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शिक्षा

*शिक्षा व्यवस्था चौपट : कहीं शिक्षक नदारद... तो कहीं बच्चों से कराया जा रहा डेस्क-बेंच उतरवाने का कार्य...*

04-Dec-2022

लखनपुर  (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों को  बेहतर शिक्षा देने लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है जहां एक ओर स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने से कई छात्रों का भविष्य गढ़ा जा रहा है तो वही वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों का भविष्य अंधकार मे है। बच्चों को बेहतर माहौल के बीच शिक्षा देने के तमाम दावे फेल होते दिख रहे हैं। कहीं स्कूलों से शिक्षक नदारद है तो कहीं शिक्षकों के द्वारा बच्चों से टेबल बेंच उतरवाने का कार्य कराया जा रहा है। अब ऐसे में बच्चों को बेहतर शिक्षा कहां से मिले।



पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के वनांचल क्षेत्र ग्राम कुन्नी व आश्रित ग्राम आमापानी का है। कुन्नी प्राथमिक शाला के शिक्षकों द्वारा 2 दिसंबर की दोपहर लगभग 2:30 बजे स्कूली बच्चों से वाहन से डेक बेंच उतरवाने का कार्य किया जा रहा था। जब मीडिया कर्मी इस पूरे कृत्य को कैमरे में कैद कर रहे थे तो शिक्षिका के द्वारा बच्चों को वापस स्कूल भेज दिया गया। तो वही दूसरा मामला विकासखंड के ग्राम बेलदगी के आश्रित ग्राम आमा पानी माध्यमिक शाला का है। सरकार जहां विशेष आरक्षित जनजातियों को बेहतर शिक्षा देने स्कूल खोली है तो वहीं इस स्कूल में पदस्थ शिक्षक और वृत्त आए दिन नदारद रहते हैं। 30 नवंबर को दोपहर लगभग 3 बजे  माध्यमिक शाला के शिक्षक के स्कूल से चले जाने पर चले जाने पर बच्चे स्कूल के गेट में ताला लगाकर घर लौट गए। जब मीडिया कर्मियों ने इस संबंध में माध्यमिक शाला के कक्षा आठवीं में अध्ययनरत छात्र से पूछा तो उसने बताया कि शिक्षक स्कूल आए हुए थे, वे लखनपुर किसी कार्य से गए हुए हैं। दोपहर 3 बजे स्कूल का गेट ताला लगाकर हम घर जा रहे हैं।

 



लखनपुर विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है जहां नियमित रूप से अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया जाता है अब देखने वाली बात होगी कि अधिकारियों के द्वारा नोटिस देकर कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर दिया जाता हैं या फिर सही मायने में कार्यवाही भी की जाती है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी या इसकी दशा ज्यों की त्यों बनी रहेगी।

इस मामले में पूछताछ करने पर खंड शिक्षा अधिकारी सूरज प्रताप सिंह ने कहा कि मुझे आप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित प्रधान पाठकों को नोटिस जारी किया जाएगा। विकासखंड बड़ा होने के कारण सभी जगह पहुंच पाना मुश्किल कार्य है। नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता है। नियम विरुद्ध कार्य करने व समय से पहले स्कूल बंद होने पर संस्था प्रमुख सहित समस्त शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए अवैतनिक किया जाएगा।

 

 


*तान्या की फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न*

11-Nov-2022

रायपुर (शोर संदेश)। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पामगढ़ की छात्रा तान्या केशरी ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात कर बताया कि स्कूल खुलने से अब फीस की चिंता किए बगैर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई कर पा रहे हैं। पहले ज्यादा फीस लगती थी। तान्या ने मुख्यमंत्री  बघेल को बताया कि उनके स्कूल में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम जैसी  सुविधाएं मिल रही है। शिक्षक भी बहुत सपोर्टिव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांवों में बच्चों को फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते देख बहुत खुशी होती है। बच्चे अपनी संस्कृति परंपरा से जुड़े रहे हैं इसलिए स्कूलों में हफ्ते में एक दिन छत्तीसगढ़ी और संस्कृत में भी पढ़ाई करवाई जायेगी।


*सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए 30 नवम्बर तक करें आवेदन*

05-Nov-2022

राजनांदगांव (शोर संदेश)।सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार 8 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित किया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने क लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 30 नवम्बर 2022 शाम 5.30 बजे तक वेबसाईट https://aissee.nta.nic.ac.in पर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।


*नासा के प्रोजेक्ट के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा का चयन*

02-Oct-2022

रायपुर (शोर संदेश)। जिला महासमुन्द में नयापारा के स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा रितिका ध्रुव का चयन नासा  के सिटीजन साईंस प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्षुद्रग्रह खोज अभियान के लिए हुआ है। नासा का यह प्रोजेक्ट इसरो के साथ अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत साझेदारी का हिस्सा है। सोसाइटी फॉर स्पेस एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (एसएसईआरडी) ने क्षुद्र ग्रह खोज अभियान की प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहित करने कहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए देशभर से छह स्कूली विद्यार्थियों को चुना गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के सिरपुर की रहने वाली और महासमुन्द स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा रितिका धु्रव भी शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने रितिका धु्रव की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि छात्रा रितिका ध्रुव बचपन से ही विज्ञान के प्रति रूचि रखती रही है। कक्षा 8वीं में रहने के दौरान उसने पहली बार अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी स्पर्धा में हिस्सा लिया था। इसके बाद वे लगातार विज्ञान संबंधी गतिविधियों में प्रतिभागी बनती रही है। नासा के प्रोजेक्ट के लिए जब आवेदन आमंत्रित किया गया, तब निर्धारित प्रारूप में रितिका ने भी आवेदन करते हुए अपना प्रोजेक्ट रखा। चयन के स्तरों में पहले उन्होंने बिलासपुर में विषय संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया तो इसके बाद भिलाई स्थित आईआईटी में अपनी प्रस्तुति दी। फिर जाकर रितिका को इसरो के श्री हरिकोटा (आंध्रप्रदेश) सेंटर में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया गया। इस प्रोजेक्ट में रितिका के साथ देश के छह अन्य स्कूली विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जिनमें वोरा विघ्नेश (आंध्रप्रदेश), वेम्पति श्रीयेर (आंध्रप्रदेश), ओलविया जॉन (केरल), के. प्रणीता (महाराष्ट्र) और श्रेयस सिंह (महाराष्ट्र) शामिल हैं। इन विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष के वैक्यूम में ब्लैक होल से ध्वनि की खोज विषय पर एक प्रस्तुति दी थी। इसमें स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल नयापारा महासमुन्द की छात्रा रितिका ने ध्रुव अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया एवं बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। जज पैनल में डॉ. बेलवर्ड (नासा), डॉ. जोनाथ (इसरो) और डॉ. ए. राजराजन (सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र) शामिल थे। वैज्ञानिक जजों की पूरी टीम ने रितिका ध्रुव को बधाई दी और उन्हें उन्हें एसडीएससी में अधिक जानने के लिए आमंत्रित किया। इसी क्रम मे रितिका ध्रुव प्रशिक्षण के लिए 1 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक सतीश धवन स्पेस सेंटर श्री हरिकोटा आंध्रप्रदेश में प्रशिक्षण लेने पहुंची है। अगले चरण का प्रशिक्षण नवम्बर में बैंगलूरू इसरो में क्षुद्रग्रह प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी।


*ड्रॉपर विद्यार्थियों के लिए नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए व पीएटी परीक्षा तैयारी का सुनहरा अवसर*

29-Sep-2022

जशनपुर (शोर संदेश)। प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व ईडब्ल्यूएस वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण ऐसे विद्यार्थी, जो ड्रॉप लेकर नीट, जेईई, क्लेट, एनडीए और पीएटी परीक्षा की तैयारी करना चाहते है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से ऐसे इच्छुक विद्यार्थियों से 12 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोचिंग की अवधि अधिकतम एक वर्ष अथवा उस वर्ष के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा दिनांक, जो भी पहले हो, तक के लिए होगी। योजना अंतर्गत कुल 500 सीट निर्धारित है। इनमें अनुसूचित जनजाति के 150, अनुसूचित जाति के 100, अन्य पिछड़ा वर्ग के 200 तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग 50 अभ्यर्थी लाभान्वित होंगे। योजना का लाभ उठाने के लिए ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत या समतुल्य ग्रेड प्राप्त किया हो, वे आवेदन कर सकते है। अभ्यर्थियों का चयन प्राकच्यन परीक्षा में प्राप्त मेरिट अंक के आधार पर किया जाएगा, परंतु एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए निर्धारित शारीरिक मापदंड पूरा करना होगा।

योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आय सीमा का बंधन नहीं होगा। अन्य पिछड़ा वर्ग व ईडब्ल्यूएस वर्गके विद्यार्थियों के लिए आय सीमा न्यूनतम 8 लाख वार्षिक  निर्धारित है। विद्यार्थियों की कोचिंग, आवास, भोजन, चिकित्सा, पुस्तक, परिवहन, प्रवेश-शुल्क आदि व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी। इच्छुक विद्यार्थी 12 अक्टूबर तक ऑनलाईन आवेदन विभाग की वेबसाईट पर कर सकते है। या शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट पर अवलोकन किया जा सकता है। साथ ही कार्यालयीन समय पर कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।


*बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ बेहतर इंसान बनने की भी शिक्षा देंः कलेक्टर*

28-Sep-2022

कोरिया (शोर संदेश)। गुरु गोविंद दोऊ खड़े... दोहे से कलेक्टर  कुलदीप शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग की विभागीय बैठक में सभी बीईओ, बीआरसी और मंडल संयोजकों को बच्चों को बेहतर शिक्षा देने प्रेरित किया। जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र के जीवन में शिक्षक का दर्जा बेहद ऊंचा होता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें जिससे वे अपने जीवन में एक बेहतर मुकाम पर पहुंच सकें। उन्हें स्कूली शिक्षा के साथ ही बेहतर इंसान बनने की भी शिक्षा दें। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास जगाएं जिससे वे अपनी कमियों को दूर कर हर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। स्कूलों की गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग करें जिससे शिक्षा और बच्चों, दोनों के सकारात्मक प्रभाव हो। इस अवसर पर कलेक्टर ने बेहतर काम करने वाले मंडल संयोजकों की सराहना भी की। और शेष को उनसे प्रेरणा लेने प्रोत्साहित कियज्ञं

’शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही पर करें कड़ी कार्रवाई’

कलेक्टर ने बैठक में बीईओ और मंडल संयोजकों से शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों के पढ़ाई के तरीकों और उनकी सक्रियता की रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दायित्वों के प्रति उदासीनता संज्ञान में आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति या सूचना के शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई करें। कारण बताओ नोटिस जारी करने पर एक सप्ताह के भीतर यदि संतोषजनक जवाब ना मिले तो कार्रवाई सुनिश्चित करें।

स्कूल में होंगे डिजिटल अवेयरनेस कैम्प, बच्चों के जरिए अभिभावकों तक पहुंचेगी जानकारी’

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने जल्द ही जिले में अलग अलग क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। इस संबंध में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बच्चों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने और सावधानी के उपायों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को प्रेरित करें कि वे यह महत्वपूर्ण जानकारियां अपने घर में अभिभावकों एवम अन्य परिजनों से साझा करें और उन्हें जागरूक करें। 


*कलेक्टर ने ली निनवा स्कूल में बच्चों की क्लास*

08-Sep-2022

बेमेतरा (शोर संदेश) कलेक्टर ने आज शिक्षक की भूमिका में नजर आये इस दौरान उन्होने एक सरकारी प्रायमरी स्कूल पहुंचकर बच्चों की क्लास ली। कलेक्टर ने बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। इससे बच्चों का पढ़ाई का आंकलन भी जांचा। बेमेतरा विकासखण्ड के अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला में जिलाधीश बच्चों के बीच करीब एक घण्टा तक समय बिताये। इस दौरान उन्होने प्राथमिक शाला के बच्चों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी विषय के संबंध में बच्चों से प्रश्न पूछे। स्कूली बच्चे भी कलेक्टर को अपने बीच पाकर प्रफुल्लित थे। जिलाधीश ने बच्चों से मध्यान्ह भोजन की जानकारी ली और विद्यार्थियों से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में पूछताछ की। कलेक्टर ने बच्चों से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की समझाईश दी, जिससे परिवार गांव समाज और देश का नाम रोशन हो सके। उन्होंने शिक्षकों को नियमित रुप से शाला आने के निर्देश दिए।


*नीट की परीक्षा में राजस्थान की तनिष्का ने किया टॉप, दिल्ली की वत्सा रही दूसरे नंबर पर*

08-Sep-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS में एडमिशन के लिए होने वाले NEET एग्जाम का रिजल्ट बुधवार देर रात घोषित कर दिया गया।  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  की तरफ से घोषित रिजल्ट में 9.93 लाख से ज्यादा छात्रों ने पूरे देश में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास किया है।  इन सभी के बीच राजस्थान की तनिष्का ने टॉप रैंक हासिल की है, जबकि दिल्ली की वत्सा आशीष बत्रा ने दूसरा और कर्नाटक के ऋषिकेश नागभूषण गांगुले ने तीसरा स्थान हासिल किया है। पूरे देश में 17.64 लाख से ज्यादा छात्रों ने इस एग्जाम में शिरकत की थी। इनमें से पास होने वाले 9.93 लाख छात्रों में सबसे ज्यादा 1.17 लाख छात्र उत्तर प्रदेश  के हैं, जबकि महाराष्ट्र  से 1.13 लाख और राजस्थान से 82,548 छात्र पास हुए हैं।  यूजी परीक्षा का आयोजन 17 जुलाई को देश के 497 शहरों के साथ ही विदेश में भी करीब 3,570 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। पहली बार विदेश के 14 शहरों अबू धाबी , कोलंबो , दोहा , बैंकॉक , काठमांडू , कुआलालंपुर , लागोस , मनामा , मस्कट , रियाद , शारजाह , सिंगापुर , दुबई  और कुवैत शहर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।  आवेदन करने वाले 17.64 लाख छात्रों में से करीब 95 फीसदी कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए थे। 


*आत्मानंद स्कूल के बाद अब प्रदेश में खुलेंगे आत्मानंद कॉलेज...*

18-Aug-2022

रायपुर (शोर संदेश)। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम आदर्श महाविद्यालय भी खुलेंगे। छात्रों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण घोषणा की है। प्रदेश में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम आदर्श महाविद्यालय खुलने से  इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा, उनके लिए छत्तीसगढ़ में ही अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। प्रदेश में चरणबद्ध रूप से प्रारंभ होंगे स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम आदर्श महाविद्यालय। प्रथम चरण में आगामी शैक्षणिक सत्र जून 2023 से राज्य के प्रमुख नगरों में कम से कम 10 इंग्लिश मीडियम कॉलेज खुलेंगे। आगामी तीन साल में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रारंभ किए जाएंगे इंग्लिश मीडियम कॉलेज। वर्तमान में राज्य में इंग्लिश मीडियम के शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए महानगरों के महाविद्यालय में प्रवेश लेना पड़ता है। महानगरों में प्रवेश लेने पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर बड़ा आर्थिक बोझ पढ़ता है। जिसमें बड़ी राशि व्यय होती है।

 


*प्राथमिक स्कूल के बच्चों को दी जाएगी स्थानीय भाषा में शिक्षा*

16-Jul-2022

रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ की प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत स्कूली बच्चों को उनकी स्थानीय भाषा में शिक्षा देेने के लिए सभी इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन स्कूलों में पदस्थ ऐसे शिक्षक जिन्हें स्थानीय भाषा की जानकारी उन्हें विशेष तौर पर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षक जिन्हें स्थानीय भाषा का ज्ञान नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रशिक्षण मोड्यूल तैयार किए जाएं। स्थानीय भाषा में शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए कोर ग्रुप का गठन किया जाए। कोर गु्रप में प्रत्येक जिले एवं विकासखण्ड से पांच-पांच विभागीय अधिकारियों का चयन किया जाए। जिला स्तर से डाईट, सहायक परियोजना अधिकारी प्रशिक्षण, विभिन्न प्रशिक्षणों में मास्टर ट्रेनर्स की सफल भूमिका निभाते हुए स्त्रोत व्यक्ति, सेवानिवृत्त कुशल शिक्षक-प्रशिक्षक एवं शिक्षाविद् जो स्थानीय स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए इच्छुक हो उन्हें कोर गु्रप में शामिल किया जाए।  
कोर ग्रुप द्वारा बालवाड़ी से लेकर हायर सेकेण्डरी स्तर तक के शिक्षकों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का आंकलन किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आधार पर छोटे-छोटे कोर्सेस तैयार किए जाए या प्रचलित कोर्सेस को संकलित कर उन्हें शिक्षकों को उपलब्ध कराया जाए। विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सिस्टम स्थापित किया जाए। प्रशिक्षण आयोजन के लिए कोर गु्रप का उन्नमुखीकरण किया जाएगा। कोर ग्रुप के माध्यम से छोटी-छोटी विशेषज्ञ टीम बनाकर प्रशिक्षण मोड्यूल और डिजाईन तैयार कराया जाएगा। विभिन्न विकासखण्डों और जिले आपस में समन्वय कर अपने-अपने लिए अलग-अलग प्रशिक्षण के क्षेत्रों का निर्धारण कर आपस में एक-दूसरे से साझा करेंगे। शिक्षकों को अपनी रूचि और आवश्यकता के आधार पर प्रशिक्षण का चयन करने का अवसर दिया जाएगा।

 



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