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यूसीसी पर एनडीए में फूट, पीएम मोदी के बयान पर क्या बोली जेडीयू और टीडीपी?

17-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की 78वीं सालगिरह पर लाल किले से अपने भाषण में समान नागरिक संहिता का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है कि जिस नागरिक संहिता को लेकर हम लोग जी रहे हैं, वह सचमुच में साम्प्रदायिक और भेदभाव करने वाली संहिता है। मैं चाहता हूं कि इस पर देश में गंभीर चर्चा हो और हर कोई अपने विचार लेकर आए।
यूसीसी मुद्दे पर एनडीए के सहयोगी दल एकमत नहीं
वहीं, इस मुद्दे पुर अब एनडीए के ही सहयोगी दल एकमत नहीं है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी का बयान सामने आया है। पार्टी ने कहा कि वह अपने रुख को अंतिम रूप देने से पहले इसका मसौदा सामने आने का इंतजार करेगी। वहीं, उसकी दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा कि पार्टी ऐसे किसी भी सुधार का समर्थन करती है।
यूसीसी पर टीडीपी ने क्या कहा?
जदयू के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि धार्मिक समूहों और राज्यों सहित सभी हितधारकों से बात करके आम सहमति बनाने के बाद ही इस पर जोर दिया जाना चाहिए। तेदेपा संसदीय दल के प्रमुख लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि उनकी पार्टी यूसीसी पर अपना रुख स्पष्ट करने से पहले समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रस्ताव के मसौदे का इंतजार करेगी।
यूसीसी पर मसौदे का इंतजार करेगी पार्टी: चिराग पासवान
पार्टी की एक अन्य सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी इस बारे में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाल ही में देश भर में सांस्कृतिक, भाषाई और क्षेत्रीय विविधताओं को रेखांकित करते हुए आश्चर्य जताया था कि सभी को एक छतरी के नीचे कैसे लाया जा सकता है। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कोई रुख अपनाने से पहले समान नागरिक संहिता पर मसौदे का इंतजार करेगी।
जदयू ने क्या कहा?
त्यागी ने अपनी बात रखने के लिए जद(यू) अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2017 में विधि आयोग को दी गई जानकारी का हवाला दिया। मालूम हो कि नीतीश कुमार ने कहा था कि विभिन्न धार्मिक समूहों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की सहमति प्राप्त किए बिना समान नागरिक संहिता लागू करने का कोई भी प्रयास सामाजिक टकराव का कारण बन सकता है और धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी में विश्वास का क्षरण हो सकता है।
एक राष्ट्र, एक चुनाव पर एकमत
वहीं, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के प्रस्ताव पर राजग के सहयोगी दल एकमत दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की पुरजोर वकालत की थी। त्यागी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर भाजपा से पूरी तरह सहमत है। जद (यू) और लोजपा (रामविलास) दोनों ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति के समक्ष 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा को अपना समर्थन दिया था।

‘ग्लोबल साउथ’ खाद्य, ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रहा : प्रधानमंत्री मोदी

17-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विकासशील देशों में, विशेषकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रभावों पर चिंता व्यक्त की.  पीएम मोदी ने तीसरे ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' सम्मेलन में अपने शुरुआती भाषण में इसमें भाग ले रहे देशों को डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षेत्र समेत विभिन्न अहम क्षेत्रों में पूर्ण समर्थन देने की भारत की अटूट प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया. भारत ने डिजिटल रूप से इस सम्मेलन की मेजबानी की है.
युद्ध की स्थिति ने विकास यात्रा के सामने कई चुनौतियां
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, "आज हम ऐसे वक्त में बैठक कर रहे हैं, जब चारों ओर अनिश्चितता का माहौल है. दुनिया अब भी पूरी तरह से कोविड-19 के प्रभाव से बाहर नहीं आई है. दूसरी ओर, युद्ध की स्थिति ने हमारी विकास यात्रा के लिए चुनौतियां पैदा कर दी है." उन्होंने कहा, "हम न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि अब स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं हैं."
आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की चुनौतियां
पीएम मोदी ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं. प्रौद्योगिकी विभाजन और प्रौद्योगिकी से जुड़ी नयी आर्थिक व सामाजिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं. पिछली शताब्दी में स्थापित वैश्विक शासन और वित्तीय संस्थान वर्तमान शताब्दी की चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ हैं."
ग्लोबल साउथ की ताकत उसकी एकता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ' सम्मेलन विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का एक मंच बन गया है. उन्होंने कहा कि जी20 के भारत के नेतृत्व में हमने ‘ग्लोबल साउथ' की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं व प्राथमिकताओं के आधार पर एजेंडा बनाया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने विकासोन्मुखी दृष्टिकोण से जी20 को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा, "ग्लोबल साउथ की ताकत उसकी एकता में है. इसी एकता के बल पर हम नयी दिशा की ओर बढ़ेंगे." उन्होंने कहा, "वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जहां हम उन लोगों की जरूरतों, आकांक्षाओं को आवाज देते हैं, जिन्हें अभी तक अनसुना किया गया है."
क्या है ग्लोबल साउथ?
ग्लोबल साउथ 100 से ज्यादा देशों का समूह है. दरअसल, दुनिया को आर्थिक और सामाजिक आधार पर दुनिया को 2 हिस्सों में बंटा माना जाता है, पहला- ग्लोबल नॉर्थ और दूसरा, ग्लोबल साउथ. ग्लोबल नार्थ में दुलिया के ज्यादातर विकसित और औधोगिक विकास वाले देश हैं. जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, जापान आदि. वहीं ग्लोबल साउथ में आर्थिक और सामाजिक विकास के आधार पर कम विकसित देश हैं, जिनमें एशिया और अफ्रीका के देश आते हैं.   

उदयपुर में सांप्रदायिक तनाव के बाद धारा 144 लागू, स्कूल और इंटरनेट सेवा बंद

17-Aug-2024
 ( शोर  संदेश )  राजस्थान के उदयपुर में सांप्रदायिक तनाव के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है. इसी के साथ स्कूल बंद कर दिए गए हैं और अगले 24 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा को भी निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कल यानी शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल में दसवीं क्लास के एक छात्र ने दूसरे छात्र पर चाकू से हमला कर दिया.
उसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया. इस बीच आक्रोशित भीड़ ने आगजनी कर कारों में आग लगा दी और जमकर पथराव किया. बिगड़ते हालातों के चलते प्रशासन ने उदयपुर समेत आस पास के इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को अगले 24 घंटों के लिए बंद कर दिया.
अस्पताल में भर्ती पीड़ित छात्र
पुलिस के मुताबिक, ये घटना भटियानी चोहट्टा इलाके के सरकारी स्कूल में घटी. जहां एक छात्र ने दूसरे छात्र पर चाकू से हमला कर दिया. घटना के पीछे की वजह क्या थी इसके बारे में तत्काल पता नहीं चला है. पुलिस ने बताया कि पीड़ित छात्र को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है. जहां उसकी हालत स्थिति बनी हुई है.
भीड़ ने पथराव कर की आगजनी
पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद कुछ लोग शहर के मधुबन इलाके में इकट्ठे हो गए उसके बाद उन्होंने पथराव कर दिया. इस दौरान भीड़ ने तीन-चार कारों में आग लगा दी. जिसके बाद तनाव और बढ़ गया. इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम को शहर के बापू बाजार, हाथीपोल, घंटाघर, चेतक सर्किल और आसपास के इलाकों के बाजार बंद करा दिए. इस दौरान कुछ हिंसक तत्वों ने एक शॉपिंग मॉल पर भी पथराव किया, जिसमें कई दुकानों के शीशे के दरवाजे टूट गए.

चुनावी तारीखों का हुआ ऐलान तो एक्टिव हुई बीजेपी, इन नेताओं को दी बड़ी जिम्मेदारी

17-Aug-2024
 ( शोर  संदेश ) केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तारीखों का ऐलान होने के बीच ही, बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेश ईकाई से लेकर पंचायत लेवल तक अपने कार्यकर्ताओं को एक्टिव कर रखा था और आज पार्टी ने दस साल बाद केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर पहली बार होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी कमेटी का गठन कर दिया है, जिसमें राज्य के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सहित कई नेताओं को अहम चुनावी अहम जिम्मेदारी दी गई हैं।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी चुनाव समिति में राज्य और केंद्र के कई अहम नेताओं को जगह दी है। केंद्र शासित में प्रदेश में चुनाव के लिए बनाई कई बीजेपी की समिति मे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, सांसद राज्यसभा गुलाम अली खटाना को अहम जिम्मेदारी दी गई है।
इतना ही नहीं, दस साल बाद होने वाले जम्मू कश्मीर के इस विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई समिति में बीजेपी ने अशोक कौल, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता, महासचिव सुनील शर्मा, महासचिव एडवोकेट विबोध गुप्ता, महासचिव डॉ. देविंदर कुमार मन्याल, महासचिव डॉ. दरक्शां अंद्राबी, पूर्व विधायक देविंदर सिंह राणा, पूर्व एमएलए अजय भारती, पूर्व एमएलसी और महिला मोर्चा अध्यक्ष संजीता डोगरा शामिल हैं।
इसके अलावा इस समिति के लिए पार्टी ने कुछ नेताओं को स्पेशल कामों के लिए नामित किया है। इस लिस्ट में जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय मंत्री, तरुण चुघ, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी जम्मू-कश्मीर, आशीष सूद, सह-प्रभारी जम्मू-कश्मीर और डॉ. नरिंदर सिंह, राष्ट्रीय सचिव विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।
 

मोदी के सेक्युलर सिविल कोड के दांव से क्या विपक्ष होगा चित या गठबंधन की है मजबूरी

16-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 11वें स्वतंत्रता दिवस के सबसे लंबे भाषण में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बात की। हालांकि, उन्होंने इसे मौजूदा 'सांप्रदायिक नागरिक संहिता' से अलग 'धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता' यानी सीसीसी की बात की। आज यह समझते हैं कि मोदी का सेक्युलर सिविल कोड क्या है? यह यूनिफॉर्म सिविल कोड से कितना अलग है? क्या यह उनका विपक्ष के खिलाफ बड़ा दांव है या गठबंधन सरकार की मजबूरी है। इसे पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझते हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद अहमद किदवई कहते हैं कि पीएम मोदी का सेक्युलर सिविल कोड दरअसल धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली विपक्षी पार्टियों के खिलाफ दांव हैं, जिन्होंने हमेशा भाजपा के यूसीसी एजेंडे को निशाना बनाया है।
शाहबानो केस से क्या पैदा हुआ था कम्युनल सिविल कोड
दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव रंजन गिरि के अुनसार, 1985 में सुप्रीम कोर्ट के शाहबानो फैसले के बाद भाजपा ने यूसीसी की मांग बड़े पैमाने पर उठाई। रूढ़िवादी मुस्लिम समुदाय के बीच विरोध तब शुरू हुआ जब 1985 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पांच बच्चों वाली तलाकशुदा मुस्लिम महिला शाहबानो के पूर्व पति को गुजारा भत्ता के रूप में प्रति माह 179 रुपये का भुगतान करना होगा। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मुस्लिम महिला (तलाक पर संरक्षण का अधिकार) अधिनियम, 1986 को लागू करके सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पलट दिया। इस कानून में कहा गया था कि महिलाओं के भरण-पोषण से संबंधित सीआरपीसी की धारा 125 मुस्लिम महिलाओं पर लागू नहीं है। यहीं से कम्युनल सिविल कोड पैदा हुआ, जो अब तक चला आ रहा है।
राममंदिर निर्माण और 370 के खात्मे के साथ यूसीसी बना भाजपा का एजेंडा
राजीव रंजन गिरि के अनुसार, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी आत्मकथा-माई कंट्री माई लाइफ में पहली बार यूसीसी शब्द का इस्तेमाल किया था। राजीव गांधी ने कानून बनाकर भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर कर दिया। इसने कांग्रेस सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति को मजबूत बनाया और जेंडर जस्टिस, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता को बहुत कमजोर कर दिया है।
आडवाणी ने इसे छद्म-धर्मनिरपेक्षता बताया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी राजीव सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए परोक्ष रूप से यह कहा कि कांग्रेस ने एक वर्ग को खुश करने के लिए मुस्लिम महिलाओं के बीच धार्मिक भेदभाव किया। इसके बाद से ही राममंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की समाप्ति के साथ-साथ यूसीसी भी भाजपा के मुख्य एजेंडे में शामिल हो गया।
 

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

16-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश ) भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सदैव अटल जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रार्थना सभा में शामिल हुए भाजपा नेता
वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि 'सदैव अटल' पर प्रार्थना सभा में शामिल हुईं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी पूर्व पीएम वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए 'सदैव अटल' स्मारक पर मौजूद थे। भाजपा के आधिकारिक हैंडल पर एक्स पर पोस्ट किया गया, "पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, हमारे प्रेरणा स्रोत, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि।"
शाह बोले- अटल जी ने देश को मजबूत किया
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पूर्व पीएम वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने देश को सामरिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया। जब भी देश में राजनीतिक शुचिता, राष्ट्रहित के प्रति निष्ठा और सिद्धांतों के प्रति अडिगता की बात होगी, अटल जी को याद किया जाएगा। एक तरफ उन्होंने भाजपा की स्थापना के जरिए राष्ट्रहित की विचारधारा को लोकप्रिय बनाया, वहीं प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने देश को सामरिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया। शाह ने ट्वीट किया, "भारत रत्न से सम्मानित अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर मैं अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"
ग्वालियर में जन्मे थे वाजपेयी
1924 में ग्वालियर में जन्मे वाजपेयी दशकों तक भाजपा का चेहरा रहे और वह पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। वाजपेयी 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक और फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
उन्होंने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में भारत के विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका निधन हो गया। 

महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले की होगी सीबीआई जांच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया आदेश

14-Aug-2024
कोलकाता। ( शोर  संदेश )   आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अब इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।
सीबीआई को सभी दस्तावेज सौंपेगी पुलिस
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि महिला चिकित्सक की हत्या से संबंधित सभी दस्तावेज बुधवार सुबह 10 बजे तक सीबीआई को सौंपे जाएं। इससे पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही थी।
अस्पताल के सेमिनार हॉल से मिला था महिला डॉक्टर का शव
मालूम हो कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सेमिनार हॉल से शुक्रवार सुबह एक जूनियर महिला डॉक्टर का अर्धनग्न शव बरामद किया गया था। शव के बरामद होने से पूरे अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। मृतका पोस्ट ग्रेजुएट की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट में कार्यरत थी। उसका घर उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर इलाके में है।
कोर्ट ने सुनी दलीलेंः अधिवक्ता
वहीं, इस मामले में अधिवक्ता बिलवदल ने कहा कि सीएम ममता ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने इसके लिए एक समय निर्धारित किया था कि कुछ समय के बाद ही इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने में देरी घातक साबित हो सकती है। उन्होंने इसके पीछे का तर्क दिया कि मामले से संबंधित कई सबूत नष्ट भी किए जा सकते हैं। इसलिए न्यायालय ने पक्षों की दलीलें सुनी हैं।

अगले तीन दिन तक फिर पानी-पानी होगी दिल्ली, हिमाचल से राजस्थान तक आईएमडी का आया ये अलर्ट

14-Aug-2024
 ( शोर  संदेश )  उत्तर और पूर्वी भारत के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य अगस्त महीने में औसत बारिश का आंकड़ा पार कर चुके हैं लेकिन बरसात अभी जारी रहने वाली है. दिल्ली-यूपी समेत हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में मॉनसूनी बरसात जारी रहने वाली है. मौसम विभाग ने इस हफ्ते मॉनसूनी बारिश से कोई राहत की उम्मीद नहीं जताई है. आइए जानते हैं आज देशभर में कैसा रहेगा मौसम.
दिल्ली में 3 दिन येलो अलर्ट
राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो यहां मंगलवार को रुक-रुक कर बारिश हुई और अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने सावधान रहने का येलो अलर्ट जारी किया है. आने वाले तीन दिनों में स्थिति खराब होने की संभावना जताई गई है. यानी दिल्ली में एक बार फिर जलभराव की स्थिति के साथ यातायात प्रभावित हो सकता है. बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान 33 और 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
इन राज्यों में आज बारिश ही बारिश
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी, स्काईमेट के मुताबिक, आज (14 अगस्त) हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड के कुछ हिस्सों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, आंतरिक तमिलनाडु,आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण कर्नाटक, दक्षिण में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ भारी बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर भारत, विदर्भ, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश संभव है. सौराष्ट्र और कच्छ, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट, तटीय तमिलनाडु, लद्दाख और पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश संभव है.
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का क्या है हाल, देखें खास कवरेज
इसके अलावा, बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश में 213 सड़कें बंद हैं और स्थानीय मौसम कार्यालय ने 19 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अधिक भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने शनिवार तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट भी जारी किया है.

संघर्षों और बलिदान को याद करने का दिवस... बोले पीएम मोदी

14-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (14 अगस्त) को भारत के विभाजन को एक त्रास्दी बताया. उन्होंने अमानवीय पीड़ा और दर्द से गुजरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने कहा कि ये उन लोगों के साहस को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने विभाजन का दंश झेला और फिर से अपने जीवन की शुरुआत की. अंग्रेजो ने 1947 में आज ही के दिन भारत का बंटवारा किया था. इसके बाद पाकिस्तान अस्तित्व में आया. 
पीएम मोदी ने कहा, 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर हम उन लोगों को याद कर रहे हैं, जो विभाजन की भयावहता से प्रभावित हुए और बहुत ज्यादा दुख झेला. ये उनके साहस को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है, जो इंसान के उबरने की ताकत को दिखाता है. विभाजन के हालात से बहुत से लोगों ने अपने जीवन को दोबारा से शुरू किया. इसके बाद अपार सफलता मिली. आज हम अपने देश में एकता और भाईचारे के बंधन की हमेशा रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.'
सैकड़ों लोगों की जानें गईं
आपको बता दें कि आज के दिन 1947 में भारत और पाकिस्तान दो देश बने. बंटवारे के दौरान उस वक्त लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. इस दौरान बड़े दंगे हुए. सैकड़ों लोगों की जानें गईं. लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा. पीएम मोदी ने बंटवारे के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को याद करने के लिए 2021 में ऐलान किया कि हर वर्ष 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जाएगा.  
पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि 14 अगस्त उन तमाम लोगों के संघर्षों और बलिदान को याद करने का दिवस है. इन्होंने बंटवारे का दंश झेला है. पीएम मोदी ने कहा कि बंटवारे के दंश को भुलाना मुमकिन नहीं है.
अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर इससे पीड़ित लोगों को श्रद्धांजलि अपर्ति की. उन्होंने कहा, 'आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान अमानवीय पीड़ाओं को झेला है. उन्होंने अपना जीवन खो दिया. वे बेघर हो गए. अपने इतिहास को स्मृति में बसाकर, उससे सीख लेना ही एक राष्ट्र अपने मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकता है. वह एक शक्तिशाली देश के रूप में  उभर सकता है.'

राज्यसभा की 12 सीटों पर नामांकन आज से, किसका टिकट कन्फर्म, कौन फंसा?

14-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )   राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों पर हो रहे उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. 21 अगस्त तक इन सीटों के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 12 सीटों में से 11 पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए और एक सीट पर कांग्रेस को उम्मीदवार तय करना है. अब तक जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक 12 में 4 सीटों पर नाम लगभग तय हो गए हैं, जबकि 8 सीटों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.
राज्यसभा की जिन 12 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वो सभी नेताओं के इस्तीफा देने की वजह से रिक्त हुई है. चुनाव आयोग के मुताबिक 2-2 सीटें महाराष्ट्र, बिहार और असम की जबकि 1-1 सीटें मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और ओडिशा की है.
बिहार में राज्यसभा की 2 सीटों पर अलग-अलग से नामांकन दाखिल किए जाएंगे. यहां पर दोनों ही सीटों पर एनडीए को उम्मीदवार तय करना है. एक उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के नाम की घोषणा हो भी गई है. कुशवाहा एनडीए के सहयोगी रालोमा के अध्यक्ष हैं. हाल ही में उन्होंने काराकाट सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन वे जीत नहीं पाए थे.
दूसरी सीट जनता दल यूनाइटेड के खाते में जाएगी. कहा जा रहा है कि जेडीयू इस सीट से सरयू रॉय को उम्मीदवार बना सकती है. सरयू रॉय झारखंड विधानसभा के सदस्य हैं और हाल ही में नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल हुए हैं. झारखंड में इसी साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं.
लोकसभा चुनाव बाद नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल की राज्यसभा सदस्य ममता मोहंथा ने इस्तीफा दे दिया था. मोहंथा बीजेडी छोड़ बीजेपी में आ गई थीं. अब इस सीट पर भी चुनाव होना है और कहा जा रहा है कि ममता ही यहां से उम्मीदवार होंगी.
असम की 2 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव होने हैं. इन सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर हाल ही में बैठक हुई थी, जिसमें 5 नामों का एक लिस्ट हाईकमान को भेजा गया था. असम बीजेपी के अध्यक्ष भबेश कलीता के मुताबिक पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, राजदीप रॉय, तपन गोगोई, मनब डेका और मिशन रंजन दास का नाम भेजा है. फैसला हाईकमान को करना है.
तेली डिब्रूगढ़ से लोकसभा के सांसद थे, लेकिन 2024 में उनका टिकट काटकर पार्टी ने सर्वानंद सोनोवाल को दे दिया. राजदीप रॉय और तपन गोगोई पूर्व सांसद हैं. मनब डेका वर्तमान में विधायक हैं और मिशन रंजन दास पूर्व विधायक.
तेलंगाना में भी राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव प्रस्तावित है. यह सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी. यहां से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के उम्मीदवार बनने की चर्चा है. सिंघवी मार्च में हिमाचल राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए थे, लेकिन वे जीत नहीं पाए.
इन राज्यों में अभी भी सस्पेंस
महाराष्ट्र की 2, हरियाणा, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और राजस्थान की 1-1 सीट पर कौन उम्मीदवार होगा, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. ये सभी सीटें बीजेपी के खाते में जाएगी. बीजेपी ने मोदी सरकार के गठन के वक्त पंजाब के रवनीत सिंह बिट्टू को मंत्री बनाया था. बिट्टू अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. ऐसे में पार्टी अगर बिट्टू को मंत्री बनाए रखना चाहती है, तो किसी भी राज्य से उन्हें राज्यसभा भेजना ही पड़ेगा.
हरियाणा और महाराष्ट्र में अब से 2 महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में कहा जा रहा है कि यहां समीकरण साधकर ही पार्टी उम्मीदवार घोषित करेगी. महाराष्ट्र में अजित पवार की पार्टी एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी एक सीट की डिमांड दबे जुबान कर रही है.
मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा सांसद बनने से एक सीट रिक्त हुई है. सिंधिया जिस गुना सीट से सांसद बने हैं, उस पर 2019 में केपी यादव ने जीत दर्ज की थी. ऐसे में कहा जा रहा है कि बीजेपी यादव को राज्यसभा भेजकर मामले को संतुलित कर सकती है.
हालांकि, इस सीट से राज्यसभा जाने के लिए केपी यादव के अलावा कई और भी नेता दावेदारी कर रहे हैं. राजस्थान में भी केसी वेणुगोपाल के इस्तीफे की वजह से सीट रिक्त हुई है. यहां पर भी बीजेपी में सस्पेंस बना हुआ है.



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