से 25 मई से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने के निर्णय के संबंध में नागरिक उड्यन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को पत्र लिखा है। भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि घरेलू उड़ान शुरू करने से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों अंतर्गत ही उड़ान संचालन प्रारंभ करना चाहिए। राज्यों को प्रत्येक उड़ान की जानकारी और यात्रियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। हवाई यात्रा करने वालों को 14 दिन कोरेन्टाईन केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन पर रहना अनिवार्य किया जाए और टिकिट बुक करते समय ही इसकी जानकारी यात्रियों को दी जाए।
मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र में लिखा है कि विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि आपके द्वारा 25 मई 2020 से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह भी जानकारी दी गई है कि नागरिक उड्यन मंत्रालय द्वारा यात्रियों के आवागमन के लिए पृथक से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी नहीं किया गया है।
बघेल ने पत्र में लिखा है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अंतर्गत 18 मई 2020 से प्रारंभ लाॅकडाउन फेज-4 कि अवधि में उड़नों को प्रतिबंधित किया गया है। विगत कुछ दिनों से देश में कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या में तेजी देखी गई है। ऐसी स्थिति में उड़ान शुरू करने से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के अंतर्गत ही उड़ान संचालन प्रारंभ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय राज्य मंत्री से अनुरोध किया है कि राज्यों को प्रत्येक उड़ानों की जानकारी उपलब्ध करायी जाए, जिसमें उस राज्य में आने वाले यात्रियों का विस्तृत विवरण सम्मिलित हो। हवाई यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की 14 दिन कोरेन्टाईन (केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन) पर रहने को अनिवार्य किया जावे। कोरेन्टाईन संबंधी शर्त एवं अनिवार्यता की जानकारी यात्रियों को टिकिट बुक करने के समय ही प्रदान की जाए ताकि वे नियमों से भलीभांति परिचित रहें। उपरोक्तानुसार प्रभावी दिशा निर्देशों के तहत उड़ान प्रारंभ करने से राज्य सरकारों को कोविड-19 महमारी के नियंत्रण एवं बचाव के संबंध में आवश्यक कार्यवाही किये जाने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने पत्र में उम्मीद जताई है कि उपरोक्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सख्त एवं प्रभावी गाईड लाईन के साथ घरेलू उड़ान संचालन की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।

जगदलपुर (छत्तीसगढ़)। बास्तानार दौर से लौट रहे बस्तर सांसद दीपक बैज को बीती रात अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर गोली मारने धमकी दी है। वहीं सांसद के आवेदन पर लोहंडीगुड़ा पुलिस अज्ञात फोन नंबर को ट्रेस कर आरोपी को पकडऩे में जुट गई है।
सांसद दीपक बैज के मुताबिक, बीती रात करीबन 8 बजे युवक ने तीन बार फोन कर धमकी दी। उन्होंने इसकी जानकारी लोहंडीगुड़ा पुलिस को दी है। साथ ही उच्च अधिकारियों को रात में ही इसकी जानकारी दे दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि अज्ञात फोन नंबर को ट्रेस कर जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर कोविड-19 के संक्रमण से नागरिकों की सुरक्षा और बचाव के लिए सावधानी और सुरक्षात्मक उपायों के साथ देश में ट्रेनों का संचालन प्रारंभ करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की भांति ट्रेनें प्वाइंट टू प्वाइंट अर्थात स्टेट टू स्टेट चलाई जाए। यात्रियों का एक-दूसरे से सम्पर्क नियंत्रित करने अधिकतम दो स्टाॅपेज रखे जाए और सोशल डिस्टेंसिंग की दृष्टिकोण से यात्रियों की संख्या निर्धारित क्षमता से कम रखी जाए। उन्होंने रेल मंत्री से संकट की इस घड़ी में मानवीय आधार पर यात्रियों को सभी श्रेणी के किराए में रियायत देने का आग्रह भी किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस महामारी के रोकथाम एवं संक्रमण से बचाव हेतु कारगर उपाय किए गए हैं। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य में महामारी के फैलाव को रोकने में अब तक सफल हुए हैं। इसी बीच आपके द्वारा 01 जून 2020 से देश भर में 200 ट्रेन चलाए जाने संबंधी निर्णय लिए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के बिना ट्रेन संचालित करने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गयी है। महामारी से उत्पन्न इस विषय परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा और देश में सामान्य स्थिति निर्मित किए जाने हेतु काफी सावधानी एवं सुरक्षात्मक उपायों के साथ ट्रेनों का संचालन किए जाने की आवश्यकता है।
बघेल ने रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन संचालन के संबंध में जो व्यवस्था निर्धारित की गई है, उसी के अनुरूप ही ट्रेनों को प्वाइंट टू प्वाइंट अर्थात स्टेट टू स्टेट चलाया जाए। ट्रेन का अधिकतम 02 स्टाॅपेज ही रखा जाए, जिससे कि यात्रियों का एक-दूसरे से सम्पर्क नियंत्रित हो सके। सोशल डिस्टेंसिंग के दृष्टिकोण से ट्रेन में यात्रियों की संख्या निर्धारित क्षमता से कम रखी जाए। इससे यात्रा कर रहे व्यक्तियों के उचित तरीके से स्क्रीनिंग करने में मदद मिलगी। यात्रा के क्रम में चेन पुलिंग जैसी घटनाओं को रोकने हेतु चेन पुलिंग को डिसेबल किया जाए। चेन पुलिंग को किसी भी स्थिति में अनुमति न दी जाए तथा सख्त कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार गन्तव्य पर पहुंचने के पश्चात ट्रेन में सफर करने वाले नागरिकों की स्क्रीनिंग, क्वारेंटाइन, यातायात आदि का प्रबंधन राज्यों के लिए चुनौतिपूर्ण कार्य है। अतएव ट्रेन छूटने के तत्काल बाद यात्रा करने वाले नागरिकों की सूची, मोबाइल नम्बर, आधार नम्बर, पता इत्यादि विस्तृत विवरण राज्यों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि राज्य सरकारों द्वारा आवश्यक व्यवस्था किया जा सकें।
ट्रेन से आने वाले सभी नागरिकों को 14 दिन के क्वारेंटाइन में रहना अनिवार्य किया जाए। लाॅकडाउन के परिणाम स्वरूप उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर सभी श्रेणी के किराया में कमी करते हुए यात्रियों को रियायत भी प्रदान किया जाए। बघेल ने पत्र में उम्मीद जताई है कि उपरोक्त सुझावों को अमल में लाते हुए एवं अन्य जरूरी बेहतर व्यवस्था के साथ 01 जून 2020 से ट्रेन संचालन की कार्यवाही की जाएगी।

कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। इस बीच प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर हर ओर चिंता साफ दिखाई दे रही है। लेकिन राज्य सरकारें पूरे ऐहतियात बरतते हुए मजदूरों की वापसी के रास्ते तय करवा रही है। इस बीच पिछले 16 मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रवासी मजदूरों से मुलाकात कर उनका दर्द साझा किया। उन्होंने दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने फुटपाथ पर मजदूरों के साथ बैठकर बात की थी. राहुल ने उनका दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने में भी काफी मदद की थी। और सरकार से इनकी मदद की अपील की है और तुरंत 13 करोड़ लोगों को 7500 रुपये देने की मांग की है।
16 मई को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में मजदूरों से मिले थे. इसी मुलाकात पर बनाई गई एक डॉक्यूमेंट्री खुद राहुल ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज की है. मजदूरों के साथ राहुल की इस मुलाकात पर काफी हंगामा हुआ था. प्रियंका गांधी ने इसके लिए भाई को शाबासी दी थी, लेकिन बीजेपी ने इसे फोटोशूट बताया था।

देश में लॉकडाउन के बावजूद लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे के दौरान अब तक दर्ज मामलों में सबसे ज्यादा सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के पिछले 24 घंटों में संक्रमित मरीजों के 6654 नए मामले सामने आए हैं, जो एक दिन में अबतक सबसे ज्यादा मामले हैं। वहीं पिछले 24 घंटों में 137 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों को मुताबिक अबतक एक लाख 25 हजार 101 लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 3720 लोगों की मौत हो चुकी है. 51 हजार 784 लोग ठीक भी हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 1517, गुजरात में 802, मध्य प्रदेश में 272, पश्चिम बंगाल में 265, राजस्थान में 153, दिल्ली में 208, उत्तर प्रदेश में 152, आंध्र प्रदेश में 55, तमिलनाडु में 98, तेलंगाना में 45, कर्नाटक में 41, पंजाब में 39, जम्मू-कश्मीर में 20, हरियाणा में 16, बिहार में 11, केरल में 4, झारखंड में 3, ओडिशा में 7, चंडीगढ़ में 3, हिमाचल प्रदेश में 3, असम में 4, और मेघालय में एक मौत हुई है।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है. प्रदेश में फिर 3 नए पॉजिटिव मरीज मिले. अब कोरोना ने बलरामपुर जिले में भी दस्तक दे दी है. तीन नए मरीजों में से कांकेर 1, बिलासपुर 1 और बलरामपुर में 1 नए मरीज़ मिलने की राज्य कोरोना कंट्रोल डेस्क ने पुष्टि की है. इनकी भर्ती की प्रक्रिया जारी है. प्रदेश में फिर सक्रिय मरीजों की संख्या 89 हो गई है.
कुछ देर पहले ही जांजगीर जिले के तीन कोरोना मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए थे. जिससे लोगों को थोड़ी सी खुशी जरूर मिली, लेकिन अब फिर तीन मरीज मिलने से लोगों के बीच भय का माहौल बनता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है इस तरह राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 151 हो गई है, जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या फिर से बढ़कर 89 हो गई है. वही राहत की बात यह है कि कोरोना से अब तक 62 मरीज ठीक भी हो चुके हैं