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सरदार पटेल की जयंती पर अब हर साल गुजरात में होगी भव्य परेड: अमित शाह

30-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर यानी 31 अक्टूबर को हर साल गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा। बिहार विधानसभा चुनावों की हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद परेड की सलामी देंगे। 
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद देश को एकजुट करने में अद्भुत भूमिका निभाई, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही कारण था कि उन्हें भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों को जोड़कर एकता का जो काम किया, वही आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की नींव है। उन्होंने कहा कि यह परेड देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का प्रतीक बनेगी।
अमित शाह ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार पटेल की जयंती अब सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और प्रेरणा का पर्व बनेगी। शाह ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 7:55 बजे एकता नगर में भव्य परेड की सलामी देंगे। अमित शाह ने कहा कि पटेल जयंती के मौके पर केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी राज्यों, जिलों, विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन होगा।
 इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिकइस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बिहार हमेशा से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का केंद्र रहा है, इसलिए इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिक है। 


 

 


जो लोग आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, वे आस्था स्थलों का विकास नहीं कर सकते: पीएम मोदी

30-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को छपरा में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की चर्चा करते हुए राजद और कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों को विदेश जाने की फुर्सत है, लेकिन इन्हें राम मंदिर दर्शन जाने के लिए फुर्सत नहीं है। 
उन्होंने कहा कि जो लोग आपकी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, वे लोग आस्था स्थलों का विकास नहीं कर सकते। राजद और कांग्रेस ने छठी मैया का अपमान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि 500 साल के इंतजार और अविरत संघर्ष के बाद जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना, तब प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए लाखों लाख लोग अयोध्या चल पड़े, लेकिन कांग्रेस और राजद के नेताओं को राम मंदिर के निर्माण से भी परेशानी है। कांग्रेस और राजद वालों को अयोध्या जाते नहीं देखा।
पीएम मोदी ने कहा, “उन्हें (कांग्रेस-राजद) डर है कि अयोध्या जाकर अगर वे श्रीराम के दर्शन करेंगे, तो उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा, तुष्टिकरण का गणित बिगड़ जाएगा, और ये घुसपैठिए उनके माथे पर चढ़ जाएंगे।”
उन्होंने राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लालटेन वाले, पंजे वाले या उनके इंडी गठबंधन के साथी ये लोग बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पंजाब के एक मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने एक रैली में खुला ऐलान किया कि बिहार के लोगों को वे अपने राज्य पंजाब में घुसने नहीं देंगे।
पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उस समय मंच पर गांधी परिवार की एक बेटी, जो आजकल पार्लियामेंट में बैठती हैं, वह इस पर खुश होकर तालियां बजा रही थीं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के नेता बिहार को गाली देते रहते हैं। तमिलनाडु में डीएमके के लोग बिहार के मेहनतकश लोगों को प्रताड़ित करते हैं। इतना सब कुछ हो रहा है और बिहार में राजद को सांप सूंघ जाता है।
उन्होंने आए लोगों से संकल्प करवाते हुए कहा कि जंगल राज से बिहार दूर रहेगा। पीएम मोदी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, “पहली बार वोट देने जा रहे हैं। मैं उन सभी युवाओं से कहना चाहता हूं, मैं सभी मतदाताओं से कहना चाहता हूं कि आपको अपने वोट की कीमत पहचाननी है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपके माता-पिता के एक वोट ने बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई और बिहार को सुशासन की ओर ले गए। यह आपके पिताजी और माताजी के वोट की ताकत थी, अब बारी आपकी है। अब आपके एक वोट से सुशासन को समृद्धि में बदलने का समय है।”
उन्होंने रोजगार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि जिसे कोई नहीं पूछता है, उसे मोदी पूजता है। उन्होंने कहा कि बिहार अब रुकेगा नहीं, बिहार तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। इससे पहले पीएम मोदी ने मुजफ्फरपुर में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान, पीएम मोदी ने राजद और कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस वालों की पहचान 5 चीजों से है, जो कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन हैं। 

पीएम मोदी 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्यन शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के रोहिणी में होने वाले अंतरराष्ट्रीय आर्यन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री सभा को भी संबोधित करेंगे।
भारत और विदेशों से आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि लेंगे भाग
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन में भारत और विदेशों से आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम में“150 गोल्डन इयर्स ऑफ सर्विस” शीर्षक से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें शिक्षा, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक उन्नति में आर्य समाज के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य
पीएमओ ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य महर्षि दयानंद सरस्वती की सुधारवादी और शैक्षिक विरासत का सम्मान करना है। साथ ही आर्य समाज की 150 वर्षों की सेवाओं का उत्सव मनाना और वैदिक सिद्धांतों व स्वदेशी मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका हिस्सा है।
यह शिखर सम्मेलन ज्ञान ज्योति महोत्सव का हिस्सा
उल्लेखनीय है कि यह शिखर सम्मेलन ज्ञान ज्योति महोत्सव का हिस्सा है। यह महोत्सव महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की समाज सेवा के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। 

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खरीफ की प्रमुख फसलों की बेहतर बुवाई हुई, उपज अच्छी होने की उम्मीद- शिवराज सिंह

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश के कृषि क्षेत्र को इस बार अनुकूल मानसून, पर्याप्त वर्षा, जलाशयों में बेहतर जलसंग्रह के चलते काफी लाभ मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रमुख जलाशयों में सामान्य या अधिक स्तर पर पानी संग्रहित है, जिससे सिंचाई संबंधी जरूरतें काफी हद तक पूरी हुई हैं व खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सकी है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत की बात रही, क्योंकि लगातार पर्याप्त नमी के कारण बुवाई में तेजी आई, पौधों की वृद्धि भी संतुलित रही हैं। पर्याप्त नमी से रबी बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि होगी।
 
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समय पर और अनुकूल मानसून, पर्याप्त जलाशय संसाधन, बढ़िया योजना प्रबंधन एवं डिजिटल नवाचार के चलते देश के कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियां दर्ज हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ये उपलब्धियां किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही है, वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी यह शुभ संकेत हैं। आगामी रबी मौसम में दलहनी और तिलहनी फसलों की ज्यादा बुवाई के लिए और रिकार्ड उत्पादकता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार, प्रदेशों के साथ मिलकर हरसंभव सहायता किसानों को उपलब्ध कराएगी।
 
कल मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीफ-2025 के दौरान फसलों की बुवाई काफी अच्छी हुई है। खरीफ-2025 के लिए धान की बुवाई का कुल आंकड़ा 441.58 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है। वहीं, तिलहनी फसलों का अखिल भारतीय क्षेत्र 190.13 लाख हेक्टेयर तक दर्ज किया गया, जिसमें सोयाबीन एवं मूंगफली प्रमुख हैं।
 
इसी तरह, दालों का क्षेत्र 120.41 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पोषण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं गन्ने का क्षेत्र 59.07 लाख हेक्टेयर तक रहा हैं, जिससे गन्ना उत्पादक किसान भाइयों-बहनों को सीधा फायदा होगा।
 
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा खाद सब्सिडी के लिए 38 हजार करोड़ रुपए जारी करने के फैसले पर किसानों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
 
बैठक में मौजूद कृषि आयुक्त डा. पी.के. सिंह ने शिवराज सिंह को रिपोर्ट दी कि देशभर में सिंचाई परियोजनाओं एवं जलाशयों के लिए जल उपलब्धता में वृद्धि हुई हैं, जिससे सिंचाई आधारित कृषि क्षेत्रों में भी कृषि विकास संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि देश में पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति बेहतर है, 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण 165.58 अरब घन मीटर (BCM) है, जो गत वर्ष के मुकाबले 104.30% और पिछले 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 115.95% है।
 
इस दौरान, यह जानकारी भी दी गई कि देश के कुछ क्षेत्रों में खरीफ की फसलों की कटाई शुरू हो गई है, अब तक कुल खरीफ क्षेत्र के लगभग 27% भाग की कटाई हो चुकी है, साथ ही कुछ इलाकों में रबी की बुवाई भी प्रारंभ हो चुकी है, जो वर्तमान में प्रारंभिक चरण में है। देश में प्याज, आलू व टमाटर की फसलों की स्थिति भी औसतन अच्छी परिलक्षित हो रही है, वहीं चावल-गेहूं का वास्तविक स्टाक, बफर मानक की तुलना में ज्यादा है।
 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर कहा कि यह अधिनियम आज के ऊर्जा युग के लिए 1948 के कानून का आधुनिकीकरण करता है।
अधिनियम एकीकृत लीज सिस्टम से ऊर्जा संसाधनों का दायरा व निवेश का अवसर बढ़ाता है
केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अधिनियम एक समान पेट्रोलियम लीज सिस्टम को पेश करता है। इसके अलावा, यह सीबीएम, शेल गैस, टाइट ऑयल, गैस हाइड्रेट्स का दायरा बढ़ाता है। साथ ही, तेजी से अप्रूवल मिलने, इंफ्रा-शेयरिंग को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। इस अधिनियम के तहत तेल क्षेत्र में सोलर और हाइब्रिड सिस्टम को अनुमति दी जा रही है।” 
तेल क्षेत्र अधिनियम 2025 को लेकर शेयर किए गए वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में सरकार द्वारा तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 के रूप में एक ऐतिहासिक सुधार पेश किया गया। यह अधिनियम भारत के तेल और गैस सेक्टर को नई दिशा, नया अनुशासन और एक हरित भविष्य देता है।
नए अधिनियम के साथ नियम आसान होने जा रहे हैं। यह पुराने माइनिंग लीज को एक आधुनिक पेट्रोलियम लीज से बदलता है ताकि कंपनियां एक जैसे नियमों के तहत तेल और गैस की खोज और उत्पादन कर सकें।इसके अलावा, अधिनियम मिनरल ऑयल की परिभाषा का विस्तार करता है, जिसमें कोल बेड मीथेन, शेल गैस, टाइट ऑयल और गैस हाइड्रेट्स शामिल हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के नए घरेलू स्रोत खुलते हैं। 
यह अधिनियम लीज नियमों को आधुनिक बनाकर, मंजूरी को आसान बनाता है और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को बढ़ावा देकर ओएएलपी राउंड 10 के तहत भारत के एक्सप्लोरेशन अभियान को भी पूरा करता है। अधिनियम तेल का उत्पादन करने वाली जमीन को क्लीन पावर भी पैदा करने की अनुमति देता है। अधिनियम के साथ छोटे प्लेयर्स को भी कम लागत के साथ विकास के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, भारत को आयात कम करने और कीमती संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अपने तेल क्षेत्रों का आधुनिकीकरण कर रहा है और धीरे-धीरे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
 

भारत की कोल्ड चेन योजना से कम हुई उपज की खराबी, बढ़ी किसानों की आमदनी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत ने वर्ष 2008 से अब तक इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन एंड वैल्यू एडिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत 291 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाएँ शुरू की हैं। इनसे हर साल 25.52 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित हुई है, यह जानकारी सरकार ने बुधवार को जानकारी दी।
इस विस्तार के साथ देश की प्रोसेसिंग क्षमता 114.66 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। पूरी और चालू परियोजनाओं के माध्यम से 1,74,600 रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं, आधिकारिक बयान में कहा गया।
जून 2025 तक इस योजना के तहत कुल 395 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह योजना आमतौर पर कोल्ड चेन स्कीम के नाम से जानी जाती है।
यह कोल्ड चेन स्कीम अब प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य खेत से खुदरा बाजार तक एक सुगठित कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।
कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व केवल भंडारण तक सीमित नहीं है। इसमें फार्म पर प्री-कूलिंग सुविधाएँ, आधुनिक प्रोसेसिंग सेंटर, प्रभावी वितरण केंद्र और तापमान नियंत्रित परिवहन प्रणाली शामिल हैं, जो आपस में समन्वित रूप से कार्य करती हैं।
PMKSY के तहत इस योजना को शामिल करने का उद्देश्य किसानों, प्रोसेसरों और बाजारों को जोड़ते हुए एक पूर्ण कोल्ड चेन समाधान तैयार करना था। इससे बर्बादी घटाने, रोजगार बढ़ाने और नाशवान उत्पादों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में मदद मिली है।
जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMKSY के लिए 1,920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी, जिससे कुल आवंटन 6,520 करोड़ रुपये (31 मार्च 2026 तक) हो गया।
इसमें 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड इर्रेडिएशन यूनिट्स की स्थापना के लिए किया गया है, जो कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर घटक के अंतर्गत आएंगी।
योजना के तहत वित्तीय सहायता के रूप में सामान्य क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक और कठिन क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति समूहों, एफपीओ व एसएचजी के लिए 50 प्रतिशत तक परियोजना लागत पर सहायता दी जाती है। प्रति परियोजना अधिकतम 10 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत है।

चक्रवात ‘मोंथा’ पहुंचा काकीनाडा, तमिलनाडु में छह दिनों तक बारिश की संभावना

29-Oct-2025
काकीनाडा (शोर संदेश)। चक्रवात ‘मोंथा’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा पहुंचा, जिससे तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगी। मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, ‘मोंथा’ के कारण कृष्णा और मछलीपट्टनम जिलों के कई हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ उखड़ गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। अल्लूरी जिले में, तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रभावित क्षेत्रों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा भीषण चक्रवाती तूफान तट पार करने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके दक्षिण भारत में व्यापक वर्षा लाने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सुधरने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और तमिलनाडु आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित वर्षा संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को अलर्ट पर रखा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदियों और जलाशयों में जल स्तर की निगरानी करने और निचले व बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में निवारक कदम सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। 

 


पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री साने ताकाइची को दी बधाई, भारत-जापान संबंध को लेकर फोन पर हुई चर्चा

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की पीएम से फोन पर बातचीत की। जापान को हाल ही में पहली महिला प्रधानमंत्री मिली हैं। साने ताकाइची ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री बनने के लिए ताकाइची को बधाई दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी इसकी जानकारी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और प्रतिभा गतिशीलता पर केंद्रित भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत-जापान के मजबूत संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी
बता दें, पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति इन दिनों एशिया दौरे पर हैं। एशिया दौरे के दूसरे चरण के तहत ट्रंप जापान के टोक्यो पहुंचे थे।ट्रंप के जापान दौरे पर दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर मुहर लगी। देशों ने रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका स्मार्टफोन से लेकर फाइटर जेट्स तक कई तरह के प्रोडक्ट्स के लिए जरूरी इन मटीरियल्स पर चीन के दबदबे को खत्म करना चाहता है, उस पर निर्भरता कम करना चाहता है।

जापान के अहम सुरक्षा और व्यापार पार्टनर संग ऐसा ही करीबी रिश्ता ताकाइची को देश में अपनी कमजोर राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।जापानी मीडिया के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिका से ज्यादा सुरक्षा उपकरण खरीदने की जापान की कोशिशों की भी तारीफ की। वहीं पीएम ताकाइची ने कंबोडिया-थाईलैंड और इजरायल-हमास के बीच सीजफायर कराने में ट्रंप की भूमिका को “अभूतपूर्व” बताया। यही वजह है कि उन्होंने दूसरे वर्ल्ड लीडर्स की तरह ट्रंप को शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया।जापानी मीडिया के अनुसार ताकाइची का अंदाज जनता को पसंद आ रहा है, लेकिन अभी भी वे निचले सदन में बहुमत से दो वोट दूर हैं। ऐसे में उम्मीद पक्की है कि जो डील सील हुई है, वह जापानी पीएम की स्थिति को और मजबूत करेगी। ट्रंप के साथ जापान का यह गठबंधन नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।
 

राजनाथ सिंह कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस में होंगे शामिल

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस में शामिल होंगे। वह एक नवंबर को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होने जा रही इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे की राह तय करने संबंधी विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है। एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।
रक्षा मंत्री 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में भी भाग लेंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह बैठक मलेशिया की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे।
इस बैठक का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाना है। इसके साथ ही इस बैठक के जरिए भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और गति देने का प्रयास किया जाएगा। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राजनाथ सिंह आसियान-प्लस सदस्य देशों के अपने समकक्ष रक्षा मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। वह मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक आसियान के भीतर रक्षा संबंधी परामर्श और सहयोग का सर्वोच्च मंच है। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस इस मंच का विस्तारित रूप है। इसमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम जैसे 11 सदस्य देश शामिल हैं।
इनके अलावा 8 संवाद साझेदार देश भी हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। वर्तमान चक्र (2024–2027) में भारत मलेशिया के साथ मिलकर ‘काउंटर टेररिज्म (आतंकवाद-रोधी)’ विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण वर्ष 2026 में आयोजित किया जाएगा। 

राष्ट्रपति मुर्मु ने लड़ाकू विमान में उड़ान भरने के बाद कहा- ‘राफेल ने देश की रक्षा क्षमता पर गर्व बढ़ाया’

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राफेल विमान में उड़ान भरने के बाद कहा कि शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति एक नई गौरव की भावना जगाई है। राष्ट्रपति को राफेल और भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले उन्होंने 2023 में सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी थी। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक उड़ान भरी और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान ने समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी।
आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर व्यक्त कीं अपनी भावनाएं
बाद में आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के राफेल विमान पर अपनी पहली उड़ान के लिए वायुसेना स्टेशन अंबाला आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना भर दी है। मैं इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए भारतीय वायु सेना और वायुसेना स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को बधाई देती हूं। 



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