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चीन की हर चाल को मात देगा आईएनएस अरिघात, न्यूक्लियर पनडुब्बी की खासियत सुनकर कांप उठेंगे दुश्मन देश

29-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) समुद्र में भारतीय नौसेना की ताकत अब और बढ़ने वाली है। नौसेना के बेड़े में दूसरी न्यूक्लियर पनडुब्बी आईएनएस अरिघात 29 अगस्त dks शामिल होने जा रही है। यह पनडुब्बी हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करेगी। इस पनडुब्बी को के-4 जैसी घातक मिसाइल से लैस किया जाएगा। यह मिसाइल 3 हजार किलोमीटर की दूरी तक वार करने की क्षमता रखती है।
वहीं, अरिघात भी अरिहंत की तरह के-15 मिसाइलों से लैस होगी। हिंद महासागर में चीन के बढ़ते वर्चस्व से निपटने के लिए भारत को ज्यादा न्यूक्लियर पनडुब्बी की जरूरत है।
भारत की पहली न्यूक्लियर पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत थी, जो साल 2014 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुई थी। आईएनएस अरिहंत की तुलना में आईएनएस अरिघात ज्यादा अपडेटेड और खतरनाक है। भारतीय नौसेना और भी दो न्यूक्लियर पनडुब्बी को तैयार कर रही है, जो साल 2035-36 तक बनकर तैयार हो जाएगी।
क्या है आईएनएस अरिघात की खासियत?
आईएनएस अरिघात को विशाखापट्टनम के जहाज निर्माण केंद्र पर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल एटीवी प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है।
न्यूक्लियर रिएक्टर से चलने वाली यह सबमरीन आम पनडुब्बी  से तेज चल सकती है। इतना ही नहीं यह सतह पर चलने वाले जहाजों की रफ्तार की बराबरी भी कर सकती हैं।
आम पनडुब्बियां जहां सिर्फ कुछ घंटों तक ही पानी के नीचे रह पाती हैं, वहीं यह पनडुब्बी महीनों तक पानी में रह सकती हैं।
आईएनएस अरिघात पानी की सतह पर 12-15 समुद्री मील यानी 22 से 28 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा रफ्तार से चल सकती है।
 

जातिगत जनगणना विवाद के बीच जेपी नड्डा से मिलीं कंगना, नीतिगत मामलों पर न बोलने की नसीहत

29-Aug-2024
  ( शोर संदेश )   बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत विवादों में बनी हुई हैं. किसानों पर बयान देकर विपक्ष के निशाने पर आईं मंडी से सांसद कंगना रनौत के जातिगत जनगणना वाले बयान पर विवाद हो गया है. इस बीच गुरुवार को कंगना ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है.
बताया जा रहा है कि जेपी नड्डा ने कंगना से कहा कि अगर आपको बातें करनी है तो आपको अपने संसदीय क्षेत्र के बारे में बात करनी चाहिए, वहां की समस्यों के बारे में बात करें, लेकिन ऐसी बातें जोकि नीतिगत मुद्दे हैं और जिनपर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व में फैसला होता है या ऐसे मुद्दे जो कहीं ना कहीं सरकार से जुड़े होते हैं, उन बातों या उन मुद्दों पर आप बयान ना दें. आप सांसद जरूर हैं, लेकिन नीतिगत मामलों पर आप अधिकृत नहीं है और ना ही जाहिर है बीजेपी कंगना के बयान को लेकर अपना नफा-नुकसान देख रही है, जब किसान नेताओं को लेकर इस तरह के बयान दिए जाते हैं और उसपर प्रतिक्रिया देखने को मिलती है तो बीजेपी ने समय रहते कंगना को समझाने की कोशिश की है.
कांग्रेस ने क्या कहा?
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कंगना कह रही हैं कि देश में जातिगत जनगणना बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. कंगना के इस बयान को कांग्रेस ने बीजेपी की सोच बताया है और कहा है कि बीजेपी जातिगत जनगणना के खिलाफ है.
कांग्रेस के हमले के बाद जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि कंगना रनौत के बयानों से बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया है, वो बीजेपी की अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं, जेडीयू देश भर में जातिगत जनगणना के पक्ष में है.
विवादों में कंगना रनौत
कंगना ने हाल ही में कहा था कि अगर देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो भारत में ‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’ पैदा हो सकती थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह शव लटक रहे थे और बलात्कार हो रहे थे. जाट किसान बहुल हरियाणा में विधानसभा चुनाव के तहत आगामी एक अक्टूबर को मतदान होने जा रहा है, ऐसे में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधा.

मुकेश अंबानी नहीं अब गौतम अडानी हो गए भारत के सबसे अमीर शख्स, ये है पूरी लिस्ट

29-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  पोर्ट, एयरपोर्ट से लेकर सीमेंट, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में काम करने वाले अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी अब एशिया और देश के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं. उन्होंने मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है, जो लंबे समय से नंबर-1 के स्पॉट पर बने हुए थे. गौतम अडानी के साथ ये करिश्मा तब हुआ है जब 2023 की शुरुआत में उन्हें हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट का सामना करना पड़ा और इससे उबरने में उन्हें एक साल से ज्यादा का वक्त लगा.
हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 के मुताबिक 31 जुलाई 2024 तक के डेटा के हिसाब से गौतम अडानी देश के सबसे अमीर इंसान हो चुके हैं. उनकी संपत्ति 11.6 लाख करोड़ रुपए को पार कर चुकी है.
हर 5 दिन में बना एक अरबपति
हुरुन इंडिया की लिस्ट में कहा गया है कि 31 जुलाई 2024 तक इस साल भारत ने हर 5 दिन में एक अरबपति बनाया है. एशिया में वेल्थ क्रिएशन के मामले में भारत तेजी से उभर रहा है, जबकि चीन के अंदर इसमें गिरावट देखी जा रही है. भारत के अंदर 2024 के दौरान वेल्थ क्रिएशन में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि देश में अरबपतियों की संख्या 334 हो चुकी है.
लिस्ट में ये लोग भी है शामिल
अब मुकेश अंबानी इस लिस्ट में अब दूसरे स्थान पर आ गए हैं. उनकी संपत्ति 10.14 लाख करोड़ रुपए हो गई है. जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीस के फाउंडर शिव नादर एंड फैमिली 3.14 लाख करोड़ रुपए की दौलत के साथ इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं.
वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट की मालिक एस. पूनावाला इस लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं. वहीं सन फार्मास्युटिकल्स के दिलीप सांघवी पांचवे स्थान पर हैं. बीते 5 सालों में 6 व्यक्ति ऐसे रहे हैं जो लगातार भारत के टॉप-10 अरबपतियों में शुमार रहे हैं.
इस लिस्ट में कुमार मंगलम बिड़ला फैमिली छठवें स्थान पर, गोपीचंद हिंदुजा सातवें, राधाकृष्ण दमानी आठवें, अजीम प्रेमजी नौवें और नीरज बजाज फैमिली दसवें स्थान पर हैं.

5 दिनों तक बंद रहेगी पासपोर्ट सेवा, सरकार ने बताई ये वजह

29-Aug-2024
 ( शोर संदेश )   भारत सरकार नौकरी पेशा लोगों के लिए भी समय-समय पर कई बड़े कदम उठाती है रहती है. इस कदम के तहत जॉब वाले कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाती है. ऐसा एक बड़ा कदम एम्पलाइज प्रोविडेंड फंड आर्गेनाइजेशन के रूप में उठाया गया है. दरअसल ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारी पीएफ के जरिए न सिर्फ अपना धन संचय करते हैं बल्कि भविष्य भी सुरक्षित करते हैं. ऐसे ही ईपीएफओ से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल ईपीएफओ के तहत आपकी जॉब खत्म होने यानी आपके रिटायर्ड होने के बाद भी आपको अच्छी खासी पेंशन मिलती है. आइए जानते हैं कि जॉब खत्म होने के बाद भी आप ईपीएफओ के जरिए किसी तरह मालामाल बन सकते हैं. 
ईपीएफओ में कितनी तरह की होती है पेंशन
पीएफ खाते में कर्मचारी के साथ-साथ नियोक्ता यानी जहां वह काम करता है वो कंपनी भी अपना सेम राशि के रूप में कंट्रीब्यूशन करती है. दरअसल ईपीएफओ सरकारी संस्था है इसके भारत सरकार की ओर से ही संचालित किया जाता है. खास बात यह है कि ईपीएफओ के तहत कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद भी पेंशन मिलती है और यह पेंशन एक दो नहीं बल्कि 6 तरह की होती है.
वेतन का 12 फीसदी होता है खाते में जमा
ऑर्गेनाइज्ड यानी संगठित क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों का ईपीएफओ के तहत खाता होता है. इसी खाते में उन्हें अपने वेतन का 12 फीसदी हर माह जमा करना होता है. इसमें कंपनी की ओर से भी सहयोग दिया जाता है. यह जमा राशि दो हिस्सों में होती है. 8.33 प्रतिशत हिस्सा खुद कर्मचारी के वेतन से कटता है जो पेंशन फंड के रूप में जमा होता है. वहीं 3.67 फीसदी हिस्सा कर्मचारी के प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ में क्रेडिट हो जाता है. 
क्या है पेंशन मिलने की शर्त
किसी भी संगठित क्षेत्र का वह कर्मचारी जिसका ईपीएफ में खाता है और उसकी  उम्र 58 वर्ष पूरी हो गई हो या फिर उसे किसी कंपनी में काम करते हुए 10 वर्ष पूरे हो गए हों, तभी वह पेंशन के लिए पात्र होता है. कर्मचारियों को अलग-अलग तरह की पेंशन व्यवस्था की गई है. कुल 6 तरह की पेंशन दी गई हैं.

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश से सड़कें-अंडरपास सब जलमग्न, कई जगह जाम, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

29-Aug-2024
दिल्ली ,  ( शोर संदेश )   एनसीआर में देर रात से झमाझम बारिश का दौर जारी है. नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर के अधिकतर इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है. दिल्ली-एनसीआर के तमाम इलाकों से भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार सुस्त होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है. 
जलभराव के बीच ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी 
सड़कों पर जगह-जगह जाम के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करके जलमग्न रास्तों से बचने की सलाह दी है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए जलभराव के कारण प्रभावित सड़क यातायात और रूट डायवर्ट की जानकारी दी है. 
जलभराव के कारण कई जगह जाम
जलभराव की वजह से कामकाजी लोगों को सुबह-सुबह दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. महरौली से बदरपुर रोड और सफदरगंज इन्क्लेव में सड़कों पर भारी जलभराव है. दिल्ली में सफरदरजंग क्षेत्र में सुबह 5.30 बजे तक 7 सेमी और पालम में 5 सेमी बारिश दर्ज हुई है. 
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है. जिसकी वजह से दिल्ली, बिहार, यूपी, गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड सहित ज्यादातर राज्यों में आज, 29 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने 31 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
एनएच-48 और इंडिया गेट पर भी भारी जाम है. गुरुग्राम और एयरपोर्ट से धौला कुआं जाने वाले रास्ते पर भी गाड़ियों की रफ्तार सुस्त है. दिल्ली के कालकाजी मंदिर और नेहरू प्लेस से चिराग दिल्ली और आईआईटी दिल्ली के तरफ जाने वाली सड़क पर भी जलभराव है. 
बता दें कि बारिश के कारण दिल्ली की सड़कों पर पानी भरने की वजह से यातायात प्रभावित होता है. दिल्ली के पॉश इलाकों से लेकर आम सड़कें तक सब जलमग्न हो जाती हैं. ऐसे में लोगों को एक बार फिर गाड़ियों की रफ्तार थमने के साथ सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है.
 

गाड़ियां-घर सब पानी के अंदर, गुजरात की सड़कें बनीं समंदर

28-Aug-2024
गुजरात  ( शोर संदेश )   में भारी बारिश से हाहाकार मचा है.सूरत,कच्छ समेत करीब दर्जनभर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.राज्य में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां उफान हैं. इसके चलते कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है.
इस बीच मौसम विभाग ने अभी बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की है. मौसम विभाग ने अभी तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. भारी बारिश के कारण राजकोट में शहर की सड़कों पर इतना पानी है कि गाड़ियां पूरी तरह से डूब चुकी हैं.
घरों में इतना पानी भर गया है कि बुजुर्गों को कंधों पर उठाकर रेस्क्यू किया जा रहा है. सड़क के ऊपर बह रहे पानी का बहाव इतना तेज है कि एक बाइक सवार अपना बैलेंस खो बैठा. खुद तो किसी तरह बच गया लेकिन बाइक पानी में बह गई.
उफान पर नदियां, बांध भी ओवरफ्लो
राजकोट का रामनाथ महादेव मंदिर भी अब सैलाब की चपेट में है. आस-पास की गलियों से बरसाती नाले पूरी रफ्तार से बह रहे हैं. राजकोट में दो दिन में बीस इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है. पंचमहल में तीन बड़े बांध भारी बारिश की वजह से ओवरफ्लो हो गए हैं. इनसे लाखों क्यूसेक पानी अबतक छोड़ा जा चुका है.
बारिश और बांध से छोड़े जा रहे पानी की वजह से आसपास के इलाकों में बाढ़ आ गई है. गुजरात के खेड़ा में शेढी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पास के गांव जलमग्न हो गए हैं. नदी के पास एक गौशाला में करीब 12 घंटे तक 15 लोग फंसे रहे जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
गुजरात में जलप्रलय! समंदर बनी सड़कें, डैम हुए लबालब, IMD ने 28 जिलों में जारी किया रेड अलर्ट
जामनगर में टोलनाका के पास एक कार नाले के तेज बहाव में फंस गई. कार में परिवार के चार लोग सवार थे जो कार के ऊपर चढ़कर मदद मांगते नज़र आए. पानी की तेज धार में बहती कार पेड़ों के बीच फंस गई, जिससे इन लोगों की जान बची. वहीं, जामनगर में पुलिस चौकी भी पानी के तेज बहाव में ऐसे बहती नजर आई जैसे कोई नाव हो.
उफान पर नर्मदा नदी
गुजरात में बारिश की वजह से 700 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई. सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी डांग और छोटाउदेपुर जिलों में कुल 523 सड़कें बंद हैं. भारी बारिश की वजह से नर्मदा बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से नर्मदा नदी उफान पर है. पानी खतरे के निशान के करीब बह रहा है.

वडोदरा में जिन सड़कों पर गाड़ियां फर्राटा भरती थीं.आज वहां कई फीट पानी भरा है.वडोदरा में 48 घंटे से जोरदार बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. लोगों को अब  सैलाब के सितम से राहत की आस है. हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त को भी सौराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान है. उत्तर गुजरात के जिलों को छोड़कर सभी जिलों में रेड अलर्ट है.

बंगाल बंद के दौरान भाजपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग का दावा, दो जख्मी

28-Aug-2024
कोलकाता।  ( शोर संदेश )  भाजपा के बंगाल बंद के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है। एक भाजपा नेता ने दावा किया है कि उनकी कार पर सामने से टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने फायरिंग की है। इस गोलीबारी में दो लोग जख्मी हुए हैं। यह घटना उत्तर 24 परगना के भाटपारा इलाके की है। एक पार्टी लीडर ने कहा कि हत्या के प्रयास में यह फायरिंग की गई और कुल 7 गोलियां चलाई गई थीं। भाजपा नेता प्रियांगु पांडे ने कहा कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों ने यह हमला किया है। उनकी कार के शीशे में दिख रहे गोलियों के निशान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस मामले की जानकारी देते हुए बंगाल भाजपा के नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि यह टीएमसी के लोगों ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रियांगु पांडे हमारी पार्टी के नेता हैं। वह आ रहे थे तो उनकी गाड़ी पर बम चलाया गया। गाड़ी न रुकने पर फिर गोलियां चलाई गईं। एक गोली ड्राइवर के सिर के पास लगी है। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति रवि सिंह को मारा गया। प्रियांगु पांडे की हत्या करने की साजिश थी और भगवान के आशीर्वाद से वह किसी तरह से बच गया। उन पर गोली चलाने वाले लोग जुआ खेलने का रैकेट चलाते हैं और यह सब एसीपी की निगरानी में हुआ।
उन्होंने कहा कि एसीपी ने मंगलवार को ही कह दिया था कि भाटपारा में भाजपा का कोई आदमी बंगाल बंद के वक्त दिखना नहीं चाहिए। अर्जुन सिंह ने कहा कि जिन दो लोगों पर हमला हुआ है, उनमें से एक की हालत गंभीर है। भाजपा लीडर ने कहा कि टीएमसी के पास अब कुछ बचा नहीं है। इनके पास दो ही चीजें हैं- पुलिस और गुंडा। इनके खिलाफ प्रदर्शन करके भी कुछ होने वाला नहीं है। हमें प्रतिक्रिया के बारे में सोचना होगा। अर्जुन सिंह ने इस घटना के विरोध को लेकर कहा कि पहले तो जान ही बचा ली जाए। उसके बाद कुछ किया जाएगा।

नबन्ना प्रोटेस्ट के आयोजक सयान लाहिड़ी कौन हैं, स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट से ममता क्यों खौफ में हैं?

28-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित सूबे के कई इलाकों में छात्रों की तरफ से नबन्ना प्रोटेस्ट चल रहा है. बीजेपी ने आज यानी बुधवार को 12 घंटे के लिए बंगाल बंद बुलाया था. इसको लेकर कई जगह से छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आई है.इसके साथ ही, नबन्ना अभियान का आयोजन करने वाले स्टूडेंट लीडर सयान लाहिड़ी को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है. 
बीजेपी ने आज 12 घंटे का बंगाल बंद बुलाया था. नबन्ना अभियान के तहत सचिवालय तक मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने आज 12 घंटे का बंगाल बंद बुलाया है. यह बंद सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगा.
कौन हैं सयान लाहिड़ी?
बंगाल में होने वाले नबन्ना अभियान के पीछे सयान लाहिड़ी ही कोशिश थी. लाहिड़ी को इस अभियान का आयोजनकर्ता बताया जा रहा है. सयान लाहिड़ी पश्चिम बंग छात्र समाज से जुड़े हैं.
छात्र आंदोलन कर रहे संगठन का कहना है कि उनका अभियान राजनीतिक नहीं है. हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि सायन लाहिड़ी बीजेपी,आरएसएस से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. 
'होटल में किसी नेता से हुई मुलाकात'
पुलिस ने सायन की राजनीतिक पहचान के बारे में भी संदेह व्यक्त किया है. पुलिस ने दावा किया कि सायन एक राजनीतिक नेता के साथ सीक्रेट मीटिंग के लिए फाइव स्टार होटल में गया था.
छात्रों के आंदोलन से क्यों डर रही हैं ममता?
मौजूदा वक्त में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर ममता बनर्जी काबिज हैं.एक ऐसा भी वक्त था, जब ममता बनर्जी ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट किया और आपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाया. साल 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने पर ममता बनर्जी को पुलिस द्वारा शारीरिक रूप से पीटा गया और राज्य सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया गया. ममता बनर्जी ने वाम मोर्चा सरकार की नीतियों और कथित अत्याचारों के खिलाफ राज्य में तमाम विरोध प्रदर्शनों और मार्चों का आयोजन और नेतृत्व किया.

मोहन भागवत को मिलेगी पीएम मोदी और शाह जैसी सुरक्षा, अब एएसएल के कवर में रहेंगे आरएसएस चीफ

28-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  आरएसएस चीफ मोहन भागवत अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसी एडवांस सुरक्षा के बीच रहेंगे। उनके जेड प्लस सुरक्षा कवर को बढ़ाकर एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) कर दिया गया है। ऐसे में उनकी सुरक्षा में अब और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। उनका सुरक्षा घेरा पहले से भी ज्यादा पुख्ता होगा। हाल ही में गृह मंत्रालय की ओर से की गई समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।
क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक समीक्षा बैठक में पाया गया कि गैर बीजेपी शासित राज्यों में मोहन भागवत की सुरक्षा के दौरान ढिलाई बरती गई है। ऐसे में संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा में इजाफा करने का फैसला लिया गया है। फिलहाल मोहन भागवत की सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान और अधिकारी शामिल थे। जानकारी के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसकी जानकारी दे दी गई है। मोहन भागवत अब बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इतना ही नहीं हेलीकॉप्टर यात्रा की अनुमति केवल विशेष रूप से डिजाइन किए गए हेलीकॉप्टरों में ही दी जाएगी।
कैसी होती है जेड प्लस सिक्योरिटी
भारत में सबसे सुरक्षित दल एसपीजी को माना जाता है। यह केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है। इसके बाद जेल प्लस सुरक्षा सबसे एडवांस होती है। इसमें 55 जवान सिक्योरिटी पाने वाले वीआईपी की 24 घंटे सुरक्षा करते हैं। यह जवान नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानी एनएसजी के कमाांडो होते हैं। जिस व्यक्ति को यह सुरक्षा दी जाती है, उसके घर से लेकर दफ्तर और यात्रा के दौरान यह कमांडो साथ रहते हैं। हर जवान मार्शल आर्ट और निहत्थे लड़ने में प्रशिक्षित होता है। यह भारत के चुनिंदा लोगों को ही दी जाती है।
कैसे काम करती है एएसएल
यह सुरक्षा एक रूल बुल के आधार पर काम करती है। इसे ब्लू बुक कहा जाता है। इसमें एक तरह का प्रोटोकॉल होता है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इसे खास ध्यान रखा जाता है। एएसएल में संबंधित राज्य में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी, राज्य के पुलिस अधिकारी और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट शामिल होते हैं। एएसएल रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं।

यूपी में 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदले,अखिलेश यादव बोले-नाम’नहीं,हालात भी बदलें

28-Aug-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश में आठ रेलवे स्टेशनों के नाम बदल दिए गए हैं। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के आठ रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने का मंगलवार को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया गया। इन स्टेशनों के नाम संतों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे गए हैं। 
उत्तर रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिन रेलवे स्टेशनों के नाम बदले गए हैं, उनमें जायस रेलवे स्टेशन, अकबरगंज रेलवे स्टेशन, फुरसतगंज रेलवे स्टेशन,वारिसगंज हाल्ट रेलवे स्टेशन, निहालगढ़ रेलवे स्टेशन, बनी रेलवे स्टेशन, मिसरौली रेलवे स्टेशन और कासिमपुर हॉल्ट रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
आदेश के मुताबिक, कासिमपुर हॉल्ट रेलवे स्टेशन का नाम जायस सिटी रेलवे स्टेशन, जायस रेलवे स्टेशन का नाम गुरु गोरखनाथ धाम, मिसरौली रेलवे स्टेशन का नाम मां कालिकन धाम, बनी रेलवे स्टेशन का नाम स्वामी परमहंस, अकबरगंज रेलवे स्टेशन का नाम मां अहोरवा भवानी धाम, फुरसतगंज रेलवे स्टेशन का नाम तपेश्वर धाम, वारिसगंज हाल्ट स्टेशन का नाम अमर शहीद भाले सुल्तान के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा निहालगढ़ स्टेशन का नाम बदलकर महाराजा बिजली पासी रेलवे स्टेशन किया गया है।
कैसे स्टेशनों को मिले नए नाम?
आपको बता दें कि अमेठी की पूर्व सांसद और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने इन जगहों की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को संरक्षित करने की मांग की थी। इसके बाद इन स्टेशनों का नाम बदला गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जायस स्टेशन के पास गुरु गोरखनाथ धाम आश्रम है, इसलिए स्टेशन का नाम आश्रम के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा गया था।
अधिकारी ने बताया कि मिश्रौली, बानी, अकबरगंज और फुरसतगंज रेलवे स्टेशनों के पास भगवान शिव और देवी काली के कई मंदिर हैं और उनके नाम उसी के अनुसार रखे गए हैं। निहालगढ़ स्टेशन ऐसे इलाके में स्थित है, जहां पासी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। यहां ज्यादातर किसान रहते हैं, इसलिए इसका नाम बदलकर महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि वारिसगंज को भाले सुल्तान की बहादुरी के लिए जाना जाता है। उन्होंने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और इसलिए स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखा गया।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर कसा तंज
वहीं, रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,भाजपा सरकार से आग्रह है कि रेलवे स्टेशनों के सिर्फ ‘नाम’ नहीं, हालात भी बदलें। और जब नाम बदलने से फुरसत मिल जाएं तो रिकॉर्ड कायम करते रेल दुर्घटना की रोकथाम के लिए भी कुछ समय निकालकर विचार करें।



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