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देश-विदेश

वैशाली में करंट से 9 कांवरियों की मौत

05-Aug-2024
हाजीपुर. ( शोर संदेश )  बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में रविवार की रात बड़ा हादसा हो गया. पहलेजा स्थित गंगा नदी से जल लेकर आ रहे 9 कांवरियों की झुलसकर मौत हो गई. कांवरियों का जत्था पहलेजा घाट से गंगाजल भरने और बाबा हरिहरनाथ का जलाभिषेक करने के लिए निकला था. इसी बीच औद्योगिक थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में (नाइपर के सामने) रविवार की रात करीब 11.40 बजे हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से 9 कांवरियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए. हादसे में मृत कांवरिए जेठुई गांव के रहने वाले हैं.
11 हजार वोल्ट के तार से डीजे ट्रॉली के सटने से हुआ हादसा
हादसा तब हुआ जब कांवरियों का जुलूस गांव से करीब 500 मीटर दूर बढ़ा होगा. जुलूस के साथ एक ट्रॉली पर डीजे और साउंड सिस्टम सेट किया हुआ था, जो 11 हजार वोल्ट के तार से सट गया. इससे पूरी ट्रॉली में 11 हजार वोल्ट का करंट फैल गया और इसकी चपेट में जो आये वो मारे गये. एक एक कर करंट लगने से 9 कांवरियों की मौके पर ही मौत हो गई. छह झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका इलाज कराया जा रहा है. बताया जा रहा है कि स्थिति ठीक नहीं है. मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है.

कार-बस में टक्कर, 6 की मौत

05-Aug-2024
लखनऊ।   ( शोर संदेश )  आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर शनिवार की मध्य रात एक बस और कार की जोरदार टक्कर हो गई। जिससे 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि कार एक्सप्रेसवे से नीचे जाकर गिर गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया है, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक्सीडेंट के संबंध में जानकारी देते हुए इटावा के एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि शनिवार की रात एक डबल डेकर बस और कार में जोरदार टक्कर हो गई. जिसके बाद कार एक्सप्रेस वे से नीचे जाकर गिर गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. जबकि 45 लोग घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 

भारी बारिश : केदारनाथ में 9 हजार श्रद्धालुओं को बचाया गया

05-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से लोग बेहाल हैं। टिहरी से लेकर केदारनाथ तक हर जगह तबाही के निशान देखे जा सकते हैं.केदारनाथ में बड़ी संख्या में श्रद्दालु फंसे हुए हैं। रविवार को चौथे दिन भी उन्हें बचाने और सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अब तक करीब 9 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को निकाल लिया गया है लेकिन अभी भी 1000 से अधिक लोग केदारनाथ, गौरीकुंड और सोनप्रयाग के इलाके में फंसे हुए हैं। केदारनाथ में आई आपदा से लोगों को बचाने के लिए करीब 882 राहत कर्मी लगे हुए हैं। फंसे लोगों को जवानों द्वारा भोजन, पानी मुहैया कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को जैसे-जैसे निकाला जा रहा है उन्हें सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचाया जा रहा है.अधिकारियों की मानें तो अगर मौसम ठीक रहा तो सभी तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को आज सुरक्षित निकाल लिया जाएगा. लेकिन इलाके में मौसम खराब होने के चलते बचाव कार्य में भी मुश्किल हो रही है।

ईपीएफओ के 7 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट, पीएफ खाते को लेकर नियम बदला

03-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट को लेकर नया नियम पेश किया है. यह बदलाव सभी पीएफ खाताधारकों के लिए है. अगर आप भी एक पीएफ अकाउंट होल्डर्स हैं तो आपके लिए ये नियम पेश किया गया है. ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट्स में उनके विवरण को सही करने, अपडेट करने के लिए कुछ नए नियम पेश किए हैं. आइए जानते हैं ईपीएफओ की तरफ से किस नियम को पेश किया गया है? 

ईपीएफओ ने पर्सनल जानकारी जैसे नाम, डेट ऑफ बर्थ को सही करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया गाइडलाइन जारी किया है. जिसके तहत सदस्यों के प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी गई है. अब इस नए नियम के बाद यूएएन प्रोफाइल में अपडेट या सुधार के लिए दस्तावेज देने होंगे. साथ ही डिक्लेयरेशन देकर आवेदन कर सकते हैं. 
ईपीएफओ ने अपने गाइडलाइन में कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कई तरह की गलतियां होती हैं, जिसे सुधारने के लिए लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी डेटा अपडेट नहीं होने के कारण होता है. ऐसे में ये गाइडलाइन पेश की गई है. 
दो कैटेगरी में होंगे बदलाव 
नए गाइडलाइन के मुताबिक, नए निर्देश के तहत ईपीएफओ ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर श्रेणियों में बांटा है. माइनर बदलावों को संयुक्त घोषणा रिक्वेस्ट के साथ कम से कम दो जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे. वहीं बड़े यानी मेजर सुधार के लिए कम से कम तीन आवश्यक दस्तावेज सबमिट करने होंगे. इसमें फील्ड कार्यालयों को सदस्यों की प्रोफाइल को अपडेट करने में ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी ना हो सके. 

दूसरी ओर, बड़े बदलावों के लिए कम से कम तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार से जुड़े बदलावों के मामले में, आधार कार्ड या एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा ई-आधार कार्ड सहायक दस्तावेज के तौर पर काफी होगा.
किस बदलाव के लिए कितने दस्तावेज  
बता दें ईपीएफ सदस्यों के पास सदस्य ई-सर्विस पोर्टल के माध्यम से सुधार के लिए संयुक्त डिक्लेयरेशन पेश करने का विकल्प है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सुधार केवल वर्तमान नियोक्ता की ओर से मैनेज किए जा रहे ईपीएफ अकाउंट से संबंधित डेटा में ही किए जा सकते हैं. नियोक्ताओं के पास पिछले या अन्य प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि सदस्य को अपने रजिस्टर्ड पोर्टल लॉगिन से जेडी आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी होगी. 
 

अयोध्या रेप केस : फुल एक्शन में सीएम योगी, मोईद खान की बेकरी पर चला बुलडोजर

03-Aug-2024
अयोध्या    ( शोर संदेश ) रेप केस में सीएम योगी ने बड़ा एक्शन लिया है। सबसे पहले तो पुलिस चौकी के इंचार्ज और थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं इस रेपकेस के मुख्य आरोपी मोईद खान के घर पर बुलडोजर एक्शन होने वाला है। इस मामले में मोईद खान की संपत्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है। अयोध्या गैंग रेप के मुख्य आरोपी सपा नेता मोईद खान की बेकरी पर खाद्य सुरक्षा उपायुक्त का छापा पड़ा है। बेकरी में बने सामानों की जांच की जा रही है। भदरसा में एवन बेकरी के नाम से है मोईद खान की बेकरी।
पीड़िता की मां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की थी जिसके साथ ही अयोध्या में एक्शन शुरू हो गया है। सीएम योगी ने पूराकलंदर थानाध्यक्ष रतन शर्मा और भदरसा चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता, दोनों सस्पेंड कर दिया गया है। इनपर आरोप है कि घटना के बाद इन लोगों ने त्वरित कार्रवाई नहीं की गई और मुकदमा दर्ज करने ने घंटों विलंब किया है। 
पीड़ित किशोरी की मां ने मुख्यमंत्री को घटना के बारे में बताया था। पुलिस कर्मियों की कार्रवाई के बाद रेपकेस के मुख्य आरोपी मोईद खान की संपत्तियों की भी जांच शुरू हो गई है। मोईद खान पर आरोप है कि तालाब और सरकारी जमीनों पर इन लोगों ने अवैध कब्जा किया है।
सीएम योगी का बड़ा एक्शन
बता दें कि अयोध्या के भदरसा इलाके में गैंग रेप का शिकार हुई पीड़ित किशोरी की मां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक तंत्र अचानक हरकत में आ गया है।मुकदमा लिखने में देरी और त्वरित कार्रवाई नहीं करने के कारण जहां चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी मोईद की प्रापर्टी की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे किसी भी पार्टी का अपराधी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 

केरल के जंगलों में हुआ चमत्कार! वायनाड त्रासदी के 5 दिन बाद बचाए गए 4 आदिवासी बच्चे

03-Aug-2024
केरल   ( शोर संदेश ) वन विभाग के अधिकारियों को ऊंची पहाड़ियों पर अपने साहसी प्रयास में बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के 4 बच्चों और उनके माता-पिता को बचा लिया, जो वायनाड भूस्खलन के बाद से गुफा में फंसे हुए थे। कलपेट्टा रेंज के वन अधिकारी के. हशीस के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस बचाव अभियान में एक तरफ से ही साढ़े चार घंटे लग गए। जिन लोगों को बचाया गया, उनमें 1-4 साल की उम्र के चार बच्चे भी शामिल हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 8 घंटे तक चले इस सफल ऑपरेशन के लिए वन विभाग की पीठ थपथपाई है।
हशीस ने पीटीआई को बताया, 'यह परिवार वायनाड के पनिया समुदाय से है। ये लोग गहरी खाई के सामने पहाड़ियों की गुफा में फंसे हुए थे।' उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्हें मां और 4 साल के बच्चे दिखे, जो गुफा में फंसे अपने बाकी बच्चों और उनके पिता के लिए भोजन की तलाश में भटक रहे थे। हशीस ने बताया, 'आदिवासी समुदाय जंगल में मिलने वाली चीजों के सहारे जीवित रहता है। आमतौर पर ये लोग दूसरों से बातचीत नहीं करते हैं। ऐसा लगता है कि भूस्खलन और भारी बारिश के कारण उन्हें खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा था।' उन्होंने कहा कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन वाकई मुश्किल था। अधिकारियों को चढ़ने के लिए पेड़ों और चट्टानों पर रस्सियां बांधनी पड़ीं। 
काफी सहमे और थके हुए थे बच्चे'
हशीस ने कहा, ‘बच्चे काफी सहमे और थके हुए थे। हम जो कुछ भी साथ ले गए थे उन्हें खाने के लिए दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद उनके पिता हमारे साथ आने के लिए राजी हो गए। हमने बच्चों को अपने शरीर से बांध लिया और नीचे उतरना शुरू कर दिया।’ वे अट्टमाला कार्यालय में आए, जहां बच्चों को खाना खिलाया गया और कपड़े व जूते दिए गए। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें वहां रखा गया है। बच्चे अब सुरक्षित हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अधिकारी की ओर से एक बच्चे को गोद में उठाए जाने का दृश्य वायरल हो गया। मालूम हो कि हशीस के साथ खंड वन अधिकारी बी.एस जयचंद्रन, बीट वन अधिकारी के अनिल कुमार और त्वरित प्रतिक्रिया दल के सदस्य अनूप थॉमस ने आदिवासी परिवार को बचाने के लिए 7 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
रेस्क्यू ऑपरेशन 5वें दिन भी जारी
बता दें कि भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले में तलाश अभियान शनिवार को 5वें दिन भी जारी है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए 1,300 से अधिक बचावकर्मियों, भारी मशीनों और अत्याधुनिक उपकरणों को क्षेत्र में तैनात किया गया है। वायनाड में मंगलवार को तड़के भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में 210 लोगों की मौत हो गई और 273 अन्य घायल हो गए। लगभग 300 लोगों के लापता होने की आशंका है। सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेषज्ञता रखने वाली निजी कंपनियां, सेना, पुलिस और आपातकालीन एजेंसियों के नेतृत्व वाले अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। भूस्खलन के कारण मुंडक्कई और चूरलमाला के आवासीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बड़े पत्थर व पेड़ गिरे हैं। इससे मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने में मुश्किल हो रही है।

दिल्ली के लिए आफत बनी बारिश! एनसीआर में 7 लोगों की मौत

01-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दिल्ली के लिए बारिश एक बार फिर आफत बनकर सामने आई है. बुधवार शाम से दिल्ली में शुरू हुई बारिश रातभर हुई, जिसके बाद सरिता विहार, दरियागंज, प्रगति मैदान और आईटीओ सहित दिल्ली के कई इलाके तालाब बन गए. इसका असर गुरुवार सुबह भी नजर आया और आज भी दिल्ली के कई इलाकों में सडक़ें जलमग्न दिखीं. गुरुवार सुबह से ही सडक़ों पर पानी भारने के कारण गाडिय़ां रेंगकर चलती हुई दिखाई दीं. बारिश से हालात खराब होने के चलते आज दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. कुछ कॉलेज भी इस दौरान बंद रहेंगे. दिल्ली में देर रात हुई बारिश के कारण दो लोगों की मौत हो गई है. पुलिस के मुताबिक 22 साल की तनुजा और उनका तीन साल का बेटा प्रियांश गाजीपुर क्षेत्र की खोड़ा कॉलोनी के पास साप्ताहिक बाजार में गए थे. इस दौरान वह फिसल गए और एक नाले में गिर गए. अधिकारी ने कहा कि दोनों को गोताखोरों और क्रेन की मदद से निकाला गया और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके अलावा तेज बारिश के बाद हाई टेंशन तार की चपेट में आने से गुरुग्राम में 3 लोगों की मौत हो गई है. घटना बुधवार देर रात 10 बजे की है. ग्रेटर नोएडा के दादरी कस्बे में दीवार गिरने से एक महिला और एक शख्स की मौत हो गई. यानी पिछले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर में 7 लोगों की मौत हो चुकी है.
 

वायनाड लैंडस्लाइड में अब तक 256 मौतें, अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं कई लोग...

01-Aug-2024
वायनाड।  ( शोर संदेश ) केरल के वायनाड जिले में सोमवार को हुए भूस्खलन के बाद यहां के चार गांव पूरी तरह साफ हो गए. इस प्राकृतिक आपदा के कारण अभी तक 256 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की भी खबर है और कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है.
अब तक 3 हजार लोगों को रेस्क्यू किया गया है. भारी बारिश के बीच कीचड़, चट्टानों और पेड़ों के बड़े-बड़े टुकड़ों की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. चूरलमाला को मुंडक्कई के बीच जो पुल ढह गया था उसे सेना के जवान फिर से बनाने में जुटे हैं जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आ सके. उम्मीद है कि आज दोपहर तक चूरलमाला को मुंडक्कई से जोडऩे वाला 190 फीट का यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा. 
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वायनाड पहुंच गए हैं. वह अपने संसदीय क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां पहुंच रहे हैं. उनके साथ प्रियंका गांधी भी हैं. दोनों भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं. पहले दोनों नेता बुधवार को वायनाड जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें अपना यह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था.
वायनाड से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वह उस तबाही की कहानी बयां कर रही हैं जिसने केरल ही नहीं बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. दरअसल, सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात वायनाड में जबरदस्त बारिश आफत बन गई. रात एक बजे से 5 बजे के बीच तीन बार लैंडस्लाइड हुई और इससे पहाड़ के नीचे चेलियार नदी के कैचमेंट में बसे चार खूबसूरत गांव चूरलमाला, अट्टामाला, नूलपुझा और मुंडक्कई में तबाही आ गई. बड़े-बड़े पत्थर और मलबे में गांव के गांव चपेट में आ गए. कुछ ही देर में सैकड़ों घर मलबे का ढेर बन गए. सैलाब के रास्ते में जो आया बहता चला गया. पेड़ तक जड़ से उखड़ते चले गये. बड़े-बड़े पत्थर और मलबे में गांव के गांव चपेट में आ गए. कुछ ही देर में सैकड़ों घर मलबे का ढेर बन गए.
आधी रात के बाद तबाही का वो मंजर कितना खतरनाक रहा होगा इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस जगह मंदिर हुआ करते थे वो अब सपाट हो चुकी है. मलबे से अबतक 256 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, अभी भी लैंडस्लाइड वाले इलाकों में लोगों के फंसे होने की खबर है. इन चारों गांव में ज्यादातर चाय बागान के मजदूर रहते हैं. करीब 22 हजार की आबादी है. रात एक बजे जब पहली बार लैंडस्लाइड हुई तब लोग अपने घरों में सो रहे थे. किसी को बचने या भागने तक का मौका नहीं मिला.

कृष्ण जन्मभूमि केस में खारिज नहीं होंगी हिन्दू पक्ष की 18 याचिका, मुस्लिम पक्ष को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका

01-Aug-2024
इलाहाबाद। ( शोर संदेश ) मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी. जबकि हिंदू पक्ष ने अपनी याचिका में वहां पूजा का अधिकार दिए जाने की मांग की थी.
मथुरा के चर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. इस मामले में हिंदू पक्ष ने 18 याचिकाएं दायर की थीं और शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन को हिंदुओं की बताया था. इसके साथ ही हिंदू पक्ष ने वहां पूजा का अधिकार दिए जाने की मांग भी की थी.
हिंदू पक्ष की याचिका के बाद मुस्लिम पक्ष ने प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट, वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट का हवाला देते हुए हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है. यानी अब हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक साथ सुनवाई होगी.

हिंदू पक्षकारों ने क्या दी थीं दलीलें?
1. ईदगाह का पूरा ढाई एकड़ का एरिया भगवान श्रीकृष्ण विराजमान का गर्भगृह है.
2. मस्जिद कमेटी के पास भूमि का कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है.
3. सीपीसी का आदेश-7, नियम-11 इस याचिका में लागू ही नहीं होता है.
4. मंदिर तोडक़र मस्जिद का अवैध निर्माण किया गया है.
5. जमीन का स्वामित्व कटरा केशव देव का है.
6. बिना स्वामित्व अधिकार के वक्फ बोर्ड ने बिना किसी वैध प्रक्रिया के इस भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया है.
7. भवन पुरातत्व विभाग से भी संरक्षित घोषित है, इसलिए भी इसमें उपासना स्थल अधिनियम लागू नहीं होता.
8. एएसआई ने इसे नजूल भूमि माना है, इसे वक्फ संपत्ति नहीं कह सकते.
मुस्लिम पक्षकारों की याचिका खारिज
1. मुस्लिम पक्षकारों ने कोर्ट में दलील दी थी कि इस जमीन पर दोनों पक्षों के बीच 1968 में समझौता हुआ है. 60 साल बाद समझौते को गलत बताना ठीक नहीं. लिहाजा, मुकदमा चलने योग्य ही नहीं है.
2. उपासना स्थल कानून यानी प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के तहत भी मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है.
3. 15 अगस्त 1947 के दिन जिस धार्मिक स्थल की पहचान और प्रकृति जैसी है वैसी ही बनी रहेगी. यानी उसकी प्रकृति नहीं बदली जा सकती.
4. लिमिटेशन एक्ट और वक्फ अधिनियम के तहत भी इस मामले को देखा जाए.
5. इस विवाद की सुनवाई वक्फ ट्रिब्यूनल में हो. यह सिविल कोर्ट में सुना जाने वाला मामला है ही नहीं.

बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जातिगत आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले पर रोक नहीं

29-Jul-2024
पटना।  ( शोर संदेश )  बिहार में 65प्रतिशत आरक्षण मामले में नीतीश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने 20 जून को बिहार सरकार के 65प्रतिशत जाति आधारित आरक्षण देने के फैसले को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया था.
पटना हाईकोर्ट के फैसले को नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन फिलहाल उसे कोई राहत नहीं मिली है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की अपील को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है. कोर्ट ने वकील मनीष कुमार को नोडल वकील नियुक्त किया है. कोर्ट इस मामले में अब सितंबर में सुनवाई करेगा. दरअसल बिहार सरकार ने शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी आरक्षण करने का कानून 9 नवंबर 2023 को पारित किया था. बिहार सरकार ने पिछले साल जातीय जनगणना कराई थी और उसके बाद इसी आधार पर ओबीसी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, दलित और आदिवासियों का आरक्षण बढ़ाकर 65 फ़ीसदी करने का फैसला किया था, जिसे पटना हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था.
हाईकोर्ट के फैसले को स्ष्ट में दी थी चुनौती
बिहार सरकार ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी और कहा था कि अगर अंतरिम राहत नहीं मिलती है तो राज्य में बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं चल रही हैं, जिनमें से कुछ अग्रिम चरणों में हैं. इससे चयन प्रक्रिया पर असर पड़ेगा. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट का यह निष्कर्ष कि जाति सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है. ये राज्य के विवेक का हनन है.



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