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विदेश मंत्री जयशंकर 3 से 8 नवंबर तक ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे

03-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 3 से 8 नवंबर के बीच महत्वपूर्ण बैठकों और द्विपक्षीय वार्ता के लिए ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ 15वें विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (FMFD) की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद भवन में आयोजित होने वाले दूसरे रायसीना डाउन अंडर के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ब्रिसबेन की यात्रा करेंगे और ऑस्ट्रेलिया में भारत के चौथे वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। विदेश मंत्री कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ 15वें विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (FMFD) ) की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद भवन में आयोजित होने वाले दूसरे रायसीना डाउन अंडर के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। विदेश मंत्री का ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व, सांसदों, भारतीय प्रवासियों, व्यापार समुदाय, मीडिया और थिंक टैंक के सदस्यों के साथ बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।

यात्रा के दूसरे चरण में विदेश मंत्री 8 नवंबर को आधिकारिक यात्रा के लिए सिंगापुर जाएंगे, जिसके दौरान वे आसियान-भारत थिंक टैंक नेटवर्क के 8वें गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करेंगे। वे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी की समीक्षा करने और द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के अवसरों का पता लगाने के लिए सिंगापुर के नेतृत्व से भी मिलेंगे।

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के कपाट आज होंगे बंद

03-Nov-2024
केदारनाथ। ( शोर संदेश )  केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज यानी 3 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति शनिवार को प्रात: मंदिर परिसर पहुंची।इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय पंचमुखी उत्सव मूर्ति की पूजा-अर्चना में शामिल रहे। इससे पहले शुक्रवार को सीएम पुष्कर धामी ने श्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना की और देश भर से आए श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों व सम्मानित पुरोहितगणों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट 03 नवंबर भैया दूज के पावन अवसर पर सुबह 08 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति विभिन्न पड़ावों में प्रवास के बाद शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी।

इसी क्रम में शनिवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति को भंडार से बाहर लाया गया। पंचमुखी उत्सव मूर्ति को पुजारी शिवशंकर लिंग की ओर से स्नान कराया गया धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल ने पूजा-अर्चना संपन्न की और श्रद्धालुओं ने पंचमुखी उत्सव मूर्ति के दर्शन किये। मंदिर की परिक्रमा के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति डोली को मंदिर परिसर में विराजमान कर दिया गया।

आपको बता दें शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि व मंगल हेतु प्रार्थना की थी। साथ ही उन्होंने इस दौरान देश भर से आए श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों व सम्मानित पुरोहितगणों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस वर्ष आई आपदा के बाद भी प्रशासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के फलस्वरुप केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सीएम धामी ने कहा कि सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत की छवि धूमिल कर रहा कनाडा, विदेश मंत्रालय ने कहा- दोनों देशों के संबंधों पर पड़ेगा गंभीर असर

03-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) भारत ने आरोप लगाया है कि कनाडा लगातार भारत की वैश्विक स्तर पर छवि खराब करने के अनर्गल प्रयास कर रहा है। भारत ने कड़ी चेतावनी दी है कि द्विपक्षीय संबंधों पर इसके गंभीर परिणाम होंगे।

भारत का हालिया बयान कनाडा में सुरक्षा संबंधी स्थाई समिति की सुनवाई के दौरान गृहमंत्री अमित शाह का नाम आने के संबंध में आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि कल कनाडा के दूतावास के प्रतिनिधि को इस संबंध में तलब किया गया था और राजनयिक नोट दिया गया था।

रणधीर जायसवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि 29 अक्टूबर को ओटावा में सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थाई समिति कार्रवाई के संदर्भ में एक राजनयिक नोट प्रतिनिधि को सौंपा गया है। जिसमें बताया गया कि भारत सरकार उप मंत्री डेविड मॉरिसन द्वारा समिति के समक्ष भारत के केंद्रीय गृह मंत्री के बारे में व्यक्त किए गए अनर्गल और निराधार संदर्भों का कड़े से कड़ा विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि कनाडा के उच्चाधिकारी भारत को बदनाम करने और अन्य देशों को प्रभावित करने की सुविचार रणनीति के तहत जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया को निराधार आक्षेप लीक करते हैं। यह भारत के उस दृष्टिकोण की ही पुष्टि करता है जो भारत सरकार लंबे समय से वर्तमान कनाडा सरकार के राजनीतिक एजेंडा और उसके व्यवहार के तौर-तरीके के बारे रखता रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की गैर जिम्मेदाराना कार्रवाइयों से दोनों के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे।
 

रक्षामंत्री का युवाओं से आह्वान, कहा- देश में वह तकनीक विकसित करें, जिनका देश आयात करता है

03-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भारतीय युवाओं का आह्वान किया कि वे देश में वह उच्च तकनीक विकसित करें, जिनका देश आयात करता है। उन्होंने यह बातें बीते शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर में 65वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करने के दौरान कहीं।

रक्षा मंत्री ने आज हर क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव के पीछे ‘प्रौद्योगिकी’ को सबसे बड़ा कारक बताया, जिसमें देश वर्तमान सामरिक परिदृश्य में बढ़त स्थापित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी विशिष्ट तकनीक में महारत हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इसे आगे समझाते हुए उन्होंने बताया कि तकनीकी विकास के आधार पर देशों के तीन समूह हैं- पहला उन्नत तकनीक में शिखर पर है, दूसरे एक स्थिर स्थिति में पहुंच गए हैं और तीसरे तकनीकी टेक-ऑफ के चरण में हैं।

भारत को तीसरे समूह में रखते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र आज तकनीकी प्रगति में शीर्ष स्थान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी पर पकड़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और युवाओं से अपनी क्षमता का एहसास करने और देश की प्रगति में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने आईआईटी कानपुर जैसे संस्थानों को अकादमिक इंजन करार दिया, जो वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल में भारत को एक गतिशीलता प्रदान कर सकते हैं और इसे पहले सेट में स्थान दे सकते हैं।

इस दौरान राजनाथ सिंह ने आईआईटी कानपुर में स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) द्वारा आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी का दौरा किया। इसमें 23 एसआईआईसी-इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप के बारे में जानकारी दी गई, जो स्वायत्त प्रणाली, एआई-संचालित निगरानी और अगली पीढ़ी के संचार उपकरणों जैसी रक्षा प्रौद्योगिकी में प्रगति पेश करते हैं। रक्षा मंत्री ने प्रदर्शनी स्टालों पर स्टार्ट-अप संस्थापकों और अनुसंधान टीमों के साथ बातचीत की और राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।

इस दौरान कई समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसमें सैन्य रसद और रक्षा नवाचार में प्रगति के लिए बीईएमएल और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ आईआईटी कानपुर के सहयोग और इनक्यूबेशन प्रयासों को मजबूत करने के लिए कानपुर विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी शामिल है। डीडीआर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने छह परिवर्तनकारी डीआरडीओ परियोजनाओं के लिए स्वीकृति पत्र प्रस्तुत किए।

देश की नवीनतम रक्षा पहलों के बारे में की गई चर्चा

इस कार्यक्रम में देश की नवीनतम रक्षा पहलों, जैसे कि आईडीईएक्स की डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज 12 और अदिति 2.0 चुनौतियों पर महत्वपूर्ण चर्चाएं शामिल थीं, जिन्होंने रक्षा नवाचार परिदृश्य में मूल्यवान जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल, एसआईआईसी के प्रभारी प्रोफेसर दीपू फिलिप, संस्थान के छात्र और प्रतिष्ठित पूर्व छात्र शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भाई दूज के अवसर पर दीं शुभकामनाएं

03-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को भाई दूज के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं सभी देशवासियों को भाई दूज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे आशा है कि यह पावन अवसर भाई-बहनों के बीच स्नेह को और बढ़ाएगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस त्योहार पर सभी के जीवन में अपार खुशियां आने की कामना की। शाह ने एक्स पर लिखा, “भाई दूज के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। कामना करता हूं कि यह प्रेम, समर्पण और भक्ति का त्योहार सभी के जीवन में अपार खुशियां लाए।”

गौरतलब है कि भाई दूज भाई-बहन के प्यार और बंधन का प्रतीक है। इस खास दिन पर बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करते हुए उनके माथे पर ‘टीका’ लगाती हैं। इस मौके पर भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार और मिठाई देकर अपने रिश्ते को और मजबूत करते हैं।

भारत के विभिन्न हिस्सों में भाई दूज को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में इसे भाई दूज, भाऊ बीज और भाई बीज के नाम से मनाया जाता है, जबकि महाराष्ट्र में इसे भाई टीका के रूप में मनाया जाता है। बंगाल में इस दिन को भाई फोंटा के नाम से जाना जाता है। दक्षिण भारत में, खासकर कर्नाटक और तेलंगाना में, इसे यम द्वितीया के रूप में मनाया जाता है।

इस त्योहार के पीछे की पौराणिक कथा यह है कि देवी यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर पर भोजन कराया था, और यह दिन कार्तिक द्वितीया का था। तभी से इस दिन को यम द्वितीया के रूप में मान्यता मिली और मनाया जाने लगा। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और व्रत व पूजा जैसे अन्य अनुष्ठान करती हैं ताकि उनके भाई का जीवन लंबा और समृद्ध रहे। इसके बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी सुरक्षा का वचन देते हैं।

दिवाली पर चीनी सैनिकों को खिलाई मिठाई, डेमचोक में गश्त शुरू

02-Nov-2024
डेमचोक। ( शोर संदेश )  पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले दो बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों की पूरी तरह वापसी के कुछ दिन बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार को डेमचोक में गश्त शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देपसांग में गश्त जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया था कि भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध वाले दो स्थानों-डेमचोक और देपसांग में सैनिकों की वापसी पूरी हो गई है और जल्द ही इन जगहों पर गश्त शुरू कर दी जाएगी।
इसके एक दिन बाद दिवाली के मौके पर एलएसी पर कई सीमा बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। मिठाइयों के परंपरागत आदान-प्रदान से एक दिन पहले दोनों देशों के सैनिकों ने टकराव वाले दोनों बिंदुओं से वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी जिसे चीन-भारत संबंधों में नये सकारात्मक आयाम के रूप में देखा जा रहा है।
सेना के सूत्रों ने बताया कि डेमचोक में गश्त शुरू हो गई है। सूत्रों ने पहले कहा था कि क्षेत्रों और गश्त का स्तर अप्रैल 2020 के पहले के स्तर पर पहुंच सकता है। सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि सैनिकों के पीछे हटने के बाद सत्यापन प्रक्रिया जारी है और कमांडरों के बीच गश्त के तौर-तरीकों पर फैसला किया जाना है। सूत्रों ने कहा था, ‘‘स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।’’
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में कहा कि पिछले कई हफ्तों की बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है और इससे 2020 में उपजे मुद्दों का समाधान निकलेगा। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए दोनों देशों के बीच बनी सहमति को चार साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद से पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध बरकरार था और भारत-चीन संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
 

पीएम मोदी ने कांग्रेस की गारंटियों को बताया 'जनता के साथ धोखा

02-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पोस्ट करते हुए कांग्रेस शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस की ओर से दी गई गारंटी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की ओर से चुनाव के दौरान दी जाने वाली गारंटियों को जनता के साथ धोखा करार दिया. इस पर अब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए पर पलटवार किया है. वार-पलटवार का यह सिलसिला महाराष्ट्र और झारखंड राज्य विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए लिखा है, ''कांग्रेस पार्टी को यह बात अब समझ में आ रही है कि झूठे वादे करना तो आसान है, लेकिन उन्हें सही तरीके से लागू करना मुश्किल और नामुमकिन है. वे लगातार प्रचार अभियान के दौरान लोगों से ऐसे वादे करते रहते हैं, जिन्हें वे कभी पूरा नहीं कर पाते. अब वे लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं. आज कांग्रेस की सरकार वाले किसी भी राज्य को देख लीजिए- हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना. विकास की गति और वित्तीय स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. उनकी तथाकथित गारंटियां अधूरी हैं, जो इन राज्यों के लोगों के साथ एक भयानक धोखा है. ऐसी राजनीति का शिकार गरीब, युवा, किसान और महिलाएं हैं, जिन्हें न केवल इन वादों के लाभों से वंचित किया जाता है, बल्कि उनकी मौजूदा योजनाओं को भी कमजोर किया जाता है'.

रांची और जमशेदपुर में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग

02-Nov-2024
रांची। ( शोर संदेश )  झारखंड के कई हिस्सों में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई. भूकंप के झटके राजधानी रांची और जमशेदपुर में महसूस किए गए. भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया और सभी घरों से बाहर आ गए. फिलहाल किसी तरह के कोई नुकसान की खबर नहीं है.
जमशेदपुर के कुछ इलाकों में शनिवार सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया. वहीं रांची के तमाड़ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. शनिवार सुबह आए भूकंप में धरती करीब पांच सेकेंड तक हिलती रही. चाईबासा के चक्रधरपुर में भी भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों से बाहर आ गए.
झारखंड के खरसावां जिले से 13 किलोमीटर दूर इलाके में भूकंप का एपिसेंटर पाया गया. शनिवार सुबह 9:20 बजे यहीं पर भूकंप आया था. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मेग्नीट्यूड मापी गई है. हालांकि अब तक भूकंप के झटके से हुए नुकसान की कोई खबर नहीं है.

 


बांडीपोरा में सेना के शिविर पर आतंकी हमला! जवाबी कार्रवाई के बाद भागे दहशतगर्द

02-Nov-2024
कश्मीर। ( शोर संदेश ) आतंकियों ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा में 14 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर पर हमला किया। हालांकि जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी वहां से भाग गए. 
इस हमले से कुछ समय पहले ही आतंकियों ने बडगाम में दो प्रवासी मजदूरों पर गोली चलाई थी. इसके बाद सेना ने आतंकियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी शुरू कर दी थी.
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने रात लगभग साढ़े नौ बजे बांडीपोराा जिला में सेना की 14 आरआर के एक शिविर पर हमले करने की कोशिश की. इस दौरान उन्होंने शिविर पर कुछ दूर से गोलाबारी की. आतंकियों ने बाहरी गेट पर तैनात संतरी को निशाना बनाने की कोशिश, लेकिन उसने जवाबी कार्रवाई की. अन्य जवानों ने भी पोजिशन लेकर जवाबी फायर किया. इसके बाद आतंकी वहां से भाग निकले.  इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बडगाम में दो लोग को आतंकियों ने बनाया निशाना
वहीं, जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के दो लोगों को गोली मार दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मध्य कश्मीर जिले के मागम के मजहामा इलाके में गोली लगने से सूफियान और उस्मान घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा किया गया यह पांचवां हमला है. 
इससे पहले पर्यटक स्थल गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर सेना के वाहन पर 24 अक्टूबर को हुए आतंकवादी हमले में दो सैनिक शहीद हो गये थे और दो कुली मारे गए थे जबकि एक अन्य कुली और एक सैनिक घायल हो गये थे. इससे पहले दिन में आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के त्राल इलाके में उत्तर प्रदेश के एक श्रमिक शुभम कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया था. गांदरबल के गगनगीर इलाके में 20 अक्टूबर को एक सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादियों ने एक स्थानीय चिकित्सक और छह गैर-स्थानीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. शोपियां जिले में 18 अक्टूबर को आतंकवादियों ने बिहार के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 

पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय का निधन, राष्ट्रपति, पीएम समेत इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

01-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अर्थशास्त्री और पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय का 69 साल की उम्र में निधन हो गया. बिबेक देबरॉय का निधन आज सुबह 7 बजे दिल्ली एम्स में हुआ.वह आंत संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने शोक जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की.
बिबेक देबरॉय पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित थे. पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बनने से पहले देबरॉय  पुणे में गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (जीआईपीई) के चांसलर भी रहे. 
राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बिबेक देबरॉय को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर लिखा, "डॉ. बिबेक देबरॉय के निधन से देश ने एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक बुद्धिजीवी खो दिया. उन्होंने नीति निर्माण से लेकर हमारे महान ग्रंथों के अनुवाद तक विविध क्षेत्रों को समृद्ध किया. भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिदृश्य के बारे में उनकी समझ असाधारण थी. उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. मैं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं."
पीएम मोदी ने दी श्रद्वांजलि
पीएम मोदी ने एक पुरानी तस्वीर शेयर कर देबरॉय को महान स्कॉलर कहा. पीएम मोदी ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि डॉ. बिबेक देबरॉय जी एक महान विद्वान थे. वह अर्थशास्त्र, इतिहास, संस्कृति, राजनीति, आध्यात्मिकता और अन्य दूसरे क्षेत्रों में पारंगत थे. अपने कामकाज के जरिए उन्होंने भारत के बौद्धिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी.

 




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