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दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को होगा फायदा : शिवराज सिंह चौहान

17-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शुक्रवार को कहा कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को फायदा होगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ से जुड़ी एक उच्चस्तरीय बैठक की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक में इन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देश जारी किए।
कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार, बैठक में बताया गया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर जिलेवार क्लस्टर बनाकर काम किया जाएगा, जिसे लेकर राज्यों से क्लस्टर निर्माण के लिए सहयोग लिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए इस मिशन से जुड़े राज्यों से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ भी एक बैठक आयोजित करने का अधिकारियों को निर्देश दिया, जिससे कि मिशन को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
ज्ञात हो, बीते 11 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया था। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को देश के 100 आकांक्षी जिलों में कृषि उत्थान के लिए 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं को कॉर्डिनेट करते लॉन्च किया गया है।
इससे पहले 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी थी। वित्त वर्ष 2025-26 से ये योजनाएं छह वर्ष की अवधि के लिए चलाई जाएगी। इसका वार्षिक परिव्यय 24,000 करोड़ रुपए है। वहीं, ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ छह वर्षों की अवधि में 11,440 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ क्रियान्वित किया जाएगा।
इस मिशन से 2030-31 तक दलहन क्षेत्रफल को 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर तक विस्तृत करने, उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन तक बढ़ाने और उत्पादकता को 1130 किलोग्राम/हेक्टेयर तक बढ़ाने की उम्मीद है। उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ यह मिशन बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी करेगा।




 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों से कृषि ऋण वितरण बढ़ाने का आग्रह किया

17-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों को कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में बढ़ती क्रेडिट की मांग को पूरे करने के लिए अधिक लोन देने को कहा है। गुरुवार को बेल्लारी में कर्नाटक ग्रामीण बैंक (केएजीबी) के व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री ने लोन वृद्धि, एनपीए, वित्तीय समावेशन के तहत प्रदर्शन और सरकार प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन सहित प्रमुख संकेतकों का मूल्यांकन किया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सभी पक्षकारों को क्षेत्र में कृषि गतिविधियों की क्षमता का दोहन करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी निर्देश दिया। केएजीबी और केनरा बैंक को विशेष रूप से एमएसएमई और उससे जुड़े क्षेत्रों को लोन वितरण बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों को कम करने से खपत में वृद्धि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर खुले हैं। उन्होंने ग्रामीण बैंकों से आग्रह किया कि वे अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं। केंद्रीय मंत्री ने केएजीबी और प्रायोजक बैंक को पंचायत स्तर पर संबंधित समितियों के साथ मिलकर पीएम-विश्वकर्मा और पीएमएफएमई जैसी सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच प्रक्रिया में सुधार करने की सलाह दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने केएजीबी से आग्रह किया कि वह कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाए और जहां भी बैंकिंग आउटलेट्स की उपलब्धता अपर्याप्त है, वहां नई शाखाएं खोलकर अपनी उपस्थिति को बढ़ाए। केएजीबी को परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार, नई तकनीक अपनाने और ग्राहक सेवा वितरण को मजबूत करके परिचालन दक्षता बढ़ाने की भी सलाह दी गई।
वित्त मंत्रालय के सचिव, एम. नागराजू ने कहा कि विलय के बाद प्रणालियों और प्रक्रियाओं का एकीकरण पूरा हो गया है और ग्रामीण बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता और व्यवहार्यता के लिए केएजीबी की मध्यम अवधि की व्यावसायिक योजना और प्रायोजक बैंक द्वारा उसकी समीक्षा पर जोर दिया।नागराजू ने क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण और एमएसएमई की संभावनाओं का जिक्र किया और केएजीबी से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में किसानों द्वारा मूल्य सृजन के लिए नाबार्ड के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया।









 

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सलमुक्त, अमित शाह बोले- 2026 तक पूरे देश से खत्म होगा नक्सलवाद

16-Oct-2025
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जो कभी नक्सलवाद के सबसे बड़े गढ़ माने जाते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं। शाह ने यह भी विश्वास जताया कि वर्ष 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर खुशी जताते हुए लिखा, “यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर, जो कभी आतंकवादियों के गढ़ थे, आज नक्सली आतंक से मुक्त घोषित किए गए हैं। अब दक्षिणी बस्तर में नक्सलवाद का नामोनिशान बचा है, जिसे हमारे सुरक्षा बल जल्द ही मिटा देंगे।”
शाह ने बताया कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 477 नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिए तीन प्रमुख रणनीतियों-संवाद, सुरक्षा और समन्वय पर एक साथ काम किया है। शाह ने कहा, “आज हम इस नीति के परिणाम देख रहे हैं। पहले जो इलाके नक्सल हिंसा के प्रतीक थे, वे अब विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” इससे पहले 28 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘नक्सल मुक्त भारत’ सम्मेलन में भी अमित शाह ने कहा था, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारी नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का आधार धीरे-धीरे खत्म हो गया है।
शाह ने यह भी कहा कि अब ध्यान दक्षिण बस्तर जैसे बचे हुए इलाकों पर केंद्रित किया जा रहा है, जहां अंतिम चरण में नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के प्रयास चल रहे हैं।











 

पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 13,430 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

16-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  पीएम मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में लगभग ₹13,430 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। ये पहल बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रक्षा निर्माण, रेलवे और उद्योग सहित प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभाएंगी।
एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने अहोबिलम के भगवान नरसिंह स्वामी और महानंदी के महानंदीश्वर स्वामी के साथ-साथ क्षेत्र के पूज्य संतों और स्वतंत्रता सेनानियों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने राज्य की असीम क्षमता और इसके युवाओं की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि होने के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आंध्र प्रदेश के पास अब मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में एक दूरदर्शी नेतृत्व और विकास को गति देने के लिए केंद्र का मजबूत समर्थन है। उन्होंने पिछले 16 महीनों में हुए तेज़ विकास को दिल्ली और अमरावती के बीच बढ़ते तालमेल का संकेत बताया।
पीएम ने कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शुभारंभ और शिलान्यास की घोषणा की, जो राज्य की कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगी। इसमें सब्बावरम और शीलानगर के बीच ₹960 करोड़ की लागत से बनने वाला छह लेन का ग्रीनफील्ड राजमार्ग शामिल है, जिसका उद्देश्य विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ को कम करना है। ₹1,140 करोड़ से अधिक की छह अतिरिक्त सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया।
रेलवे क्षेत्र में, ₹1,200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का अनावरण किया गया, जिनमें कोट्टावलसा-विजयनगरम चौथी रेलवे लाइन और पेंडुर्ती और सिम्हाचलम उत्तर के बीच रेल फ्लाईओवर शामिल हैं। इन पहलों से यात्रियों की आवाजाही आसान होने, माल परिवहन में वृद्धि होने और क्षेत्र में उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन पर ₹3,000 करोड़ की एक ट्रांसमिशन परियोजना का शुभारंभ किया, जो नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाएगी। उन्होंने गेल (इंडिया) लिमिटेड की श्रीकाकुलम-अंगुल प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी लोकार्पण किया और चित्तूर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया, जिससे 7.2 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा मिलने की उम्मीद है।
विनिर्माण और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट और आंध्र प्रदेश औद्योगिक अवसंरचना निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से ₹4,920 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित ओर्वाकल और कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्रों की आधारशिला रखी गई। इन केंद्रों से ₹21,000 करोड़ के निवेश आकर्षित होने और लगभग एक लाख रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।
भारत के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हुए, पीएम मोदी ने कृष्णा जिले के निम्मलुरु में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा ₹360 करोड़ की लागत से स्थापित एडवांस्ड नाइट विज़न प्रोडक्ट्स फैक्ट्री का उद्घाटन किया। यह सुविधा सशस्त्र बलों के लिए उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम का उत्पादन करेगी, आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी और कुशल रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
पीएम ने गूगल द्वारा किए गए एक बड़े निवेश पर प्रकाश डाला, जो आंध्र प्रदेश में भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब स्थापित करने के लिए तैयार है। इस परियोजना में विशाखापट्टनम में एक नए अंतर्राष्ट्रीय सबसी गेटवे का निर्माण शामिल है, जिसमें कई सबसी केबल शामिल होंगे जो भारत के पूर्वी तट को दुनिया से जोड़ेंगे। उन्होंने राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा, “यह विशाखापत्तनम को एआई और वैश्विक कनेक्टिविटी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”
आंध्र प्रदेश द्वारा कुरनूल को भारत के ड्रोन हब के रूप में विकसित करने के संकल्प पर संतोष व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य की तकनीकों को बढ़ावा देगा और नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इस दृष्टिकोण को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी तकनीकों की सफलता से जोड़ा।
पीएम मोदी ने कर राहत और नागरिक-केंद्रित सुधारों पर भी प्रकाश डाला, और कहा कि ₹12 लाख तक की आय अब कर-मुक्त है, और नई जीएसटी कटौती से आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक की बचत होने की उम्मीद है।
2047 के लिए अपने दृष्टिकोण को दोहराते हुए, पीएम ने कहा, “एक विकसित भारत का सपना एक विकसित आंध्र प्रदेश के माध्यम से साकार होगा।” उन्होंने राज्य के विकास में रायलसीमा के योगदान की सराहना की और कहा कि कुरनूल में शुरू की गई परियोजनाएँ पूरे क्षेत्र में रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा करेंगी।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी हिंदुस्तान की

16-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  पीएम मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की धरती गुजरात में हुआ। मुझे बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में सेवा करने का अवसर मिला और आज श्री शैलम का आशीर्वाद मिल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि है। यह विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है। इस राज्य में असीम संभावनाएं और अपार क्षमताएं हैं। आंध्र को सही दृष्टिकोण की आवश्यकता थी। चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में राज्य को अब वह दृष्टिकोण और केंद्र सरकार का समर्थन दोनों प्राप्त हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब ‘विकसित भारत’ होकर रहेगा। मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है। 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है। पीएम ने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन वाली सरकार की ताकत से राज्य अभूतपूर्व विकास का गवाह बन रहा है।
पीएम ने आगे कहा कि आज सड़क, बिजली, रेलवे, राजमार्ग और व्यापार से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इन पहलों से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन आसान होगा। इन परियोजनाओं से कुरनूल और आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा। मैं इन विकासों के लिए कुरनूल और पूरे राज्य के लोगों को बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि तेज विकास के बीच हमें अतीत की स्थिति को नहीं भूलना चाहिए। लगभग 11 साल पहले, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रति व्यक्ति बिजली की खपत औसतन 1000 यूनिट से भी कम थी। देश को अक्सर ब्लैकआउट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, और हमारे कई गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया आज भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है। इस सफलता का सबसे बड़ा आधार है आत्मनिर्भर भारत का विजन। हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए देश भर में मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। हमारा ध्यान गांवों से शहरों और शहरों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है। पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि तकनीक के मामले में हमारा आंध्र प्रदेश और उसके युवा हमेशा आगे रहते हैं। डबल इंजन वाली सरकार के तहत हम इस क्षमता को और मजबूत कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया भारत और आंध्र प्रदेश, दोनों की गति देख रही है। गूगल भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब यहीं हमारे आंध्र प्रदेश में स्थापित कर रहा है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार का विजन है, नागरिक-केंद्रित विकास। हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं। देश में 12 लाख रुपए तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री हो चुकी हैं। सस्ती दवाइयां, सस्ता इलाज, बुजुर्गों के लिए आयुष्मान जैसी अनगिनत सुविधाओं से इजी ऑफ लिविंग का नया अध्याय शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की क्षमता को नजरअंदाज किया, जिससे न केवल राज्य को, बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ। वह राज्य जो भारत के विकास को गति दे सकता था, उसे अपने विकास के लिए संघर्ष करना पड़ा। अब, एनडीए सरकार के तहत, आंध्र प्रदेश की स्थिति बेहतर हो रही है।
पीएम ने कहा कि निम्मलुरु में उन्नत नाइट विजन उत्पादों का कारखाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा। इससे नाइट विजन उपकरणों में भारत की क्षमता बढ़ेगी और यहां निर्मित उत्पाद भारत के रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम भारत में निर्मित उपकरणों की ताकत देख चुके हैं।
 

 


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एससी के ग्रीन पटाखों पर फैसले का किया स्वागत

15-Oct-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश ) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी का स्वागत किया, इसे पर्यावरण संरक्षण और त्योहार की भावना के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण बताया। उन्होंने "स्वच्छ और हरित दिल्ली" के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही ग्रीन पटाखों के उपयोग के नियमों पर भी जोर दिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों पर प्रतिबंध की शर्तों में ढील देने के फैसले का स्वागत किया, जिससे दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति मिल गई। आभार व्यक्त करते हुए, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण और त्योहार की भावना के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण बताया। पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि हम दिल्ली सरकार के विशेष अनुरोध पर राजधानी में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। यह फैसला दिवाली जैसे पवित्र त्योहारों के दौरान जनता की भावनाओं और उत्साह का सम्मान करता है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक "स्वच्छ और हरित" दिल्ली सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, स्वच्छ और हरित दिल्ली के संकल्प के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों की रौनक बरकरार रहे और साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा भी हो। इस दिवाली, आइए हम सब मिलकर हरित पटाखे जलाएँ, उत्सव और पर्यावरण संरक्षण में सामंजस्य स्थापित करें और 'हरित एवं समृद्ध दिल्ली' के संकल्प को साकार करने की दिशा में काम करें।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिवाली से पहले दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर प्रतिबंध की शर्तों में ढील देते हुए 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक हरित पटाखे फोड़ने और बेचने की अनुमति दे दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रा की पीठ ने हरित पटाखे फोड़ने की भी अनुमति दे दी, लेकिन समय सुबह 6-7 बजे और रात 8-10 बजे तक सीमित कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि त्योहार मनाने और पर्यावरण की रक्षा के बीच एक "संतुलित दृष्टिकोण" अपनाना होगा। पीठ ने कहा, "हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा, पर्यावरण से समझौता किए बिना संयमित रूप से हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति देनी होगी।"
 

प्रधानमंत्री मोदी और मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख के बीच हुई सार्थक वार्ता

15-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति खुरेलसुख का दिल्ली में स्वागत करके और उनके साथ विस्तृत वार्ता करके मुझे खुशी हुई।
उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और मंगोलिया अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं और हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक दशक पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम वैश्विक दक्षिण की आवाज को और मजबूत करने और वैश्विक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमत हुए। हमारी वार्ता में जिन क्षेत्रों पर प्रमुखता से चर्चा हुई, उनमें ऊर्जा, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ मृदा, कृषि आदि शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सांस्कृतिक बंधन भारत-मंगोलिया मैत्री के मूल में हैं। इस संबंध में हमने भारत से भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया भेजने, गंडन मठ में संस्कृत शिक्षण की क्षमता बढ़ाने, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के मंगोलिया के प्रयासों का समर्थन करने आदि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
राष्ट्रपति खुरेलसुख की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन किया। यह यात्रा भारत और मंगोलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपनी बैठक के दौरान दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग, विशेष रूप से विकास साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में, बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
 

जैसलमेर में भीषण बस हादसा: आग की चपेट में आने से 20 यात्रियों की मौत, कई घायल

15-Oct-2025
जैसलमेर।  ( शोर संदेश )  राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक प्राइवेट बस (RJ 09 PA 8040) में अचानक आग लग गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि बस पूरी तरह जलकर राख हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, बस में करीब 57 यात्री सवार थे, जिनमें से अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई यात्री गंभीर रूप से झुलसे हैं जिन्हें इलाज के लिए जोधपुर और जैसलमेर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
थईयात गांव के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर थईयात गांव के पास हुआ। बस जैसलमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी, तभी वार म्यूजियम के पास अचानक पीछे के हिस्से से धुआं निकलने लगा। चालक ने जैसे ही बस को किनारे रोका, आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। झुलसे यात्रियों को तुरंत जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल 16 यात्रियों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर के अस्पतालों में रेफर किया गया। इनमें 2 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल हैं।
जोधपुर पहुंचे घायलों में शामिल हैं:
हुसैन (मृतक), महिपाल सिंह, यूनुस, ओमाराम, इकबाल,
रफीक, अस्मिता, पीर मोहम्मद, आशाबाई, लक्ष्मण,
ओबेदुल्ला, विशाखा, आशीष, जीवराज और मनोज भाटिया।
जोधपुर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार इनका इलाज कर रही है। जिला प्रशासन ने परिजनों को सूचित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। सरकार की पूरी टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है।”
सीएम विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा —
“यह अत्यंत पीड़ादायक समाचार है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि झुलसे लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।”
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, और सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी हादसे पर शोक जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
20 लोगों की मौत की पुष्टि
डीएनए जांच से होगी मृतकों की पहचान
इसके अलावा जोधपुर रेफर किए गए घायलों में से एक यात्री की भी मौत हो गई है, जिससे मृतकों की कुल संख्या 20 पहुंच गई है।
सेना और स्थानीय लोगों ने की मदद
हादसे के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान चलाया।
जोधपुर रोड को हादसे के कारण कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने यात्रियों के परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपने परिजनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
पूरा राज्य शोक में डूबा
जैसलमेर के इस हादसे ने पूरे राजस्थान को स्तब्ध कर दिया है।
स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मृतकों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
 

पीएम मोदी ने कहा- ‘गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप’

14-Oct-2025
नर्ई दिल्ली  ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप है। गूगल ने विशाखापत्तनम में एआई हब बनाने का किया ऐलान गूगल ने विशाखापत्तनम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी अगले पांच वर्षों (2026-2030) तक में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह देश में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में गूगल एआई हब का लॉन्च होना काफी खुशी की बात है।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह बहुआयामी निवेश, जिसमें गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल है। इससे टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को एक शक्तिशाली बल मिलेगा। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह निवेश सभी के लिए एआई सुनिश्चित करेगा, हमारे नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में भारत का स्थान सुरक्षित होगा। https://x.com/narendramodi/status/1978018108011880739 पिचाई ने इससे पहले पोस्ट किया था कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करके उन्हें बहुत अच्छा लगा और विशाखापत्तनम में पहले गूगल एआई हब के लिए हमारी योजनाओं को साझा किया।उन्होंने कहा, “यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नए अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को जोड़ता है। इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी तकनीक को भारत में उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे, एआई इनोवेशन को गति देंगे और देश भर में विकास को गति देंगे।”
गूगल एआई हब को अदाणी समूह की कंपनी अदाणीकॉनेक्स के साथ मिलकर बनाएगी। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “अदाणी समूह को इस ऐतिहासिक परियोजना पर गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, यह परियोजना भारत के डिजिटल परिदृश्य के भविष्य को परिभाषित करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कहीं बढ़कर है। यह एक उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है। यह साझेदारी राष्ट्र निर्माण के हमारे साझा दृष्टिकोण और 21वीं सदी के उपकरणों से प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशाखापत्तनम अब टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक गंतव्य बनने के लिए तैयार है, और हम इस ऐतिहासिक यात्रा के आर्किटेक्ट बनकर रोमांचित हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना आज होगी जारी

13-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना आज सोमवार को जारी होगी। इसके साथ ही 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 21 अक्टूबर को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर है। इस चरण के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा।
नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। चुनाव आयोग ने नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों की मतगणना 14 नवंबर को होगी। 
विधानसभा चुनाव में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिले में मतदान होगा। इसके अलावा भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास जिले में भी मतदान होगा। (इनपुट-एजेंसी)
















 



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