
कोण्डागांव (शोर सन्देश)। कोण्डागांव जिला न्यायालय में 37 लोगों को टोनही प्रताड़ना के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। छ: साल बाद आए इस फैसले में न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं पर भी सजा एवं अर्थदण्ड दिया है। प्रकरण को लेकर लोक अभियोजक अशोक चौहान ने बताया है कि घटना ग्राम माहका में घड़वाराम करंगा के परिवार में उसकी पत्नी दशरीबाई व पुत्री रामवती को गांव के लोग जादू-टोना, तंत्र-मंत्र करने की बात हमेशा गांव में बैठक बुलाकर करते थे, लेकिन उसके परिवार द्वारा मना किया जाता था। 20 नवंबर 2014 की सुबह करीब 8 बजे ग्राम माहका में घोटुल में गांव वालों द्वारा बैठक बुलाई गई, जिसमें गांव के घड़वाराम के परिवार को भी बुलाया गया।
बैठक में घड़वाराम, उसकी पत्नी दशरी बाई, बेटी रामवती व उसका पति मानकू उर्फ मानू उईके, बेटा रानू करंगा, श्रीमती बजारो, जुगरी पत्नी रानू करंगा उपस्थित हुए। गांव के गाण्डोराम, दशरू कचलाम, पुनउ, मगडू, सिगलु कुमेटी, घसिया सलाम, संतू करंगा, सोनू करंगा, दस्सू करंगा, मंगल करंगा निवासी ग्राम माहका आमासर पंचायत में उपस्थित थे। इन लोगों के द्वारा घड़वा करंगा परिवार से कहा गया कि तुम लोग गांव में जादू-टोना कर रहे हो, जिससे गांव वाले परेशान है। जिसके बाद गाली गलौच करते हुए आसपास पड़े हुए बांस व लकड़ी के डंडे, हाथ मुक्का से घड़वाराम, उसकी पत्नी दशरीबाई और पुत्री रामवती को मारने पीटने लगे। जिसके बाद घड़वा करंगा के बांए कान में चोट लगकर खून बहने लगा, जिसे अधमरा छोड़कर दशरी बाई और रामवती बाई की भी हाथ, लात, मुक्के से मारपीट करते हुए उन्हें जबरन जंगल में डोंगरी की ओर उक्त लोग ले गए। ज्यादा मारपीट करने से जंगल की ओर ले जाते समय दशरी बाई और रामवती की मौत हो गई। जिसके बाद अन्य आरोपियों ने लकड़ी जंगल से उठाकर लाए और दशरी बाई और रामवती की लाश को लकड़ी में रखकर जला दिया। घड़वाराम को आरोपियों ने अधमरा छोड़ दिया था, जिसे उसके परिजन मौके से वापस लाए और उसे 23 नवंबर 2014 को इलाक के लिए नारायणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के आधार पर नारायणपुर थाने में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 302 भा.दं.सं. एवं 4, 5, 6 टोनही प्रताडना अधिनियम के तहत प्रथम सूचना रिर्पोट दर्ज की गई। विवेचना उपरांत धारा 147, 148, 149, 302 भा.दं.सं. एवं 4, 5, 6 टोनही प्रताडना अधिनियम के अपराध में अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया ।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस का कहर देश में कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या में थोड़ी कमी देखने को जरूर मिल रही है। देश में पिछले 24 घंटों में 63,509 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 72 लाख 39 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। वहीं, 24 घंटे में 730 लोगों की जान चली गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 63,509 नए मामले सामने आए और 730 मौतें हुईं। देश में कोविड-19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 72,39,390 है जिसमें 8,26,876 सक्रिय मामले, 63,01,928 ठीक/डिस्चार्ज/विस्थापित मामले, 1,10,586 मौतें शामिल हैं।
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 55,342 नए मामले सामने आए और 706 मौतें हुईं। देश में कोविड-19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 71,75,881 है जिसमें 8,38,729 सक्रिय मामले, 62,27,296 ठीक/डिस्चार्ज/विस्थापित मामले, 1,09,856 मौतें शामिल हैं।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 12 अक्टूबर तक कोविड-19 के 9,00,90,122 सैंपल टेस्ट किए गए। इनमें से 10,73,014 सैंपलों का टेस्ट सोमवार को किया गया था। पॉजिटिविटी रेट 7 प्रतिशत से कम है। कोरोना वायरस के 54% मामले 18 साल से 44 साल की उम्र के लोगों को हैं लेकिन कोरोना वायरस से होने वाली 51% मौतें 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में हुईं हैं।
00 मृत्यु दर और सक्रिय मामलों में गिरावट
बढ़ते कोरोना मामलों के बीच राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मृत्यु दर गिरकर 1.64% हो गई। इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 21% हो गई है। इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 78% हो गई है। भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है।
00 सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में
देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र में दो लाख से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं।
बता दें दुनिया भर में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में भारत दूसरे स्थान पर है। इस सूची में 80 लाख 90 हजार से ज्यादा संक्रमितों के साथ अमेरिका पहले, भारत (72 लाख 39 हजार) दूसरे और ब्राजील 51 लाख 14 हजार से ज्यादा मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत निर्वाचन आयोग ने 11 राज्यसभा सीटों (उत्तर प्रदेश से 10 और उत्तराखंड से एक) के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा मंगलवार 13 अक्टूबर को कर दी। इन सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार मतदान 9 नवंबर को होंगे और मतगणना भी उसी दिन होगी। जिन 11 राज्यसभा की सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें कांग्रेस के सीनियर लीडर पीएल पुनिया, राज बब्बर के भी नाम शामिल हैं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए हुई राष्ट्रीय प्रवेश एवं प्रात्रता परीक्षा-नीट का परिणाम इस महीने की 16 अक्टूबर की तारीख को घोषित करने के आदेश दिये हैं। न्यायालय ने कोविड-19 के नियंत्रण क्षेत्रों में रहने वाले उन सभी छात्रों के लिए कल नीट परीक्षा कराने के भी आदेश दिये हैं जो पहले करायी गई परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये। इससे पहले सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी उन सभी छात्रों के लिए नीट परीखा करायेगी जो कोविड-19 के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में फंसे होने या स्वयं कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण पहले परीक्षा नहीं दे पाए। ऐसे छात्रों के लिए कल नीट की परीक्षा कराई जायेगी। नीट देश की सर्वाधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में एक है जिससे छात्रों को सर्वाधिक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलता है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि केन्द्र उन राज्यों को ऋण लेने में मदद करेगा जो जीएसटी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए प्रस्तावित उधारी विकल्प अपनाना चाहते हैं। कोविड महामारी के कारण राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति के उपायों पर अधिकांश राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश के वित्तमंत्री सहमत हैं। नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण ने बताया कि 21 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों ने उधार लेने के विकल्प पर सहमति व्यक्त की है लेकिन इस मुद्दे पर अभी आम सहमति बनाई जानी है। उन्होंने कहा कि परिषद उन राज्यों से बातचीत कर मतभेद हल करने का प्रयास करेगी, जो चाहते है कि केन्द्र उधार लेकर उनके नुकसान की भरपाई करे। बता दें छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों ने यह मांग उठाई थी कि केन्द्र उधार लेकर उनके नुकसान की भरपाई करे। वित्तमंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि केन्द्र उधार लेकर राज्यों की क्षतिपूर्ति का भुगतान करता है तो इससे सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की उधारी लागत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों में किसी बढ़ोत्तरी से अन्य कंपनियों की उधारी लागत बढ़ेगी। श्रीमती सीतारामन ने राज्यों को भरोसा दिलाया कि उनके ऋण की मूलराशि और पूरे ब्याज का भुगतान क्षतिपूर्ति उपकर से किया जाएगा। जी.एस.टी. परिषद उपकर की अवधि पांच वर्ष की तय सीमा से पहले ही बढ़ा चुकी है। पहले यह जून 2022 में समाप्त हो रही थी।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 55,342 नए केस सामने आए हैं और 706 लोगों की मौत हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 71,75,881 हो गई है। इसमें कोरोना के 8,38,729 मामले सक्रिय हैं। वहीं, 62,27,296 लोगों को इलाज के बाद अब तक अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं, कोरोना की चपेट में आकर अब तक 1,09,856 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से कोरोना के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह बेहद चिंताजनक हैं। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 15,35,315 केस सामने आ चुके हैं। कोरोना प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। राज्य में कोरोना के 2,12,439 मामले सक्रिय हैं। अब तक 12,81,896 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 40,514 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश दूसरे नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में कोरोना के अब तक 7,58,951 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में 43,983 सक्रिय केस हैं और 7,08,712 लोगों को अस्पताल से इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। अब तक 6,256 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में कर्नाटक तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। कर्नाटक में अब तक कोरोना के 7,17,915 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,15,776 केस सक्रिय हैं और 5,92,084 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में कोरोना से अब तक 10,036 लोगों की जान जा चुकी है।
वहीं, तमिलनाडु कोरोना प्रभावित राज्यों में चौथे ने नंबर पर है। राज्य में अब तक कोरोना के 6,61,264 केस सामने आ चुके हैं। इनमें 43,747 मामले सक्रिय हैं और 6,07,203 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में अब तक कोरोना से 10,314 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश कोरोना प्रभावित राज्यों में पाचंवें नंबर पर है। यूपी में कोरोना के अब तक 4,39,161 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के 38,815 सक्रिय मामले हैं। अब तक 3,93,908 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक 6,438 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। रिलायंस जियो देश में 40 करोड़ ग्राहक का आंकड़ा पार करने वाली देश की पहली दूरसंचार सेवा कंपनी बन गयी है। दूर संचार विनियामक ट्राई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने जुलाई में शुद्ध रूप से 35 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कुल देश में कुल दूरसंचार ग्राहकों की संख्या जुलाई में थोड़ी बढ़ कर 116.4 करोड़ हो गयी है। जुलाई में यह संख्या 116 करोड़ थी।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में मोबाइल फोन कनेक्शन बढ़ कर 114.4 करोड़ हो गए हैं। जून में यह संख्या 114 करोड़ थी। इनमें शहरी ग्रामीण क्षेत्र के कनेक्शन क्रमश: 61.9 करोड़ 52.1 करोड़ थे। स्थिर लाइन कनेक्शन की संख्या कई वर्ष बाद जुलाई में हल्की बढ कर 1,98,20,419 हो गयी। इसमें जियो अन्य निजी कंपनियों का बड़ा योगदान रहा। इस दौरान सरकारी क्षेत्र की भारत संचार निगम लि. एमटीएनएल तथा रिलायंस कम्यूनिकेशन्स तथा टाटा टेली सविसेज के स्थिर लाइन कनेक्शनों की संख्या में गिरावट का सिलसिला बना रहा।
00 रिलायंस जियो का हिस्सा 35.03 फीसदी पर पहुंचा
भारत के मोबाइल बाजार में रिलायंस जियो का हिस्सा 40,08,03,819 ग्राहकों के साथ 35.03 प्रतिशत पर पहुंच गया है। भारती एयरटेल ने जुलाई में 32.6 बीएसएनएल ने 3.88 लाख मोबाइल ग्रहक जोड़े। इसी दौरान वोडाफोन ने 37 लाख से अधिक एमटीएनएल ने 5,457 लाख मोबाइल ग्रहाक गंवाए। आलोच्य माह में ब्राडबैंड कनेक्शन की संख्या 1.03 प्रतिशत बढ़ कर 70.54 करोड़ हो गयी. जून में यह 69.82 करोड़ थी।

लखनऊ (शोर सन्देश)। हाथरस केस की जांच के लिए सीबीआई टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है। क्राइम सीन पर पहुंचकर सीबीआई पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी। ये पहली बार होगा की सीबीआई की टीम मौके पर पहुंच रही है।
रविवार को सीबीआई ने इस केस को अपने हाथों में लिया है। सीबीआई की एफआईआर में गैंगरेप, हत्या, हत्या का प्रयास, एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। कल ही पीड़ित परिवार हाईकोर्ट में पेश हुआ और परिवार ने अपनी बात कोर्ट के सामने रखी है। परिवार ने प्रशासन पर सवाल उठाये, जबरन अंतिम संस्कार करने की बात कही और हाथरस के डीएम पर गंभीर आरोप लगाये। अब इन सभी मामलों की जांच सीबीआई के पास है, तो मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाली सीबीआई इसकी जांच करेगी कि गलती कहां और किस-किस से हुई है।
सीबीआई की टीम पहुंचने से पहले हाथरस में भारी पुलिस व्यवस्था की गई है। हालांकि क्राइम सीन पर अब क्या मिलेगा इसको लेकर संशय है लेकिन सीबीआई की जांच उसी जगह से शुरू होगी। पीड़ित परिवार ने चार लोगों पर आरोप लगाया है और कहां कि पीड़ित लड़की से गैंगरेप के बाद गलादबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इन सारे आरोपों के बाद अब सीबीआई की जांच शुरू हो गई है और सबूत जुटाने टीम मौके पर पहुंच रही है।
00 कल हाई कोर्ट से अधिकारियों को पड़ी थी फटकार
कल ही हाथरस का पीड़ित परिवार लखनऊ से वापस घर लौटा है। कोर्ट में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए। परिवार के आरोपों पर कोर्ट ने प्रशासन के आला अधिकारियों को फटकार लगाई तो उन्हें जवाब देते नहीं बन रहा था।
कोर्ट ने सीधे सवाल किया कि अगर किसी रसूखदार की बेटी होती, या आपके परिवार की बेटी होती तो क्या आधी रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता?
कोर्ट ने ये भी कहा कि जहां जरूरत गंगाजल की थी, वहां केरोसिन डालकर चिता जला दी गई, ये मानवाधिकारों का उल्लंघन है। अपनी सफाई में डीएम ने दलील दी कि शव खराब होना शुरू हो गया था और गांव में 300 से 400 लोगों की भीड़ जुट गई थी, इस पर परिवार ने कोर्ट के सामने अधिकारियों की पोल पट्टी खोल दी।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। दीपावली और दशहरे से पहले मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महामारी से अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिए दो प्रस्ताव पेश किए हैं। पहला एलटीसी कैश वाउचर स्कीम और दूसरा स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम है। स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस देगी। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी में टिकट किराये का भुगतान नकद में किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसी नकद वाउचर योजना और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू की जाएगी। मांग को प्रोत्साहन के लिए एलटीए खर्च के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी। एलटीसी के लिए नकद पर सरकार का खर्च 5,675 करोड़ रुपये बैठेगा। सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस के तौर पर दिये जाएंगे। ताकि त्योहारों के समय सरकारी कर्मचारियों के पास खरीदारी के लिए पैसा हो। महामारी ने अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। सरकार की कई घोषणाओं के जरिए गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा किया गया। आपूर्ति की बाधा को कम किया गया लेकिन उपभोक्ता मांग को अभी भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। चीन से तनाव के बीच भारत लगातार खुद को मज़बूत करने में लगा हुआ है। हाल ही में हुए अटल टनल के उद्घाटन के बाद आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीमा सड़क संगठन (शोर सन्देश) द्वारा सात राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए 44 पुलों को देश को समर्पित किया।
अरुणाचल के तवांग के लिए बनने वाली नेचिपु सुरंग की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए आधारशिला रखी। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए 44 पुलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उद्घाटन किया। 44 में से 10 पुल जम्मू-कश्मीर वहीं 3 पुल हिमाचल प्रदेश में बनाए गए हैं। रणनीतिक महत्व के चलते बनाए गए ये पुल सुरक्षाबलों की हथियार और उपकरण के आवागमन में मदद करेंगे।
रक्षा मंत्री बोले-एक नये युग होगी शुरुआत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान कहा कि आज, BRO के बनाए गए 44 पुलों के एक साथ उद्घाटन और अरुणाचल प्रदेश में नेचिपु सुरंग के शिलान्यास के अवसर पर, आप सभी के बीच उपस्थित होने पर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। एक साथ इतनी संख्या में पुलों का उद्घाटन, और टनल का शिलान्यास, अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नये युग की शुरूआत करेंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा मैं बीआरओ से संबंधित स्थानीय लोगों सहित, समस्त देशवासियों को बधाई देता हूं, और इन पुलों को देश को समर्पित करता हूं। साथ ही नेचिपु सुरंग के काम की शुरुआत पर शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा आज हमारा देश, हर क्षेत्र में, कोरोना के कारण उपजी अनेक समस्याओं का, समान रूप से सामना कर रहा है। वह चाहे कृषि हो या अर्थव्यवस्था, उद्योग हों या सुरक्षा व्यवस्था। सभी इससे गहरे प्रभावित हुए हैं। हमारी उत्तरी और पूर्वी सीमा पर पैदा की गयी स्थितियों से भी आप भली-भांति अवगत हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा पहले पाकिस्तान, और अब चीन के द्वारा भी, मानो एक मिशन के तहत सीमा पर विवाद पैदा किया जा रहा है। इन देशों के साथ हमारी लगभग 7 हजार किलोमीटर की सीमा मिलती है, जहां आए दिन तनाव बना रहता है। इतनी समस्याओं के बावजूद, हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल, और दूरदर्शी नेतृत्व में यह देश, न केवल इन संकटों का दृढ़ता से सामना कर रहा है, बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव भी ला रहा है।
विश्व के इतिहास में यह निर्माण अद्भुत
हाल ही में राष्ट्र को समर्पित `अटल टनल, रोहतांग`, इसका जीता-जागता उदाहरण है। न केवल भारत, बल्कि विश्व के इतिहास में यह निर्माण अद्भुत, और अभूतपूर्व है। यह टनल हमारी `राष्ट्रीय सुरक्षा`, और `हिमाचल`, `जम्मू-कश्मीर` और `लद्दाख` के जनजीवन की बेहतरी में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इनके पुलों के निर्माण से, हमारे पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वोत्तर के दूर-दराज के इलाकों में, सेना और सिविल ट्रांसपोर्ट में बड़ी सुविधा मिलेगी। हमारी सुरक्षाबलों के जवान, बड़ी संख्या में ऐसे इलाकों में तैनात होते हैं जहाँ पूरे साल ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। इन पुलों में कई छोटे, तो कई बड़े पुल हैं, पर उनकी महत्ता का अंदाजा उनके आकार से नहीं लगाया जा सकता है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य, व्यापार हो या खाद्य आपूर्ति, सेना की सामरिक आवश्यकता हो या अन्य विकास के काम, इन्हें पूरा करने में ऐसे पुलों और सड़कों की समान, और अहम भूमिका होती है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मनाली-लेह मार्ग पर दारचा नदी, अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल में चंद्रा नदी, मनाली के पलचान में ब्यास नदी पर पुल बनकर तैयार हैं। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल-प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और पंजाब में बनाए गए हैं।
पिछले हफ्ते, रक्षा मंत्री ने कहा था कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग भारत की सीमाओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले सशस्त्र बलों को समर्पित है। इसके रणनीतिक महत्व को हर कोई समझता है।