ब्रेकिंग न्यूज

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मोस्ट वॉन्टेड अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं

06-Jun-2020

 नई दिल्ली (शोर सन्देश) दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की कोरोना की वजह से मौत की अटकलें तेज हो गई हैं। अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मौत की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। शुक्रवार को दाऊद इब्राहित और उसकी पत्नी महजबीन में कोरोना की पुष्टि हुई थी। कोरोना की पुष्टि होने के बाद दोनों को कराची के एक मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
पाकिस्तान में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच खबर आई थी कराची में छुपकर रह रहे अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी पत्नी महजबीन को कोरोना हो गया है और दोनों को कराची के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम ने इन खबरों को खारिज कर दिया था। असीन ने दावा किया है कि उनका भाई और परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह से स्वस्थ्य है। अनीस इब्राहिम ही दाऊद की डी कंपनी को अब चला रहा है।
हालांकि सोशल मीडिया पर अब दाऊद की कोरोना से मौत की खबर भी आने लगी है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों में कितनी सच्चाई है।
कौन है दाऊद इब्राहिम....
दाऊद भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है। दाऊद 1993 में हुए मुंबई बम धमाके का मास्टरमाइंड है और अंडरवल्र्ड डॉन है। अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में सारी दुनिया जानती है। लेकिन उनके परिवार के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है। क्योंकि उसने परिवार को हमेशा लोगों की नजरों से दूर रखा। दाऊद की पत्नी का नाम महजबीन उर्फ जुबीना जरीन है। दाऊद और जुबीना के चार बच्चे हैं। तीन बेटियां माहरुख, माहरीन और मारिया, वहीं एक बेटा है जिसका नाम मोइन है।


छत्तीसगढ़ में 93 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले, एक्टिव मरीजों की संख्या 565 ,देश में करीब 10 हजार नए मामले

05-Jun-2020

दिल्ली/ रायपुर (शोर सन्देश) देश में कोरोना के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है. पिछले 24 घंटे में करीब 10 हजार नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी अपडेट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 9 हजार 851 नए मामलों की पुष्टि हुई है और 273 लोगों की मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में ही 5 हजार 355 लोग ठीक भी हुए हैं।
अब देश में कुल मरीजों की संख्या 2 लाख 26 हजार 770 है, जिसमें 6 हजार 348 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात है कि कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा बढ़ रहा है. अब तक करीब 50 फीसदी यानी 1 लाख 9 हजार 462 लोग ठीक हो चुके हैं। अभी देश में 1 लाख 10 हजार 960 एक्टिव केस हैं।
वहीं, महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के अंदर 123 लोगों की मौत हुई है, जो अब तक का सबसे बड़ा उछाल है. वहीं एक दिन पहले 122 लोगों ने कोरोना से अपनी जान गंवाई थी। राज्य में अबतक 2710 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी हैं. वहीं 24 घंटे के अंदर करीब 3 हजार नए केस सामने आए हैं और मरीजों का आंकड़ा 77793 तक पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ में दिनभर में कुल 53 कोरोना पॉजिटिव मामले मिले हैं। इसी तरह यह आकड़ा 93 के करीब पहुँच गया। इस तरह राज्य में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 565 हो गई है। इसके साथ ही आज अस्पतालों से 17 कोरोना मरीजों को छुट्टी भी मिली है। आज दो छोटे जिलों से बड़ी संख्या में मरीज मिले। महासमुंद और जशपुर से 19-19, बिलासपुर से 17, जांजगीर-चांपा से 9, रायपुर नांदगांव से 6-6, रायगढ़ से 5, कबीरधाम से 4, बलौदाबाजार गरियाबंद से 3-3, सूरजपुर से दो। स्वास्थ्य विभाग से मिली इस जानकारी के मुताबिक राज्य में अभी 50 हजार से अधिक व्यक्ति होम क्वॉरंटीन हैं, और करीब सवा दो लाख लोग सरकारी क्वॉरंटीन व्यवस्था में रखे गए हैं। आज बिलासपुर में मिले 17 पॉजिटिव मरीजों में सिम्स को दो जूनियर डॉक्टर भी शामिल हैं।  


लद्दाख के पास तैनात की गई बोफोर्स ,हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार भारत

04-Jun-2020

दिल्ली (शोर सन्देश ) भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से लद्दाख इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस मसले को निपटाने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। लेकिन, भारत किसी भी तरह की कोई ढील नहीं छोड़ना चाहता है इसलिए हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लद्दाख के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास भारत ने हवाई पट्टी का निर्माण तेज़ किया है, इसके अलावा बोफोर्स आर्टिलरी की तैनाती भी की जा रही है।
यहां अनंतनाग के पास NH-44 पर इमरजेंसी हवाई पट्टी का निर्माण किया जा रहा है. ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में लड़ाकू विमानों या अन्य विमानों को उतारा जा सके।

गौरतलब है कि LAC के पास चीन ने भी कई तरह का निर्माण कर लिया है और कई तरह के हथियारों की सप्लाई बढ़ा दी है। दूसरी ओर भारत की ओर से करीब 60 बोफोर्स आर्टिलरी गन को लद्दाख के पास फॉरवर्ड पॉजिशन पर भेजा जा रहा है. भारतीय सेना की ओर से कहा गया है कि वह चीन के साथ ताजा विवाद को सुलझाना चाहते हैं, लेकिन किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं। 


4 जून एक ऐसी तारीख है जिसने पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी

04-Jun-2020

 

दिल्ली (शोर सन्देश) इतिहास में हर दिन किसी किसी अहम घटना से जुड़ा होता है. चार जून एक ऐसी तारीख है, जिस दिन कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी. ऐसी ही एक घटना चार जून 1989 को चीन की राजधानी बीजिंग में घटी, जहां चीन की सेना ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे निहत्थे नागरिकों पर बंदूकों और टैंकों से कार्रवाई की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए. इसे `थ्येनआनमन स्क्वायर नरसंहार` के तौर पर जाना जाता है.

इसके अलावा चार जून 2001 की एक और बड़ी घटना वह हुई जब ज्ञानेंद्र वीर बिक्रम शाह ने नेपाल की राज सत्ता संभाली. महाराजा ज्ञानेंद्र अब तक के इतिहास में दुनिया के अंतिम हिन्दू सम्राट के तौर पर दर्ज है.
हालांकि वह कुछ साल ही नेपाल के सम्राट के पद पर रह पाए क्योंकि एक बड़े आंदोलन के बाद उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया. देश दुनिया के इतिहास में चार जून की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है.
1896
में हेनरी फोर्ड ने अमेरिका के डेट्रॉइट शहर में आज ही अपना पहला मॉडल परीक्षण के लिए उतारा था.
1919
में अमेरिकी नौसेना ने कोस्टारिका पर हमला किया था.
1928
में आज के ही दिन चीन के राष्ट्रपति हांग जोलिन की जापानी एजेंट ने हत्या कर दी थी.
1929
में जॉर्ज ईस्टमेन ने पहली रंगीन फिल्म का नमूना पेश किया था.
1936
में हिंदी सिनेमा की जानी मानी अभिनेत्री नूतन का जन्म भी आज के ही दिन हुआ था. उन्हें बंदिनी, सुजाता, अनाड़ी सहित अनेक फिल्मों में उनकी सदाबहार अदाकारी के लिए जाना जाता है.
1940
में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की सेना ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रवेश किया.
1944
में अमेरिकी सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान रोम में प्रवेश किया.
1958
में तीन सदस्यीय पर्वतारोही दल ने गढ़वाल पर्वत श्रृंखला में स्थित 7011 मीटर ऊंचे त्रिशूल पर्वत शिखर को फतह किया.
1959
में सी राजगोपालाचारी ने स्वतंत्र पार्टी बनाने की घोषणा 4 जून को ही की थी.
1964
में मालदीव ने संविधान का निर्माण किया था.
1970
में ब्रिटेन से अलग होकर टोंगा एक स्वतंत्र देश बना था.
1975
में अमेरिकी अभिनेत्री एंजेलिना जोली का जन्म हुआ था.
1982
में इस्राइल ने दक्षिण लेबनान पर हमला किया था.
1989
में चीन की राजधानी बीजिंग में थ्येनआनमन चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सैन्य कार्रवाई.
1991
में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली गैर साम्यवादी सरकार यूरोपीय देश अल्बानिया में बनी.
1997
में दूरसंचार उपग्रह 2डी अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचा.
2001
में नेपाल नरेश दीपेन्द्र का अस्पताल में निधन हो गया. वीर बिक्रम शाह ने नेपाल के सम्राट का पद संभाला।
2003
में डोमिनिक गणराज्य की 18 वर्षीय सुंदरी एमीलिया वेगा मिस यूनिवर्स-2003 बनीं.
2006
में यूगोस्लाविया के पूर्व गणराज्य मोंटेनेग्रो ने स्वतंत्रता की घोषणा की.
2015
में घाना में एक पेट्रोल पंप पर लगी आग में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.


मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी, गुजरात में 47 गांव खाली

03-Jun-2020

चक्रवाती तूफान निसर्ग ने रफ्तार पकड़ ली है। दोपहर में यह माहाराष्ट्र के पालघर और मुंबई में समुद्र तट से टकरा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान के हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। समुद्र तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। मौसम विभाग ने मुंबई में हाई टाइड के आने की संभावना जताई है। निसर्ग तूफान के दौरान 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाएं और समंदर में उठने वाली 6 फीट ऊंची लहरें मुंबई को फिर से पानी-पानी कर सकती हैं. इधर, तूफान से पहले गुजरात और महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है।
चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गई हैं। इसमें मुंबई में 8 टीमें, रायगढ़ में 5 टीमें, पालघर में 2 टीमें, थाने में 2 टीमें, रत्नागिरी में 2 टीमें और सिंधूदुर्ग में 1 टीम की तैनाती है. दो हफ्ते में देश को दूसरे समुद्री तूफान का सामना करना पड़ रहा है. पहले अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाई थी. इसके दोपहर तक अलीबाग में तट से टकराने की उम्मीद है।
गुजरात में चक्रवाती तूफान निसर्ग से निपटने की तैयारियों के बीच, वलसाड और नवसारी जिला प्रशासनों ने राज्य के तटीय क्षेत्रों में स्थित 47 गांवों से करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को संकेत दिया कि हो सकता है कि चक्रवाती तूफान गुजरात तट पर पहुंचे. हालांकि इसका प्रभाव तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश के रूप में सामने सकता है 


अमिताभ बच्चन ने अपने पिता की कविता शेयर की

02-Jun-2020

 बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने पिता के कितने करीब रहे हैं ये तो किसी से छिपा नहीं है. अमिताभ ने कई बार अपने बचपन की तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें वह अपने पिता के साथ नजर आते हैं. कई बार ऐसा होता है कि जब बिग बी अपने पिता की यादों में खो जाते हैं. हाल ही में उन्होंने एक बार फिर अपने पिता को याद किया और उनकी एक पुरानी कविता को शेयर किया जो आज के हालात पर काफी फिट बैठती है.
हरिवंश राय बच्चन की इस कविता का नाम है `अंधेरे का दीपक`. अमिताभ ने इस कविता को पढ़ने के बाद इसका अंग्रेजी अनुवाद भी किया है जिसे उन्होंने अपनी इंस्टा पोस्ट के कैप्शन में लिखा है. कविता उम्मीद की उस किरण के बारे में बात करती है जो मुश्किल हालातों में भी हमारे पास होती है लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते. बस कई बार हम नकारात्मकता के अंधेरे में उसे देखने की कोशिश नहीं करते.
बहुतेरे इलाज बतावें ,जन जनमानस सब ,
केकर सुनैं, केकर नाहीं, कौन बताए सब ;
केयु कहिस कलौंजी पीसौ, केयु आँवला रस
केयु कहस घर बैठो, हिलो ठस से मस
ईर कहेन बीर कहेन, की ऐसा कुछ भी Carona ,
बिन साबुन से हाथ धोई के ,केहू के भैया छुओ ;
हम कहा चलो हमौ कर देत हैं , जैसन बोलैं सब
आवय देयो , Carona-फिरोना , ठेंगुआ दिखाऊब तब !` ~ अब


केरल में झमाझम बारिश

01-Jun-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश) केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच गया है। उप महानिर्देशक आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि सोमवार को केरल में मानसून का आगमन हुआ। कम दवाब के क्षेत्र की वजह से बने अवसाद के कारण 3-4 तारीख के बीच दादरा नगर हवेली, नॉर्थ कोंकण, नॉर्थ मध्य महाराष्ट्र, दमन दीव में भारी बारिश होगी। यहां लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी।
केरल में भारी बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। केरल के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तिरुवनंतपुरम में दिन का तापमान 25 डिग्री तक चला गया है। केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को इसे मानसून से पहले होने वाली बारिश बताया था। जबकि मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने दावा किया था, कि दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने केरल के तट पर दस्तक दे दी है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग ने स्काईमेट के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि फिलहाल परिस्थितियां ऐसी घोषणा करने के अनुकूल नहीं हैं।
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को कहा था, कि अभी तक मानसून केरल नहीं पहुंचा है, हम नियमित रूप से इस पर नजर बनाए हुए हैं। 1 जून को केरल में मॉनसून के दस्तक देने का अनुमान है। गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि केरल में इस बार मॉनसून देर से पहुंचेगा। मौसम विभाग ने बताया था कि केरल में इस साल मॉनसून पांच जून तक सकता है। भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हर साल जून से लेकर सितंबर तक 4 महीनों तक रहता है। आम तौर पर यह सबसे पहले केरल में दस्तक देता है। इसके बाद अलग-अलग वक्त पर यह देश की अलग-अलग जगहों पर पहुंचता है। पिछले साल अंडमान-निकोबार में मॉनसून अपनी तय तारीख से दो दिन पहले 18 मई को गया था, लेकिन गति धीमी पडऩे से केरल में कुछ देर से पहुंचा था, जबकि पूरे देश में मॉनसून की शुरुआत 19 जुलाई को हुई थी। विभाग के मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा 


मानव किशोरों की तरह कुत्ते भी किशोरावस्था के दौरान अति संवेदनशील होते हैं

01-Jun-2020

कुछ लोगों का अनुभव है कि जब उनके कुत्ते किशोरावस्था में पहुंचते हैं तो वे अचानक उनके हुक्म मानना बंद कर देते हैं। यह भी कहा जाता है कि किशोर उम्र के कुत्तों का व्यवहार शिशु, वयस्क या वृद्ध कुत्तों से भिन्न होता है। और अब बायोलॉजी लेटर्स में प्रकाशित एक ताज़ा अध्ययन बताता है कि मानव किशोरों की तरह कुत्ते भी किशोरावस्था के दौरान अति संवेदनशील होते हैं।
न्यू कासल युनिवर्सिटी की जीव व्यवहार विज्ञानी लुसी एशर बताती हैं कि मनुष्यों के साथ कुत्तों के पिल्लों का लगाव बिल्कुल मानव शिशु जैसा होता है। लेकिन अधिकांश मालिकों को लगता है कि कुत्तों की उम्र 8 महीने की (श्वान-किशोरावस्था) होने पर उनके कुत्तों का व्यवहार बदल जाता है। मानव किशोरों की तरह किशोर कुत्ते भी अपने मालिकों की उपेक्षा और अवज्ञा करने लगते हैं। इस व्यवहार पर मालिक तरह-तरह की प्रतिक्रिया देते हैं: कुछ उन्हें सज़ा देते हैं, कुछ उपेक्षा करते हैं, तो कुछ उन्हें दूर भेज देते हैं।
किशोरावस्था कैसे कुत्तों का व्यवहार बदलती है, यह जानने के लिए एशर और उनकी टीम ने 70 कुत्तों पर नज़र रखी। अध्ययनकर्ताओं ने उनके मालिकों को उनके साथ लगाव और ध्यान खींचने वाले व्यवहार (जैसे मालिक से सटकर बैठना या किसी व्यक्ति के प्रति विशेष लगाव) और उपेक्षित होने पर व्यवहार (जैसे पीछे छूट जाने पर सिहरन या कंपकंपी) के आधार पर अंक देने को कहा। ये दोनों तरह के व्यवहार चिंता और भय के द्योतक हैं। जिन पिल्लों को दोनों में से किसी भी एक पैमाने पर अधिक अंक मिले थे उनकी किशोरावस्था भी जल्दी शुरू हुई (लगभग 5 माह की उम्र में) जबकि कम अंक वाले पिल्लों की किशोरावस्था 8 माह की उम्र यानी देर से शुरू हुई। यह देखा गया है कि जिन लड़कियों के अपने अभिभावकों से रिश्ते अच्छे नहीं होते उनकी किशोरावस्था जल्दी शुरू हो जाती है। मनुष्यों की तरह, जिन कुत्तों के उन्हें पालने वालों के साथ सम्बंध अच्छे नहीं थे उनके प्रजनन चक्र में अंतर आया। यह भी देखा गया कि जो किशोर कुत्ते अपने पालकों के विछोह से दुखी थे उन्होंने अपने पालकों की बात नहीं मानी जबकि अन्य व्यक्ति की बात मानी। यह व्यवहार मानव किशोरों की असुरक्षा की भावना से मेल खाता है।
एक अन्य अध्ययन में अध्ययनकर्ताओं ने अन्य 69 गाइड कुत्तों का 5 महीने और 8 महीने की उम्र के दौरान अध्ययन किया। उन्होंने उनके मालिक और एक अजनबी को उन्हेंबैठनेका आदेश देने को कहा। सभी पिल्ले जब पूर्व-किशोरावस्था में थे, तब वे दोनों व्यक्तियों के आदेश पर तुरंत बैठ गए। लेकिन जब यही पिल्ले किशोरावस्था में पहुंचे तोबार-बारउन्होंने अपने पालक का आदेश मानने से इन्कार किया जबकि अनजान व्यक्ति की बात मान ली। जिन कुत्तों का अपने मालिकों से सुरक्षात्मक रूप से लगाव नहीं था उन्होंने अजनबियों के आदेश अधिक माने। यह व्यवहार भी मानव किशोरों की याद दिलाता है।
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गाइड कुत्तों पर किए गए एक अध्ययन के डैटा के आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि अन्य उम्र की तुलना में किशोर कुत्तों कोप्रशिक्षितकरना अधिक मुश्किल होता है।
टीम का मानना है कि किशोर कुत्तों और मानव किशोरों के व्यवहार में समानता को देखते हुए मनुष्यों में किशोरावस्था के अध्ययन के लिए कुत्ते अच्छे मॉडल हो सकते हैं। 


लॉकडाउन में ढील से तेजी से बढ़ रहा कोरोना

01-Jun-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत अब लॉकडाउन खत्म करने की ओर बढ़ रहा है। एम्स के डॉक्टरों की स्टडी में सुझाव दिया गया है कि भारत को अपना शिखर निकलने के बाद कुछ हफ्तों तक इंतज़ार करना चाहिए, जिससे लॉकडाउन के असल लाभों का फायदा उठाया जा सके।
स्टडी में कहा गया है, “लॉकडाउन को पूरी तरह हटाए जाने पर, तारीख चाहे कोई भी हो, हमने पाया कि परिवर्तनीय विलंब के बाद सक्रिय केसों की संख्या तेज़ी से बढ़ेगी। हमने ऑब्जर्व किया कि शिखर निकल जाने के बाद लॉकडाउन में ढील दिए जाने में देर करने से वो समय अंतराल बढ़ जाता है जो ढील की तारीख और सक्रिय केसों की नई बढ़ोतरी की तारीख के बीच होता है।
स्टडी में आगाह किया गया है, “हालांकि, भारत अभी अपने शिखर तक नहीं पहुंचा है क्योंकि कोरोना वायरस केसों के दैनिक जुड़ाव की 7-दिन की रोलिंग औसत में अभी तक गिरावट नहीं देखी गई है. ऐसी स्थिति में, लॉकडाउन में ढील दिए जाने से कोरोना वायरस केस तेजी से बढ़ सकते हैं।’’
स्टडी के मुताबिकदेश भर में लॉकडाउन का अचानक और पूरी तरह से हटाया जाना व्यावहारिक विकल्प नहीं है। क्योंकि यह कदमहर्ड इम्युनिटी’ (झुंड प्रतिरक्षा) की गैर मौजूदगी में केसों की संख्या में तेज बढ़ोतरी होते देखेगा। पर्याप्त लंबाई और असर वाला लॉकडाउन अंततः सक्रिय केसों को शिखर तक ले जाकर धीरे-धीरे नीचे लाना शुरू करता है।
स्टडी में कहा गया है कि एक बार सक्रिय केस शिखर पर पहुंच जाते हैं तो लॉकडाउन का विस्तार करने से अतिरिक्त लाभ हो सकते हैं। जैसे कि आबादी में संक्रामक पूल की थकान जिसकी तुलना छूट से पहले Covid-19 के कम फैलाव से की जा सकती है।
लॉकडाउन का विस्तार सक्रिय केसों की नई बढ़ोतरी (या दूसरी लहर) में देरी के साथ आता है. संभावित दूसरी लहर में देरी करना अहम है क्योंकि यह सरकार को अपने हेल्थकेयर सिस्टम को तैयार करने के लिए और अधिक वक्त देगा। इसलिए इस मॉडल के मुताबिक कोई देश अगर लॉकडाउन में ढील देने में जितनी देर करता है तो उसे उतना ही तैयारी के लिए अधिक वक्त मिलता है।
चीन सख्त लॉकडाउन उपायों को लागू करने और उनमें ढील देने में देर करने की क्लासिक मिसाल है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चीन 13 फरवरी को अपने शिखर पर पहुंचा, जब उसने एक ही दिन में 15,133 केस देखे. चीन ने 8 अप्रैल को महामारी के एपिसेंटर वुहान को शिखर पर पहुंचने के करीब दो महीने बाद बंदिशों से खोला और मौजूदा स्थिति में वो पूरे शहर की टेस्टिंग कर रहा है।
यदि भारत शिखर को हिट करने के दो हफ्ते बाद लॉकडाउन में पूरी तरह से ढील देता है तो संभावना है कि सक्रिय केस पांच दिन में बढ़ सकते हैं, लेकिन अगर यह शिखर पर पहुंचने के एक महीने के बाद लॉकडाउन को रिलेक्स करता है, तो ऐसा करने से दूसरी लहर से निपटने के लिए तैयार होने में करीब एक हफ्ता और मिल जाएगा।
स्टडी से यह भी पता चलता है कि अगर शिखर हिट करने के बाद लॉकडाउन को आठ सप्ताह (या दो महीने) के लिए बढ़ाया जाता है, तो भारत को सक्रिय केसों में एक नई बढ़ोतरी की तैयारी के लिए लगभग 15-16 दिन का अतिरिक्त समय मिल सकता है। स्टडी के मुताबिक अगर लॉकडाउन को अचानक हटाने की जगह धीरे-धीरे उठाया जाता है तो इससे तैयारी के वक्त में और अधिक लाभ होता है क्योंकि सक्रिय केसों में नई बढ़ोतरी धीमी गति से होती है।
स्टडी में लॉकडाउन में ढील के बाद टेस्टिंग बढ़ाने के असर का भी विश्लेषण किया गया है। रिसर्च के मुताबिक लॉकडाउन में ढील के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बढ़ी हुई टेस्टिंग संक्रमण की कुल संख्या को खासी घटाने में मदद करती है।

स्टडी में कहा गया है, `ढील की हद, जो कि संक्रमण के असहनीय पलटाव के बिना संभव हो, बहुत ज्यादा की गई टेस्टिंग के स्तर पर निर्भर करती है, खास तौर पर लॉकडाउन के बाद छूट की स्थिति में, जबकि गहन सोशल डिस्टेंसिंग और बहुत महंगी टेस्टिंग दोनों का साथ होना गैर व्यावहारिक हो सकते हैं, लेकिन दोनों के असर को जहां तक संभव हो सके वहां तक ले जाने से महामारी को नियंत्रण में रखा जा सकता है।” 


मशहूर संगीतकार वाजिद खान का निधन

01-Jun-2020

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश) मशहूर संगीतकार वाजिद खान की रविवार की देर रात को लम्बी बीमारी के बाद मौत हो गई। 43 वर्षीय वाजिद की मौत मुम्बई के चेम्बूर में स्थित अस्पताल में हुई, जहां वे किडनी और गले में इंफेक्शन होने के चलते पिछले ढाई-तीन महीने से भर्ती थे। पिछले तीन दिनों से वाजिद वेंटिलेटर में थे और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।




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