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आईटीआर फाइल करते समय आपके पास हैं 2 ऑप्शन: कहां बचा पाएंगे ज्यादा टैक्स

28-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। करदाता को 31 जुलाई 2024 तक आईटीआर फाइल करना होगा।

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय टैक्सपेयर्स के पास दो विकल्प होते हैं। इन दो विकल्पों को लेकर कई करदाता काफी कन्फ्यूज होते हैं कि आखिर किस ऑप्शन के जरिये वह ज्यादा टैक्स बचा सकते हैं।

जी हां, हम टैक्स रिजीम के बारे में बात कर रहे हैं। वर्तमान में करदाता के सामने पुरानी कर व्यवस्था और नई कर व्यवस्था के ऑप्शन मौजूद हैं। इन दोनों ऑप्शन के टैक्स स्लैब में भी काफी अंतर होता है।

ओल्ड टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होती है। वहीं, न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इन दोनों रिजीम में टैक्सपेयर आयकर अधिनियम 87A के तहत टैक्स बचा सकते हैं। आइए, जानते हैं कि आपके लिए इन दोनों ऑप्शन में से कौन-सा बेस्ट रहेगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम में कब देना होता है टैक्स

अगर किसी करदाता की सालाना इनकम 5 लाख रुपये है तो उसे 2.5 लाख रुपये पर 5 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा। दरअसल, पुरानी कर व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है। यानी बचे हुए 2.5 लाख रुपये का पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा जो कि 12,500 रुपये होता है। हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत सरकार इसे माफ कर देती है।

आयकर अधिनियम के 87A के तहत करदाता 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बचा सकते हैं। अब इसमें भी एक ट्विस्ट है। अगर सालाना इनकम 5 लाख रुपये से 1 रुपये भी ज्यादा होती है तब करदाता को पूरे 2.5 लाख रुपये पर टैक्स देना होगा और 1 रुपये पर 20 फीसदी का टैक्स देना होगा।

न्यू टैक्स रिजीम में कब देना होता है टैक्स

अब न्यू टैक्स रिजीम की बात करें तो इसमें 3 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। ऐसे में अगर करदाता की सालाना इनकम 5 लाख रुपये है तब 3 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं लगता है और बाकी 2 लाख रुपये पर 5 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा।

इस रिजीम में भी आयकर अधिनियम के 87A धारा के तहत 7.5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है।

अब अगर टैक्सपेयर की सैलरी 7.5 लाख रुपये से ज्यादा है तब उसे 3 लाख रुपये के बाद की इनकम पर टैक्स देना होगा। इसे ऐसे समझिए कि अगर सालाना इनकम 4,50,001 रुपये है तो 3 लाख रुपये पर 5 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा। बाकी बचे 1,50,001 रुपये पर 10 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा यानी 15,000 रुपये का कर देना होगा।

कितनी अलग है दोनों टैक्स रिजीम
इनकम के दायरे-  1 अप्रैल 2020 को न्यू टैक्स रिजीम का ऑप्शन सामने आया था। न्यू टैक्स रिजीम में भले ही टैक्स फ्री इनकम का दायरा बढ़ा दिया गया था पर इसमें निवेश के जरिए टैक्स सेविंग के विकल्प नहीं हैं। वहीं पुरानी कर व्यवस्था में टैक्स फ्री इनकम का दायरा कम है, लेकिन कई अन्य टैक्स बेनिफिट मिलते हैं।

टैक्स डिडक्शन - ओल्ड टैक्स रिजीम में आयकर अधिनियम के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा भी कई तरह टैक्स बेनिफिट मिलते हैं। यह टैक्स बेनिफिट न्यू टैक्स रिजीम में नहीं मिलते।
टैक्स रिबेट लिमिट: दोनों टैक्स रिजीम में सबसे बड़ा अंतर टैक्स रिबेट का है। पुरानी कर व्यवस्था में 5 लाख रुपये तक टैक्स फ्री होता है, जबकि नई कर व्यवस्था में इसकी लिमिट 7.5 लाख रुपये है।

कौन-सी रिजीम है आपके लिए बेस्ट

हमने यह तो समझ लिया कि इन दोनों रिजीम में कैसे टैक्स का भुगतान होता है और इसमें अंतर क्या है। अब बात आती है कि कौन-सा ऑप्शन बेस्ट है। अगर आपकी सैलरी 7.5 लाख रुपये है तो आप न्यू रिजीम को चुन सकते हैं। वहीं, अगर 7.5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम है और आपने निवेश भी किया हुआ है तब आपको ओल्ड टैक्स रिजीम सेलेक्ट करनी चाहिए।
आपको कितना टैक्स देना है इसको लेकर कन्फ्यूज हैं तब आप आयकर विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद टैक्स कैलकुलेटर (Tax Calculator) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आप जान पाएंगे कि आपको किस रिजीम में कितना टैक्स देना होगा। आप चाहें तो इसके लिए CA की मदद भी ले सकते हैं। 

 


तीन दिनों के दौरे पर दिल्ली जा रहे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश

28-Jun-2024
 ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद खान ने बताया कि सुबह 10.30 बजे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक होगी।इसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एजेंडें तय किये जाएंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बैठक होगी।
तीन दिनों के दौरे पर दिल्ली जा रहे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश, क्या है प्रोग्राम? पूरी डिटेल यहां पढ़ें
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार की सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दिल्ली में अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे से बुलायी है। बताया जा रहा है कि बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव परिणाम, भविष्य की रणनीति आदि पर मुख्य रूप से विचार-विमर्श होंगे। बैठक के अगले दिन 30 जून को मुख्यमंत्री पटना लौट आएंगे। पीए नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी उनकी मुलाकात हो सकती है। हालांकि इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद खान ने बताया कि सुबह 10.30 बजे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एजेंडें तय किये जाएंगे। फिर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। बैठक में पार्टी के सभी मंत्री, सांसद, सभी प्रदेशों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भाग लेंगे। मालूम हो कि संसद सत्र चल रहा है, जिसको लेकर पार्टी के सभी सांसद पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक में भाग लेने वाले अन्य सभी नेता शुक्रवार तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।
कार्यकारिणी में होते रहे हैं अहम फैसले  
जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में अहम फैसले होते रहे हैं। ठीक छह माह पहले पहले 29 दिसंबर, 2023 को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी, जिसमें नीतीश कुमार सर्वसम्मति से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये थे। तब ललन सिंह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। तीन सितंबर, 2002 को पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी, जिसके दो दिनों बाद ही नीतीश कुमार विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे थे।
इसके पहले 31 जुलाई, 2021 को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। तब, तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, 27 दिसंबर, 2020 को पटना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आरसीपी सिंह को नीतीश कुमार ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी थी।
 
 

देश संविधान से चलेगा न कि राजा के डंडा से...' सेंगोल को संसद से हटाने की क्यों उठ रही मांग?

28-Jun-2024
दिल्ली।  ( शोर संदेश )   18वीं लोकसभा के पहले संसदीय सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। NEET पेपर लीक मामले में विपक्ष के नेता सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। इसी बीच, 77 साल पुराने सेंगोल का मुद्दा एक बार फिर संसद भवन में उठ गया है। समाजवादी पार्टी के नेता सेंगोल को संसद भवन से हटाए जाने की मांग उठा रहे हैं। असल में गुरुवार को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने पहुंची तो हाउस में प्रवेश करते समय और बाहर निकलते वक्त सबसे आगे सेंगोल था। जैसे ही राष्ट्रपति का अभिभाषण खत्म हुआ तो समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद में सेंगोल को हटाकर संविधान की कॉपी रखने की मांग उठा दी। 
सेंगोल की लोकतंत्र के मंदिर में कोई जगह नहीं
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने कहना शुरू कर दिया कि देश में संविधान सर्वोपरि है, तो फिर लोकसभा में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल को रखने की क्या जरूरत है? इसको लेकर उत्तर प्रदेश की मोहनलालगंज सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी ने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल की लोकतंत्र के मंदिर में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसे म्यूजियम में रखा जाना चाहिए। 
सपा सांसद ने सेंगोल का बताया मतलब
सपा सांसद आरके चौधरी ने कहा कि सेंगोल तमिल भाषा का शब्द है। इसका हिंदी में मतलब राजदंड होता है। राजदंड का दूसरा मतलब राजा की छड़ी भी होता है। इसका दूसरा अर्थ राजा का डंडा भी होता है। जब कभी राजा अपने दरबान में बैठता था, तो फैसला करता था और एक डंडा/छड़ी पीटता था। 
सपा नेता ने कहा कि अब इस देश में 555 राजाओं को सरेंडर करके ये देश आजाद हुआ है। देश का हर वो व्यक्ति, चाहे वो महिला हो या पुरुष हो। अगर वह बालिग है और वोट का अधिकार रखता है तो उसके एक-एक वोट ले इस देश में शासन-प्रशासन चलेगा। ये तय हो गया है। इसके साथ ही सपा सांसद आरके चौधरी ने कहा कि देश संविधान से चलेगा न कि राजा के डंडा से चलेगा। इसलिए समाजवादी पार्टी की मांग है कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो संसद भवन से सिंगोल को हटाना होगा। 
आजादी की एक रात पहले नेहरू को मिला था सेंगोल
बता दें कि सेंगोल का इतिहास भारत की आजादी से जुड़ा हुआ है। आज से करीब 77 साल पहले 14 अगस्त 1947 की रात पंडित जवाहर लाल नेहरू ने दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य से आए विद्वानों से इस सेंगोल को स्वीकार किया था। नेहरू ने इसे अंग्रेजों से भारत को सत्ता प्राप्त करने के प्रतीक के रूप में पूरे विधि-विधान के साथ स्वीकार किया था। नेहरू ने उस रात कई नेताओं की मौजूदगी में इस सेंगोल को स्वीकार कर के सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा किया था।
पिछले साल पीएम मोदी ने संसद में सेंगोल को किया था स्थापित
इसके बाद इसी सेंगोल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2023 को संसद के नए भवन में स्थापित किया था। जब इस सेंगोल को नए संसद परिसर में स्थापित किया गया था, तब भी विपक्षी पार्टियों ने इसका जमकर विरोध किया था। सदन से वॉकआउट भी किया था। इस पूरे कार्यक्रम में विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा नहीं लिया था।

मथुरा हाइवे पर लाइव मर्डर! बदमाशों ने चलती बाइक पर पीछे बैठे शख्स के कनपटी में मारी गोली, मौके पर मौत

27-Jun-2024
मथुरा। ( शोर संदेश )  यूपी के मथुरा में चलती बाइक पर पीछे बैठे एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें शख्स गोली लगने के बाद बाइक से नीचे गिरता नजर आ रहा है. इस घटना के बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और जांच-पड़ताल शुरू की. बाइक चला रहे व्यक्ति का बयान लेकर गोली चलाने वालों की तलाश की जा रही है. हालांकि, घटना के 24 घंटे बाद भी दोषी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. 
बता दें कि मथुरा के थाना छाता क्षेत्र में मंगलवार की देर रात नेशनल हाइवे पर 40 वर्षीय प्रेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात को उस वक्त अंजाम दिया जब प्रेम सिंह अपने एक साथी के साथ बाइक से जा रहे थे. प्रेम बाइक पर पीछे बैठे हुए थे. तभी दूसरी बाइक से आए अज्ञात बदमाशों ने उन्हें कनपटी में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए. 
इससे पहले कि बाइक चला रहे प्रेम सिंह के साथी कुछ समझ पाते प्रेम बाइक से जमीन पर लुढ़क गए. साथी ने फौरन पुलिस को सूचना दी, आनन-फानन प्रेम सिंह को अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. फिलहाल, मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी ने टीमें लगाई हैं. 
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि गोली लगने के बाद प्रेम सिंह बाइक से गिर जाते हैं. साथी उन्हें उठाने की कोशिश करता है लेकिन प्रेम कोई रिस्पॉन्स नहीं देते हैं. बताया जा रहा है कि मृतक अपनी कंपनी से ड्यूटी खत्म करके दोस्त के साथ घर लौट रहे थे. रात के वक़्त जब वह हाईवे पर बाइक से जा रहे थे, तभी पीछे से दो बदमाश बाइक पर आए और उनके सिर में गोली मार दी.
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है. जल्द खुलासे की बात कही गई है. 

अब पूरे देश में बुलेट ट्रेन चलाने का प्लान, संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया ऐलान

27-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अहमदाबाद से मुंबई को जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। इस बीच सरकार ने ऐलान किया है कि वह पूरे देश में इसकी संभावनाओं पर विचार करेगी और उसके लिए स्टडी कराएगी। गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी भारत में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए अध्ययन शुरू करने का फैसला लिया है। फिजिबिलिटी स्टडी के तहत यह देखा जाएगा कि आखिर बुलेट ट्रेन चलाने का क्या रूट हो सकता है। कितनी जमीन की जरूरत होगी। कैसे ट्रैक का निर्माण होगा और कितना खर्च आएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘मेरी सरकार उन आधुनिक मानदंडों पर काम कर रही है, जिससे भारत विकसित देशों के सामने बराबरी से खड़ा हो सके।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी भारत में बुलेट ट्रेन गलियारों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करने का फैसला किया है।’ राष्ट्रपति ने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच ‘हाई-स्पीड रेल इकोसिस्टम’ का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड गलियारा देश में पहला ‘कॉरिडोर’ है। 
इस पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और सूरत तथा वड़ोदरा में ठहराव के साथ पूरी दूरी केवल दो घंटे और सात मिनट में पूरी करेगी। परियोजना का निर्माण ‘नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ कर रहा है। उसने सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना के पहले चरण के अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई है। राष्ट्रपति ने कहा कि 10 वर्ष में देश के 21 शहरों तक मेट्रो सुविधाएं पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत गांवों में 3 लाख 80 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनाई हैं। 
मुर्मू ने कहा, ‘आज भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की गति में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है।’ गौरतलब है कि अहमदाबाद से मुंबई तक चलने वाली ट्रेन पश्चिम भारत को जोड़ेगी। इसी तरह अब कोलकाता से दिल्ली समेत कई ऐसे रूटों पर ट्रेनें चलाने का प्लान है, जिससे देश के अहम शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत हो सके। 

शपथ के समय जय फिलिस्तीन कह बुरे फंसे ओवैसी, सांसदी पर मंडराया खतरा; राष्ट्रपति को लेटर

27-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) लोकसभा में शपथ लेने के दौरान एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के जय फिलिस्तीन कहने पर विवाद छिड़ गया है। ओवैसी की संसद से सदस्यता खत्म करने की मांग होने लगी है। वरिष्ठ वकील हरि शंकर जैन ने भी इस बाबत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेटर लिखा है और ओवैसी की सदस्यता को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
वरिष्ठ वकील हरि शंकर जैन ने हैदराबाद से एक बार फिर चुने गए असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेते समय इस्तेमाल किए गए 'जय फिलिस्तीन' शब्दों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि 25.06.2024 को संसद सदस्य के रूप में शपथ लेते समय विदेशी देश यानी फिलिस्तीन के प्रति अपनी निष्ठा और पालन को स्वीकार करने के लिए सांसद को अयोग्य घोषित किया जाए।
हैदराबाद से पांचवीं बार सदस्य निर्वाचित हुए ओवैसी ने उर्दू में शपथ ली थी। शपथ लेने से पहले उन्होंने दुआ पढ़ी। अपनी शपथ के बाद उन्होंने मुस्लिमों के लिए एआईएमआईएम का नारा बुलंद करने के अलावा अपने राज्य तेलंगाना, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के पक्ष में नारा लगाया। ओवैसी ने पश्चिम एशिया के उस क्षेत्र के पक्ष में नारा लगाया जो वर्तमान में युद्ध का सामना कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्रबिंदु में है। उनकी शपथ के बाद सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया। 
संसद से बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए, ओवैसी ने कहा था कि उन्होंने सदन के भीतर 'जय फिलिस्तीन' कहा है। उनका कहना था, ''अन्य सदस्य भी अलग-अलग बातें कह रहे हैं... मैंने कहा 'जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन'। यह कैसे गलत है? मुझे संविधान के प्रावधान बताएं? आपको दूसरों की बात भी सुननी चाहिए...पढ़िए कि महात्मा गांधी ने फिलिस्तीन के बारे में क्या कहा था।'' यह पूछे जाने पर कि उन्होंने फिलिस्तीन का उल्लेख क्यों किया, ओवैसी ने कहा, ''वे उत्पीड़ित लोग हैं।'' 

वहीं, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और किरेन रिजिजू ने ओवैसी की आलोचना की और उनके बयान की निंदा की। एआईएमआईएम प्रमुख पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा, "एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा संसद में दिया गया 'जय फिलिस्तीन' का नारा गलत है। यह सदन के नियमों के खिलाफ है। वह भारत में रहते हुए 'भारत माता की जय' नहीं कहते हैं।" तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, "लोगों को यह समझना चाहिए कि वह देश में रहते हुए असंवैधानिक काम करते हैं।" दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि शपथ लेते समय दूसरे देश की प्रशंसा का नारा लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा, "हमारी फिलिस्तीन या किसी अन्य देश से कोई दुश्मनी नहीं है। मुद्दा यह है कि शपथ लेते समय क्या किसी सदस्य द्वारा किसी अन्य देश की प्रशंसा में नारा लगाना उचित है।"

अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

26-Jun-2024
नई दिल्लीः ( शोर संदेश )   एक्साइज पॉलिसी मामले में सीबीआई ने दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट की इजाज़त के बाद सीबीआई ने पहले कोर्ट रूम में ही केजरीवाल से पूछताछ की फिर औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल का अरेस्ट मेमो कोर्ट को दिया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि हमने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को भी सीबीआई ने की थी पूछताछ
इससे पहले अरविंद केजरीवाल को आबकारी मामले में तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने राउज एवन्यू कोर्ट में को पेश किया। केजरीवाल को विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष पेश किया गया जहां सीबीआई ने उनसे पूछताछ करने के लिए उन्हें हिरासत में दिए जाने का अनुरोध किया। सीबीआई ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता से मंगलवार शाम को तिहाड़ जेल में पूछताछ की थी। 
हाई कोर्ट ने जमानत पर लगाई थी रोक 
वहीं, मंगलवार को हाई कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने से इनकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। निचली अदालत ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी लेकिन इस आदेश के खिलाफ जांच एजेंसी ने हाई कोर्ट में अपील कर दिया था। ईडी ने कहा कि निचली अदालत ने उसके वकील से अपनी दलीलें 'छोटी' करने को कहा और कानूनी उपायों का लाभ उठाने के उसके अधिकार को भी सीमित कर दिया गया, क्योंकि जमानत आदेश अगले दिन सुबह 11 बजे के बाद तक अपलोड नहीं किया गया। इसने कहा कि केजरीवाल की जमानत रद्द की जानी चाहिए क्योंकि यह अवैध और विकृत है।
अवकाशकालीन न्यायाधीश के रूप में विशेष न्यायाधीश न्याय बिंदु ने 20 जून को केजरीवाल को जमानत दे दी थी और कहा था कि ईडी मनी लांड्रिंग मामले में अपराध की आय से उन्हें जोड़ने वाले प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा है। इक्कीस जून को हाई कोर्ट ने स्थगन के मुद्दे पर फैसला सुनाये जाने तक जमानत आदेश के क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया था। केजरीवाल ने अपनी जमानत पर अंतरिम रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए 26 जून की तारीख तय की और कहा कि वह इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा की प्रतीक्षा करना चाहेगी।

ओम बिरला चुने गए लोकसभा के अध्यक्ष; प्रधानमंत्री मोदी, रिजिजू और राहुल गांधी आसन तक लेकर गए

26-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   भाजपा सांसद और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गजों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। विपक्ष की ओर से के. सुरेश के नाम का प्रस्ताव रखा गया।

इसके बाद प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव का सभी के सामने रखा। ध्वनिमत के आधार पर उन्होंने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान खास बात यह भी रही कि आम बिरला को आसन तक ले जाने के लिए पीएम मोदी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी साथ आए। राहुल को बीती रात ही कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष घोषित किया है।
ओम बिरला के बारे में जानिए
सबसे सक्रिय सांसदों में रहे, स्पीकर के रूप में कड़े फैसले लेने के लिए भी जाने गए
राजस्थान के कोटा से तीन बार के सांसद ओम बिरला राजस्थान में तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे।
बतौर सांसद पहले कार्यकाल में 86 फीसदी उपस्थिति के साथ 671 प्रश्न और 163 बहसों में भागीदारी की थी। 2019 में दूसरी बार सांसद बनने पर लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया।

बिरला के नाम दर्ज होगा यह रिकॉर्ड
पांचवीं बार ऐसा हो रहा है कि कोई अध्यक्ष एक लोकसभा से अधिक कार्यकाल तक इस पद पर आसीन रहेगा। कांग्रेस नेता बलराम जाखड़ एकमात्र ऐसे पीठासीन अधिकारी रहे, जिन्होंने सातवीं और आठवीं लोकसभा में दो कार्यकाल पूरे किए हैं।

राहुल बीती रात ही चुने गए नेता प्रतिपक्ष
बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार की रात को ही राहुल गांधी को लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष चुना। 16वीं लोकसभा में कांग्रेस के 44 व 17वीं में 52 सांसद जीते थे। इस बार पार्टी के 99 सांसद जीते हैं। हालांकि राहुल गांधी की ओर से वायनाड सीट खाली करने से यह संख्या 98 रह गई है। इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए यह पर्याप्त है।

अब अजित खेमे में मचने वाली है भगदड़? शरद पवार ने दिए संकेत

26-Jun-2024
मुंबई।  ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। ऐसी खबरे हैं कि अजित पवार खेमे के विधायक वापस शरद पवार के साथ जा सकते हैं। खुद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को इसका संकेत दिया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी के दरवाजे उन विधायकों के लिए खुले हैं, जिन्होंने अजित पवार का साथ दिया था और जिसके कारण पार्टी में फूट पड़ गई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे विधायकों को पार्टी में वापस लाने से पहले वह अपने सहयोगियों से सलाह लेंगे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "जहां भी (उन विधायकों के) शामिल होने से पार्टी को मदद मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, वहां उन्हें शामिल करने में कोई समस्या नहीं है। लेकिन जिन लोगों ने पार्टी के अंदर रहकर पार्टी को कमजोर करने और पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।" शरद पवार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना होगा।
अजित पवार के चाचा ने आगे कहा, "इसे ऐसे ही हल्के में नहीं लिया जा सकता है। हमारे सभी सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा। उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।" पवार नांदेड़ से पूर्व केंद्रीय मंत्री सूर्यकांत पाटिल के राकांपा (सपा) में वापस आने के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। एनसीपी प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी के 18-19 विधायक शरद पवार के खेमे में लौटने की कोशिश कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनसे संपर्क कर रहे हैं। 
हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में शरद पवार की पार्टी ने विभाजन के बावजूद 10 में से आठ सीटों पर जीत हासिल की। इसके विपरीत, अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी ने जिन चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से केवल एक पर ही जीत हासिल कर पाई। पिछले सप्ताह एनसीपी (एसपी) महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने कहा था कि अगले महीने राज्य के बजट के बाद अजित पवार के विधायक एनसीपी (एसपी) में वापस लौटना शुरू कर देंगे।
 

घर में लगी भीषण आग, परिवार के चार लोगों की मौत

25-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राजधानी दिल्ली में बड़ी घटना हुई है। प्रेम नगर इलाके में एक घर में भीषण आग लग गई। आग में चार लोगों की मौत हो गई। आग सुबह करीब 3:30 बजे लगी। दो दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।
जानकारी के अनुसार, नजफगढ़ के प्रेम नगर इलाके में सोमवार देर रात एक घर में आग लगने से दंपती समेत परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, शुरुआती जांच में पता चला है कि आग इनवर्टर में शॉर्ट सर्किट से लगी, घटना के समय परिवार के सदस्य पहली मंजिल पर सो रहे थे।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी ने परिवार के सभी लोगों को अचेतावस्था में बाहर निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती करवाया जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान हीरा सिंह, उनकी पत्नी नीतू सिंह, बेटा रॉबिन और लक्ष्य के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, हादसा नजफगढ़ के प्रेम नगर कलोनी में हुआ है। जिसमें पति, पत्नी, दो बेटे की मौत हो गई है। तड़के साढ़े तीन बजे के आसपास मकान में आग लगी थी। दम घुटने से मौत होने की वजह सामने आ रही है।
 



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