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हरियाणा में सरकार बनाने की तैयारी तेज, दिल्ली पहुंचे सीएम सैनी, पीएम मोदी से मुलाकात की संभावना

09-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गए है। बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में तीसरी बार हैट्रिक लगाई है। जीत के बाद अब सरकार बनाने की भी तैयारी तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, इस कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार, 9 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे हैं। जानकारी आ रही है कि सैनी आज प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी के साथ हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बढ़ौली भी दिल्ली पहुंचे हैं। हरियाणा में BJP की प्रचंड जीत के बाद यह तय माना जा रहा है कि अगले सीएम नायब सिंह ही होंगे। इस कड़ी में दोनों नेता आज दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। सैनी की बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात होने वाली है। 
हरियाणा के नए सीएम के शपथ ग्रहण की तारीख भी सामने आ रह है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 12 तारीख विजय दशमी के दिन नायब सैनी सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। आज की बैठक में हरियाणा की नई कैबिनेट के मंत्रियों के नाम पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार का गठन अगले कुछ दिनों में हो जाएगा। इससे पहले बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हरियाणा में विधायकों के साथ बैठक करने के लिए पर्यवेक्षकों को वहां भेजेगा।
हरियाणा में बीजेपी ने रचा इतिहास
बता दें बीजेपी ने इस बार हरियाणा में अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटों पर फतह हासिल की है। वहीं, कांग्रेस के 37 पर सिमट गई। हरियाणा में ये बीजेपी की लगातार तीसरी जीत है। इस जीत के साथ ही बीजेपी ने हरियाणा में इतिहास रच दिया है। ये पहला मौका है हरियाणा राज्य के गठन के बाद जब कोई एक पार्टी लगातार तीन बार सत्ता में आई हो। 
 

आरबीआई ने लगातार दसवीं बार नहीं बदला रेपो रेट

09-Oct-2024
नई दिल्ली:  ( शोर संदेश ) आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह लगातार दसवां मौका है जब एमपीसी ने नीतिगत दरों को यथावत रखा है। एमपीसी की तीन दिन तक चली बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसमें लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। दास ने कहा कि समिति के 6 में से पांच सदस्यों ने रेपो रेट को यथावत रखने के पक्ष में वोट दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.5% किया गया था।
दास ने कहा कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद मौद्रिक नीति महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने में सफल रही है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रुख को बदलकर तटस्थ करने का फैसला किया है। बेहतर मॉनसून, पर्याप्त बफर स्टॉक की वजह से इस साल आगे खाद्य महंगाई में कमी आएगी। महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था में मजबूत गतिविधियों के संकेत दे रहे हैं। इसकी बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लचीले मौद्रिक नीति ढांचे को आठ साल पूरे हो गए हैं।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सकल घरेलू उत्पाद में निवेश का हिस्सा 2012-13 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है। घरेलू मांग में सुधार, कच्चे माल की कम लागत और सरकारी नीतियों से विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आ रही है। सामान्य मॉनसून के मद्देनजर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रहने का अपना अनुमान है। प्रतिकूल आधार प्रभाव और खाद्य कीमतों में तेजी के कारण सितंबर में खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंका है।

हरियाणा में जीत के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी के घर भेजी जलेबी

09-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   बीजेपी ने मंगलवार को लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इसका जश्न मनाया जाने लगा तो एक किलो जलेबी कांग्रेस के हेडक्वार्टर भिजवाई गई है. ये किसी दोस्ती या खुशी में नहीं बल्कि राहुल गांधी को एक जवाब के रूप में भेजी गई थी. दरअसल, गोहाना की रैली में राहुल गांधी ने एक स्थानीय मिठाई की दुकान की जलेबी पर टिप्पणी की थी, जो कि पूरे चुनाव में वायरल रही. चुनाव नतीजों से पहले भी सोशल मीडिया पर जलेबी ट्रेंड कर रही थी. इसी जलेबी को लेकर वार-पलटवार का दौर भी जारी था.
जलेबियों का ये मुद्दा हरियाणा विधानसभा चुनाव में हॉट टॉपिक रहा. अब जब कांग्रेस हरियाणा का चुनाव हार गई है तो बीजेपी जलेबियों को लेकर उन पर तंज कस रही है. हरियाणा बीजेपी ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के घर जलेबी भिजवाने की बात कही है.
जलेबी के चक्कर में फंस गए राहुल गांधी 
हरियाणा में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट कर कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के समस्त कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी जी के लिए उनके घर पर जलेबी भिजवा दी है. बीजेपी का ये ट्वीट हरियाणा में कांग्रेस की हार पर तंज और बीजेपी की जीत की खुशी जाहिर कर रहा है.
खास बात यह है कि इस ट्वीट में ऑर्डर डिटेल का स्क्रीन शॉट भी अटैच किया गया, जिसमें दिखाई दे रहा है कि जलेबी का ऑर्डर कनॉट प्लेस के बीकानेरवाला स्वीट्स से 24 अकबर रोड (कांग्रेस हेडक्वार्टर) के लिए किया गया. इसमें जलेबी की कीमत भी लिखी हुई है, जो कि 609 रुपए है.  बीजेपी ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी के घर पर जलेबी भिजवा दी है.  

हरियाणा चुनाव के नतीजों से उत्साह में बीजेपी, यूपी उपचुनाव और मिशन-27 के लिए मिली ऊर्जा

09-Oct-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )   हरियाणा चुनावों में तमाम सियासी झंझावात के बावजूद भारतीय जनता पार्टी की विजय यूपी में आसन्न विधानसभा उपचुनावों के लिए पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और जोश से भर गई हैं। यही नहीं हरियाणा में लगातार तीसरी बार डबल इंजन की जीत ने यूपी में मिशन:2027 के लिए भी सुखद संदेश दिया है। पार्टी का अब इस ऊर्जा से लबरेज हो उपचुनाव में जी-जान झोंकने के साथ ही मिशन-2027 के लिए जुटना तय माना जा रहा है।
लोकसभा चुनाव की हार के बोझ को किया कम
हरियाणा की जीत का कई मायने में यूपी पर असर पड़ना तय है। अव्वल तो लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पीडीए समीकरण के आगे मात खाए संगठन में यह जीत नए सिरे से जूझने का जज्बा भरेगी। वहीं कुछ हद तक मायूस हो रहे कार्यकर्ताओं को भी एक उम्मीद जगेगी कि चुनौतियों के बीच परिश्रम कर मनचाहे परिणाम हासिल किए जा सकते है। साथ ही मिशन:2027 के लिए लगाई जा रही अटकलों पर भी विराम लगना तय माना जा रहा है। ऐसा नहीं है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी संगठन ने हाथ-पैर डाल दिए हों। जहां खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे बढ़ कर उपचुनाव की 10 सीटों पर मोर्चा संभाल रखा है। मुख्यमंत्री न केवल लगातार सीटों पर जाकर संपर्क कर रहे हैं बल्कि समीक्षा और सरकार की योजनाओं के जरिये समाजवादी पार्टी की सरकारों के कारनामों से भी मतदाताओं को सतर्क कर रहे हैं।
संगठन भी जी-जान से जुटा
भाजपा संगठन ने भी हर सीट पर दो या एक-एक मंत्री को प्रभारी बनाया है। कुल 30 मंत्रियों को प्रभारियों के रूप में तैनात किया गया है। मु्ख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद व ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने दो-दो सीटों का जिम्मा संभाल रखा है। पार्टी इन दौरों के जरिये कांग्रेस व सपा द्वारा लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसे मुद्दों पर तस्वीर साफ करने में जुटी है। सभाओं में इसे लेकर बड़े नेता हकीकत बयां करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सपा सरकार की कानून-व्यवस्था की कमियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। ऐसे में यह जीत उपचुनाव के लिए संजीवनी साबित हो तो हैरत नहीं।
डबल इंजन की जीत भी यूपी में देग संदेश
चाहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों या फिर पार्टी के प्रदेश मुखिया भूपेंद्र चौधरी उपचुनाव के लिए हो रही सभाओं में डबल इंजन सरकार के फायदे गिनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में लोगों को बताना नहीं भूलते। कौन सी योजना केंद्र ने शुरू की और कैसे यूपी ने उस पर संजीदगी से अमल कर हर वर्ग को लाभ पहुंचाया। कमोबेश मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के हर भाषण के केंद्र में यही विषय रहता है। ऐसे में कहना गलत न होगा कि हरियाणा में डबल इंजन की जीत यूपी में मिशन-2027 के लिए भी राह प्रशस्त करे।

सीएम योगी की रैली मतलब जीत की गारंटी! जम्मू में जहां-जहां गए, खिल गया कमल

09-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  सीएम योगी आदित्यनाथ यूं ही फेमस नहीं हैं. कहीं भी चुनाव हो, उम्मीदवारों के बीच सीएम योगी की रैलियों की डिमांड रहती है. वजह है सीएम योगी की रैली मतलब जीत की पक्की गारंटी. उनकी रैलियों में उन्हें देखने और सुनने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ता है. उनकी सभाओं की भीड़ वोटों में भी तब्दील होती है. हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसा ही हुआ. हरियाणा और विधानसभा चुनावों में भी सीएम योगी ने धुआं-धार प्रचार किया. भाजपा ने सीएम योगी की लोकप्रियता को देखते हुए दोनों राज्यों में खूब सभाएं करवाईं. सीएम योगी ने जिन-जिन जगहों पर जनसभाएं कीं, वहां के चुनावी नतीजे सामने आ चुके हैं. तो चलिए जानते हैं सीएम योगी की रैलियों का जीत के लिहाज से स्ट्राइक रेट क्या रहा.
दरअसल, सीएम योगी ने हरियाणा में 14 और जम्मू में 4 रैलियां की थीं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने जम्मू में चार विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी प्रचार किया था. दिलचस्प बात है कि सीएम योगी ने जम्मू में जहां-जहां प्रचार किया, वहां-वहां भाजपा ने जीत का परचम लहराया है. वहीं, हरियाणा में सीएम योगी की 14 रैलियां हुई थीं. 10 साल के एंटी इंन्कंबेंसी के बावजूद भी सीएम योगी की रैलियों की वजह से भाजपा उन 14 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब हुई. सीएम योगी की रैली की वजह से इन सीटों का भाजपा की झोली में जाना बड़ी बात है. वह भी तब, जब भाजपा के खिलाफ एंटी इन्कंबेंसी का माहौल था. हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के नतीजों ने एक बार फिर बता दिया कि क्यों पीएम मोदी के बाद सीएम योगी ही सबसे अधिक पॉपुलर और पहली पसंद हैं.

भारत के लिए छोटा सा देश मालदीव क्यों है इतना जरूरी?

08-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  भारत के पड़ोसी द्वीप देश मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू रविवार से चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं. उनके इस दौरे की भारत में खूब चर्चा है क्योंकि वो भारत विरोधी रुख के साथ सत्ता में आए थे लेकिन अब उनके इस रुख में धीरे-धीरे नरमी आ रही है.
राष्ट्रपति मुइज्जू के इस दौरे में कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं और यह भी तय हुआ है कि भारत और मालदीव मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे.
सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसके बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत-मालदीव के संबंध सदियों पुराने हैं और भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी और अच्छा दोस्त है.
पीएम मोदी ने बताया कि मालदीव की जरूरत के हिसाब से 400 मिलियन डॉलर की मुद्रा विनिमय डील पर हस्ताक्षर किए गए हैं. भारत के सहयोग से बनाए गए 700 से अधिक सोशल हाउसिंग यूनिट्स भी मालदीव को हैंडओवर किए गए. 
भारत के लिए इतना अहम क्यों है मालदीव?
मालदीव हिंद महासागर में बसा एक छोटा सा देश हैं जो रणनीतिक रूप से भारत के लिए बेहद अहम है. चीन भारत के पड़ोसी देशों में आर्थिक और रणनीतिक रूप से अपना प्रभाव बढ़ाता जा रहा है. मुइज्जू से पहले मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को भारत समर्थक माना जाता था. उनके शासनकाल में भारत चीन को लेकर निश्चिंत था लेकिन चीनी झुकाव वाले मुइज्जू के सत्ता में आने से भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं.  इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित रखने के लिए भारत को मालदीव का साथ होना बेहद जरूरी है.
रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. अनिल कुमार लाल ने एक ओपिनियन ब्लॉग में लिखते हैं कि हिंद महासागर के क्षेत्रीय द्वीपों में श्रीलंका की तरह ही मालदीव बेहद अहम है. श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर पहले से ही चीन का कब्जा है, इसलिए मालदीव ही एकमात्र ऐसा महत्वपूर्ण देश है जो अब तक भारत के दक्षिण-पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की रक्षा कर रहा था.
मालदीव को भारत की जरूरत
पर्यटन पर आश्रित मालदीव हाल के सालों में आर्थिक मंदी, विदेशी मुद्रा भंडार में कमी से जूझ रहा है और उसने भारत, चीन के करोड़ों डॉलर का कर्ज भी ले रखा है. अनुमान है कि मालदीव का कर्ज उसके जीडीपी का 110% है. इतना भारी कर्ज लेकर बैठे मालदीव को लेकर खतरा बढ़ रहा है कि वो अपने सुकुक पर भुगतान करने में विफल हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह दुनिया का पहला इस्लामिक बॉन्ड डिफॉल्ट होगा.
भारत ने पिछले महीने मालदीव को डिफॉल्ट से बचाने के लिए 5 करोड़ डॉलर की लाइफलाइन दी है लेकिन निवेशकों और विश्लेषकों का कहना है कि मालदीव पर भारी कर्ज है और इस मदद से उसे राहत नहीं मिलने वाली.

'जयशंकर की टिप्पणी में ही जवाब....', भारत के साथ रिश्तों और बातचीत पर बोला पाकिस्तान

08-Oct-2024
इस्लामाबाद।  ( शोर संदेश )  पाकिस्तान ने आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के मौके पर भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता की संभावना से इनकार किया है. इस शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान का दौरा करेंगे. उनके नेतृत्व में भारत सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जाएगा. विदेश मंत्री जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनकी आगामी पाकिस्तान यात्रा एक बहुपक्षीय कार्यक्रम के लिए होगी, द्विपक्षीय वार्ता के लिए नहीं.
यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नौ वर्षों में किसी भारतीय विदेश मंत्री का पहला पाकिस्तान दौरा होगा, आखिरी बार 2015 में सुषमा स्वराज विदेश मंत्री के तौर पर इस्लामाबाद गई थीं. एस जयशंकर की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा, 'मैं चाहूंगी कि आप भारतीय विदेश मंत्री द्वारा 5 अक्टूबर को की गई टिप्पणियों पर गौर करें, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद की उनकी आगामी यात्रा एक बहुपक्षीय कार्यक्रम के लिए है, न कि पाकिस्तान-भारत संबंधों पर चर्चा के लिए. उनकी ये टिप्पणियां अपने आप में संकेत देती हैं.'
पिछले हफ्ते विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि 15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद की उनकी यात्रा के दौरान एजेंडे में भारत-पाकिस्तान मुद्दों पर बातचीत नहीं है. जयशंकर ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'इस महीने के मध्य में एससीओ समिट के लिए मेरा पाकिस्तान जाने का कार्यक्रम है. यह सरकार के प्रमुखों का शिखर सम्मेलन है. मैं वहां भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए नहीं जा रहा हूं. मैं वहां एससीओ के एक अच्छे सदस्य के रूप में जा रहा हूं.'
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध वर्तमान में अपने सबसे निचले स्तर पर हैं. साल 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद इस्लामाबाद ने नई दिल्ली के साथ राजनयिक संबंधों को कम कर दिया था. पुलवामा आतंकी हमले के बाद फरवरी 2019 में भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के टेररिस्ट ट्रेनिंग कैंप पर हमला करने के बाद संबंध पहले से ही तनाव में थे. पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे.

किसान और पहलवान के मुद्दों का था शोर, भाजपा का चला जोर

08-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले हैं। सभी एग्जिट पोल्स के अनुमानों में कांग्रेस की एकतरफा जीत की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन रुझान आए तो शुरुआत से ही गेम बदलता दिखा। अब तक आए रुझानों में भाजपा की 49 सीटों पर बढ़त है, जबकि कांग्रेस 35 पर ही ठिठकी हुई है। पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा पूरे चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे थे और राहुल गांधी ने भी एक दर्जन रैलियां कीं और विजय संकल्प यात्रा चलाई। इसके अलावा राज्य में कांग्रेस की ओर से किसान, जवान और पहलवानों की नाराजगी का नैरेटिव चलाया गया था।
सेना भर्ती में अग्निवीर स्कीम लागू करने का तीखा विरोध हुआ था और कांग्रेस का कहना था कि यह चुनाव में भी मुद्दा बनेगा। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए पहलवानों के आंदोलन और उससे पहले लगभग डेढ़ साल चले किसानों के प्रदर्शन के भरोसे भी कांग्रेस जोर-आजमाइश कर रही थी। लेकिन अब जो रुझान हैं, यदि वही नतीजे रहे तो फिर कांग्रेस के लिए यह करारा झटका होगा। जानकार मानते हैं कि हरियाणा चुनाव के बदले हुए रुझानों के पीछे 5 कारण हैं, जिनके चलते भाजपा कमजोर दिखकर भी मजबूत बनी रही और तमाम जोर-आजमाइश के बाद भी कांग्रेस कमाल नहीं कर सकी।

हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटों में से 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इस बार इन सीटों पर कांग्रेस बनाम भाजपा का मुकाबला है। तीसरे किसी भी दल की दाल गलती नजर नहीं आ रही है। दोपहर 12.15 बजे तक ताजा चुनावी रुझानों के मुताबिक 17 में से 9 पर कांग्रेस और आठ पर भाजपा के उम्मीदवार बढ़त लिए हुए हैं। यह बड़ा आंकड़ा है क्योंकि पिछली बार उसे 5 सीटों पर ही जीत मिली थी। दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के खाते में पिछली बार चार आरक्षित सीटें गई थीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई थी। इस बार जजपा एक भी सीट पर कमाल करती नजर नहीं आ रही है।
हुड्डा बनाम कुमारी सैलजा कांग्रेस में खूब चला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दोनों नेताओं के बीच रिश्ते सहज कराने की कोशिश भी की थी और एक रैली में दोनों के हाथ ऊपर उठाकर खड़े थे। कांग्रेस का कहना था कि दोनों के बीच रिश्ते खराब नहीं हैं, लेकिन कुमारी सैलजा और हुड्डा दोनों ही अलग-अलग सीएम पद के दावे कर रहे थे। यही नहीं कुमारी सैलजा ने तो एक इंटरव्यू में यहां तक कहा था कि मेरी उनसे कब बात हुई थी, याद ही नहीं है। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच लगातार इस तरह खुले टकराव ने पार्टी का नुकसान किया।
कांग्रेस को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि उसने जाट नेतृत्व को आगे किया। भूपिंदर सिंह हुड्डा के हाथ में कमान थी और कहा जा रहा है कि उनके ही कहने पर 72 टिकट दिए गए थे। माना जा रहा है कि उनके इस तरह कमान संभालने से जाट लॉबी के हावी होने का संदेश गया। इससे अहीरवाल बेल्ट में यादव, ब्राह्मण समेत कई अन्य बिरादरियां एकजुट होकर भाजपा के साथ गईं। इसके अलावा करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार जैसे इलाकों में पंजाबी समेत अन्य समुदाय भाजपा की ओर गया।

फारूक ने किया ऐलान- 'उमर अब्दुल्ला बनेंगे जेके के नए सीएम'

08-Oct-2024
कश्मीर।   ( शोर संदेश )   फारूक अब्दुल्ला ने आज तक से बात करते हुए कहा,'उमर अब्दुल्ला पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री होंगे. पावर शेयरिंग कोई मुद्दा नहीं है. हम जम्मू-कश्मीर के लोगों के आभारी हैं.' फारूक ने आगे कहा कि लोगों ने अपना जनादेश दिया है, उन्होंने साबित कर दिया है कि वे 5 अगस्त को लिए गए फैसले को स्वीकार नहीं करते हैं. बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटा दिया था. इसके साथ ही लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से अलग कर दिया गया था.
बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था. इन दो सीटों के नाम बडगाम और गांदरबल है. दोनों ही सीटों से उमर ने जीत दर्ज की है. बडगाम में उमर अब्दुल्ला को 36010 वोट मिले. पीडीपी उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर 17527 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. वहीं, उमर की दूसरी सीट यानी गांदरबल की बात करें तो यहां उमर को 18193 वोट मिले और उन्होंने जीत हासिल की. वहीं, 12745 वोटों के साथ पीडीपी के बशीर अहमद मीर दूसरे नंबर पर रहे.
चुनाव में पीडीपी की हुई फजीहत
बता दें कि इस चुनाव में सबसे बुरी हालत महबूबा मुफ्ती के सियासी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की हुई है. अब तक (2.25 बजे) पीडीपी महज 3 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कांफ्रेंस 50 सीटों पर आगे चल रही है. पीडीपी से ज्यादा तो निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. अब तक के रुझानों में 9 निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.

चेन्नई में एयर शो देखने गए 5 लोगों की मौत, हीटस्ट्रोक के चलते कई बेहोश

07-Oct-2024
चेन्नई।   ( शोर संदेश )  इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) की 92वें वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एयर शो में 5 लोगों की मौत हो गई है. इसे देखने के लिए पहुंचे हजारों लोगों को कार्यक्रम के बाद घर लौटने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. पुलिस ने बताया कि इस दौरान पांच लोग बीमार हो गये और उनकी जान चली गई. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने घटना को लेकर बताया कि एक व्यक्ति की मौत समुद्र तट पर हुई जबकि 4 अन्य की मौत आसपास के इलाके में हुई. सभी 5 लोग उन हजारों लोगों में शामिल थे जो ‘एयर शो’ देखने के लिए जमा हुए थे.



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