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बदलेंगे 9 से 12वीं के छात्रों के बदलेंगे रिपोर्ट कार्ड, नंबर के साथ दिखेगा छात्र का समग्र विकास

02-Jul-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) कक्षा एक से 12 तक के बच्चों के रिपोर्ट कार्ड जल्दी ही पूरी तरह से नए रंग-रूप में नजर आएंगे। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। अब सिर्फ नंबर और ग्रेड के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार नहीं किए जाएंगे। सबसे पहले यह बदलाव कक्षा 9 से कक्षा 12 के छात्रों के लिए किए जाने की तैयारी है। कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के लिए एनसीईआरटी के ही एक विभाग ‘परख’ के द्वारा नया मॉडल हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) का जारी किया गया है। इस समग्र प्रगति कार्ड का फोकस अब नंबरों वाले रिजल्ट से ज्यादा सीखने पर होगा। इस बदलाव के तहत, अब रिपोर्ट कार्ड में स्टूडेंट, टीचर्स, पेरेंट्स और साथ पढ़ाई करने वाले बच्चों के फीडबैक भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जाएंगे।

समय प्रबंधन से लेकर पैसा प्रबंधन का कौशल
कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार किए गए इस समग्र प्रगति कार्ड में कई खंड शामिल हैं, जिनमें से कुछ में छात्र ‘समय प्रबंधन’, ‘पैसा प्रबंधन’ ‘स्कूल के बाद की योजना’ और अन्य जीवन कौशल जैसे मापदंडों पर खुद का मूल्यांकन करते हैं। ‘स्कूल के बाद की योजनाएं’ खंड में छात्रों को अपने ‘जीवन के अगले बड़े कदम’ के बारे में सोचने और बात करने की जरूरत होगी। फिर वे चाहे वे कॉलेज जाने की योजना बना रहे हों, कोई व्यवसाय अपनाने की योजना बना रहे हों, या किसी पेशेवर संस्थान में प्रवेश की तैयारी कर रहे हों।
माता-पिता, दोस्त और शिक्षक की भी रिपोर्ट कार्ड में दिखेगी झलक
छात्रों को अपने माता-पिता, शिक्षकों और साथियों के साथ चर्चा करने और अपनी ताकत या क्षमताओं का विवरण देने वाले एक खंड को भरना होगा। यह उन्हें स्कूल के बाद की योजनाओं को साकार करने में मदद कर सकता है। इससे उन्हें संभावित चुनौतियों और इन योजनाओं को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुधारों की भी पहचान करने में मदद मिलेगी।
कब से होगा लागू?
नए रिपोर्ट कार्ड का उपयोग मौजूदा 2024-25 शैक्षणिक सत्र में नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, इस सेशन में शिक्षकों को इसको लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी। राज्यों के पास एनसीईआरटी के इस समग्र विकास रिपोर्ट कार्ड को लागू करने या इसमें कुछ बदलाव करने की छूट होगी। जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए एचपीसी लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

नए कानूनों को लेकर अमित शाह ने किया दावा- महीने में मिलेगा न्याय

02-Jul-2024
नई दिल्ली.  ( शोर संदेश )  देश में एक जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के उठाए सवालों का सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने नए कानूनों से पुलिसराज स्थापित होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ये कानून पीडि़तों के हितों की रक्षा करने वाले हैं। एफआइआर दर्ज होने के दिन से तीन साल के अंदर पीडि़तों को न्याय मिलेगा। फरियादियों को अदालतों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। मुकदमों का बोझ भी कम होगा। नब्बे प्रतिशत केस में दोष सिद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब दंड की जगह न्याय लेगा, देरी की जगह स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस मिलेगा। पहले सिर्फ पुलिस के अधिकारों की रक्षा की गई थी, अब पीडि़तों और शिकायतकर्ता के अधिकारों की रक्षा होगी।

शाह ने संसद भवन लाइब्रेरी के कक्ष में पुलिसराज के सवाल पर सवाल करते हुए कहा, पुलिस मनमाने तरीके से किसी को नहीं उठा सकती। किसी को हिरासत में लेती है तो कागज में एंट्री करनी होगी, सूचना भी देनी होगी, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा। नब्बे दिन के अंदर केस की प्रगति की जानकारी पीडि़त को देनी होगी। एफआइआर की कॉपी देनी होगी। बगैर थाने गए भी आप ऑनलाइन एफआइआर दर्ज करा सकते हैं। इससे पुलिसराज आएगा कि पीडि़तों के हितों की रक्षा होगी?
पहले किसी कानून पर इतनी लंबी चर्चा नहीं
क्या कानून जल्दबाजी में पारित हुआ? शाह ने इस सवाल को खारिज करते हुए कहा कि आजादी के बाद किसी भी कानून को पारित कराने के लिए इतनी लंबी चर्चा का प्रोसेस नहीं हुआ। लोकसभा में 9 घंटा 34 मिनट चर्चा हुई, 34 सदस्यों ने हिस्सा लिया। राज्यसभा में 7 घंटा 10 मिनट चर्चा हुई, 40 सदस्यों ने हिस्सा लिया। चार साल तक कानून पर विचार हुआ। शाह ने विपक्ष से कहा, आपको अब भी कुछ कहना है तो जरूर आइए, मैं सुनने को तैयार हूं। जो मूल बिल आया था, उसे स्थाई कमेटी के पास भेजा गया। इसकी अनुशंसा आने के बाद मूल बिल में 93 बदलाव किए गए।

गृहमंत्री ने कहा कि आजादी के करीब 77 साल बाद हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली पूर्णत: स्वदेशी हो रही है और भारतीय मूल्यों के आधार पर चलेगी। अंग्रेजों के बनाए कानून निरस्त कर ससंद में बने कानूनों को व्यवहार में लाया जा रहा है।
रिमांड अवधि नहीं बढ़ी
शाह ने कहा, भ्रांति फैलाई गई कि रिमांड का समय बढ़ाया गया है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारतीय न्याय संहिता में रिमांड की अवधि 15 दिन ही है। साठ दिन के अंदर एक या दो टुकड़ों में 15 दिन का रिमांड लिया जा सकता है।
 

पांचवीं कक्षा से साथ हैं भारत के नौसेना और थल सेना अध्यक्ष, सेना में पहली बार ऐसा संयोग

30-Jun-2024
नई दिल्ली (शोर संदेश)।  लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी भारतीय थल सेना के नए अध्यक्ष हैं। उन्हें 30 जून से ही यह जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले यह जिम्मेदारी मनोज पांडे के पास थी। उपेन्द्र द्विवेदी के थल सेना अध्यक्ष बनने के साथ ही भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार दो सहपाठी एकसाथ भारतीय सेना प्रमुख के पद पर पहुंचे हैं। उपेंद्र द्विवेदी के दोस्त और सहपाठी दिनेश कुमार त्रिपाठी पहले ही नौसेना के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भी दो महीने पहले ही नौसेना की कमान संभाली है।
लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी पांचवीं कक्षा से साथ पढ़े हैं। दोनों मध्य प्रदेश के रीवा में सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं। दोनों ने साथ पढ़ाई की सफलता हासिल की और लंबे समय तक देश सेवा करने के बाद अब यह अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रीवा का सैनिक स्कूल देश का पहला स्कूल बन गया है, जिसके दो पूर्व छात्र एक साथ नौसेना और थल सेना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 1970 के दशक में स्कूल की पढ़ाई करने वाले दोनों सैन्य प्रमुखों का रोल नंबर भी पास था। लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का रोल नंबर 931 और एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का रोल नंबर 938 था।
कौन हैं दिनेश कुमार त्रिपाठी?
वाइस एडमिरल त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था और एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए। संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ वाइस एडमिरल त्रिपाठी का करीब 30 वर्ष का लंबा करियर रहा है। नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे। उन्होंने आईएनएस विनाश की भी कमान संभाली थी। रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं। वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं। सैनिक स्कूल और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और नौसेना मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कौन हैं उपेन्द्र द्विवेदी? 
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई, 1964 को हुआ था। उन्हें 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की इन्फैंट्री (जम्मू और कश्मीर राइफल्स) में नियुक्त किया गया था। उन्होंने करीब 40 साल तक विभिन्न कमान, स्टाफ, अनुदेशात्मक और विदेश में नियुक्तियों में कार्य किया है। उपेन्द्र द्विवेदी ने रेजिमेंट (18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स), ब्रिगेड (26 सेक्टर असम राइफल्स), DIG असम राइफल्स (पूर्वी) और  9 कॉर्प्स में सेवाएं दी हैं। उपेंद्र द्विवेदी ने सेना का उप प्रमुख बनने से पहले 2022-2024 तक महानिदेशक इन्फेंट्री और जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मुख्यालय उत्तरी कमान) सहित महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी है। 
थल सेना प्रमुख बनने से पहले वह पीवीएसएम, एवीएसएम भारतीय थल सेना के उप प्रमुख थे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और तीन जीओसी-इन-सी प्रशस्ति कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वह सैनिक स्कूल रीवा, नेशनल डिफेंस कॉलेज और यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू में भी पढ़ाई की है। उपेंद्र द्विवेदी के पास रक्षा और मैनेजमेंट में एम फिल व सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री हैं।

हिज्ब-उत-तहरीर मामले में एनआईए का एक्शन, तमिलनाडु में 10 जगहों पर की छापेमारी

30-Jun-2024
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार सुबह हिज्ब-उत-तहरीर मामले में तमिलनाडु में 10 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान एनआईए की टीम में राज्य के इरोड जिले के दो स्थान पर भी छापा मारा. बताया जा रहा है कि ये छापेमारी अभी भी जारी है. बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मदुरै के साल 2021 के मामले में हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान टीम ने एक शख्स को गिरफ्तार भी किया. बता दें कि ये छापेमारी मुख्य रूप से दो संदिग्धों पर केंद्रित थी. इसमें अब्दुल खान और अहमद का नाम शामिल है. अब्दुल खान ने पुदुक्कोताई में मंडैयुर के पास एक खेत पट्टे पर लिया था. अहमद तंजावुर में कुलंधई अम्माल नगर का रहने वाला था.

मई में छह लोगों को किया गया था गिरफ्तार
बता दें कि एनआईए ने ये छापेमारी अंतरराष्ट्रीय इस्लामी संगठन हुत के छह सदस्यों की मई में हुई गिरफ्तारी के बाद की है. इन लोगों को चुनाव और लोकतंत्र के खिलाफ दुष्प्रचार जैसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में 50 वर्षीय एक शख्स के साथ उसके दो बेटे और तीन अन्य लोग भी शामिल थे. इनकी उम्र 26 से 33 साल के बीच बताई गई थी.
इन सभी पर जांच एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान लगाए थे. लोकतंत्र के खिलाफ हिज्ब-उत-तहरीर के सदस्यों का एक तर्क यह था कि लोकतंत्र और कानून का शासन मानव निर्मित है. उनका कहना था कि इसलिए इसे बदला जा सकता है और ये परिपूर्ण नहीं है, जबकि उनका कहना था कि ईश्वरीय कानून ऐसी श्रेणी में नहीं आता है और यह सर्वोच्च है.

45 देशों में हिज्ब उत-तहरीर की शाखाएं
बता दें कि हिज्ब उत-तहरीर की स्थापना 17 नवंबर 1952 को फिलिस्तीन के पूर्वी यरुशलम में की गई थी. इसका स्थापना का श्रेय तकी अल-दीन अल-नभानी को जाता है. हिज्ब उत-तहरीर की विचारधारा समाजवाद और पूंजीवाद को मध्य पूर्व में बाहरी थोपे जाने के रूप में देखने को मिलती है. इसने मुस्लिम बहुल भूमि में वैश्विक मुस्लिम आबादी (उम्माह) को पुनर्जीवित खिलाफत के तहत एकजुट करने की कोशिश की. पार्टी ने अपनी स्थापना के बाद से दुनिया के दूसरे देशों में विस्तार किया. इसके बाद ये अब तक  दुनियाभर के 45 देशों में पहुंच गई. इसकी पहली यूरोपीय शाखा 1960 के दशक में पश्चिम जर्मनी में स्थापित की गई थी.
 

देवशयनी एकादशी तक गूंजेंगी शहनाइयां, जानें विवाह शादी की शुभ तिथियां और मुहूर्त

30-Jun-2024
नई दिल्ली। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी मनाई जाती है और उसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत भी हो रही है. इस बार देवशयनी एकादशी 17 जुलाई, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन से भगवान विष्णु या श्रीहरि 4 महीने के लिए योग निद्रा में जा रहे हैं. इस दिन से चार महीनों के लिए सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे. दरअसल, 30 जून को शुक्र मेष राशि में उदय होने जा रहे हैं जिसके बाद से शादी विवाह जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. 

जुलाई से विवाह की शुभ तिथियां
साल के सातवें महीने जुलाई में फिर से शादी विवाह के अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे. इस महीने में पहला मुहूर्त 9 जुलाई (मंगलवार) को पड़ेगा. इसके बाद 11 जुलाई (गुरुवार), 12 जुलाई (शुक्रवार), 13 जुलाई (शनिवार), 14 जुलाई (रविवार) और 15 जुलाई (सोमवार) की तारीख तक शादी विवाह किए जा सकते हैं. उसके बाद 17 जुलाई (बुधवार) से चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी और चातुर्मास के शुरू होने के बाद सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे. 

नवंबर में विवाह की शुभ तिथियां
17 जुलाई से नवंबर तक चातुर्मास के कारण विवाह-शादियों जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लगी रहेगी. नवंबर महीने का पहला मुहूर्त 12 नवंबर (मंगलवार) को पड़ेगा. उसके बाद 13 नवंबर (बुधवार) से लगातार पूरे नवबंर में शादी-विवाह के मुहूर्त रहेंगे. फिर, 16 नवंबर (शनिवार), 17 नवंबर (रविवार), 18 नवंबर (सोमवार), 22 नवंबर (शुक्रवार), 23 नवंबर (शनिवार), 25 नवंबर (सोमवार), 26 नवंबर (मंगलवार), 28 नवंबर (गुरुवार) और 29 नवंबर (शुक्रवार). ये रहेंगे शुभ मुहूर्त. 

दिसंबर में विवाह की शुभ तिथियां
इस महीने में 4 दिसंबर (बुधवार), 5 दिसंबर (गुरुवार), 9 दिसंबर (सोमवार), 10 दिसंबर (मंगलवार) और 14 दिसंबर (शनिवार) ये सभी तारीख विवाह शादी के लिए शुभ रहेंगी.

'धर्म मेरा मार्गदर्शन करता है', लंदन के मंदिर में ऋषि सुनक ने हिंदू आस्था के बारे में की बात

30-Jun-2024
(शोर संदेश)। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शनिवार को अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ लंदन के एक मंदिर में दर्शन के दौरान हिंदू धर्म के बारे में खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने धर्म को "प्रेरणा और सांत्वना" का स्रोत बताया. 
ब्रिटेन में होने वाले चुनावों से कुछ दिन पहले बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में रुके सुनक ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया और सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने नजरिए में धर्म की अवधारणा को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में बताया.
सुनक ने कहा, "अब मैं हिंदू हूं और आप सभी की तरह मैं भी अपनी आस्था से प्रेरणा और सांत्वना प्राप्त करता हूं. मुझे भगवद गीता पर संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने पर गर्व है."
खुद को 'गर्वित हिंदू' कहने वाले सुनक ने आगे कहा, "हमारा धर्म हमें अपना कर्तव्य निभाना सिखाता है और नतीजे की चिंता नहीं करना सिखाता है, बशर्ते कि हम इसे ईमानदारी से करें. मेरे अद्भुत और प्यारे माता-पिता ने मुझे यही सिखाया है और मैं इसी तरह अपनी जिंदगी जीने की कोशिश करता हूं. और यही मैं अपनी बेटियों को देना चाहता हूं, जब वे बड़ी होंगी. यह धर्म ही है, जो सार्वजनिक सेवा के प्रति मेरे नजरिए का मार्गदर्शन करता है."
ऋषि सुनक का मजाकिया अंदाज...
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने मौके पर उपस्थित लोगों के साथ हंसी-मजाक के पल बिताए, खासकर तब जब एक पुजारी ने कहा कि कैसे उन्होंने हिंदू समुदाय के बच्चों के लिए "मानक स्तर ऊंचा कर दिया है" क्योंकि "अब केवल डॉक्टर, वकील या अकाउंटेंट बनना ही पर्याप्त नहीं रह गया है."
ऋषि सुनक ने मजाक अंदाज में कहा कि अगर मेरे माता-पिता यहां होते और आप उनसे पूछते, तो वे शायद आपको बताते कि उन्हें अच्छा लगता अगर मैं डॉक्टर या वकील या अकाउंटेंट बनता. सुनक के इस मजाक के बाद वहां पर मौजूद लोग हंस पड़े.
भारत द्वारा दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद सुनक ने एकत्रित श्रद्धालुओं के साथ क्रिकेट के नतीजों पर भी मजाक किया. उन्होंने पूछा, "क्या सभी लोग क्रिकेट से खुश हैं?" और भीड़ ने इसका तालियों से जवाब दिया.
नेसडेन मंदिर का दौरा सुनक द्वारा निगेल फरेज की दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके पार्टी के एक समर्थक द्वारा की गई नस्लीय टिप्पणी पर अपनी "पीड़ा और गुस्सा" व्यक्त करने के एक दिन बाद हुआ, जबकि आम चुनाव के लिए प्रचार अभियान अंतिम चरण में है.
ब्रिटेन में अगले हफ्ते चुनाव होने वाला है. इस बार 14 साल के कंजर्वेटिव शासन को खत्म किए जाने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी, कीर स्टारमर की लेबर पार्टी से 20 अंकों से पीछे चल रही है. भविष्यवाणियों में कंजर्वेटिव की ऐतिहासिक हार और लेबर की रिकॉर्ड जीत का संकेत दिया गया है. एक सर्वे में कहा गया है कि सुनक अपनी सीट भी हार सकते हैं.

 


दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, टर्मिनल की छत गिरी, एक की मौत

28-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर बड़ा हादसा हुआ. यहां छत गिरने से 4 लोग घायल हो गए. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 की छत गिरी जिसकी चपेट में कई गाड़ियां आ गईं. बताया जा रहा है कि इनमें बैठे 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि एक शख्स फंस गया. पुलिस ने बताया कि छत गिरने की घटना में घायल हुए व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने टर्मिनल-1 का दौरा किया. नायडू ने कहा कि मृतकों के लिए 20 लाख रुपये और घायलों के लिए 3 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है. हादसे के बारे में उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण एयरपोर्ट के बाहर छतरी का एक हिस्सा ढह गया. मारे गए लोगों के प्रति संवेदना हैं, चार लोग घायल भी हुए हैं.
इससे पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने सोशल मीडिया पर मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि मै खुद दिल्ली हवाई अड्डे के टी-1 पर छत गिरने की घटना पर नजर रख रहा हूं. घटनास्थल पर राहत बचाव जारी है. एयरलाइनों को टी-1 पर सभी प्रभावित यात्रियों की सहायता करने की सलाह दी गई है. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंचीं. दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने की ओर से बताया गया कि सुबह करीब 5.30 बजे दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर छत गिरने की सूचना प्राप्त हुई. इसके तुरंत बाद तीन दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. 
दिल्ली में खराब मौसम के कारण आईजीआई पर विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं. 28 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है. राजधानी में शुक्रवार सुबह से ही बारिश देखने को मिली. दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर एक यात्री ने बताया कि मेरी सुबह 9 बजे की फ्लाइट है. मुझे हादसे के बारे में जानकारी मिली. कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. अधिकारी अब हमें टर्मिनल 2 पर जाने के लिए कह रहे हैं.

टर्मिनल-1 से सभी उड़ान कैंसिल
‘दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (डायल) के प्रवक्ता की ओर से बयान जारी किया गया. इसमें उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण टर्मिनल-1 से सभी विमानों के उड़ान को फिलहाल कैंसिल कर दिया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘चेक-इन काउंटर’ बंद कर दिए गए हैं. टर्मिनल-1 से केवल घरेलू उड़ानों का संचालन होता है. हवाई अड्डे के तीन टर्मिनल T-1, T-2 और T-3 हैं.

हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

28-Jun-2024
रांची।   ( शोर संदेश )  झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आखिरकार जमानत मिल गई. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने शुक्रवार (28 जून) को जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद हेमंत सोरेन को जमानत दी. झामुमो नेता हेमंत सोरेन को 50 हजार रुपए के 2 मुचलके पर जमानत दी गई है. 31 जनवरी 2024 की रात को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

बड़गाईं में 8.5 एकड़ जमीन के कथित घोटाला मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के वकील लगातार जमानत के लिए कोर्ट में अर्जियां लगा रहे थे. मनी लाउंडरिंग केस में गिरफ्तार किए गए हेमंत सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में जमानत की अर्जी दी, लेकिन बार-बार उनकी जमानत अर्जी खारिज हो जा रही थी. आखिरकार आज उनको झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली.
13 जून को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला

झारखंड हाईकोर्ट में हेमंत सोरेन की याचिका पर 13 जून को आखिरी बार सुनवाई हुई थी. उस दिन झामुमो नेता के वकील कपिल सिब्बल ने अपने मुवक्किल को जमानत देने की पैरवी कोर्ट में की थी. उनकी दलीलों का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील एसवी राजू ने विरोध किया और कोर्ट से आग्रह किया कि हेमंत सोरेन को जमानत नहीं दी जाए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया

शुक्रवार को सुबह डबल बेंच की सुनवाई के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की सिंगल बेंच ने अपना आदेश सुना दिया. उन्होंने कोर्ट रूम में एक लाइन का फैसला सुनाया, जिसमें कहा कि हेमंत सोरेन को जमानत दी जाती है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हेमंत सोरेन को जमानत मिलने पर प्रसन्नता जताई और कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. झारखंड हाईकोर्ट में ईडी को उस वक्त झटका लगा, जब जमानत पर 24 घंटे के स्टे लगाने के उसके आग्रह को नामंजूर कर दिया गया.

हेमंत सोरेन को करीब 5 महीने के बाद जमानत मिली है. हाईकोर्ट से हेमंत सोरेन को जमानत मिलने के बाद झामुमो के साथ-साथ कांग्रेस नेता भी प्रसन्न हैं. कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह है. जमानत मिलने के बाद हेमंत सोरेन जल्द जेल से बाहर आएंगे. अभी वह रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं.
 

अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था आज जम्मू से रवाना, राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी

28-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   अमरनाथ यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा की घड़ियां खत्म होने वाली हैं. क्योंकि शिवभक्तों का पहला जत्था आज जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए रवाना हो चुका है. जम्मू के भगवती नगर स्थित निवास पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूजा-अर्चना के बाद जत्थे को हरी झंडी दिखाकर जम्मू से रवाना किया. इस तरह से बाबा बर्फानी के दर्शनों के अभिलाषी सभी शिवभक्त थ्री लेयर सिक्टोरिटी के बीच कश्मीर में बेस कैंप पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना हुए. अमरनाथ यात्रा के दौरान मौसम की बात करें तो आईएमडी ने 28 जून से 10 जुलाई तक बारिश की उम्मीद जताई है. पूरी संभावना है कि इस हफ्ते अमरनाथ यात्रा के दौरान बारिश जारी रहेगी.
वार्षिक अमरनाथ यात्रा इस साल 29 जून को शुरू होगी और 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होगी. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता वाले अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि पवित्र गुफा मंदिर के लिए इस साल की अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू होगी और 19 अगस्त को समाप्त होगी. यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा. कश्मीर में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित गुफा मंदिर में एक बर्फ की संरचना है जो चंद्रमा के चरणों के साथ घटती और बढ़ती रहती है. भक्तों का मानना है कि बर्फ की ये संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है.
यह कश्मीर में एक कठिन तीर्थयात्रा है. हिंदू तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर के अंदर उनके दर्शन की सुविधा के लिए मुस्लिम टट्टूवालों और अन्य लोगों की मदद लेनी पड़ती है. तीर्थयात्री या तो गांदरबल जिले के छोटे बालटाल मार्ग से या दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम के पारंपरिक लंबे मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं.
 

देश की अर्थव्यवस्था मजबूत, बैंकों का कुल एनपीए 12 साल के निचले स्तर 2.8 फीसदी पर पहुंचा

28-Jun-2024
मुंबई। ( शोर संदेश )  देश की अर्थव्यवस्था के साथ वित्तीय प्रणाली मजबूत और जुझारू बनी हुई है। बैंकों का सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) अनुपात मार्च, 2024 तक घटकर 12 साल के निचले स्तर 2.8 फीसदी पर आ गया है। वाणिज्यिक बैंकों का शुद्ध एनपीए अनुपात भी कम होकर 0.6 फीसदी के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। 
आरबीआई ने बृहस्पतिवार को जारी जून की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में कहा, 2024-25 अंत तक बैंकों का सकल एनपीए अनुपात और घटकर 2.5 फीसदी पर आ सकता है। अगर वृहद आर्थिक परिवेश गंभीर दबाव परिदृश्य में बिगड़ता है, तो यह अनुपात बढ़कर 3.4 फीसदी तक पहुंच सकता है। 
फंसे कर्ज में इसलिए कमी
रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च, 2020 से सकल एनपीए अनुपात में निरंतर कमी मुख्य रूप से नए फंसे कर्ज की वृद्धि में लगातार गिरावट और बट्टे खाते में वृद्धि के कारण हुई है। सकल एनपीए में कमी से बट्टे खाते में डाले जाना वाला अनुपात एक साल पूर्व स्तर पर ही रहा।
सभी तरह के बैंकों में सुधार
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी श्रेणी के बैंकों में सकल एनपीए घटा है। सरकारी बैंकों के सकल एनपीए अनुपात में 2023-24 की दूसरी छमाही में 0.76 फीसदी कमी आई।
परिवारों की बचत 2022-23 में जीडीपी के अनुपात में घटकर 18.4 फीसदी रह गई है। 2013-22 के दौरान इसका औसत अनुपात 20% था। आरबीआई के मुताबिक, उपरोक्त बचत में शुद्ध वित्तीय बचत 39.8% से घटकर 28.5% पर आ गई है। परिवारों की वित्तीय देनदारी भी बढ़ गई है।
ब्याज दर आकर्षक होने से वाणिज्यिक बैंको में जमा की रफ्तार 2023-24 में तेज रही। बैंकों ने कर्ज मांग में तेज वृद्धि के अनुरूप धन जुटाने के प्रयास किए। इससे सभी बैंक समूहों में चालू व बचत खाते में जमा बढ़े।



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