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रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ का नाम एक बार फिर दुनिया के नक्शे में रोशन हुआ है। रायपुर के जसराज सिंह ने यह कारनामा किया है। जसराज सिंह ने 2 मिनट में किसी भी 3 अंकों को 1 से 9 तक के अंक से 100 से भी ज्यादा सवालों के उत्तर देकर वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में देश के पहले सबसे तेज सवालों का जवाब देने के ग्रुप में अपना नाम दर्ज कराया है। उसी प्रकार एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में 1 मिनट 11 सेकंड में 50 सवालों का जवाब देकर उपलब्धि हासिल की है जसराज सिंह को उनकी इस उपलब्धि के लिए मेडल और सर्टिफिकेट भी प्राप्त हुए हैं।
सवाल पूछने वालों से तेज जवाब देते हैं जसराज सिंह
जसराज सिंह की खासियत है कि मैथ्स के सवाल जितनी तेजी से पूछे जाएं उतनी ही तेजी से वह उनके जवाब देता है इसके लिए उसे चंद सेकंड लगते हैं गणित के सवालों के तुरंत और तेज गति से जवाब देने के अलावा जसराज सिंह क्लास में भी टॉपर है
जसराज सिंह को विभिन्न गतिविधियों में उनके टेलेंट के लिए 100 से भी ज्यादा प्रमाण पत्र मिले हैं |
जसराज सिंह की मां जसप्रीत कौर की दिली इच्छा थी कि वह स्वयं इस तरह की पढ़ाई कर टैलेंटेड बने परंतु उनकी उम्र ज्यादा होने के कारण वे क्लासेस जॉइन नहीं कर पाई और उनके मन की इच्छा मन में ही रह गई। शादी के बाद अपने बेटे को वही पढ़ाई करवा कर मां जसप्रीत कौर ने अपने बरसों पुरानी मन की इच्छा को अपने बेटे के माध्यम से पूरा किया।
जसराज सिंह के पिता तरसेम सिंह यूं तो व्यवसायी है, परंतु अपने बच्चों के लिए समय निकालकर उनकी इच्छा अनुसार उन्हें पढ़ाई में सहयोग करते हैं। उन्हें समय-समय पर खेलने के लिए भी प्रेरित करते हैं। माता पिता के संस्कारों, उचित लालन-पालन और शिक्षा का ही परिणाम है कि जसराज सिंह का नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे तेज सवालों का जवाब देने के लिए दर्ज हुआ है। जसराज की इस उपलब्धि मैं उनके नाना देवेंद्र सिंह ढिल्लन एवं नानी बलविंदर कौर के संस्कारों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। जसराज सिंह की मां जसप्रीत कौर ने बताया कि जसराज सिंह ने वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने के दौरान अपने संस्कारों को नहीं छोड़ा। जसराज नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता है, पाठ करता है, शब्द-कीर्तन सुनता है। जसराज सिंह की दिली इच्छा है कि वह बड़े होकर अपने नाना देवेंद्र सिंह ढिल्लों की तरह समाज सेवा करें एवं देश की सेवा के लिए बड़े होकर आर्मी में शामिल हो। 3-3 वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं अनेकों अवार्ड प्राप्त करने वाले जसराज सिंह का कहना है कि अपने प्रदेश एवं देश का नाम रौशन करने के लिए और भी रिकॉर्ड बनाते रहेंगे। मात्र 9 साल के जसराज सिंह जीडी गोयंका इंटरनेशनल स्कूल मैथ क्लास फोर्थ के स्टूडेंट है उनके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से स्कूल का भी नाम रोशन हुआ है।
UC MAS और Abacus की मेंटल अर्थमैटिक क्लासेस से भी जसराज को यह महारत हासिल करने में बहुत सहयोग मिला है। कोचिंग टीचर वंदना टांगसे का कहना है की क्लास में यूं तो हम सभी बच्चों पर पूरा ध्यान देते हैं परंतु बावजूद इसके जसराज हर सवाल को हल करने में सबसे आगे रहता है जिसके कारण इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड प्राप्त हुआ है जसराज को प्राप्त होने वाले वर्ल्ड रिकॉर्ड से हम भी बहुत खुश हैं।
आंखों, दिमाग और उंगलियों के बीच तालमेल
मास्टर जसराज सिंह सवालों के जवाब देते समय अपने दिमाग और याददाश्त का तो उपयोग करते ही हैं साथ ही साथ सवालों का तेजी से जवाब देने के लिए जसराज अपनी उंगलियों का भी सहयोग लेते हैं। ऐसा लगता है कि सवालों का जवाब देते समय जसराज सिंह की आंखों, दिमाग और उंगलियों के बीच कोई तालमेल है।

सूरजपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आज आयोजित कक्षा 10वीं के अंग्रेजी विषय की परीक्षा सफलतापूवर्क संपन्न हुई। सूरजपुर जिले के दौरे में आए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वी के गोयल ने परीक्षा केंद्र शासकीय स्तर माध्यमिक विद्यालय गणेशपुर, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामानुजनगर तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र में आवश्यक व्यवस्थाएं देखी। परीक्षा शान्ति पूर्ण संचालित होते पाया। सचिव गोयल ने परीक्षा नकल रोकने व बेहतर संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने केन्द्राध्यक्ष को निर्देशित किया। उन्होंने जिले में परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिये बनाई गई टीमों द्वारा भी परीक्षा केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण नियमित करने के निर्देश दिए। नकल का कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वीके गोयल ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित केंद्राध्यक्षों को व्यवस्थित संचालन के निर्देश दिए है। उन्होंने परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था के अलावा पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी प्रकार की आपात परिस्थितयों से निपटने के लिये स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने कहा है। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को रोकने और निर्धारित समय-सीमा में उपयोग करने के भी निर्देश है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा के साथ सावधानी बरतने के निर्देश सचिव द्वारा दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी पटेल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में गठित उडऩदस्तें की टीम और एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों की ओर से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। आज निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गणेशपुर में दर्ज 311 उपस्थित 292 व अनुपस्थित 19, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर में दर्ज 167 उपस्थित 166 अनुपस्थित 01 कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर में दर्ज 117 उपस्थित 109 अनुपस्थित 08, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल भुवनेश्वरपुर में दर्ज 278 उपस्थित 274 व अनुपस्थित 04 तथा कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर विकासखंड सूरजपुर में दर्ज 332 उपस्थित 329 और अनुपस्थित 03 परीक्षार्थी छात्र-छात्राएं पाए गए। निरीक्षण के दौरान शांतिपूर्ण व व्यवस्थित परीक्षा का संचालन पाया गया। नकल के प्रकरण नहीं पाया गया। निरीक्षण दल में सहायक संचालक रविंद्र सिंहदेव, विकास खंड शिक्षा अधिकारी पंडित भारद्वाज, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार साहू, ममता परस्ते पर्यवेक्षक महिला बाल विकास विभाग, रामानुजनगर व नीलम ग्रेस मिंज फूड इंस्पेक्टर की ओर से भी निरीक्षण किया गया।

कोरिया (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित की जाने वाली हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2023 मंगलवार से शुरू हो गयी हैं। 2 मार्च से हाईस्कूल यानी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के परीक्षा केंद्र शासकीय रामानुज हायर सेकंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा कक्ष में बैठक व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पंखे, बैंच आदि सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केन्द्राध्यक्षों से परीक्षार्थियों हेतु पेयजल व्यवस्था, शौचालय आदि सुविधाओं की जानकारी ली तथा परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। उन्होंने केन्द्राध्यक्षों को परीक्षा अनुकूल वातावरण बनाए रखने तथा परीक्षार्थियों के किसी भी प्रकार की समस्या के त्वरित निवारण हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर लंगेह ने परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय सामग्री लाने तथा उत्तरपुस्तिका जमा करने की व्यवस्था के संबंध में चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गत दिवस साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में भी कलेक्टर लंगेह ने परीक्षाओं की निगरानी हेतु गठित उड़नदस्ता दल को बेहतर निगरानी के निर्देश दिए हैं।
12वीं में 7273 परीक्षार्थी दे रहे परीक्षा, 10वीं बोर्ड में शामिल होंगे 7591
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और 2 मार्च से 10वीं को बोर्ड परीक्षा शुरू होगी। जिले में कुल 69 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार से शुरू हुई 12वीं की परीक्षा में 7273 परीक्षार्थी शामिल हुए। 10वीं की परीक्षा हेतु 7591 बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे।

लखनपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है जहां एक ओर स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने से कई छात्रों का भविष्य गढ़ा जा रहा है तो वही वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों का भविष्य अंधकार मे है। बच्चों को बेहतर माहौल के बीच शिक्षा देने के तमाम दावे फेल होते दिख रहे हैं। कहीं स्कूलों से शिक्षक नदारद है तो कहीं शिक्षकों के द्वारा बच्चों से टेबल बेंच उतरवाने का कार्य कराया जा रहा है। अब ऐसे में बच्चों को बेहतर शिक्षा कहां से मिले।
पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के वनांचल क्षेत्र ग्राम कुन्नी व आश्रित ग्राम आमापानी का है। कुन्नी प्राथमिक शाला के शिक्षकों द्वारा 2 दिसंबर की दोपहर लगभग 2:30 बजे स्कूली बच्चों से वाहन से डेक बेंच उतरवाने का कार्य किया जा रहा था। जब मीडिया कर्मी इस पूरे कृत्य को कैमरे में कैद कर रहे थे तो शिक्षिका के द्वारा बच्चों को वापस स्कूल भेज दिया गया। तो वही दूसरा मामला विकासखंड के ग्राम बेलदगी के आश्रित ग्राम आमा पानी माध्यमिक शाला का है। सरकार जहां विशेष आरक्षित जनजातियों को बेहतर शिक्षा देने स्कूल खोली है तो वहीं इस स्कूल में पदस्थ शिक्षक और वृत्त आए दिन नदारद रहते हैं। 30 नवंबर को दोपहर लगभग 3 बजे माध्यमिक शाला के शिक्षक के स्कूल से चले जाने पर चले जाने पर बच्चे स्कूल के गेट में ताला लगाकर घर लौट गए। जब मीडिया कर्मियों ने इस संबंध में माध्यमिक शाला के कक्षा आठवीं में अध्ययनरत छात्र से पूछा तो उसने बताया कि शिक्षक स्कूल आए हुए थे, वे लखनपुर किसी कार्य से गए हुए हैं। दोपहर 3 बजे स्कूल का गेट ताला लगाकर हम घर जा रहे हैं।
लखनपुर विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है जहां नियमित रूप से अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया जाता है अब देखने वाली बात होगी कि अधिकारियों के द्वारा नोटिस देकर कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर दिया जाता हैं या फिर सही मायने में कार्यवाही भी की जाती है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी या इसकी दशा ज्यों की त्यों बनी रहेगी।
इस मामले में पूछताछ करने पर खंड शिक्षा अधिकारी सूरज प्रताप सिंह ने कहा कि मुझे आप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित प्रधान पाठकों को नोटिस जारी किया जाएगा। विकासखंड बड़ा होने के कारण सभी जगह पहुंच पाना मुश्किल कार्य है। नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता है। नियम विरुद्ध कार्य करने व समय से पहले स्कूल बंद होने पर संस्था प्रमुख सहित समस्त शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए अवैतनिक किया जाएगा।

रायपुर (शोर संदेश)। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पामगढ़ की छात्रा तान्या केशरी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात कर बताया कि स्कूल खुलने से अब फीस की चिंता किए बगैर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई कर पा रहे हैं। पहले ज्यादा फीस लगती थी। तान्या ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि उनके स्कूल में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधाएं मिल रही है। शिक्षक भी बहुत सपोर्टिव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांवों में बच्चों को फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते देख बहुत खुशी होती है। बच्चे अपनी संस्कृति परंपरा से जुड़े रहे हैं इसलिए स्कूलों में हफ्ते में एक दिन छत्तीसगढ़ी और संस्कृत में भी पढ़ाई करवाई जायेगी।
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राजनांदगांव (शोर संदेश)।सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार 8 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित किया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने क लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 30 नवम्बर 2022 शाम 5.30 बजे तक वेबसाईट https://aissee.nta.nic.ac.in पर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।

रायपुर (शोर संदेश)। जिला महासमुन्द में नयापारा के स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा रितिका ध्रुव का चयन नासा के सिटीजन साईंस प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्षुद्रग्रह खोज अभियान के लिए हुआ है। नासा का यह प्रोजेक्ट इसरो के साथ अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत साझेदारी का हिस्सा है। सोसाइटी फॉर स्पेस एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (एसएसईआरडी) ने क्षुद्र ग्रह खोज अभियान की प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहित करने कहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए देशभर से छह स्कूली विद्यार्थियों को चुना गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के सिरपुर की रहने वाली और महासमुन्द स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा रितिका धु्रव भी शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने रितिका धु्रव की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि छात्रा रितिका ध्रुव बचपन से ही विज्ञान के प्रति रूचि रखती रही है। कक्षा 8वीं में रहने के दौरान उसने पहली बार अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी स्पर्धा में हिस्सा लिया था। इसके बाद वे लगातार विज्ञान संबंधी गतिविधियों में प्रतिभागी बनती रही है। नासा के प्रोजेक्ट के लिए जब आवेदन आमंत्रित किया गया, तब निर्धारित प्रारूप में रितिका ने भी आवेदन करते हुए अपना प्रोजेक्ट रखा। चयन के स्तरों में पहले उन्होंने बिलासपुर में विषय संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया तो इसके बाद भिलाई स्थित आईआईटी में अपनी प्रस्तुति दी। फिर जाकर रितिका को इसरो के श्री हरिकोटा (आंध्रप्रदेश) सेंटर में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया गया। इस प्रोजेक्ट में रितिका के साथ देश के छह अन्य स्कूली विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जिनमें वोरा विघ्नेश (आंध्रप्रदेश), वेम्पति श्रीयेर (आंध्रप्रदेश), ओलविया जॉन (केरल), के. प्रणीता (महाराष्ट्र) और श्रेयस सिंह (महाराष्ट्र) शामिल हैं। इन विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष के वैक्यूम में ब्लैक होल से ध्वनि की खोज विषय पर एक प्रस्तुति दी थी। इसमें स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल नयापारा महासमुन्द की छात्रा रितिका ने ध्रुव अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया एवं बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। जज पैनल में डॉ. बेलवर्ड (नासा), डॉ. जोनाथ (इसरो) और डॉ. ए. राजराजन (सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र) शामिल थे। वैज्ञानिक जजों की पूरी टीम ने रितिका ध्रुव को बधाई दी और उन्हें उन्हें एसडीएससी में अधिक जानने के लिए आमंत्रित किया। इसी क्रम मे रितिका ध्रुव प्रशिक्षण के लिए 1 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक सतीश धवन स्पेस सेंटर श्री हरिकोटा आंध्रप्रदेश में प्रशिक्षण लेने पहुंची है। अगले चरण का प्रशिक्षण नवम्बर में बैंगलूरू इसरो में क्षुद्रग्रह प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी।
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जशनपुर (शोर संदेश)। प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व ईडब्ल्यूएस वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण ऐसे विद्यार्थी, जो ड्रॉप लेकर नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए और पीएटी परीक्षा की तैयारी करना चाहते है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से ऐसे इच्छुक विद्यार्थियों से 12 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोचिंग की अवधि अधिकतम एक वर्ष अथवा उस वर्ष के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा दिनांक, जो भी पहले हो, तक के लिए होगी। योजना अंतर्गत कुल 500 सीट निर्धारित है। इनमें अनुसूचित जनजाति के 150, अनुसूचित जाति के 100, अन्य पिछड़ा वर्ग के 200 तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग 50 अभ्यर्थी लाभान्वित होंगे। योजना का लाभ उठाने के लिए ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत या समतुल्य ग्रेड प्राप्त किया हो, वे आवेदन कर सकते है। अभ्यर्थियों का चयन प्राकच्यन परीक्षा में प्राप्त मेरिट अंक के आधार पर किया जाएगा, परंतु एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए निर्धारित शारीरिक मापदंड पूरा करना होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आय सीमा का बंधन नहीं होगा। अन्य पिछड़ा वर्ग व ईडब्ल्यूएस वर्गके विद्यार्थियों के लिए आय सीमा न्यूनतम 8 लाख वार्षिक निर्धारित है। विद्यार्थियों की कोचिंग, आवास, भोजन, चिकित्सा, पुस्तक, परिवहन, प्रवेश-शुल्क आदि व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी। इच्छुक विद्यार्थी 12 अक्टूबर तक ऑनलाईन आवेदन विभाग की वेबसाईट पर कर सकते है। या शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट पर अवलोकन किया जा सकता है। साथ ही कार्यालयीन समय पर कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।

कोरिया (शोर संदेश)। गुरु गोविंद दोऊ खड़े... दोहे से कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग की विभागीय बैठक में सभी बीईओ, बीआरसी और मंडल संयोजकों को बच्चों को बेहतर शिक्षा देने प्रेरित किया। जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र के जीवन में शिक्षक का दर्जा बेहद ऊंचा होता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें जिससे वे अपने जीवन में एक बेहतर मुकाम पर पहुंच सकें। उन्हें स्कूली शिक्षा के साथ ही बेहतर इंसान बनने की भी शिक्षा दें। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास जगाएं जिससे वे अपनी कमियों को दूर कर हर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। स्कूलों की गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग करें जिससे शिक्षा और बच्चों, दोनों के सकारात्मक प्रभाव हो। इस अवसर पर कलेक्टर ने बेहतर काम करने वाले मंडल संयोजकों की सराहना भी की। और शेष को उनसे प्रेरणा लेने प्रोत्साहित कियज्ञं
’शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही पर करें कड़ी कार्रवाई’
कलेक्टर ने बैठक में बीईओ और मंडल संयोजकों से शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों के पढ़ाई के तरीकों और उनकी सक्रियता की रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दायित्वों के प्रति उदासीनता संज्ञान में आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति या सूचना के शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई करें। कारण बताओ नोटिस जारी करने पर एक सप्ताह के भीतर यदि संतोषजनक जवाब ना मिले तो कार्रवाई सुनिश्चित करें।
स्कूल में होंगे डिजिटल अवेयरनेस कैम्प, बच्चों के जरिए अभिभावकों तक पहुंचेगी जानकारी’
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने जल्द ही जिले में अलग अलग क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। इस संबंध में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बच्चों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने और सावधानी के उपायों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को प्रेरित करें कि वे यह महत्वपूर्ण जानकारियां अपने घर में अभिभावकों एवम अन्य परिजनों से साझा करें और उन्हें जागरूक करें।

बेमेतरा (शोर संदेश) कलेक्टर ने आज शिक्षक की भूमिका में नजर आये इस दौरान उन्होने एक सरकारी प्रायमरी स्कूल पहुंचकर बच्चों की क्लास ली। कलेक्टर ने बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। इससे बच्चों का पढ़ाई का आंकलन भी जांचा। बेमेतरा विकासखण्ड के अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला में जिलाधीश बच्चों के बीच करीब एक घण्टा तक समय बिताये। इस दौरान उन्होने प्राथमिक शाला के बच्चों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी विषय के संबंध में बच्चों से प्रश्न पूछे। स्कूली बच्चे भी कलेक्टर को अपने बीच पाकर प्रफुल्लित थे। जिलाधीश ने बच्चों से मध्यान्ह भोजन की जानकारी ली और विद्यार्थियों से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में पूछताछ की। कलेक्टर ने बच्चों से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की समझाईश दी, जिससे परिवार गांव समाज और देश का नाम रोशन हो सके। उन्होंने शिक्षकों को नियमित रुप से शाला आने के निर्देश दिए।