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हरियाणा में सड़क हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत, तेज रफ्तार ट्रक ने मैजिक को मारी टक्कर, 10 घायल

03-Sep-2024
हरियाणा  ( शोर संदेश )   में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. हादसे में सात लोगों की मौत हो गई. मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हमले में 10 लोग घायल हो गए. घायल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है. घटना हरियाणा के जींद की है. 
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, जींद के हिसार-चंडीगढ़ हाइवे पर बिधराना गांव के पास सोमवार-मंगलवार की रात एक ट्रक ने अपने आगे चल रहे टाटा मैजिक को टक्कर मार दी. टक्कर के कारण टाटा मैजिक पलट कर सड़क किनारे गड्ढों में गिर गया. टाटा मैजिक में सवार सात लोगों की मौत हो गई. हादसे मे 10 लोग घायल भी हुए, जिनका इलाज जारी है. पुलिस के मुताबिक. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लोग कुरुक्षेत्र जिले के मर्चहेड़ी गांव के रहने वाले हैं. वे सोमवार शाम को टाटा मैजिक से राजस्थान के गोगामेड़ी धाम जा रहे थे. 
पुलिस ने आगे बताया कि रात साढ़े 12 बजे वह बिधराना गांव के पास ही पहुंचे थे कि तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने टाटा मैजिक को टक्कर मार दी. टक्कर से टाटा मैजिक अनबैलेंस हो गया और सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया. हादसे के कारण घटनास्थल पर हंगामा हो गया. आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए लेकिन अंधेरा होने के कारण लोग कुछ कर नहीं पाए. लोगों के इसके बाद पुलिस को कॉल किया. कॉल पर उन्होंने हादसे की जानकारी दी. 
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने देखा कि वह पूरा इलाका खून से लथपथ था. घायल दर्द से कराह रहे थे. उनके बर्तन और खाने-पीने की चीजें फैल गईं. हालत ऐसी थी कि मौके पर सात एंबुलेंसों को बुलाना पड़ गया. लोगों को नरवाना सिविल अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने वहां सात लोगों को मृत घोषित कर दिया.  प्राथमिक इलाज के बाद घायलों को सिविल अस्पताल से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. 
 

यूपी में 2.45 लाख कर्मचारियों की सैलरी लेने का आदेश लिया वापस

03-Sep-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के करीब 2.45 लाख कर्मचारियों का वेतन रोक दिया था। दरअसल, यूपी सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्तियों का ब्योरा देने को कहा था। सख्ती के बाद भी 2.45 लाख राज्य कर्मचारियों ने संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया। विभागों की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कर्मचारियों का अगस्त महीने का वेतन रोक दिया गया था।
71% कर्मियों ने दी सम्पत्तियों की जानकारी
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने राज्य कर्मियों को 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से मानव सम्पदा पोर्टल पर चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद सभी कर्मियों ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं किया है। मिली जानकारी के मुताबिक मात्र 71 फीसदी कर्मियों ने ही अपनी सम्पत्तियों की जानकारी ऑनलाइन की है। प्रदेश के सरकारी विभागों में 846640 राज्य कर्मचारी हैं। मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी 602075 कर्मियों ने ही मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया है।
सैलरी रोकने की लिस्ट में शिक्षक नहीं हैं शामिल
मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को भी आईएएस और पीसीएस की तर्ज पर ऑनलाइन अपनी संपत्तियों का ब्योरा देना होगा। इसमें शिक्षकों के साथ निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को शामिल नहीं किया गया था। मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी कर्मियों ने संपत्तियों का ब्योरा देने में दिलचस्पी दिखाई है।

'कंधार हाइजैक' वेब सीरीज में 'शिव' और 'भोला' पर नेटफ्लिक्स ने सरकार को दी सफाई

03-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'आईसी 814 कंधार हाईजैक' के कंटेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इसमें 2 हाइजैकर्स को हिंदू नाम दिये गए हैं, जिन्हें लेकर आपतित जताई जा रही है. इस विवाद पर केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. सूत्रों ने बताया कि नेटफ्लिक्स इंडिया ने केंद्र को आश्वासन दिया है कि भविष्य में कंटेंट 'देश की भावनाओं' के अनुरूप होगी. ओटीटी दिग्गज का आश्वासन उसकी वेब सीरीज 'आईसी 814 कंधार हाईजैक' से जुड़े विवाद के बाद आया है.
'आईसी 814 कंधार हाईजैक' वेब सीरीज 1999 में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन द्वारा इंडियन एयरलाइंस की उड़ान के अपहरण की कहानी है. सूत्रों ने बताया कि वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार और स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स के बीच एक घंटे की बैठक में हुई. अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित और 29 अगस्त को रिलीज़ हुई. फिल्म में 2 हाइजैर्क्स को 'भोला' और 'शंकर' नाम दिया गया है, जिसे लेकर सवाल खड़े किये जा रहे हैं. इसे ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड माना जा रहा है. विरोध कर रहे लोगों का तर्क है कि यह आतंकवादियों की वास्तविक पहचान को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे हिंदू भावनाएं आहत होती हैं.
वेब सीरीज में हाइजैकर्स को (1) चीफ, (2) डॉक्टर, (3) बर्गर, (4) भोला और (5) शंकर से पुकारा जा रहा है, ये वे नाम थे, जिनसे अपहर्ता हमेशा एक को संबोधित करते थे. सरकारी दस्तावेज भी बताते हैं कि हाइजैक किये गए विमान में हाइजैकर्स एक-दूसरे को इन्हीं नामों से पुकार रहे थे. ऐसे में नेटफ्लिक्स पर शायद ही कोई कार्रवाई की जाए.

'रेपिस्ट को 10 दिन में सजा-ए-मौत', ममता बनर्जी बंगाल विधानसभा में पेश करेंगी बिल

02-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले से पूरा देश स्तब्ध है. इस तरह की जघन्य घटनाओं को रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है. इस बीच बंगाल सरकार का सोमवार से विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस विशेष सत्र के दौरान एक विधेयक पेश किया जाएगा जिसमें दुष्कर्म के दोषियों को 10 दिन के अंदर फांसी की सजा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है. सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र सोमवार को शुरू होगा और प्रस्तावित विधेयक मंगलवार को पेश किए जाने की पूरी संभावना है. मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा विधानसभा में ममता के इस कदम का समर्थन करेगी.
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले से पूरा देश स्तब्ध है. इस तरह की जघन्य घटनाओं को रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है. इस बीच बंगाल सरकार का सोमवार से विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस विशेष सत्र के दौरान एक विधेयक पेश किया जाएगा जिसमें दुष्कर्म के दोषियों को 10 दिन के अंदर फांसी की सजा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है. सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र सोमवार को शुरू होगा और प्रस्तावित विधेयक मंगलवार को पेश किए जाने की पूरी संभावना है. मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा विधानसभा में ममता के इस कदम का समर्थन करेगी. वहीं, बीजेपी का कहना है कि उनकी पार्टी बलात्कार के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार के विधेयक का समर्थन करेगी. 

वक्फ बोर्ड घोटाले में ईडी का एक्शन : अमानतुल्लाह खान गिरफ्तार

02-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   आम आदमी पार्टी (आप) के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। सुबह उनके आवास पर करीब 6 घंटे तक छापेमारी के बाद विधायक को ईडी की टीम अपने साथ ले गई। कथित वक्फ बोर्ड घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने यह ऐक्शन लिया है। सुबह छापेमारी के बाद अमानतुल्लाह खान के घर पर काफी हंगामा हुआ। विधायक ईडी की टीम को अपने घर में घुसने से रोकने की कोशिश करते रहे। उन्होंने अपनी सास के बीमार होने का हवाला भी दिया था।
सुबह करीब 7 बजे ईडी की एक टीम विधायक के ओखला स्थित आवास पर सर्च वारंट के साथ पहुंची थी। विधायक ने काफी देर तक गेट नहीं खोला और जंगले से अफसरों के साथ बहस करते रहे। मौके पर पुलिस और पैरा मिल्ट्री फोर्स के जवान भी मौके पर बुलाए गए। बाद में किसी तरह विधायक माने और अफसरों को अंदर आने दिया। 7 अफसरों की टीम घर के अंदर काफी देर तक जांच करती रही। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ईडी की टीम विधायक को अपनी गाड़ी में बिठाकर निकली। 
इस दौरान वहां मीडिया के अलावा स्थानीय लोगों और विधायक के समर्थकों की भीड़ एकत्रित हो चुकी थी थी। काफी हो हंगामे के बीच पुलिसकर्मियों ने गाड़ी के निकलने का रास्ता बनाया। दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के खिलाफ 2016 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। बाद में कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग की बात सामने आने पर ईडी ने केस दर्ज किया है। 
ईडी ने हाल ही में कोर्ट से शिकायत की थी कि अमानतुल्लाह खान एजेंसी के सामने हाजिर नहीं हो रहे हैं और जांच में शामिल नहीं होते। एएनआई के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर करके और जांच से दूर भागकर अपनी भूमिका गवाह से बाढ़कर आरोपी की कर ली है। ईडी के वकील ने कहा था कि जांच एजेंसी उनके खिलाफ जांच को पूरी नहीं कर पाई है क्योंकि खान पेश नहीं हो रहे हैं।
चार आरोपियों और एक कंपनी के खिलाफ चार्जशीट पहले ही दायर हो चुकी है। आरोप है कि 100 करोड़ की वक्फ प्रॉपर्टी को अवैध तरीके से लीज पर दिया गया था। यह भी आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए 32 
 

पीएम मोदी ने तीन वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, एक यूपी और दो दक्षिण भारत में दौड़ेंगी

31-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें से एक मेरठ को लखनऊ से जबकि दो अन्य दक्षिण भारतीय शहरों मदुरै को बेंगलुरु और चेन्नई को नागरकोइल से जोड़ेंगी। मोदी ने हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दक्षिणी राज्यों का तेजी से विकास महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि से दक्षिणी राज्यों में रेल परिवहन मजबूत हुआ है।
मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को दोनों शहरों के बीच मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग एक घंटे पहले पहुंचाएगी। इसी तरह, चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत से दो घंटे से अधिक समय और मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत ट्रेन से करीब डेढ़ घंटे का समय बचेगा। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक भारतीय रेलवे सभी के लिए आरामदायक यात्रा की गारंटी नहीं बन जाती।
इससे पहले शनिवार को एक अन्य कार्यक्रम में पीएम मोदी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित न्याय की जोर देते हुए कहा कि इससे महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा। मोदी ने कहा कि न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक माना जाता है और उच्चतम न्यायालय एवं न्यायपालिका ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की उपस्थिति में जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लोगों ने उच्चतम न्यायालय या न्यायपालिका के प्रति कभी कोई अविश्वास नहीं दिखाया।

फिर आने वाला है कोविड! दुनिया में बढ़ते मामलों के बीच भारत को किया गया अलर्ट

31-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  भारत में एक बार फिर कोविड-19 दस्तक देने वाला है, जिसके संकेत मिलने शुरू हो गए हैं. देश ने 2020-21 तक कोविड महामारी का सामना किया था, जिसके बाद अब एक बार फिर कोविड-19 की आहट सुनाई दे रही है. दरअसल, पूरी दुनिया में अमेरिका से लेकर साउथ कोरिया तक कोविड के केस सामने आने शुरू हो गए हैं.
इसी बीच नोएडा में शिव नाडर यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर दीपक सहगल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, भारत में भी एक बार फिर कोविड-19 दाखिल हो सकता है, जिसके लिए अभी से सावधानी बरतनी शुरू कर देनी चाहिए.
अमेरिका में कोविड केस में बढ़ोतरी
अमेरिका में कोविड केस की तादाद में इजाफा हो रहा है, यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुमान के मुताबिक, देश के 25 राज्यों में कोविड संक्रमण बढ़ रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के अस्पताल में इस समय 4 हजार से ज्यादा लोग भर्ती हैं. साथ ही साउथ कोरिया में भी बड़ी संख्या में कोविड के केस देखे जा रहे हैं.
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 24 जून से 21 जुलाई के बीच 85 देशों में हर हफ्ते सार्क-कोविड-2 के लिए औसतन 17,358 कोविड टेस्ट किए गए.
भारत में फिलहाल कितने एक्टिव केस सामने आए हैं, इस पर डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट पेश की है, जिसके मुताबिक, भारत में जून से जुलाई के बीच 908 कोविड के मामले सामने आए, साथ ही इस बीच 2 लोगों की मौत भी दर्ज की गई. प्रोफेसर दीपक सहगल ने बताया, भारत में हालात अन्य देशों की तरह गंभीर नहीं है, लेकिन हमें कोविड-19 के कहर के लिए तैयार रहने की जरूरत है.दीपक सहगल ने कहा, वायरस एक बार फिर से सामने आ रहा है, WHO ने बताया कि दुनिया में इस वायरस से लगभग 26 प्रतिशत मौतें हुई हैं और 11 प्रतिशत की कोविड केस में बढ़ोतरी हुई.
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट आई सामने
इस बार जिस कोविड का कहर सामने आया है वो केपी वेरिएंट से संचालित होता है – जो ओमिक्रॉन से संबंधित है. जनवरी में ओमिक्रॉन पहली बार विश्व स्तर पर पहचाना गया. भारत में, KP.2 का पहली बार दिसंबर 2023 में ओडिशा में पता चला था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड से पता चला कि भारत के कई राज्यों में 279 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, साथ ही कोविड मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. असम, नई दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कोविड संक्रमण में इजाफा देखा जा रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने क्या कहा?
हालांकि, कोविड के एक बार फिर दस्तक देने के बाद भी हालात सामान्य है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जुलाई में संसद में बताया कि देश में हालात सामान्य है और अभी अस्पताल में कोविड केस की बढ़ोतरी नहीं देखी गई है. सहगल ने कहा, “सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है. साथ ही देश में आबादी के हिसाब से उचित मात्रा में कोविड-19 के टीके भी मौजूद हैं. सहगल ने कहा, बूस्टर वैक्सीन की खुराक इसमें मदद करेगी.
 

राजकोट किले में भव्य और विशाल शिवाजी की मूर्ति बनाएंगे’, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का एलान

31-Aug-2024
 ( शोर संदेश ) महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित ऐतिहासिक राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2023 में किया था, 26 अगस्त को अचानक गिर गई. इस घटना ने राज्य में गहरे असंतोष का माहौल बना दिया है और विपक्षी दलों ने इसे लेकर आक्रामक रुख अपनाया है.
विपक्ष का आक्रोश और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
आपको बता दें कि घटना के बाद महाविकास अघाड़ी के वरिष्ठ नेताओं जैसे सतेज पाटिल, आदित्य ठाकरे, अंबादास दानवे, वैभव नाइक, जयंत पाटिल और कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मौके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. एनसीपी के प्रमुख शरद पवार और संजय राउत ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना के लिए माफी मांगी और मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है. मुख्यमंत्री शिंदे ने इस मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने का आश्वासन भी दिया.
विपक्ष के सवाल - 'शिंदे सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान'
आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने इस घटना को लेकर चार महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं, जो इस विवाद को और गहरा कर रहे हैं.
समिति की योग्यता पर सवाल: अंबादास दानवे ने सवाल किया कि क्या इस समिति में शामिल सदस्यों के पास मूर्तिकला का कोई अनुभव है? क्या वे गिर गई मूर्ति का सही अध्ययन करने के योग्य हैं?
मूर्ति की ऊंचाई और उसकी सुरक्षा: दानवे ने यह भी पूछा कि क्या मूर्ति की ऊंचाई का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था? क्या इस ऊंचाई को किले की संरचना और द्वीप की मजबूती के अनुसार तय किया गया था, या इसे केवल राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते बढ़ाया गया था?
किले की मूल संरचना का अनादर: दानवे ने तीसरा सवाल यह उठाया कि क्या किले की पुरानी संरचना को दरकिनार कर आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया था, जिससे उसकी प्राचीनता प्रभावित हुई?
विशेषज्ञों की अनदेखी: चौथा सवाल उठाते हुए दानवे ने पूछा कि क्या कुछ विशेषज्ञों को जानबूझकर समिति से बाहर रखा गया, ताकि मौजूदा सदस्यों के प्रति पक्षपात किया जा सके?
मूर्ति निर्माण से जुड़े विवाद
वहीं बता दें कि इस बीच शिवाजी महाराज की मूर्ति के निर्माणकर्ता जयदीप आप्टे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. हालांकि, निर्माण सलाहकार चेतन पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा. बहरहाल, इस पूरी घटना ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और सरकार की साख पर सवाल उठने लगे हैं. अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.

सीएम ममता के पत्र का केंद्र ने दिया करारा जवाब, कहा- आप गलत जानकारी देकर छिपा रहीं कमी

31-Aug-2024
कोलकाता ( शोर संदेश )    के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर रेप मर्डर केस में घिरी ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है. इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को एक और पत्र लिख कर इस मामले में हस्तक्षेत्र करने की मांग की. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को दिखे पत्र में उनके पहले पत्र का जवाब न देने का भी आरोप लगाया. जिसपर अब केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने जवाब दिया है. ममता बनर्जी के पत्र के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पत्र में तथ्यात्मक गलती बताते हुए सीएम ममता की कड़ी आलोचना की है.
ममता बनर्जी को केंद्रीय मंत्री का करारा जवाब
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिए जवाब में कहा है कि इस पत्र का उद्देश्य राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के संचालन में हुई देरी को छिपाना है. उन्होंने आगे कहा कि, "इस संबंध में आपके पत्र में दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है और यह राज्य द्वारा एफटीएससी के संचालन में देरी को छिपाने की दिशा में एक कदम प्रतीत होता है."
उन्होंने सीएम ममता के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि, "पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट और विशेष पॉक्सो कोर्ट की स्थिति के बारे में आपने जो बताया है, वह मुझे  कलकत्ता उच्च न्यायालय से प्राप्त जानकारी से अलग लगता है." उन्होंने कहा कि, पश्चिम बंगाल ने 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए हैं, जो केंद्र सरकार की योजना के तहत आने वाले फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के समान नहीं हैं. केंद्रीय मंत्री ममता बनर्जी के पत्र का जवाब देते हुए इस बात का भी जिक्र किया कि, 48,600 लंबित मामले होने के बाद भी पश्चिम बंगाल ने बलात्कार और पोक्सो मामलों से निपटने के लिए अतिरिक्त फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों का संचालन नहीं किया है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पहले ही जरूरी कदम उठाए हैं. इनमें 88 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट और 62 पॉक्सो अदालतों के साथ-साथ बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए 10 विशेष अदालतों की स्थापना भी शामिल है. ममता ने अपने पत्र में लिखा कि सभी अदालतें राज्य की ओर से चलाई जा रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने और इन अदालतों में स्थायी न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करने की अनुमति मांगी थी.
 

किसानों को लेकर एक्ट्रेस के बयान पर भड़के रॉबर्ट वाड्रा

31-Aug-2024
  ( शोर संदेश )   कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कंगना रनौत के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. कंगना बीजेपी की सांसद हैं, जिनको लेकर वाड्रा का कहना है कि संसद में उनके लिए कोई जगह नहीं है, और ये कि वह इसके योग्य नहीं हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस से सांसद बनीं कंगना अपने बयानों के लिए मीडिया हेडलाइन में बनी रहती हैं और किसानों पर दिए उनके हालिया बयान के बाद वह फिर से चर्चा में हैं.
रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में सांसद कंगना रनौत के बयान पर कहा, "वह एक महिला हैं. मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन मुझे लगता है कि वह संसद में रहने के योग्य नहीं हैं. वह शिक्षित नहीं हैं. मुझे लगता है कि वह लोगों के बारे में नहीं सोचतीं. उन्हें महिलाओं के बारे में सोचना चाहिए." वाड्रा ने इसके साथ ही लोगों को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की.
रॉबर्ड वाड्रा ने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर एक साथ आकर विचार करना चाहिए. कंगना रनौत ने बीते दिन अपने एक इंटरव्यू में कथित रूप से किसानों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी.
आंदोलन के दौरान, कंगना रनौत का दावा था, "शव लटक रहे थे" और "रेप" हो रहे थे. सत्तारूढ़ बीजेपी सांसद ने आगे दावा किया था कि आंदोलन के पीछे अमेरिका और चीन जैसे देशों की भी साजिश थी. इसको लेकर विपक्षी दलों ने कंगना और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया. मसलन, कंगना के बयान को लेकर विपक्षी पार्टियां बीजेपी सरकार पर किसान विरोधी और महिला विरोधी होने के आरोप लगा रही हैं.
बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा पूजा स्थलों का दौरा करने और दिव्यांग बच्चों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलने के लिए पहुंचे थे, जब उन्होंने कंगना रनौत के बयान पर प्रतिक्रिया दी और उन्हें संसद के लिए अयोग्य बताया.
 


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