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`मन की बात` कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी ने लोगों से मांगे सुझाव, ट्वीटर पर की अपील*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोगों से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` के लिए अपने विचारों और सुझावों को साझा करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने अपील करते हुए ट्वीटर पर कहा कि मन की बात एक मंच प्रस्तुत करता है, उत्कृष्ट नागरिकों की प्रेरणादायक यात्रा को साझा करने और उन विषयों पर चर्चा करने का अवसर जो शक्ति सामाजिक परिवर्तन लाई हो।

इस महीने का कार्यक्रम 25 तारीख को होगा। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि NaMo App, MyGov पर अपने विचारों को साझा करें या अपना संदेश रिकॉर्ड करके भेज दें। प्रधानमंत्री प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को `मन की बात` में 30 मिनट के एक रिकॉर्ड किए गए संदेश में राष्ट्र को संबोधित करते हैं जिसमें नए विचार और सुझाव हो सकते हैं। कुछ सुझावों को प्रधानमंत्री द्वारा अपने संबोधन के दौरान साझा करने की भी संभावना होती है।
`मन की बात` के लिए अपने सुझाव में एक अशोक बालन ने कहा कि कि भारतीय स्टेट बैंक, भारत का सबसे बड़ा बैंक, योग्यता चैनल के तहत अपने अधीनस्थ कैडर (उनमें से अधिकांश पूर्व सैनिकों) को पदोन्नति के अवसरों से वंचित कर रहा है। प्रबंधन के समक्ष कई अनुरोध किए गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
कर्मचारियों की शिकायतों का जवाब नहीं दिया जा रहा है। कई अन्य लोगों ने अब तक रेडियो कार्यक्रम के बारे में NaMo App और MyGov साइट पर अपने विचारों को साझा किया है।

इससे पहले 27 सितंबर को मन की बात के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि कोविड संकट के दौरान देश के किसानों ने शानदार और सहनशीलता दिखाई है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कृषि क्षेत्र मजबूत होगा। साथ ही आत्मनिर्भर भारत की नीव मजबूत रहेगी। 


अन्य खतरों के मुकाबले ड्रोन या मानव रहित विमान हैं ज्यादा घातक : उप थल सेना प्रमुख*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) थल सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने शनिवार को कहा कि ड्रोन या मानव रहित विमान यानी यूएवी अपनी घातक और विध्वंसक क्षमताओं की वजह से दूसरी चुनौतियों की तुलाना में कहीं ज्यादा गंभीर हैं। संयुक्त युद्धक अध्य्यन केंद्र द्वारा आयोजित एक वेबिनार में उन्होंने कहा कि ड्रोन की लागत बेहद कम होने के साथ ही ये बहुउपयोगी भी हैं।

उप सेना प्रमुख ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि निकट भविष्य में ड्रोन जैसे खतरों का तीसरा आयाम गंभीर हो सकता है। आने वाले वर्षों में इनके खतरे में कई गुना बढ़ोतरी होगी। ऐसे में सेना को भी अभी से इन खतरों से निपटने की योजना बनाने की जरूरत है। ड्रोन रोधी समाधान के तहत स्वार्म तकनीक के साथ साथ हार्ड किल और सॉफ्ट किल दोनों तरह के उपाय वक् की जरूरत हैं।
बता दें कि दुश्मन ड्रोन को मार गिराने के लिए जब किसी मिसाइल या अन्य हथियार का इस्तेमाल किया जाता है तो इसे सेना की भाषा में हार्ड किल कहा जाता है। वहीं जब जैमर या स्पूफर के जरिए इनको नाकाम किया जाता है तो इसे सॉफ्ट किल कहते हैं। `फोर्स प्रोटेक्शन इंडिया 2020` नामक वेबिनार को संबोधित करते हुए उप सेना प्रमुख ने कहा कि अन्य खतरों के मुकाबले ड्रोन या मानव रहित विमान ज्यादा घातक हैं।

उप सेना प्रमुख ने चीन से जारी तनाव पर कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय जवान बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात हैं जहां तापमान शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है। भारत आज भी व्यवहारिक स्वदेशी समाधानों की कमी के चलते सर्दियों के लिए जरूरी कपड़े और उपकरण आयात कर रहा है। इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को हकीकत में बदलने के लिए सकारात्मक कोशिशों की दरकार है। 


सैनिकों के लिए सामान लेकर भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टरस पहुंचा लद्दाख*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में करीब पांच महीने से जारी सीमा गतिरोध जारी है। भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख और अत्यधिक ऊंचाई वाले अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ाके की सर्दियों में सभी अग्रिम इलाकों पर बलों एवं हथियारों की तैनाती का मौजूदा स्तर बरकरार रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। इस बीच भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान फॉरवर्डएरिया पर तैनात सैनिकों के लिए जरूरी सामान के साथ लद्दाख के लेह एयरबेस पर लैंडिंग किया है। सैनिकों के लिए जरूरी सामान पहुंचाया गया है।

बीते दिन शीर्ष स्तर के मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों ने 12 अक्टूबर को चीनी सेना पीएलए के साथ होने वाली कोर कमांडर स्तर की वार्ता के सातवें दौर की रणनीति पर शुक्रवार को बातचीत की और पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा हालात का जायजा लिया। पूर्वी लद्दाख में टकराव के बिंदुओं से सैनिकों की वापसी के लिए रूपरेखा तैयार करने के विशेष एजेंडा के साथ कोर कमांडरों की वार्ता हो रही है।
सूत्रों ने कहा कि चीन अध्ययन समूह (सीएसजी) के शीर्ष मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में हालात की समीक्षा की और सोमवार को होने वाली वार्ता में उठाये जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सीएसजी में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के अलावा तीनों सेना प्रमुख शामिल हैं।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने पूर्वी लद्दाख की वर्तमान परिस्थितयों के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्ष वार्ता में जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाये रखने तथा क्षेत्र में नये सिरे से तनाव पैदा कर सकने वाली कार्रवाई से बचने के लिए और कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं जिसका नेतृत्व भारतीय सेना की लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे। दोनों पक्षों ने 21 सितंबर को सैन्य वार्ता के पिछले दौर के बाद कुछ फैसलों की घोषणा की थी जिनमें अग्रिम मोर्चे पर और अधिक सैनिकों को नहीं भेजना, एकपक्षीय तरीके से जमीनी हालात को बदलने से बचना और चीजों को और जटिल बनाने वाली कार्रवाइयों से बचना शामिल है। 


कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मार गिराए दो आतंकवादी*

10-Oct-2020

श्रीनगर (शोर सन्देश) जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में शनिवार को दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों को दक्षिण कश्मीर में कुलगाम जिले के चिनगाम इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद बलों ने इस इलाके को घेर लिया और तलाश अभियान शुरू किया।

उन्होंने बताया कि तलाश अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादियों की मौत हो गई। आतंकवादियों की पहचान की जा रही है और यह पता लगाया जा है कि उनका संबंध किस आतंकवादी संगठन से था। उन्होंने बताया कि तलाश अभियान अभी जारी है। 


कोरोना अपडेट : पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 73,272 नए मामले, 926 मरीजों की मौत*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत में एक दिन में कोविड-19 के 73,272 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 69 लाख से अधिक हो गई है। वहीं वायरस के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान 926 मरीजों की मौत हो गई है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दी गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 69,79,424 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में 926 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,07,416 हो गई। फिलहाल देश में 8,83,185 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है।

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख और 28 सितंबर को 60 लाख के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में नौ अक्तूबर तक कोविड-19 के 8,57,98,698 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 11,64,018 नमूनों की जांच शुक्रवार को की गई। 


राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कसा तंज, `जवानों के लिए नॉन बुलेटप्रूफ ट्रक और पीएम के लिए 8400 करोड़ का हवाई जहाज*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को फिर एक वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक ट्रक के भीतर बैठे कुछ जवान आपस में बात कर रहे हैं। उनसे में एक कहता है कि `नॉन बुलेटप्रूफ गाड़ी में भेजकर हमारी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस वीडियो के साथ लिखा है, हमारे जवानों को नॉन-बुलेट प्रूफ ट्रकों में शहीद होने भेजा जा रहा है और पीएम के लिए 8400 करोड़ के हवाई जहाज! क्या यह न्याय है?`
राहुल की तरफ से लगातार चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के लिए नया विमान आने से उन्हें एक और मुद्दा मिल गया है। दो दिन पहले, राहुल ने एक ट्वीट में कहा था, ``पीएम ने अपने लिए 8400 करोड़ का हवाई जहाज खरीदा। इतने में सियाचिन-लद्दाख़ सीमा पर तैनात हमारे जवानों के लिए कितना कुछ खरीदा जा सकता था। 30,00,000 गरम कपड़े, 60,00,000 जैकेट, दस्ताने, 67,20,000 जूते, 16,80,000 ऑक्सिजन सिलिंडर। पीएम को सिर्फ अपनी इमेज की चिंता है सैनिकों की नहीं।`
राहुल गांधी ने शुक्रवार को भी मोदी पर निशाना साधा था। एक वीडियो शेयर करते हुए राहुल ने कहा था कि `भारत के लिए वास्तविक खतरा यह नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री को समझ नहीं है। खतरा यह है कि उनके आसपास किसी में भी उन्हें कुछ बताने की हिम्मत नहीं है।` वीडियो में मोदी, वेस्टस के सीईओ हेनरिक एंडरसन से बातचीत कर रहे थे। वह हवा से पानी निकालने की तकनीक पर बात कर रहे थे जिसका राहुल ने मजाक बनाया। इसके बाद कई केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा नेताओं ने राहुल के इस ट्वीट पर पलटवार किया।

पिछले हफ्ते पंजाब में राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार ने `देश विरोधी नीतियों और कार्यों` से देश को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा था, `चीन ने महसूस किया कि मोदी ने भारत को कमजोर कर दिया है और उसने हमारी जमीन के 1,200 किलोमीटर के क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए इसी बात का फायदा उठाया।` राहुल ने पूछा, `चीन ने आखिर हमारे क्षेत्र में प्रवेश करने की हिम्मत क्यों की? वे हमारे सैनिकों में से 20 को कैसे मार सकते हैं, जो एलएसी पर हमारी तरफ थे?` 


भारतीय मुसलमानों को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही ये बड़ी बात*

10-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक ने कहा है कि भारतीय मुसलमान दुनिया में सबसे अधिक संतुष्ट हैं और किसी तरह का अलगाववाद सिर्फ उन लोगों द्वारा फैलाया जाता है, जिनके निजी हित प्रभावित होते हैं। संघ प्रमुख भागवत ने कहा, मुगल शासक अकबर के खिलाफ मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की सेना में कई मुस्लिम लड़ रहे थे। भारत की यह परंपरा रही है कि जब देश की संस्कृति पर हमला होता है, तो सभी धर्मों के लोग एकजुट हो जाते हैं। जब भारतीयता की बात आती है तो सभी धर्मों के लोग एक साथ हो जाते हैं।

भागवत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या दुनिया में कोई दूसरा उदाहरण है, जहां लोगों पर शासन करने वाले किसी विदेशी धर्म का अस्तित्व वर्तमान में बचा हुआ हो? उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं नहीं है। ऐसा सिर्फ भारत में है। भारत के विपरीत पाकिस्तान ने अन्य धर्मावलंबियों को अधिकार नहीं दिया है।
भागवत ने कहा कि हमारा संविधान यह नहीं कहता है कि यहां सिर्फ हिंदू रह सकते हैं या यदि आपको यहां रहना है, तो हिंदुओं की श्रेष्ठता स्वीकार करनी होगी। यह हमारे राष्ट्र की प्रकृति है। यह अंतर्निहित स्वभाव ही हिंदू कहलाता है। हिंदू का इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कौन किसकी पूजा करता है।
संघ प्रमुख ने कहा कि जब भी भारत और इसकी संस्कृति के लिए त्याग और इसके रक्षा की भावना जगती है... पूर्वजों के प्रति गौरव की भावना बलवती होती है तो सभी धर्मों के बीच की दूरी खत् हो जाती है। ऐसे में सभी धर्मों के लोग एक साथ उठ खड़े होते हैं। भागवत ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण केवल परंपरागत उद्देश्यों के लिए नहीं है। यह राष्ट्रीय मूल्यों और चरित्र का प्रतीक है। 

संघ प्रमुख ने कहा कि सच्चाई यह है कि इस देश के लोगों के मनोबल तोड़ने के लिए और सांस्कृतिक मूल्यों का दमन करने के लिए मंदिरों को तोड़ा गया। यही वजह है कि लंबे समय से हिंदू समाज मंदिरों का पुनर्निर्माण चाहता था। आक्रांताओं द्वारा हमारे जीवन को त्रस्त किया गया। हमारे आदर्श भगवान श्रीराम के मंदिर को गिराकर हमें अपमानित किया गया। आज हम फि से इसका पुनर्निर्माण करना चाहते हैं और विस्तार करना चाहते हैं, इसी के चलते भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। 


सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आयी फिर भी भारत सबसे बड़ा उत्सर्जक*

09-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत के सल्फर डाइऑक्साइड (एसओटू) उत्सर्जन में 2018 के मुकाबले 2019 में करीब छह फीसदी की उल्लेखनीय कमी आई है। बीते चार साल में एसओटी उत्सर्जन में आई यह सबसे बड़ी कमी है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया। उत्सर्जन में कमी के बावजूद भारत लगातार पांचवे साल सबसे ज्यादा सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन करने वाला देश बना हुआ है।

ग्रीनपीस इंडियाऔरसेंटर फॉर रिसर्च ऑन एजर्नी ऐंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) के विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट मंगलवार को जारी हुई। सल्फर डाइऑक्साइड विषैला वायु प्रदूषक होता है जो मस्तिष्काघात, ह्रदयरोग, फेफड़ों का कैंसर और असमय मौत की जोखिम बढ़ाता है। रिपोर्ट में कहा गया, भारत में 2019 हुआ मानवजनित एसओटू उत्सर्जन वैश्विक उत्सर्जन का 21 फीसदी था और यह दूसरे सबसे ज्यादा उत्सर्जन करने वाले देश रूस के मुकाबले दोगुना है। इसमें कहा गया कि चीन सर्वाधिक उत्सर्जन करने वाला तीसरा देश है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत मे एसओटू का सर्वाधिक उत्सर्जन सिंगरौली, नेवेली, सीपत, मुंद्रा, कोरबा, बोंडा, तमनार, तालचेर, झारसुगुडा, कच्छ, सूरत, चेन्नई, रामगुंडम, चंद्रपुर, विशाखापत्तन और कोराडी स्थित थर्मल पॉवर संयंत्रों से होता है। रिपोर्ट में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उन्नति करने के लिए भारत की प्रशंसा भी की गई।
ग्रीनपीस इंडिया केक्लाइमेट कैंपेनरअविनाश चंचल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता भले बढ़ी हो लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, भारत में, देखा जा सकता है कि कोयले के इस्तेमाल में कमी लाकर वायु गुणवत्ता तथा सेहत को किसी प्रकार प्रभावित किया जा सकता है। 2019 में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाई गई, कोयले पर निर्भरता घटाई गई जिसके परिणामस्वरूप हमने वायु गुणवत्ता में सुधार देखा। लेकिन हमारी वायु अब भी सुरक्षित नहीं है।


क्यों मनाया जाता है 10 अक्टूबर को भारतीय डाक दिवस, जाने भारतीय डाक का इतिहास*

09-Oct-2020

रायपुर (शोर सन्देश) चिट्ठियों का भी क्या जमाना था। कागज के टुकड़े पर लोग लम्हे-लम्हे के एहसास को समेट देते थे। एक मुकम्मल यादों का पिटारा हुआ करती थीं चिट्ठियां। मोबाइल और इंटरनेट के युग में भले ही चिट्ठियों का वजूद कम हो गया है, लेकिन डाक घरों की व्यस्तताएं और बढ़ गई हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि अब दस्तावेजों की हार्ड कॉपियां आती हैं, पहले दिलों के जज्बात शब्दों में पिरोकर भेजे जाते थे। कागज के टुकड़े पर शब्दों की जादूगरी के चिट्ठी युग को याद दिलाने के लिए हर साल नौ अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है, वहीं भारत में यह दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाता है।

भारतीय डाक का इतिहास डेढ़ सौ साल पुराना है। भारत में पहली बार वर्ष 1766 में डाक व्यवस्था की शुरुआत की गई। भारत में एक विभाग के रूप में इसकी स्थापना 1 अक्टूबर, 1854 को हुई। भारतीय डाक विभाग 9 से 14 अक्टूबर के बीच विश्व डाक सप्ताह मनाता है। वारेन हेस्टग्सिं ने कोलकाता में प्रथम डाकघर वर्ष 1774 को स्थापित किया।
भारत में सन 1852 में पहली बार चिट्ठी पर डाक टिकट लगाने की शुरुआत हुई तथा महारानी विक्टोरिया के चित्र वाला डाक टिकट 1 अक्टूबर 1854 को जारी किया गया। इंडिया पोस्ट की स्थापना 1854 में लॉर्ड डलहौजी ने की थी। यह संचार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। मंत्री जिम्मेदार रविशंकर प्रसाद हैं। भारत में अब तक का सबसे बड़ा डाक टिकट पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर 20 अगस्त 1991 को जारी किया गया था। डाक दिवस मनाने का उद्देश्य है कि ग्राहकों को अच्छी जानकारी देना। डाक दिवस पर बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
पत्र लिखना -मेल और ऑनलाइन मैसेजिंग की शुरुआत से पहले संचार का एक महत्वपूर्ण रूप था। भारतीय डाक सेवा भारत का अभिन्न अंग है। भारत में डाक सेवाओं ने संस्कृति, परंपरा और कठिन भौगोलिक इलाकों में विविधता के बावजूद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है।
00 भारत का पिन कोड सिस्टम

पिनकोड में पिन पोस्टल इंडेक्स नंबर के लिए है। 6-अंकीय पिन प्रणाली को श्रीराम भीकाजी वेलणकर द्वारा 15 अगस्त 1972 को केंद्रीय संचार मंत्रालय में एक अतिरिक्त सचिव द्वारा पेश किया गया था। पिन कोड के पहले अंक में इस क्षेत्र के निशान हैं। दूसरा अंक उप-क्षेत्र को दर्शाता है। तीसरा अंक जिले को चिन्हित करता है। अंतिम तीन अंक डाकघर को दिखाते हैं जिसके तहत एक विशेष पता होता है। 


नवाचार वह इंजन है जो राष्ट्र की प्रगति को प्रदान करता है शक्ति : रमेश पोखरियाल*

09-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्रीय शिक्षा मंत्री, रमेश पोखरियाल `निशंक` ने यहां वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, श्री सिटी (चित्तूर), आंध्र प्रदेश मेंएक मेइती-वित्त पोषित प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर ज्ञान सर्कल वेंचर्स (टीबीआई) का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस अवसर पर, श्री पोखरियाल ने कहा कि नवाचार वह इंजन है जो राष्ट्र की प्रगति को शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमें नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है जिसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम आत्मनिर्भर हैं और अत्याधुनिक स्तर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक लीडर के रूप में बने हुए हैं। यह`ज्ञान सर्कल वेंचर्स`उस प्रकार के केंद्र हैं, जिसमें युवाओं के मन में उद्यमशीलता उत्पन्न करने और उन्हें सफल नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रबंधक करने की क्षमता मौजूद है। वर्ष 2020 मेंउद्यमिता की भावना को ध्यान में रखते हुए, आईआईआईटी श्री सिटी टीबीआई, ज्ञान सर्कल वेंचर्स की शुरूआत कर रहा है। श्री पोखरियाल ने बताया कि ज्ञान सर्कल वेंचर्स, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइती) द्वारा अनुमोदित किए गए प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ एंटरप्रेन्योर(टाइड 2.0) इनक्यूबेशन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इनक्यूबेटर अपनी बौद्धिक पूंजी का उपयोग करके संस्थानों की उद्यमशीलता की भावनाओं का लाभ उठाएगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्लॉक-चेन, साइबर भौतिक पद्धति (सीपीएस), साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), रोबोटिक्स आदि जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के उपयोग को संलग्न करेगा।

श्री पोखरियाल ने बताया कि ज्ञान सर्कल वेंचर्स निवेश, बुनियादी संरचना और सलाह के माध्यम से विभिन्न चरणों में सहायता प्रदान करके नवाचार और स्टार्टअप के लिए एक हब के रूप में कार्य करेगा। विशेष रूप से, टीबीआई में एक सलाहकार समिति होगी जिसमें प्रमुख उद्योगपति, उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह शिक्षा और उद्योग दोनों क्षेत्रों से इन विशेषज्ञों और नेटवर्क का लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। मंत्री ने आशा व्यक्त किया कि इनक्यूबेटर समाज के प्रति सजग उद्यमिता और ईंधन रोजगार का सृजन करने की दिशा में उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। 




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