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नायब सिंह सैनी को मिली जान से मारने की धमकी, जींद का रहने वाला आरोपी अरेस्ट

13-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  हरियाणा पुलिस ने सीएम नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक शख्स को अरेस्ट किया है. पुलिस ने शनिवार को बताया कि जुलाना में एक व्हाट्सऐप ग्रुप में हरियाणा के मुख्यमंत्री को कथित तौर पर "जान से मारने की धमकी" दी गई थी.
जिस आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है उसकी पहचान जींद जिले के देवरार गांव के मूल निवासी अजमेर के रूप में हुई है. जींद के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने पीटीआई को बताया कि अजमेर ने 8 अक्टूबर को राज्य में मतगणना के दिन एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जान से मारने की धमकी दी थी.
सुमित कुमार ने बताया, "जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया, एफआईआर दर्ज कर अजमेर को गिरफ्तार कर लिया गया." आरोपी के खिलाफ धमकी देने, आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था.
व्हाट्सऐप ग्रुप पर दी थी धमकी
खबर के मुताबिक व्हाट्सऐप ग्रुप 'सोमबीर राठी जुलाना हलका' नाम से बनाए ग्रुप में लिखा कि जो भी हरियाणा का मुख्यमंत्री बनेगा, उसे मैं गोली मार दूंगा. जिस तरह से महात्मा गांधी को गोडसे ने मारी थी.
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा सीट से जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस के मेवा सिंह को चुनाव में हराया है. मेवा सिंह ने शुरुआत में सीएम सैनी को कड़ी टक्कर दी है, लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, सीएम सैनी उनसे काफी आगे चले गए. सीएम सैनी को जहां 70,177 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के मेवा सिंह 54,123 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे.

हरियाणा में फिर नायब सिंह सैनी, 15 अक्टूबर को ले सकते हैं मुख्यमंत्री पद की शपथ

11-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  हरियाणा में जीत की हैट्रिक मारने वाली भारतीय जनता पार्टी तीसरी पारी के लिए तैयार है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि नायब सिंह सैनी 15 अक्टूबर को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। मंगलवार को घोषित नतीजों में भाजपा ने राज्य की 90 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंचकूला जिला आयुक्त ने 10 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम की तैयारियां देखेगी। हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 14 मंत्री हो सकते है।
नायब सिंह सैनी को ही चुनेगी भाजपा
बीजेपी लगातार दूसरी बार सैनी को ही राज्य की कमान दे सकती है। चुनाव के दौरान पार्टी के नेता ऐसे संकेत दे रहे थे। हाल ही में ट्रिब्यून से बातचीत में भाजपा के हरियाणा मामलों के प्रभारी सतीश पूनिया ने भी सैनी को कमान सौंपे जाने की बात कही है। उन्होंने कहा, 'हमने नायब सिंह सैनी को अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया था। इसने हमें फायदा पहुंचाया। लेकिन कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला को लेकर कंफ्यूजन थी।'
ये हो सकते हैं मंत्री
पानीपत ग्रामीण से जीते महीपाल ढांडा, वल्लभगढ़ से जीते मूल चंद शर्मा, कृष्ण लाल पंवार, कृष्ण कुमार, आरती सिंह राव, ओम प्रकाश यादव, राव नरबीर सिंह, श्रुति चौधरी, शक्ति रानी शर्मा, सावित्री जिंदल, अनिल विज, श्याम सिंह राणा, जगमोहन आनंद, हरविंदर कल्याण, कृष्ण लाल मिड्ढा, अरविंद कुमार शर्मा, विपुल गोयल, निखिल मदान और घनश्याम दास, देवेंद्र अत्तरी को भी मंत्री पद की रेस में शामिल माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने अब तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

आखिर कांग्रेस के मन में क्या? नेशनल कॉन्फ्रेंस को अभी तक नहीं सौंपा समर्थन पत्र, चिट्ठी के इंतजार में बैठे उमर अब्दुल्ला

11-Oct-2024
जम्मू-कश्मीर  ( शोर संदेश ) में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) विधायक दल की बैठक में उमर अब्दुल्ला को विधायक दल का नेता चुन लिया है। शुक्रवार को नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो सकती है। इसके बाद उमर अब्दुल्ला को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करना है।
वहीं,  कांग्रेस ने अभी तक नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन का पत्र नहीं सौंपा है। इससे सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है। उमर अब्दुल्ला ने कल कांग्रेस को चिट्ठी भेजने के लिए डेडलाइन दी और एक दिन का वक्त दिया था।
इस बीच चार निर्दलियों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद नेशनल कांफ्रेंस के पास 46 विधायकों का समर्थन हो गया है। अब पार्टी बिना कांग्रेस के समर्थन के भी बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है।
उमर अब्दुल्ला को चुना गया विधायक दल का नेता
गुरुवार को नेशनल कांफ्रेंस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें उमर अब्दुल्ला को सर्व सम्मित से पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। लेकिन कांग्रेस की अभी तक न तो कोई बैठक हुई है। न ही पार्टी ने नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन करने वाली चिट्ठी सौंपी है।
एक दिन की दी थी डेडलाइन
इसी के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वो कांग्रेस के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं ताकि सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सके। उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को एक दिन की डेडलाइन दी थी, जो अब पूरी हो चुकी है।
 

आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा- दक्षिण चीन सागर में शांति जरूरी

11-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व के विभिन्न भागों में जारी संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को यूरेशिया और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता की बहाली का आह्वान किया। मोदी ने 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत पूरे क्षेत्र में शांति तथा प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हित में है। मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि समुद्री गतिविधियां संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के तहत संचालित की जानी चाहिए। नौवहन और वायु क्षेत्र की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है। एक मजबूत और प्रभावी आचार संहिता बनाई जानी चाहिए। और इससे क्षेत्रीय देशों की विदेश नीति पर कोई अंकुश नहीं लगना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हमारा दृष्टिकोण विकासवाद का होना चाहिए, न कि विस्तारवाद का।” विश्व के विभिन्न भागों में चल रहे संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि चाहे वह यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, हर कोई चाहता है कि यथाशीघ्र शांति और स्थिरता बहाल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता।” प्रधानमंत्री ने कहा, “संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना आवश्यक है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देनी होगी।”
उन्होंने कहा कि विश्वबंधु की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत इस दिशा में हरसंभव योगदान देता रहेगा। उनकी यह टिप्पणी यूरेशिया में यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष तथा पश्चिम एशिया में इजराइल-हमास युद्ध के बीच आई है। मोदी ने कहा, “आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को मिलकर काम करना होगा।”
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने “तूफान यागी” से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की। यागी एक विनाशकारी उष्णकटिबंधीय चक्रवात था, जिसने इस वर्ष सितंबर में दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण चीन को प्रभावित किया था। मोदी ने कहा, “इस कठिन समय में हमने ऑपरेशन सद्भाव के जरिये मानवीय सहायता प्रदान की है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की एकता और प्रमुखता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आसियान भारत के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण और क्वाड सहयोग के केन्द्र में भी है। उन्होंने कहा, “भारत की ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ और ‘हिंद-प्रशांत पर आसियान के दृष्टिकोण’ के बीच गहरी समानताएं हैं।”
मोदी ने कहा, “हम म्यांमार की स्थिति के प्रति आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। हम पांच सूत्री सहमति का भी समर्थन करते हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि वहां मानवीय सहायता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने वहां लोकतंत्र की बहाली के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इसके लिए म्यांमा को शामिल किया जाना चाहिए, अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के रूप में भारत अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। मोदी ने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट्स के नए चेयरमैन, रतन टाटा के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

11-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है। नोएल टाटा, रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को दो मीटिंग्स हुईं। एक बैठक रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए और दूसरी मीटिंग नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए हुई। बता दें कि रतन टाटा का देहांत बुधवार को देर रात मुंबई में हुआ। उनका अंतिम संस्कार कल यानी गुरुवार को हुआ।
टाटा संस में है 66% हिस्सा
इस नियुक्ति के साथ ही नोएल टाटा, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के 11वें और सर रतन टाटा ट्रस्ट के छठवें चेयरमैन बन गए हैं। नोएल टाटा, नवल एच. टाटा और सिमोन एन. टाटा के बेटे हैं। नोएल टाटा पहले से ही सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी थे। टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में 66 पर्सेंट हिस्सेदारी है। टाटा संस, डायवर्सिफाइड टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है।
चर्चा में थे कई नाम
नोएल के अलावा मेहली मिस्त्री का नाम भी टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के तौर पर चल रहा था। मेहली मिस्त्री को रतन टाटा का करीबी व्यक्ति माना जाता था। वो साल 2000 से ही टाटा ट्रस्ट में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। बता दें, मेहली मिस्त्री फिलहाल टाटा के दोनों प्रमुख ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। उन्हें अक्टूबर 2022 में शामिल किया गया था।
नोएल टाटा पिछले 40 सालों से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। उनके पास ट्रेंट जैसी कई बड़ी कंपनियों की कमान रही है। इस समय भी वो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के बोर्ड के सदस्य हैं। बता दें, वो मौजूदा समय में टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के वाइस चैयरमैन हैं।
टाटा संस में 65.90 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट्स की है। जबकि 12.87 प्रतिशत हिस्सेदारी आधा दर्जन टाटा ग्रुप की कंपनियों का है। वहीं, 18.40 प्रतिशत हिस्सेदारी मिस्त्री परिवार की है।

हरियाणा में हार के बाद एक्शन में कांग्रेस अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलाई समीक्षा बैठक

10-Oct-2024
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'हार की समीक्षा' बैठक बुलाई है। इस बैठक में राहुल गांधी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष उदय भान सिंह को भी बुलाया गया है। इनके अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला और हरियाणा कांग्रेस के सभी बड़े नेता बैठक में शामिल हैं। यह बैठक सुबह 11 बजे से जारी है। 
हरियाणा में बीजेपी को 48 तो कांग्रेस को मिलीं 37 सीटें
हरियाणा में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में तीसरी बार वापसी की है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के अनुसार बीजेपी की झोली में 48 सीटें वहीं कांग्रेस को 37 सीटें ही नसीब हुई हैं। वहीं, दो सीट आईएनएलडी इंडियन नेशनल लोक दल के खाते में गई जबकि तीन सीटें निर्दलीय की झोली में आई।
बता दें कि कांग्रेस ने हरियाणा के चुनाव रिजल्ट को अप्रत्याशित बताया है। इसको लेकर कांग्रेस ने चुनाव के सामने अपने शिकायतें भी दर्ज कराई है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने चुनाव में धांधली का भी आरोप लगाया है। हरियाणा में कांग्रेस को 37 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।
सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाईयां, टिकट बंटवारें और कांग्रेस की बड़ी नेता कुमारी सैलजा का चुनाव से कुछ दिनों पहले नाराज रहने जैसी स्थितियों के कारण कांग्रेस का सत्ता में वापसी करना मुश्किल रहा।
 

पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि

10-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दुनियाभर में मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार देर रात मुंबई में निधन हो गया. उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई. उन्होंने 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. उनके निधन पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा समूह की ओर से एक संदेश जारी कर कहा कि पद्मविभूषण रतन टाटा का योगदान अतुल्य है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि रतन टाटा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत तमाम राजनेताओं ने भारत के 'रतन' रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी.
पीएम मोदी ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम राजनेताओं ने उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "श्री रतन टाटा जी एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे. उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया. साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया. अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कई लोगों का प्रिय बना लिया."
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपति रतन टाटा के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा की. पीएम मोदी ने एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, 'श्री रतन टाटा जी के सबसे अनोखे पहलुओं में से एक बड़े सपने देखने और उन्हें वापस देने का जुनून था. वह शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पशु कल्याण जैसे कुछ मुद्दों का समर्थन करने में सबसे आगे थे.'
एक अन्य तस्वीर को शेयर करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा, "मेरा मन श्री रतन टाटा जी के साथ अनगिनत संवादों से भरा हुआ है. जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मैं उनसे अक्सर मिलता था. हम विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करते थे, मुझे उनका दृष्टिकोण बहुत समृद्ध लगा. जब मैं दिल्ली आया तो ये बातचीत जारी रही. उनके निधन से बेहद दुख हुआ. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं. ॐ शांति." 
 

हरियाणा-जम्मू कश्मीर के बाद बीजेपी की अगली चुनौतियां क्या हैं, कहां-कहां होने हैं विधानसभा चुनाव

10-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं.हरियाणा में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है.जम्मू-कश्मीर में भी बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक ही सफलता मिली है. हरियाणा में लगातार तिसरी बार बीजेपी की सरकार बनेगी. ऐसा पहली बार होगा कि हरियाणा में किसी पार्टी की लगातार तिसरी बार सरकार बनेगी. इन प्रमुख राज्यों के चुनाव में तो बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक सफलता मिल गई है. ऐसे में आइए अब देखते हैं कि अगले छह महीनों में बीजेपी को किन चुनौतियों का सामना करना है. किन राज्य में उसे चुनाव लड़ना है और किन राज्यों में उपचुनाव.
कहां कहां होने हैं विधानसभा चुनाव
अगले छह महीनों में महाराष्ट्र और झारखंड के साथ दिल्ली विधानसभा का चुनाव प्रस्तावित है.इनमें से महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर और झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को खत्म हो रहा है.माना जा रहा है कि  चुनाव आयोग जल्द ही इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है. वहीं दिल्ली विधानसभा का कार्याकाल 23 फरवरी तक है.इनके अलावा छह राज्यों की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं. इनके चुनाव कार्यक्रम का ऐलान अभी तक चुनाव आयोग ने नहीं किया है. 
महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव
अगले छह महीनों में जिन दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं, उनमें सबसे बड़ा है महाराष्ट्र. महाराष्ट्र की विधानसभा में 288 सीटें हैं. महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी अजित पवार गुट के महायुति की सरकार है.महायुति में शामिल दोनों दलों तोड़-फोड़ के बाद अस्तित्व में आए हैं.लेकिन इनको अपनी पार्टी का मुख्यनाम लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला है.महाराष्ट्र में महायुति का मुकाबला शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरदचंद पवार) और कांग्रेस के महाविकास अघाड़ी (एमवीए)से है. 
विधानसभा चुनाव में महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है. महायुति अपनी लोक-लुभावन योजनाओं के साथ जनता के बीच जाएगी, वहीं एमवीए दलबदल और पार्टी में तोड़फोड़ के दम पर सत्ता छीने के बाद बदले की लड़ाई लड़ेगा. यह चुनाव अजित पवार, एकनाथ शिंदे, शरद पवार और उद्धव ठाकरे की परीक्षा भी लेगा.
 

रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग, महाराष्ट्र कैबिनेट में प्रस्ताव पास

10-Oct-2024
मुंबई:    ( शोर संदेश )  मशहूर उद्योगपति और टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग की गई है। महाराष्ट्र कैबिनेट में इस संबंध में एक प्रस्ताव पास किया गया। महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि उद्योगपति रतन टाटा का नाम भारत रत्न पुरस्कार के लिए प्रस्तावित करते हुए केंद्र सरकार को भेजा जाए। केंद्र सरकार अब महाराष्ट्र कैबिनेट के इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेगी।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में रतन टाटा के निधन पर शोक जताते हुए एक शोक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद भारत रत्न पुरस्कार के लिए उनका नाम प्रस्तावित करने का फैसला लिया गया। महाराष्ट्र सरकार अब केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजेगी। 
ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन
बता दें कि रतन टाटा का 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में बुधवार देर रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बढ़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज वर्ली के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग
नरीमन प्वाइंट स्थित एनसीपीए लॉन में आज सुबह 10 बजे अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देश की नामचीन राजनीतिक हस्तियां, उद्योग जगत से जुड़े लोग, फिल्मी हस्तियां, खेल से जुड़े लोगों के साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। 
28 दिसंबर 1937 को हुआ था जन्म
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। वे 1991 से 2021 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे। इस दौरान उन्होंने बिजनेस सेक्टर में कई कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में से एक टाटा को नई बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पद्मभूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार
उनके 21 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी का राजस्व 40 गुना से ज्यादा तथा लभा 50 गुना ज्यादा बढ़ा। उन्होंने टाटा टी को टेटली, टाटा मोटर्स को जगुआर लैंड रोवर तथा टाटा स्टील को कोरस का अधिग्रहण करने में मदद की। टाटा की नैनो कार की संकल्पना भी उन्होंने तैयार की थी।  वर्ष 2000 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मभूषण और 2008 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था।

सेना के जवान का गोलियों से छलनी शव बरामद, अनंतनाग में आतंकवादियों ने किया था अगवा

09-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा सेना के जवान को अगवा किए जाने के एक दिन बाद सिपाही का शव बरामद किया गया है। सेना के जवान का शव गोली लगने के निशान के साथ बरामद किया गया है। जवान कल से लापता था और इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान जारी था। 
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल प्रादेशिक सेना के एक सैनिक के लापता होने के बाद आज सुबह पुलिस और सेना द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था, आज तलाशी के दौरान उसका शव बरामद किया गया है। अधिकारी ने आगे कहा कि सेना के सैनिक की मौत के कारणों और उसके लापता होने के कारणों की जांच की जा रही है।
उसकी पहचान हिलाल अहमद भट निवासी मुकधमपोरा नौगाम अनंतनाग के रूप में हुई है। इससे पहले, सेना की चिनार कोर ने एक पोस्ट में लिखा था, "खुफिया जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर 8 अक्टूबर को कोकरनाग के कजवान जंगल में एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। ऑपरेशन रात भर जारी रहा, क्योंकि प्रादेशिक सेना का एक जवान लापता बताया गया। बड़े पैमाने पर बचाव और तलाशी अभियान जारी है।"
जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना के हवाले से बताया कि 5 अक्टूबर को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।
इससे पहले इसी साल अगस्त में अनंतनाग में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में भी दो जवान शहीद हो गए थे और तीन अन्य घायल हो गए थे।
इससे पहले डोडा जिले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के चार जवान और एक पुलिस अधिकारी शहीद हो गये थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के छद्म समूह 'कश्मीर टाइगर्स' ने ली थी।



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