ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

बाइडेन और ट्रंप दोनों से मुलाकात! रूस-यूक्रेन युद्ध पर आ सकती है 'गुड न्यूज'

20-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिनों की अमेरिका यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डेलावेयर के विमिंगटन में मिलेंगे। यह जो बाइडेन का गृह नगर भी है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रदानमंत्री मोदी की उनके साथ भी मुलाकात होने वाली है। हालांकि विदेश मंत्रालय की तरफ से ट्रंप के साथ मुलाकात पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। दोनों नेताओं की मुलाकात को खारिज भी नहीं किया गया है। पीएम मोदी की इस यात्रा में यूक्रेन और रूस के युद्ध का मुद्दा भी शामिल होगा। हाल ही में उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बात की थी। युद्धविराम के प्रयासों के बीच पीएम मोदी जो बाइडेन के साथ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने को लेकर बड़ी बात साझा कर सकते हैं।
यह तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के वास्ते सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा और ‘ग्लोबल साउथ’ की चिंताओं को दूर करने पर केंद्रित होगी। मोदी, डेलावेयर के विलमिंगटन में वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘समिट ऑफ द फ्यूचर’ को संबोधित करेंगे, प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाली शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन तथा कई अन्य वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
क्वाड देशों के नेताओं से भी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले विलमिंगटन पहुंचेंगे जहां वह 21 सितंबर को क्वाड शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ शामिल होंगे। विलमिंगटन बाइडन का गृहनगर है। मोदी तीनों क्वाड देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। क्वाड शिखर सम्मेलन में गाजा और यूक्रेन में संघर्षों पर विचार-विमर्श के अलावा हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि कई नयी पहल की घोषणाएं की जाएंगी।' क्वाड नेता कैंसर का रोगियों और उनके परिवारों पर प्रभाव, इस बीमारी को रोकने, पता लगाने, उपचार करने और इसे कम करने के लिए एक नयी महत्वकांक्षी योजना शुरू करेंगे। मिस्री ने कहा कि क्वाड शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, प्रगति और स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नेता स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, आतंकवाद विरोधी और मानवीय सहायता पर चर्चा करेंगे।

कांग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गैंग और अर्बन नक्सली चला रहे', पीएम मोदी ने खूब चलाए सियासी तीर

20-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी को टुकड़े-टुकड़े गैंग और अर्बन नक्सली चला रहे हैं। महाराष्ट्र के वर्धा में पीएम विश्वकर्मा योजना के एक साल पूरे होने पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज आप जिस कांग्रेस को देख रहे हैं, वह वह पार्टी नहीं है, जिससे महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्ति जुड़े थे।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस में नफरत का भूत घुस गया है। आज की कांग्रेस में देशभक्ति की आत्मा ने दम तोड़ दिया है। पीएम मोदी ने कांग्रेस नेताओं के विदेश में दिए गए भाषणों में 'भारत विरोधी एजेंडे' की भी बात की, लेकिन उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, जिन्हें अमेरिका में आरक्षण प्रणाली को खत्म करने के अपने बयान के लिए सत्तारूढ़ दल की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
सभा को संबाधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2 दिन पहले ही हम सबने विश्वकर्मा पूजा का उत्सव मनाया है और आज वर्धा की पवित्र धरती पर हम 'पीएम विश्वकर्मा योजना' की सफलता का उत्सव मना रहे हैं। आज ये दिन इसलिए भी खास है, क्योंकि 1932 में आज ही के दिन महात्मा गांधी जी ने अस्पृश्यता के खिलाफ अभियान शुरू किया था। विश्वकर्मा योजना के जरिए हमने श्रम से समृद्धि, कौशल से बेहतर कल का जो संकल्प लिया है। बापू की प्रेरणाएं हमारे उन संकल्पों को सिद्धि तक ले जाने का माध्यम बनेगी। मैं इस योजना से जुड़े सभी लोगों, देशभर के सभी लाभार्थियों को इस अवसर पर बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा, 'आज अमरावती में 'पीएम मित्र पार्क' की आधारशिला भी रखी गई है। आज का भारत अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री को वैश्विक बाजार में टॉप पर ले जाने के लिए काम कर रहा है। देश का लक्ष्य है - भारत की टेक्सटाइल सेक्टर के हजारों वर्ष पुराने गौरव को पुनर्स्थापित करना। अमरावती का 'पीएम मित्र पार्क' इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।' 
विश्वकर्मा योजना केवल सरकारी प्रोग्राम भर नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा योजना केवल सरकारी प्रोग्राम भर नहीं है।  ये योजना भारत के हजारों वर्ष पुराने कौशल को विकसित भारत के लिए इस्तेमाल करने का एक रोडमैप है। विश्वकर्मा योजना की मूल भावना है- सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि!  यानी पारंपरिक हुनर का सम्मान, कारीगरों का सशक्तिकरण और विश्वकर्मा बंधुओं के जीवन में समृद्धि! ये हमारा लक्ष्य है। विश्वकर्मा योजना की एक और विशेषता है। जिस बड़े पैमाने पर इस योजना के लिए अलग अलग विभाग एकजुट हुए हैं, ये भी अभूतपूर्व है। 
महाराष्ट्र में ही 60 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण मिला
उन्होंने कहा कि देश के 700 से ज्यादा जिलें, 2.5 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायत, 5 हजार शहरी स्थानीय निकाय मिलकर इस अभियान को गति दे रहे हैं। एक साल में ही 18 अलग-अलग पेशों के 20 लाख से ज्यादा लोगों को इस योजना से जोड़ा गया। सिर्फ साल भर में ही 8 लाख से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है। अकेले महाराष्ट्र में ही 60 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण मिला है। अब तक 6.5 लाख से ज्यादा विश्वकर्मा बंधुओं को आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। 
विश्वकर्मा योजना हर पहलू का ध्यान रख रही
पीएम ने कहा, 'इससे उनके उत्पादों की क्वालिटी बेहतर हुई है, उनकी उत्पादकता बढ़ी है। इतना ही नहीं, हर लाभार्थी को 15 हजार रुपये का ई-वाउचर दिया जा रहा है। अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के 3 लाख रुपये तक लोन भी मिल रहा है। मुझे खुशी है कि एक साल के भीतर विश्वकर्मा भाई-बहनों को 1,400 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है। यानी विश्वकर्मा योजना हर पहलू का ध्यान रख रही है।'
एससी, एसटी और ओबीसी पर भी बोले पीएम
उन्होंने कहा कि हमारे पारंपरिक कौशल में सबसे ज्यादा भागीदारी एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोगों की रही है। अगर पिछली सरकारों ने विश्वकर्मा बंधुओं की चिंता की होती, तो इस समाज की कितनी बड़ी सेवा होती, लेकिन कांग्रेस और उसके दोस्तों ने एससी, एसटी और ओबीसी को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ने दिया। हमने सरकारी सिस्टम से कांग्रेस की इस दलित और पिछड़ा विरोधी सोच को खत्म किया है। पिछले 1 साल के आंकड़े बताते हैं कि आज विश्वकर्मा योजना का सबसे ज्यादा लाभ एससी, एसटी और ओबीसी समाज उठा रहा है।
आज की जरूरतों के हिसाब से स्किल ट्रेनिंग हुई
प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल विकास अभियान के तहत भी देश के करोड़ों नौजवानों की आज की जरूरतों के हिसाब से स्किल ट्रेनिंग हुई है। स्किल इंडिया जैसे अभियानों ने भारत के कौशल को पूरी दुनिया में पहचान दिलानी शुरू कर दिया है। इसी साल फ्रांस में वर्ल्ड स्किल्स पर बहुत बड़ा आयोजन हुआ। इसमें भारत ने बहुत सारे अवार्ड आपने नाम किए हैं। हम देश भर में 7 पीएम मित्र पार्क स्थापित कर रहे हैं।
कांग्रेस में देशभक्ति की आत्मा दम तोड़ चुकी
उन्होंने कहा कि आज जो कांग्रेस हम देख रहे हैं, ये वो कांग्रेस नहीं है जिससे कभी महात्मा गांधी जी जैसे महापुरुष जुड़े थे। आज की कांग्रेस में देशभक्ति की आत्मा दम तोड़ चुकी है। आज की कांग्रेस में नफरत का भूत दाखिल हो गया है। आज कांग्रेस के लोगों की भाषा, उनकी बोली, विदेशी धरती पर जाकर देश को तोड़ने की बात करना, भारतीय संस्कृति और आस्था का अपमान करना इनकी पहचान बन गया है। आज देश की सबसे भ्रष्ट और बेइमान पार्टी कांग्रेस है। 
मैं गणेश पूजन कार्यक्रम में गया, तो कांग्रेस का तुष्टिकरण जाग उठा
पीएम मोदी ने कहा, 'देश का सबसे भ्रष्ट परिवार कांग्रेस का शाही परिवार है। जिस पार्टी में हमारी आस्था और संस्कृति का जरा सा भी सम्मान होगा, वो पार्टी कभी गणपति पूजा का विरोध नहीं कर सकती, लेकिन आज की कांग्रेस को गणपति पूजा से भी नफरत है। मैं गणेश पूजन कार्यक्रम में चला गया, तो कांग्रेस का तुष्टिकरण का भूत जाग उठा। कांग्रेस गणपति पूजा का विरोध करने लगी। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस कुछ भी कर रही है। कर्नाटक में तो कांग्रेस सरकार ने गणपति बप्पा को ही सलाखों के पीछे डाल दिया। गणपति की जिस मूर्ति की लोग पूजा कर रहे थे, उसे पुलिस वैन में कैद करवा दिया। पूरा देश गणपति के इस अपमान को देखकर आक्रोशित है। मैं हैरान हूं कि इसपर कांग्रेस के सहयोगियों के मुंह पर भी ताला लग गया है। उन पर भी कांग्रेस की संगत का ऐसा रंग चढ़ा है कि उनमें गणपति के अपमान का विरोध करने की हिम्मत नहीं बची है। हमें एकजुट होकर कांग्रेस के इन पापों का जवाब देना है।'
 

विनेश फोगाट का बड़ा बयान, कहा- ‘बृजभूषण सिंह इसलिए टिका है...

19-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )    जुलाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट इन दिनों जोरों से हरियाणा विधानसभा चुनाव में प्रचार में जुटी हैं। इस बीच उन्होंने बीजेपी के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को निशाने पर लिया है। 
विनेश फोगाट ने कहा कि ‘आपको सिस्टम में जाना होगा। बृजभूषण सिंह इसलिए टिका है, क्योंकि वे राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हैं। अगर हमारे पास सत्ता नहीं है, तो दो साल का संघर्ष पानी में बह जाएगा। हमें भी इसलिए ताकतवर होना चाहिए।’ बता दें कि विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई अन्य खिलाड़ियों ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कुश्ती खिलाड़ियों से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इसके बाद सिंह के खिलाफ पुलिस ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया।
पेरिस ओलंपिक से भारत लौटने के बाद विनेश 6 सितंबर को बजरंग पूनिया के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने विनेश को जुलाना सीट से उम्मीदवार बनाया है। प्रदर्शन को लेकर विनेश ने कहा कि लोगों को लगता है कि हमने जो किया वो उनकी बेटियों और उनके परिवारों के लिए था। ओलंपिक में सफलता मिलना व्यक्तिगत होता है। जब हम दूसरों के लिए कुछ करते हैं, तो लोग प्यार लौटाते हैं। मुझे इतने प्यार और समर्थन की उम्मीद नहीं थी। विनेश फोगाट ने ये बातें इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में कही।

क्या है इजरायल की यूनिट 8200, जिसने करा दिए पेजर और वॉकी-टॉकी में धमाके

19-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  लेबनान में पेजर अटैक और वॉकी-टॉकी में विस्फोट कराकर हलचल मचाने वाले इजरायल ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से चौंका दिया है। अब तक इजरायल ने ऐंटी-मिसाइल अटैक वाली आयरन डोम तकनीक या फिर बम बरसाने में ही महारत हासिल की थी, लेकिन इस बार उसने टेक्नोलॉजी वारफेयर के जरिए दुश्मन पर कहर बरपाया है। कुछ ही सेकेंड्स के अंदर पूरे लेबनान में करीब 5000 पेजर फट गए, जिनमें 9 लोगों की मौत हो गई और लगभग 2000 लोग जख्मी हो गए। यही नहीं बाद में वॉकी-टॉकी फटने से भी 14 लोगों की मौत हुई है। ये दोनों हमले लगातार दो दिनों के अंदर हुए हैं।
इन हमलों के बीच इजरायल की सीक्रेटिव यूनिट 8200 की चर्चा जोरों पर है। यह इजरायली सेना की इंटेलिजेंस यूनिट है, जिसे लेकर पश्चिमी देशों का कहना है कि उसने ही लेबनान में ये अटैक कराए हैं। अब तक इजरायल ने इन हमलों को लेकर चुप्पी ही बनाए रखी है, लेकिन पश्चिमी देशों और लेबनान को संदेह है कि इसे इजरायल की सीक्रेटिव यूनिट ने ही अंजाम दिया है। जानकारों का कहना है कि 5000 पेजरों पर एक साथ अटैक हुआ था और उनके अंदर करीब 3 ग्राम विस्फोटक रखा गया था।
एक पश्चिमी सुरक्षा सूत्र का कहना है कि यूनिट 8200 का ताल्लुक इजरायल की सेना से है। इसकी कमान मोसाद पर नहीं है। इसी ने हिजबुल्लाह पर इस तरह का भीषण तकनीकी हमला किया है। सूत्र ने कहा कि यूनिट 8200 ही लंबे समय से इसकी स्टडी कर रही थी कि कैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में विस्फोटक रखा जा सकता है। इजरायल की सेना ने अब तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके अलावा पीएम ऑफिस की ओर से भी कुछ नहीं कहा गया है, जिसे मोसाद रिपोर्ट करती है।
इजरायली डिफेंस ऐंड सिक्योरिटी फोरम के रिसर्च डायरेक्टर योसी कुपरवासर ने कहा कि यह साफ नहीं है कि हमले में मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट शामिल थी। लेकिन उन्होंने कहा कि टीम 8200 के मेंबर इजरायली सेना के सबसे शार्प कमांडर होते हैं। इस यूनिट में युवा और खास सैनिकों को ही शामलि किया जाता है। इनकी जिम्मेदारी इंटेलिजेंस जुटाने की भी होती है। 2018 में इजरायल की इसी यूनिट ने इस्लामिक स्टेट के एक एयर अटैक को नेस्तनाबूद कर दिया था।

हरियाणा चुनाव में कांग्रेस को भारी न पड़ जाए कुमारी सैलजा की नाराजगी

19-Sep-2024
चंडीगढ़।   ( शोर संदेश )  हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर से सामने आ गई है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा काफी एक्टिव दिखाई दे रही थी। लेकिन अब उन्होंने इस चुनाव से दूरी सी बना ली है। सैलजा न तो कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी करने के समय दिखाई दीं और न ही वो अब चुनाव प्रचार कर रही हैं। सैलजा की इस नााजगी का कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल टिकट बंटवारे से लेकर अबतक जो घटनाक्रम हुए उन सब में हुड्डा को तवज्जो मिली है। सैलजा न तो अपने समर्थकों को टिकट दिलवा पाई और अब हुड्डा गुट के समर्थकों की ओर की गईं टिप्पणियों से वह आहत हैं।
कुमारी सैलजा हरियाणा में कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा हैं। वो अनुसूचित जाति से आती हैं। हरियाणा की 21 ऐसी विधानसभा सीटे हैं जहां कुमारी सैलजा का प्रभाव है। लेकिन कांग्रेस समर्थकों की टिप्पणियों के बाद से उन्होंने चुनावी कैंपेन से दूरी बना ली है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी या बयान भी नहीं दी है। सैलजा की इस खामोशी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों नाराज है सैलजा
नारनौंद में कांग्रेस उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ के नामांकन कार्यक्रम में एक समर्थक ने कुमारी सैलजा पर जातिगत टिप्पणी की थी। इस मामले ने तूल पकड़ा और जगह-जगह विरोध भी हुआ। बताया जा रहा है कि सैलजा इस बात से नाराज चल रही हैं। वहीं उनकी नाराजगी की वजह टिकट वितरण को भी माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने हुड्डा समर्थकों को तवज्जो देते हुए 90 में से 72 सीटों पर उनके समर्थकों को टिकट दी है। वहीं सैलजा ने 35 सीटें मांगी थी, लेकिन उनके सिर्फ 10 समर्थकों को टिकट दी गई।

अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव तो 17 राज्यों में 3 साल या उससे कम समय तक रहेगी सरकार

19-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मोदी सरकार के कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के 100 दिन होने पर की गई एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि इस सरकार में एक राष्ट्र, एक चुनाव लागू किया जाएगा। यह पिछले तीन लोकसभा चुनावों में बीजेपी के घोषणापत्र का वादा रहा है। लेकिन यह कैसे लागू होगा, कब होगा और क्यों ऐसा हो रहा है? ऐसे कई सवाल हैं। कांग्रेस ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को संविधान के खिलाफ बताया है। 
पिछले साल मोदी सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और नगर निगमों के चुनाव एक साथ कराने के तरीके सुझाने के लिए कोविंद कमेटी गठित की थी।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने लोकसभा चुनाव से पहले इस साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें अलग-अलग संवैधानिक संशोधनों की सिफारिश की गई थी। इस कमेटी ने सिफ़ारिश की थी कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं और इसके 100 दिनों के अंदर स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा सकते हैं। 
बीजेपी बिल को कैसे कराएगी पास? 
बीजेपी के पास लोकसभा में 240 सीटें हैं। बहुमत के लिए उसे टीडीपी, जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब ऐसे भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि एक साथ चुनाव कराने की बीजेपी की योजना उसके सहयोगी दलों का समर्थन मिलेगा या नहीं? लेकिन भाजपा खेमे का कहना है कि ये सभी सहयोगी इसके लिए तैयार हैं। 
अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव?
अगर 2029 में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ होना है तो इसके लिए प्रक्रिया अभी से शुरू हो जानी चाहिए। अगर इससे जुड़ी सारी पेचीदगी को 2029 से पहले सुलझा लिया जाता है और यह करने के लिए देश पूरी तरह तैयार दिखाई देता है तो कई राज्य विधानसभाओं को उनके पांच साल के कार्यकाल से पहले भंग कर दिया जाएगा। यानी उनका कार्यकाल पूरा होने से काफी पहले चुनाव के लिए राज्य को तैयार होना होगा। 
पिछले साल जिन 10 राज्यों में नई सरकारें बनीं उनमें 2028 में फिर से चुनाव होंगे और नई सरकारें लगभग एक साल या उससे भी कम समय तक सत्ता में रहेंगी। ये राज्य हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान हैं। 
उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में चुनाव 2027 में होने हैं यानी इन राज्यों में 2027 में बनने वाली सरकारें दो साल या उससे कम समय तक चलेंगी। इसी तरह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल में चुनाव 2026 में होने हैं। यहां ऐसी सरकारें होंगी तीन साल तक चल पाएंगी। 
केवल अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में जहां इस साल चुनाव हो चुके हैं या हो रहे हैं पांच साल तक एक ही सरकार चल सकती है।

राष्ट्रपति को पसंद आई कोसा और महेश्वरी, खरीदी 33 हजार की 2 साड़ी

19-Sep-2024
भोपाल।   ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर बुधवार 18 सितंबर को मध्यप्रदेश आईं। इंदौर में मृगनयनी एम्पोरियम में हाथकरघा पर बनी रेशम, कॉटन की चंदेरी व महेश्वरी साडिय़ां देखीं। और यहां उपस्थित सभी कलाकारों और बुनकरों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारी से साड़ी चुनने कहा तो, कर्मचारी ने हल्की पिंक महेश्वरी साड़ी पसंद कर दी। मुर्मु ने एक और साड़ी खरीदी और यूपीआइ से 33 हजार रुपए का बिल पे किया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के हस्तशिल्पी, बुनकरों से चर्चा की।
भोपाल निवासी गोंड चित्रकार पद्मश्री दुर्गाबाई श्याम, और झाबुआ के कलाकार दंपती पद्मश्री रमेश व शांति परमार से प्रभावित हुईं। उनकी कला को सराहा। मुर्मू ने कहा, हमारी संस्कृति को संजो कर रखने की जरूरत है। इस दौरान गोंडी भित्ति चित्रकार दुर्गा श्याम ने उन्हें अपनी बनाई हुई पेंटिंग गिफ्ट की तो वहीं, झाबुआ की परमार दंपती ने अपनी प्रसिद्ध झाबुआ की गुड़िया और जनजातीय प्रतीक चिन्ह राष्ट्रपति को भेंट किया।
सीएम ने तोहफे में दी चंदेरी साड़ी
मृगनयनी के स्टाफ ने बताया कि राष्ट्रपति को कोसा सिल्क और महेश्वरी सिल्क की दो साड़ियां पसंद आईं। उन्होंने ये दोनों ही साड़ियां खरीदीं। इनमें से एक साड़ी 14 और एक साड़ी की कीमत 19 हजार रुपए है। इस तरह राष्ट्रपति ने कुल 33 हजार रुपए की दो साड़ियों की खरीदारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी राष्ट्रपति को अपनी ओर से चंदेरी साड़ी तोहफे के रूप में दी। इस दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे।
 

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली एजीआर बकाया वसूली पर राहत

19-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन समेत बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए बकाया (एजीआर) वसूली से जुड़ी उनकी क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है. टेलिकॉम कंपनियों पर सरकार का करीब 1.7 लाख करोड़ बकाया है. टेलिकॉम कंपनियों ने एजीआर वसूली में गड़बड़ी की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने एक बार फिर उनकी याचिक खारिज कर दी. यह वोडाफोन के लिए बड़ा झटका है. क्योंकि अकेले वोडाफोन की करीब 70 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बनती है. 
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में भी टेलिकॉम कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों को 92 हजार करोड़ रुपये तीन महीने के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया था. इस आदेश के खिलाफ टेलिकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक और आदेश जारी कर कंपनियों को 10 साल की अवधि में सारा बकाया जमा करने को कहा था.
इसके खिलाफ कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट मे रिव्यू पिटिशन फाइल की थी, जो रद्द हो गई थी. 2023 मे कंपनियों ने फिर क्यूरेटिव पिटिशन के जरिए राहत की मांग की थी, लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया. बता दें कि क्यूरेटिव याचिका को जज चैंबर में सुनते हैं. कंपनियों ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से गुजारिश की थी कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए, जिसे भी कोर्ट ने खारिज किया. 30 अगस्त को चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस गवई की बेंच बैठी थी. चैंबर में यह फैसला लिया गया कि याचिका में मेरिट नहीं है. ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग को भी खारिज कर दिया गया. 

चुनाव प्रचार में दिख रहा विनेश फोगाट का अलग अंदाज, कितनी मुश्किल है जीत की राह?

18-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  हरियाणा के विधानसभा चुनाव में जिस सीट की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है जींद जिले में पड़ने वाली जुलाना सीट। इस सीट की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से पहलवान विनेश फोगाट कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। विनेश फोगाट के लिए पूरे भारत और विशेषकर हरियाणा में सहानुभूति की जबरदस्त लहर तब दिखाई दी थी, जब वह सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल सकी थीं जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
चुनाव प्रचार के अलावा विनेश फोगाट के लिए जुलाना में चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है। चुनावी लड़ाई में कितने रणबांकुरे हैं और जुलाना के जातीय समीकरण क्या हैं, इस बारे में भी हम खबर में बात करेंगे। 
जुलाना में है विनेश की ससुराल
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश फोगाट का जुलाना में अलग ही अंदाज देखने को मिलता है। यहां याद दिलाना होगा कि विनेश फोगाट मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बलाली गांव की रहने वाली हैं लेकिन उनकी ससुराल जुलाना में है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश जब जुलाना हलके के गांवों में जाती हैं, तो बुजुर्गों (हरियाणा में ताऊ और ताई) से बड़े भावनात्मक अंदाज में मिलती हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश खुद को जुलाना की बहू भी बताती हैं और लोगों को भरोसा दिलाती हैं कि वह उनके साथ हमेशा खड़ी रहेंगी।  
विनेश का जगह-जगह पगड़ी पहनकर स्वागत किया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश के कार्यक्रमों में काफी लोग भी दिखाई देते हैं। हरियाणा के ताऊ और ताई घरों से बाहर निकाल कर उन्हें आशीर्वाद देने आते हैं और उनके सिर पर प्यार से हाथ रखते हैं। जबकि छोटे बच्चों से लेकर नौजवान तक उनके साथ सेल्फी लेना चाहते हैं।
चुनाव प्रचार को कवर करने पहुंचे पत्रकार जब जुलाना हलके के गांवों में महिलाओं से बात करते हैं तो वे कहती हैं कि वे सब विनेश के साथ हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जुलाना में विनेश फोगाट के लिए चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है?
कौन-कौन हैं चुनावी रण में?
जुलाना सीट पर बीजेपी ने योगेश बैरागी, आम आदमी पार्टी ने महिला रेसलर कविता दलाल, जेजेपी ने अमरजीत ढांडा और इनेलो-बसपा ने डॉक्टर सुरेंद्र लाठर को उम्मीदवार बनाया है। विनेश फोगाट और कांग्रेस के लिए यहां जो मुश्किल दिखाई देती है वह यह है कि कांग्रेस पिछले 15 साल से यहां पर चुनाव नहीं जीती है। 2019 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही थी। पिछले चुनाव में जेजेपी के उम्मीदवार अमरजीत ढांडा ने यहां 24000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।

गृह मंत्री अमित शाह का अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर कई युवाओं में नाराजगी थी. इस नाराजगी का असर बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उठाना भी पड़ा था. हरियाणा में पार्टी को 10 में से महज 5 सीट पर ही संतोष करना पड़ा था. लेकिन अब केंद्र सरकार और बीजेपी युवाओं के लिए शुरू की गई इस खास योजना को लेकर लगातार अपडेट कर रही है. इसी कड़ी में अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान किया है.  
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर डाला. दरअसल सेना से आने वाले हर अग्निवीर को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नौकरी दिए जाने का ऐलान किया गया है. अमित शाह ने कहा कि देश में अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन भी कर दिया गया है. 
अमित शाह के ऐलान के मुताबिक देश के हर अग्निवीर को नौकरी जरूर मिलेगी. 20 फीसदी आरक्षण से जो अग्निवीर बच जाएंगे उन्हें हरियाणा में ही नौकरी दी जाएगी. ऐसे में हर अग्निवीर की नौकरी पक्की है. 
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओं देश सेवा के लिए प्रेरित करना और उनका उज्जवल भविष्य तैयार करना था. इस योजना में सिर्फ चार वर्ष के लिए सैनिकों की भर्ती करने का प्रावधान किया गया. 
इसके साथ ही इसमें 25 फीसदी को नियमित सेवा में बनाए रखने का भी प्रावधान है. इस योजना के तहत जिन लोगों को भर्ती किया जाएगा उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा. हालांकि इसकी लॉन्चिंग के साथ ही इसका देश के कई हिस्सों में विरोध भी शुरू हो गया. राजनीतिक दलों ने इस योजना में कमियों को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद से ही सरकार इस पर लगातार अपडेट भी कर रही है. 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account