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कर्नाटक के विजयपुरा जिले में भूकंप से दहशत, दो महीने में 11 झटके

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले दो महीनों में 11 झटके दर्ज किए गए हैं। मंगलवार रात 11:41 बजे के बाद बुधवार सुबह भी करीब 5:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोनों बार कंपन के बाद लोग घरों से बाहर भागे। कई इलाकों में सीसीटीवी कैमरों ने भूकंप के दौरान का पूरा दृश्य कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही झटके लगे, दीवारे और सड़कों पर खड़े वाहन हिलने लगे और कुत्ते जोर-जोर से भौंकने व चीखने लगे।
भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 दर्ज की गई
भूकंप के केंद्र के बाहर रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तीव्रता मध्यम स्तर की है, लेकिन बार-बार आने से खतरा बढ़ रहा है। अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोग सहमे हुए हैं।
डर के मारे कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने को मजबूर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में सोते वक्त अचानक बिस्तर हिलता है तो दिल बैठ जाता है। बच्चे रोने लगते हैं और बुजुर्ग घबरा जाते हैं। कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने लगे हैं। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में भी बच्चों में डर दिख रहा है।
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। वे भूकंप के कारणों का पता लगा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह इलाका भूकंपीय रूप से सक्रिय जोन में नहीं है, फिर भी इतने झटके चिंता की बात हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। लोगों से कहा गया है कि पुरानी इमारतों में न रहें और भूकंप आने पर टेबल के नीचे छिपें। अभी तक राहत शिविर नहीं लगाए गए, लेकिन जरूरत पड़ी तो तुरंत व्यवस्था की जाएगी। लगातार भूकंपों ने विजयपुरा को दहशत में डाल दिया है। जांच जारी है, जल्द ही पूरी रिपोर्ट आएगी।

कांकेर में 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, अमित शाह बोले — 2026 तक नक्सलवाद का होगा अंत

27-Oct-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद उनकी प्रशंसा की। उन्होंने अभी भी हथियार थामने वाले माओवादियों से जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील भी की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 13 वरिष्ठ कार्यकर्ता थे।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा का त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं। मैं उन बाकी लोगों से, जो अभी भी बंदूक थामे हुए हैं, अपनी अपील दोहराता हूं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें।”
अमित शाह ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”कांकेर जिले में रविवार को 21 माओवादी कैडरों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। यह कदम “पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत किया गया।इन 21 कैडरों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर हैं। इस समूह में डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं।
इन कैडरों के पास से 18 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें तीन एके-47 रायफलें, चार एसएलआर रायफलें, दो इंसास रायफलें, छह .303 रायफलें, दो सिंगल शॉट रायफलें और एक बीजीएल हथियार शामिल हैं।करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था। 





 

प्रधानमंत्री मोदी बोले – स्वच्छता, संस्कृति और आत्मनिर्भरता ही भारत की नई पहचान

27-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने त्योहारी सीजन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और देश के युवा नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश में दीपावली और छठ पूजा के उत्साह का माहौल है। उन्होंने अपने पत्रों के जवाब में आए संदेशों का जिक्र करते हुए बताया कि देशवासियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और जीएसटी बचत उत्सव को लेकर उत्साह दिखाया। उन्होंने घरेलू उत्पादों की खरीद और खाद्य तेल की खपत में कमी के लिए लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रेरक उदाहरण साझा किए। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाले ‘गार्बेज कैफे’ शुरू किए गए हैं। वहीं, बेंगलुरु में इंजीनियर कपिल शर्मा और उनकी टीम ने 40 कुओं और 6 झीलों का जीर्णोद्धार किया और वृक्षारोपण अभियान में स्थानीय लोगों और कॉर्पोरेट्स को भी शामिल किया। गुजरात में धोलेरा और कच्छ में मैंग्रोव वृक्षारोपण अभियान की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इन वृक्षों के कारण समुद्री पारिस्थितिकी में सुधार हुआ है, डॉल्फिन, क्रैब और प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय कुत्तों की नस्लों, उनके प्रशिक्षण और सुरक्षा बलों में उनकी भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने बीएसएफ और सीआरपीएफ द्वारा देशी कुत्तों को प्रशिक्षित करने और उनके नामों में भारतीयता बनाए रखने की प्रशंसा की। इसके अलावा, उन्होंने 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय कॉफी, विशेषकर ओडिशा की कोरापुट कॉफी और देश के अन्य हिस्सों में कॉफी की विविधता और उसके लाभ पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की कॉफी अब विश्व स्तर पर पहचान बना रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष और इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ मातृभूमि के प्रति हमारे कर्तव्यों और देशभक्ति की भावना जगाता है। उन्होंने देशवासियों से इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सुझाव भेजने का अनुरोध किया।
साथ ही, उन्होंने संस्कृत भाषा और युवा पीढ़ी द्वारा संस्कृत में किए जा रहे रोचक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाषा किसी सभ्यता के मूल्यों और परंपराओं का वाहक होती है और युवा इसे पुनर्जीवित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आदिवासी नायकों, कोमराम भीम और भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनसे सीख लेने और उनके जीवन और कार्यों को जानने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को अपने आस-पास के प्रेरक व्यक्तियों और समूहों के बारे में बताने का मौका मिलता है। उन्होंने सभी से ऐसे संदेश भेजने का अनुरोध किया और अगले महीने फिर नए विषयों के साथ ‘मन की बात’ में मिलने का वादा किया।

पीएम मोदी ने समस्तीपुर जिले से चुनाव अभियान की शुरुआत की

25-Oct-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के समस्तीपुर से अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’। ”
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। इन चुनावों में एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त होगा।
पीएम मोदी ने कहा, “राजद और कांग्रेस वाले क्या कह रहे हैं और क्या कह रहे हैं ये आपको मुझसे ज्यादा पता है। आपको याद दिलाने की जरूरत नहीं है। ये लोग हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में जमानत पर चल रहे हैं। कोई चोरी के मामले में जमानत पर है, अब चोरी की आदत इनकी ऐसी है कि ये ‘जननायक’ की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का ये अपमान कभी नहीं सहेंगे।”
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इन चुनावों में बिहार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’।”
उन्होंने कहा कि इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मैया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं, समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है- ‘नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार।’
पीएम मोदी ने कहा, “आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। यहां आने से पहले मैं कर्पूरी ग्राम गया था, वहां मुझे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करने का अवसर मिला। ये उनका ही आशीर्वाद है कि आज हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं। आजाद भारत के सामाजिक न्याय लाने में, गरीब और वंचितों को नए अवसरों से जोड़ने में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला। ये हमारे लिए सम्मान की बात है। हमारी सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को प्रेरणापुंज मानती है। वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीब की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर के दिखाए सामाजिक न्याय के रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने गरीबों, दलितों, महादलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है। हमारी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। भाजपा एनडीए ने ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को भी 10 साल के लिए और आगे बढ़ाया। डॉक्टर की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय कोटे में पहले पिछड़ों को, गरीबों को आरक्षण नहीं था। ये संविधान लेकर जो गुमराह करते हैं तब ये हक नहीं मिलता था। एनडीए सरकार ने ही ये प्रावधान किया। हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। अब गरीब का बेटा अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकता है।”
 

पीएम मोदी का छठ पूजा संदेश — देशवासियों से पर्व की भव्यता बढ़ाने वाले गीत साझा करने का आग्रह

24-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व छठ पूजा के आगमन पर देशवासियों से उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह महापर्व जल्द ही शुरू होने वाला है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु इस पर्व की तैयारियों में भक्ति-भाव से जुटे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छठ पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पर्व के गीत इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे छठ पूजा से जुड़े अपने पसंदीदा गीत उनके साथ साझा करें।
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि वे अगले कुछ दिनों तक इन गीतों को देशवासियों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे, ताकि इस पर्व का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश में फैले। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रकृति और संस्कृति को समर्पित महापर्व छठ आने वाला है। बिहार सहित देशभर में इसकी तैयारियों में श्रद्धालु पूरे भक्ति-भाव से जुट चुके हैं। छठी मइया के गीत इस पावन अवसर की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाने वाले होते हैं। आपसे आग्रह है कि आप भी छठ पूजा से जुड़े गीत मेरे साथ शेयर करें। मैं अगले कुछ दिनों तक इन्हें सभी देशवासियों के साथ साझा करूंगा।”
छठ पूजा, जो मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान शामिल हैं।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु घाटों पर एकत्र होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान छठी मइया के गीतों की गूंज वातावरण को और भी पवित्र बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान से देशभर के लोग छठ पूजा के गीतों को साझा करने के लिए उत्साहित हैं। 

भारत में पहला ऑस्ट्रेलियाई नेशंस बिजनेस मिशन, माइनिंग पार्टनरशिप को मिलेगा नया आयाम

24-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच माइनिंग पार्टनरशिप को मजबूत करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया इस महीने भारत में अपना पहला नेशंस बिजनेस मिशन लीड करने जा रहा है। इस अवसर पर पार्टनरशिप के मौकों को तलाशने के लिए आठ ऑस्ट्रेलियाई माइनिंग इक्विपमेंट, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज कंपनियां (एमईटीएस) 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता का दौरा करेंगी।
डेलिगेशन पहले 26 से 28 अक्टूबर तक मुंबई उसके बाद 28 से 30 अक्टूबर दिल्ली और इसके बाद 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कोलकाता के दौरे पर रहेगा। इस दौरान भारत के सबसे बड़े माइनिंग कॉन्फ्रेंस इंटरनेशनल माइनिंग, इक्विपमेंट एंड मिनरल्स एग्जीबिशन में अपनी विशेषज्ञता और इनोवेशन का प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “दुनिया भर में स्वदेशी अधिकारों को आगे बढ़ाने और फर्स्ट नेशंस ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने में मदद करने की हमारी कोशिशों के तहत, ऑस्ट्रेलिया भारतीय अर्थव्यवस्था से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस इंडस्ट्रीज के लिए एक बहुत अवसर पेश करता है। चाहे यह अवसर एग्रीफूड और नेटिव बोटैनिकल,कला, डिजाइन का निर्यात हो या साइबर, क्लीन एनर्जी या माइनिंग सॉल्यूशन डेवलप करना हो। ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस ऐतिहासिक बिजनेस मिशन को सपोर्ट करने पर गर्व महसूस करती है।
ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोग धरती की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक हैं, जो 65,000 साल से भी अधिक पुरानी है। इनकी पहचान ऑस्ट्रेलिया के पहले डिप्लोमैट, ट्रेडर, इनोवेटर और ज्ञान रखने वालों के रूप में होती है।
इस डेलिगेशन को पर्थ यूएसएशिया सेंटर और चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से लीड किया जा रहा है। जो कि डीजल माइनिंग गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने से लेकर फ्यूल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए केमिकल बनाने, सेफ्टी, इंडस्ट्रियल गैस, इंजीनियरिंग और टेक्निकल सर्विसेज जैसे कई सेक्टरों में ऑस्ट्रेलियाई क्षमताओं का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।








 

पीएम मोदी ने दी गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं, बोले— नया साल लाए सुख, शांति और समृद्धि

22-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने बुधवार को गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ”नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी हार्दिक कामना है कि आज से शुरू हो रहा नव वर्ष आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उल्लास लेकर आए। गुजरात की इस उपजाऊ धरती के मेहनती लोग और समृद्ध संस्कृति और भी जीवंत हो, यही मेरी हृदय की गहराइयों से प्रार्थना है। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।” https://x.com/narendramodi/status/1980817578516967784 वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”सभी गुजराती भाइयों और बहनों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह नववर्ष आप सभी के लिए दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अपार सुख-समृद्धि लेकर आए।” 
केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने एक्स पोस्ट में लिखा ”गुजरात के सभी भाइयों और बहनों को नूतन वर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएं। गुजरात की कर्मभूमि ने सदैव राष्ट्र को प्रेरणा, परिश्रम और प्रगति का संदेश दिया है – उसी भावना के साथ आइए, इस नववर्ष को नए संकल्प और नवतेज के साथ आरंभ करें। नए वर्ष का यह शुभारंभ सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और उत्कर्ष की किरणें लेकर आए, ऐसी कामना है। शुभ नूतन वर्ष।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”आप सभी को गुजराती नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नए वर्ष का यह शुभ अवसर गुजरात की जीवंत संस्कृति, कर्मनिष्ठा और उद्यमशीलता की प्रेरणा का उत्सव है। आइए, इस नवप्रभात का स्वागत नई ऊर्जा, नव-संकल्प और उत्कर्ष की भावना के साथ करें। यह नववर्ष सभी के जीवन में आरोग्य, आनंद, समृद्धि और अपार सफलता लेकर आए, यही मंगलकामना है।” (इनपुट-एजेंसी) 

पीएम मोदी ने गोवा और करवार में INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ मनाई दीपावली

20-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को दीपावली का त्योहार भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाया। इस बार पीएम मोदी गोवा और करवार तट के पास स्थित भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर पहुंचे। उन्होंने नौसैनिक अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत की और कहा कि उन्हें नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने का सौभाग्य मिला। पीएम मोदी ने कहा, “आज एक तरफ मेरे सामने अनंत आकाश और समुद्र हैं, और दूसरी तरफ यह विशाल INS विक्रांत, जो अनंत शक्ति का प्रतीक है। महासागर पर सूर्य की किरणों की चमक उन दीपकों जैसी है, जो बहादुर सैनिकों ने जलाए हैं।”
INS विक्रांत 262 मीटर लंबा और लगभग 45,000 टन का भारी है। यह अपने पूर्ववर्ती जहाज से अधिक बड़ा और उन्नत है। इसे चार गैस टरबाइन से संचालित किया जाता है, जो कुल 88 मेगावाट शक्ति प्रदान करती हैं, और इसकी अधिकतम गति 28 नॉट्स है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपए रही। इसे तीन चरणों -मई 2007, दिसंबर 2014 और अक्टूबर 2019 में विकसित किया गया।
INS विक्रांत में 76 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह “आत्मनिर्भर भारत” और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का सफल उदाहरण है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर में मशीनरी संचालन, नेविगेशन और सुरक्षा के लिए उच्च स्तर का ऑटोमेशन है। इसे 30 विमान संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें MiG-29K लड़ाकू विमान, Kamov-31 और MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, साथ ही स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकाॅप्टर्स और लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट (नेवी) शामिल हैं। INS विक्रांत की डिलीवरी के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी रूप से एयरक्राफ्ट कैरियर डिजाइन और बना सकते हैं।
पीएम मोदी ने पिछले साल दीपावली कच्छ में भारत-पाक सीमा के पास सशस्त्र बलों के साथ मनाई थी। दीपावली पांच दिन का त्योहार है, जो धनतेरस से शुरू होता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली), मुख्य दीपावली दिवस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आता है। इस दौरान लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और भाई दूज पर भाई-बहन एक-दूसरे को आशीर्वाद और उपहार देते हैं। इस बार INS विक्रांत पर दीपावली का आयोजन भारत की सुरक्षा, नौसेना की शक्ति और आत्मनिर्भर भारत के महत्व को दर्शाता है।

मुंबई : रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने संभाली महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान

18-Oct-2025
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने शुक्रवार को महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र (फोमा) की कमान संभाल ली। उन्होंने यह जिम्मेदारी रियर एडमिरल अनिल जग्गी से एक औपचारिक परेड समारोह में ग्रहण की, जो मुंबई स्थित आईएनएस कुंजली में आयोजित किया गया। 
रियर एडमिरल शांतनु झा का नौसेना में शानदार करियर तीन दशकों से अधिक का रहा है। उन्हें 1 जुलाई 1993 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के स्नातक शांतनु झा नौवहन और दिशा निर्देशन के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान नौसेना की छह प्रमुख फ्रिगेट्स और डेस्ट्रॉयर्स, साथ ही विमानवाहक पोत आईएनएस विराट को भी नेविगेट किया है।
उन्होंने प्रतिष्ठित आईएनएस विक्रमादित्य पर बतौर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भी सेवा दी है। समुद्र में उनके कमांड अनुभव में आईएनएस निशांक, आईएनएस कोरा और आईएनएस सह्याद्री जैसे जहाजों की कमान शामिल है। स्टाफ असाइनमेंट्स के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में नौसेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इनमें ज्वाइंट डायरेक्टर (पर्सनल), नेवल असिस्टेंट टू वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, कमोडोर (फॉरेन कोऑपरेशन) तथा कमोडोर (स्ट्रैटेजी, कॉन्सेप्ट्स एंड ट्रांसफॉर्मेशन) जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने तेहरान (ईरान) स्थित भारतीय दूतावास में भारत के नौसेना अताशे के रूप में भी सेवाएं दीं।
रियर एडमिरल झा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन के स्नातक हैं। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में और किंग्स कॉलेज, लंदन से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति में मास्टर डिग्री हासिल की है। अपने शानदार करियर के दौरान उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। वे प्रतिष्ठित ‘नौसेना पदक’ से सम्मानित हैं और उन्हें नौसेना प्रमुख तथा कमांडर-इन-चीफ द्वारा चार बार प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है।
15 जनवरी 2024 को फ्लैग रैंक पर पदोन्नत होने के बाद रियर एडमिरल झा को पूर्वी नौसैनिक कमान में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशंस) के रूप में नियुक्त किया गया था। वहां अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान संभाली है।
 

2014 से पहले ‘नाजुक पांच’ में था भारत, अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में : पीएम मोदी

18-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025’ में मुख्य भाषण दिया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अटूट गति और तेजी से विकसित हो रहे विश्व में आशा की किरण के रूप में उसकी भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनडीटीवी वर्ल्ड समिट उत्सव के माहौल में आयोजित हो रहा है। उन्होंने सत्र के विषय “अजेय भारत” की सराहना की और कहा कि यह बिल्कुल उपयुक्त है, क्योंकि आज भारत रुकने के मूड में नहीं है। भारत न रुकेगा, न थमेगा, 140 करोड़ भारतीय एक साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विविध बाधाओं और गतिरोधकों का सामना कर रहे विश्व में अजेय भारत पर चर्चा स्वाभाविक और सामयिक दोनों है। उन्होंने इस विषय को ग्यारह वर्ष पूर्व और वर्तमान की स्थिति के संदर्भ में रखने का प्रयास किया। 2014 से पहले के दौर को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय ऐसे शिखर सम्मेलनों में होने वाली चर्चाओं की प्रकृति पर प्रकाश डाला। जैसे भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना कैसे करेगा, वह नाजुक पांच समूह से कैसे बाहर निकलेगा, देश कब तक नीतिगत निष्क्रियता में फंसा रहेगा और बड़े पैमाने पर घोटालों का दौर कब समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्यापक थीं और आतंकवादी स्लीपर सेल के अनियंत्रित प्रसार के बारे में खुलासे चर्चा में छाए रहते थे। महंगाई पर विलाप करने वाले गीत, जैसे कि ‘महंगाई डायन खाए जा रही है’ आम तौर पर सुने जाते थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में भारत ने हर शक को तोड़ा और हर चुनौती पर जीत हासिल की। भारत ‘कमजोर पांच देशों’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया। महंगाई 2 फीसदी से कम है, और विकास दर 7 फीसदी से ज्यादा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप्स से लेकर जहाज तक ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आत्मविश्वास हर क्षेत्र में दिखता है। अब भारत आतंकी हमलों पर चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ‘सिंदूर’ जैसे ऑपरेशनों के जरिए जवाब देता है।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के समय को याद करने को कहा, जब दुनिया जीवन-मृत्यु के संकट में थी। लोग सोच रहे थे कि इतनी बड़ी आबादी वाला भारत इस संकट से कैसे बचेगा। भारत ने सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। भारत ने तेजी से अपनी वैक्सीन बनाई, रिकॉर्ड समय में टीकाकरण किया और सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनकर उभरा।
उन्होंने कहा कि कोविड का असर खत्म होने से पहले ही दुनिया में कई जगह युद्ध की खबरें आने लगीं। फिर से भारत की प्रगति पर सवाल उठे। भारत ने एक बार फिर सभी आशंकाओं को गलत साबित किया और 7.8 फीसदी की औसत विकास दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहा। दो दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के माल निर्यात में पिछले साल की तुलना में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में गूगल ने भारत के एआई सेक्टर में 15 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की। इसके अलावा, हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में भी बड़े निवेश हो रहे हैं। भारत की आज की प्रगति दुनिया के लिए नए अवसर बना रही है। उन्होंने हाल ही में हुए ईएफटीए व्यापार समझौते का उदाहरण दिया, जिसमें यूरोपीय देशों ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी।
पीएम मोदी ने अपने करीबी दोस्त, यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के हाल के दौरे का जिक्र किया, जो अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक डेलीगेशन के साथ आए थे। यह दिखाता है कि दुनिया भारत में कितने बड़े अवसर देख रही है। उन्होंने बताया कि भारत का जी-7 देशों के साथ व्यापार 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, “दुनिया अब भारत को भरोसेमंद, जिम्मेदार और मजबूत साझेदार मानती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों, ऑटोमोबाइल और मोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की बाढ़ आ रही है, जिससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन रहा है।”
उन्होंने कहा कि समिट का विषय ‘एज ऑफ द अननोन’ दुनिया के लिए अनिश्चितता हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह अवसरों का द्वार है। सदियों से भारत ने अनजान रास्तों पर चलने का साहस दिखाया है। चाहे तकनीक, महामारी के दौरान वैक्सीन विकास, कुशल जनशक्ति, फिनटेक या हरित ऊर्जा हो, भारत ने हर जोखिम को सुधार में, सुधार को मजबूती में और मजबूती को क्रांति में बदला है।
पीएम ने हाल ही में आईएमएफ प्रमुख की टिप्पणी का जिक्र किया, जिन्होंने भारत के सुधारों की हिम्मत की तारीफ की।प्रधानमंत्री ने 60 वर्षों तक शासन करने वाली विपक्षी पार्टी की आलोचना की और कहा कि वह लगातार नीतियों और प्रक्रियाओं के नौकरशाहीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके विपरीत, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले ग्यारह वर्षों में उनकी सरकार ने नीतियों और प्रक्रियाओं, दोनों के लोकतंत्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है, जो एक अजेय भारत के उदय का एक महत्वपूर्ण कारक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अब एक ऐसी सरकार है, जो गरीबों और वंचितों की सेवा के लिए समर्पित है, पिछड़े समुदायों को प्राथमिकता दे रही है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख चर्चाओं में अक्सर ऐसे प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बीएसएनएल के हाल ही में लॉन्च किए गए मेड-इन-इंडिया 4जी स्टैक का हवाला दिया और इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत अब स्वदेशी रूप से विकसित 4जी स्टैक वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। बीएसएनएल, जो कभी विपक्ष द्वारा उपेक्षित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी थी, अब नए मुकाम हासिल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि 4जी स्टैक के लॉन्च के साथ ही बीएसएनएल ने उसी दिन लगभग एक लाख 4जी मोबाइल टावरों को सक्रिय किया। परिणामस्वरूप, दूरदराज के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोग, जो पहले हाईस्पीड इंटरनेट से अछूते थे, अब तीव्र इंटरनेट सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2014 से पहले, 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपए थी, जबकि अब इसकी कीमत केवल 10 रुपए है, जिससे प्रत्येक भारतीय को सालाना हजारों रुपए की बचत हो रही है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने बताया कि गरीब मरीजों ने 1.25 लाख करोड़ रुपए की बचत की है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर दवाइयां 80 प्रतिशत छूट पर उपलब्ध हैं, जिससे लगभग 40,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। इसके अतिरिक्त, स्टेंट की कम कीमतों से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सालाना 12,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।प्रधानमंत्री ने आयकर और जीएसटी दोनों में महत्वपूर्ण कटौती पर प्रकाश डाला और कहा कि इस वर्ष 12 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त कर दिया गया है।
 

 




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