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सीमा पार आतंकवाद, संप्रभुता... एससीओ की बैठक में पाकिस्तान और चीन पर बरसे भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर, लगाई फटकार

16-Oct-2024
इस्लामाबाद।  ( शोर संदेश )  भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने पाकिस्तान की धरती से चीन और पाकिस्तान दोनों को ही कड़ा संदेश दिया है। जयशंकर ने जहां सीमापार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है, वहीं संप्रभुता का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाकर चीन को साफ कर दिया कि भारत सीपीईसी को स्वीकार नहीं करता है। करीब 1 दशक के बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री की पाकिस्तान की पहली यात्रा थी। एससीओ शिखर सम्मेलन में जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन का बिना नाम लिए उन्हें धो डाला।
भारतीय चाणक्य ने कहा कि एससीओ में सहयोग आपसी सम्म्मान और संप्रभु समानता पर आधारित होना चाहिए। इसे क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देनी चाहिए। इसे वास्तविक साझेदारियों पर बनाया जाना चाहिए न कि एकतरफा एजेंडे पर। डॉ. जयशंकर जब भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के टेलीविजन ने समिट का लाइव बंद कर दिया। जयशंकर का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चीन ने कश्मीर के मुद्दे को पाकिस्तान में उठाया है।
एससीओ के लक्ष्य दिलाए याद
डॉ. जयशंकर ने एससीओ के सदस्यों से कहा, 'मैं आपसे अनुच्छेद 1 पर ध्यान देने का अनुरोध करता हूं, जो एससीओ के उद्देश्यों और काम को समझाता है। इसका मुख्य मकसद आपसी भरोसा, दोस्ती और अच्छे पड़ोसियों के संबंधों को मजबूत करना है। इसका एक और उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है, खासकर क्षेत्रीय स्तर पर। इसका लक्ष्य संतुलित विकास को बढ़ावा देना और संघर्ष को रोकने के लिए एक सकारात्मक ताकत बनना है। चार्टर ने साफ-साफ बताया था कि हमारी तीन मुख्य चुनौतियां हैं - आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, जिनसे निपटने के लिए एससीओ पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।'
पाकिस्तान को संदेश
डॉ. जयशंकर ने कहा, 'अगर हम आज की स्थिति देखें तो इन लक्ष्यों पर काम और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसलिए हमारे लिए एक ईमानदार बातचीत करना जरूरी है।' पाकिस्तान को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर विश्वास की कमी है, सहयोग पर्याप्त नहीं या दोस्ती कमजोर है या अच्छे पड़ोसी जैसे संबंध कहीं गायब हो गए हैं तो हमें साफ तौर पर आत्मनिरीक्षण करने और इन समस्याओं के समाधान खोजने की जरूरत है।'
संप्रभुता और सम्मान की वकालत
डॉ. जयशंकर ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं कि दुनिया बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ रही है। वैश्वीकरण और संतुलन की पुनर्स्थापना ऐसी हकीकत है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। इन सब ने मिलकर व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, ऊर्जा प्रवाह और अन्य सहयोग के क्षेत्रों में कई नए अवसर पैदा किए हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि अगर हम इसे आगे बढ़ाते हैं, तो हमारा क्षेत्र भी इसका बहुत लाभ उठाएगा। इतना ही नहीं अन्य लोग भी इन प्रयासों से प्रेरणा और सीख लेंगे।

डब्ल्यूएचओ की नई खोज, टीके रोकेंगे एंटीबायोटिक का बेजा इस्तेमाल

15-Oct-2024
नई दिल्ली। एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, फफूंद, और परजीवी एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, संक्रमणों का इलाज करना कठिन हो जाता है, जिससे बीमारी, मौत, और अधिक जटिल संक्रमणों का फैलाव होता है।
वैश्विक स्तर पर, लगभग 5 मिलियन मौतें हर साल एएमआर से जुड़ी होती हैं, जो कुछ स्थानों पर एंटीमाइक्रोबियल के अत्यधिक उपयोग और दूसरों में इन आवश्यक दवाओं की कमी के कारण होती हैं।
टीकों का भूमिका: रोकथाम की शक्ति
डब्ल्यूएचओ के महासचिव डॉ. टेड्रोस अडहनोम घेब्रेयसस ने इस बात पर जोर दिया कि “रोकथाम इलाज से बेहतर है।” टीके संक्रमणों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि संक्रमण पहले ही रोक दिए जाएं, तो दवाओं के प्रतिरोधी रोगाणुओं के विकास की गति धीमी हो सकती है।
निमोनोकोकस और हिब टीके: ये पहले से उपलब्ध टीके खतरनाक संक्रमणों जैसे निमोनिया और मेनिनजाइटिस को रोक सकते हैं। यदि इनका वैश्विक कवरेज बढ़ाया जाए, तो ये हर साल 1,06,000 एएमआर से संबंधित मौतों को टाल सकते हैं।
आर्थ्राइटिस के बचाव के लिए टीके: सामान्य बीमारियों जैसे टायफाइड और मलेरिया के लिए टीके हर साल लाखों एंटीबायोटिक खुराकों को बचा सकते हैं। उदाहरण के लिए, मलेरिया के टीके का उपयोग एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग को प्रति वर्ष 25 मिलियन खुराक तक कम कर सकता है।
प्रतिरोधी रोगाणुओं का इलाज करना अस्पतालों के लिए वैश्विक स्तर पर अनुमानित $730 अरब की लागत लगाता है। अधिक टीकों के परिचय से, इन लागतों का एक-तिहाई हिस्सा बचाया जा सकता है।
वैश्विक कार्रवाई का समय
हाल ही में, विश्व नेताओं ने 2030 तक एएमआर से संबंधित मौतों को 10% तक कम करने का संकल्प लिया है। टीकों तक पहुंच को बढ़ाना इस लक्ष्य को हासिल करने की एक प्रमुख रणनीति होगी। WHO ने स्पष्ट किया है कि टीकों की पहुंच बढ़ाना और नए टीकों का विकास इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए आवश्यक है।

एस जयशंकर के दौरे से पाकिस्तानी भी हैरान, भारत के कदम की हो रही जमकर तारीफ

15-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान में उनके दौरे को लेकर चर्चा तेज है। वहीं भारत के इस कदम को लेकर पाकिस्तानी काफी हैरान भी हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को भी उम्मीद नही थी कि तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत विदेश मंत्री को भेजेगा। पाकिस्तानियों को लगता था कि ऐसी स्थिति में जब दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को वापस बुला लिया है तब कोई ब्यूरोकेट ही एससीओ में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचेगा।
15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में एससीओ शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। पिछले साल यह शिखर सम्मेलन गोवा में हुआ था जिसमें हिस्सा लेने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो पहुंचे थे। उन्होंने इस बहुपक्षीय सम्मेलन में भी कश्मीर का मुद्दा उठा दिया था। इसके बाद भारत में उनकी खूब फजीहत हुई थी। वहीं अब पाकिस्तानी जानकारों का भी कहना है कि एस जयशंकर काफी बुद्धिमान हैं और वह बिलावल भुट्टो वाली गलती कभी नहीं दोहराएंगे। दौरा शुरू होने से पहले ही एस जयशंकर स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान में द्विपक्षीय मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होगी।
एस जयशंकर ने कहा था, मैं पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों पर चर्चा करने नहीं जा रहा हूं। बल्कि एससीओ के एक अच्छे सदस्य के तौर पर जा रहा हूं। बता दें कि एससीओ 2001 में बनाया गया था जिसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, ईरान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने क्या कहा
पाकिस्तान ने इस सम्मेलन के लिए वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण दिया था लेकिन उसे भी लगता था कि भारत किसी जूनियर मंत्री या फिर ब्यूरोक्रेट को भेजेगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि मेजबान देश कभी द्विपक्षीय चर्चा का प्रस्ताव नहीं रखता है। अगर भारत की तरफ से कोई पहल होगी तो उसपर विचार जरूर किया जाएगा।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बात करते हुए पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने कहा कि यह भारत का स्मार्ट मूव है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अजीब स्थिति में हैं। भारत से हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। ऐसे में भी भारत ने बहुत सोच-समझकर कदम उठाया है। वहीं भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने जयशंकर की तारीफ की और कहा कि जयशंकर काफी सभ्य व्यक्ति हैं और वह पाकिस्तान में बिल्कुल कोई भी द्विपक्षीय मुद्दा नहीं उठाएंगे।
एक अन्य पाकिस्तानी जानकार ने कहा कि जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी हैं और वह हार्डलाइनर्स में से एक हैं। अगर पाकिस्तान का कोई भी रवैया गड़बड़ होता है तो वह जवाब जरूर देंगे। वहीं पाकिस्तान की हालत पहले से ही खराब है ऐसे में शहबाज शरीफ भी कश्मीर जैसे मुद्दे को छेड़ने की गलती नहीं करेंगे। वहीं भारत ने यह सोचकर कदम उठाया है कि दुनिया में यह संदेश ना जाए कि भारत ही बातचीत के बीच रोड़ा अटका रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई अपराध से दूर रहने वाले लड़कों को बना रहा शार्प शूटर, कैसे जुटाए 700 सुपारी किलर

15-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र के सीनियर नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है। अब तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है तो खंडन भी नहीं किया है। वहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने तो इसकी जिम्मेदारी ही ले ली है। इस हत्याकांड को सलमान खान को धमकी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसके चलते यह कांड हाईप्रोफाइल हो गया है और पुलिस मुंबई से लेकर दिल्ली तक तफ्तीश में जुटी है। इस बीच जानकारी सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने का अलग ही तरीका है और पूरे देश में करीब 700 शार्प शूटर उसने खड़े कर लिए हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पड़ताल कर रहे कुछ पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गैंगस्टर अलग ही तरीके से काम करता है। वह आमतौर पर ऐसे लड़कों को अपने साथ लाता है, जिनका पिछला कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होता। इनके जरिए ही वह बड़ी से बड़ी हत्याओं को अंजाम दिलाता है, जिससे पुलिस को कोई शक नहीं होता और ये लोग आसानी से मूवमेंट कर पाते हैं। इन लड़कों में उन्हें शामिल किया जाता है, जो जेल में कुछ समय पहले ही आए हों। इसके बाद उनकी मीटिंग लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों से होती है और उन्हें टारगेट सौंपे जाते हैं।
गुजरात की साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई खुद बीते साल से ही बंद है। इसके अलावा उसकी गैंग के कई लोग राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में कैद हैं। इनके जरिए वह कोई अपराध अंजाम नहीं दे सकता। इसलिए नई पौध खड़ी करता है और उन लोगों को चुनता है, जिनके नाम पर पहले से कोई केस न हों। एनआईए सूत्रों का कहना है कि इसके लिए उन लोगों को भी कई बार चुना जाता है, जो बेरोजगार हों। इन्हें मोटी रकम का लालच मिलता है या फिर विदेश में कहीं सेटल कराने का झांसा दिया जाता है। ऐसा कई लोगों के साथ किया भी गया है और वे कनाडा जैसे देशों में रह रहे हैं।
इस साल दो और कांड कर चुका है लॉरेंस बिश्नोई गैंग
बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए भी इसी पैटर्न का इस्तेमाल हुआ और नए लोगों को इसके लिए चुना गया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग कुख्यात होता जा रहा है और पूरे देश में खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। इसी साल की शुरुआत में हरियाणा की पार्टी इनेलो के नेता नफे सिंह राठी की हत्या हुई थी। इसके अलावा गुरुग्राम में बुकी सचिन मुंजाल मारा गया था। इन कत्लों के पीछे भी बिश्नोई गैंग का ही नाम सामने आया था। यही नहीं लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुर्गे रोहित गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी, जो फिलहाल कनाडा में बसा हुआ है।

हेमंत सोरेन के मंत्री के करीबियों के यहां छापेमारी, झारखंड में 20 से ज्यादा ठिकानों पर ईडी की रेड

14-Oct-2024
रांची। ( शोर संदेश ) झारखंड में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का बड़ा ऐक्शन देखने को मिला है। ईडी की राज्य में 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। ईडी की टीम मंत्री मिथिलेश ठाकुर के करीबियों के यहां भी पहुंची है। वहीं आईएएस मनीष रंजन के सरकारी आवास में भी छापेमारी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ईडी का यह ऐक्शन राज्य पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जल जीवन मिशन में कथित घोटाले से संबंधित है। विभाग के कुछ इंजीनियरों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि मिथिलेश ठाकुर हेमंत सोरेन कैबिनेट में पेयजल स्वच्छता मंत्री हैं।
क्यों की गई छापेमारी
ईडी के एक सूत्र ने बताया कि रांची और चाईबासा सहित कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। ईडी की टीम आईएएस मनीष रंजन, मंत्री मिथिलेश ठाकुर के पीएस हरेंद्र सिंह, मंत्री के भाई विनय ठाकुर और कई विभागीय इंजीनियरों से संबंधित 20 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सूत्र ने आगे बताया कि यह छापेमारी पेयजल और स्वच्छता विभाग के जल जीवन मिशन में अनियमितताओं के मामले में की गई है।
एसके गैस एजेंसी के मालिक विजय अग्रवाल, चाईबासा में मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर, आईएएस मनीष रंजन, डोरंडा में मिथिलेश ठाकुर के पीएस हरेंद्र सिंह, पेयजल के कई अभियंताओं, रांची के इंद्रपुरी स्थित विजय अग्रवाल के घर समेत करीब 20 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी चल रही है।
ईडी के इस पूरे ऐक्शन से जुड़े एक दूसरे सूत्र ने बताया कि एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय से सोमवार सुबह ईडी की टीम निकली। टीम राज्य में कई जगहों पर पहुंची और छापेमारी शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर और उनके पीएस हरेंद्र सिंह के ठिकाने पर पहुंची है। मंत्री के दोनों करीबियों के यहां छापेमारी चल रही है। इसके अलावा आईएएस मनीष रंजन के सरकारी आवास पर भी केंद्रीय एजेंसी की टीम रेड करने पहुंची है। 

जयशंकर के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले पाकिस्तान ने की गलतबयानी, क्या मिलेगा करारा जवाब?

14-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही पाकिस्तान की तरफ से भारत पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों के भीतर पाकिस्तान ने ना सिर्फ कश्मीर का मुद्दा उठाया बल्कि अपने मुल्क की राजनीतिक अस्थिरता को लेकर भी परोक्ष तौर पर भारत पर दोषारोपण करने की कोशिश की है।
वैसे भारत की तरफ से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि विदेश मंत्री जयशंकर की इस हफ्ते की पाकिस्तान यात्रा को दोनों देशों के संबंधों से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए। इसके बावजूद शाहबाज शरीफ की सरकार की तरफ से उन मुद्दों को उठाने की कोशिश की जा रही है जो भारत को नागवार हैं।
15-16 अक्टूबर, 2024 को होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस, चीन समेत कई विदेशी प्रतिनिधिमंडल पहुंचने लगे हैं। भारतीय विदेश मंत्री मंगलवार की सुबह बैठक में हिस्सा लेने वहां पहुंचेंगे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ईशाक दार ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान के लिए गाजा के साथ ही कश्मीर भी प्राथमिकता वाला मुद्दा है। वह पीएम शरीफ की अगुवाई में कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बता रहे थे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के साथ कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं है।
क्या ध्यान भटका रहा पाकिस्तान?
एक दिन पहले दार ने प्रमुख विपक्षी दल पीटीआई और एक 'पड़ोसी' देश पर एससीओ बैठक को बाधित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। भारत ने आधिकारिक तौर पर इन दोनों बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई। जानकारों का कहना है कि शरीफ सरकार आंतरिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है।

बहराइच में दंगाइयों से निपटने के लिए सड़क पर पिस्टल लेकर उतरे एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश

14-Oct-2024
लखनऊ। ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बवाल ने सोमवार सुबह और हिंसक रूप ले लिया. महाराजगंज में उपद्रवियों की भीड़ सोमवार सुबह सड़कों पर उतर आई. कई इलाकों में भारी हिंसा के बाद राज्य सरकार की तरफ से कड़े कदम उठाए गए हैं.  एडीजी ल़ॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने स्वयं कमान संभाली है. अमिताभ यश हाथ में पिस्टल लेकर सड़क पर उतरे हैं और  स्थिति को नियंत्रण करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वो उपद्रवियों को रोकने के लिए स्वयं पिस्टल लेकर सड़क पर चल रहे हैं.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने दंगाइयों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ताजा हालात पर रिपोर्ट मांगी है. अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए कहा है. डीएम मोनिका रानी ने कहा कि हम स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. सोमवार को हिंसा में मारे गए युवक के शव को लेकर भीड़ निकली तो पुलिस ने रास्ते में रोका. ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए. विरोध प्रदर्शन हिंसक होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. 
कौन हैं अमिताभ यश?
अमिताभ यश को इसी साल योगी सरकार ने अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), कानून-व्यवस्था (L&O) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था. अमिताभ यश 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. अमिताभ मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं. अमिताभ यश ने कई एनकाउंटर को अंजाम दिया है. चंबल के डकैतों के बीच भी उनका एक खौफ हुआ करता था. माफिया अतीक अहमद के बेटे और एक शूटर के एनकाउंटर के दौरान भी अमिताफ यश चर्चा में आए थे. 

एअर इंडिया के बाद इंडिगो के दो विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, सर्च ऑपरेशन जारी

14-Oct-2024
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  एअर इंडिया के बाद सोमवार को इंडिगो के दो विमानों को बम की धमकी मिले के बाद हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि सोमवार को इंडिगो की मुंबई से जेद्दा और मस्कट जाने वाले दो विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद विमानों में जांच की जा रही है. इंडिगो प्रवक्ता के मुताबिक, मुंबई से मस्कट जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E 1275 में बम होने की धमकी मिली थी. प्रोटोकॉल के तहत विमान को एक आइसोलेट किया गया उसके बाद मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए तुरंत सुरक्षा जांच शुरू की गई.
जेद्दा जाने वाली फ्लाइट को भी मिली धमकी
इसके आलावा इंडिगो की जेद्दा जाने वाली फ्लाइट 6E 56 को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है. प्रोटोकॉल के अनुसार इस विमान को भी एयरपोर्ट पर आइसोलेट किया गया और उसकी जांच शुरू की गई.  हालांकि अभी तक विमान में किसी प्रकार के विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु के मिलने की बात सामने नहीं आई है.
सितंबर में भी मिली थी इंडिगो की फ्लाइट को धमकी
बता दें कि इंडिगो की फ्लाइट में पिछले महीने यानी सितंबर में भी बम की धमकी मिली थी. ये फ्लाइट मध्य प्रदेश के जबलपुर से हैदराबाद के लिए उड़ान भर रही थी. विमान में बम की धमकी मिलने के बाद इसे नापुर की ओर डायवर्ट किया गया. जहां विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. उसके बाद सभी यात्रियों को बाहर निकालकर पूरे विमान की जांच की गई, हालांकि विमान में बम की धमकी सिर्फ एक अफवाह ही साबित हुई.
एअर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी
बता दें कि आज यानी सोमवार (14 अक्टूबर) को ही एअर इंडिया की फ्लाइट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. ये विमान मुंबई से न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रहा था, हालांकि विमान में दम की धमकी मिलने के बाद इसे डायवर्ट कर दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया. उसके बाद विमान में जांच की गई. विमान के सभी यात्री सुरक्षित और अभी भी विमान की जांच जारी है.
एयरपोर्ट्स को भी मिल चुकी है धमकी
विमानों को ही नहीं बल्कि देश के कई एयरपोर्ट्स को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. हालांकि अभी तक मिली सभी धमकियां फर्जी साबित हुई हैं. 5 अक्तूबर को ही इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी. इसी दिन वडोदरा एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला था.
 

इस बार दीपावली के आसपास कई रूट्स पर 25% तक सस्ते हैं टिकट

13-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )   हवाई जहाज से यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दीपावली के आसपास कई घरेलू रूट्स पर औसत हवाई किराये में पिछले साल की तुलना में 20-25 प्रतिशत की कमी आई है। एक विश्लेषण में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक बढ़ी हुई क्षमता और तेल की कीमतों में हाल में आई गिरावट के चलते कीमतों में कमी आई है। ट्रैवल प्लेटफॉर्म इक्सिगो के विश्लेषण से पता चला कि घरेलू रूट्स पर औसत हवाई किराए में 20 से 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। ये कीमतें 30 दिनों की अग्रिम खरीद तिथि (एपीडी) के आधार पर एक तरफ के औसत किराए के लिए है।
बेंगलुरू-कोलकाता फ्लाइट किराया 38% घटा
इस साल बेंगलुरू-कोलकाता फ्लाइट के लिए औसत हवाई किराया 38 प्रतिशत घटकर 6,319 रुपये रह गया है, जो पिछले साल 10,195 रुपये था। चेन्नई-कोलकाता रूट पर टिकट की कीमत 8,725 रुपये से 36 प्रतिशत घटकर 5,604 रुपये रह गई है। मुंबई-दिल्ली फ्लाइट के लिए औसत हवाई किराया 8,788 रुपये से 34 प्रतिशत घटकर 5,762 रुपये रह गया है। इसी तरह, दिल्ली-उदयपुर रूट पर टिकट की कीमतों में 34 प्रतिशत की कमी आई है और यह 11,296 रुपये से घटकर 7,469 रुपये रह गई है।
इन रूट्स पर भी घटा किराया
दिल्ली-कोलकाता, हैदराबाद-दिल्ली और दिल्ली-श्रीनगर रूट्स पर यह गिरावट 32 प्रतिशत है। इक्सिगो समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आलोक बाजपेयी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पिछले साल दिवाली के आसपास हवाई किराए में सीमित क्षमता के कारण उछाल आया था, जिसका मुख्य कारण गो फर्स्ट एयरलाइन का निलंबन था। उन्होंने बताया इस साल अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जिससे अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रमुख मार्गों पर औसत हवाई किराए में 20-25 प्रतिशत की सालाना आधार पर गिरावट आई है।

यूपी उपचुनाव: दिल्ली में बीजेपी की हाईलेवल मीटिंग, अमित शाह, सीएम योगी, केशव मौर्य होंगे शामिल

13-Oct-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )   उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्य रूप से आमने- सामने नजर आ रही है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से उपचुनाव के लिए तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। 
आगामी उपचुनाव को लेकर आज यानी रविवार को उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक होने की संभावना है। इस हाईलेवल मींटिग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा, सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और प्रदेश संगठन महासचिव धर्मपाल सिंह शामिल हो सकते हैं।
मीटिंग में आगामी उपचुनावों पर होगी चर्चा
माना जा रहा है कि इस बैठक में मुख्य रूप से आगामी उपचुनावों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले झटके पर भी चर्चा होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव 2024 में सपा और कांग्रेस का गठबंधन था। भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती 62 सीटों की तुलना में केवल 33 सीटें ही जीत सकी। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं।
चुनाव की तारीखों का जल्द ही हो सकता है ऐलान
माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जल्द ही उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। वें सीटें फूलपुर, खैर, गाजियाबाद, मझवां, मीरापुर, मिल्कीपुर, करहल, कटेहरी, कुंदरकी और सीसामऊ हैं।
उपचुनाव बीजेपी के साथ- साथ विपक्षी दलों के लिए भी अहम हैं। भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी जीत की लय फिर से हासिल करने के लिए उत्सुक होगी। वही समाजवादी पार्टी ने पहले ही दस में से छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सपा और कांग्रेस साथ में ही मिलकर उपचुनाव लड़ेगी।



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