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भारत के विकास मॉडल की विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने की सराहना, PM Modi ने की पोस्ट शेयर

10-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें विश्व बैंक के प्रमुख अजय बंगा ने भारत के सहकारिता मॉडल की सराहना करते हुए इसे स्केलेबल ग्रोथ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने रोजगार सृजन को विकास रणनीति का मूल आधार भी बताया।पीएमओ इंडिया द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा इस लेख में रोजगार-आधारित विकास के महत्व तथा भारत के विकास दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर मिल रही बढ़ती मान्यता को रेखांकित किया गया है।
बंगा ने कहा कि विकास प्रयासों को व्यक्तिगत परियोजनाओं तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन और आर्थिक अवसरों जैसे व्यापक परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, “विकास कोई दान नहीं है, यह एक रणनीति है।” बंगा आगे कहा कि रोजगार सृजन विकास और स्थिरता को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वाशिंगटन में विश्व बैंक और आईएमएफ की वसंतकालीन बैठकों से पहले बोलते हुए, बंगा ने बढ़ती हुई जनसांख्यिकीय चुनौती की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगले 15 वर्षों में लगभग 1.2 अरब युवाओं के कार्यबल में शामिल होने की उम्मीद है, जबकि रोजगार सृजन उस गति से नहीं हो पाएगा। उन्होंने रोजगार बढ़ाने के लिए तीन सूत्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसमें बुनियादी ढांचे में निवेश, व्यापार-अनुकूल शासन सुधार और वित्त तक बेहतर पहुंच शामिल है।
उन्होंने बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को रोजगार सृजन के प्रमुख चालक के रूप बताया। अपने स्वयं के अनुभव से उदाहरण देते हुए, बंगा ने भारत के डेयरी सहकारी मॉडल को एक सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि कैसे प्रौद्योगिकी और संगठन ग्रामीण आजीविका में सुधार लाने और छोटे उत्पादकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं भारत में पला-बढ़ा हूं।” डेयरी क्षेत्र जैसी सहकारी संरचनाएं छोटे उत्पादकों को बेहतर बाजारों और कीमतों तक पहुंच बनाने में मदद करती हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करने में विफलता वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रवासन दबाव और सामाजिक अस्थिरता का कारण बन सकती है। उन्होंने रोजगार की कमी को व्यापक वैश्विक चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा, “कल्पना कीजिए कि इसका क्या प्रभाव होगा… यदि 8 करोड़ लोग… आशा और सम्मान प्राप्त करने में सक्षम नहीं होंगे।
 

उपराष्ट्रपति ने किया संविधान का सिंधी संस्करण लॉन्च, भाषाई विविधता पर जोर

10-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में देवनागरी और फारसी दोनों लिपियों में सिंधी भाषा में संविधान का नवीनतम संस्करण जारी किया। यह विमोचन सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर किया गया।
उपराष्ट्रपति ने सिंधी भाषी समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिंधी दुनिया की प्राचीन भाषाओं में से एक है। इसकी साहित्यिक परंपरा वेदांतिक दर्शन और सूफी विचारों के अनूठे संगम को दर्शाती है, जो प्रेम, एकता और भाईचारे के मूल्यों को बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार विशेष रूप से देवनागरी लिपि में सिंधी भाषा में संविधान का प्रकाशन भाषाई समावेशिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संविधान को केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की जीवंत आत्मा बताया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मातृभाषा में संविधान उपलब्ध होने से नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। इससे लोकतांत्रिक भागीदारी और शासन में विश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संविधान को विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों और शासन के बीच की दूरी कम होती है।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि संविधान को बोडो, डोगरी, संथाली, तमिल, गुजराती और नेपाली सहित कई भाषाओं में उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं, जो भारत की भाषाई विविधता का सम्मान करते हैं।
सिंधी समुदाय की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभाजन के कठिन दौर में यह भाषा एकता और दृढ़ता का प्रतीक बनी रही। उन्होंने बताया कि 1967 में 21वें संवैधानिक संशोधन के जरिए सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित है और भाषाएं संस्कृति, परंपरा और पहचान की महत्वपूर्ण वाहक हैं। सभी भाषाओं को समान सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने विधि एवं न्याय मंत्रालय और क्षेत्रीय भाषा अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस तरह की पहल नागरिकों को सशक्त बनाने और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करने में सहायक होगी।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, सांसद शंकर लालवानी और विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

महिला आरक्षण नारी शक्ति की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण पर लिखे अपने विचार आधारित लेख की कुछ झलकियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की नारी शक्ति की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने संबंधी विधेयक पर चर्चा और उसे पारित करना सिर्फ कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की महिलाओं की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करने का माध्यम है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं की प्रगति सुनिश्चित हो। महिलाओं को आगे बढ़ाना राष्ट्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक जीवन में भागीदारी का आधार मजबूत करना जरूरी है, ताकि वे हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब महिलाएं प्रशासन और निर्णय प्रक्रिया में भाग लेती हैं, तो उनके अनुभव और अंतर्दृष्टि से नीतियां अधिक प्रभावी बनती हैं और शासन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि 2029 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए, जिससे महिलाओं का प्रतिनिधित्व और बढ़े।
उन्होंने सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने में होने वाली हर देरी, लोकतंत्र की गुणवत्ता और समावेशिता को मजबूत करने में देरी के समान है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर अधिकतम व्यापक सहमति होनी चाहिए और इसे राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में इन विचारों को साझा किया और लोगों से अपील की कि वे संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने और नारी शक्ति को सशक्त करने के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

चुनाव में हाईटेक अंदाज: पुडुचेरी के पोलिंग बूथ पर रोबोट ने संभाली मेजबानी

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को सभी 30 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की कोशिश जारी है। इसी बीच इस चुनाव में तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला।
भारत निर्वाचन आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि पुडुचेरी में साड़ी पहने ‘नीला’ नाम का वेलकम रोबोट इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम (आईईवीपी) के प्रतिनिधियों का स्वागत कर रहा है। आयोग ने एक्स पोस्ट में लिखा, “पुडुचेरी में नवाचार और परंपरा का संगम। स्वागत करने वाला बॉट ‘नीला’, इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम (आईईवीपी) के प्रतिनिधियों का स्वागत करता है, जो पुडुचेरी की जीवंत चुनावी प्रक्रिया के साक्षी बन रहे हैं।”
इससे पहले भी चुनाव आयोग ने एक वीडियो साझा करते हुए बताया था कि एक मतदान केंद्र पर रोबोट मतदाताओं का स्वागत कर रहा है। पोस्ट में कहा गया, “स्वैग के साथ स्वागत। पुडुचेरी के एक मतदान केंद्र पर एक रोबोट मतदाताओं का स्वागत कर रहा है। यह कर्तव्य और जिम्मेदारी का दिन है, चलिए वोट डालने चलते हैं।”
मतदान केंद्रों पर इस नीला रोबोट ने मतदाताओं को आकर्षित करने के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक और आकर्षक बनाने का भी काम किया है। मतदाताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की है। मतदान शाम तक जारी रहेगा और सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने अधिकार का प्रयोग अवश्य करें। शासन, कल्याणकारी योजनाएं, रोजगार और नेतृत्व जैसे मुद्दे चुनाव के केंद्र में हैं। अब 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि पुडुचेरी में एनडीए सरकार बनी रहती है या राजनीतिक दिशा में बदलाव आता है।


 

“पश्चिम बंगाल में हर तरफ भाजपा”: पीएम मोदी ने बीरभूम रैली की तस्वीर साझा की

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित सूरी में एक रैली स्थल पर मैदान में उमड़ी विशाल भीड़ दिखाई दे रही है, जो उनके आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उन्होंने इस बात पर गौर किया कि कार्यक्रम स्थल समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था, जिसे उन्होंने राज्य में भाजपा के लिए जोरदार बढ़त का संकेत माना।
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बीरभूम में एक रैली को संबोधित करने जा रहा हूं। मैदान लोगों से खचाखच भरा है, जो अपना आशीर्वाद बरसाने आए हैं। पश्चिम बंगाल में हर तरफ बस भाजपा ही भाजपा है।” पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीर में रैली में भारी भीड़ दिखाई दे रही है। यह इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पीएम मोदी की जनसभा शुरू होने से कई घंटे पहले ही बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक वहां जमा हो गए थे।
बीरभूम में होने वाली यह रैली, हल्दिया और आसनसोल में हुए कार्यक्रमों के बाद इस राज्य में प्रधानमंत्री का दिन का तीसरा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। गुरुवार को राज्य में प्रधानमंत्री की तीन रैलियों में से यह आखिरी रैली होने के बावजूद, यह इलाका पहले से ही समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था, जो लोगों के बीच भारी उम्मीद और उत्साह को दर्शाता है।
सूरी से भाजपा उम्मीदवार जगन्नाथ चटर्जी ने समाचार एजेंसी को बताया कि इस क्षेत्र का माहौल स्पष्ट रूप से पार्टी के लिए जबरदस्त जनसमर्थन का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि आप लोगों में उत्साह देख सकते हैं। मैदान पहले ही भर चुका है, जबकि प्रधानमंत्री के आने में अभी भी समय है। समर्थक पूरे बीरभूम से आए हैं। यह एक ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। हमें विश्वास है कि हम ज़्यादातर सीटें जीतेंगे और तृणमूल को बाहर कर देंगे।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद समर्थकों ने भी अपने समर्थन को विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से जोड़ा। एक व्यक्ति ने कहा कि राज्य को उस तरह के विकास की जरूरत है, जैसा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देखने को मिला है। हम पश्चिम बंगाल में विकास चाहते हैं और हमारा मानना ​​है कि यह पीएम मोदी के नेतृत्व में ही संभव है।
एक महिला समर्थक ने कहा, “हम बहुत खुश हैं कि पीएम मोदी बीरभूम आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि यहां से भाजपा जीते। महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। हमारे परिवार रात 8 बजे के बाद हमें बाहर निकलने देने में हिचकिचाते हैं। हम एक सुरक्षित माहौल चाहते हैं।
जैसे ही हवा में नारे और जोशीली आवाजें गूंजने लगीं, भीड़ में राजनीतिक भागीदारी का एक ऊंचा स्तर दिखाई दिया। समर्थकों ने रैली और पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर इसके संभावित असर को लेकर आशावाद जाहिर किया।
गुरुवार को ही आसनसोल में एक अलग रैली के दौरान एक दिलचस्प पल आया जब भीड़ में से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए एक पोस्टर उठाया, जिस पर लिखा था, “आदरणीय मोदी जी, कृपया पश्चिम बंगाल को बचाएं।” इस पोस्टर में जनता को पेश आ रही कई समस्याओं को भी उजागर किया गया था, जिनमें भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, घुसपैठ, महिलाओं की सुरक्षा और बेरोजगारी शामिल थीं।
यह पल तब आया जब पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी अभियान ने जोर पकड़ा। राज्य में दो चरणों में मतदान होना है, जो 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को निर्धारित हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि बाकी 142 सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
 

भारी बर्फबारी के बावजूद केदारनाथ यात्रा की तैयारियां तेज गति से जारी

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बावजूद केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। प्रशासन ने मौसम की चुनौतियों के सामने घुटने नहीं टेके हैं और धाम व पैदल मार्ग पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहा है। वर्तमान में केदारनाथ धाम तक खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति घोड़े-खच्चरों के माध्यम से लगातार की जा रही है। मोटी बर्फ की परत जमने और कठिन मौसम के बावजूद श्रमिकों और पशु चालकों की मेहनत से सामान धाम तक पहुंचाया जा रहा है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं तैयारियों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर रहे हैं और मौके की स्थिति के अनुसार जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं। प्रशासन का पूरा फोकस यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने, आवास व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने पर है।
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि भले ही मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन केदारनाथ यात्रा को सुचारु, सफल और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बर्फबारी के बीच भी जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उससे साफ है कि यात्रा शुरू होने तक सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार कर ली जाएंगी।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने, पथरीले रास्तों को सुधारने और टेंट-होटल व्यवस्था की तैयारी भी तेजी से चल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने धाम और रास्ते में मेडिकल पोस्ट और इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने की योजना बना ली है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हुई हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा, “मौसम कितना भी प्रतिकूल हो, हमारी कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिले। बर्फबारी के बावजूद हमारी टीम दिन-रात काम कर रही है।” 
 

दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सिलेंडर दोगुना किए, विशेष आउटरीच अभियान शुरू

09-Apr-2026
दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों को सस्ता और आसान एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए नए आवंटन के बाद दिल्ली में 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता को दोगुना कर दिया गया है। अब प्रतिदिन 684 सिलेंडरों के बजाय 1,368 सिलेंडर उपलब्ध होंगे।
भारत सरकार ने ‘प्रवासी मजदूर’ श्रेणी के तहत 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों के आवंटन में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसी के अनुरूप दिल्ली सरकार ने 7 अप्रैल को जारी आदेश में इस बढ़े हुए कोटे को लागू कर दिया है। इस फैसले से दिल्ली में रहने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों को खाना पकाने के ईंधन की उपलब्धता आसान हो जाएगी।
सरकार ने बढ़े हुए आवंटन की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष आउटरीच अभियान शुरू करने का फैसला किया है। सभी जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों की अधिक आबादी वाले इलाकों में विशेष शिविर आयोजित करें। जिन मजदूरों को सिलेंडर लेने में कोई दिक्कत आ रही है, वे अपने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और अपने क्षेत्र में शिविर लगाने का अनुरोध कर सकते हैं।
ये विशेष शिविर तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के अधिकृत एलपीजी वितरकों के माध्यम से चलाए जाएंगे। पात्र प्रवासी मजदूर आधार कार्ड जमा करके और भुगतान कर 5 किलोग्राम का एफटीएल सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। जिला प्रवर्तन टीमें मांग का आकलन करने और पूरे वितरण प्रक्रिया की निगरानी करने का काम करेंगी, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और कुशल बनी रहे।
सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘लास्ट-माइल डिलीवरी’ को मजबूत करना है। यानी सिलेंडर मजदूरों तक अंतिम छोर तक आसानी से पहुंचे। दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले प्रवासी मजदूर अक्सर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण परेशानी का सामना करते हैं। इस नई व्यवस्था से उनकी समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
यह कदम दिल्ली सरकार की प्रवासी मजदूर कल्याण नीति का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी मजदूर खाना पकाने के लिए महंगे या अवैध ईंधन पर निर्भर न रहे। विशेष शिविरों के माध्यम से जागरूकता भी फैलाई जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र मजदूर इस योजना का लाभ उठा सकें। दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं। 
 
 
 
 

एस जयशंकर से मिले बांग्लादेश के विदेश मंत्री, द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर जोर

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । भारत और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के बीच बुधवार को नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में वीज़ा सुविधा, ऊर्जा सहयोग और प्रत्यर्पण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जयशंकर ने बांग्लादेश की नई सरकार के साथ रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से जुड़ने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों को आपसी सहयोग के नए रास्ते तलाशने चाहिए। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि विभिन्न द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने के लिए ठोस प्रस्तावों पर काम किया जाएगा। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद संकेत दिए गए कि दोनों देशों के बीच आगे भी उच्चस्तरीय और आधिकारिक बैठकों का सिलसिला जल्द जारी रहेगा, जिससे सहयोग के नए आयाम विकसित किए जा सकें।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी सरकार “बांग्लादेश फर्स्ट” नीति के तहत अपनी विदेश नीति को आगे बढ़ाएगी, जो आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों पर आधारित होगी। वार्ता के दौरान मंत्री जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारतीय वीजा प्रक्रिया, विशेषकर मेडिकल और बिजनेस वीजा, को आने वाले हफ्तों में और सरल बनाया जाएगा, जिससे लोगों के बीच संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा सहयोग पर चर्चा करते हुए रहमान ने भारत द्वारा हाल ही में डीजल आपूर्ति के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का धन्यवाद किया और डीजल व खाद की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर मंत्री पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार इस अनुरोध पर सकारात्मक और शीघ्र विचार करेगी।
दोनों पक्षों ने अन्य लंबित और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
आपको बता दें, अपने भारत दौरे के दौरान रहमान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की, जिसमें सुरक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बांग्लादेश के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर सार्थक बातचीत की।

असम चुनाव: शुरुआती रुझानों में 18% से ज्यादा मतदान

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । असम विधानसभा चुनाव के दौरान सुबह के शुरुआती घंटों में मध्यम स्तर का मतदान देखने को मिला है। कई सीटों पर करीब 18 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई।
बोंगाईगांव जिले में अभयापुरी में 18.75% मतदान हुआ, जबकि श्रीजंग्राम में 18.07% और बोंगाईगांव सीट पर 17.8% वोटिंग दर्ज की गई।
ऊपरी असम में डेमोव में 18.28% और नाज़िरा में 18.24% मतदान हुआ। शिवसागर में थोड़ा ज्यादा यानी 18.52% वोटिंग दर्ज की गई।
राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि दिन बढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी।
इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस 2016 के बाद वापसी की उम्मीद कर रही है।
चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रमुख उम्मीदवारों में गौरव गोगोई, देबब्रत सैकिया, बदरुद्दीन अजमल और अखिल गोगोई शामिल हैं।
राज्य में 35 जिलों के 31,490 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। कुल करीब 2.50 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं और 318 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस ने 99 और बीजेपी ने 90 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा अन्य दलों और 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। कुछ सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि कई जगह बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।


 

पश्चिम एशिया संकट के बीच हरदीप सिंह पुरी कतर दौरे पर जाएंगे, एलएनजी सप्लाई पर होगी अहम चर्चा

09-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9 से 10 अप्रैल के बीच कतर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे चल रहे ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित हुई लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की सप्लाई को लेकर अहम बातचीत करेंगे। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में मंत्रालय ने कहा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9-10 अप्रैल, 2026 को कतर राज्य की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।”
वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के बावजूद भारत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले कतर की सरकारी कंपनी कतर एनर्जी ने पिछले महीने लंबी अवधि के एलएनजी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स पर ‘फोर्स मेजर’ लागू कर दिया था, जिससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को जाने वाली सप्लाई प्रभावित हुई थी।
हालांकि भारत का नाम इस सूची में नहीं था, लेकिन कतर से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख देशों में भारत भी शामिल है। कतर एनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद से कतर पर ईरान के हमलों के कारण ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। इससे देश की करीब 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है।
हमलों में कतर के 14 एलएनजी प्लांट्स में से 2 और 2 गैस-टू-लिक्विड (जीटीएल) सुविधाओं में से 1 को नुकसान पहुंचा है, जिससे करीब 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। इस संकट से कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर यूरोप और एशिया के देशों में।
इससे पहले मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से बात की थी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की कड़ी निंदा की थी। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया था।
इस बीच, भारतीय कंपनियां एलएनजी की आपूर्ति के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रही हैं, जिसका उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र में होता है। भारत ने 2025 में करीब 25.5 मिलियन टन एलएनजी आयात किया था और सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश के कुल ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का है।


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