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बीजेपी के 'बटेंगे तो कटेंगे' की काट के तौर पर सपा ने दिया 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे'

01-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश में उप-चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को आखिरी रूप देने में लगे हैं. इस चुनाव में अलग-अलग पार्टियां मतदाताओं तक पहुंचने के लिए नारों का भी जमकर सहारा ले रहे हैं. पहले जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया था वहीं अब इस क्रम में समाजवादी पार्टी भी शामिल होती दिख रही है. सपा ने बीजेपी के 'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे के जवाब के तौर पर 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे' का नारा दिया है. पार्टी ने लखनऊ में 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे' के नारे वाले कई पोस्टर भी लगवाए हैं. 
बीजेपी ने सपा को दिया जवाब
सपा के जुटेंगे तो जीतेंगे के नारे के जवाब में बीजेपी ने कहा कि जो हमेशा बांटने का प्रयास करते रहे हैं, आज जोड़ने के बात कर रहे हैं. सीएम योगी ने जब बंटोगे तो कटोगे का नारा का क्या दिया तो अब सब जोड़ने की बात कर रहे हैं. अगर आपको जोड़ना है तो आपको सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर काम करना होगा और सबको साथ लेकर चलना होगा. सिर्फ दिखावे के लिए पोस्टर लगा देने से ये नहीं होने वाला है. 

एसबीआई की रिपोर्ट : पांच लाख तक सालाना कमाई वालों में आय असमानता 74% घटी, अंतिम तबके तक पहुंच रहे सरकार के प्रयास

01-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  पांच लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले लोगों में आय असमानता 2013-14 से 2022-23 के बीच यानी 10 साल में 74.2 फीसदी तक घट गई है। यह दर्शाता है कि सरकार के प्रयास आर्थिक पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंच रहे हैं। इससे निम्न आय वर्ग के लोगों की आय बढ़ रही है।
एसबीआई की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आकलन वर्ष 2014-15 और 2023-24 के दौरान आय असमानता के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि आय वितरण वक्र में दायीं ओर झुकाव हुआ है। इसका मतलब है कि निम्न आय वर्ग के लोग आबादी में हिस्सेदारी के अनुपात में कमाई बढ़ा रहे हैं। देश में ‘असमानता की स्थिति बिगड़ने के बहुप्रचारित मिथक’ को स्पष्ट करने के लिए एसबीआई के आर्थिक विभाग ने आय असमानता की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया है।
निम्न वर्ग की आय में तेजी से बढ़ोतरी
3.5 लाख तक की कमाई वाले लोगों की आय असमानता में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2013-14 में 31.8 फीसदी थी, जो 2020-21 में घटकर 12.8 फीसदी रह गई। इस समूह की आय हिस्सेदारी उनकी आबादी की तुलना में 19 फीसदी तेजी से बढ़ी है।
निम्न आय वर्ग (5.5 लाख से कम आमदनी) ने पिछले दशक में अध्ययन काल की पूरी अवधि के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की है।
रिटर्न भरने में यूपी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी
रिपोर्ट में कहा गया है कि आयकर आधार में अग्रणी रहने वाले महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य आयकर रिटर्न भरने में उच्चतम स्तर के करीब पहुंच रहे हैं। कुल कर आधार में उनकी हिस्सेदारी घट रही है। रिटर्न भरने में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। इसके बाद बिहार, आंध्र प्रदेश, पंजाब व राजस्थान का स्थान है।
प्रत्यक्ष करों का जीडीपी में अनुपात आकलन वर्ष 2023-24 में 6.64 फीसदी तक बढ़ गया, जो 2000-01 के बाद सर्वाधिक है।
 

शिवसेना-उद्धव गुट की तीसरी लिस्ट में 5 नाम, अब तक 85 उम्मीदवारों का ऐलान

28-Oct-2024
मुंबई। ( शोर संदेश )  शिवसेना उद्धव गुट ने शनिवार देर रात पांच और उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। पार्टी ने हारुन खान को वर्सोवा, संजय भालेराव को घाटकोपर (पश्चिम) और संदीप नाइक को विले पार्ले से मैदान में उतारा है।
इनमें से वर्सोवा और घाटकोपर पश्चिम सीट पर कांग्रेस और NCP (SP) ने अपना दावा पेश किया था। वहीं, दहिसर सीट से शिवसेना (UBT) नेता अभिषेक घोसालकर के पिता विनोद घोसालकर को टिकट दिया गया है।
8 फरवरी, 2024 की रात पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की गोली मार कर हत्या की गई थी। उद्धव चाहते थे कि दहिसर सीट से अभिषेक की पत्नी तेजस्विनी चुनाव लड़ें। अभिषेक के पिता और पूर्व विधायक विनोद घोसालकर भी इसी सीट से टिकट मांग रहे थे। इसी वजह से इस सीट को होल्ड कर रखा गया था। इसके अलावा लिस्ट में 5वां नाम भैरुलाल चौधरी जैन का है। उन्हें मलाबार हिल विधानसभा से उतारा गया है।
महायुति में 288 में से अब तक कुल 223 कैंडिडेट का नामों का ऐलान हो चुका है। बाकी बचे उम्मीदवारों को लेकर तीनों पार्टियों में खींचतान चल रही है।
दूसरी लिस्ट में 15 नामों का ऐलान किया था शिवसेना (UBT) ने शनिवार सुबह 15 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। इसमें शिवडी विधानसभा से अनिल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया था। यहां से लालबाग राजा मंडल के मानद सचिव सुधीर साल्वी भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन अनिल चौधरी का नाम फाइनल हुआ। शिवसेना (UBT) अब तक कुल 85 उम्मीदवारों का ऐलान किया है। MVA के सीट शेयरिंग के तहत उद्धव गुट, NCP शरद गुट और कांग्रेस 85-85 सीटों पर लड़ेगी। हालांकि, संजय राउत ने 24 अक्टूबर को कहा था उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

 


दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति 'गंभीर'

28-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) दिल्ली-एनसीआर की हवा मेें प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. दिल्लीवालों को आने वाले हफ्ते में वायु गुणवत्ता के मामले में चिंताजनक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2024 तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रहेगी. पटाखे और पराली जलाने जैसे कारक स्थिति को और खराब कर सकते हैं. जिससे 30 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकता है. मुश्किल ये भी है, वर्तमान मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रदूषकों को दिल्ली से दूर ले जाने के लिए अनुकूल भी नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप शहर में स्थिर हवा हानिकारक कणों को टिकाए रखती है. आईआईटीएम, पुणे द्वारा किए गए पूर्वानुमान ने अगले 6 दिनों के लिए प्रदूषण का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
हवाओं के साथ रहेगा स्मॉग
इस अवधि के दौरान, दक्षिण-पूर्व से आने वाली प्रमुख सतही हवाओं की गति 28 अक्टूबर को 8 किमी प्रति घंटे रहने की उम्मीद है, जो धीरे-धीरे 30 अक्टूबर तक 6 से 12 किमी प्रति घंटे के बीच हो जाएगी. इन हवाओं के साथ सुबह स्मॉग भी रहेगा लेकिन आसमान साफ रहेगा, जिससे प्रदूषण के स्तर को कम करने में बहुत कम मदद मिलेगी.
हवाओं की धीमी गति और दिशा, साथ ही सुबह के समय धुंध का बनना, रात भर जमा होने वाले प्रदूषकों के प्रभावी फैलाव में बाधा डालता है. अगले कुछ दिनों में 1500 से 1550 मीटर तक की अधिकतम मिश्रण गहराई का पूर्वानुमान लगाया गया है. साथ ही लगातार कम वेंटिलेशन इंडेक्स भी प्रदूषण फैलाने वाले कारकों को कम करने के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों का संकेत देता है. वेंटिलेशन इंडेक्स, जो 30 अक्टूबर तक 2800 m²/s तक कम हो जाएगा, फैलाव में अनुकूल परिस्थितियों के लिए आवश्यक सीमा से नीचे है, जो वायु गुणवत्ता को कम करने के लिए बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता को उजागर करता है.
पॉल्यूशन से बचने के लिए करें ये उपाय
सरकारी एजेंसियां की ओर से दिल्ली वालों को सलाह दी जाती है कि वे खराब वायु गुणवत्ता के लंबे समय तक संपर्क से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए एहतियाती उपाय करें, जैसे कि बाहरी गतिविधियों को सीमित करना और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना शामिल है.

जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सेना की गाड़ी पर गोलीबारी, जवानों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

28-Oct-2024
जम्मू।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सोमवार को आतंकवादियों ने सेना की गाड़ी पर गोलीबारी कर दी। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू जिले के जोगवान इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास की यह घटना है। बताया जा रहा है कि आर्मी के एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया है। सैन्य अधिकारी ने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। सतर्क जवानों ने टेरर अटैक को नाकाम कर दिया। साथ ही, इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। लोगों से पूछताछ के आधार पर और जानकारी जुटाई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के समीप अखनूर सेक्टर में 3 आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि खौर के भट्टल इलाके में आसन मंदिर के पास ग्रामीणों ने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी दी थी। सीमा पर स्थित गांव से जब सेना की एक एम्बुलेंस गुजरी तो वहां गोलियों की आवाज भी सुनी गई। सैन्य कर्मियों के साथ पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी। ऐसी आशंका है कि ये आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ कर आए हैं।
पिछले 2 हफ्ते में 7 आतंकी हमले
बीते 2 हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में 12 लोगों की जान चली गई है। इस तरह, विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद केंद्र शासित प्रदेश में शांति भंग हो गई है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में 7 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 24 अक्टूबर की शाम को गुलमर्ग में अटैक भी शामिल है, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई थी। गांदरबल जिले के गगनगीर में 20 अक्टूबर को आतंकवादी हमला हुआ था। इसमें एक स्थानीय डॉक्टर और बिहार के 2 मजदूरों सहित 7 लोगों की जान चली गई थी। कश्मीर में स्थानीय युवकों के आतंकवादी समूहों में शामिल होने की गुप्त प्रवृत्ति ने चिंता पैदा कर दी है। अब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन जारी
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ आतंकवादियों के सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि हंदवाड़ा पुलिस ने सेना की 22 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) 92 बटालियान (बीएन) के साथ मिलकर ऐक्शन लिया। यूनिसू में तलाशी के दौरान आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकड़ा। आरोपी की पहचान उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के लट्टी शार्ट सोपोर निवासी इश्फाक मजीद डार के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक पिस्तौल, 2 मैगजीन, 12 राउंड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हंदवाड़ा थाने में धारा 13, 23 यूएलएपी, 7/25 आईए अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

भारत-चीन सीमा विवाद पर बनी सहमति, लेकिन चुनौतियां भी साथ; कितना भरोसेमंद ड्रैगन

25-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति सुधारने की दिशा में हालिया सहमति महत्वपूर्ण कदम है, खासकर गलवान घाटी संघर्ष के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास को देखते हुए। इस सहमति का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के कजान में BRICS बैठक के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की।
हालांकि, चीन पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने अप्रैल 2024 में कहा था कि सीमाओं पर चल रही स्थिति का समाधान आवश्यक है, जबकि चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीमा विवाद के बीच अन्य मुद्दों के समाधान की उम्मीद जताई। भारत और चीन के बीच गश्ती अधिकारों पर सहमति, विशेषकर डेपसांग मैदान और डेमचोक क्षेत्र में स्थिति में सुधार की उम्मीद जगाती है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच ब्रीफिंग में अंतर स्पष्ट है। भारत ने यह कहना जारी रखा कि जब तक सीमा विवाद का समाधान नहीं होता तब तक चीन के साथ सामान्य व्यापार नहीं हो सकता। यह स्थिति दर्शाती है कि सीमा विवाद अभी भी द्विपक्षीय संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
सतर्कता जरूरी
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बैठक के बाद कुछ भिन्नताएं उभरकर सामने आईं। भारत की तरफ से की गई ब्रीफिंग में कहा गया कि पीएम ने 2020 में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं के पूर्ण समाधान के लिए हाल के समझौते का स्वागत किया।" वहीं, चीनी बयान में केवल इतना कहा गया कि दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में संबंधित मुद्दों के समाधान पर महत्वपूर्ण प्रगति की।
समझौते की रूपरेखा
दोनों देशों ने डेपसांग मैदान और डेमचोक क्षेत्र में एक-दूसरे को गश्ती अधिकार बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां समस्याएं 2020 के चीनी आक्रमण से पहले की हैं। इसका मतलब है कि भारतीय सैनिक गश्ती बिंदु (PP) 10 से 13 तक डेपसांग मैदान में और डेमचोक के चार्डिंग नाले में गश्ती कर सकते हैं।
 

महाराष्ट्र चुनाव के लिए देवेंद्र फडणवीस का नामांकन, नागपुर दक्षिण-पश्चिम से ठोकेंगे ताल

25-Oct-2024
मुंबई।  ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। महायुति और महा विकास अघाड़ी दोनों ही गठबंधन अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। साथ ही, सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 278 पर उम्मीदवारों के टिकट तय कर लिए हैं। शेष 10 सीटों पर अगले कुछ दिनों में फैसला कर लिया जाएगा। महायुति में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल है। अब तक भाजपा ने 99, शिवसेना ने 40 और एनसीपी ने 38 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है।

कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को 48 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टिवार और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस की इस पहली सूची में 25 विधायकों पर एक बार फिर से विश्वास जताया गया है। वहीं, शरद पवार गुट के गुट वाले एनसीपी ने 45 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। इसके मुताबिक, युगेंद्र पवार राज्य के उपमुख्यमंत्री व अपने चाचा अजीत पवार के खिलाफ बारामती निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। युगेंद्र पवार के अलावा जयंत पाटिल इस्लामपुर से और अनिल देशमुख कटोल से चुनाव लड़ेंगे।
 

ओडिशा में 'दाना' ने तबाही मचाना किया शुरू, 400 उड़ानें और 750 ट्रेनें रद

25-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  उत्तर बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात दाना ओडिशा के तट से टकरा गया है। तूफान की वजह से ओडिशा में कई स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को सहमा दिया है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुताबिक चक्रवात 'दाना' के पहुंचने की प्रक्रिया 24 और 25 अक्टूबर की मध्य रात्रि में शुरू हुई है। यह शुक्रवार की सुबह तक जारी रहने की उम्मीद है। आईएमडी के मुताबिक तूफान पारादीप (ओडिशा) से लगभग 50 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व, धामरा (ओडिशा) से 40 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से 160 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
ओडिशा में 385 बचाव दलों को तैनात किया गया है। 20 एनडीआरएफ, 51 ओडीआरएएफ, 220 अग्निशमन दल और 95 ओडिशा वन विकास निगम दल भी तैनात हैं।
60 ब्लॉक, 2131 गांव, 12 शहरी स्थानीय निकाय और विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के 55 वार्ड के लोगों को निकाला गया है। 4756 चक्रवात राहत केंद्र चालू हैं। 6454 पालतू पशुओं को राहत केंद्रों में लाया गया है। वहीं 213 चिकित्सा दल को भी तैनात किया गया है। 120 पशु चिकित्सा दल भी तैनात हैं।
ओडिशा में अभी तक तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 7000 से अधिक शिविर स्थापित किए गए हैं। 2,300 से अधिक गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। इस बीच ओडिशा के भद्रक में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगीं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हुगली और 24 परगना समेत पूरे दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां अगले 48 घंटों में भारी बारिश की संभावना है। एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मोहसेन शाहेदी ने बताया कि ओडिशा में 20 टीमें और पश्चिम बंगाल में 17 टीमों को तैनात किया गया है।
कोलकाता बंदरगाह को बंद किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की गई है। बंगाल में राज्य आपदा प्रबंधन बल की 13 बटालियनों को तैनात किया गया है।

 


मोदी-जिनपिंग मुलाकात से एलएसी पर बदले हालात, देपसांग और डेमचोक में डिसइंगेजमेंट शुरू

25-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम होता दिख रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कूटनीतिक मुलाकात के साथ, देपसांग और डेमचोक में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यह कदम भारत-चीन के बीच बनी सहमति और LAC एग्रीमेंट का नतीजा है, जिसका ऐलान 21 अक्टूबर को विदेश सचिव विक्रम मिश्री द्वारा किया गया था. जिसकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पुष्टि की थी.
22 अक्टूबर को हुई महत्वपूर्ण बैठक
इसके बाद 22 अक्टूबर को स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच LAC एग्रीमेंट और डिसेंगेजमेंट को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई. उसके बाद 23 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच पांच साल के अंतराल के बाद ब्रिक्स सम्मेलन के साइडलाइन में राष्ट्रध्यक्ष लेबल बातचीत का रास्ता साफ हो गया. उसके बाद ब्रिक्स के साइडलाइन मेंरूस के कजान शहर में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस वार्ता के साथ ही देपसांग और डेमचोक में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया को अमली जामा पहनाया शुरू हो गया, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने सैनिकों को पीछे हटाना शुरू कर दिया.
इसके साथ ही देपसांग में चीनी सेना द्वारा बनाए गए अस्थायी शेल्टर्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. चीनी सैनिक अपनी गाड़ियों और शेल्टर्स को हटाकर वापस लौटते दिख रहे हैं. बता दें कि चीनी सैनिकों ने इस इलाके में गाड़ियों पर तिरपाल तानकर टेंट बना लिए थे. वहीं, भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती को धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया है. डिसइंगेजमेंट पूरी तरह सफल होने के बाद, इस क्षेत्र में पेट्रोलिंग को फिर से शुरू किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक इसमें हफ्ते भर का समय लग सकता है.
यही नहीं इस एग्रीमेंट के बाद डेमचोक में चार्डिंग नाले के पास दोनों पक्षों की ओर से बनाए गए टेंट भी हटा लिए गए हैं. साथ ही, गुरुवार को अस्थायी ढांचों को भी तोड़ने का काम भी शुरू हो गया. यहां चीनी सैनिकों द्वारा बनाए गए पत्थरों के ढांचों को हटाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, दर्जन भर टेंट और पत्थर के ढांचों को डिस्मेंटल किया जा रहा है.
इस इलाके में चार्डिंग नाले के एक साइड भारतीय और दूसरी साइड चीनी सैनिक तैनात हैं. डेमचोक में पश्चिम साइड भारतीय हिस्से में चीनी सैनिकों ने टेंट बना लिए थे, जिसे अब हटाया जा रहा है. बता दें कि इस क्षेत्र से दोनों देशों की सेनाएं अपनी तैनाती को कम करते हुए पीछे लौट रही हैं, जिससे हालात सामान्य होने की उम्मीद है. भारत और चीन के बीच चल रही यह डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सीमा पर स्थिरता आने की संभावना है.
 

बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान ने छोड़ा कांग्रेस का 'हाथ', एनसीपी में शामिल होते ही मिला टिकट

25-Oct-2024
मुंबई।   ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, दिवंगत बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी का दामन थाम लिया. पार्टी में शामिल होते हैं अजित पवार ने उन्हें टिकट भी दे दिया. बता दें कि बाबा सिद्दीकी ने भी लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और अजित पवार वाली एनसीपी में शामिल हो गए थे. इससे पहले वह दो बार कांग्रेस से विधायक रहे, लेकिन इसी साल उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अब उनके बेटे ने भी कांग्रेस छोड़ दी.
एनसीपी ने बांद्रा से दिया जीशान को टिकट
बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) में शामिल होते हैं जीशान सिद्दीकी को पार्टी ने टिकट भी दे दिया. उन्हें उन्हीं के पुराने विधानसभा क्षेत्र बांद्रा पूर्व से एनसीपी ने चुनावी मैदान में उतारा है. बता दें कि जीशान सिद्दीकी फिलहाल कांग्रेस विधायक हैं, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था.  एनसीपी अजित पवार गुट ने जीशान सिद्दीकी के साथ महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री रहे नवाब मलिक की बेटी सना मलिक को भी चुनावी मैदान में उतारा है.



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