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आक्रामक अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत और यूरोप में अगले तीन महीनों में हो सकती है ट्रेड डील: रिपोर्ट

05-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश ) भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) अगले तीन महीनों में ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं, जिसमें कृषि, स्थिरता और बाजार पहुंच से संबंधित मुद्दों पर फोकस किया जा रहा है। वनवर्ल्डआउटलुक की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर आक्रामक रुख के कारण भारत और ईयू के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत और तेज हो गई है।
भारत और ईयू के बीच होने वाला ट्रेड डील काफी अहम होगी। इससे वैश्विक स्तर पर व्यापार में बदलाव आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेड डील यूरोपीय संघ को वैश्विक अस्थिरता के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है, लेकिन भारत के लिए यह सुधारों और विकास के एक दशक के बाद विश्वास का एक रणनीतिक कदम होगा।
रिपोर्ट में कहा गया, “जहां यूरोपीय संघ का दृष्टिकोण अपने बाजार को वैश्विक अस्थिरता से बचाने की आवश्यकता से प्रेरित है, वहीं भारत की प्रेरणा रणनीतिक है। नई दिल्ली इस समझौते को हताशा की कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि अपने वैश्विक आर्थिक आत्मविश्वास के दावे के रूप में देखती है। यह नई व्यापार व्यवस्था को केवल अपनाने के बजाय, उसे आकार देने की दिशा में एक कदम है।”
रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ता मैन्युफैक्चरिंग बेस, डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार और उच्च घरेलू उपभोग, भारत को चीन का विकल्प तलाशने वाली यूरोपीय कंपनियों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है। रूस और चीन पर निर्भरता कम करने के यूरोप के प्रयासों ने भारत को अपनी विविधीकरण रणनीति में एक महत्वपूर्ण भागीदार बना दिया है।
भारत ने यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिजम (सीबीएएम) से जुड़े बाध्यकारी स्थिरता प्रावधानों का विरोध किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को उन ऐतिहासिक उत्सर्जनों के लिए दंडित करने को “अनुचित” बताया है जो उन्होंने पैदा नहीं किए हैं। अगर भारत और ईयू के बीच यह ट्रेड डील अंतिम रूप लेती है, तो यह समझौता वैश्विक व्यापार नियमों को आकार देने में भारत के एक निर्णायक खिलाड़ी के रूप में उभरने का प्रतीक होगा।























 
 

बिहार में 22 नवंबर से पहले संपन्न होंगे चुनाव, बीएलओ को ट्रेनिंग से मोबाइल तक दिखेंगे कई बदलाव : सीईसी ज्ञानेश कुमार

05-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश ) मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को जानकारी दी कि बिहार में 22 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 22 नवंबर तक बिहार विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उसके पहले ही राज्य में चुनाव संपन्न होंगे। 
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें दो सीटें एसटी और 38 सीटें एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में है। सबसे पहले चुनाव आयोग ने बिहार की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। इसके अलावा, बिहार के सभी जिलाधिकारी, एसपी-एसएसपी, आईजी और डीआईजी, कमिश्नर और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, नोडल अफसरों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी बिहार, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारियों और सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य सचिवों के साथ भी बैठक की गई।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार से शुरू होने वाली कुछ पहलों में सबसे पहले ट्रेनिंग शामिल है। बूथ लेवल एजेंट की पहली बार चुनाव आयोग ने ट्रेनिंग कराई। बिहार के सभी बूथ लेवल एजेंट की ट्रेनिंग दिल्ली में कराई गई। बूथ लेवल अफसरों की आईआईआईडीईएम में ट्रेनिंग कराई गई। देशभर के लगभग 700 बूथ लेवल अफसर और सुपरवाइजर की ट्रेनिंग पूरी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा, “साधारण तौर से पुलिस अफसरों की ट्रेनिंग जिला या राज्य में ही होती थी। इस बार मानक के तौर पर इनकी दिल्ली में भी ट्रेनिंग शुरू की गई। मतदाता सूची में सबसे बड़ी पहल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की रही। यह काम 24 जून से शुरू हुआ और समयबद्ध तरीके से सभी मतदाताओं के सहयोग के साथ समाप्त हुआ।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदाताओं को 15 दिन के अंदर वोटर आईडी दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बूथ लेवल अफसर को, जब वे मतदाता के पास जाएं तो मतदाता उन्हें पहचान पाएं, इसलिए बूथ लेवल अधिकारी के लिए फोटो आईडी कार्ड शुरू किए गए।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव से ही देश में पोलिंग बूथ पर मतदाताओं के मोबाइल रखने की व्यवस्था शुरू होगी। इस व्यवस्था का ट्रायल उपचुनाव के समय किया गया। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि मतदाताओं को दी जाने वाली स्लिप में बदलाव किया गया है, जिसमें बूथ नंबर और पता बड़े अक्षरों में मिलेगा। इससे मतदाता बूथ तक सुगमता के साथ जा सकते हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग की लगभग 40 एप्लीकेशन अब तक बन चुकी थीं। इन सभी को मिलाकर एक कंप्यूटर प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसका प्रोग्रेसिव इंप्लीमेंटेशन अभी जारी है। बिहार में इसको लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या ज्यादा होने पर लाइनें लगती थीं, इसलिए पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे। यह व्यवस्था बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू होगी।


 

नमो सेमीकंडक्टर लैब से मजबूत होगा भारत का चिप डिजाइन इकोसिस्टम, ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बूस्ट: केंद्र

05-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश )  देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में आईआईटी भुवनेश्वर में ‘नमो सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला’ की स्थापना को मंजूरी दी है। यह बयान रविवार को इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय की ओर से दिया गया। इस परियोजना को एमपीएलएडी योजना के तहत धनराशि प्रदान की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4.95 करोड़ रुपए है।
मंत्रालय ने कहा कि नमो सेमीकंडक्टर लैब युवाओं को उद्योग-अनुकूल कौशल प्रदान करके भारत के विशाल प्रतिभा पूल में योगदान देगी। यह लैब आईआईटी भुवनेश्वर को सेमीकंडक्टर अनुसंधान और कौशल विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। यह लैब पूरे भारत में स्थापित होने वाली चिप निर्माण और पैकेजिंग इकाइयों के लिए प्रतिभाओं को विकसित करने में सहायता करेगी।
यह नई प्रयोगशाला ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजाइन इन इंडिया’ पहलों को और बढ़ावा देगी। यह भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए उत्प्रेरक का काम करेगी। सरकार ने आगे कहा कि इस प्रस्तावित प्रयोगशाला में सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण, डिजाइन और निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण और सॉफ्टवेयर उपलब्ध होंगे। उपकरणों की अनुमानित लागत 4.6 करोड़ रुपए और सॉफ्टवेयर की लागत 35 लाख रुपए है।
भारत की वैश्विक चिप डिजाइन प्रतिभाओं में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। देश भर के 295 विश्वविद्यालयों के छात्र उद्योग द्वारा उपलब्ध कराए गए नवीनतम ईडीए उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। 20 संस्थानों के 28 छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए चिप एससीएल मोहाली में प्रदर्शित किए गए हैं।
ओडिशा को हाल ही में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए मंजूरी मिली है। इनमें से एक सिलिकॉन कार्बाइड आधारित मिश्रित सेमीकंडक्टर के लिए एक एकीकृत केंद्र है। दूसरी उन्नत 3डी ग्लास पैकेजिंग केंद्र है।
आईआईटी भुवनेश्वर में पहले से ही सिलिकॉन कार्बाइड अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र है। इस नई प्रयोगशाला से मौजूदा क्लीनरूम सुविधाओं में वृद्धि होगी। इससे भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को सहयोग देने के लिए अनुसंधान एवं विकास सुविधाएं प्राप्‍त होगी।
 

पीएम मोदी ने नेपाल आपदा पर जताया दुख, ‘भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध’

05-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश ) नेपाल में बारिश ने तबाही मचा रखी है, जिससे कई जगहों पर जलभराव हो गया है। बाढ़ और भूस्खलन में कई लोगों की जान चली गई है। इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि नेपाल में भारी बारिश से हुई जनहानि और क्षति दुखद है। इस कठिन समय में हम नेपाल की जनता और सरकार के साथ हैं। एक मित्रवत पड़ोसी और प्रथम प्रतिक्रियादाता के रूप में भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नेपाल में शुक्रवार से लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से अलग-अलग जगहों पर भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। भारत में दार्जिलिंग की सीमा से सटे इलाम जिले में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इलाम के मुख्य जिला अधिकारी सुनीता नेपाल ने बताया कि शनिवार को हुए भूस्खलन में तीन मकान ढह गए और अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि भूस्खलन में ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है, इसलिए मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। इलाम जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने जिले के स्थानीय प्रशासन से भूस्खलन और बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी सुनीता नेपाल ने कहा कि भूस्खलन की वजह से इलाम को दक्षिणी झापा जिले से जोड़ने वाला मेची राजमार्ग भी कई जगहों पर अवरुद्ध हो गया। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार से भारी बारिश हो रही थी, लेकिन रविवार सुबह स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ।
मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को जारी एक नोटिस में कहा कि अधिकांश जिलों में बारिश कम हुई है और काठमांडू घाटी के ललितपुर जिले के कुछ हिस्सों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई
मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को जारी एक नोटिस में कहा कि अधिकांश जिलों में बारिश कम हुई है और काठमांडू घाटी के ललितपुर जिले के कुछ हिस्सों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। विभाग ने कहा, “काठमांडू, मोरंग, सुनसरी, उदयपुर, सप्तरी, सिराहा, धनुषा, सरलाही, सिंधुली और रामेछाप जिलों के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो रही है।” विभाग ने रविवार दोपहर और रात को पूर्वी कोशी प्रांत के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। भूस्खलन के कारण कई राजमार्ग को भी नुकसान पहुंचा है, जिसकी वजह से आवाजाही भी बाधित हो गई।
नेपाल सरकार ने काठमांडू घाटी में आने-जाने वाले वाहनों के प्रवेश और निकास पर अभी भी प्रतिबंध जारी रखा है। मेट्रोपॉलिटन ट्रैफिक पुलिस डिवीजन के अनुसार, घाटी को जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग, पृथ्वी राजमार्ग (काठमांडू को पश्चिमी नेपाल से जोड़ता है), बीपी राजमार्ग (राजधानी को दक्षिण-पूर्वी नेपाल से जोड़ता है) और अरानिको राजमार्ग (काठमांडू को चीनी सीमा से जोड़ता है) पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं, देश की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने एक वीडियो संदेश जारी कर नागरिकों से घर के अंदर रहने और जब तक बहुत जरूरत न हो, यात्रा करने से परहेज करने की अपील की है। इसके अलावा उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

विजयादशमी पर राष्ट्रपति मुर्मु, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

03-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। तीनों नेताओं ने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक बताया और समाज में सत्य, न्याय, धर्म और सद्भाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और यह त्योहार हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में यह पर्व रावण दहन और दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है, जो भारत की जीवन-मूल्यों को दर्शाता है। राष्ट्रपति ने लिखा कि यह त्योहार हमें क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करने और संघर्ष तथा शौर्य जैसी सकारात्मक प्रवृत्तियों को अपनाने का संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कामना है कि यह पर्व हमें एक ऐसे समाज और देश के निर्माण के लिए प्रेरित करे, जहां न्याय, समानता और सद्भाव के साथ सभी लोग आगे बढ़ सकें।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक्स पर विजयादशमी की बधाई दी। उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी संदेश में कहा गया कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है और यह हमें सत्य, धर्म और साहस के स्थायी मूल्यों की याद दिलाता है। संदेश में लिखा गया कि विजयादशमी हमें ईमानदारी से काम करने, न्याय की रक्षा करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी के लिए खुशी, शांति और समृद्धि की कामना की और कहा कि यह पर्व देश की सेवा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करे।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजयादशमी की शुभकामनाएं एक्स के माध्यम से दी। उन्होंने लिखा कि विजयादशमी अच्छाई और सत्य की बुराई और असत्य पर जीत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर व्यक्ति को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। उन्होंने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। 

पद्म भूषण से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

03-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज गायक और पद्म भूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे और मिर्जापुर में उन्होंने अंतिम सांस ली। सुबह करीब 4:15 बजे उनका देहांत हुआ। पंडित मिश्र किराना घराने के प्रतिष्ठित गायक थे और शास्त्रीय व भक्ति संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। पिछले महीने उन्हें सीने में दर्द और हल्के हार्ट अटैक की शिकायत के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उनके सीने में संक्रमण और एनीमिया की समस्या सामने आई थी। सुधार के बाद हाल ही में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे तक वाराणसी लाया जाएगा, जहां लोग श्रद्धांजलि और अंतिम दर्शन करेंगे। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शाम 7 बजे के लिए की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय कला और संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जनसामान्य तक पहुंचाने के साथ-साथ भारतीय परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में भी अमूल्य योगदान दिया।”
पीएम मोदी ने यह भी याद किया कि 2014 में वाराणसी सीट से नामांकन के दौरान पंडित मिश्र उनके प्रस्तावक रहे थे। उन्होंने लिखा, “मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा। इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!” पंडित छन्नूलाल मिश्र का जीवन भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित रहा। वे खयाल, ठुमरी, दादरा और भजन गायकी के लिए प्रसिद्ध थे। 2010 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती सम्मान भी प्रदान किया गया था। उनके निधन से संगीत जगत में गहरा शोक है और भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया ने अपना एक बड़ा स्तंभ खो दिया है।

आरएसएस की शताब्दी पर पीएम मोदी ने स्वयंसेवकों को सराहा, कहा- ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से किया राष्ट्रनिर्माण

03-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ अपना जीवन देश निर्माण के लिए समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “सौ वर्ष पहले विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। यह कोई बिल्कुल नया निर्माण नहीं था, बल्कि भारत की सनातन राष्ट्रीय चेतना का ही एक नया रूप था, जो समय-समय पर चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रकट होती रही है। हमारे समय में संघ उसी राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों के लिए यह सौभाग्य है कि हम संघ की शताब्दी देख रहे हैं।” उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार को नमन किया और सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने संघ की भूमिका समझाते हुए कहा कि जैसे नदियां हर क्षेत्र को समृद्ध करती हैं, वैसे ही संघ ने शिक्षा, कृषि, सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय कल्याण जैसे अनेक क्षेत्रों में काम करके राष्ट्र को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा, “संघ का मंत्र हमेशा एक ही रहा है- राष्ट्र प्रथम।” प्रधानमंत्री ने लिखा कि संघ की स्थापना से ही उसका उद्देश्य राष्ट्रनिर्माण रहा है और इसके लिए उसने “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण” का मार्ग चुना। उन्होंने दैनिक शाखा को एक अद्वितीय साधन बताया, जहां से हर स्वयंसेवक “मैं” से “हम” की यात्रा शुरू करता है और व्यक्तिगत रूपांतरण से समाज व राष्ट्र की सेवा करता है।
इतिहास की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “संघ की स्थापना के समय से ही उसने राष्ट्र को अपनी प्राथमिकता माना। डॉ. हेडगेवार और कई स्वयंसेवक स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से शामिल हुए। डॉ. हेडगेवार कई बार जेल भी गए। विभाजन के समय और अन्य आपदाओं में भी संघ ने सेवा और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।” पीएम मोदी ने कहा कि पिछले सौ वर्षों में संघ ने समाज के हर वर्ग में आत्मविश्वास जगाया और दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंच बनाई। सेवा भारती, विद्या भारती, एकल विद्यालय और वनवासी कल्याण आश्रम जैसी संस्थाओं को उन्होंने आदिवासी समाज को सशक्त बनाने वाले स्तंभ बताया।
सामाजिक बुराइयों पर संघ की लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी समस्याओं के खिलाफ संघ हमेशा डटा रहा। गुरुजी ने ‘ना हिंदू पतितो भवेत’ का संदेश दिया। पूज्य बालासाहेब देवरस ने कहा था कि अगर छुआछूत गलत नहीं है तो दुनिया में कुछ भी गलत नहीं है। बाद में राज्जू भैया और सुदर्शन जी ने भी यही संदेश आगे बढ़ाया। आज मोहन भागवत जी ने ‘एक कुआं, एक मंदिर और एक श्मशान’ की बात कर समाज को एकजुट करने का आह्वान किया।”
वर्तमान चुनौतियों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि आज भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन विदेशी निर्भरता, एकता तोड़ने की साजिशें और घुसपैठ जैसी चुनौतियां सामने हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इनसे निपट रही है और संघ ने भी इनसे निपटने के लिए ठोस रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने संघ के “पंच परिवर्तन” का भी उल्लेख किया-स्व-बोध (औपनिवेशिक मानसिकता छोड़कर स्वदेशी अपनाना), सामाजिक समरसता (हाशिये पर खड़े वर्गों के लिए न्याय और समानता), कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना), नागरिक शिष्टाचार (नागरिक कर्तव्यों का पालन), और पर्यावरण संरक्षण (भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रकृति की रक्षा) शामिल है। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों के मार्गदर्शन में संघ अपनी दूसरी शताब्दी की यात्रा शुरू कर रहा है और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उसका योगदान महत्वपूर्ण होगा।
 

भारत-ईएफटीए व्यापार समझौता लागू, 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियों का अवसर

03-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हुआ ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (टीईपीए) एक अक्टूबर से लागू हो गया है। इस समझौते से भारत को अगले कुछ वर्षों में 100 अरब डॉलर का निवेश मिलेगा और लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। इसके साथ ही भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक साझेदारी और मजबूत होगी। ईएफटीए में चार देश -स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और इन देशों के बीच व्यापार करना आसान हो जाएगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह भारत का पहला ऐसा व्यापार समझौता है, जिसमें निवेश प्रतिबद्धता भी शामिल है। इसका मकसद भागीदार देशों के बीच हितों का संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
समझौते के लागू होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा कि ईएफटीए देशों की कुल आबादी अकेले मुंबई की आबादी से भी कम है, लेकिन साझेदारी उनकी क्षमता और बड़े दिल से प्रेरित है। उन्होंने इस समझौते को विजयादशमी और नवमी के शुभ अवसर पर लागू होना भी खास बताया। उनके अनुसार, यह शुरुआत समृद्धि, स्पष्टता और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। गोयल ने कहा कि टीईपीए सिर्फ टैरिफ कम करने या निवेश की प्रतिबद्धता का समझौता नहीं है, बल्कि यह एक स्थिर और भरोसेमंद ढांचा है, जो निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि यह समझौता शिक्षा, कृषि, उद्योग, प्रौद्योगिकी और कई अन्य क्षेत्रों में बड़े अवसर खोलेगा।
उन्होंने भारत की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि यहां डेटा की लागत अमेरिका की तुलना में केवल 3 प्रतिशत है और वैश्विक औसत से भी काफी कम है। उन्होंने एबीबी और नेस्ले जैसी स्विस कंपनियों के भारत से पुराने जुड़ाव को याद किया और कहा कि भारत न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि वैश्विक विस्तार का केंद्र भी है। गोयल ने उदाहरण देते हुए बताया कि नेस्ले इंडिया और एबीबी इंडिया जैसी कंपनियों के शेयरों का उच्च प्राइस-टू-अर्निंग रेश्यो भारत की अर्थव्यवस्था में विश्वास और भविष्य की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।कार्यक्रम में उन्होंने ईएफटीए देशों के उद्योगों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और कहा कि भारत का माहौल पारदर्शी, खुला और निवेशक-हितैषी है। यहां लगभग सभी क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भारत और ईएफटीए दोनों की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच साझेदारी और गहरी होगी। 
 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को दो टूक : सर क्रीक में हिमाकत की तो बदल जाएंगे इतिहास और भूगोल

03-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने सर क्रीक क्षेत्र में कोई भी हिमाकत की तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि उसका इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि 1965 की जंग में भारतीय सेना लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखा चुकी है और आज भी हमारी सेनाएं कराची तक पहुंचने का रास्ता जानती हैं। विजयादशमी के अवसर पर गुरुवार को रक्षा मंत्री भुज एयरबेस पहुंचे, जहां उन्होंने सेना के जवानों के साथ शस्त्र पूजा की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सफल रहे ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक तक भारत की डिफेंस प्रणाली को तोड़ने की नाकाम कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को यह संदेश गया है कि भारतीय सेना जब चाहे, जहां चाहे और जैसे चाहे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।”
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत ने अपनी शक्ति के बावजूद संयम दिखाया क्योंकि यह कार्रवाई केवल आतंकवाद के खिलाफ थी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य युद्ध छेड़ना नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना था। मुझे खुशी है कि हमारे सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया।” रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी सर क्रीक विवाद बना हुआ है। भारत ने कई बार बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पाकिस्तान ने सर क्रीक के पास अपना सैन्य ढांचा बढ़ाया है, जो उसकी मंशा को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर पाकिस्तान ने सर क्रीक में कोई हरकत की, तो उसे ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है।”
महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि गांधी जी मनोबल का ज्वलंत उदाहरण थे। उन्होंने बिना हथियारों के ब्रिटिश साम्राज्य को झुकने पर मजबूर किया। राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारे सैनिकों के पास शस्त्र भी हैं और अटूट मनोबल भी। हमारे सामने कोई भी चुनौती टिक नहीं सकती।” उन्होंने शस्त्र पूजा के मौके पर मां दुर्गा से प्रार्थना की कि वे भारतीय सैनिकों को शक्ति और साहस प्रदान करें ताकि वे अधर्म और आतंकी शक्तियों का नाश करते रहें और राष्ट्र को अजेय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि थल सेना, वायु सेना और नौसेना हमारी शक्ति के तीन स्तंभ हैं और सरकार लगातार तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति पर जोर दे रही है।
इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए भारतीय सैनिकों और अधिकारियों को विशेष बधाई दी और कहा कि शस्त्र पूजा केवल शस्त्रों का ही नहीं, बल्कि उन्हें धारण करने वाले सैनिकों के सम्मान का प्रतीक है।

मानेसर में ‘नमो वन’ की नींव रखकर वन्यजीव सप्ताह 2025 का हुआ शुभारंभ

03-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को हरियाणा के मानेसर में ‘नमो वन’ का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के साथ ही वन्यजीव सप्ताह 2025 के समारोहों की शुरुआत हुई। इस मौके पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। समारोह में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया गया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों, वन विभाग के अधिकारियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई हितधारकों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जंगल और वन्यजीव संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की समृद्ध जैव विविधता को बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि हर साल 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाने वाला वन्यजीव सप्ताह पूरे देश में लोगों को पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का एक अभियान है।
इस बार वन्यजीव सप्ताह का विषय ‘सेवा पर्व’ रखा गया है। इसका उद्देश्य प्रकृति के प्रति सेवा और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। इस थीम के जरिए पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने और नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया जा रहा है।
 



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