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मोदी 3.0 के 100 दिन: सरकार की उपलब्धियां गिनाने की तैयारी पूरी, मंत्रालय बताएंगे सफलता की कहानी

11-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन पूरे होने को हैं. इस मौके पर मंत्रालय द्वारा किए गए कार्यों को जनता के सामने रखने की प्लानिंग की जा रही है. 9 जून को मंत्रियों के शपथ लेने के बाद से अब तक कितना काम हुआ है, ये जनता के सामने रखा जाएगा. 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्मदिन पर यह खुशी दोगुनी हो जाएगी.2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पीएम ने देश से वादा किया था कि मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन का खाका तैयार है. उन्होंने चुनावी नतीजे घोषित होने से पहले रोडमैप तैयार करने के लिए शीर्ष नौकरशाहों की बैठक भी बुलाई थी. 
एनडीए सरकार का फोकस इन मुद्दों पर
साल 2014 और 2019 में एनडीए सरकारों ने सितंबर के पहले हफ्ते में अपने 100 दिन पूरे होने का जश्न मनाया था. इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया था कि सरकार की तरफ से उठाए कदम पार्टी के चुनावी वादों और संघ परिवार के मुख्य एजेंडे दोनों के लिए प्रतिबद्धता को दिखाते हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद बीजेपी का ध्यान  महिलाओं, किसानों, गरीबों और युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने और शासन में निरंतरता दिखाने पर होगा.
इन मुद्दों पर विपक्ष कर रहा आलोचना
अपने पिछले दो कार्यकालों के उलट एनडीए सरकार को अपने कुछ फैसलों को वापस लेने के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है. इनमें सिविल सेवाओं में 45 डोमेन एक्सपर्ट्स की भर्ती के लिए विज्ञापन वापस लेना,  रियल एस्टेट के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन लाभ बहाल करना शामिल है. वहीं ब्रॉडकास्ट बिल के एक मसौदे को भी वापस ले लिया गया है. क्यों कि यह चिंता उठ रही थी कि इसका मकसद ऑनलाइन कंटेंट पर ज्यादा कंट्रोल करना है.
बता दें कि हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में पीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनवाई थीं, जिनमें 12 नए औद्योगिक शहरों का निर्माण,इंटर्नशिप पैकेज, पेंशन सुधार और हाई स्पीड कॉरिडोर की मंजूरी शामिल है.

शिमला की मस्जिद में अवैध निर्माण पर बड़ा बवाल, सड़कों पर उतरे लोग, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, धारा 163 लागू

11-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमाल में मस्जिद के अंदर हुए अवैध निर्माण को लेकर तनाव और बढ़ने लगा है. इस मस्जिद को लेकर  बुधवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की भी खबर आ रही है. पुलिस ने एहतियातन शिमला के संजौली में धारा 163 लगा दी है. बताया जा रहा है कि इस अवैध बनी मस्जिद को लेकर हिंदू संगठन के प्रदर्शनकारी आक्रमक हो गए और वहां लगे पुलिस बेरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की.हालात को बिगड़ता देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया. पुलिस ने हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष कमल गौतम को हिरासत में भी लिया है. 
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमाल में अवैध बनी मस्जिद को लेकर तनाव और बढ़ने लगा है. बुधवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की भी खबर आ रही है. पुलिस ने एहतियातन शिमला के संजौली में धारा 163 लगा दी है. बताया जा रहा है कि इस अवैध बनी मस्जिद को लेकर हिंदू संगठन के प्रदर्शनकारी आक्रमक हो गए और वहां लगे पुलिस बेरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की. 
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार देर रात इलाके में फ्लैग मार्च कर शांति बनाए रखने की अपील की थी. फिलहाल संजौली में हर जगह पर पुलिस तैनात है. मस्जिद के बाहर भी पुलिस बल तैनात है. आपको बता दें कि शिमला के संजौली उपनगर में मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को लेकर बीते दिनों नगर निगम के आयुक्त की कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इस मामले में अब अगली सुनवाई कुछ दिन बाद होगी. 
आखिर क्या है ये विवाद
बताया जा रहा है कि शिमला के संजौली इलाके में बगैर किसी अनुमति के मस्जिद में अवैध निर्माण कराने का आरोप है.   स्थानीय लोगों को कहना है कि यहां अब बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने आते हैं. ये निर्माण पूरी तरह से अवैध है ऐसे में इस निर्माण को अनुमित नहीं दी जानी चाहिए. ये मस्जिद 1947 में बनाई गई थी लेकिन 2010 में इस मस्जिद पुनर्मिाण किया गया. इसी दौरान यहां कई अवैध निर्माण किए हैं. लोगों को कहना है कि शिमला नगर निगम ने मस्जिद के अंदर किए गए अवैध निर्माण को लेकर कई बार नोटिस दिया है लेकिन इसके बावजूद भी अवैध निर्माण करने का काम नहीं रोका गया. बताया जाता है कि 2010 तक सिर्फ एक मंजिल तक ही यह मस्जिद थी. लेकिन धीरे-धीरे करके इसके ऊपर निर्माण कार्य कराया जाता रहा. और आज स्थिति ये है कि ये मस्जिद बहुमंजिला हो चुकी है. 
 

पटना : गांधी मैदान विस्फोट केस में 4 दोषियों की मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील

11-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  बिहार की राजधानी पटना में साल 2013 में गांधी मैदान में हुए विस्फोट मामले में पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को चार दोषियों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है. चारों दोषियों को पहले सिविल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. बता दें कि हैदर अली, मोजिबुल्लाह, नोमान और इम्तियाज को सजा-ए-मौत दी गई थी. लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. साथ ही उमर और अजहरुद्दीन को उम्रकैद की सजा देने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा.बता दें कि निचली अदालत ने इस घटना को रेयर आफ द रेयरेस्ट माना था. 
जानें क्या था मामला
गांधी मैदान में बम धमाके की ये घटना 27 अक्टूबर 2013 को हुई थी. उस वक्त लोकसभा चुनाव 2014 के लिए सभी पार्टियां प्रचार में जुटी थीं. इस दौरान नरेंद्र मोदी पटना पहुंचे थे. गांधी मैदान में बीजेपी ने हुंकार रैली का आयोजन किया गया था. वे रैली को संबोधित कर रहे थे. उसी समय पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 स्थित सुलभ शौचालय के पास पहला बम ब्लास्ट हुआ था. इसके बाद गांधी मैदान में और आसपास छह स्थानों पर सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. विस्फोटों में छह लोगों की मौत हुई थी और 89 लोग घायल हुए थे.
इस घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से एनआईए जांच की मांग की थी. एनआईए ने इस मामले में 2014 में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. मामले में 187 लोगों की कोर्ट में गवाही कराई गई थी. 

गुजरात के भरूच में धार्मिक झंडा लगाने पर तनाव, आमने-सामने आए दो गुट, पथराव

11-Sep-2024
भरूच।    ( शोर संदेश )  गुजरात के भरूच में बीती रात धार्मिक झंडे को लेकर दो गुटों के बीच तनाव का मामला सामने आया है. इस दौरान दोनों तरफ से पथराव की घटना भी हुई है. हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में कर लिया. बताया जा रहा है कि विवाद एक तरफ गणेश महोत्सव और दूसरी तरफ इस्लामिक धार्मिक झंडा लगने से शुरू हुआ. हालांकि, अभी स्थिति काबू में है.
डीएसपी भारूच मयूर चावड़ा के मुताबिक बीती रात 10.30 बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली थी कि दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए हैं. पुलिस मौके पर पहुंची तो इसमें झंडे लगाने के विषय में दोनो और बवाल हुआ था. पुलिस ने आकर स्थिति पर काबू पाया है. फिलहाल इसकी जांच चल रही है.
बता दें कि हाल ही में सूरत के लालगेट इलाके के सैयदपुरा क्षेत्र में गणेश उत्सव के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई थी. यहां एक गणेश पंडाल पर पथराव की घटना से इलाके में तनाव फैल गया था. घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके बाद सैकड़ों लोग विरोध जताने के लिए सैयदपुरा पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए थे. 
33 आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार
तनाव को देखते हुए मौके पर स्थानीय विधायक भी पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई थी. गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जानकारी दी थी कि मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और 27 अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया, जो ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में शामिल थे.
 

मलाइका अरोड़ा के पिता ने खुदकुशी की: बांद्रा स्थित बिल्डिंग की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई, मर्चेंट नेवी में...

11-Sep-2024
मुंबई।   ( शोर संदेश )  एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने बुधवार सुबह खुदकुशी कर ली। घटना सुबह 9 बजे की है। 67 साल के अनिल ने बांद्रा स्थित बिल्डिंग आयशा मैनॉर की सातवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी की। कारणों का पता अभी नहीं चला है।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शव को बाबा अस्पताल में रखा गया है।
डीसीपी राज तिलक रोशन की मानें तो प्राथमिक जांच में खुदकुशी की बात निकलकर सामने आ रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम हर एंगल को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मलाइका को जब पिता के निधन की खबर मिली तब वे पुणे में थीं। जानकारी मिलते ही एक्ट्रेस तुरंत मुंबई पहुंच गईं। PTI को मलाइका के करीबी सूत्रों ने बताया कि अनिल अरोड़ा ने सुसाइड नहीं किया है, ये एक एक्सीडेंट है। पुलिस के पंचनामे से चीजें साफ हो पाएंगी।
अनिल की पत्नी और मलाइका की मां जॉइस ने पुलिस को दिए स्टेटमेंट में कहा कि अनिल रोज सुबह बालकनी में बैठकर न्यूजपेपर पढ़ते थे। बुधवार सुबह जब उन्होंने लिविंग रूम में अनिल की स्लिपर्स देखीं तो वो बालकनी में गईं। वहां उन्हें अनिल कहीं नहीं दिखाई दिए तो उन्होंने नीचे झांककर देखा। वॉचमैन जॉइस ने आगे कहा कि अनिल किसी बीमारी से नहीं जूझ रहे थे। उन्हें सिर्फ घुटनों में दर्द रहता था। उन्होंने मर्चेंट नेवी से वीआरएस लिया था।
अनिल मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे बीते साल अनिल को बीमारी की वजह से मुंबई के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मलाइका को मां जॉइस के साथ हॉस्पिटल में स्पॉट किया गया था। हालांकि, उनके ट्रीटमेंट की वजह सामने नहीं आ सकी थी।

200 पुलिसकर्मी और 18 शूटरों को छका रहा 5वां भेड़िया आखिरकार पकड़ा गया

10-Sep-2024
बहराइच।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों ने 35 से ज्यादा गांवों में आतंक का माहौल बना दिया है. यहां लोग रात में चैन की नींद नहीं ले पाते हैं. रात-रातभर जाकर अपने परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं. वन विभाग का कहना है कि महसी तहसील इलाके में छह भेड़ियों का एक झुंड है, जो बच्चों को निशाना बना रहा है. भेड़ियों के हमले में अबतक 9 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं. इनमें से एक और आदमखोर भेड़िये को पकड़ लिया गया है यानी अबतक पांच भेड़िये पकड़ में आ चुके हैं और अब वन विभाग छठे भेड़िये की तलाश में जुटा है. 
वन विभाग ने सिसैया चूणामणि हरबक्शपुरवा गांव से आदमखोर को पकड़ा है. भेड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जाल, पिंजरे और ड्रोन कैमरे लगवाए थे. यहां पुलिस और वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं ताकि भेड़िये बच्चों को शिकार न बना पाएं. 
बहराइच में इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए 5 वन प्रभागों बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, श्रावस्ती, गोंडा और बाराबंकी की लगभग 25 टीमें लगी हुई हैं. जहां बहराइच के डीएफओ इन भेड़ियों की संख्या कुल छह बता रहे हैं तो प्रभावित इलाकों के ग्रामीण इनकी संख्या दो दर्जन बता रहे हैं. इन गांवों में भेड़ियों की वजह से डर का ऐसा माहौल बना है कि लोग रात-रातभर जागकर गांव का पहरा दे रहे हैं. अपने बच्चों और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अंधेरा होने के बाद घर के बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं.  
इससे पहले बहराइच में भेड़ियों से लोगों को बचाने के लिए 200 पुलिसकर्मियों और देखकर ही मार गिराने वाले शूटरों को इन गांवों में तैनात किया गया था. इसके अलावा पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें रात में पेट्रोलिंग भी कर रही हैं. गांव वालों को सलाह दी जा रही है कि अपने बच्चों को सुरक्षित रखें और रात में घरों के गेट लगाकर अंदर ही सोएं. 
कबसे शुरू हुआ भेड़ियों का आतंक?   
बहराइच के औराही गांव से भेड़ियों के आतंक की शुरुआत हुई थी. यहां भेड़ियों ने पहला अटैक 7-7 साल के दो बच्चों पर किया था. फिरोज नाम के बच्चे पर करीब दो महीने पहले भेड़ियों के झुंड ने हमला कर दिया था. वो अपनी मां के साथ सोया था तभी रात करीब 12 बजे एक भेड़िया घर के बरामदे में घुसा और उसकी गर्दन दबोचकर भाग गया. इस दौरान उसकी मां दोनों पैर पकड़कर बच्चों को बचाने की कोशिश करती रही. भेड़िया बच्चे को करीब 200 मीटर दूर तक खेत में घसीटकर ले गया. जब उसकी मां ने शोर मचाया तो गांव के लोग जुटे और फिर वो भेड़िया बच्चे को गांव के पास खेत में छोड़कर भाग गया. लहू लुहान फिरोज को फिर परिवार और गांव के लोग अस्पताल ले गए, जहां 13 दिनों तक इलाज के बाद उसकी जान बची. उसके चेहरे, गर्दन, सिर, कान, पीठ और छाती पर भेड़िए के काटे हुए निशान आज भी मौजूद हैं और वह बच्चा भेड़िए के नाम से ही सिहर जाता है.

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी डॉक्टर अब तक नहीं लौटे काम पर, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक काे हटाने की मांग

10-Sep-2024
कोलकाता।  ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिरकल कॉलेज का मामला सुर्खियों में है. ट्रेनी लेडी डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने अब तक प्रदर्शन बंद नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए उन्होंने कहा कि वे काम नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है. 
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि हम स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक का इस्तीफा चाहते हैं. उन्होंने घोषणा की कि वे मंगलवार दोपहर को साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन तक रैली भी निकालेंगे. एक प्रदर्शनकारी डॉक्टर ने कहा कि हमारी मांगे अब तक पूरी नहीं हुआ है. मृतका को न्याय नहीं मिला है. हमारा आंदोलन जारी रहेगा. हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य सचिव और डीएचई इस्तीफा दें. हम आज दोपहर स्वास्थ्य भवन तक रैली निकालेंगे. 
जूनियर डॉक्टर करीब एक माह से काम नहीं कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले, डॉक्टरों को काम पर तत्काल रूप से लौटने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि कर्तव्य की कीमत पर विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वे शाम पांच बजे तक काम पर लौट जाएं. अदालत ने डॉक्टरों को आश्वस्त किया कि अगर वे शाम तक काम पर आ जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी. 
बता दें, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लाल बाजार में स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ आठ अगस्त और नौ अगस्त की दरमियानी रात दुष्कर्म किया गया. इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. नौ अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में डॉक्टर का अर्धनग्न शव मिला. शव के पास ही उसका मोबाइल और लैपटॉप भी पड़ा था. पीएम रिपोर्ट में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया. एसआईटी ने रात को अस्पातल में ड्यूटी कर रहे एक सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया. बता दें, मृतका मेडिकल कॉलेज के चेस्ट मेडिसिन विभाग की छात्रा और ट्रेनी डॉक्टर थी. वह स्नातकोत्तर के द्वितीय वर्ष में थी. पीड़िता आठ अगस्त को नाइट शिफ्ट कर रही थी और रात 12 बजे के बाद उसने दोस्तों के साथ डिनर भी किया था, जिसके बाद से वह अपने दोस्तों को नहीं दिखी और सुबह उसकी लाश मिली. बता दें, कोलकाता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया है.

शिवराज सिंह चौहान को राहुल गांधी पर आया गुस्सा, बोले- ‘विदेश में देश की छवि खराब करना देशद्रोह’

10-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार में मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। शिवराज ने कहा है कि राहुल गांधी विदेश की धरती पर जाकर देश विरोधी बातें कह रहे हैं। यह देश की छवि खराब करने की कोशिश है। राहुल गांधी देशद्रोह कर रहे हैं।
बता दें, राहुल गांधी अमेरिका यात्रा पर हैं, जहां अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, इंटरव्यू दे रहे हैं और सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। राहुल गांधी ने भाजपा, नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर निशाना साधा। साथ ही देश की न्याय व्यवस्था, मीडिया और चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा, देश में हुआ आम चुनाव निष्पक्ष नहीं था। यदि निष्पक्ष होता तो भाजपा को 246 सीट नहीं मिलती। यह चुनाव नियंत्रित था। हमारे पास निष्पक्ष खेल का मैदान नहीं था। हमारे खाते बंद कर दिए गए। तमाम संस्थाओं पर भाजपा का कब्जा था।
राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल गांधी लगातार हार के बाद कुंठित मानसिकता के हो गए हैं। राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि वे नेता प्रतिपक्ष है।
शिवराज ने याद दिलाया कि नरसिम्हा राव की सरकार के समय अटल बिहारी वाजपेयी नेता प्रतिपक्ष थे। अटल जी जब भी विदेश जाते, भारत की बात करते थे। उन्होंने कभी देश की छवि खराब करने वाली बात नहीं कही। राहुल गांधी भाजपा और नरेंद्र मोदी की बुराई करते-करते देश के ही खिलाफ बोलने लगे हैं।

कानपुर टू अजमेर, रेल हादसे की साजिश, रेलवे ट्रैक पर मिला 1-1 क्विंटल का पत्थर

10-Sep-2024
अजमेर।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद अब राजस्थान में ट्रेन को पलटाने की साजिश रचने का मामला प्रकाश में आया है. राजस्थान के अजमेर जिले में रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग जगहों पर करीब एक क्विंटल के सीमेंट ब्लॉक मिले हैं. बताया जा रहा है कि इस साजिश के जरिए मालगाड़ी को पलटाने की कोशिश की गई थी. करीब 1 किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर सीमेंट के ब्लॉक रखे गए थे. बता दें कि बीते सोमवार को कानपुर में रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर मिला था, जिससे कालिंदी एक्सप्रेस टकरा गई थी.

अजमेर में सराधना और बांगड़ ग्राम स्टेशन के बीच 2 स्थानों पर सीमेंट के एक क्विंटल किलो वजनी ब्लॉक रखा हुआ मिला है. रेलवे ट्रैक पर एक किलोमिटर के दूरी में दो जगह सीमेंट के ब्लॉक रखे गए थे. डिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन (डीएफसीसी) कर्मचारी रवि बुंदेला और विश्वजीत दास ने एफआईआर दर्ज करवाई है. एफआईआर के मुताबिक़ 8 सितंबर की रात 10:36 बजे सूचना मिली कि ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रखा हुआ है. मौके पर पहुंचे तो पाया कि वह टूट कर गिरा हुआ है. एक किमी आगे एक और ब्लॉक टूट कर साइड में रखा हुआ था. ये दोनों ब्लॉक अलग-अलग जगह पर रखे हुए थे.

इसके बाद डीएफसीसी और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने मिलकर सराधना से बांगड़ ग्राम स्टेशन तक पेट्रोलिंग की. इस दौरान स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि राजस्थान में एक महीने में तीसरी बार ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश हुई है. इससे पहले 28 अगस्त को बारां के छबड़ा में मालगाड़ी के ट्रैक पर बाइक का स्क्रैप फेंका गया था, जिसमें इंजन बाइक के कबाड़ से टकरा गया.
23 अगस्त को पाली में अहमदाबाद-जोधपुर वंदे भारत ट्रैक पर रखे सीमेंट ब्लॉक से टकरा गई थी. बता दें कि कानपुर में अनवरगंज-कासगंज के बीच रविवार की रात को कालिंदी एक्सप्रेस गैस सिलेंडर से टकरा गई थी. इस दौरान जब मौके पर छानबीन शुरू की गई तो पेट्रोल से भरे हुए बोतल और एक बैग भी मिला था. यूपी पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
 

सूरत के सैयदपुरा में गणेश पूजा पंडाल पर पथराव से बवाल, अब तक 33 लोग दबोचे

09-Sep-2024
सूरत।   ( शोर संदेश )  गुजरात के सूरत के सैयदपुरा इलाके में कुछ नाबालिगों द्वारा गणेश पूजा पंडाल पर पथराव करने से शहर में सांप्रदायिक तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में पथराव करने वाले सभी 6 आरोपियोंं को पकड़ा है। वहीं, 27 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की गुस्साई भीड़ ने इलाके में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया था। 
सूरत जिले के सैयदपुरा इलाके में सोमवार तड़के गणेश पूजा पंडाल पर कुछ नाबालिगों द्वारा पथराव किए जाने के बाद तनाव फैल गया। इसके बाद हजारों की संख्या में स्थानीय लोग स्थानीय पुलिस इकाई के पास पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल स्थिति को काबू करने के लिए मौके पर पहुंचा। पुलिस ने गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। मामले की जानकारी मिलते ही गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया और पुलिस को इस घटना में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर्ष संघवी ने सोमवार को कहा कि सूरत के सैयदपुरा इलाके में 6 लोगों ने गणेश पंडाल पर पथराव कर दिया और उन सभी को पकड़ लिया गया है। मंत्री ने कहा कि पुलिस ने ऐसी घटना को बढ़ावा देने वाले 27 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।



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