
काबुल (शोर संदेश)। पाकिस्तान ने एक ही दिन में 3,248 अफगान शरणार्थियों को अफगानिस्तान लौटा दिया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अब तक बिना दस्तावेज वाले 51,000 से अधिक अफगानों को निर्वासित किया गया है। बलूचिस्तान प्रांत के सूचना मंत्री जॉन अचकजई ने कहा, अवैध आप्रवासन की समस्या ने निपटने के लिए पाकिस्तान कड़े प्रयास कर रहा है। अवैध शरणार्थियों को बाहर निकालने के लिए पाकिस्तान के अभियान की समय सीमा एक नवंबर है। इधर, देश के इस फैसले की आलोचना की गई है। एमनेस्टी और यूएन समेत कई वैश्विक संगठनों ने निंदा की है और सरकार से इसपर पुनर्विचार करने को कहा है। वहीं काबुल में तालिबान सरकार ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है।

दिल्ली (शोर संदेश) सरकार ने इजरायल में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लौटने में मदद के लिए ऑपरेशन अजय शुरु करने की बुधवार को घोषणा की। विदेश मंत्री डा़ एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक टिव्ट पोस्ट में कहा 'विशेष चार्टर उड़ानों और अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंध किया जा रहा है।' डा़ जयशंकर ने कहा कि सरकार विदेश में रह रहे हमारे नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्व है। गौरतलब है कि दक्षिणी इजरायल में गाजा पट्टी क्षेत्र से गत सप्ताह हमास संगठन के भीषण आतंकवादी हमलों और उसके बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई में दोनों पक्षों की ओर से कुल मिलाकर हजारों लोग हताहत हुए है। इजरायल ने अपने यहां से फिलहाल नियमित उड़ानों पर रोक लगा रखी है। एयर इंडिया ने वहां संघर्ष छिड़ने के बाद अपनी नियमित उड़ाने निलंबित कर रखी है। इस बीच इजरायल में भारतीय दूतावास ने एक ईमेल में कहा है कि यहां से भारतीय नागरिकों का पहला दल एक विशेष विमान से कल वापस भारत जाएगा। इन नागरिकों ने वापसी के लिए अपना नाम लिखवा रखा था। दूतावास ने उन्हें ईमेल से वापसी के प्रबंध की सूचना दी है। ऐसे अन्य पंजीकृत भारतीय नागरिकों को बाद में दूसरी विशेष उड़ानों से भारत भेजा जाएगा।

जेरूसलम (शोर सन्देश)। इजराइल रक्षा बल शनिवार की रात से बड़े पैमाने पर बलों के निर्माण में जुटे हुए हैं। वह बड़ी संख्या में आरक्षित सैनिकों को बुला रहे है और युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के हमले में सैकड़ों इजराइली मारे गए हैं, वहीं 1,500 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, दर्जनों लोगों का अपहरण कर लिया गया। हमास के बंदूकधारियों ने गाजा सीमा से 15 मील (24 किमी) दूर के कस्बों और अन्य समुदायों सहित दक्षिणी इजराइल में 22 ठिकानों पर हमला किया। कुछ ठिकानों पर वे घंटों तक घूमते रहे, नागरिकों और सैनिकों को गोलियों से भूनते रहे। रात को भी गोलीबारी जारी रही और आतंकवादियों ने कम से कम दो शहरों में लोगों को बंधक बना लिया। हमले में मरने वालों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है और रविवार की सुबह तक 300 इजरायली मारे गए, उनमें से कई नागरिकों ने घरों और सड़कों पर दम तोड़ा। साथ ही आतंकवादियों द्वारा लक्षित एक बड़ी आउटडोर पार्टी में भी लोगों को मौत के घाट उतारा गया। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों में घायलों की भर्ती के आंकड़े बढ़ते गए। ताजा संख्या 1,590 है, जिनमें से लगभग 300 गंभीर रूप से घायल हैं और 19 की हालत गंभीर है। समन्वित हमले शुरू होने के 18 घंटे बाद, इजरायली सुरक्षा बल अभी भी आतंकवादियों को हटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आतंकवादियों के डर से कई नागरिक अभी भी अपने घरों में छुपे हुए हैं। इस बीच, फिलिस्तीनी फोटो और वीडियो की सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई, जिसमें नरसंहार के दृश्यों के साथ-साथ कई दर्दनाक फुटेज दिखाई गई। आईडीएफ ने पुष्टि की कि सैनिकों और नागरिकों को बंधक बना लिया गया है लेकिन संख्या नहीं बताई गई है। दक्षिणी और मध्य इजराइल पर रॉकेट दागे जा रहे हैं। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि यहां कम से कम 230 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए।सेना ने कहा कि रिजर्व की चार डिवीजनों को गाजा सीमा पर तैनात किया जा रहा है, जो पहले से ही वहां मौजूद 35 बटालियनों में शामिल हो जाएंगी।

नई दिल्ली (शोर सन्देश))। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नौ वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई वंदे भारत ट्रेनें देश भर में कनेक्टिविटी में सुधार और रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम हैं।
जिन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी वे हैं:
उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस
हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस
विजयवाड़ा - चेन्नई (रेनिगुंटा के माध्यम से) वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस
रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस
ये नौ ट्रेनें ग्यारह राज्यों राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी ।
ये वंदे भारत ट्रेनें अपने संचालन के मार्गों पर सबसे तेज़ ट्रेन होंगी और यात्रियों का काफी समय बचाने में मदद करेंगी। मार्ग पर वर्तमान सबसे तेज़ ट्रेन की तुलना में, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे तेज़ होंगी; हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस 2.5 घंटे से अधिक विलंबित; तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस 2 घंटे से अधिक विलंबित; रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से; और उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे की देरी से ।
देश भर में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी और मदुरै के महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को जोड़ेगी। इसके अलावा, विजयवाड़ा-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस रेनिगुंटा मार्ग से संचालित होगी और तिरुपति तीर्थस्थल केंद्र तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी ।
इन वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत से देश में रेल सेवा के एक नए मानक की शुरुआत होगी। विश्व स्तरीय सुविधाओं और कवच तकनीक सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेनें आम लोगों, पेशेवरों, व्यापारियों, छात्र समुदाय और पर्यटकों को यात्रा के आधुनिक, त्वरित और आरामदायक साधन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।

दिल्ली (शोर संदेश)। मोरक्को में शुक्रवार देर रात आए भूकंप में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। BBC के मुताबिक, 1400 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। किंग मोहम्मद VI ने 3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने पीड़ितों को खाना, आवास और दूसरी मदद देने का आदेश दिया है। मोरक्को जियोलॉजिकल सेंटर के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.2 थी। हालांकि, US जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी तीव्रता 6.8 बताई है। साथ ही कहा कि ये इस इलाके में 120 साल में आया सबसे ताकतवर भूकंप है। मोरक्को के स्टेट टेलीविजन ने बताया कि भूकंप की वजह से कई इमारतें ढह गईं हैं। भूकंप का एपिसेंटर एटलस पर्वत के पास इघिल नाम का गांव बताया गया, जो माराकेश शहर से 70 किलोमीटर की दूरी पर है। भूकंप की गहराई जमीन से 18.5 किलोमीटर नीचे थी। पुर्तगाल और अल्जीरिया तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
UNESCO की विश्व धरोहर स्थल को भी पहुंचा नुकसान
UNESCO की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेश में पर्यटकों का ध्यान खींचने वाली लाल दीवारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय टीवी चैनल के मुताबिक इस भूकंप में शहर की कुतुबिय्या मस्जिद का मीनारा ढह गया है। यह मस्जिद यूनेस्को की हेरीटेज साइट थी। जिसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
इमारतों के ढहने के कारण भागते दिखे लोग
भूकंप के एपिसेंटर के पास ग्रामीण इलाका होने की वजह से ज्यादातर घर मिट्टी और पुराने तरीकों से बने थे। जो भूकंप की वजह से पूरी तरह ढह गए। अलजजीरा के मुताबिक ताफेघाघेट इलाके में कोई इमारत ऐसी नहीं है जो भूकंप की वजह से न ढही हो। इमारतों के गिरने की वजह से लोग अफरातफरी में भागते दिखे।
भारत, ब्रिटेन, अमेरिका मदद करेंगे
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में आए भूकंप पर दुख जताया। उन्होंने कहा- हम इस दुख की घड़ी में मोरक्को के साथ हैं। हम हर संभव मदद देने को तैयार हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी मोरक्को को हर संभव मदद देने की बात कही।

दिल्ली (शोर संदेश)। अफ्रीकी देश मोरक्को में सुबह-सुबह भूकंप ने भीषण तबाही मचा दी है। यहां धरती में हुए कंपन के बाद कई इमारतें ढह गईं। अब तक 296 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बीती रात को 6.8 की तीव्रता से जोरदार भूकंप आया था। इस प्राकतिक आपदा को लेकर देश के संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने कहा कि यह बीते 120 से अधिक सालों में उत्तरी अफ्रीकी राष्ट्र के इस हिस्से में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। बता दें कि भूकंप आने के बाद माराकेश में इमारते हिलने लगी। इससे डरकर लोग अपने-अपने मकानों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सरकार द्वारा अब भी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
घरों और रेस्तरां से बाहर भागते दिखे लोग
यूएसजीएस ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस भूकंप का केंद्र 18.5 किमी गहराई में था जो माराकेश से लगभग 72 किमी दक्षिण-पश्चिम और एटलस पर्वतीय शहर ओकाइमेडेन से 56 किमी पश्चिम में आया। सोशल मीडिया पर इस बाबत कुछ वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं जिसमें कई इमारतें ढहती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं कई लोग शॉपिंग सेंटर, रेस्तरां और अपार्टमेंट से डर के मारे भागते और सड़कों पर इकट्ठा होते दिखाई दे रहे हैं। माराकेश में भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। यहां लोगों को दोबारा भूकंप आने की आशंका है।
पहले भी आए हैं भीषण भूकंप
बता दें कि मोरक्को में आमतौर पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं क्योंकि यह अफ्रीकी और यूरेशियाई प्लेट के बीच स्थित है। जानकारी के मुताबिक पिछले 120 सालों में आए सभी भूकंपों में इस भूकंप को सबसे अधिक शक्तिशाली बताया जा रहा है। बता दें कि पूर्वोत्तर मोरक्को के में साल 2004 में तेज भूकंप के झटके देखने को मिले थे। इस घटना में करीब 628 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अल्जीरिया में साल 1980 में 7.3 तीव्रता वाला भूकंप देखने को मिला था। इस घटना में 2500 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 3 लाख लोग बेघर हो गए थे।

नारायणपुर (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत चिन्हांकित हितग्राहियों के प्रथम बच्चे के जन्म पर दो किश्तों में 5 हजार रुपए तथा द्वितीय बालिका संतान के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि द्वितीय संतान बालिका का जन्म 1 अप्रैल 2022 के बाद हुआ हो वे इस योजना का लाभ लेने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर में 30 सितंबर तक आवदेन प्रस्तुत कर सकते हैं। हितग्राहियों को आवेदन के साथ हितग्राही (माता) का आधार कार्ड, जच्चा बच्चा कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, हितग्राही का ई-श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा बीपीएल राशन कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति कहे जाने वाले ब्राजीलियाई व्यक्ति की 127 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जोस पॉलिनो गोम्स का शुक्रवार को निधन हो गया। 128 वर्ष के होने से एक सप्ताह पहले मिनस गेरैस राज्य में ब्राजीलियाई नगर पालिका पेड्रा बोनिता में उनके उनके परिवार ने कहा कि गोम्स की मृत्यु ऑर्गन फेलियर के कारण हुई, संभवतः उनकी अधिक उम्र के कारण. उन्हें शनिवार को पेड्रा बोनिता में कोरेगो डॉस फियाल्होस कब्रिस्तान में दफनाया गया। पेड्रा बोनिता के रजिस्ट्री कार्यालय से उनके 1917 के विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, गोम्स का जन्म 4 अगस्त, 1895 को हुआ था, जिससे वह दोनों विश्व युद्धों और तीन वैश्विक महामारियों से बचे रहे। सिविल रजिस्ट्री के कानूनी सलाहकार, विलियन जोस रोड्रिग्स डी सूजा ने एक स्थानीय आउटलेट से पुष्टि की कि गोम्स की उम्र सटीक है, यह देखते हुए कि उनका जन्म 1900 से पहले हुआ था। हालांकि, गलत दस्तावेज़ीकरण के कई स्थानीय मामलों का हवाला देते हुए, उनका परिवार उनकी उम्र को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है. “पास में एक महिला है जो 98 साल की है। वह कहती है कि वह उसे तब से जानती थी जब वह सिर्फ एक लड़का था। तभी हम उनकी उम्र की पुष्टि करने के लिए उत्सुक हो गए और यह पता लगाने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय में गए कि क्या सही था,’गोम्स की पोती एलियन फरेरा ने स्थानीय मीडिया को बताया। वह निश्चित रूप से 100 वर्ष से अधिक का था, कम से कम 110 वर्ष का। यह स्पष्ट नहीं है कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा उनके कागजी काम की जांच और सत्यापन किया जाएगा या नहीं, जो दावा करता है कि स्पेन की 116 वर्षीय मारिया ब्रान्यास मोरेरा दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति हैं. उनका जन्म 4 मार्च 1907 को हुआ था। वेनेजुएला के 114 वर्षीय जुआन विसेंट पेरेज़ मोरा को गिनीज द्वारा दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति होने की पुष्टि की गई है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन ने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया, तो रुस भी इनका प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। दरअसल अमेरिका ने 7 जुलाई को यूक्रेन के लिए एक नए सैन्य सहायता पैकेज का ऐलान किया, जिसमें बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को प्रतिबंधित क्लस्टर बम देने की बात स्वीकार की। उसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ता दिख रहा है।

जलवायु परिवर्तन की बढ़ती रफ्तार के चलते पूरी दुनिया पर ग्लोबल वॉर्मिंग का असर और तीखा होता जा रहा है। पश्चिमी देशों में इसकी वजह से गर्मी के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। खासकर अमेरिका में तो शनिवार को मौसम विभाग ने तापमान बढ़ने का डरावना अनुमान जारी किया। इतना ही नहीं इस गर्मी का असर यूरोप और जापान में भी लोगों को बुरी तरह झुलसा रहा है।
अमेरिकी महाद्वीप
अमेरिका में इस वक्त कैलिफोर्निया से लेकर टेक्सास भीषण गर्मी अपना असर दिखा रही है। पिछले 16 दिनों से जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भयानक गर्मी का अलर्ट जारी किया है। पूरे दक्षिण-पश्चिम में लू के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की चेतावनी जारी की गई है। इस गर्मी से करीब एक-तिहाई अमेरिकी यानी 11 करोड़ लोग प्रभावित हैं। दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में से एक कैलिफोर्निया की डेथ वैली में तापमान 54 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। यहां तापमान दिन में 48 डिग्री के आंकड़े को छू चुका है। वहीं, लास वेगास और नवादा जैसी जगहों पर कुछ दिनों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उधर अमेरिका के उत्तर में स्थित कनाडा में सरकार का कहना है कि औसत से अधिक तापमान के चलते जंगलों में आग लग रही है, जिसने अमेरिका के कुछ हिस्सों को धुएं से ढक दिया है। इस आग से अब तक करीब 2.5 करोड़ एकड़ भूमि जल चुकी है। वहीं, गर्मी बढ़ने के साथ अभी और नुकसान होने की आशंका है।
यूरोप में क्या है स्थिति?
अमेरिका की तरह ही पूरे यूरोप महाद्वीप पर भी स्थिति काफी खराब है। इटली में आने वाले हफ्ते तापमान के नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का अनुमान है। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम, बोलोग्ना और फ्लोरेंस समेत 16 शहरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से गर्मी की अब तक की सबसे कड़ी गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। बताया गया है कि सोमवार तक रोम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और मंगलवार तक इसके 43 डिग्री तक जाने का अनुमान है। इससे पहले रोम में अधिकतम तापमान अगस्त 2007 में 40.5 डिग्री सेल्सियस तक गया था। इतना ही नहीं यूरोप के सिसिली और सार्दिनिया के द्वीप में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू सकता है। यह यूरोप में गर्मी का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड हो सकता है। इतना ही नहीं ग्रीस के पर्यटन केंद्रों में से एक एथेंस एक्रोपोलिस को रविवार को ही भीषण गर्मी की वजह से लगातार तीसरे दिन बंद रखा गया। दूसरी तरफ फ्रांस में भीषण गर्मी और इसकी वजह से पड़ रहे सूखे ने कृषि क्षेत्र के लिए समस्या पैदा कर दी है। फ्रांस के कृषि मंत्री मार्क फेसन्यू को तैयारियों में कमी के लिए लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। फ्रांस में इस साल जून देश के इतिहास का दूसरा सबसे गर्म जून रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फ्रांस में मंगलवार से तापमान फिर बढ़ेगा और पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूटने की आशंका है। यूरोप के एक और बड़े देश स्पेन में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यहां मौसम विभाग ने सोमवार से बुधवार तक लू का अनुमान लगाया है। इससे तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना रहेगा। कैनेरी द्वीर और दक्षिणी अंदालुसिया में स्थिति और ज्यादा गंभीर होने की आशंका है।
एशिया-अफ्रीका में क्या हालात?
भारत के पूर्व में स्थित जापान में रविवार से सोमवार के बीच तापमान के 38-39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस गर्मी में पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूट सकते हैं। वहीं, भारत में इसके उलट मानसून ने खतरनाक रूप अख्तियार किया है। यहां गर्मी के बाद अब भारी बारिश और खराब मौसम से तकरीबन 90 लोग जान गंवा चुके हैं। राजधानी दिल्ली में ही यमुना नदीं के खतरे के निशान के ऊपर बहने की वजह से बाढ़ की स्थिति है। इसके अलावा उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को में भी गर्मी से नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। यहां शनिवार-रविवार के बीच ही कई प्रांतों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। यह चौंकाने वाली बात इसलिए भी है, क्योंकि मोरक्को में इतना तापमान अधिकतर अगस्त में दर्ज किया जाता था। हालांकि, एक महीने पहले ही इन हालात ने वैज्ञानिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। इस अफ्रीकी देश में आने वाले दिनों में होने वाली पानी की किल्लत अब जुलाई में भी देखने को मिल सकती है। पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहे जॉर्डन में गर्मी के बीच बड़ी मुसीबत तब खड़ी हो गई, जब उसके अजलून के जंगलों में आग लग गई। इसके चलते जॉर्डन सरकार को बहुमूल्य 214 टन पानी को इस आग को बुझाने में लगाना पड़ा। इसके अलावा इराक, जहां इतनी गर्मी आम है, वहं भी टिगरिस नदी सूखने की वजह से पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है। 50 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच इराक में स्थितियां और बिगड़ने की आशंका है।