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क्या जाकिर नाइक को भारत को सौंपेगा मलेशिया? सवाल पर दिल्ली दौरे पर आए पीएम अनवर इब्राहिम बोले- अगर सबूत दें तो...

21-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारत दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद जब एक कार्यक्रम में मलेशियाई प्रधानमंत्री से विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर जवाब दिया.
इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मलेशिया में रह रहे जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर नाइक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराए जाएंगे तो इस पर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से दोनों देशों के संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए.
पीएम इब्राहिम ने बताया कि इस मामले को भारत की ओर से नहीं उठाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले को पहले उठाया था. लेकिन मैं यहां एक शख्स की बात नहीं कर रहा हूं. मैं चरमपंथ की बात कर रहा हूं. हमारी सरकार जाकिर नाइक के मामले में सौंपे जाने वाले सभी साक्ष्यों का स्वागत करेगी. हम आतंकवाद से निपटने को लेकर भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. 
बता दें कि जाकिर नाइक 2017 में भारत से भागकर मलेशिया चला गया था. उस समय मलेशिया की प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद सरकार ने उसे सरकारी संरक्षण दिया था. 
जाकिर नाइक पर क्या-क्या आरोप?
जाकिर नाइक पर भारत में भड़काऊ भाषण देने, मनी लॉन्ड्रिंग करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है. मई 2019 में ईडी ने जाकिर नाइक के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में बताया था कि एजेंसी ने अब तक 193 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान कर ली है, जिसमें से 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
ईडी ने दावा किया था 2003-04 और 2016-17 के बीच जाकिर नाइक को अज्ञात और संदिग्ध सोर्सेस से 64 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी. इनमें से ज्यादातर फंड का इस्तेमाल 'पीस कॉन्फ्रेंस' आयोजित करने के लिए हुआ था. एजेंसी ने ये भी बताया था 2012 से 2016 के दौरान जाकिर नाइक को 49.20 करोड़ रुपये भी मिले थे. ये रकम नाइक के यूएई के बैंक अकाउंट में आई थी.
इससे पहले अक्टूबर 2017 में एनआईए ने भी चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में एनआईए ने जाकिर नाइक को भड़काऊ भाषण देने और युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया था. चार्जशीट में कहा गया था कि जाकिर नाइक के वीडियो देखकर युवा प्रभावित हो रहे हैं और उनमें से कुछ आतंकी संगठनों में भी जुड़ रहे हैं. कुल मिलाकर जाकिर नाइक पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप है.

यूक्रेन जाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोलैंड में स्वागत के लिए उत्साहित भारतीय

21-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं. इसे लेकर वहां रह रहे भारतीय समाज में खासा उत्साह है. वे बेसब्री से वहां पीएम मोदी के स्वागत का इंतजार कर रहे हैं. बता दें, पीएम मोदी 21 से 23 अगस्त तक पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा पर रहेंगे. 45 वर्षों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड की यात्रा करेगा. 

पोलैंड में रहने वाले सौरभ गिलितवाला ने बताया कि मैं सात वर्ष पहले मुंबई से यहां आया था. कई वर्षों से यहां कोई भारतीय पीएम नहीं आया. प्रवासी इसे लेकर काफी उत्साहित हैं. पीएम मोदी का दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा. 
ट्रेन से कीव जाएंगे पीएम मोदी

बता दें, पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को पोलैंड में रहेंगे. इसके बाद वे 23 अगस्त को यूक्रेन का दौरा करेंगे. पीएम मोदी पोलैंड से कीव ट्रेन से जाएंगे. इसमें करीब 10 घंटे लगेंगे. वापसी की यात्रा में भी इतना ही समय लगने वाला है. 
प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन यात्रा इस बार खास है, क्योंकि, पीएम मोदी हाल में रूस के दौरे पर गए थे, जिस पर अमेरिका सहित पूरे यूरोप ने नाराजगी जाहिर की थी. 
 

यूपी-बंगाल से लेकर 15 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट

21-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। दिल्ली में लगभग हर दिन ही अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 21 अगस्त को मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर, केरल, असम और मेघालय में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर को लेकर भविष्यवाणी की है कि बुधवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में सामान्यतया बादल छाए रहेंगे। आसमान में गर्जन वाले बादल बनने और हल्की वर्षा होने के आसार हैं। दिल्ली के अलावा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को सामान्यतया बादल छाए रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के लिए मौसम पूर्वानुमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है। आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। दिल्ली में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि आने वाले पांच दिनों में बारिश की संभावना है।
बिहार में आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बाकी जिलों के कुछ स्थानों पर भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं बीते 24 घंटों में पटना समसतीपुर समेत कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। बिहार के चार जिलों के कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया में भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। खासकर किसानों को चेतावनी जारी की गई है।
इन राज्यों में हो सकती है झमाझम बारिश
अगले 24 घंटों के दौरान, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और असम और मेघालय में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। इन राज्यों के अलावा, विदर्भ, गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की बारिश हो सकती है।

भीड़ आई तो भाग खड़ी हुई बंगाल पुलिस, सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को खूब सुनाया

21-Aug-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पातल में हुए रेप कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को लताड़ लगाई। शीर्ष न्यायालय ने महिला डॉक्टरों की सुरक्षा कथित तौर पर न कर पाने पर बंगाल पुलिस पर भी सवालिया निशान लगाए। कोर्ट ने पूछा कि आखिर पुलिस भाग कैसे गई? 9 अगस्त को सेमीनार हॉल में डॉक्टर का शव मिला था, जिसकी बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।
मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा ने सुओ मोटो केस पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने अस्पताल की सुरक्षा सीआईएसएफ के हाथों में सौंपी है। खबर है कि डॉक्टरों ने पुलिस की तरफ से कथित तौर पर ऐक्शन नहीं लिए जाने पर शिकायत की थी, जिसकी समीक्षा के बाद शीर्ष अदालत ने केंद्रीय बल को कमान सौंपने का फैसला किया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि पश्चिम बंगाल सरकार को ऐसी स्थिति बनने की संभावनाओं की जानकारी न हो। उन्होंने राज्य से सवाल किया है कि भीड़ का सामना होने पर पुलिस भाग कैसे गई। कोर्ट ने पूछा, '37 गिरफ्तार किए गए थे और उनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई थी। ऐसा नहीं हो सकता कि पश्चिम बंगाल सरकार को जानकारी न हो कि कुछ तत्व अशांति फैला सकते हैं।'
कोर्ट ने कहा, 'महिला डॉक्टरों को नाम से बुलाया जा रहा था और धमकी दी जा रही थी कि उनका हाल भी मृतका जैसा ही होगा। पुलिस कैसे भाग खड़ी हुई? हमारे पास आई यह कोई सामान्य शिकायत नहीं है। पुलिस क्या कर रही है?' कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए एक नेशनल टास्क फोर्स गठित करने का फैसला भी किया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि महिला डॉक्टरों को भीड़ ने धमकाया भी था। महिला डॉक्टरों का पक्ष रख रहीं वकील ने कहा, 'महिला डॉक्टरों के माता-पिता उन्हें नहीं भेज रहे हैं, क्योंकि वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। डॉक्टरों ने भी बताया है कि पुलिस महिलाओं के चेंजिंग रूम में थी। वहां डॉक्टरों की स्थिति समझने के लिए प्लीज सीलबंद लिफाफा देखें।'

कोलकाता में डॉक्टर्स का बड़ा मार्च, सीबीआई दफ्तर से स्वास्थ्य भवन तक प्रोटेस्ट

21-Aug-2024
कोलकाता। ( शोर संदेश )   कोलकाता कांड के 13 दिन हो गए हैं. अस्पताल में डॉक्टर बेटी से दरिंदगी को लेकर इंसाफ का अब भी इंतजार है. देशभर के डॉक्टर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इस बीच, बुधवार को डॉक्टर्स का बड़ा मार्च निकाला जा रहा है. इस मार्च में आरजी कर अस्पताल से जुड़े 250 डॉक्टर्स हिस्सा लेने पहुंचे हैं. अन्य संगठनों ने भी पैदल मार्च को समर्थन दिया है. ये मार्च सीबीआई दफ्तर से स्वास्थ्य भवन तक निकाला जाएगा. एक दिन पहले मंगलवार को भी डॉक्टर्स ने स्वास्थ्य भवन तक मार्च निकाला था. आज पूर्व क्रिकेटर सौरभ गांगुली भी अपनी पत्नी डोना गांगुली के साथ इंसाफ के लिए कोलकाता में मार्च करने वाले हैं. 
दरअसल, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 9 अगस्त की रात 31 साल की महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद हुआ था. महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या की गई थी. इस वारदात के आज 13 दिन बीत गए हैं. कोलकाता से लेकर दिल्ली तक सियासत हो रही है. मामले में पहले पुलिस ने जांच की और आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर जेल भेजा. अब 7 दिन से सीबीआई की जांच जारी है. कोलकाता की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं. 
- बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टर और अन्य संगठन एक बार फिर कोलकाता की सड़कों पर उतरे. इन लोगों के हाथों में इंसाफ की मांग को लेकर तख्तियां हैं और नारेबाजी की जा रही है. प्रदर्शनकारी डॉक्टर सीबीआई दफ्तर से स्वास्थ्य भवन तक मार्च निकाल रहे हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि ये प्रोटेस्ट तब तक जारी रहेगा, जब तक बेटी को न्याय नहीं मिल जाएगा और दोषी को सजा नहीं हो जाएगी. हमारी प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है.
- आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ और हमले की घटना से भी डॉक्टर्स में भारी नाराजगी है. अस्पताल की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपी गई है. बुधवार को सीीआईएसएफ के डीआईजी आरजी कर अस्पताल पहुंचे और सुरक्षा का जायजा लिया.
- वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मामले की जांच में शामिल पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग की है. चौधरी का कहना है कि पुलिस आयुक्त और अन्य आधिकारिक व्यक्तियों का पॉलीग्राफ, नार्को टेस्ट किया जाना चाहिए जो आरजी कर हत्या मामले की जांच से जुड़े हैं. सिर्फ संदीप घोष और संजय रॉय इस मामले में पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए पर्याप्त नहीं हैं बल्कि इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं. जिन लोगों ने जांच में अहम भूमिका निभाई, उनका पॉलीग्राफी जरूर किया जाना चाहिए. क्योंकि उन्होंने मामले को बदलने की कोशिश की और भ्रमित भी हुए.
- चौधरी का कहना है कि बंगाल की सीएम एक महिला हैं वो क्यों नहीं डॉक्टर से जाकर बात कर रही हैं? टीएमसी वाले सिर्फ बयानबाजी करते हैं. ममता सिर्फ अपने अहंकार के चक्कर में डॉक्टरों से बात नहीं कर रही हैं. ममता बंगाल के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं.
- पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के कल के फैसले से पता चलता है कि कोर्ट को ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल सरकार पर भरोसा नहीं है और पुलिस आयुक्त को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए. राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व की सरकार में एक के बाद एक महिलाओं पर हमले हो रहे हैं. इससे पता चलता है कि ममता बनर्जी का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं है, इसलिए हमारी मांग है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. हम 5 सितंबर तक विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं.

भारत बंद के समर्थन में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धरना

21-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  एसटी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आहूत भारत बंद का झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और उसके सहयोगी दलों ने समर्थन किया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद राजधानी रांची में बंद के समर्थन में धरना देंगे. झामुमो नेता डोरंडा के आंबेडकर चौक पर धरना देंगे. उनके साथ पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे.
झारखंड में बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. रांची में झामुमो समर्थकों ने सड़क पर उतरकर दुकानों और बाजारों को बंद करवा दिया. दलादिली के पास सड़क पर बांस-बल्ली लगाकर बंद समर्थकों ने बैरिकेडिंग कर दी. इससे इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया. लोग बेहद परेशान दिखे. कोकर चौक पर भी बंद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. कांके ब्लॉक चौक के पास भी सड़क जाम किया गया.
हजारीबाग के बड़कागांव मुख्य चौक को किया जाम
हजारीबाग जिले के बड़कागांव में एसटी-एससी ओबीसी आरक्षण पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बड़कागांव मुख्य चौक को बंद समर्थकों ने जाम कर दिया. सुबह से ही ये लोग भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतर गए और बाजारों एवं दुकानों को जबरन बंद करवाया. कोडरमा जिले में भी बंद का असर देखा गया. सड़क पर उतरकर एसटी-एससी और ओबीसी ने सड़कों पर वाहनों का आवागमन ठप कर दिया.

पलामू और खूंटी जिले में भी भारत बंद का व्यापक असर देखा गया. मेदिनीनगर शहर में बंद असरदार रहा, तो पलामू के ग्रामीण इलाकों में बंद का मिलाजुला असर रहा. वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा. कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. उधर, खूंटी जिले में झामुमो कार्यकर्ताओ ने घूम-घूमकर बंद को सफल बनाया. खूंटी शहर के भगत सिंह चौक को जाम कर दिया गया.
गिरिडीह जिले में सुबह से ही झामुमो समर्थक सड़क पर आ गए. उन्होंने जमकर नारेबाजी की. घूम-घूमककर दुकानों और बाजारों को बंद करवाया. आज भारत बंद रहेगा, आज झारखंड बंद रहेगा के नारे भी लगाए. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला वापस ले.

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, स्कूल-दफ्तर जाने के लिए घर से नहीं निकल पा रहे लोग

20-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं. वहीं कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है. जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया है. बारिश के चलते स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. मौसम विभाग की मानें तो आज दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. बारिश का ये दौर बुधवार और गुरुवार को भी जारी रह सकता है. इससे पहले सोमवार को भी राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई.
पिछले सप्ताह उमस भरी गर्मी ने किया परेशान
वहीं दिल्ली एनसीआर में पिछले सप्ताह के मध्य में बारिश न होने की वजह से उमस भरी गर्मी ने लोगों को खूब परेशान किया. लेकिन रविवार को एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया और कई इलाकों में हल्की बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया. हालांकि सोमवार को भी दिल्ली का तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा.
इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ इलाकों में बुधवार और गुरुवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. जिसके चलते न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तो अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.
कई इलाकों में जलभराव, लगा जाम
दिल्ली में सुबह-सुबह हुई बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव हो गया. जिसके चलते लोगों को आने जाने में परेशानी होने लगी. कुछ इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिल रहा है, जिसके चलते ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस दौरान आईटीओ के पास भी जल भराव हो गया. जिसके चलते कई बाइक सवार पुल के नीचे भरे पानी में फंस गए और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं.
दिल्ली में रविवार तक होगी बारिश
मौसम विभाग की मानें तो राजधानी दिल्ली में आज दिनभर रुक-रुककर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. इसके साथ ही दिल्ली से सटे नोएडा में भी जमकर बारिश होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, 25 अगस्त यानी रविवार तक हर दिन बारिश का दौर देखने को मिलेगा. जबकि 21-22 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं 23 से 25 अगस्त तक बादल छाए रहेंगे और इस दौरान रुक-रुक कर बारिश भी हो सकती है.
 

नौकरशाही में लेटरल एंट्री वाली भर्ती का विज्ञापन रद्द, आरक्षण पर विवाद के बाद मोदी सरकार पीछे हटी

20-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  देश की शीर्ष नौकरशाही में 45 पदों पर लेटरल एंट्री से भर्ती वाले विज्ञापन को मोदी सरकार ने रद्द कर दिया है। विपक्ष की ओर से इस भर्ती पर सवाल उठाए गए थे और इसे आरक्षण खत्म करने की कोशिश बताया था। इसके बाद ही मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है। कार्मिक विभाग के मंत्री जितेंद्र सिंह ने यूपीएससी की चेयरमैन प्रीति सुदन को पत्र लिखकर यह भर्ती रद्द करने को कहा है। इस पत्र में जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र का दृढ़ निश्चय है कि संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के तहत ही लेटरल एंट्री वाली भर्ती भी होनी चाहिए। खासतौर पर देश में आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मानना है कि सार्वजनिक नौकरियों में सामाजिक न्याय सरकार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। इस आरक्षण का उद्देश्य इतिहास में हुए अन्याय का उन्मूलन और समाज में समावेश और समरसता को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि लेटरल एंट्री वाले पदों को विशेषज्ञता वाला माना जाता है। ये सिंगल काडर पोस्ट होती हैं, इसलिए अब तक इनमें आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं था। इसलिए इसकी समीक्षा किए जाने की जरूरत है और फिर सुधार किया जाए। इसलिए मैं यूपीएससी से कहूंगा कि वह 17 अगस्त को जारी लेटरल एंट्री वाले विज्ञापन को रद्द कर दे। ऐसा करना सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण के लिहाज से बेहतर होगा।
मंत्री बोले- लेटरल एंट्री का प्रस्ताव लाई तो यूपीए सरकार ही थी
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में विपक्ष पर निशाना भी साधा और कहा कि लेटरल एंट्री का कॉन्सेप्ट ही 2005 में यूपीए सरकार में आया था। जितेंद्र सिंह ने लिखा, ‘यह सभी जानते हैं कि सैद्धांतिक तौर पर 2005 में लेटरल एंट्री का प्रस्ताव आया था। तब वीरप्पा मोइली के नेतृत्व में एक प्रशासनिक सुधार आयोग बना था, जिसमें ऐसी सिफारिशें की गई थीं। इसके बाद 2013 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें भी इसी दिशा में थीं। हालांकि उससे पहले और बाद में भी लेटरल एंट्री के कई मामले सामने आए थे।’
सोनिया की सलाहकार परिषद पर भी उठाए सवाल
उन्होंने यूपीए सरकार के राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में रखे गए लोगों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले लेटरल एंट्री के जरिए अपने पसंदीदा लोगों को रखा जाता था। वहीं हमारी सरकार ने इसे संस्थागत और पारदर्शी तरीके से करने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि यूपीए सरकार में सलाहकार परिषद की मुखिया खुद सोनिया गांधी थीं और उसमें हर्ष मंदर, फराह नकवी जैसे कई लोग सदस्य के तौर पर शामिल थे।

यूसीसी पर एनडीए में फूट, पीएम मोदी के बयान पर क्या बोली जेडीयू और टीडीपी?

17-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की 78वीं सालगिरह पर लाल किले से अपने भाषण में समान नागरिक संहिता का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है कि जिस नागरिक संहिता को लेकर हम लोग जी रहे हैं, वह सचमुच में साम्प्रदायिक और भेदभाव करने वाली संहिता है। मैं चाहता हूं कि इस पर देश में गंभीर चर्चा हो और हर कोई अपने विचार लेकर आए।
यूसीसी मुद्दे पर एनडीए के सहयोगी दल एकमत नहीं
वहीं, इस मुद्दे पुर अब एनडीए के ही सहयोगी दल एकमत नहीं है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी का बयान सामने आया है। पार्टी ने कहा कि वह अपने रुख को अंतिम रूप देने से पहले इसका मसौदा सामने आने का इंतजार करेगी। वहीं, उसकी दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा कि पार्टी ऐसे किसी भी सुधार का समर्थन करती है।
यूसीसी पर टीडीपी ने क्या कहा?
जदयू के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि धार्मिक समूहों और राज्यों सहित सभी हितधारकों से बात करके आम सहमति बनाने के बाद ही इस पर जोर दिया जाना चाहिए। तेदेपा संसदीय दल के प्रमुख लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि उनकी पार्टी यूसीसी पर अपना रुख स्पष्ट करने से पहले समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रस्ताव के मसौदे का इंतजार करेगी।
यूसीसी पर मसौदे का इंतजार करेगी पार्टी: चिराग पासवान
पार्टी की एक अन्य सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी इस बारे में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाल ही में देश भर में सांस्कृतिक, भाषाई और क्षेत्रीय विविधताओं को रेखांकित करते हुए आश्चर्य जताया था कि सभी को एक छतरी के नीचे कैसे लाया जा सकता है। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कोई रुख अपनाने से पहले समान नागरिक संहिता पर मसौदे का इंतजार करेगी।
जदयू ने क्या कहा?
त्यागी ने अपनी बात रखने के लिए जद(यू) अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2017 में विधि आयोग को दी गई जानकारी का हवाला दिया। मालूम हो कि नीतीश कुमार ने कहा था कि विभिन्न धार्मिक समूहों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की सहमति प्राप्त किए बिना समान नागरिक संहिता लागू करने का कोई भी प्रयास सामाजिक टकराव का कारण बन सकता है और धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी में विश्वास का क्षरण हो सकता है।
एक राष्ट्र, एक चुनाव पर एकमत
वहीं, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के प्रस्ताव पर राजग के सहयोगी दल एकमत दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की पुरजोर वकालत की थी। त्यागी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर भाजपा से पूरी तरह सहमत है। जद (यू) और लोजपा (रामविलास) दोनों ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति के समक्ष 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा को अपना समर्थन दिया था।

‘ग्लोबल साउथ’ खाद्य, ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रहा : प्रधानमंत्री मोदी

17-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विकासशील देशों में, विशेषकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की.  पीएम मोदी ने तीसरे ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' सम्मेलन में अपने शुरुआती भाषण में इसमें भाग ले रहे देशों को डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षेत्र समेत विभिन्न अहम क्षेत्रों में पूर्ण समर्थन देने की भारत की अटूट प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया. भारत ने डिजिटल रूप से इस सम्मेलन की मेजबानी की है.
युद्ध की स्थिति ने विकास यात्रा के सामने कई चुनौतियां
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, "आज हम ऐसे वक्त में बैठक कर रहे हैं, जब चारों ओर अनिश्चितता का माहौल है. दुनिया अब भी पूरी तरह से कोविड-19 के प्रभाव से बाहर नहीं आई है. दूसरी ओर, युद्ध की स्थिति ने हमारी विकास यात्रा के लिए चुनौतियां पैदा कर दी है." उन्होंने कहा, "हम न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि अब स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं हैं."
आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की चुनौतियां
पीएम मोदी ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं. प्रौद्योगिकी विभाजन और प्रौद्योगिकी से जुड़ी नयी आर्थिक व सामाजिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं. पिछली शताब्दी में स्थापित वैश्विक शासन और वित्तीय संस्थान वर्तमान शताब्दी की चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ हैं."
ग्लोबल साउथ की ताकत उसकी एकता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' सम्मेलन विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का एक मंच बन गया है. उन्होंने कहा कि जी20 के भारत के नेतृत्व में हमने ‘ग्लोबल साउथ' की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं व प्राथमिकताओं के आधार पर एजेंडा बनाया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने विकासोन्मुखी दृष्टिकोण से जी20 को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा, "ग्लोबल साउथ की ताकत उसकी एकता में है. इसी एकता के बल पर हम नयी दिशा की ओर बढ़ेंगे." उन्होंने कहा, "वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जहां हम उन लोगों की जरूरतों, आकांक्षाओं को आवाज देते हैं, जिन्हें अभी तक अनसुना किया गया है."
क्या है ग्लोबल साउथ?
ग्लोबल साउथ 100 से ज्यादा देशों का समूह है. दरअसल, दुनिया को आर्थिक और सामाजिक आधार पर दुनिया को 2 हिस्सों में बंटा माना जाता है, पहला- ग्लोबल नॉर्थ और दूसरा, ग्लोबल साउथ. ग्लोबल नार्थ में दुलिया के ज्यादातर विकसित और औधोगिक विकास वाले देश हैं. जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, जापान आदि. वहीं ग्लोबल साउथ में आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर कम विकसित देश हैं, जिनमें एशिया और अफ्रीका के देश आते हैं.   


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