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देश-विदेश

असम में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले मुख्य आरोपी ने तालाब में लगाई छलांग, मौत; क्राइम सीन पर ले जा रही थी पुलिस

24-Aug-2024
नागांव। ( शोर संदेश )  असम के नागांव जिले के धींग में सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी तफजुल इस्लाम की मौत की मौत हो गई है। पुलिस ने शनिवार सुबह चार बजे क्राइम सीन को रिक्रएट करने के लिए अपराध स्थल पर ले जा रही थी। तभी उसने तालाब में कूदकर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। तलाब में डूबने से तफजुल इस्लाम की मौत हो गई। 
तालाब में डूबने से हुई मौत 
पुलिस ने जानकारी दी कि तलाब में डूबने की आशंका से पुलिस ने बचाव अभियान चलाया। दो घंटे बचाव अभियान चलाने के बाद उसका शव तालाब से बरामद किया गया।
बता दें कि गुरुवार (22 अगस्त) को दसवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया और उसे बेहोशी की हालत में छोड़ दिया था। पीड़िता शाम 6 बजे अपनी ट्यूशन क्लास से लौट रही थी, तभी तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया।
लड़की को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को लेकर असम के लोगों में काफी आक्रोश है। लोग आरोपी को कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। 

भारत ने लॉन्च किया पहला रीयूजेबल हाइब्रिड रॉकेट आरएचयूएमआई- 1

24-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  भारत ने शनिवार को अपने पहले रीयूजेबल हाइब्रिड रॉकेट की लॉन्चिंग की. इस रॉकेट को तमिलनाडु स्थित स्टार्ट-अप स्पेस जोन इंडिया और मार्टिन ग्रुप द्वारा विकसित किया गया है. इस रॉकेट के साथ कुछ उपग्रहों को भी लॉन्च किया गया है.
भारत अपनी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है. जिससे दुश्मन की नापाक हरकतों का तुरंत मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके. इसी कड़ी में भारत ने शनिवार को अपना पहला रीयूजेबल हाइब्रिड रॉकेट RHUMI-1 की लॉन्चिंग की. इस रॉकेट का प्रक्षेपण चेन्नई के थिरुविदंधई से किया गया. इस रॉकेट को तमिलनाडु स्थित स्टार्ट-अप स्पेस जोन इंडिया ने मार्टिन समूह के साथ मिलकर विकसित किया है.
इस रॉकेट के साथ 3 क्यूब उपग्रहों और 50 पीआईसीओ उपग्रहों को भी लॉन्च किया गया. रॉकेट को एक मोबाइल लांचर का उपयोग करके एक उपकक्षीय प्रक्षेपवक्र में लॉन्च किया गया. जिन उपग्रहों को इस रॉकेट से लॉन्च किया गया है वे उपग्रह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पर अनुसंधान उद्देश्यों के लिए डेटा एकत्र करेंगे.
ये हैं खासियत
बता दें कि रॉकेट एक जेनेरिक-ईंधन-आधारित हाइब्रिड मोटर और विद्युत चालित पैराशूट डिप्लॉयर से सुसज्जित है, आरएचयूएमआई सौ फीसदी आतिशबाज़ी-मुक्त और जीरो प्रतिशत टीएनटी है. मिशन आएचयूएमटी का नेतृत्व इसरो सैटेलाइट सेंटर के पूर्व निदेशक डॉ. मायलस्वामी अन्नादुरई के मार्गदर्शन में, स्पेस ज़ोन के संस्थापक आनंद मेगालिंगम द्वारा किया जाता है. RHUMI-1 रॉकेट दक्षता में सुधार और परिचालन लागत को कम करने के लिए तरल और ठोस ईंधन प्रणोदक प्रणालियों दोनों के फायदों को जोड़ता है.
क्या है स्पेस जोन इंडिया?
बता दें कि इस रॉकेट को स्पेस ज़ोन इंडिया चेन्नई के साथ मिलकर विकसित किया गया है जो एक एयरो-टेक्नोलॉजी कंपनी है जिसका लक्ष्य अंतरिक्ष उद्योग में कम लागत, दीर्घकालिक समाधान प्रदान करना है. स्पेस जोन इंडिया (एसजेडआई) वायुगतिकीय सिद्धांतों, उपग्रह प्रौद्योगिकी, ड्रोन प्रौद्योगिकी और रॉकेट प्रौद्योगिकी पर व्यावहारिक प्रशिक्षण अनुभव प्रदान करती है. यह इस उद्योग में करियर विकल्पों के बारे में जागरूकता भी पैदा करता है. एसजेडआई निजी संस्थानों, इंजीनियरिंग और कला और विज्ञान कॉलेजों और निजी और सरकारी स्कूलों के साथ काम करता है.
साल 2023 में मिशन 'डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम छात्र उपग्रह प्रक्षेपण- 2023 में देश भर के सरकारी, आदिवासी और सार्वजनिक स्कूलों के 2,500 से अधिक छात्रों ने एक छात्र उपग्रह प्रक्षेपण वाहन के डिजाइन और निर्माण में योगदान दिया. वाहन 150 पिको उपग्रह अनुसंधान प्रयोग क्यूब्स का पेलोड ले जा सकता है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिसंबर से हो सकती है शुरू, इन सुविधाओं से होगी लैस

24-Aug-2024
नई दिल्लीः  ( शोर संदेश )  भारतीय रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन साल के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। 2019 में शुरू की गई चेयर-कार ट्रेन के बाद यह वंदे भारत श्रृंखला का तीसरा संस्करण होगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली ट्रेन गुजरात में संचालित होने की उम्मीद है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह अभी स्पष्ट नहीं है। 
ट्रेन का दो महीने किया जाएगा ट्रायल
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई के महाप्रबंधक यू सुब्बा राव ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि वंदे भारत की पहली स्लीपर ट्रेन 20 सितंबर तक बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के प्लांट से रवाना होने की उम्मीद है। इसके बाद इसका ट्रायल रन किया जाएगा। इसका ट्रायल एक या दो महीने तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड ट्रेन का ट्रायल उत्तर पश्चिम रेलवे ज़ोन पर किए जाने की संभावना है।
वंदे भारत स्लीपर में ये होगा खास
एक सूत्र ने कहा कि चेयर कार वंदे भारत ट्रेन से मिले फीडबैक के आधार पर शोर को कम करने और मवेशियों की टक्कर को बेहतर ढंग से झेलने के लिए फ्रंट नोज कोन को मजबूत करने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। ट्रेन कवच टकराव बचाव प्रणाली से भी लैस होगी। अन्य विशेषताओं में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी, क्रैश-योग्य यात्री सुरक्षा, जीएफआरपी आंतरिक पैनल, वायुगतिकीय डिजाइन, मॉड्यूलर पेंट्री, अग्नि सुरक्षा अनुपालन (ईएन 45545), विकलांग यात्रियों के लिए सुविधाएं, स्वचालित दरवाजे, सेंसर-आधारित इंटरकम्युनिकेशन, अग्नि अवरोधक दरवाजे शामिल हैं। एर्गोनोमिक टॉयलेट सिस्टम, यूएसबी चार्जिंग के साथ एकीकृत रीडिंग लाइट भी होगी।
वंदे भारत स्लीपर में भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को यूरोप में नाइटजेट स्लीपर ट्रेनों के समान रात भर की यात्रा पर एक विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करने की योजना बना रहा है। रात में लाइट बंद होने पर शौचालय जाने वाले यात्रियों के लिए सीढ़ी के नीचे फर्श पर एलईडी स्ट्रिप्स होंगी। ट्रेन अटेंडेंट के लिए भी अलग बर्थ होगी।
दिसंबर 2024 तक ट्रेन चलाने की उम्मीद
बता दें कि मई 2023 में  16-कार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 10 रेक के डिजाइन और निर्माण के लिए BEML लिमिटेड को एक ऑर्डर दिया गया था। इसकी अधिकतम परिचालन गति 160-180 किमी प्रति घंटे होगी। ट्रायल रन के बाद दिसंबर 2024 तक इसे चालू किया जा सकता है।

शहजाद अली ने बनाई थी ₹10 करोड़ की आलीशान हवेली, अब बना मैदान

23-Aug-2024
  ( शोर संदेश )  मध्य प्रदेश की छतरपुर सिटी कोतवाली में पथराव और उपद्रव मामले में पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. गुरुवार को पुलिस-प्रशासन की टीम ने पथराव मामले के मुख्य आरोपी और कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली की आलीशान हवेली को ध्वस्त कर दिया. प्रशासन का दावा है कि करीब 20 हजार वर्ग फीट जगह पर यह हवेली बिना अनुमति के बनाई गई थी. बॉलीवुड फिल्म 'सनम बेवफा' की हवेली की तर्ज पर शहजाद अपने सपनों की मंजिल बनवाने में करीब 10 करोड़ से ज्यादा रुपये लगा चुका था. हवेली का निर्माण कार्य 2017 से चल रहा था. फिलहाल गृहप्रवेश नहीं हुआ था. प्रशासन ने नवनिर्मित हवेली से सटे शहजाद एक अन्य मकान समेत उसके पार्षद भाई आजाद अली के मकान को भी ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान घर में रखी 3 महंगी कारें, 2 स्कूटी और 2 बाइक भी बुलडोजर से रौंद दी गईं.  
दरअसल, महाराष्ट्र में की गई संत रामगिरी महाराज की आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज होकर बीते बुधवार को मुस्लिम समुदाय के लोग ज्ञापन देने छतरपुर सिटी कोतवाली पहुंचे थे. इस दौरान कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली और उसके भाई नगर पालिका पार्षद आजाद अली के नेतृत्व में भीड़ ने थाने में उपद्रव और पथराव शुरू कर दिया. 
इस घटना में थाना प्रभारी अरविंद कुजूर सहित दो पुलिस आरक्षक घायल हो गए. यह मामला राजधानी भोपाल तक पहुंच गया और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उच्च अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस ने करीब 50 नामजद सहित 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. FIR में मुख्य आरोपी शहजाद के बेटे सोनू खान और मोनू खान समेत आजाद के बेटे इनायत खान के नाम भी शामिल हैं. 
छतरपुर पुलिस प्रशासन ने इस घटना में प्रमुख भूमिका में नजर आ रहे कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली और उनके भाई कांग्रेस पार्षद आजाद अली की 20 हजार वर्ग फीट में बिना अनुमति बनी आलीशान हवेली को चार बुलडोजर लगाकर 6 घंटे में ध्वस्त कर दिया. हवेली की कीमत 10 करोड़ रुपए आंकी जा रही है.

नेपाल में यूपी के पर्यटकों की बस नदी में गिरी, 15 की मौत, कई लापता; पोखरा से काठमांडू जा रहे थे यात्री

23-Aug-2024
गोरखपुर।    ( शोर संदेश )  यूपी के गोरखपुर से पर्यटकों को लेकर नेपाल गई एक भारतीय बस शुक्रवार को पोखरा से काठमांडू के बीच तनहु जिले के अबुखैरेनी में मार्स्यांगडी नदी में गिर गई है। बस में कुल 42 लोग सवार थे। अब तक 15 शव निकाले जा चुके हैं जबकि बाकी लापता हैं।सभी यात्री महाराष्ट्र के रहने वाले थे। बस गोरखपुर के केसरवानी ट्रैवल्स की बताई जा रही है। बस का ड्राइवर मुर्तजा गोरखपुर का रहने वाला था, हादसे में उसकी भी मौत हो गई है। 
तनहु के एसपी बीरेंद्र शाही ने बताया कि मार्सयांगडी नदी में बस अंबुखैरेनी ग्रामीण नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 स्थित ऐन पहरा से नदी में गिर गई। स्थानीय पुलिस कार्यालय के निरीक्षक अबू खैरेनी में मौके पर पहुंच गए हैं। सेना और सशस्त्र बलों को सूचित कर दिया गया है। पोखरा से काठमांडू जाने वाली बस नम्बर यूपी 53 एफटी 7633 बताया गया है।
बस में चालक-परिचालक समेत 43 लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आ रही है। पुलिस राहत बचाव के लिए पहुच गयी है। नेपाल पुलिस ने बताया कि बचाव कार्य चल रहा है। अब तक की जानकारी के मुताबिक बस में सवार सभी यात्री महाराष्ट्र के हैं। करीब 25 यत्रियों का अभी पता नही चल पा रहा है।
गोरखपुर से बुक की गई थी बस 
बताया जा रहा है कि चारू नामक व्यक्ति ने गोरखपुर शहर में बाबिना होटल के बगल में स्थित केशरवानी ट्रेवल्स से बस को बुक किया था। महाराष्ट्र के सभी यात्री इलाहाबाद से बस में सवार हुए थे। सभी यात्री पहले चित्रकूट गए फिर वहां से गोरखपुर होते हुए नेपाल गए थे। कुल तीन बस बुक कराई गई थी। पर्यटकों के दल में कुल 110 लोग थे। जिस बस की दुर्घटना हुई है वह 45 सीट की है। इसमें 42 यात्री सवार थे।

ईपीएफओ ने दी बड़ी राहत... अब क्लेम सेटलमेंट में नहीं होगी झंझट, आ रहा नया सिस्टम!

23-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सदस्यों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. अब लोगों को क्लेम सेटलमेंट में दिक्कत या फिर किसी अन्य समस्या से नहीं गुजरना पड़ेगा, क्योंकि केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय एक नया आईटी स‍िस्टम लेकर आ रहा है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अगले तीन महीनों के भीतर नई सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सिस्टम पर ट्रांसफर हो जाएगा. ऐसा होने के बाद क्लेम करने और बैलेंस चेक जैसी चीजें और सरल हो जाएंगी. इसके लिए नया आईटी सिस्टम 2.01 लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहा है.
नया सिस्टम आ जाने के बाद किसी भी मेंबर को नौकरी बदलने पर मेंबर आईडी के के ट्रांसफर की आवश्यकता नहीं होगी. वहीं नया अकाउंट भी खुलवाने की आवश्यकता नहीं होगी. वेबसाइट पहले से ज्यादा और सुविधाजनक हो जाएगी. बता दें ईपीएफओ पोर्टल के जर‍िए आप बैलेंस चेक करने से लेकर क्लेम सेटलमेंट और अन्य पीएफ से जुड़े काम को पूरा कर सकते हैं. 
ईपीएफओ पोर्टल पर क्या आ रही दिक्कत? 
कई यूजर्स ने ईपीएफओ से कम्प्लेंट की थी कि पोर्टल पर कई तरह की समस्याएं आ रही हैं. वहीं पिछले साल जुलाई में रिटायरमेंट फंड बॉडी के कुछ अधिकारियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पुराने और “ढहते” सॉफ्टवेयर सिस्टम की शिकायत की थी. इसकी वजह से सब्सक्राइबर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि कुछ लोगों को ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन करने की दिक्कत आती थी. ईपीएफओ सदस्यों को क्लेम सेटलमेंट में भी दिक्कत आ रही थी. सर्वर स्लो होने के कारण वे अपने पैसे क्लेम नहीं कर पा रहे थे. 
ईपीएफओ पोर्टल पर क्यों आ रही दिक्कत? 
लोगों का मानना है कि पोर्टल पर ज्यादा बोझ बढ़ रहा है, जिस कारण ट्रैफिक को मैनेज करने में समस्याएं आ रही हैं. अभी जिस आईटी सिस्टम पर ईपीएफओ काम करता है उसकी कैपिसिटी बहुत कम है. अब ईपीएफओ नया आईटी सिस्टम लेकर आ रहा है. तीन महीने के अंदर ये सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. 

एमपी के महू में छत गिरी, 5 की मौत:शव निकालने लगानी पड़ी 3 जेसीबी, 1 पोकलेन

23-Aug-2024
महू।   ( शोर संदेश ) इंदौर के पास महू के चोरल गांव में एक निर्माणाधीन फार्म हाउस की छत गिर गई। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई। घटना गुरुवार देर रात की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हादसे का पता लगा। उन्होंने सिमरोल पुलिस को सूचना दी।

पुलिस-प्रशासन की टीम ने तीन जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू के दौरान एक-एक कर पांचों मजदूरों के शव निकाले गए। मृतकों में दो सगे भाई और कॉन्ट्रेक्टर भी शामिल हैं।

एसपी हीतिका वासल ने बताया कि 2 मजदूर इंदौर, 2 शाजापुर और 1 राजस्थान का रहने वाला था। गुरुवार को काम खत्म होने के बाद रात में खाना खाकर निर्माणाधीन इमारत में ही सोए थे। मालिक की लोकेशन पता लगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

पांच सितंबर तक जेल में ही रहेंगे केजरीवाल, सीबीआई ने मांगा और वक्त; सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

23-Aug-2024
  ( शोर संदेश )  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब पांच सितंबर तक जेल में ही रहने वाले हैं। सीबीआई ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और वक्त मांगा है, ऐसे में अगली सुनवाई 5 सितंबर को होने वाली है। वैसे पहले यही सुनवाई आज शुक्रवार को होनी थी, तब कहा गया था कि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल सकती है। लेकिन इस सुनवाई का टलना ही केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
शराब घोटाला: क्यों नहीं मिली केजरीवाल को जमानत?
वैसे इस कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को जमानत मिल चुकी है। उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बाहर आ सकते हैं। बड़ी बात यह है कि ईडी मामले में तो केजरीवाल को जमानत पहले ही मिल चुकी है, वे तो जेल में इसलिए हैं क्योंकि सीबीआई ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। इस बार जो सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, वो भी इस सीबीआई वाले केस को लेकर ही थी।
मनीष सिसोदिया के पास आ जाएगी ‘आप’ की कमान?
5 सितंबर को किस्मत का फैसला
लेकिन बताया जा रहा है कि सीबीआई को जांच करने के लिए थोड़ा वक्त और चाहिए, उसके बाद ही वो कोर्ट में अपना विस्तृत जवाब रख पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई को अतिरिक्त समय दे दिया है, ऐसे में अब 5 सितंबर को केजरीवाल की किस्मत तय होने वाली है। तब पता चलेगा कि सिसोदिया के बाद क्या उन्हें भी राहत मिलती है या नहीं। वैसे अरविंद केजरीवाल खुद के लिए राहत की उम्मीद इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि मनीष सिसोदिया को जिन आधार पर जमानत मिली है, वो मायने रखती है।
जेल अपवाद, जमानत अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
असल में सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा है कि किसी भी मामले में जेल को अपवाद मानना चाहिए और बेल हर किसी का अधिकार है। इसी वजह से अरविंद केजरीवाल भी जमानत को अपना हक मानते हैं, वे तो लगातार यहां तक कहते आ रहे हैं कि जांच एजेंसी को उनके खिलाफ एक सबूत नहीं मिला है। आम आदमी पार्टी भी यही दावा कर रही है कि फर्जी मामले में बीजेपी के दबाव में आकर उनके नेताओं को अंदर किया गया है।
शराब घोटाला सरल शब्दों में समझिए
वैसे जिस केस को लेकर सारा विवाद है, वो समझना भी जरूरी है। असल में तीन साल पहले 17 नवंबर 2021 को राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार ने नई शराब नीति को लागू करने का फैसला किया था। इस नई नीति के मुताबिक दिल्ली को कुल 32 जोन में बांट दिया गया और कहा गया कि हर जोन में 27 शराब की दुकानें खोली जाएंगी। अगर इसी आंकड़े के हिसाब से टोटल किया जाए तो पूरी दिल्ली में 849 शराब की दुकानें खुलनी थीं। एक बड़ा बदलाव यह होने वाला था कि जो भी शराब की दुकाने खुलनी थीं, वो सारी प्राइवेट सेक्टर की थीं, सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं रहने वाला था। दूसरे शब्दों में जिस शराब करोबार में पहले सरकारी की हिस्सेदारी रहती थी, नई नीति के तहत उसे ही खत्म कर दिया गया।
 

पोलैंड के पीएम- राष्ट्रपति से बात, बिजनेस लीडर्स-इन्फ्लुएंसर्स से मुलाकात..

22-Aug-2024
 ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं. यह बीते 45 सालों में भारत के किसी प्रधानमंत्री का पहला पोलैंड दौरा है. उन्होंने यात्रा के पहले दिन नवानगर के जाम साहब स्मारक और कोल्हापुर महाराज के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी और बाद में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को पीएम मोदी पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात करेंगे.
पीएम मोदी पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा ले सकते हैं. वह राष्ट्रपति डूडा के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. पीएम मोदी के पोलैंड के दूसरे दिन के कार्यक्रम में बिजनेस लीडर्स के साथ-साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ भी बातचीत करेंगे. 
पोलैंड से सीधे यूक्रेन जाएंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी पोलैंड के दो दिवसीय दौरे के बाद सीधे यूक्रेन जाएंगे. वह विशेष ट्रेन रेल फोर्स वन (Rail Force One) के जरिए पोलैंड से कीव जाएंगे. रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. उन्होंने इससे पहले रूस जाकर राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी.
पीएम मोदी ने दी थी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को पोलैंड पहुंचने के बाद नवानगर के जाम साहब स्मारक पर श्रद्धांजलि दी थी. वह कोल्हापुर स्मारक पर भी गए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि मानवता और करुणा एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण दुनिया की महत्वपूर्ण नींव हैं. वारसॉ में नवानगर के जाम साहब स्मारक में जाम साहब दिग्विजय सिंह जी, रणजीत सिंह जी जडेजा के मानवीय योगदान पर प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के कारण बेघर हुए पोलिश बच्चों को आश्रय के साथ-साथ देखभाल भी सुनिश्चित की. जाम साहब को पोलैंड में डोबरी (अच्छा) महाराजा के नाम से याद किया जाता है. स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
पोलैंड में भारतीय समुदाय को किया था संबोधित
पोलैंड की राजधानी वारसॉ में पीएम मोदी ने बुधवार को भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी पोलैंड के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं. सबकी अलग-अलग भाषाएं हैं, बोलियां हैं, खानपान हैं. लेकिन सब जुड़े हुए हैं. आपने यहां इतना शानदार स्वागत किया है. मैं आप सभी का, पोलैंड की जनता का इस स्वागत के लिए बहुत आभारी हूं. पिछले एक हफ्ते से भारत की मीडिया में आप ही लोग छाए हुए हैं. पोलैंड के लोगों की खूब चर्चा हो रही है. और पोलैंड के विषय पर भी बहुत कुछ बताया जा रहा है. मीडिया में बताया जा रहा कि 45 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड आया है. बहुत सारे अच्छे काम मेरे नसीब में ही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए ये विषय पॉलिटिक्स का नहीं बल्कि संस्कार का है. जिनको कहीं जगह नहीं मिली, उनको भारत ने अपने दिल और अपने देश में स्थान दिया है. ये हमारी संस्कृति है, जिस पर हर भारतीय गर्व करता है. पोलैंड तो इसका साथी रहा है. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब पोलैंड मुश्किलों से घिरा हुआ था, जब पोलैंड की हजारों महिलाएं और बच्चे शरण के लिए जगह-जगह भटक रहे थे, तब जाम साहब, दिग्विजय सिंह, रणजीत सिंह जाडेजा जी आगे आए. उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए एक विशेष कैंप बनवाया था और उन्होंने कैंप की महिलाओं और बच्चों से कहा था कि जैसे जामनगर के लोग मुझे बापू कहते हैं, वैसे मैं आपका भी बापू हूं.
पीएम मोदी से पहले भारत के कितने प्रधानमंत्री पोलैंड गए?
पोलैंड का दौरा सबसे पहले भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था. नेहरू 25 जून 1955 को पोलैंड गए थे. उनके बाद 1967 में इंदिरा गांधी बतौर प्रधानमंत्री पोलैंड गई थीं. इसके बाद 1979 में मोरारजी देसाई पीएम के तौर पर पोलैंड गए थे. मोरारजी देसाई के पोलैंड जाने के 45 साल बाद नरेंद्र मोदी पोलैंड पहुंचे हैं. 

पिता रामविलास से बड़े राजनीति के 'मौसम विज्ञानी' हैं चिराग पासवान?

22-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  चिराग पासवान अपने बयानों को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं. वो नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का सदस्य हैं.वो खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते हुए नहीं अघाते हैं.लेकिन मौका पड़ने पर वो सरकार की आलोचना से भी पीछे नहीं हटते हैं. पिछले कुछ दिनों से आए उनके बयानों से बीजेपी असहज.चिराग आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयान दे चुके हैं.उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लाए गए बिल और लैटरल एंट्री पर आए यूपीएससी के विज्ञापन पर भी आपत्ति जताई थी. पासवान इन दिनों दलितों के मुद्दों पर काफी मुखर हैं.उनकी राजनीति में आए इस बदलाव के बाद राजनीतिक पंडितों को चिराग पासवान में भी एक राजनीतिक मौसम विज्ञानी नजर आ रहा है. एक ऐसा राजनेता जो राजनीतिक हवाओं का रुख समय रहते भांप लेता है. उनके पिता रामविलास पासवान को भी मौसम वैज्ञानिक ही कहा जाता था. 
चिराग पासवान की रणनीति
पिता रामविलास पासवान के साये में रहकर ही चिराग पासवान ने राजनीति के गुर सीखे हैं.पिता के निधन के बाद चिराग ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी.साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी लोजपा ने नीतीश कुमार के जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतार दिए. लेकिन बीजेपी के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा किया.उस चुनाव के समय से ही उन्होंने खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान कहना शुरू कर दिया था. चिराग की इस रणनीति का असर भी हुआ. नीतीश कुमार की पार्टी पहली बार बीजेपी की जूनियर पार्टी बनकर रह गई.लेकिन इससे चिराग को कोई फायदा नहीं हुआ. लोजपा 5.66 फीसदी वोट के साथ एक सीट ही जीत पाई. लेकिन यह 2015 के चुनाव परिणाम से बेहतर था, जिसमें लोजपा दो सीटों के साथ 4.83 फीसदी वोट ही हासिल कर पाई थी.  
इस चुनाव के बाद नीतीश और चिराग के रिश्तों में काफी खटास आ गई.चिराग की पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार को बाहर से समर्थन करती रही. बाद में लोजपा सांसदों ने चिराग के चाचा पसुपति पारस के नेतृत्व में बगावत कर दी.नरेंद्र मोदी ने भी चिराग को झटका देते हुए पसुपति पारस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करवा दिया. उन्हें मंत्रालय भी वही दिया गया, जो रामविलास पासवान संभालते थे.कहा जाता है कि लोजपा में हुई बगावत के पीछे नीतीश कुमार का हाथ था. इस बगावत के बाद चिराग पासवान ने खुद को संभाला. उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़कर अपनी नई पार्टी को फिर से खड़ा किया. 



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