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संसद का शीतकालीन सत्र आज से, 16 बिल लाने की तैयारी में सरकार, अडानी-मणिपुर मुद्दे पर घेरेगा विपक्ष

25-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) संसद का शीतकालीन सत्र आज यानी 25 नवंबर से शुरू हो रहा है. यह सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान पांच नए विधेयक पेश होंगे. जबकि वक्फ (संशोधन) समेत 11 अन्य विधेयकों को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया गया है. यानी कुल 16 विधेयक होंगे, जिन्हें सरकार इस सत्र में पारित करवाने की तैयारी में है. विपक्षी पार्टियों के जिस तरह के तेवर हैं, उससे साफ है कि शीत सत्र हंगामेदार रह सकता है.
इससे पहले रविवार को शीत सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. इस दौरान कांग्रेस ने अडानी समूह के रिश्वत मामले में दोनों सदनों में चर्चा कराए जाने की मांग की. मणिपुर हिंसा मामले में भी विपक्ष, सरकार से जवाब चाहता है. हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया कि सरकार सभी मुद्दों पर नियमों के लिए चर्चा के लिए तैयार है. चर्चा वाले मुद्दों का फैसला संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी करेगी. 
किन मुद्दों पर चर्चा चाहता है विपक्ष
बैठक के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, विपक्ष अडानी समेत मणिपुर, उत्तर भारत में पॉल्यूशन और ट्रेन हादसों पर चर्चा करना चाहता है. कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने एयर पॉल्यूशन पर चर्चा के लिए शून्यकाल के लिए नोटिस दिया है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अडानी समूह पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों पर प्रमुखता से चर्चा कराए जाने की मांग रखी है. सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत 30 पार्टियों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया. 
आज खड़गे के दफ्तर में बैठक
आज शीत सत्र की शुरुआत से पहले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है. ये बैठक संसद भवन में स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में होगी. इस बैठक में विपक्ष सत्र को लेकर रणनीति तैयार करेगी.
वक्फ बिल को लेकर हो सकता है टकराव
बताते चलें कि वन नेशन-वन इलेक्शन और वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और विपक्षी दलों में पहले से ही टकराव देखने को मिल रहा है. वक्फ बिल को लेकर गठित जेपीसी की बैठक में काफी हंगामा पहले ही हो चुका है. जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली जेपीसी की कमेटी सत्र के पहले हफ्ते के आखिरी दिन अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. हालांकि, विपक्ष ने जेपीसी को दिए गए समय को और बढ़ाने की मांग रखी है. वहीं, एक देश-एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद कमेटी भी सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है और उस रिपोर्ट को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन 16 विधेयकों की लिस्ट में इससे संबंधित विधेयक का जिक्र नहीं है.

अडानी ग्रुप का ग्रोथ आगे भी रहेगा जारी, निवेशकों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं: देवेन चोकसी

25-Nov-2024
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) शेयर बाजार में उछाल के साथ-साथ अडानी ग्रुप के सभी शेयरों में आज तेज बढ़त दर्ज की गई है. अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज समेत अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी टोटल गैस में जबरदस्त तेजी आई है. समूह ने 12 महीने की जो रिपोर्ट पेश की है, उससे स्पष्ट हो गया कि समूह की आर्थिक हालत मज़बूत है. ईबीआईटीडीए में ठोस बढ़ोतरी और मज़़बूत कैश फ़्लो की बदौलत समूह की कर्ज़ पर निर्भरता भी तर्कसंगत है. 
अदाणी ग्रुप का मुनाफा तगड़ा, कैश फ्लो भी बेहतर
गौरतलब है कि कर्ज़ की हालत बताने वाले फ़ाइनेंशियल इंडिकेटरों की तरफ़ देखें, तो अदाणी समूह का का नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 2.46x है, जबकि इसका गाइडेंस 3.5x-4.5x का था.इसके अलावा, कुल कर्ज़ के मुकाबले ग्रॉस एसेट 2.7x है, जो पिछले वित्तवर्ष के दौरान 2.6x था.
महाराष्ट्र चुनाव नतीजे से बाजार को मिली मजबूती

मार्केट एनालिस्ट देवेन चोकसी ने शेयर बाजार और अदाणी ग्रुप को लेकर एनडीटीवी से हुई बातचीत में बताया कि महाराष्ट्र का चुनाव काफी महत्वपूर्ण  है क्योंकि यह देश का सबसे प्रोग्रेसिव स्टेट है. यहां के जो चुनाव नतीजे आए हैं वह इस बात की और इशारा करता है कि जनता प्रोग्रेस की तरफ ज्यादा ध्यान देती है. यह सबसे बड़ा इंडिकेशन मार्केट को मिला है.
अदाणी ग्रुप का ग्रोथ आगे भी रहेगा जारी
दूसरी तरफ, जो अदाणी ग्रुप को लेकर भी यह चीज स्पष्ट है कि उनके पास जो भी  पावर जेनरेशन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल पावर एसेट्स हैं.. रेलवे, एयरपोर्ट, पोर्ट यह सब इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट हैं  और  यह काफी हद देश की विकास में योगदान दे रहे हैं. इस चुनाव के नतीजे से यह साफ हो गया है कि इन असेट्स की बदौलत अदाणी ग्रुप का ग्रोथ आगे भी जारी रहेगा.
निवेशकों के लिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं

 


दिल्ली सरकार ने किया ढाई हजार रुपए पेंशन देने का ऐलान, 24 घंटे में ही आ गए 10 हजार आवेदन

25-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली के बुजुर्गों के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. दिल्ली की आतिशी सरकार ने दिल्ली के बुजुर्गों को पेंशन देने की घोषणा की है. दरअसल, दिल्ली सरकार 80 हजार बुजुर्गों के लिए नई वृद्धावस्था पेंशन शुरू करने जा रही है.
पेंशन का ऐलान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने किया है. ऐलान करते हुए केजरीवाल ने कहा,'हमारी सरकार में सवा लाख पेंशन जोड़ी गई है. अब कुल 5 लाख 30 हाजर बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी. मैं जहां भी जाता था, बुजुर्ग पेंशन की मांग करते थे. इसे दिल्ली सरकार ने लागू कर दिया गया है. पिछले 24 घंटे में दस हजार आवेदन आ चुके हैं.'
बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली की आप सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना जल्द लागू करने का ऐलान किया था. इस योजना की कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है. 
किसे मिलेगी महिला सम्मान निधि?
इस योजना का लाभ 18 से 60 साल की उन महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो सरकारी कर्मचारी न हों और न ही टैक्स का भुगतान करतीं हों. महिलाएं स्व-घोषणापत्र और आधार कार्ड प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री सम्मान योजना के मानदेय का पात्र होंगी. आधिकारिक अनुमान के मुताबिक इस योजना से दिल्ली में लगभग 50 लाख महिलाओं को लाभ होने की संभावना है.
 

 


संविधान से नहीं हटेगा 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

25-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने संविधान की प्रस्तावना में 1976 में पारित 42वें संशोधन के अनुसार, "समाजवादी" और "धर्मनिरपेक्ष" शब्दों को शामिल करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया.
भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि संसद की संशोधन शक्ति प्रस्तावना तक भी फैली हुई है. प्रस्तावना को अपनाने की तारीख संसद की प्रस्तावना में संशोधन करने की शक्ति को सीमित नहीं करती है. इस आधार पर, याचिकाकर्ता के तर्क को खारिज कर दिया गया. सीजेआई ने सुनवाई के दौरान कहा, "लगभग इतने साल हो गए हैं, अब इस मुद्दे को क्यों उठाया जा रहा है."
22 नवंबर को आदेश रखा था सुरक्षित
बता दें कि इससे पहले, पीठ ने याचिकाकर्ताओं की इस मामले को एक बड़ी पीठ को भेजने की याचिका को खारिज कर दिया था. हालांकि, सीजेआई खन्ना कुछ वकीलों की रुकावटों से नाराज होकर आदेश सुनाने वाले थे, लेकिन उन्होंने कहा कि वह सोमवार को आदेश सुनाएंगे.
सीजेआई खन्ना ने 22 नवंबर को सुनवाई के दौरान कहा, “भारतीय अर्थ में समाजवादी होना केवल कल्याणकारी राज्य के रूप में समझा जाता है. भारत में समाजवाद को समझने का तरीका अन्य देशों से बहुत अलग है. हमारे संदर्भ में, समाजवाद का मुख्य रूप से अर्थ कल्याणकारी राज्य है... बस इतना ही. इसने कभी भी निजी क्षेत्र को नहीं रोका है जो अच्छी तरह से फल-फूल रहा है. हम सभी को इससे लाभ हुआ है. समाजवाद शब्द का प्रयोग एक अलग संदर्भ में किया जाता है, जिसका अर्थ है कि राज्य एक कल्याणकारी राज्य है और उसे लोगों के कल्याण के लिए खड़ा होना चाहिए और अवसरों की समानता प्रदान करनी चाहिए."

 


अदाणी समूह की किसी कंपनी पर कोई आरोप नहीं : ग्रुप सीएफओ

23-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) अदाणी समूह ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को लेकर अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट अदाणी ग्रीन एनर्जी के तहत केवल एक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी है, जिसका मूल्य अदाणी ग्रीन एनर्जी के कुल कारोबार का लगभग 10 फ़ीसदी ही है. समूह ने कहा कि उसकी 11 सार्वजनिक कंपनियों में से कोई भी किसी गलत काम में शामिल या आरोपी नहीं है.
माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट X (अतीत में ट्विटर) पर शनिवार को किए गए एक पोस्ट में अदाणी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जुगेशिंदर 'रॉबी' सिंह ने कहा कि कोई भी अदाणी इकाई सीधे तौर पर किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं है.
जुगेशिंदर सिंह ने बयान में कहा, "आपने पिछले दो दिनों में अदानी समूह के मामलों से जुड़ी बहुत-सी ख़बरें देखी होंगी... ये अदानी ग्रीन के एक कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित हैं, जो अदानी ग्रीन के कुल कारोबार का लगभग 10 फ़ीसदी है (इससे जुड़ी ज़्यादा सटीक और व्यापक जानकारी मौजूद है, जिसके विषय में हम उचित मंच पर विस्तार से बताएंगे)..."
ग्रुप सीएफओ ने बयान में आगे कहा, "अदाणी समूह के पास 11 पब्लिक कंपनियों का एक पोर्टफ़ोलियो है और उनमें से किसी पर भी कोई आरोप नहीं है (यानी, न्यूयॉर्क की अदालत में हाल ही में डीओजे लॉयर फ़ाइलिंग में किसी भी कानूनी कार्यवाही में प्रतिवादी नहीं है)... उक्त लीगल फ़ाइलिंग में इशूअरों (जारीकर्ताओं) (यानी हमारे पोर्टफ़ोलियो की कंपनियों या विशिष्ट जारीकर्ताओं, जो पब्लिक कंपनियों की सहायक कंपनियां हैं) में से किसी पर भी किसी भी तरह का गलत काम करने का आरोप नहीं है... बहुत-सी रिपोर्ट होंगी, जो कतई असंबद्ध बातों को छांट-छांटकर चुनने के बाद ख़बर बनाने की कोशिश करेंगी... हम मामले की विस्तार से समीक्षा करने के बाद उचित समय पर जवाब देंगे..."
जुगेशिंदर सिंह ने यह भी कहा कि समूह को दो दिन पहले ही आरोपों की 'विशिष्टता' के बारे में पता चला.
रिपोर्ट सामने आने के बाद अदाणी ग्रुप ने कहा, ये महज़ आरोप हैं और इन्हें उसी तरह देखा जाना चाहिए. समूह ने तय किया है कि कानूनी कार्रवाई का रास्ता तलाशा जाएगा.
अदाणी समूह ने एक बयान में कहा था, "अदाणी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और हम इनका खंडन करते हैं...

सीएम योगी का जलवा कायम, सपा के गढ़ से भाजपा आगे

23-Nov-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के 9 सीटों पर 20 नवंबर को उपचुनाव कराया गया था. आज कुछ ही घंटों में इंतजार की घड़ियां खत्म हो जाएगी और जनता का फैसला सामने आ जाएगा. सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही आज देशभर में 45 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों की भी घोषणा हो जाएगी. एग्जिट पोल की मानें तो यूपी में जनता ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताया है. 9 में से 6 सीटों पर बीजेपी की जीत दिखाई गई. हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे कई बार पलट भी जाते हैं. इन 9 सीटों पर कुल 49.3 प्रतिशत मतदान हुआ. 
यूपी के 9 सीटों पर आज सुप्रीम फैसला
8 बजे जैसे ही वोटों की गिनती शुरू होगी. 9 बजे से तमाम सीटों पर रुझान भी आने लग जाएंगे. पहले बता दें कि यूपी के इन 9 सीटों करहल (मैनपुरी), कुंदरकी (मुरादाबाद), सीसामऊ (कानपुर), मझवां (मिर्जापुर), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), फूलपुर (प्रयागराज), कटेहरी (अंबेडकरनगर), गाजियाबाद और खैर सीट पर उपचुनाव हुआ था. यूपी के इन 9 सीटों में से 6 सीटों पर एनडीए आगे चल रही है और तीन सीटों पर सपा आगे चल रही है. मौजूदा रुझान के मुताबिक सीसामऊ, करहल और कटेहरी से सपा को बढ़त मिलती नजर आ रही है. वहीं, गाजियाबाद, कुंदरकी, मझवां, फूलपुर, खैर और मीरापुर से बीजेपी आगे चल रही है. कुंदरकी सपा की सीट थी, जहां से बीजेपी बढ़त हासिल करती नजर आ रही है.

2022 में इन सीटों पर किसने किया था जीत दर्ज
2022 विधानसभा चुनाव की बात करें तो कुंदरकी, सीसामऊ, कटेहरी और करहल पर सपा ने जीत हासिल की थी तो वहीं खैर, फूलपुर, गाजियाबगाद और मझवां पर बीजेपी ने कब्जा जमाया था. इसके अलावा मीरापुर पर रालोद ने जीत का परचम लहराया था. 
सीएम योगी की अग्निपरीक्षा
हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले थे. यूपी को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. बावजूद इसके बीजेपी का प्रदर्शन यूपी में काफी निराशाजनक रहा और सपा प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर के सामने आई. इस चुनाव के बाद से सीएम योगी की दावेदारी पर भी सवाल खड़े हो गए. 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले यह उपचुनाव सीएम योगी के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.

'द साबरमती रिपोर्ट' की टीम से मिले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पोस्ट कर बढ़ाया उत्साह

23-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर आधारित 'द साबरमती रिपोर्ट' को कई भाजपाशासित राज्य में टैक्स फ्री कर दिया गया है। अब फिल्म की टीम विक्रांत मैसी, रिद्धि डोगरा और एकता आर कपूर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। 
साल 2002 के गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर आधारित 'द साबरमती रिपोर्ट' सिनेमाघरों में लगी हुई है। विक्रांत मैसी और राशि खन्ना अभिनीत यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो कुछ खास कमाल नहीं दिखा रही है, लेकिन इसे राजनेताओं से काफी तारीफ मिल रही है। फिल्म को भाजपाशासित राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा में टैक्स फ्री कर दिया गया है। इसी दौरान फिल्म की पूरी टीम ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की। केंद्रीय गृह मंत्री ने पोस्ट कर 'द साबरमती रिपोर्ट' की तारीफ की है। 
'द साबरमती रिपोर्ट' की पूरी टीम निर्माता एकता आर कपूर, अमूल वी मोहन, कलाकार विक्रांत मैसी और रिद्धि डोगरा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वहीं, अमित शाह ने फिल्म की टीम के साथ एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कीं। साथ ही सच्चाई को बयां करने के लिए फिल्म के सदस्यों के साहस की तारीफ करते नजर आए। 
अमित शाह ने बांधे फिल्म की तारीफों के पुल
अमित शाह ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'साबरमती रिपोर्ट की टीम से मुलाकात की और उन्हें सच बताने के साहस के लिए बधाई दी। फिल्म उस सच्चाई को सामने लाने के लिए झूठ और भ्रामक तथ्यों को उजागर करती है जिसे राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए लंबे समय तक दबाया गया था।' 

संस्कृति, खान-पान और क्रिकेट इंडिया-गुयाना को आपस में हैं जोड़ते : पीएम मोदी

22-Nov-2024
गुयाना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संस्कृति, खान-पान तथा क्रिकेट भारत और गुयाना को गहराई से जोड़ते हैं और ये समानताएं दोनों देशों के बीच मित्रता का मजबूत आधार हैं। प्रधानमंत्री ने गुयाना में बृहस्पतिवार को एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय-गुयाना समुदाय की सराहना की और कैरेबियाई राष्ट्र के विकास में उसके योगदान की प्रशंसा की हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा मूल्य मित्रता के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, कि ‘विशेष रूप से तीन चीजें- संस्कृति, खानपान और क्रिकेट भारत और गुयाना को गहराई से जोड़ती हैं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों को अपनी समृद्ध और विविध संस्कृति पर गर्व है। उन्होंने कहा, कि ‘हम विविधता को केवल समायोजित करने के नहीं, बल्कि जश्न मनाने के आधार के रूप में देखते हैं। हमारे देश ये दिखाते हैं कि सांस्कृतिक विविधता किस प्रकार हमारी ताकत है।’’ प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय-गुयाना समुदाय की भोजन संबंधी एक अनूठी परंपरा है जिसमें भारतीय और गुयाना दोनों तत्वों का मिश्रण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि ‘क्रिकेट के प्रति प्रेम भी हमारे देशों को आपस में जोड़ता है। यह सिर्फ एक खेल नहीं है। यह जीवन जीने का एक तरीका है जो हमारी राष्ट्रीय पहचान में गहराई से समाया हुआ है।’’

उन्होंने कहा, कि ‘हमारे कई क्रिकेट प्रशंसकों ने इस वर्ष आपके द्वारा आयोजित टी-20 विश्व कप का आनंद लिया। गुयाना में ‘टीम इन ब्लू’ (भारतीय टीम) के मैच के दौरान आपके उत्साह को भारत में भी सुना जा सकता था।’’ उन्होंने भारतीय-गुयाना समुदाय की सराहना करते हुए कहा, कि ‘आपने स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी है। आपने गुयाना को सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने के लिए काम किया है।’’ पीएम मोदी ने प्रवासी समुदाय को ‘‘राष्ट्रदूत’’ बताते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति और मूल्यों के राजदूत हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत-गुयाना समुदाय का यह ‘‘दोहरा सौभाग्य’’ है कि गुयाना उसकी ‘‘मातृभूमि’’ और ‘‘भारत माता’’ उसकी ‘‘पैतृक भूमि’’ है। प्रधानमंत्री मोदी ने दो दशक पहले की गुयाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा कि वह ‘‘एक जिज्ञासु यात्री के तौर पर देश आए’’ थे। उन्होंने कहा कि तब से अब तक बहुत कुछ बदल गया है लेकिन ‘‘गुयाना के मेरे भाइयों और बहनों का प्रेम और स्नेह वैसा ही है।’’ उन्होंने कहा, कि ‘मेरे अनुभव ने इस बात की पुष्टि की है कि आप किसी भारतीय को भारत से बाहर ले जा सकते हैं लेकिन किसी भारतीय से मन से भारत को नहीं निकाल सकते।’’ पीएम मोदी ने भारत और गुयाना को जोड़ने वाले ‘‘साझा इतिहास’’ पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, कि ‘दोनों देशों ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष किया। दोनों राष्ट्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रेम और विविधता के लिए सम्मान है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि ‘हमारा एक साझा भविष्य है जिसे हम आकार देना चाहते हैं। हम विकास और प्रगति की आकांक्षाओं, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी के प्रति प्रतिबद्धता और न्यायपूर्ण एवं समावेशी वैश्विक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां भारत-कैरेबियाई सामुदायिक शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की हैं।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कीं और इसे ‘‘बेहद विशेष सामुदायिक कार्यक्रम’’ बताया हैं। विदेश मंत्रालय ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, कि ‘इस कार्यक्रम के जरिए बड़े भारतीय परिवार के जुड़ने का मौका मिला।’’ मंत्रालय ने कहा, कि ‘प्रधानमंत्री ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए प्रवासी भारतीयों की सराहना की हैं। उन्होंने भारत की विकास गाथा पर प्रकाश डाला और उन्हें अपनी पैतृक भूमि आने का निमंत्रण दिया।’’ प्रधानमंत्री बुधवार को गुयाना पहुंचे जो 50 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस कैरेबियाई देश की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी को गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने देश का सर्वोच्च पुरस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ प्रदान किया।
 

पीएम मोदी को मिला डोमिनिका और गुयाना का सर्वोच्च सम्मान

22-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत की कूटनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को COVID-19 महामारी के दौरान उनके अद्वितीय योगदान और डोमिनिका तथा गुयाना के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों कैरेबियाई देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुआ है।
अपने तीन देशीय दौरे के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी को गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली द्वारा ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित करते हुए कहा, “यह भारत के 140 करोड़ लोगों की पहचान है।” पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति अली का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान गुयाना और भारत के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वह गुयाना का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने वाले चौथे विदेशी नेता बने हैं।
साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी को डोमिनिका ने भी उसका सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया, जिसमें उनके COVID-19 महामारी के दौरान डोमिनिका को सहायता देने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के योगदान को सराहा गया।
बुधवार को आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का है। हम दोनों लोकतंत्र हैं, और हम महिला सशक्तिकरण के मामले में दुनिया के लिए एक आदर्श हैं।” उन्होंने 2021 के फरवरी में डोमिनिका को 70,000 डोज़ AstraZeneca COVID-19 वैक्सीन प्रदान करने का उल्लेख किया, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों की मदद कर सका।
डोमिनिका से पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और भारत के डोमिनिका और कैरेबियाई क्षेत्र के साथ मिलकर इन मुद्दों पर काम करने की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि की।

दोनों सम्मान भारत और इन कैरेबियाई देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाते हैं, जो महामारी के दौरान वैश्विक एकजुटता में भारत की नेतृत्व भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसके निरंतर समर्पण को उजागर करते हैं।
 

अडानी रिश्वत कांड: अडानी पर लगे 'रिश्वतखोरी' के आरोपों पर आया अमेरिका का बयान, कहा- भारत-यूएस संबंध...

22-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी पर लगे रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के बीच इस पर अब अमेरिका का बयान आया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन-पियरे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब यह पूछा गया कि क्या इन आरोपों से दोनों देशों के सबंधों पर कोई असर पड़ेगा? इस पर उन्होंने कहा कि हमें इन आरोपों की जानकारी है।
कैरीन जीन-पियरे ने कहा कि इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आपको सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और न्याय विभाग से संपर्क करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध एक मजबूत नींव पर आधारित हैं। हम ऐसा मानते हैं कि हम इस मु्द्दे को हल करना जारी रखेंगे। हम मानते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच यह संबंध एक मजबूत नींव पर बना है।
अडानी पर आरोप क्या है?
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में अपने निवेशकों को धोखा देने के आरोप लगे हैं। अडानी पर अमेरिका में अपनी कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिलाने के लिए 265 मिलियन डॉलर या करीब 2236 करोड़ रुपये की रिश्वत देने और इसे छिपाने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एक अन्य फर्म से जुड़ा है।
अमेरिका में सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन इस मामले में गौतम अडानी के भतीजे सागर अडानी, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारियों समेत एक अन्य फर्म एज्योर पावर ग्लोबल लिमिटेड के कार्यकारी सिरिल काबेनेस के खिलाफ भी आरोप लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर के साथ ही सात अन्य प्रतिवादियों ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिलाने और भारत की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा संयंत्र परियोजना विकसित करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को करीब 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी।
 



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