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पक्के दोस्त रूस ने भारत के लिए खोल दी सस्ते तेल की टंकी

04-Jul-2024
( शोर संदेश )   भारत और रूस के बीच की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है. जब-जब भी भारत को जरूरत पड़ी, रूस उसके साथ खड़ा रहा.वहीं जब भी रूस को विरोध का सामना करना पड़ा भारत ने अपना पक्ष स्पष्टता से रखा.  तेल को लेकर दोनों देशों के बीच के संबंध कई सालों से बने हुए है. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के विरोध के बावजूद भारत और रूस की तेल को लेकर दोस्ती न टूटी. सस्ते तेल की बात जब आई तो रूस साथ खड़ा रहा. वहीं भारत ने भी अमेरिका का धमकी के बावजूद उसने रूस से तेल लेना जारी रखा.  
रिकॉर्ड स्तर पर रूसी तेल सप्लाई  
रियल टाइम एनर्जी कार्गो ट्रैकिंग फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार जून 2024 में भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीदा. भारत के कच्चा तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 42 फीसदी पर पहुंच गया. जबकि मई 2024 में भारत के क्रूड ऑयल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 37 फीसदी रही थी. रूस-यूक्रेन  युद्ध के बाद से भारत का आयात बढ़ता जा रहा है. रूस कई महीनों से न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है, बल्कि जून में तो उसकी अकेले की हिस्सेदारी बाकी के 4 टॉप सप्लायर्स की सम्मलित सप्लाई के बराबर रही.
भारत और रूस के बीच संबंध जितने मजबूत है, उतना ही मजबूत भारत और रूस के बीच तेल का कारोबार है. अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी होने के बाद से भारत ने रूस से आयात बढ़ा दिया है. रूसी तेल की भारत में आवक फिर से 40 फीसदी के पार हो चुकी है. जहां मिडिल ईस्ट देशों से लेकर अमेरिका तक से भारत का तेल आयात कम हुआ.  
भारत ने कितना लिया रूसी तेल
भारत कच्चे तेलों से लिए आयात पर निर्भर है. क्रूड ऑयल के सप्लाई के लिए रूस का दबदबा बरकरार है. जून महीने में रूसी तेल की खरीदारी 42 फीसदी पर पहुंच गई. रूस के अलावा भारत ने इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से भी कच्चा तेल खरीदा है. जिसमें इराक की हिस्सेदारी 16 फीसदी सऊदी अरब की हिस्सेदारी 8 फीसदी, संयुक्त अरब अमीरात की हिस्सेदारी 8 फीसदी, अमेरिका की 7 फीसदी रही.
क्यों रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर
खाड़ी देश तेल के सबसे बड़े सप्लायर रहे हैं. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर अमेरिका का अगुवाई में पश्चिमी देशों से रूस पर प्रतिबंध लगा दिया. रूस पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए. प्रतिबंध के चलते रूस ने भारी डिस्काउंट के साथ कच्चा तेल बेचना शुरू किया. भारत ने भी इस मौका का फायदा उठाया और रूस से जमकर तेल खरीदा. रूस से तेल खरीदकर भारत ने काफी बचत भी की है.रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में भारत ने रूस से 16.6 लाख बैरल कच्चे तेल की प्रति दिन खरीदा था, बकि एक साल पहले साल 2022 में यह आंकड़ा सिर्फ 6.51 लाख बैरल प्रति दिन का था. एक साल के भीतर रूस से तेल आवक में 155 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई, जिसका फायदा भारत को भी हुआ. छूट पर रूस से तेल खरीदकर बीते साल भारत ने करीब 8 अरब डॉलर बचा लिए.
अमेरिका की भी नहीं मानी बात 
रूस से सस्ता तेल खरीद रहे भारत ने अमेरिका की नाराजगी को भी नजरअंदाज कर दिया. भारत से साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जरूरत के हिसाब से किसी भी देश से तेल की खरीदारी कर सकता है. भारत ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव को नजरअंदाज कर अच्छा मुनाफा कमाया और करीब 8 अरब डॉलर की बचत बीते साल कर ली. a

केंद्र सरकार ने कैबिनेट कमेटियों का किया गठन, सहयोगी दलों को मिले अहम पद, जानें किसे क्या मिला

04-Jul-2024
नई दिल्ली:  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने बुधवार को विभिन्न कैबिनेट कमिटियों (मंत्रिमंडलीय समितियों) का गठन किया, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक मामलों से संबंधित देश की सर्वोच्च निर्णायक समितियां भी शामिल हैं। इन कैबिनेट कमिटियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों-- जनता दल यूनाइटेड (जदयू), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), जनता दल सेक्युलर (जद एस), शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से बने मंत्रियों को जगह मिली है। 
सुरक्षा मामलों से संबंधित कमेटी
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षा मामलों से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस)में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस.जयशंकर शामिल हैं। सीसीएस सुरक्षा एवं सामरिक मामलों से संबंधित सभी मुद्दों पर देश का शीर्ष निर्णायक निकाय है। 
आर्थिक मामले से संबंधित कमेटी
आर्थिक मामले संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी.कुमारस्वामी शामिल हैं। इस समिति में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पंचायती राज एवं मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी शामिल हैं। यह समिति अर्थव्यवस्था एवं व्यापार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करती है और निर्णय लेती है। 
राजनीतिक मामले से संबंधित कमेटी
राजनीतिक मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, नागर विमानन मंत्री किंजारापू राममोहन नायडू, सूक्ष्म, लघु और मध्य उपक्रम मंत्री जीतन राम मांझी, बंदरगाह एवं पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संसदीय मामलों के मंत्री किरण रीजीजू और कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी शामिल हैं। यह समिति देश के बड़े राजनीतिक मुद्दों को संभालती है। 
संसदीय मामले से संबंधित कमेटी
संसदीय मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नड्डा, सीतारमण, राजीव रंजन सिंह, नायडू, रीजीजू, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम और जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल शामिल हैं। इस समिति में कानून राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) अर्जुन राम मेघवाल और कानून मंत्री एल मुरूगन विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति संसद सत्र आहूत करने जैसे विषयों पर निर्णय लेती है। पिछले सालों की भांति इस बार भी नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में बस दो सदस्य-- मोदी एवं अमित शाह हैं। यह समिति देश में शीर्ष नौकरशाही, सामरिक एवं सुरक्षा संबंधी पदों पर नियुक्तियां करती है। 
निवेश एवं वृद्धि से संबंधित कमेटी
निवेश एवं वृद्धि से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रल्हाद जोशी, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान हैं। इस समिति में सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति सभी निवेश एवं वृद्धि संबंधी मुद्दों को संभालती है। 
आवास संबंधी कमेटी
मंत्रिमंडल की आवास संबंधी समिति में शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल और आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कार्मिक मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति केंद्रीय मंत्रियों, नौकरशाहों, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के आवास संबंधी निर्णय लेती है। 
कौशल, रोजगार और आजीविका संबंधी कमेटी
कौशल, रोजगार और आजीविका संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, वैष्णव, प्रधान, यादव, पुरी, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति कौशल, रोजगार एवं आजीविका संबंधी मुद्दों को संभालती है।

लखनऊ में बस में लगी आग, यात्री कूद कर भागे, सड़क पर लंबा जाम

04-Jul-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  लखनऊ में एक भयावह घटना घटित हुई जब चरक हॉस्पिटल के पास लखनऊ कबाबी के सामने एक CNG बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार यात्री आग लगते ही घबराकर कूद कर भाग गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना से सड़क पर लंबा जाम लग गया।
यात्रियों की सूझबूझ से बची जान
बस में आग लगते ही यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूद कर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में आग लगते ही चीख-पुकार मच गई और यात्री तुरंत बस से उतरने लगे। इस कारण किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।
सड़क पर लंबा जाम
इस घटना से लखनऊ के चरक हॉस्पिटल के पास और लखनऊ कबाबी के सामने सड़क पर लंबा जाम लग गया। आग की वजह से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर जाम को हटाने का प्रयास किया।
दमकल कर्मियों ने आग पर पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग को बुझा दिया, जिससे बस को पूरी तरह जलने से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
लखनऊ में इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अहमियत को उजागर किया है। बस में आग लगने की घटना से यात्री तो सुरक्षित बच गए, लेकिन यह घटना यातायात और आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी। प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता बरतने की चेतावनी देती है।
 

राहुल गांधी की टिप्पणी पर फूटा गुस्सा, अजमेर में पुलिस और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़े

04-Jul-2024
जयपुर।  ( शोर संदेश )  कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं पर दिए गए बयान के बाद देशभर में बवाल मचा हुआ है। राजस्थान में भी बुधवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और हिंदू संगठनों ने प्रदेशभर में कई जगह विरोध-प्रदर्शन किया। अजमेर में राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सकल हिंदू समाज के लोग और पुलिसकर्मी आपस में भिड़ गए।
वहीं, बांसवाड़ा, झालावाड़, राजसमंद सहित कई जिलों में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की। बता दें कि सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए कथित तौर पर हिंदुओं को हिंसक बताया था। उनके इस बयान से हिंदुओं में आक्रोश व्याप्त है।
अजमेर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर राहुल गांधी के खिलाफ विरोध जताया। जिससे कलेक्ट्रेट के सामने वाली सड़क पर जाम लग गया। तभी एक निजी बस को रास्ता देने पर पुलिस और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए। इस दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी छोटूलाल और उप महापौर नीरज जैन के बीच जमकर बहस हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और थाना अधिकारी को घेर लिया गया। हालांकि, कुछ देर बार मामला शांत हो गया। इसके बाद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
यहां भी राहुल के खिलाफ जमकर नारेबाजी
अजमेर के अलावा हिंदू संगठनों ने बुधवार को बांसवाड़ा, झालावाड़ और राजसमंद में भी विरोध प्रदर्शन किया। बांसवाड़ा में हिंदू समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। झालावाड़ में बीजेपी और हिंदू संगठनों के साथ मिलकर मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग की। वहीं, राजसमंद में सर्व हिंदू समाज के लोगों कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान भाजपा और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

आईटीआर फाइल करने से पहले फॉर्म-16 में ये चीजें चेक करना न भूलें

04-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की आखिरी डेट आने वाली है। ऐसे में सभी टैक्सपेयर को लेट फाइलिंग और पेनल्टी से बचने के लिए समय के भीतर ही आईटीआर फाइल करना चाहिए। अगर आप सैलरीड टैक्सपेयर्स है तो आपको रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म-16 (फार्म-16) में दी गई जानकारी को जरूर चेक कर लेना चाहिए।
आपको बता दें कि सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए फॉर्म-16 बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। इसके बिना आईटीआर फाइल नहीं किया जा सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि टैक्सपेयर्स को फॉर्म-16 में क्या-क्या चेक करना चाहिए, उससे पहले जान लेते हैं कि फॉर्म-16 में कौन-कौन सी जानकारी शामिल होती है।
फॉर्म-16 में होती है ये जानकारी
टैक्सपेयर्स की ग्रॉस इनकम
नेट इनकम डिटेल्स
टीडीएस की जानकारी
ये जानकारी जरूर चेक करें
टैक्सपेयर को फॉर्म-16 में दी गई टीडीएस डेटा को चेक करना चाहिए। कंपनी द्वारा एंप्लॉयर की सैलरी से कई तरह के टैक्स काटे जाते हैं। पूरे साल में कंपनी ने कर्मचारी की सैलरी से कितना टैक्स या टीडीएस काटा है इसकी जानकारी फॉर्म-16 में होती है।
फॉर्म-16 में मौजूद टीडीएस डेटा को फॉर्म 26एएस और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) से क्रॉस चेक करना चाहिए। इन दोनों फॉर्म की डिटेल्स मैच होनी चाहिए। अगर यह मिसमैच है तो सैलरीड पर्सन को रिटर्न फाइल नहीं करना चाहिए।
फॉर्म-16 में है गलत जानकारी
अगर करदाता को लगता है कि फॉर्म-16 में कोई भी डिटेल्स गलत है तो ऐसे में उसे रिटर्न फाइल नहीं करना चाहिए। दरअसल, अगर गलत जानकारी के साथ आईटीआर फाइल करते हैं तो रिटर्न के डिफेक्टिव होने का खतरा रहता है। इसके अलावा अगर कोई गलत जानकारी होती है तो आयकर विभाग द्वारा नोटिस भी भेजा जा सकता है।
वहीं अगर टैक्सपेयर ने जॉब चेंज किया है तो उसे अपनी कंपनी से फॉर्म-16 जरूर लेना चाहिए। इसके बाद आपको पुरानी कंपनी और नई कंपनी द्वारा दिए गए फॉर्म-16 के डेटा को चेक करना चाहिए।

बादल छाए रहेंगे, तेज हवाएं और बारिश...यूपी-दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम हाल…..

04-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) देश में मानसून तय समय से पहले ही पहुंच गया है. 6 दिन पहले से ही मानसून ने पूरे देश को भिगा दिया है. राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के बचे हिस्सों में भी मंगलवार को बारिश हुई. मंगलवार (2 जुलाई) शाम को दिल्ली एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई. 
उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं. उत्तराखंड और हिमाचल में भी लगातार बारिश हो रही है. आइये जानते हैं कि आज का मौसम कैसा रहने वाला है. 
जानें कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम 
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को बादल छाए रहेंगे. इस दौरान बारिश हो सकती है और तेज हवाएं भी चल सकती है. ये हवाएं 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. 4 से 8 जुलाई तक दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है. 
उत्तर प्रदेश में हो सकती है बारिश 
बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में भी लोगों ने राहत की सांस ली है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी आज भी बारिश हो सकती है. 
हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड के लिए जारी हुआ अलर्ट 
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट जारी कर दिया है. यहां 6 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में भी भारी बारिश हो सकती है. इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. 
जानें पंजाब और हरियाणा का हाल 
दिल्ली में बदलते मौसम का असर पंजाब और हरियाणा में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर 6 जुलाई तक गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. 
MP और राजस्थान में भी बारिश का अनुमान 
मध्य प्रदेश में मानसून बारिश का दौर जारी है. यहां पर भी 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी इलाके में भारी बारिश हो सकती है. इसको लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया गया है.

शराब से पानी तक घोटाला 'आप' ने किया, शिकायत कांग्रेस ने की और गाली मुझे: पीएम मोदी

03-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी पर जोरदार प्रहार किया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी की शिकायत की और उन्हें कोर्ट तक घसीटा, अब जब कार्रवाई हो रही है तो गाली उन्हें दी जा रही है। पीएम ने कांग्रेस पार्टी से सवाल किया कि जो सबूत उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ दिए थे क्या वे झूठे थे?

पीएम मोदी ने कहा, 'केंद्र की जांच एजेंसियों पर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया कि सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। भ्रष्टाचार करें 'आप', शराब घोटाला करे 'आप', बच्चों के क्लासरूम बनाने में घोटाला करे 'आप', पानी में घोटाला करे 'आप', आप की शिकायत करे कांग्रेस, आप को कोर्ट में घसीटकर ले जाए कांग्रेस और अब कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को। अब आपस में साथी बन गए हैं ये लोग।'

पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी से कहा कि वह कांग्रेस से जवाब मांगे। वहीं, कांग्रेस को भी साफ करने को कहा कि जो आरोप उन्होंने लगाए थे वे सच्चे थे या झूठे। पीएम ने कहा, 'मैं आम आदमी पार्टी वालों से कहना चाहता हूं कि हिम्मत है तो सदन में खड़े होकर कांग्रेस से जवाब मांगो। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आप के घोटालों के सबूत देश के सामने रखे थे। अब ये बताएं कि ये जो सबूत उन्होंने दिखाए थे वे सच्चे थे या झूठे। मुझे विश्वास है कि ऐसी चीजों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है। इन लोगों का दोहरा रवैया है।'

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ईडी-सीबीआई की कार्रवाई पर हाय तौबा करते हैं और वही लोग उसी एजेंसी से केरल के मुख्यमंत्री को जेल भेजने की बात करते हैं। तब लोगों के मन में सवाल उठता है कि इसमें भी दोगलापन। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के साथ शराब घोटाला जुड़ा। यही आप पार्टी वाले चीख-चीखकर कहते थे कि ईडी-सीबीआई लगा दो और इस मुख्यमंत्री को जेल में डाल दो। उनको तब ईडी बहुत प्यारा लगता है। 
 

सीएम योगी पहुंचे हाथरस, सर्किट हाउस में हालात का ल‍िया जायजा; घायलों का जाना हालचाल

03-Jul-2024
हाथरस।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे। सीएम ने यहां सर्किट हाउस में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सीएम योगी अस्पताल में पहुंचकर घायलों को हालचाल ल‍िया। बता दें, हाथरस में मंगलवार को सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस घटना में 121 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 28 लोग घायल हैं।
सीएम योगी ने सोशल मीड‍िया एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए ल‍िखा, 'हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में घायल हुए लोगों से आज अस्पताल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना और चिकित्सकों से उनके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में सभी का समुचित उपचार शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों और उनके परिवार के साथ खड़ी है। सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति हो, प्रभु श्री राम से यही प्रार्थना है।'
हाथरस में हुई एक भीषण घटना में 121 लोगों की मौत हो गई है। पूरे देश को झकझोर देने वाली यह घटना तब हुई जब नारायण साकार विश्व हरि (भोले बाबा) के सत्संग के बाद उनका चरण रज लेने और दर्शन करने के लिए लोग आतुर हो गए। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। यह सन 1954 में हुए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद प्रदेश में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हादसा है।

केंद्र और राज्य सरकार ने कया मुआवजे का ऐलान

केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
बताया जा रहा है कि इस सत्संग के लिए 80 हजार लोगों की उपस्थिति की प्रशासनिक अनुमति थी लेकिन मौके पर डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंच गए। इसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था औंधे मुंह हो गई। लोग सड़क किनारे के फिसलन भरे गड्ढे में गिरने लगे। पीछे से भीड़ का दबाव, नदारद भीड़ प्रबंधन और इसके चलते हुई भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया।
एक स‍िपाही की भी मौत 
इस हादसे के बाद मौके पर चारों ओर चीख पुकार मच गई। लोग अपने स्वजन को खोजने में परेशान थे, महिलाओं के कुछ शवों से लिपटकर उनके बच्चे व परिजन विलाप कर रहे थे। चारों ओर मानों मौत का राज था। हालात इतने हृदयविदारक थे कि ड्यूटी में पहुंचे एक सिपाही रवि कुमार की हृदयाघात से मृत्यु हो गई।

पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी द्वारा दायर मानहानि मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता साकेत गोखले को 50 लाख रुपये हर्जाना देने के निर्देश

02-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी द्वारा दायर मानहानि मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद साकेत गोखले को 50 लाख रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया। अदालत ने अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए, जिसमें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी के लिए भी कहा गया है, जो कम से कम छह महीने तक साकेत के सोशल मीडिया हैंडल पर रहना चाहिए। अदालत ने साकेत गोखले को एक प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र में अपना माफीनामा प्रकाशित करने का भी आदेश दिया, साथ ही कहा कि आदेश का पालन आठ सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए।
यह है मामला
साकेत गोखले द्वारा 13 और 26 जून 2021 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए थे, जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा। दरअसल, इन पोस्ट्स में गोखले ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी पुरी ने स्विट्जरलैंड में अपनी आय से अधिक संपत्ति खरीदी है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पत्नी लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी की ओर से करंजा वाला एंड कंपनी द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में हर्जाने की मांग करते हुए एक मुकदमा दायर किया गया था।
यह मानहानि का मुकदमा था, जिसमें जिक्र है कि साकेत गोखले ने लक्ष्मी पुरी के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट और पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित किए थे। इस मामले में लगातार अदालत के सामने अनुपस्थित रहने की वजह से साकेत गोखले के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। इस पूरे मामले में अदालत की तरफ से सोमवार को फैसला सुनाया गया।
साकेत गोखले को माफी मांगने का निर्देश
साकेत गोखले पर यह आरोप लगाया गया कि उनके सोशल मीडिया पर प्रकाशित बयानों की वजह से लक्ष्मी पुरी की छवि को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अदालत ने इस मामले में साकेत गोखले को माफी मांगने का निर्देश दिया है। इस माफीनामे को एक समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके अलावा साकेत गोखले के सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर भी माफी लिखी जाएगी, जिसे 6 महीने की अवधि तक रखा जाएगा।
इसके साथ ही साकेत गोखले पर लक्ष्मी पुरी के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, लक्ष्मी पुरी की छवि को हुए नुकसान के लिए साकेत गोखले को 50 लाख रुपए का हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। साल 2021 में दायर मुकदमे में लक्ष्मी पुरी ने साकेत गोखले पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ “झूठे और गलत तथ्यों को रखने, अपमानजनक और निंदनीय बयान देने का आरोप” लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी आय के बारे में साकेत गोखले के दावे निराधार थे।

जून में गर्मी ने तोड़ा रिकार्ड, जुलाई में सामान्य से 106 फीसद ज्यादा बारिश होने के आसार

02-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि जुलाई बारिश अपना बहुत विकराल रूप दिखाएगी। मॉनसून की चाल के कारण सामान्य से अधिक वर्षा होगी। इससे प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मध्य भारत की नदियों में बाढ़ प्रभावी रहेगा। बाढ़ से जूझ रहे पूर्वोत्तर को थोड़ा राहत मिलेगी। यहां सामान्य से कम बारिश होगी। IMD ने बताया कि पूरे देश में जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है जो लंबी अवधि के औसत 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़ अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इस माह कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होगी।
IMD प्रमुख ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी हिमालय की तराई में सामान्य से अधिक बारिश होगी। यहां बादल फटने के साथ भारी वर्षा से भूस्खलन होगा। यहां से कई नदियां निकलती हैं तो बाढ़ के रूप में विनाशकारी प्रभाव होंगे। मध्य भारत में भी गोदावरी, महानदी और अन्य नदी घाटियों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। इसके कारण यहां भी बाढ़ देखने को मिलेगी।
नेपाल के अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (ICIMOD) के विशेषज्ञों ने भी इस बार बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और पाकिस्तान सहित हिंदुकुश हिमालयी क्षेत्र के देशों के लिए मानसून के दौरान मौसम की चरम घटनाओं की चेतावनी जारी की है। ICIMOD की समन्वयक मंदिरा ने बताया है कि 2023 में हिंदुकुश हिमालयी देशों के औसत से कम वर्षा हुई थी। इसके बावजूद इस यह क्षेत्र कई बार विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित हुआ। 2023 में जुलाई और अगस्त में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में और अक्टूबर में पूर्वी हिमालय में तीस्ता नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी।

जून में हुई सामान्य से कम बारिश
भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया है कि भारत में इस बार जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके लिए मौसम प्रणालियों की कमी को कारण माना गया है। इसके कारण देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में मानसून की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।

मौसम विभाग ने बताया है कि अब गर्मी नहींं होगी। पश्चिमी तट को छोड़कर अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में गर्मी कम रहेगा। मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तट पर सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों और मध्य भारत, दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

जून की गर्मी ने तोड़ा 123 साल का रिकार्ड
मौसम विभाग ने बताया कि इस बार जून में रिकार्डतोड़ गर्मी पड़ी है। इससे पहले 1901 में इस तरह की गर्मी पड़ी थी। जून में इस बार औसत तापमान 31.73 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के प्रमुख ने कहा कि जुलाई में हम पूरे देश में अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।



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