ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

यूपी में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, 8 लाख रुपये तक देगी योगी सरकार

28-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  यूपी की योगी सरकार नई सोशल मीडिया पॉलिसी लेकर आई है। राज्य सरकार की इस पॉलिसी के तहत आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर डिजिटल एजेंसी और फर्म के लिए विज्ञापन की व्यवस्था भी की गई है। सोशल मीडिया पॉलिसी को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, योगी सरकार अपनी जन कल्याणकारी, लाभकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए यह पॉलिसी लेकर आई है। पॉलिसी में अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब पर सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित कॉन्टेंट, वीडियो, ट्वीट, पोस्ट और रील को शेयर करने पर उन्हें विज्ञापन देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस पॉलिसी के तहत विज्ञापन का लाभ लेने के लिए कॉन्टेंट प्रोवाइडर को चार श्रेणियों बांटा गया है। इसमें एजेंसी या फर्म को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सब्सक्राइबर और फॉलोअर्स के आधार पर बांटा गया है- 5 लाख, 4 लाख, 3 लाख और 30 हजार रुपये प्रति महीना, जबकि यूट्यूब वीडियो शॉट और पॉडकास्ट भुगतान के लिए 8 लाख रुपये, 7 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 4 लाख रुपये रखा गया है।
देश विरोधी पोस्ट पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान
योगी सरकार नई सोशल मीडिया पॉलिसी में राष्ट्र विरोधी कॉन्टेंट डालने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। अभी तक आईटी एक्ट की धारा 66ई, और 66एफ के तहत कार्रवाई की जाती थी। इसके अलावा अभद्र एवं अश्लील सामग्री पोस्ट करने पर आपराधिक मानहानि के मुकदमे का भी सामना करना पड़ सकता है।
 
 

बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में बदला ट्रैक, पहली ही लिस्ट में 50 फीसदी से ज्यादा मुसलमान उम्मीदवार

26-Aug-2024
श्रीनगर।   ( शोर संदेश )  जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी गई है, जिसमें 44 नामों को शामिल किया गया है। खास बात है कि पार्टी ने पहली सूची में 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मौका देने का फैसला किया है। 90 सीटों वाले जम्मू और कश्मीर में लगभग एक दशक के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं।
इन मुस्लिम उम्मीदवारों को दिया मौका
भाजपा की पहली सूची में 14 मुस्लिम उम्मीदवार हैं। इनमें पाम्पोर से सैयद शौकत गयूर अंद्राबी, राजपोरा से अर्शीद भट्ट, शोपियां से जावेद अहमद कादरी, अनंतनाग पश्चिम से मोहम्मद रफीक वानी, अनन्तनाग से सैयद वजाहत, श्रीगुफवाड़ा बिजबेहरा से सोफी यूसुफ, इन्दरवल से तारिक कीन, बनिहाल से सलीम भट्ट को मौका दिया है।
जम्मू और कश्मीर चुनाव
संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 60-70 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चुनाव को लेकर एक बैठक हुई थी, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा समेत कई बड़े नेता शामिल थे।
भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके तहत 18 सितंबर को पहले, 25 सितंबर को दूसरे और 1 अक्टूबर को तीसरे चरण की वोटिंग होना है। वहीं, चुनाव के नतीजों का ऐलान 4 अक्टूबर को होगा। साल 2019 में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में था भाजपा का सिर्फ एक मुस्लिम कैंडिडेट
4 जून को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 240 सीटों पर जीत हासिल की थी। खास बात है कि तब चुनाव में पार्टी ने सिर्फ एक ही मुस्लिम कैंडिडेट को मैदान में उतारा था। केरल की मलप्पुरम सीट से डॉक्टर अब्दुल सलाम ने चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। केंद्र में भी भाजपा 272 के बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई थी।
 

पीएम बोले-कोर्ट के सामने चक्कर शब्द मेंडेटरी हो गया था, इसमें फंस गए तो कब निकलेंगे पता नहीं; दशकों बाद सरकार ने प्रभावी कदम उठाए

26-Aug-2024
जोधपुर।   ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में कहा- दशकों से कोर्ट के सामने चक्कर शब्द मेंडेटरी (अनिवार्य) हो गया था। कोई बुरा मत मानना। कोर्ट का चक्कर, मुकदमे का चक्कर यानी एक ऐसा चक्कर हो गया था कि इसमें फंस गए तो कब निकलेंगे पता नहीं। मोदी ने रविवार को राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह में ये बात कही। मोदी ने हाईकोर्ट म्यूजियम का भी उद्घाटन किया।
मोदी ने कहा- आज दशकों बाद आम लोगों की पीड़ा और उस चक्कर को खत्म करने के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। मेरा मानना है कि न्याय हमेशा सरल और स्पष्ट होता है, लेकिन कई बार प्रक्रियाएं उसे मुश्किल बना देती है। हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम न्याय को सरल और स्पष्ट बनाएं।
पीएम ने कहा- राजस्थान हाईकोर्ट के अस्तित्व से हमारे राष्ट्र की एकता का इतिहास जुड़ा है। आप सब जानते हैं कि सरदार पटेल ने जब 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एक सूत्र में पिरोया था, तो उसमें राजस्थान की भी कई रियासतें थीं। जयपुर, उदयपुर और कोटा जैसी कई रियासतों के अपने हाईकोर्ट भी थे। इनके इंटिग्रेशन (एकीकरण) से राजस्थान हाईकोर्ट अस्तित्व में आया यानी राष्ट्रीय एकता ये हमारे ज्यूडिशियल सिस्टम का भी फाउंडिंग स्टोन है। ये फाउंडिंग स्टोन जितना मजबूत होगा, हमारा देश और व्यवस्थाएं भी उतनी ही मजबूत होंगी।
मोदी ने कहा- मेरा मानना है कि न्याय हमेशा सरल और स्पष्ट होता है, लेकिन कई बार प्रक्रियाएं उसे मुश्किल बना देती हैं। ये हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम न्याय को ज्यादा से ज्यादा सरल और स्पष्ट बनाएं। मुझे संतोष है कि देश ने इस दिशा में कई ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए हैं। हमने पूरी तरह से अप्रासंगिक हो चुके सैकड़ों औपनिवेशिक कानूनों को रद्द किया है। आजादी के इतने दशक बाद गुलामी की मानसिकता से उबरते हुए देश ने भारतीय दंड संहिता की जगह 'भारतीय न्याय संहिता' को अपनाया है। दंड की जगह न्याय ये भारतीय चिंतन का आधार है। संहिता इस मानवीय चिंतन को आगे बढ़ाती है।
पीएम ने कहा- आज देश के सपने भी बड़े हैं। देशवासियों की आकांक्षाएं भी बड़ी हैं, इसलिए जरूरी है कि हम नए भारत के हिसाब से नए इनोवेशन करें और अपनी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाएं। ये ‘जस्टिस फॉर ऑल’ के लिए भी उतना ही जरूरी है। आज देश में 18 हजार से ज्यादा अदालतें कम्प्यूटराइज्ड हो चुकी हैं। मुझे बताया गया है कि नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड से 26 करोड़ से ज्यादा मुकदमों की जानकारी एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुड़ चुकी है।
मोदी ने कहा- आज पूरे देश की 3 हजार से ज्यादा कोर्ट परिसर और 1200 से ज्यादा जेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ गई हैं। मुझे खुशी है कि राजस्थान भी इस दिशा में काफी तेज गति से काम कर रहा है। हमारी न्यायपालिका ने निरंतर राष्ट्रीय विषयों पर सजगता और सक्रियता की नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने का, देश के संवैधानिक एकीकरण का उदाहरण हमारे सामने है। सीएए जैसे मानवीय कानून का उदाहरण भी हमारे सामने हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा- अभी 15 अगस्त को मैंने लाल किले से सेक्यूलर सिविल कोड (धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता) की बात की है। इस मुद्दे पर भले ही कोई सरकार पहली बार इतनी मुखर हुई हो, लेकिन हमारी ज्यूडिशियरी दशकों से इसकी वकालत करती आई है। राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर न्यायपालिका का ये स्पष्ट रुख न्यायपालिका पर देशवासियों में भरोसा और बढ़ाएगा। मुझे विश्वास है हमारी अदालतें ईज ऑफ जस्टिस (न्याय में आसानी) को इसी तरह सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेंगी। हम जिस विकसित भारत का सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उसमें हर किसी के लिए सरल, सुलभ और सहज न्याय की गारंटी हो, ये बहुत जरूरी है।

दोषी कोई भी हो, बचना नहीं चाहिए, सबका हिसाब होगा; महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर पीएम मोदी

25-Aug-2024
नई दिल्ली।    ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के जलगांव में रविवार को जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने कहा, 'आज मैं एक बार फिर देश के हर राजनीतिक दल से कहूंगा और राज्य सरकार से कहूंगा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अक्षम्य पाप है। दोषी कोई भी हो, वो बचना नहीं चाहिए। उसको किसी भी रूप में मदद करने वाले बचने नहीं चाहिए।' उन्होंने कहा कि अस्पताल हो, स्कूल हो, दफ्तर हो या फिर पुलिस व्यवस्था... जिस भी स्तर पर लापरवाही होती है सबका हिसाब होना चाहिए। महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए हमारी सरकार कानूनों को भी लगातार सख्त कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार, बेटियों के लिए हर सेक्टर खोल रही है, जहां कभी उन पर पाबंदियां थीं। आज तीनों सेनाओं में महिला अफसर तैनात हो रही हैं, फाइटर पायलट तैनात हो रही हैं। गांव में कृषि और डेयरी सेक्टर से लेकर... स्टार्ट अप्स क्रांति तक, आज बड़ी संख्या में बेटियां बिजनेस मैनेज कर रही हैं।' उन्होंने कहा कि ये हमारी सरकार ने तय किया कि जो गरीबों के घर सरकार बनाती है तो वो महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड हों। अभी तक जो 4 करोड़ घर बने हैं, वो अधिकतर महिलाओं के नाम पर हैं। अभी हम 3 करोड़ और घर बनाने वाले हैं, इनमें से भी अधिकतर घर हमारे माताओं-बहनों के नाम पर ही होंगे। उन्होंने कहा, 'मैं आज चुनौती देता हूं- पहले की सरकारों के 7 दशक एक तरफ रख लीजिए और दूसरे तराजू में मोदी सरकार के 10 साल रख लीजिए। जितना काम मोदी सरकार ने देश के बहन-बेटियों के लिया किया है, वो आजादी के बाद किसी सरकार ने नहीं किया है।'
'10 साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं'

लखपति दीदी महासम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के दौरान जब मैं आपके पास आया था, तो मैंने वादा किया कि हमें 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। इसका मतलब है कि जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में काम करती हैं और उनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से अधिक है। पिछले 10 साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं और सिर्फ दो महीने में 11 लाख और लखपति दीदी एक करोड़ बन गईं।' उन्होंने कहा कि आज यहां लखपति दीदी का महासम्मेलन हो रहा है। मेरी बहनें यहां बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। आज यहां से देशभर के लाखों सखी मंडलों के लिए 6 हजार करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है। मेरी सभी माताओं-बहनों को बहुत-बहुत शुभेच्छा।
पोलैंड की राजधानी में कोल्हापुर मेमोरियल

नरेंद्र मोदी ने कहा, 'लखपति दीदी बनाने का ये अभियान, सिर्फ बहनों-बेटियों की कमाई बढ़ाने का ही अभियान नहीं है। ये पूरे परिवार को, आने वाली पीढ़ियों को सशक्त कर रही है। ये गांव के पूरे अर्थतंत्र को बदल रही हैं।' पोलैंड दौरे को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'पोलैंड के लोग महाराष्ट्र के लोगों का बहुत सम्मान करते हैं। वहां की राजधानी में एक कोल्हापुर मेमोरियल है। पोलैंड के लोगों ने ये मेमोरियल कोल्हापुर के लोगों की सेवा और सत्कार की भावना को सम्मान देने के लिए बनाया है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड की हजारों माताओं और बच्चों को कोल्हापुर के राज परिवार ने शरण दी थी।'
नेपाल में बस हादसे पर जताया खेद

पीएम मोदी ने नेपाल में हुए बस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'मैं नेपाल बस हादसे को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं। इस हादसे में हमने महाराष्ट्र के अनेक साथियों को खोया है। मैं सभी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। जैसे ही ये हादसा हुआ भारत सरकार ने तुरंत नेपाल सरकार से संपर्क किया। हमने हमारी मंत्री रक्षा खडसे को तुरंत नेपाल जाने के लिए कहा।' उन्होंने कहा कि हमारे जो परिजन नहीं रहे उनके पार्थिव शरीर को हम वायु सेना के विमान से वापस लाए हैं। जो घायल हैं, उनका अच्छे से इलाज चल रहा है। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
 

यूक्रेन से लौटते वक्त 46 मिनट तक पाकिस्तान में रहा पीएम मोदी का विमान, इस्लामाबाद में हड़कंप

25-Aug-2024
इस्लामाबाद:   ( शोर संदेश )  पाकिस्तानी मीडिया डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा से लौटते वक्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान 46 मिनट तक पाकिस्तान के एयरस्पेस में रहा। इससे पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया की सद्भावना के बिना ही पीएम मोदी ने पोलैंड और यूक्रेन से लौटते वक्त पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल किया। पोलैंड की एक हाई-प्रोफाइल यात्रा से लौटते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के माध्यम से पीएम मोदी ने 46 मिनट की अप्रत्याशित यात्रा की।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरते समय प्रधानमंत्री मोदी ने सद्भावना संदेश देने की परंपरा को भी दरकिनार कर दिया। उनके इस फैसले ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बारे में फिर से चर्चा शुरू कर दी। हालांकि, विमानन उद्योग के एक सूत्र ने डॉन से बात करते हुए कहा कि सद्भावना का संदेश एक परंपरा है, मजबूरी नहीं। सूत्र ने कहा, "इसके अलावा पीएम मोदी जैसे ही भारत पहुंचेंगे। इससे उनको अपने आलोचकों से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 
इस्लामाबाद और लाहौर के ऊपर से पीएम मोदी ने भरी उड़ान
पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्टों ने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह भारतीय विमान चित्राल से पाकिस्तान में दाखिल हुआ और अमृतसर में प्रवेश करने से पहले इस्लामाबाद और लाहौर के ऊपर से उड़ान भरी। विमानन क्षेत्र के सूत्र के अनुसार पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र भारत के वाणिज्यिक हवाई यातायात के लिए खुला था। “प्रधानमंत्री के विमान को किसी देश के ऊपर से उड़ान भरने के लिए विशेष सहमति की आवश्यकता नहीं होती है और उसे पूरी अनुमति मिलती है। कुछ मामलों में, पीएम के विमान को कॉल साइन आवंटित किया जाता है, उसी तरह जैसे पाकिस्तान से राष्ट्राध्यक्षों को ले जाने वाले विमान को 'पाकिस्तान 1' जैसे कॉल साइन आवंटित किए जाते हैं। 
पाकिस्तान ने 2019 से भारत के लिए बंद किया था हवाई क्षेत्र
भारत की ओर से बालाकोट में एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद से पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का आरोप लगाकर 26 फरवरी, 2019 के बाद से अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया था। बाद में मार्च में इसने अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोल दिया, लेकिन इसे भारतीय उड़ानों के लिए प्रतिबंधित रखा। पाकिस्तान ने उसी वर्ष कश्मीर विवाद पर बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी की उड़ान के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के पीएम मोदी के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। इसके दो साल बाद पाकिस्तान ने भारतीय प्रधानमंत्री की नॉन-स्टॉप उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र से होकर अमेरिका जाने की अनुमति दे दी थी।
 

5000 Rupee Note: बदल दिए जाएंगे सारे नोट, प्लास्टिक से बनेंगे, 5000 रुपये का नोट भी चलेगा

25-Aug-2024
  ( शोर संदेश )   आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपनी करेंसी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. यह फैसला भारत की नोटबंदी से मिलता-जुलता है. मगर, नोटों को बदलने का फैसला बिलकुल अलग तरीके से लागू किया जाएगा. इसका ऐलान अभी से कर दिया गया है ताकि लोगों को इस बारे में जानकारी रहे. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर जमील अहमद ने कहा है कि देश में चल रहे सभी कागज के नोटों को दिसंबर तक पॉलीमर प्लास्टिक नोट से बदल दिया जाएगा. इससे फेक करेंसी की समस्या खत्म हो जाएगी. 
नए प्लास्टिक नोट रीडिजाइन होंगे, सुरक्षा फीचर भी बढ़ेंगे 
जमील अहमद ने सीनेट की एक कमेटी से कहा कि नए प्लास्टिक नोटों को रीडिजाइन किया जाएगा. साथ ही इसमें सुरक्षा के नए फीचर और होलोग्राम जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि 10 रुपये से लेकर 50, 100, 500, 1000 और 5000 के नए नोट जारी किए जाएंगे. सीनेट कमेटी के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पुराने नोटों को तत्काल नहीं हटाया जाएगा. इन्हें 5 साल तक चलने दिया जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे इन्हें मार्केट से बाहर कर दिया जाएगा. 
ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले 1998 में चलाए थे ऐसे नोट
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर ने बताया कि सेंट्रल बैंक नए पॉलीमर प्लास्टिक बैंक नोट के साथ प्रयोग कर रहा है. इस नोट को जनता को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाएगा. अगर सही प्रतिक्रिया आई तो सारे नोट प्लास्टिक के बना दिए जाएंगे. फिलहाल 40 देशों में पॉलीमर प्लास्टिक बैंक नोट इस्तेमाल किए जा रहे हैं. ऐसा कहा जाता है कि इनके नकली नोट बनाना बहुत मुश्किल काम है. ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले 1998 में ऐसे नोट चलाए थे. 
भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी चलता रहेगा 5000 रुपये का नोट
इसके अलावा जमील अहमद ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में 5000 रुपये का नोट चलता रहेगा. सेंट्रल बैंक ने इसे बंद करने की कोई योजना नहीं बनाई है. पाकिस्तान में इस बड़े नोट के खिलाफ आवाज उठाई जा रही थी. सीनेट मेंबर मोहम्मद अजीज ने कहा था कि इतने बड़े नोट से भ्रष्टाचार करने में आसानी हो जाती है. मगर, स्टेट बैंक गवर्नर ने कहा कि अभी हमें 5000 रुपये के नोट की जरूरत है.

कोलकाता कांड: अब पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पहुंची सीबीआई, फॉरेंसिक टीम के डॉक्टर के ठिकानों पर भी छापा

25-Aug-2024
कोलकाता    ( शोर संदेश )   रेप-मर्डर मामले में नया अपडेट आया है. क्राइम वाली जगह आरजी कर हॉस्पिटल में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सीबीआई की टीम अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के घर पहुंची. इसके अलावा, चार और ठिकानों पर भी सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच पहुंची है, जिसमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी के डेमोस्ट्रेटर डॉ. देबाशीष सोम का घर भी शामिल है.
सीबीआई की एक टीम डॉ. संदीप घोष के आवास पर पहुंची, दूसरी टीम आरजी कर में फोरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. देबाशीष सोम के आवास पर और तीसरी टीम आरजी कर अस्पताल के पूर्व एमएसवीपी संजय वशिष्ठ के आवास पर पहुंची है. सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रशासनिक ब्लॉक में पहुंची.
अस्पताल के पूर्व उप-अधीक्षक अख्तर अली ने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हो रहे भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संबंध में डॉ. देबाशीष सोम का नाम लेते हुए शिकायत दर्ज कराई है.
मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट जेल में ही किया जाएगा, जहां वो 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है. बाकी छह लोगों का टेस्ट सीबीआई के दफ्तर में किया जा रहा है. संजय का पॉलीग्राफ टेस्ट इसलिए जरूरी है, क्योंकि वो इस केस का मुख्य आरोपी है. उससे जानना है कि शक के मुताबिक कब कैसे वारदात को अंजाम दिया, क्या उसके साथ कोई और भी शामिल था. पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष शुरू से शक के घेरे में है. उनसे नौवें दिन भी सवाल हो रहे हैं. अबतक 100 घंटे से ज्यादा की उनसे पूछताछ हो चुकी है. 
पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली की याचिका पर निर्देश
एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश पर की गई है, जिसने जांच को राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से एजेंसी को स्थानांतरित कर दिया था. सीबीआई ने शनिवार को एसआईटी से आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए और एफआईआर को फिर से दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली की याचिका पर निर्देश जारी किए थे, जिन्होंने संदीप घोष के कार्यकाल के दौरान हुए करप्शन की ईडी से जांच का अनुरोध किया था.
कोलकाता कांड की गुत्थियां सुलझाने मे लगी सीबीआई
इस मामले में बाकी चार जूनियर डॉक्टरों का टेस्ट इसिलए क्योंकि वो उस रात मौके पर थे. वो इस केस से जुड़ा बड़ा सच और असलियत बता सकते हैं. पीड़िता लेडी डॉक्टर ने वारदात से पहले रात में इनके साथ खाना खाया था. उस रात क्या हुआ उस पर वो रोशनी डाल सकते हैं. एक वालंटियर का टेस्ट इसलिए कराया गया, क्योंकि उसके पास काफी कुछ जानकारी है. सीबीआई लगातार कोलकाता रेप कांड की गुत्थियों को सुलझाने मे लगी है, लेकिन अब तक एक आरोपी संजय रॉय की गिरफ्तारी के सिवाय किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. सीबीआई क्राइम सीन के रीक्रिएशन के अलावा तमाम तरीके आजमा चुकी है. दर्जनों लोगों से लगातार पूछताछ हो रही है.
कब और कैसे हुई ये खौफनाक वारदात
ये खौफनाक वारदात 8-9 अगस्त की रात की है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिली थी. इस डॉक्टर की उम्र 31 वर्ष थी, जो उस दिन तीन और डॉक्टर्स के साथ नाइट ड्यूटी पर थी. इनमें दो डॉक्टर चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट थे, एक ट्रेनी थी. एक कर्मचारी अस्पताल के हाउस स्टाफ से था. उस रात को इन सभी डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने साथ में खाना खाया था.
इसके बाद महिला डॉक्टर रात को करीब दो बजे सोने के लिए अस्पताल के सेमिनार हॉल में चली गई. इसके बाद संजय रॉय पीछे के रास्ते से इस सेमिनार हॉल में आया और पहले उसने इस लड़की की निर्ममता से हत्या की और फिर उसका रेप किया. सबसे बड़ी बात ये है कि ये आरोपी ना तो अस्पताल के स्टाफ से था, ना ही किसी मरीज का कोई रिश्तेदार था. वो कोलकाता पुलिस के लिए सिविक वांलटियर का काम करता था.

'मुझे महान देश की यात्रा करके खुशी होगी...', पीएम मोदी के भारत आने के निमंत्रण पर बोले जेलेंस्की

24-Aug-2024
  ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की के साथ व्यापक वार्ता की और यूक्रेन तथा रूस के बीच जारी संघर्ष का समाधान निकालने के लिए एक-दूसरे से बातचीत की जरूरत पर बल दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की को भारत आने का निमंत्रण भी दिया. 
इस पर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें "महान" देश की यात्रा करके खुशी होगी. दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पुष्टि की कि मोदी ने जेलेंस्की को भारत आने का निमंत्रण दिया है.उन्होंने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हमारे प्रधानमंत्री ने 1992 के बाद पहली बार यूक्रेन का दौरा किया है. ऐसे अवसरों पर यह स्वाभाविक है कि वह निमंत्रण दें, जैसा कि उन्होंने इस मामले में किया."
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि अपनी सुविधा के अनुसार, राष्ट्रपति जेलेंस्की भारत आएंगे." संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि मोदी ने जेलेंस्की को अपनी सुविधा के अनुसार भारत आने का निमंत्रण दिया.
जेलेंस्की बोले- भारत आकर खुशी होगी
मोदी के निमंत्रण के बारे में मीडिया ब्रीफिंग में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें भारत आकर खुशी होगी. उन्होंने कहा, "हां (भारत की यात्रा की योजना), क्योंकि जब आप रणनीतिक साझेदारी शुरू करते हैं और आप कुछ बातचीत शुरू करते हैं, तो मुझे लगता है कि आपको समय बर्बाद करने और बहुत देर तक विराम लेने की जरूरत नहीं होती है. इसलिए मुझे लगता है कि फिर से मिलना अच्छा रहेगा." यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि भारत उनके देश के पक्ष में हो.
उन्होंने कहा, "मैंने आपके बड़े और महान देश के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है. यह अफ़सोस की बात है, क्योंकि युद्ध के दौरान, मेरे पास देखने और देखने का समय नहीं था.  मुझे आपके देश की बहुत जरूरत है.  यह आपकी ऐतिहासिक पसंद के बारे में नहीं है, लेकिन कौन जानता है कि शायद आपका देश इस राजनयिक प्रभाव की कुंजी साबित हो सकता है. जैसे ही आपकी सरकार और प्रधानमंत्री मुझसे मिलने के लिए तैयार होंगे, तो मुझे भारत आने में खुशी होगी." साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रा यूक्रेन की स्थिति पर भी निर्भर करेगी.
भारत की इच्छा से कराया अवगत- जयशंकर
वहीं पीएम और जेंलेस्की की मुलाकात पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की को यूक्रेन में शांति बहाली के लिए ‘हर संभव तरीके’ से योगदान करने की भारत की इच्छा से अवगत कराया. उन्होंने कहा, ‘यह बहुत विस्तृत, खुली और कई मायनों में रचनात्मक वार्ता थी. बातचीत कुछ हद तक सैन्य स्थिति, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चिंताओं और ‘शांति के लिए सभी संभव तरीकों’ पर केंद्रित थी.'
जयशंकर ने कहा कि चर्चा को आगे बढ़ाने के प्रभावी तरीकों पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा, ‘भारत का मानना है कि दोनों पक्षों (यूक्रेन और रूस) को समाधान खोजने के लिए एक-दूसरे के साथ बातचीत करने की जरूरत है.’
 

पुतिन vs जेलेंस्की को पीएम मोदी की झप्पी, जब हाजिरजवाब जयशंकर ने पत्रकार को पढ़ाया इंडिया वाला पाठ

24-Aug-2024
कीव।   ( शोर संदेश )  पहले हाथ मिलाया, और फिर गले लगा लिया... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को गले लगाकर भारतीय संस्कृति का परिचय दिया. लेकिन शायद कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लगा. ऐसे में जब एक रिपोर्टर ने पीएम मोदी के जेलेंस्की को गले लगाने से जुड़ा सवाल पूछा, तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें भारतीय संस्कृति का पाठ पढ़ा दिया. जयशंकर ने कहा कि गले लगाना सदियों से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है. हम अपने से इसी तरह मिलते हैं. 
पहले हाथ मिलाया, फिर गले लगाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान पहले उनसे हाथ मिलाया और फिर तुरंत उन्हें गर्मजोशी से गले लगा लिया. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि गले लगाना हमारी संस्कृति का हिस्सा है. युद्धग्रस्त देश के शीर्ष नेता को गले लगाने के बमुश्किल छह सप्ताह पहले मोदी ने यूक्रेन के कट्टर दुश्मन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसी तरह गले लगाया था.
गले मिलना भारतीय संस्कृति 
मोदी-जेलेंस्की वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से ‘गले मिलने' के बारे में सवाल पूछा गया था. इस सवाल का उद्देश्य पहले पुतिन और अब जेलेंस्की के साथ मोदी की मुलाकात के बीच संबंधों पर प्रतिक्रिया मांगना था. जयशंकर ने एक पश्चिमी पत्रकार के एक विशिष्ट प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, "दुनिया के हमारे हिस्से में जब लोग मिलते हैं, तो वे एक-दूसरे को गले लगाते हैं, यह आपकी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता है, लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है. वास्तव में आज, मुझे लगता है, मैंने देखा, प्रधानमंत्री (मोदी) ने भी राष्ट्रपति जेलेंस्की को गले लगाया."
पत्रकार ने अपने सवाल में कहा था कि कुछ सप्ताह पहले मोदी द्वारा पुतिन को गले लगाने के बारे में इसी तरह उल्लेख किया गया था. जयशंकर ने कहा, "मैंने उन्हें कई अन्य स्थानों पर कई अन्य- नेताओं के साथ ऐसा करते देखा है. इसलिए, मुझे लगता है, इन शिष्टाचारों के अर्थ के संदर्भ में हमारे यहां थोड़ा-सा सांस्कृतिक अंतर है."
 

शरद पवार और सुप्रिया सुले ने मुंह पर बांधी काली पट्टी, एमवीए नेताओं ने बदलापुर दुष्कर्म मामले पर दिया धरना

24-Aug-2024
पुणे।  ( शोर संदेश )  बदलापुर में दो बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म मामले में आज महाविकास अघाड़ी दल के नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने  पुणे रेलवे स्टेशन पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक घंटे के मौन प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
दोनों नेताओं ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर राज्य में महिलाओं और लड़कियों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कोर्ट ने महाराष्ट्र बंद के फैसले पर लगाई रोक
गौरतलब है कि बदलापुर दुष्कर्म मामले में महाविकास अघाड़ी दल ने आज  महाराष्ट्र बंद का एलान किया था। हालांकि, शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि महाराष्ट्र बंद के फैसले को रद्द किया जाए। कोर्ट ने कहा था कि बंद होने से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त होता है। इसके बाद महा विकास अघाड़ी ने अब शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का फैसला लिया है।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account